सोहराबुद्दीन “फर्जी एंकाउन्टर” मामले में, अमित शाह की मुश्किलें फिर बढ़ सकती है .


उदयपुर पोस्ट । भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह गुजरात में 2005 में सोहराबुद्दीन शेख की फर्जी मुठभेड़ में हुई हत्या के मामले में एक बार फिर परेशानी में फंस सकते हैं। हालांकि उन्हें 2014 में बरी कर दिया गया था और मुम्बई की एक अदालत ने पिछले माह इस केस के सभी 22 आरोपियों को भी दोषमुक्त कर दिया था, लेकिन शाह का नाम सुप्रीम कोर्ट द्वारा सार्वजनिक की गई रिपोर्ट में आया है। यह जांच रिपोर्ट पूर्व न्यायाधीश जस्टिस एच.एस. बेदी ने तैयार की है।
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश जस्टिस एच.एस. बेदी की अध्यक्षता वाली मॉनिटरिंग अथॉरिटी की गत वर्ष 26 फरवरी को एक बन्द लिफाफे में प्राप्त हुई रिपोर्ट को जारी करने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने 2012 में जस्टिस बेदी की अध्यक्षता में मॉनिटरिंग अथॉरिटी का गठन कर उसे गुजरात में 2002 से 2006 के बीच हुई सभी 22 फर्जी मुठभेड़ों की जांच करने के लिए कहा था और जिसमें सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ हत्याकांड भी शामिल था।
हालांकि शाह को फिलहाल कोई परेशानी होने वाली नहीं है लेकिन चार सप्ताह बाद कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। क्योंकि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बैंचने यह उपलब्ध लगाते हुए कहा कि उसने अब तक बेदी रिपोर्ट स्वीकार नहीं की है और वह सभी संबंधित पक्षों को आपत्तियां दर्ज कराने का समय दे रहा है। कोर्ट ने रिपोर्ट स्वीकार करने या इसे अंतिम रिपोर्ट मानने के प्रश्न पर अगली सुनवाई चार हफ्तों बाद तय की है। चीफ जस्टिस के अतिरिक्त जस्टिसएल. नागेश्वर राव और जस्टिस संजय किशन कौल की बैंच ने गुजरात सरकार के रिपोर्ट को सार्वजनिक ना करने के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया और आदेश दिया कि फर्जी मुठभेड़ों की जांच की मांग करने वाले याचिकाकर्ताओं के साथ साथ मीडिया को भी रिपोर्ट उपलब्ध करायी जाए।

बैंच ने राज्य सरकार के इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया कि याचिकाकर्ताओं से रिपोर्ट साझा करने से पूर्वाग्रह पैदा हो जाएगा। चीफ जस्टिस ने कहा कि कोर्ट ने जस्टिस बेदी से 8 पृष्ठ का नोट प्राप्त किया है तथा उन्होंने मॉनिटरिंग अथॉरिटी के सभी सदस्यों से विचार-विमर्श किया है। उनकी प्रतिक्रिया जानने के बाद चीफ जस्टिस ने कहा: यदि जस्टिस बेदी रिपोर्ट देने के लिए अधिकृत हैं, जो कि हम समझते हैं। कि वे हैं, तो राज्य इस पर कैसे आपत्ति कर सकता है। शीर्ष अदालत ने स्वर्गीय वयोवृद्ध पत्रकार बी.जी. वर्गीस, जिनका दिसम्बर 2014 में निधन हो गया था, जाने-माने गीतकार जावेद अख्तर और दिल्ली की सामाजिक कार्यकर्ता शबनम हाशमी द्वारा 2007 में दायर की गई याचिका के मद्देनजर उक्त अथॉरिटी का गठन किया था और यह जांच करने को कहा था कि क्या मुठभेड़ों के तरीके से ऐसा लगता है कि इसमें अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को आतंकवादी मानकर निशाना बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज बेदी की अध्यक्षता वाले पैनल ने गुजरात में 2002 और 2006 के बीच विभिन्न स्थानों पर हुई गोलीबारी से संबंधित साक्ष्यों का पुनर्मूल्यांकन किया था।
बैंच ने गुजरात सरकार के वकील सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता के रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं करने के दखल को निरस्त कर दिया। मेहता ने कहा था कि रिपोर्ट पर जिम्मेदारी की भावना से काम करने की आवश्यकता है। कोर्ट ने केस में लगातार स्थगन मांगने के लिए गुजरात सरकार की आलोचना करते हुए नोटिंग की कि किस प्रकार उसके वकील ने यह तर्क देकर अदालत से मामले में स्थगन लिए कि सॉलीसिटर जनरल कोर्ट में व्यस्त हैं। जस्टिस गोगोई ने कहा

“गुजरात राज्य मामले में बार-बार और बार-बार स्थगन नहीं मांग सकता। यदि सॉलीसिटर जनरल कोर्ट नम्बर एक में (चीफ जस्टिस कोर्ट) प्राथमिकता नहीं देते और किसी अन्य कोर्ट में जाना चाहते हैं तो यह उनका अपना निर्णय है, लेकिन उन्हें यहां के लिए कोई ना कोई प्रबंध करना होगा।”

रिपोर्ट की एक प्रति गुजरात सरकार को भी प्रत्युत्तर के लिए दी गई और उसका यह अनुरोध खारिज कर दिया गया कि रिपोर्ट को मीडिया की दृष्टि से बचाकर गोपनीय रखा जाए। गत सुनवाई में गुजरात सरकार ने यह कहकर रिपोर्ट पर आपत्ति उठाई थी कि जस्टिस बेदी ने मॉनिटरिंग अथॉरिटी के सदस्यों से विचार-विमर्श किए बिना रिपोर्ट प्रस्तुत की है। जस्टिस बेदी ने बैंच को दिए गए नोट में इस आरोप को नकारा यह स्पष्ट करते हुए कि वे रिपोर्ट को अंतिम नहीं मान रहे हैं और यदि कोई आपत्तियां हों तो उन्हें उठाने के लिएइसे केस के दोनों पक्षों से साक्षा कर रहे हैं, चीफ जस्टिस ने रिपोर्ट को साझा ना करने का गुजरात सरकार का अनुरोध निरस्त कर दिया और कहा कि इसने अपना काम शुरू कर दिया है।
कोर्ट ने हालांकि यह स्पष्टकिया कि “हमारे द्वारा स्वीकार करने के बाद ही रिपोर्ट प्रभावी मानी जाएगी।
। कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी द्वारा रिपोर्ट जारी करने के संबंध में उठाई गई इस आपत्ति को भी अस्वीकार कर दिया कि ऐसा करने से उस संभावित आरोपी के केस में पूर्वाग्रह की स्थिति बन जाएगी जिसकी वे पैरवी कर रहे हैं।

रिपोर्ट – जाल खंबाता-राष्ट्रदूत दिल्ली ब्यूरो

बाप ने मासूम बच्चों की इतनी पिटाई की कि बच्चों की म्रत्यु हो गयी।

उदयपुर पोस्ट। जाने लोगों को क्या होता जारहा है, दिल में डर या रहम तो मानो जैसे मर गया हो। लोगों की जान तो मानो इतनी सस्ती हो गयी है की कोई भी कही भी किसी की भी जान लेलेता है। कोई पराया नहीं अब तो अपने ही अपनों की जान के दुश्मन बन गए है।
राजस्थान के उदयपुर जिले में झाडोल गाँव की घटना दिल दाह;ला देने वाली है जिसमे एक पिटा ने अपने दो मासूम बच्चों को इतना पिटा की उनकी जान चली गयी। जानकारी के अनुसार झाड़ोल पुलिस थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत ओगणा के चोकलाबारा गांव में पिता द्वारा अपने दो बच्चों की पिटाई के बाद उनकी मृत्यु होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार देर रात्रि को पिता ने अपने दो मासूम बेटा और बेटी की पिटाई की। पिटाई में बच्चों के गंभीर घायल होने पर उन्हें गुरुवार सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ओगणा लाया गया, जहां पर इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद आरोपि पिता फरार है। पुलिस थाना में मामला दर्ज किया गया है।

पत्नी चाहे तो पति को थप्पड़ मार सकती है क्यूँ कि कोर्ट ने कहा है – पत्नी अगर पति को थप्पड़ मारे तो यह आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं।

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दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि कोई महिला अगर दूसरों के सामने पति को थप्पड़ मारे, तो सिर्फ इस एक घटना को आत्महत्या के लिए उकसावा नहीं मान सकते। पति को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप से महिला को बरी करते हुए हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की।
जस्टिस संजीव सचदेवा ने कहा, सामान्य हालात में दूसरों के सामने थप्पड़ मारे जाने से कोई व्यक्ति आत्महत्या की नहीं सोचेगा। अगर थप्पड़ मारने को उकसावा मानते हैं तो ध्यान रखें कि यह आचरण ऐसा होना चाहिए जो किसी सामान्य विवेकशील इंसान को आत्महत्या की ओर ले जाए।’

कोर्ट ने कहा कि महिला के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने का कोई आधार नहीं है। उसके खिलाफ शुरू केस का कोई परिणाम नहीं निकलेगा। सिर्फ प्रताड़ित करना होगा। हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट द्वारा आईपीसी की धारा 396 के तहत महिला के खिलाफ प्रथम दृष्टया सबूत मौजूद होने की बात कहना पूरी तरह गलत है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार 2 अगस्त, 2015 को महिला के पति ने आत्महत्या का प्रयास किया और उसके अगले दिन अस्पताल में मौत हो गई। सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने पत्नी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया था। ट्रायल कोर्ट ने पाया कि महिला ने 31 जुलाई, 2015 को पति को सबके सामने थप्पड़ मारा था और 2 अगस्त को उसने आत्महत्या का प्रयास किया।

महिला के ससुर ने आरोप लगाया था कि बेटे ने पत्नी की वजह से आत्महत्या की थी। हाईकोर्ट ने कहा कि सुसाइड नोट में थप्पड़ मारने की घटना का जिक्र नहीं था।

सदी की सबसे शर्मनाक घटना – प्रसव के दौरान बच्चे को इतनी जोर से खींचा कि दो हिस्से हो गए, सिर कोख में ही रह गया

Udaipur Post. सदी की सबसे शर्मनाक और घोर लापरवाही की घटना . लापरवाह चिकित्साकर्मियों ने प्रसव के दौरान नवजात बच्चे के पैरों को पकड़कर इतना जोर से खिंचा कि बच्चे के दो तुकडे हो गए . नवजात बच्चे का सर कोख में रह गया और धड अलग हो गया . इस घटना के बारे में सोच कर दिल दहल उठाता है .

दैनिक भास्कर में छापी खबर के अनुसार राजस्थान में जैसलमेर के रामगढ़ के सरकारी अस्पताल में चिकित्साकर्मियों ने प्रसव के दौरान बच्चे के पैर इतनी जोर से खींचे कि उसके दो हिस्से हो गए। बच्चे का धड़ तक का हिस्सा तो बाहर आ गया, लेकिन सिर अंदर ही रह गया। चिकित्साकर्मियों ने परिजनों को कुछ नहीं बताया और महिला को जैसलमेर के लिए रेफर कर दिया। जैसलमेर से जोधपुर भेज दिया गया, जहां पूरे मामले का पता चला।

आखिर हुआ क्या था?

तीन दिन पहले दीक्षा कंवर को प्रसव पीड़ा के बाद उसके परिजन रामगढ़ अस्पताल ले गए। यहां भर्ती करने के बाद चिकित्साकर्मी ने कहा कि मरीज को जैसलमेर ले जाओ, लेकिन परिवार वालों को यह नहीं बताया गया कि प्रसव कराने के दौरान बच्चे का सिर अंदर रह गया है।
रामगढ़ अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डाॅ. निखिल शर्मा ने बताया कि प्रसूता को जब अस्पताल लाया गया था, उस दौरान वहां मौजूद चिकित्साकर्मी उसे प्रसव के लिए प्रसव कक्ष में ले गए। वहां, देखा कि नवजात के पैर बाहर नजर आ रहे थे और वो मृत अवस्था में था। यहां पूरी सुविधा नहीं होने के कारण प्रसूता काे जैसलमेर रेफर किया गया।

जैसलमेर के डॉक्टर ने कहा- मुझे बताया गया डिलीवरी हो गई है

जैसलमेर के जवाहर अस्पताल में चिकित्सक डॉ. रविंद्र सांखला को रामगढ़ के अस्पताल से बताया गया कि महिला की डिलीवरी हो गई है, लेकिन आंवल (गर्भनाल या प्लेसेंटा) अंदर रह गई है। रात एक बजे डॉ. सांखला ने गर्भनाल निकालने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें कुछ समझ में नहीं आया तो उन्होंने महिला की तबीयत को स्थिर किया और अगले दिन सुबह फिर से प्रयास किया, लेकिन फिर कुछ समझ नहीं आया। बाद में महिला को जोधपुर रेफर किया। जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में चिकित्सकों ने महिला के प्रसव किया तो बच्चे का सिर ही निकला।
जवाहर अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ और पीएमओ डॉ. उषा दुग्गड़ ने कहा कि मेरे करियर में कभी भी ऐसा नहीं हुआ। बच्चे के दो हिस्से कैसे हुए, यह जांच का विषय है। रामगढ़ पुलिस जब यहां आई तब मुझे इस घटना की जानकारी मिली। बड़ी बात तो यह है कि रामगढ़ अस्पताल में इतना कुछ होने के बावजूद महिला के परिजनों को कुछ नहीं बताया गया और जैसलमेर रेफर कर दिया गया।

परिजन सिर लेकर पहुंचे थाने

जोधपुर में डॉक्टर्स ने परिवार वालों को बच्चे का सिर सौंप दिया। इसके बाद वे बच्चे का सिर लेकर एफआईआर दर्ज कराने के लिए रामगढ़ पुलिस थाना पहुंच गए। पुलिस ने वहां के चिकित्साकर्मियों से पूछताछ की तो उन्होंने बच्चे का धड़ लाकर दिया। इसके बाद मामला दर्ज किया गया है। उपनिरीक्षक जालमसिंह ने बताया कि बच्चे के दोनों हिस्सों का अलग-अलग पोस्टमाॅर्टम करवाया गया।

कटारिया के मूंह से निकले नफरत भरे बोल – कहते है हर जिले में पाकिस्तान बनेगा, बेटियां पंचर वाले के साथ भागेगीं, हम जैसे लोग मर गए तो भगवान् तुझे कौन बचाएगा .

उदयपुर. मेवाड़ में भाजपा के कद्दावर कहलाये जाने वाले नेता श्री गुलाबचंद कटारिया विधानसभा में लगातार चोथी जीत तो हासिल कर ली लेकिन सत्ता में नहीं आने की खीज अब वह अपने नफरत भरे बोल से निकाल रहे है और अब खुलेआम मुसलामानों के खिलाफ बोलने से भी गुरेज़ नहीं कर रहे है. शायद उन्हें लगता है कि मंदिर मस्जिद, लव जिहाद, पकिस्तान की दुहाई दे कर वह जन समर्थन हासिल कर सकते है. मुसलामानों के खिलाफ अपने बेढंगे बोल बोल कर  हिन्दुओं का समर्थन हासिल कर लेंगे. और तो और कमाल यह है कि जिसने पूरी श्रश्ठी का निर्माण किया उस भगवान् को बचाने की बात कर रहे है .
पूर्व गृहमंत्री और उदयपुर शहर के वर्तमान विधायक गुलाबचंद कटारिया  वल्लभनगर में पाष्र्वनाथ मंदिर में भाजपा के स्नेह मिलन समारोह में अपना भाषण दे रहे थे और इस भाषण में उन्होंने धर्म और जाती का जो ज़हर उगला उसको सुन कर काफी आश्चर्य होता है कि वो नेता जो मेवाड़ में भाजपा का सबसे कद्दावर नेता माना जाता है वह किसी विशेष समाज के लिए इस तरह की भाषा का इस्तमाल कर सकता है .
इन कद्दावर नेता जो पूर्व भाजपा की सरकार में गृहमंत्री भी रहे उनका कहना है कि
“50 साला यही गन्दगी चली ना तो पहले पाकिस्तान रो कर आये अब हर शहर में पाकिस्तान बन जाएगा , और जो मोहल्ला बन गया तो कभी जयपुर देख आना पुराना जयपुर तुम्हारे मंदिर में भगवन रो रहे है पूजा नहीं होती मंदिर की सेवा नहीं हो सकती क्यूँ की वह बस्ती मेंघिर गया है . कभी वो हड्डी के फेकते है . कभी वो मांस के टुकडे डालते है .रोज़ कौन लडेगा लोग खाली कर कर के आगये अपने बाल बच्चों को बचाने के लिए अपनी जवाब बेटी को बचाने के लिए . अभी देखा लव जिहाद क्या है , समझ नहीं आता है क्या यह लव जिहाद . तुम्हारी बेटियां पंचर वाले के साथ भाग रही है अब अगर गलती की तो कोई रास्ता नहीं बचेगा समय निकल गया हाथ से  तो फिर कुछ नही बचेगा “
और आगे सुनिए भगवान से कहते है कि “हम जैसे अच्छे लोग मर गए तो भगवान् तू कहाँ जाएगा ये बता ,.. अगर तुझे बचाना है तो हमारी ताक़त बढ़ा “
यह विचार है इस महान नेता के जो लगातार उदयपुर शहर से 4 बार जीते है . जिन्हें हर धर्म में सम्मान मिला है इसके बावजूद ये कद्दावर नेता मुस्लिम समाज के खिलाफ ज़हर उगल रहे है . शायद इन्हें लगता है कि यह इस तरह की नफरत फैलाएगें और इन्हें वोट मिलेगें वाह वाही मिलेगी. लेकिन उदयपुर की जनता ने इस तरह की नफरत भरे ढकोसलो को हमेशा नकारा है . चाहे यह कद्दावर नेता चुनाव जित गए लेकिन इस तरह यह जनता के प्रतिनिधि कभी नहीं बन सकते .

स्वाइन फ्लू का कहर बरकरार, पांच साल की बच्ची समेत तीन और पॉजिटिव, एमबी में भर्ती दो महिलाओं की हालत नाजुक

शहर की गुरु रामदास कॉलोनी निवासी पांच वर्षीय बच्ची, शक्ति नगर निवासी 61 वर्षीय पुरुष और डूंगरपुर की शास्त्री कॉलोनी निवासी 57 वर्षीय पुरुष में शनिवार को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच स्वाइन फ्लू के बढ़ते केसों से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है।

पिछले पांच दिनों में 13 केस सामने आ चुके हैं, जबकि छोटीसादड़ी के बुजुर्ग की मौत हो चुकी है। एमबी अस्पताल के स्वाइन फ्लू वार्ड में फिलहाल पांच पॉजिटिव मरीज भर्ती हैं। इनमें 27 वर्षीय महिला की हालत नाजुक है। वह दो दिन से वेंटिलेटर पर है, जबकि 69 वर्षीय महिला ऑक्सीजन पर है। डूंगरपुर निवासी 45 वर्षीय पुरुष और 64 वर्षीय महिला का भी इलाज चल रहा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर पहुंचकर स्क्रीनिंग की। फ्लू प्रभावित क्षेत्रों में टेमीफ्लू खिलाई। बता दें कि स्वाइन फ्लू के कारण दाे दिन पहले प्रतापगढ़ में छोटीसादड़ी के सुबी निवासी गरवर सिंह (69) की मौत हो गई थी।

वार्ड में सभी इंतजाम किए हैं

बैंकों में 8 और 9 को रहेगी हड़ताल

उदयपुर | बैंकों का विलय नहीं करने सहित अन्य मांगों को लेकर बैंकों में 8 और 9 जनवरी को फिर हड़ताल होगी। ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉइज एसोसिएशन सहित बैंक एम्पलॉयज फैडरेशन ऑफ इंडिया और केंद्रीय श्रम संगठनों ने औद्योगिक हड़ताल का आह्वान किया है। इसके तहत दो दिन देश के निजी, सरकारी और ग्रामीण बैंकों में कामकाज ठप रहेगा।

राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव, बर्फ जैसी ठंडी हवाओं से छूटी धूजणी।

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उदयपुर। मौसम ने एक बार फिर अपना असर दिखाया है और राजस्थान ठंडी हवाओं की चपेट में आया है। आसमान में बादलों का डेरा है और फ़िज़ां को ठंडी हवाओं ने घेरा है। इन्ही ठंडी हवाओं के चलते जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है।
जम्मू—कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश पर भी पड़ा है और प्रदेश में ठंडी हवाएं चल रही है। राजधानी जयपुर में बीती रात 26 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चली और सुबह से ही 5 किलोमीटर की रफ़्तार से हवाएं चलने का दौर जारी है। जिससे जयपुर के वाशिदों को हाडकंपाती सर्दी का अहसास हुआ।
यही हाल राजस्थान के अन्य शहरों उदयपुर जोधपुर सहित कई शहरों में ठंडी हवाओं का प्रकोप आज सुबह से ही बना हुआ है।
मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ आज शाम तक प्रदेश से निकल जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार जम्मू और कश्मीर और हिमाचाल में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बर्फबारी हो रही है और और विक्षोभ पूर्वी राजस्थान से गुजर रहा है। जिससे पूरे प्रदेश में ठंडी उत्तरी हवाएं चल रही हैं।
झीलों की नगरी उदयपुर में आज की सुबह पूरी तरह से सर्दी में लिपटी नजर आई। सुबह सडकों पर कोहरा दिखा और लोग ठंडी हवाओं से सिकुडते नजर आए। हालांकि धुप ने थोड़ी राहत दी लेकिन हवाओं ने गलन का अहसास भी कराया।
यही नहीं अगर राजस्थान के अन्य हिस्सों की बात करें तो राजस्थान की राजधानी में भी सर्द ठंडी हवाओं का खासा असर रहा वहीँ उतरी भारत में लगातार हो रहे पश्चीमि विक्षोभ के चलते सरहदी जिले व धरो की धरा पोकरण में सर्दी के तेवर तेज हो गए है। अलसुबह से आसमान में हल्का कोहरा व सर्द हवाओं के चलते धूजणी छुड़ा दी है जिससे लोगो की दिन चर्या में बदलाव के साथ ही आम जन को घरों में दुबकने को मजबूर होना पड़ रहा है। रविवार को तेज सर्द हवाओं का दौर जारी रहा। तापमान में लगातार दो दिनों से आई गिरावट ने आम जन का जीवन अस्त व्यस्त कर दिया।
जोधपुर जिले में भी सर्दी का प्रकोप रहा। लोहावट कस्बे सहित आस-पास के क्षेत्र में एक बार सर्दी के तेवर फिर से तीखे हो गए है। सर्दी से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। लोहावट कस्बे में शनिवार रात से ही तेज सर्द हवाएं का दोर शुरू हुआ। जो कि रविवार सुबह भी जारी रहा। सुबह से ही क्षेत्र में हल्का कोहरा भी छाया नजर आया। सर्दी से बचाव के लिए लोग जगह-जगह अलाव तापते नजर आ रहे है।
सीकर के पलसाना क्षेत्र में रविवार सुबह बादलवाही और ठंड के चलते जनजीवन खासा प्रभावित रहा। ठंड ठंड के चलते लोग देर तक घरों में दुबके रहे और बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा सा पसरा हुआ है। देर रात शुरू हुई ठंडी हवाओं ने जनजीवन को खासा प्रभावित कर दिया है वही आसमान में बादल छाए रहने से ठिठुरन भी बढ़ गई और लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं। साथ ही ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा लेकर ठंड से बचने की जुगत करते नजर आ रहे हैं।

पतंगबाज अब्दुल क़ादिर गुजरात में होने वाले 30th अन्तराष्ट्रीय काईट फेस्टिवल में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेगें।

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उदयपुर। अहमदाबाद गुजरात में ६ जनवरी से १४ जनवरी तक होने वाला ३० wवान अन्तराष्ट्रीय काईट फेस्टिवल में राजस्थान का प्रतिनिधित्व उदयपुर के अन्तराष्ट्रीय पतंगबाज अब्दुल कादिर करेगें। फेस्टिवल में कादिर अपने द्वारा निर्मित विभिन्न पतंगों को उडायेगें।
अहमदाबाद में 6 जनवरी से १४ जनवरी तक साबरमती रीवर फ्रंट पर 30 वें अन्तराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। इस पतंग माहोत्सव में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने वाले झीलों की नगरी के अब्दुल कादिर अपनी कला का प्रदर्शन कर स्वयं द्वारा निर्मित पंतगे उड़ायेगे। जिसमें राजस्थानी संस्कृति की झलक बिखेरते हुए मेवाड़ के गौरव महाराणा प्रताप के चित्र वाली पंतग आकर्षण का मुख्य केन्द्र होगी।
इसके अतिरिक्त अब्दुल कादिर द्वारा तैयार विशेष जीवों पर आधारित पंतगें जिनमें बतख, केकड़ा, आक्टोपस, टाईगर, कोबरा व जहाज आकृति की पतंगो के साथ स्वच्छ भारत अभियान, सबका साथ सबका विकास, हिन्दु-मुस्लिम एकता, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश लिखित पंतगे भी उड़ाएगें, साथ ही बच्चो के आकर्षण के लिए एक डोर से स्ट्रार ट्रेन वाली 200 पंतगो का भी प्रदर्शन करेंगे।
काईट फेस्टिवल में लेकसिटी काईट क्लब के अन्य सदस्य मकबुल, जुनेद, शाहबाज भी पंतगबाजी में अब्दुल कादिर का सहयोग करेंगे।
अब्दुल कादिर अन्तराष्ट्रीय पतंगबाज है यह विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाता जागरूकता के लिए कर्णाटक में भी प्रदर्शन करने गए थे वहां के प्रशासन ने इन्हें मतदाताओं को जागरूक करने के लिए आमंत्रित किया था।

सत्ता आते ही कांग्रेसी विधायकों के चड़े तेवर -MLA दिव्या मदेरणा ने सबके सामने पुलिस अधिकारी को दी चेतावनी .

उदयपुर.जैसे ही अब कांग्रेस सत्ता में आई है तो अब कांग्रेसी विधायकों के तेवर बढ़ गए है . ओसियां की विधायक दिव्या मदेरणा का एक विडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है जिसमे वह एक पुलिस अधिकारी को एक तरह से सबके सामने धमका रही है . वायरल वीडियो में विधायक दिव्या ने मथानिया थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह राजपुरोहित को आड़े हाथों लिया। इस वीडियो को उनके समर्थक ने फेसबुक पर शेयर कर रहे है। कुछ लोग के दिव्या की तारीफ कर रहे तो कुछ नसीहत भी दे रहे है।
दरअसल, चुनाव जीतने के बाद पहली बार विधानसभा क्षेत्र पहुंचने पर स्वागत के दौरान विधायक दिव्या मदेरणा के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए तेवर दिखाने का वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
लोगों ने किए ऐसे कमेंट्स
सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने दिव्या की तारीफ की तो कुछ ने नसीयत दी। कई लोगों ने विधायक दिव्या को दबंग की छवि और किसानों हितैषी बताया तो कुछ ने पुलिस अधिकारी को सबके सामने चेतावनी देना गलत बताया।
एक यूजर ने कहा, सही फरमाया आप गलत के खिलाफ हो पर सबूत मिले बगैर उच्च अधिकारी के साथ इस तरह बात करना सही नहीं है। आपकी सबकी अपने अपने लेवल की इज्जत होती है।
दूसरे यूजर ने लिखा, माननीय विधायक दिव्या मदेरणा के दबंग छवि और किसान हितैषी होने पर हमें गर्व है।

देखिये विडियो 

 

शासन की गन है मेरे पास
उम्मेद नगर में ही स्वागत के दौरान विधायक दिव्या ने मथानिया थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह राजपुरोहित को आड़े हाथों लिया और कहा, ओसियां की जनता का जाब्ता चलता है मेरे साथ। पुलिस जाब्ते की मोहताज नहीं हूं मैं। सभी ने गनमैन ले लिए जनता ने जीताकर भेजा है। गनें हैं मेरे पास। शासन की गन है मेरे पास। आपकी गन थोड़े ही है। इसके बाद दिव्या ने थानाधिकारी से कहा, ‘आपके दो-तीन जगह बड़ी शिकायतें हैं। तिंवरी फांटा व मथानिया फांटा पर चालान कर रहे हैं। जुड़ में उम्मेद नगर बाइपास पर 15-20 आदमियों की गैंग हैं, जहां से रात को कोई जाना नहीं चाहता है।थानाधिकारी ने कहा कि वो क्षेत्र उनके क्षेत्राधिकार का नहीं है। तब दिव्या ने कहा, ‘आप अपने डीसीपी से कहिए। आपके यहां की नीचे की व्यवस्था है ना। जितनी भी चौकियां लग रही हैं, कांस्टेबल लग रहे हैं। यह सब सुचारू कर देना। यहां खड़े होकर नोट मांगने का सिस्टम बंद कर देना।
जवाब में थानाधिकारी ने कहा, ‘यदि कोई रुपए लेता है तो वो संबंधित को शिकायत कर सकता है। हमारे लेवल पर है तो आप मुझे बताइए।
इसके बाद दिव्या ने कहा, ‘आप अपने अधिकारियों को बुलाकर मीटिंग ले लीजिए। कहीं भी गड़बड़ है तो कह दीजिए, अब अलर्ट हो जाइए। गवर्नमेंट हेज चेंज्ड एण्ड एमएलए हेज चेंज्ड। वर्र्किंग की जो स्टाइल थी ना ढिलमढिलु, वो बदल दीजिए।’ इतना कहकर विधायक दिव्या अपनी मां लीला मदेरणा के साथ कार में बैठकर रवाना हो गईं।
विधायक के निर्देशों के संबंध में थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह राजपुरोहित का कहना है कि नियम तोडऩे वालों के चालान करना नियम के तहत सरकारी कार्य है। यदि कोई शिकायत है तो वो संबंधित को शिकायत कर सकता है।