हिंसक पब्जी गेम की वजह से छात्र हुआ उग्र – घर में की तोड़ फोड़ , खुद को किया बाथरूम में बंद।

मोहम्मद इलियास ( वरिष्ठ पत्रकार राजस्थान पत्रिका )

उदयपुर . क्या आपके बच्चे मोबाइल पर हिंसक वीडियो गेम खोलते हैं। अगर हां तो आप उन पर नजर रखिये। ये गेम न केवल उन्हें तनाव में ला सकते हैं बल्कि बर्बाद कर सकते हैं। हिंसक pubg वीडियो गेम से शहर के सुखेर क्षेत्र में एक 14 वर्षीय छात्र की जान संकट में आ गई। गेम का लेवल पूरा नहीं होने पर वह इतना तनाव में आ गया कि उसने स्कुल जाना छोड़ दिया। रोका-टोकी से झुंझलाकर उसने घर में तोड़फोड़ की। हद तो तब हो गई जब उसने स्वयं को कमरे में बंद कर लिया। परिजन जब दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे तो वह बाथरूम में बंद हो गया। जैसे-तैसे उसे बाहर निकाला, उसकी हालत देख परिजनों व अन्य की रूलाई फूट पड़ी पुलिस ने चाइल्ड लाइन के सहयोग से छात्र से बातचीत की तो वह पहले कुछ नहीं बोल पाया। बाद में उसने pubg गेम व उसका लेवल पूरा नहीं होने के बारे में बताया तब सब चोंक पड़े बाद में पुलिस व अन्य सभी ने मिल कर उसकी काउंसलिंग की तब जा कर बच्चा सामान्य हो पाया। निजी स्कूल में पढ़ने वाला सांतवी क्लास का यह बालक पढ़े लिखे सभी परिवार का है।

एक माह से खेल रहा था रात में गेम
परिजनों ने बताया कि दो बच्चों में वह छोटा है। वह क्रिकेट का अच्छा खिलाड़ी हैं। डेढ़ माह पहले किसी रिश्तेदार ने उसे हिंसक pubg वीडियो गेम के बारे में बताया तो वह उसे लगातार खेलने लगा। एक माह से वह मोबाइल पर पूरी-पूरी त । यह गेम को खेल रहा था। विक्की का अलग कमरा होने से परिजनों को पहले इसका पता नहीं चला लेकिन जब वह स्कूल के लिए बहानेबाजी करने लगा तो परिजनों को शक हुआ।उन्होंने उसे गेम खेलते हुए पकड़ लिया। घर से बाहर निकलना बंद कर दिया। बातचीत करने पर वह झगड़े के साथ ही तोड़फोड़ करने लगा। उसने घर पर वाशिंग मशीन गिरा दी, कूलर तोड़ दिया। कई सामान को क्षतिग्रस्त कर भारी नुकसान पहुंचाया।

एक्सपर्ट व्यू

1 इंटरनेट एक नशा है। परिवार की ओर से बच्चों पर ध्यान नहीं देने ५ से धीरे-धीरे आदत पड़ जाती हैं। इंटरनेट सुविधा नहीं मिलने पर बराहट व बेचैनी होती है। नुकसान के बारे में जानकार भी इसे छोड़ नहीं पता। कई बार तो वह मानसिक रोगी हो जाता है। उसे काउंसलिंग की सख्त जरूरत होती है। इस केस में भी सही काउसलिंग से छात्र स्वस्थ हो सकता है। डॉ.सुशील खेराड़ा, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष मनोरोग विभाग

हिंसक पबजी “PUBG” (Player Unknown’s Battle Ground) :

पबजी (प्लयेर अननोज बैटल ग्राउंड) एक ऑनलाइन मल्टीप्लेयर बैटल रॉयल गेम है। दक्षिण कोरिया से आए इस वीडियो गेम में एक द्वीप पर सौ से अधिक खिलाड़ी पैराट से उतरते हैं। इस गेम में बचने के लिए दूसरों को मारने के लिए हथियारों व उपकरणों उपयोग किया जाता है। खेल एक सर्कल में होता है जो गेम खेलने के साथ बचे
जीवित खिलाड़ियों के साथ छोटा होता जाता है,ताकि मुठभेड़ों के लिए मजबूर किया जा सके। इसमें अंतिम खिलाड़ी या टीम राउंड जीतती है। यह गेम मार्च 2017 में पहली बार रिलीज किया गया था। गेम में मनोरंजन के लिए इस पर कई फनी वीडियो भी बने। इस गेम में टीम प्लेयर आपस में बात करते रहते हैं।

कमरे में बंद कर लिया

शुक्रवार को तो छात्र ने स्वयं को कमरे में बंद कर लिया। बाहर से आवाज लगाने पर भी उसने कोई जवाब नहीं दिया तो घर में रुलाई फूट पड़ी। पास-पड़ोसी इकट्ठा हो गए। परिजनों ने बाद में कमरे का दरवाजा तोड़ा तो उसने स्वयं को बाथरूम में बंद कर लिया। बाद में परिजनों ने बाथरूम का दरवाजा तड़कर उसे बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी।

मन मस्तिष्क पर असर

चिकित्सकों के अनुसार हिंसक वीडियो गेम्स खेलने वालों के मन मस्तिष्क पर असर पड़त है। वर्ष 2013 में गेमिंग लत को एक मानसिक स्वास्थ्य विकार के रूप में भी घोषित किया गया है। इस खेल से इमोशनल डिसऑर्डर, व्यवहार में परिवर्तन, मौखिक मेमोरी का कमजोर होना, एकाग्रता में कमी, पारिवारिक बातचीत में समस्याएं उग्न व्यवहार एवं झगड़ालू प्रवृत्ति आदि बढ़ती है।

उदयपुर में पहली महिला कलेक्टर ने पदभार सम्भाला और कहा ,. ” महिला कलेक्टर हूँ इसका मतलब यह नहीं कि ,……. |

उदयपुर। प्रदेश में नई सरकार बनने के साथ ही प्रशासनिक हल्कों में फेरबदल के चलते उदयपुर में भी पहले अधिकारी के रूप में पहली महिला कलेक्टर आनंदी ने गुरूवार को पदभार संभाला। चार दशकों में यह पहला मौका होगा जब किसी महिला कलेक्टर को उदयपुर में लगाया गया है। आनंदी के उदयपुर पहुंचने पर महकमे के अधिकारियों द्वारा उनका स्वागत किया गया। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर शहर सहित मीडियाकर्मी मौजूद थे। आनंदी ने पदभार संभालने के बाद प्रेस से बातचीत करते हुए उनकी प्राथमिकताओं को सबके सामने रखा। उनका कहना था कि झीलों की नगरी उदयपुर की दुनिया भर में अलग ही पहचान है। इस पहचान को बनाए रखने के साथ . साथ यहां की समस्याओं से कैसे निपटा जाए और इस खूबसूरत शहर को और कैसे खूबसूरत बनाए जाए इस संदर्भ में आगे कार्य किया जाएगा। लोगों की समस्याओं को समझने के बाद उनके निस्तारण के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। उदयपुर में पहली बार महिला कलेक्टर लगाए जाने के सवाल पर आनंदी ने कहा कि महिलाओं के लिए विशेषतौर पर अलग से कार्य किए जाएंगे। उन्होंने इस बात को भी स्वीकारा कि कहीं ना कहीं महिलाओं में पिछड़ापन रहा है। इस मौके पर आनंदी ने यह जरूर कहा कि जहां- जहां उनकी पोस्टिंग रही है वहां पर अधिक से अधिक महिलाओं के लिए काम करने का प्रयास किया गया है लेकिन ऐसा नहीं है कि पुरुषों के लिए काम नहीं हुआ है। उदयपुर के आदिवासी अंचल को लेकर आनंदी ने यह जरूर कहा कि पहली बार उनकी पोस्टिंग इतने बड़े आदिवासी अंचल क्षेत्र में हुई है। इसलिए पहले वहां की समस्याओं को समझना पड़ेगा और उनके निस्तारण के लिए जिस तरह से जो प्रयास होंगे वह किए जाएंगे। श्रीमती आनंदी ने यह भी कहा कि वह अपने समय में से अधिक से अधिक समय आदिवासी अंचल क्षेत्र के लिए देकर उनको समझने की कोशिश करेगी उसके बाद वहां के विकास के लिए कार्य किए जाएंगे।

प्रतिभावान छात्र मुफ्त में कर सकेगें देश का भ्रमण – आवेदन कैसे करना है समझें।

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देश केप्रतिभावान विद्यार्थियों को शैक्षिक ज्ञान के साथ-साथ राज्य एवं देश के परिवेश भौगोलिक एवं प्राकृतिक स्थिति, ऐतिहासिक स्थल एवं सांस्कृतिक स्थलों की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से राज्य सरकार प्रतिभावान विद्यार्थियों को दस दिन की यात्रा करवाएगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर के निर्देशानुसार 28 दिसम्बर से 6 जनवरी तक यह दस दिवसीय अन्तर राज्य शैक्षिक एवं सांस्कृतिक यात्रा आयोजित होगी। संयुक्त निदेशक भरत मेहता ने बताया कि ऐतिहासिक-सांस्कृतिक- प्राकृतिक धरोहरों से विद्यार्थियों को परिचित कराने के अलावा स्थापत्य कला की जानकारी,विद्यार्थियों को सामुदायिक जीवन से जोडऩे का मकसद है।

संयुक्त निदेशक ने बताया कि यात्रा करने वाले विद्यार्थियों को आवेदन करने के लिए गत कक्षा में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य रखा गया है। मनोनीत प्रमुख यात्रा प्रभारी, उप जिला शिक्षा अधिकारी विजय सारस्वत के नेतृत्व में 66 विद्यार्थियों, 9 मंडल दल प्रभारियों व बीकानेर से 2 निदेशक प्रतिनिधि के सानिध्य में यात्रा दल उदयपुर से अम्बाजी. अहमदाबाद. सूरत . सापुतारा . नासिक . शिरडी. औरंगाबाद . अजंता एलोरा. त्रयम्बकेश्वर . वापी समुद्र तट होते हुए रास्ते के अन्य दर्शनीय स्थलों की यात्रा करते हुए उदयपुर वापसी करेंगें। यात्रा का खर्च सरकार वहन करेगी।

“डॉ सीपी जोशी ने एक लाख कार्यकर्ताओं सहित कांग्रेस छोड़ी” मेसेज वायरल – कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा यह महज़ अफवाह।

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उदयपुर। राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बन गयी। मुख्यमंत्री के बाद मंत्रियों की घोषणा भी हो गयी लेकिन कांग्रेस की मुश्किलें कम होती नज़र नहीं आरही है। जब से मंत्रीमंडल की घोषणा हुई और मेवाड़ से बड़े बड़े नामों की अनदेखी के चलते बड़े कांग्रेस नेताओं के समर्थक आक्रोश में है। मंगलवार से तो एक मेसेज सोशल मिडिया पर वायरल हो रहा है जिसमे लिखा है कि कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री डाॅक्टर सीपी जोशी अपने एक लाख कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस से इस्तीफा दे रहे है। वह कांग्रेस के तीस विधायकों के साथ भारतीय जनता पार्टी को समर्थन देकर सरकार गिरा सकते है। इसका खंडन करने के लिए हालाँकि खुद डॉ सीपी जोशी तो नहीं आये लेकिन राजसमन्द के कांग्रेस जिलाध्यक्ष देवकीनंदन का बयान जरूर आया की यह सिर्फ अफवाह है और यह विरोधियों की साजिश है। भाजपा की यह एक मात्र चाल है।
यह मेसेज अफवाह ही है लेकिन बड़े नेताओं जैसे सीपी जोशी महेंद्रजित सिंह मालविया जैसों को मंत्री मंडल में नहीं लेने के कारण उनके समर्थक और कार्यकर्ताओं में रोष साफ़ देखा जा सकता है। माना जा रहा है कि इसी रोष के कारण नाथद्वारा के विधायक डॉ सीपी जोशी शपथ ग्रहण समारोह में भी नहीं पहुचे थे।

आईएएस के तबादले – उदयपुर की नयी कलेक्टर “आनंदी” , नगरनिगम आयुक्त सिद्धार्थ सिहाग का भी तबादला।

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उदयपुर। कार्मिक विभाग ने मंगलवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 68 अधिकारियों को तबादले किए। इसमें उदयपुर व राजसमंद को भी नए जिला कलक्टर दिए है। उदयपुर संभाग में तैनात सिहाग दम्पती को भी जिला कलक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। उदयपुर जिला कलक्टर बिष्णुचरण मल्लिक को जयपुर में शासन सचिव वित्त (कर) के पद पर लगाया तो वहां पर तैनात श्रीमती आनंदी को उदयपुर कलक्टर की जिम्मेदारी दी। राजसमंद कलक्टर श्यामलाल गुर्जर को जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लि. का प्रबंध निदेशक बनाया तो कार्मिक विभाग में लगे अरविंद कुमार पोसवाल को राजसमंद कलक्टर लगाया। इसी प्रकार उदयपुर नगर निगम आयुक्त व स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ सिद्धार्थ सिहाग को झालावाड़ तो उनकी पत्नी रूक्मणि रियार को बूंदी कलक्टर लगाया गया है।
उदयपुर संभाग में कौन कहा लगा
रीपा के अति. निदेशक सोमनाथ मिश्रा को आबकारी आयुक्त लगाया।
डूंगरपुर जिला कलक्टर राजेन्द्र भट्ट को भीलवाड़ा कलक्टर लगाया।
चेतनराम देवड़ा को जयपुर प्रशासनिक सुधार विभाग से डूंगरपुर कलक्टर बनाया
शिवांगी स्वर्णकार को जयपुर प्रारंभिक शिक्षा से चित्तौडग़ढ़ कलक्टर बनाया
आशीष गुप्ता जयपुर जिला परिषद सीईओ को बांसवाड़ा कलक्टर बनाया।

रफाल हवाई जहाज़ से जुड़ा हर राज़ जानिये – वह राज़ जो सरकार आपको नहीं बता रही।

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रफाल डील से जुड़े हर राज़ जानिये। वो कितना खतरनाक है उसमे कितने वेपन लगते है। दुश्मन पर रफाल कितना भारी पड़ सकता है। रफाल कितनी दूरी तक मार कर सकता है। रफाल से जुडी हर जानकारी हर रहस्य। रफाल की सही कीमत जिसका सरकार और विपक्ष के बिच झगड़ा चल रहा है। आप निचे दिख रहे वीडियो में रफाल से जुड़े हर एक राज़ को जानिये।  साथ ही यह भी जानिये कि हमको यह राज़ कहाँ से पता चला। वीडियो देखने के लिए निचे क्लिक करिये चैनल को सब्स्क्राइब करिये और लाइक जरूर करिये।

रफाल फाइटर प्लेन के राज़
 

सोहराबुद्दीन मुठभेड़ केस में सभी 22 आरोपी बरी, सीबीआई की विशेष अदालत ने सुनाया फैसला।

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सोहराबुद्दीन शेख-तुलसीराम प्रजापति मुठभेड़ मामले (Sohrabuddin Shaikh Encounter Case Verdict) में 13 साल बाद शुक्रवार को फैसला आ गया और सीबीआई की स्पेशल अदालत ने अपने फैसले में सभी 22 आरोपियों को बरी कर दिया है. कोर्ट ने माना है कि सोहराबुद्दीन केस में किसी तरह की साजिश की बात की पुष्टि नहीं हुई है. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में साजिश की बात कहीं से भी साबित नहीं हुई. अभियोजन पक्ष लिंक साबित नहीं कर पाया. बता दें कि साल 2005 के इस मामले में 22 लोग मुकदमे का सामना कर रहे थे, जिनमें ज्यादातर पुलिसकर्मी हैं. इस मामले पर विशेष निगाह रही है क्योंकि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आरोपियों में शामिल थे. हालांकि, उन्हें 2014 में आरोप मुक्त कर दिया गया था. अमित शाह इन घटनाओं के वक्त गुजरात के गृह मंत्री थे. मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष के करीब 92 गवाह मुकर गए.

कोर्ट ने सीबीआई के आरोपपत्र में नामजद 38 लोगों में 16 को सबूत के अभाव में आरोपमुक्त कर दिया है. इनमें अमित शाह, राजस्थान के तत्कालीन गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया, गुजरात पुलिस के पूर्व प्रमुख पी सी पांडे और गुजरात पुलिस के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी डीजी वंजारा शामिल हैं.
-सोहराबुद्दीन मामले में सारे 22 आरोपियों को बरी कर दिया है. किसी के खिलाफ कोई चार्ज सिद्ध नहीं हुआ. सोहराबुद्दीन हत्या मामले में कोर्ट ने माना कि हत्या गोली लगने हुई है लेकिन गोली 22 में से किसी आरोपी ने चलाई थी यह साबित नहीं हुआ.

-बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि हमारा मुकदमा मेरिट पर लड़ा गया. यह रिजल्ट मेरिट पर आया है. विटनेस हॉस्टाइल हो गए थे इसलिए कोर्ट ने उनकी गवाही को सही नहीं माना.

-अभियोजन पक्ष लिंक साबित नहीं कर पाया है.

-सोहराबुद्दीन शेख केस: सीबीआई स्पेशल जज ने अपने फैसले में माना है कि सभी गवाह और सबूत संतोषजनक नहीं हैं कि साबित कर सकें कि हत्या में किसी तरह की साजिश थी. कोर्ट ने यह भी माना है कि परिस्थिति जन्य साक्ष्य पर्याप्त नहीं हैं.

-कोर्ट ने अपने फैसले में माना है कि सोहराबुद्दीन केस में साजिश की बात साबित नहीं हुई है.
-सोहराबुद्दीन मुठभेड़ केस में सभी 22 आरोपी बरी, सीबीआई की विशेष अदालत ने सुनाया फैसला
-अब से कुछ देर में सीबीआई कोर्ट सुना सकता है अपना फैसला

 

क्या है पूरा मामला:

सीबीआई के मुताबिक आतंकवादियों से संबंध रखने वाला कथित गैंगेस्टर शेख, उसकी पत्नी कौसर बी और उसके सहयोगी प्रजापति को गुजरात पुलिस ने एक बस से उस वक्त अगवा कर लिया था, जब वे लोग 22 और 23 नवंबर 2005 की दरम्यिानी रात हैदराबाद से महाराष्ट्र के सांगली जा रहे थे. सीबीआई के मुताबिक शेख की 26 नवंबर 2005 को अहमदाबाद के पास कथित फर्जी मुठभेड़ में हत्या कर दी गई.

उसकी पत्नी को तीन दिन बाद मार डाला गया और उसके शव को ठिकाने लगा दिया गया. साल भर बाद 27 दिसंबर 2006 को प्रजापति की गुजरात और राजस्थान पुलिस ने गुजरात – राजस्थान सीमा के पास चापरी में कथित फर्जी मुठभेड़ में गोली मार कर हत्या कर दी. अभियोजन ने इस मामले में 210 गवाहों से पूछताछ की जिनमें से 92 मुकर गए. इस बीच, बुधवार को अभियोजन के दो गवाहों ने अदालत से दरख्वास्त की कि उनसे फिर से पूछताछ की जाए. इनमें से एक का नाम आजम खान है और वह शेख का सहयोगी था.

उसने अपनी याचिका में दावा किया है कि शेख पर कथित तौर पर गोली चलाने वाले आरोपी एवं पूर्व पुलिस इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान ने उसे धमकी दी थी कि यदि उसने मुंह खोला तो उसे झूठे मामले में फंसा दिया जाएगा. एक अन्य गवाह एक पेट्रोल पंप का मालिक महेंद्र जाला है. अदालत दोनों याचिकाओं पर शुक्रवार को फैसला करेगी.
ये हैं वो नाम जिन्हें सीबीआई कोर्ट ने शुक्रवार को बरी कर दिया है:
1. मुकेश कुमार लालजी भाई परमार ( A-4 ) – तत्कालीन डीएस पी आरोप -सोहराबुद्दीन और कौसर बी को लाने में मदद और गलत जांच की
2. नारायण सिंह हरि सिंह धाबी (A-5)- इंस्पेक्टर, गुजरात ए टी एस आरोप- सोहराबुद्दीन पर गोली चलाई
3. बालकृष्ण राजेन्द्र प्रसाद चौबे (A-6)- इंस्पेक्टर , गुजरात ए टी एस
आरोप- सोहराबुद्दीन के एनकाउंटर टीम का सदस्य और मौके पर मौजूद
4. रहमान अब्दुल रशीद खान ( A-7)- इंस्पेक्टर , राजस्थान पुलिस
आरोप – सोहराबुद्दीन का एनकाउंटर करने वाली टीम का सदस्य, मौके पर
मौजूद, गोली चलाई और खुफिया सूचना होने का दावा. एफ़ आई आर रजिस्टर्ड कराई.
5. हिमांशु सिंह राजावत ( A-8) – सब इंस्पेक्टर , राजस्थान पुलिस
आरोप – सोहराबुद्दीन पर गोली चलाई
6. श्यामसिंह जयसिंह चरण (A-9)- सब इंस्पेक्टर, राजस्थान पुलिस
आरोप – सोहराबुद्दीन पर गोली चलाई
7. अजय कुमार भगवानदास परमार (A-10) – सिपाही, गुजरात पुलिस
आरोप-सोहराबुद्दीन का एनकाउंटर करने वाली टीम का सदस्य
8. संतराम चंद्रभान शर्मा (A-11)- सिपाही, गुजरात पुलिस
आरोप-सोहराबुद्दीन का एनकाउंटर करने वाली टीम का सदस्य
9. नरेश विष्णुभाई चौहान (A-13) – सब इंस्पेक्टर, गुजरात पुलिस
आरोप- कौसर भी फार्म हाउस में बंद कर रखने और फिर शव को नष्ट करने में मदद
10. विजयकुमार अर्जुभाई राठौड़ (A-14)- इंस्पेक्टर, गुजरात पुलिस
आरोप- कौसरबी को गायब करने के साजिश में शामिल
11. राजेन्द्रकुमार जीरावला ( A-19)- अरहान फार्म हाउस का मालिक
आरोप- कौसर बी को बंद कर रखे जाने की ज़ानकारी ओर मदद
12. घट्टमनेनी श्रीनिवास राव ( A- 23)- सब इंस्पेक्टर, आंध्रप्रदेश पुलिस
आरोप- सोहराबुद्दीन और कौसर बी का गुजरात तक लाने में मदद
13. आशीष अरुणकुमार पंड्या ( A-25) – सब इंस्पेक्टर , गुजरात पुलिस
आरोप- तुलसी प्रजापति पर गोली चलाई
14. नारायण सिंह फते सिंह चौहान ( A-26)
15- युवधिरसिंह नाथूसिंह चैहान ( A-27)
16. करतार सिंह यादराम जाट ( A-29)
17. जेठू सिंह मोहनसिंह सोलंकी ( A-30)
18. कानजीभाई नरनभाई कच्छी ( A- 31)
19. विनोदकुमार अमृतकुमार लिम्बाचिया ( A- 32)
20. किरणसिंह हलाजी चौहान ( A- 33)
21. करणसिंह अर्जुनसिंह सिसोदिया( A-34)
ये सभी गुजरात और राजस्थान पुलिसकर्मी हैं. आरोप- तुलसी प्रजापति का एनकाउंटर करने वाली टीम में शामिल
22. रमनभई कोदारभाई पटेल ( A-38)- गुजरात CID का जांच अधिकारी
आरोप – सोहराबुद्दीन मुठभेड़ जांच में लीपापोती

ये नाम पहले ही हो चुके थे आरोप मुक्त:
डी जी वंजारा , डीआईजी गुजरात एटीएस
जकुमार पांडियन, एसपी गुजरात
दिनेश एम एन, एसपी राज्यस्थान
नरेंद्र अमीन, डिवाय एसपी, गुजरात
अभय चुडासमा, एसपी गुजरात
अमित शाह, गृह राज्य मंत्री गुजरात
अजय पटेल
यशपाल सिंह चुडासमा
विमल पटनी, मार्बल व्यपारी
गुलाबचंद कटारिया, गृहमंत्री राजस्थान
एन एल बालसुब्रमण्यम, एसपी आंध्र प्रदेश
दलपत सिंह राठौर, हेड कॉन्स्टेबल राजस्थान
प्रशांत पांडे, डीजीपी गुजरात
गीता जौहरी, आईजीपी गुजरात
ओम प्रकाश माथुर, एडीजीपी गुजरात
विपुल अग्रवाल, एसपी गुजरात

पांच साल राज के बाद भाजपा आई अब सड़कों पर – राफेल मामले को लेकर धरना प्रदर्शन।

उदयपुर। पांच साल राज करने के बाद भाजपा जैसे ही सत्ता से दूर हुई विपक्ष के रूप में अपना पहला प्रदर्शन को अंजाम देते हुए सड़क पर आगई। राफेल मामले में तथ्य हिन् आरोप लगाने को लेकर जिला कलेक्ट्री पर भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारियों ने प्रदर्शन किया। पदर्शन में शहर और ग्रामीण विधायक भी मोजूद थे। कांग्रेस पार्टी और राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी के खिलाफ जम कर नारेबाजी की बाद में राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया।
राजस्थान प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद बुधवार को भारतीय जनता पार्टी ने अपने विपक्ष की शुरुआत राफेल मुद्दे पर धरना देकर की। राफेल के मामले पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा पीएम मोदी पर की गयी टिप्पणियों के विरोध में बीजेपी ने पूरे प्रदेश में धरना . प्रदर्शन कर राहुल गांधी से माफी मांगने की बात की है। इसी कड़ी में उदयपुर में भी बीजेपी के नेता इस मामले पर कांग्रेस को घेरने के लिए पूर्व गृहमंत्री और शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया के नेतृत्व में जिला कलेक्ट्री कार्यालय के बाहर पंहुचे। इस दौरान बड़ी तादाद में बीजेपी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिला कलेक्ट्री के बाहर मोजूद रहे। धरने के दौरान बीजेपी के नेताओं ने अपने . अपने उद्बोधन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला । बीजेपी के नेताओं का कहना है की राहुल गांधी ने राफेल के मामले को लेकर झूठ और अमर्यादित टिप्पणियों का उपयोग कर मिथ्या आरोप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर लगाये है। यही नही इस मुद्दे पर अब सुप्रीम कोर्ट ने भी मोदी को क्लीनचीट दे दी है। ऐसे में बीजेपी के नेताओं ने मांग की है कि राहुल गाँधी को इस मामले पर जल्द से जल्द पीएम मोदी से माफी मांगनी चाहिए। इस मोके पर उदयपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शहर विधायक कटारिया ने साफ किया की एक जिम्मेदार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना अमर्यादित है। बांसवाड़ा की सभा के दौरान जिस तरह से राहुल ने चोकीदार चोर कहते हुए देश के प्रधान सेवक पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया है इस पर उन्हें तुरन्त माफी मांगनी चाहि वहीं कटारिया ने कहा की अगर 26 दिसम्बर तक किसानों की कर्जमाफी नहीं होती है तो वे 27 तारीख से आन्दोलन करेंगे। कटारिया ने कहा की सत्ता में आने के लिए जिस तरीके से जनता को मुर्ख बनाया है। यही नहीं कांग्रेस के लोगों द्वारा कर्जमाफी के रुपयों को लेकर किसी भी तरीके से हिसाब किताब नहीं लगाया है सिर्फ सत्ता में आने के लिए एक झूठा वादा किया है।
धरने के दौरान आमेर विधायक सतीश पुनिया, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीना, शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट। परस सिंघवी, किरण जैन सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मोजूद थे।

शर्मा हॉस्पिटल पर बिना अनुमति किडनी निकालने का आरोप।

उदयपुर। शहर के एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर मरीज के परिजनों ने सनसनी ख़ेज़ आरोप लगाया की उनकी बिना अनुमति के महिला मरीज का गुर्दा निकाल लिया गया और बहाना अब ट्यूमर का बना रहे है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार परिजनों को जानकारी में लेकर ऑपरेशन किया गया है। मामले की सुखेर पुलिस जांच कर रही है।
शहर के सुखेर स्थित शर्मा हॉस्पिटल में तब हंगामा हो गया जब अस्पताल में भर्ती महिला मरीज के परिजनों को पता चला की उसकी किडनी निकाल दी गयी है। इस बात को लेकर परिजनों ने जम कर हंगामा किया मोके पर पुलिस भी पहुंच गए। जानकारी के अनुसार गंगापुर निवासी रईसा बानू को सोमवार को कांकरोली के शर्मा हॉस्पिटल से उदयपुर के शर्मा हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। मरीज के परिजनों का कहना है कि रईसा के ट्यूमर के ऑपरेशन के दौरान किडनी निकाल दी और इस बात की जानकारी हॉस्पिटल के डॉक्टरों द्वारा नही दी गयी। अगर पहले जानकारी होती तो हम आॅपेरशन ही यहां नहीं करवाते और रईसा को कहीं ओर ले जाते। परिजनों ने बताया की आॅपरेशन के बाद देर रात शर्मा हाॅस्पिटल के मालिक हमारे साथ रहे लेकिन उन्होंने हमे कोई जानकारी नहीं दी और सुबह होते ही कहा कि किडनी निकालनी पड़ी हमारे भोलभाले दामाद से कुछ भी लिखवा लिया और हस्ताक्षर करवा दिए। जो सही नहीं है। इधर अस्पताल प्रबंधन ने सारे आरोप नकारते हुए कहा है कि पहले ही हमने लिखित में परिजनों से कबुलनामा ले लिया था और उसमें यह बात भी मेंशन की गई थी कि मरीज का गुर्दा भी निकालना पड़ सकता है। अब जबरदस्ती परिजन यहां हंगामा कर रहे है। इस पूरे मामले में आॅपरेशन करने वाले डाॅक्टर हनुवंत सिंह राठौड़ ने सारे आरोपों को नकारते हुए कहा मरीज के गुर्दे से जुड़ी हुई गांठ थी और इस टूयमर को निकालने के लिए गुर्दा भी निकालना पड़ा इसकी पूरी जानकारी पहले ही मरीज के परिजन को दे दी गई थी। पति और मां के हस्ताक्षर भी इस मंजूरी पत्र पर है।
परिजनों ने मंगलवार सुबह अस्पताल में हंगामा किया बाद में पुलिस ने आकर स्थिति को सम्भाला और समझाइश की फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मुख्यमंत्री की शपथ लेने के साथ ही राज्य में कांग्रेस सरकार गठित – कुछ दिनों में होगा मंत्रिमंडल का गठन, यह हो सकते है मंत्री।

Udaipur। मुख्यमंत्री की शपथ लेने के साथ ही राज्य में कांग्रेस सरकार औपचारिक तौर पर गठित हो चुकी है और आने वाले कुछ दिनों में मंत्रिमंडल का गठन भी जाएगा। इस बार 2008 के मुकाबले कांग्रेस के पास अनुभवी विधायकों की कमी नहीं हैं और यही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए सबसे बडी राहत वाली बात है।
मंत्रिमंडल संभवत: अनुभवी और नए विधायकों से मिलाजुला तो होगा ही साथ में आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए क्षेत्रीय व जातीय संतुलन वाला भी होगा। मुख्यमंत्री संभवत: सी.पी.जोशी, बी.डी.कल्ला, जितेन्द्र सिंह, शांति धारीवाल, जितेन्द्र सिंह, अमीन खान, परसादी लाल मीणा, परसराम मोरदिया, महेन्द्रजीत सिंह मालवीय, हेमाराम चौधरी और राजकुमार शर्मा, भंवरलाल मेघवाल, बृजेन्द्र सिंह ओला, दीपेन्द्र सिंह शेखावत जैसे अनुभवी विधायकों को मंत्रिमंडल की पहली खेप में ही शामिल करेंगे।
इसके साथ ही लालचंद कटारिया, गोविंद सिंह डोटासरा, महेश जोशी, रघु शर्मा, प्रमोद जैन भाया, हरीश चौधरी, मंजूदेवी मेघवाल, अमीन कागजी, प्रताप सिंह खाचरियावास, रमेश मीणा, मुरालीलाल मीणा, ममता भूपेश, शकुंतला रावत, विजयपाल मिर्धा और दानिश अबरार को भी मंत्री बनाया जाने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल का फैसला भी आलाकमान की मंजूरी के बाद ही किया जाएगा और संभवत: एक-दो दिन में ही इस संबंध में फैसला हो जाएगा।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने नए मंत्रिमंडल का गठन 24 दिसंबर को कर सकते हैं। इसके लिए बाकायदा राजभवन में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह के लिए एक हजार से ज्यादा लोगों को निमंत्रण देने की तैयारियां की जा रही हैं।