प्रतापगढ़ में गोलीबारी के चलते तीन की मौत, पथराव-आगजनी के बाद लगा कर्फ्यू

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उदयपुर। प्रतापगढ़ जिले के कोटड़ी व मोहेड़ा गांव में मंगलवार शाम को दो समुदायों के बीच गोलियां चलने से तीन लोगों की मौत हो गई और 7 जने घायल हो गए। राजा की मौत मौके पर ही हो गई थी, जबकि दिनेश गायरी और भंवर सिंह ने उदयपुर लाते समय रास्ते दम तोड़ दिया। क्षेत्र में दोनों पक्षों की ओर से पथराव व आगजनी की गई।

देर रात तक हालात काबू नहीं होने पर कोटड़ी व मोहेड़ा गांव में कफ्र्यू लगा दिया गया। इससे पहले पुलिस ने हालात को काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया और धारा 144 भी लगाई। आसपास के गांवों व जिला मुख्यालय पर भी पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं। उदयपुर में घायलों के पहुंचने से पहले रात दो बजे भाजपा व संघ के कई कार्यकर्ता अस्पताल पहुंचे।

एहतियातन यहां भी प्रशासन अधिकारी व पुलिस जाप्ता तैनात किया गया। आईजी जीएन पुरोहित ने बताया कि रेंज मुख्यालय से भी फोर्स रवाना की गई है। पुराने विवाद को लेकर दोनों समुदायों के बीच विवाद हुआ। दोनों पक्षों में कुछ बातों को लेकर पहले से भी विवाद चल रहा था। एसपी उत्सवलाल छानवाल ने रात 1.17 बजे भास्कर को कोटड़ी व मोहेड़ा में कफ्र्यू लगाने की जानकारी दी।

“सारे आलम में छाया नूर” जश्ने ईद मिलादुन्नबी पर शहर में निकला भव्य जुलूसे मोहम्मदी (PHOTO)

रिपोर्ट – अब्दुल लतीफ़

सभी फोटो – ( वरिष्ठ फ़ोटोग्राफर) मोहम्मद सगीर

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उमडे हजारों अकीदतमंद, हर जगह हुआ गर्मजोशी से इस्तकबाल
सफ़ेद लिबास ने दिया शांति का संदेश
उदयपुर। मुस्लिम समुदाय ने मंगलवार को हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन पर निकले जुलूसे मोहम्म्दी में अकीदत के साथ शामिल हुए। इस दौरान जहां अधिकतर युवा सफेद लिबास पहने हुए थे वहीं जुलूस में बुजुर्गों से लेकर बच्चे तक शामिल थे। जुलूस-ए-मोहम्मदी में सत्तर हजार से अधिक की संख्या में लोग शामिल थे वहीं हाथीपोल एवं मल्लातलाई में घरों के बाहर खडी महिलाओं एवं युवतियों ने जुलूस को इस्तकबाल किया। विभिन्न मुस्लिम मौहल्लों से शामिल हुए जुलूस में बैण्ड के साथ ’सहाबा-सहाबा हमारे सहाबा, नबी चांद है और सितारे सहाबा, सोणा आया ते सजदी गलियां बाजार, हम देश में गुंजेगा या रसूल’ सहित हुजूर की शान में कई नातियां कलाम पेश करते हुए चल रहे थे।
शहर की विभिन्न मुस्लिम बस्तियों ने जुलूसे मोहम्मदी प्रात: ११ बजे से निकलना आरंभ हो गए। शहर के सवीना एवं खांजीपीर से निकलने वाले जुलूस सीधे अंजुमन चौक से आरंभ होने वाले मुख्य जुलूस में शामिल हुए जबकि सुन्दरवास, पहाडा तथा आयड से निकलने वाले जुलूस सीधे हाथीपोल पहुंचकर मुख्य जुलूस में शामिल हुए। मुख्य जुलूस अपरान्ह एक बजे अंजुमन चौक से आरंभ हो बडा बाजार, घंटाघर, हरवेनजी की खुर्रा होते हुए हाथीपोल पहुंचा। जुलूस का मार्ग में जगह-जगह इस्तकबाल किया गया। हाथीपोल पर जुलूस पहुंचने पर जब आयड, पायडा एवं सुन्दरवास के जुलूस शामिल हुए तो जुलूस का मुस्लिम युवाओं द्वारा जोरदार अभिनन्दन किया गया। हाथीपोल से जुलूस सिलावटवाडी, जाटवाडी, नई पुलिया, अम्बावगढ कच्ची बस्ती, आयुर्वेद चौराहा होते हुए मल्ला तलाई पहुंचा। मल्लातलाई में भी जुलूस का जोश-खरोश से इस्तकबाल हुआ। यहां से जुलूस ब्रह्मपोल बाहर स्थित हजरत इमरत रसूल बाबा की दरगाह पहुंचा जहां बाबा के म$जार पर चादर पेश कर प*ातेहा के बाद मुल्क में अमन-चैन एवं खुशहाली की दुआ के बाद जुलूस खत्म हुआ।

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जुलूस में संख्या का अंदाज इस बात से लगाया कि उसका एक छोर नई पुलिया पर था तो अंतिम छोर इमरत रसूल बाबा की दरगाह तक पहुंच चुका था। जुलूस के स्वागत के लिए मार्ग के दोनों ओर हजारों की तादाद में स्त्री-पुरूष बच्चे नये लिबास पहनकर कतारबद्घ खडे थे। जुलूस में अधिकांश युवाओं ने सफेद इस्लामी पौशाक पहन कर शंति का संदेश दिया। जुलूस के स्वागत के लिए पूरे माठा में आकर्षक स्वागत द्वार सजाए गए तथा मिठाईयां एवं विभिन्न व्यंजन वितरित किए गए।
जुलूस में घोडे, ऊंट गा$डियां एवं दोपहिया एवं हल्के वाहन बच्चों एवं वृद्घों को बैठाए चल रहे थे, उसी के साथ म्युजिक सिस्टम पर कौमी नग्मों से जुलूस को धार्मिक रंगत मिल रही थी। दावत-ए- ईस्लामी से सम्बद्घ युवा सपे*द लिबास पर हरी पग$डी बांधे सुर-मधुर स्वर में नात-ए-कलाम से माहौल को धर्ममयी बनाए हुए थे। नातों की धून पर कुछ वृद्घ श्रद्घा से झूमते दिखाई दिए। जुलूस के दौरान रोक के बावजूद भी रह-रह कर आतिशबाजी हो रही थी।
इससे पूर्व सोमवार को देर रात तक अंजुमन के जलसे का आयोजन किया गया जहां भोर तक श्रद्घालु मुस्लिम औलेमाओं के धार्मिक तकरीरे सुनते रहे। जुलूस के दौरान पुलिस प्रशासन के पुख्ता प्रबंध के चलते किसी अप्रिय वारदात के समाचार नहीं है। जुलूस के शांतिपूर्वक सम्पन्न होने पर पुलिस प्रशासन एवं इंतजामिया कमेटी ने सभी का आभार व्यत्त* किया।

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ईद -ए- मीलाद के जश्न पर खांजी पीर में उमड़े लाखों लोग ( PHOTO )

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उदयपुर । मुस्लिम बाहुल्य खांजीपीर में की गई भव्य विद्युत साज सजावट को देखने के लिए सोमवार रात मुस्लिम समुदाय उमड पडा। इसको लेकर खांजीपीर की मौहल्ला कमेटियों द्वारा विभिन्न इंतेजाम किए गए है वहीं लोगों के लिए विभिन्न प्रकार के व्यंजनों की सबीले भी लगाई गई है।
शहर भर के मुस्लिम खांजी पीर में की गयी रौशनी देखने उमड़ पड़े । जगह जगह खाने पीने की सबीलों पर महिलाऐं बच्चों और युवाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। शहर के लाखों लोगों की भीड़ का सिलसिला देर रात तक चलता रहा ।

 

 

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ईद – ए- मीलाद पर लाखों की भीड़ का मेला लेकिन पुलिस का एक जवान भी तैनात नहीं

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उदयपुर। ईद मिलादुन्नबी की पूर्व संध्या पर खांजी पीर में शाम सात बजे से भीड़ जुटना शुरू हुई जो देर रात चलती रही । लेकिन हमारे पुलिस और प्रशासन की मुस्तेदी देखो कि इतने बड़े जन समुदाय के बिच सुरक्षा या किसी अनहोनी या घटना को रोकने की दृष्टि से एक पुलिस का जवान भी तैनात नहीं किया गया । जबकि महिलाऐं और बच्चे हज़ारों की तादाद में यहाँ एकत्र हुए थे। शहर में कही भी किसी भी हिस्से में कही अगर १० लोगों की सभा भी होती है तो १० पुलिस के जवान तैनात रहते है । लेकिन यहाँ मुस्लिम समुदाय के शहर भर के महिलाऐं बच्चे युवा इकठ्ठा हुए । लेकिन पुलिस और जिला प्रशासन ने उनकी सुरक्षा को दरकिनार करते हुए कोई पुलिस का जवान तैनात नहीं किया । वाहनों को खड़ा रखने में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा । लेकिन वहाँ कोई ट्राफिक पुलिस का जवान दिखाई नहीं दिया । ऐसा नज़ारा हर मुस्लिम मोहल्ले का था खास कर धोली बावड़ी, मल्लाह तलाई में भी लोगों की भीड़ थी लेकिन वहाँ भी सुरक्षा के लिहाज से कोई पुलिस का जवान दिखाई नहीं दिया ।

“सरकार की आमद मरहबा” दुल्हन की तरह सजी लेकसिटी ( PHOTO )

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उदयपुर। शहर में पिछले कई दिनों से मुस्लिम बस्तियों में जश्रे ईदमिलादुन्नबी को लेकर भव्य तैयारियां की जा रही है। ईद मिलादुन्नबी की पूर्व संध्या पर लेकसिटी को रंग बिरंगी लाइटों से दुल्हन की तरह सजा दिया । शहर के हर मुस्लिम मोहल्लों की नोजवान कमेटियों ने रौशनी से महल्ले जगमग कर दिये । डी जे पर हर जगह “सरकार की आमद मरहबा ” “मिलादे मुस्तफा है” “सोना याला के सज गयी गलियां बाज़ार ” नातों से शहर गूंज गया। खांजी पीर में में मेले सा माहोल रहा जो रात देर तक मजमा चलता रहा । रौशनी और सजावट देखने हज़ारों की तादाद में लोग आये । ढोली बावड़ी में रंग बिरंगी रौशनी से मोहल्ले की सड़के और घरों को सजाया गया । सिलावट वाड़ी की सज्जा हाथीपोल से बड़े गेट लगा कर नयी पुलिया और अम्बावगढ बस्ती तक की गयी । मल्ला तलाई को रंग बिरंगे परदोंऔर लाइटों से सजाया गया । हर मोहल्ले में खाने पीने के पकवानों की सैकड़ों सबीले लगायी गयी ।

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“हर देश में गूंजेगा या रसूल या रसूल ” पर झूमा पूरा शहर

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उदयपुर । “सरकार कार आमद मरहबा आक़ा की आमद मरहबा ” कल रात खानजी पीर में जश्ने ईद मिलादुन्नबी के आयोजन के दौरान इन 1नारों से माहोल मुहम्मदी हो गया। और जब पकिस्तान से आये शायर ने हज़रत मुहम्मद साहब की शान में अपने नातिया कलाम पढ़ना शुरू कियी तो हर शख्श झूम गया। सर्द रात में देर रात तक हज़ारों की तादाद में आये लोग हज़रत मुहम्मद की मुहब्बत में कलाम सुनते गए ।
कल रात खांजी पीर नोजवान कमिटी की ओर से जश्ने ईद मिलादुन्नबी का आयोजन हुआ जिसमे पाकिस्तान के एक टीवी चैनल के मशहूर शायर ताहिर कादरी, मोहम्मद अहसान, जकरिया ने नातिया कलाम पेश किए। रात १२ बजे शुरू हुए इस आयोजन में खानजी पीर का मुख्य रोड लोगों से भरा रहा लोग हज़रत मुहम्मद की शान में नातिया कलाम सुनते रहे। ताहिर कादरी ने जब “मिलादे मुस्तफा है मिलादे मुस्तफा है ” कलाम पढ़ा तो वहाँ बैठा हर बच्चा और बढ़ा झूम उठा । “पुकारो या रसूल्लाह या हबीबुल्लाह ” ऊँचे में ऊंचा नबी का झंडा” जैसे कई मशहूर कलाम पढ़े गए तो लोगों में जोश बढ़ता गया और हज़ारों की तादाद में आये लोग रात के तीन बजे तक जमे रहे।
आज कारवाड़ी मोहल्ला के शहीदे आजम चौक में शुक्रवार को बाद नमाज ईशा के जश्ने ईद मिलादुन्नबी मनाया जाएगा। इसमें तकरीर के लिए यूपी से मौलाना सैयद मोहिब्बुल हक कादरी तशरीफ लाएंगे। तकरीर में वे नबी-ए-अकरम सलल्लाहो अलैह वसल्लम की जिंदगी पर बयान करेंगे। प्रोग्राम की निजामत व सदारत मौलाना रईसुल कादरी फैजी करेंगे। मौलाना आस मोहम्मद कादरी मुशाहदी की सरपरस्ती में यह आयोजन होगा।

 

 

 

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कल मौलाना सैयद मोहिब्बुल हक कादरी उदयपुर में

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उदयपुर। शुक्रवार 10 जनवरी को उदयपुर के करवाडी मोहल्ला के शहीदे आजम चौक, में बाद नमाज ईशा जश्ने ईद मिलादुन्नबी मनाया जाएगा। जिसमें यूपी से मौलाना सैयद मोहिब्बुल हक कादरी तशरीफ लाएंगे, जिनकी शुकवार रात को होने वाले जश्ने ईद मिलादुन्नबी में तकरीर होगी। तकरीर में वे नबी-ए-अ·रम सल्लल्लाहो अलैहे व सल्लम की जिन्दगी के बारे में रोशनी डालेंगे। प्रोग्राम की निजामत व सदारत मौलाना रईसुल कादरी फैजी व मौलाना आस मोहम्मद कादरी मुशाहदी जश्न की सरपरस्ती में आयोजित होगा

ईद मिलादुन्नबी एवं मकर संक्रांति की तैयारियां जोरों पर

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ईद मिलादुन्नबी और मकर संक्रांति पर्व एक ही दिन मनाया जाएगा
मुस्लिम बस्तियों में और मस्जिदों में विद्युत सज्जा की गई
उदयपुर। ईद मिलादुन्नबी और मकर संक्रांति का पर्व इस बार एक ही दिन मनाया जाएगा जिसके लिए दोनो समुदायों ने तैयारियां शुरू करदी । जहां ईद मिलादुन्नबी मुस्लिम समाज के लोग पैगंबर हजरत मोहमद के जन्मदिन के उत्सव के रूप में को लेकर मानते है, वहीं हर साल मकर संक्रांति १४ जनवरी को मनायी जाती है। हिंदू धर्म के लोग सूर्य के मकर राशि में आने के उपलक्ष्य में संक्रांति मनाते हैं।
ईद मिलादुन्नबी के इस पर्व के लिए शहर की मुस्लिम बस्तियों में और मस्जिदों में विद्युत सज्जा की जा रही है। मोहल्ले सजाये जारहे है। ईद मिलादुन्नबी के लिए जुलूस की विशेष तैयारियां की जारही है, वही मकर संक्रांति से शुभ काम शुरू हो जाते हैं। लोग धार्मिक महत्व के सरोवर व कुंडों में स्नान कर पुण्यलाभ अर्जित करेंगे, जिसके लिए दान पुण्य किये जाते है, और तिल के पकवान बनाये जाते है। जिसकी तैयारियां हर घर में की जारही है ।
चांद की १२ तारीख पर मिलादुन्नबी मुस्लिम समाज द्वारा ईद मिलादुन्नबी का पर्व १४ जनवरी को मनाया जाएगा। चांद दिखने के १२ दिन बाद ईद मिलादुन्नबी पर्व मनाया जाता है। लोग पैगंबर हजरत मोहमद साहब के जन्मदिन की खुशियों को उत्सव के रूप में मनाते हैं। इस अवसर पर जलसे निकाला जाएगा जिसमे शहर के हर छोटे बडे शिरकत करेगे। हर मोहल्ले में भव्य सज्जा की जायेगी जहां जुलूस का इस्तकबाल होगा शहर का जुलुस दोपहर अंजुमन से शुरू होकर घंटाघर , हाथीपोल , नई पुलिया अबावगढ, मल्लातलाई होता हुआ ब्रह्मपोल दरगाह पर पहुचेगा। साथ ही शहर की मस्जिदों में रोशनी की जाएगी।
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संक्रांति काल में अधिमास सहित वर्ष के १३ माह के साथ एक माह जोडकर १४ माह के लिए १४ वस्तुओं के दान का महत्व मनाया गया। वहीं यह व्यापार, शेयर बाजार व ज्ञान का प्रतीक भी माना गया। यह अंक कानून व औद्योगिक भी माना जाता है। इन सभी के लिए १४ अंक श्रेष्ठ है। इस दिन दान पुण्य किया जाएगा मंदिरों में विशेष आराधना होगी। और इस दिन पतंग बाजी का भी खूब प्रचलन है ।

विवि प्रशासन, छात्र-छात्राओं ने दी जग्गाराम को श्रद्धांजलि

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उदयपुर। सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय विवि प्रशासन, विवि शैक्षणेत्तर कर्मचारी संघ एवं विवि केंद्रीय छात्र संघ की ओर से बुधवार को कला महाविद्यालय के छात्र जग्गाराम को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आई.वी.त्रिवेदी, विभिन्न कॉलेज के अधिष्ठाता, विवि छात्रसंघ के पदाधिकारी एवं छात्र-छात्राओं ने नम आंखों से जग्गाराम को श्रद्धांजलि दी।

21 हजार की घोषणा :

छात्र संघर्ष समिति (सीएसएस) की ओर से जग्गाराम के परिवार को आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाएगी। समिति के अध्यक्ष सूर्य प्रकाश सुहालका ने मौके पर ही सी एसएस की ओर से 21 हजार रुपए देने की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों विवि परिसर में तेज गति से संचालित बाइक के अचानक ब्रेक लगाने से उछल कर ऑटो पर रखी प्लाइवुड से जा टकराने से गंभीर चोट लगने से मौत हो गई थी।

हेलमेट स्वप्रेरणा बने :

सुरक्षित जीवन के लिए वाहन संचालन के दौरान छात्र-छात्राओं को चाहिए कि वे हेलमेट का उपयोग करें। यह स्वप्रेरणा से ही संभव है न कि अनिवार्य रूप से लागू करवाकर। वाहन की स्पीड नियंत्रित हो ताकि स्वयं ही नहीं अन्य की जान भी जोखिम में डालने से बच सकते है।

ग्लैमर वर्ल्ड में बनाएं कॅरियर

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Udaipur post. अगर आप में कुछ नया करने और जोखिम उठाने का साहस है, तो आप ग्लैमर वर्ल्ड में अपना कॅरियर तलाश सकते हैं। इसमें पैसे के साथ-साथ शोहरत भी खूब है। ग्लैमर वर्ल्ड यूं तो सभी को आकर्षित करता है, लेकिन आज का युवा अपने इस आकर्षण को कॅरियर के तौर पर अपनाने के लिए आगे आ रहा है। ऎसे में अगर आप रैंप, मॉडल्स और फैशन शोज के प्रति आकर्षण महसूस करते हैं और इस ग्लैमर वर्ल्ड का एक हिस्सा बनना चाहते हैं, तो फैशन कोरियोग्राफी में कॅरियर बना सकते हैं।

फैशन कोरियाग्राफी
आमतौर पर यूं तो फैशन कोरियोग्राफी को ही फैशन डिजाइनिंग समझ लिया जाता है, जबकि हकीकत में ऎसा नही है। कोरियोग्राफर पर पूरे शो की जिम्मेदारी होती fashion265330-10-2013-12-15-50Dहै। किस मॉडल को क्या पहनना है, रैंप पर कैसे आना है, कैसे जाना है, साथ ही शो स्टॉपर के साथ मॉडल्स की पोजीशंस को भी कोरियोग्राफर ही मैनेज करता है।

बढ़ती डिमांड
आज के दौर में फैशन शोज बहुत जल्दी-जल्दी होने वाला इवेंट बनता जा रहा है। ऎसे में ये इवेंट फैशन इंडस्ट्री में हो रहे अपडेट्स को जानने का भी एक बेहतरीन सोर्स बन गए हैं। ऎसे में फैशन कोरियोग्राफर्स की डिमांड, वर्क एरिया, अपॉच्र्युनिटीज के मौके भी बढ़ रहे हैं। इतना ही नहीं कॉलेज इवेंट्स के अलावा कॉरपोरेट इवेंट्स में भी फैशन शोज काफी पॉपुलर हो रहे हैं।

युवा के लिए आकर्षण
यूथ के लिए यह फील्ड काफी आकर्षक है, क्योंकि इसमें क्रिएटिविटी और इमेजिनेशन में ग्लैमर का तड़का लगाने की जरूरत होती है। युवा वर्ग हर बार कुछ नया करना चाहता है। इस फील्ड में इसी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। कॉलेज टाइम से ही युवा वर्ग बदलते फैशन ट्रेंड से रूबरू होते रहते हैं। फ्रेशर्स पार्टी, फेयरवेल पार्टी इसका जरिया बनते हैं। यही कारण है कि फैशन डिजाइनिंग के बाद अब फैशन कोरियोग्राफी का भी क्रेज बढ़ रहा है।

प्रैक्टिकल पर ज्यादा जोर
इस फील्ड की खास बात यह है कि इसमें थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल नॉलेज की महत्ता है। अगर आपमें क्रिएटिविटी है, तो किसी फैशन कोरियोग्राफर के साथ काम सीख सकते हैं। बेसिक्स के लिए फैशन डिजाइनिंग कोर्स कर सकते हैं। इसके ग्रेजुएशन कोर्स में एडमिशन के लिए 50 फीसदी अंकों के साथ हायर सेकंडरी होना जरूरी है।

आमदनी भी है अच्छी खासी
कॅरियर की शुरूआत में आपको 15,000 रूपये से लेकर 20,000 रूपये तक वेतन के रूप में मिलते हैं। आगे चलकर जैसे-जैसे आपके शोज हिट होते जाते हैं, आपकी आमदनी भी वैसे-वैसे बढ़ती जाती है। आप चाहें तो आगे चलकर एक ब्रांड के रूप में भी काम कर सकते हैं। यह आपको अपनी एक अलग पहचान देगा।

सलेक्शन-कलेक्शन
फैशन कोरियोग्राफर में म्यूजिक के सेलेक्शन और कलेक्शन की समझ के साथ-साथ शो के लिए एक लुक तैयार करने की भी समझ होनी चाहिए। कोरियोग्राफर को एक ही वक्त पर कई सारे काम करने पडते हैं, जैसे मॉडल और डिजाइनर से ड्रेस की फिटिंग चेक कराना, म्यूजिक सेलेक्शन, शो को डायरेक्ट करना, डीजे म्यूजिक और लाइट इंजीनियर के साथ कोऑर्डिनेट करना।

कहां से करें कोर्स
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, हौज खास, नई दिल्ली
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, पालदी, अहमदाबाद
स्कूल ऑफ फैशन टेक्नॉलॉजी, पुणे
एपीजी शिमला यूनिवर्सिटी, शिमला
इसके अलावा जरूरी है कि आप किसी फैशन कोरियोग्राफर के साथ काम सीखें, यह अनुभव आपके बहुत काम आएगा।