लोकतंत्र का महा उत्सव संम्पन्न – जनता ने सीधी उंगली का खूब किया इस्तमाल .

उदयपुर। लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव मतदान दिवस आज संम्पन हुआ। उदयपुर शहर विधानसभा क्षेत्र में लोगों ने उत्साह के साथ मतदान किया। मतदान को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तेद नज़र आया सुरक्षा व्यवस्था चाक चोबंद की गयी थी। युवा और महिलाओं ने पुरे उत्साह के साथ ज्यादा वोटिंग की। ईवीएम मशीनों में वीवी पेड़ लगाए जाने के कारण मतदान में समय कुछ ज्यादा लगा जिसकी वजह से कई केन्द्रों पर शाम पांच बजे बाद भी वोट डाले गए।
लोकतंत्र का उत्सव मतदान का दिन जहाँ एक तरफ राजनैतिक पार्टियों की किस्मत के फेसले का दिन था वहीँ आम मतदाता के लिए अपने हक का दिन रहा। उदयपुर शहरी विधानसभा क्षेत्र में सुबह आठ बजे से वोटिंग शुरू हो गयी थी। सुबह सर्दी के कारण ८ से ९ बजे के बिच एक घंटा  मतदान धीमा रहा और वोटिंग 2 से 4 प्रतिशत ही रही लेकिन 9 बजे के बाद महिलाओं और युवाओं की भीड़ मतदान केंद्र पर बढ़ने लगी १२ बजे तक लगभग शहरी विधान सभा क्षेत्र के अधिकतर बूथों पर लाइने लगी रही १२ बजे तक कई मतदान केन्द्रों पर 30 से अधिक मतदान हो चुका था। शहर के अंदरूनी इलाके जगदीश चोक, मुखर्जी चौक, रावजी का हाटा घंटाघर , धोली बावड़ी आदि जगह मतदाताओं में खासी उत्साह देखा गया। कई लोग अपने बूढ़े माँ बाप दादा दादी को सहारा देकर व्हील चेयर पर बैठा कर मतदान केंद्र तक लेकर आये। सुबह जल्दी एक तरफ जहाँ महिलाओं के तादाद केन्द्रों पर अधिक देखि गयी वहीं दिन में तीन बजे के बाद पुरुषों की संख्या ज्यादा देखि गयी। सभी प्रत्याशी दिन भर मतदान केन्द्रों पर चक्कर काटते रहे।
बूथों पर कार्यकर्ता जमे रहे देर शाम तक :
भाजपा कांग्रेस के कार्यकर्ता अपने अपने बूथों पर पूरी तरह मुस्तेद रहे। इस बार कांग्रेसी कार्यकर्ता कुछ ज्यादा मुस्तेद नज़र आये  यहाँ तक कि खेमपुरा हिरणमगरी जैसी जगह जहाँ भाजपा मजबूत स्थिति में मानी जा रही है वहां पर कांग्रेसी कार्यकर्ता सुबह छह बजे उठ कर आगये और अपने अपना बूथ संभाल लिया जब की भाजपा के कार्यकर्ता आठ बजे बाद आये। मतदान केंद्र से पार्टी के बूथ दूर होने की वजह से कही भी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। जब तक की एवीएम मशीने सिल बंद हो कर रवाना नहीं हो गयी वहां तक कार्यकर्ताओं ने बूथ नहीं छोड़ा। कांग्रेस पार्टी को जहाँ से अपनी बढ़त की उम्मीद थी वहां गड़बड़ी ना हो इस आशंका पर उसने कार्यकर्ताओं की एक एसी टीम भी तय्यार रखी जो ईवीएम मशीनों को स्ट्रोंग रूम तक लेजाने तक पीछे पीछे चलती रही।
जनता सेना और निर्दलीय उम्मीदवार के बूथ भी शहर के 46 वार्डों में से अधिकतर जगह लगाए गए थे। हालाँकि उनके बूथों पर कार्यकर्ताओं की कमी नज़र आई।
धीमी वोटिंग के कारण रात आठ बजे तक चलता रहा मतदान :
इस बार एवीएम मशीनों के साथ वीवी पेड़ भी लगाए गए थे और इसी वजह से हर एक वोट डालने में 15 से 30 सेकण्ड का समय अधिक लगा इस वजह से अधिकतर मतदान केंद्र पर मतदान धीमा रहा। सेक्टर 4 में गुरुनानक स्कूल में मतदान प्रक्रिया इतनी धीमी थी कि एक केंद्र में तो २ बजे तक मात्र 28 प्रतिशत ही वोट डाले जा सके।  ऐसे ही हाल पुला में मुखर्जी चोक में भी रहे। शहर के कई मतदान केन्द्रों पर ८.३० ९ बजे तक एवीएम खराब होने की वजह से शुरू नहीं हो सकी बदले जाने के बाद ही शुरू की गयी। धीमे मतदान और एवीएम में खराबी के कारण कुछ जगह पर मतदान रात आठ बजे तक भी चलता रहा। पांच बजे तक जो मतदाता मतदान केंद्र के क्षेत्र में आगये थे वे मतदाता लाइन में खड़े रहे और उन्होंने पांच बजे के बाद भी अपने मत का प्रयोग किया।
सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता :
मतदान को लेकर पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मुस्तेद रही। चुनाव आयोग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव के लिए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये हैं। इसके लिए सिविल पुलिस के अलावा भारी संख्या में होमगार्ड और केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान भी तैनात किये गये थे। मुखार्जिचोक जगदीश चोक मगरी स्कूल आदि कई जहग सशश्त्र सुरक्षा बल मतदान केंद्र के बाहर ही मुस्तेद रहे। बिना वोटर स्लिप के किसी को आने नहीं दिया गया। विभिन्न स्कूलों के स्काउड छात्र भी मतदान केन्द्रों पर तैनात थे जिन्होंने मतदाताओं की हर सहायता की।  पुलिस और सुरक्षाबलों की मुस्तेदी के कारण शहर में कही से कोई अप्रिय समाचार नहीं मिले। इक्का दुक्का नारे बाजी की घटना को छोड़ कर कही भी कोई कार्यकर्ता आमने सामने नहीं हुए।
आचार संहिता की अनदेखी लक्ज़री वाहनों में आये मतदाता :
जहाँ प्रशासन और चुनाव आयोग सक्रीय है वही पार्टियों के कार्यकर्ता भी पूरी तरह जमे हुए रहे। सुबह १० बाद से ही लक्ज़री वाहनों में मतदाताओं को लाया जा रहा था। लाते और ले जाते समय कई मतदाताओं को उनकी इच्छा के अनुसार चाय नाश्ता भी करवाया गया। अंदुरनी शहर में अपना पुश्तेनी घर छोड़ कर शहर के बाहर की कोलोनियों में रहने वालों के लिए विशेष वाहनों की व्यवस्था पार्टी के कार्यकर्ताओं ने की थी।

उदयपुर में चुनावी रैली में शामिल कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर किया पथराव।

Udaipur Post. उदयपुर के खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र मेंं सोमवार को भारतीय ट्राइबल पार्टी के प्रत्याशी श्रवण परमार के समर्थन में निकाली जा रही वाहन रैली में शामिल कार्यकर्ताओं ने जमकर उत्पात मचाया। उपखण्ड निर्वाचन अधिकारी ने बिना अनुमति के वाहन रैली निकालने पर पहाडा थानाधिकारी को जाब्ते के साथ रैली रूकवाने के निर्देश दिए थे। पुलिस महुडी गांव के पास पहुंची जहां पर रैली निकल रही थी। पहाडा पुलिस ने रैली को रूकवाकर बातचीत शुरू की तभी रैली में शामिल बीटीपी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की जीप को कार से टक्कर मार दी और पथराव शुरू कर दिया। जाब्ते में शामिल पुलिस जवानों को भागकर दुुकानों में छि‍पकर जान बचानी पडी। सूचना पर दूसरे थानों का जाब्ता मौके पर पहुंचा तब तक रैली में शामिल कार्यकर्ता मौके से भाग निकले। पथराव में आधा दर्जन लोग घायल हुए हैंं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पथराव की सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।

कटारिया की समाज वाली राजनीति कितनी सही ? एक समाज को प्यार दुसरे को ललकार एक ।

उदयपुर। विधानसभा चुनाव के मतदान में आखरी 4 दिन बचे है। दोनों पार्टियां सहित निर्दलीय अपना प्रचार पुरे दम खम के साथ कर रहे है। जहाँ एक तरफ कांग्रेस की गिरजा व्यास अपना जनाधार मजबूत करती दिखाई दे रही है वही भाजपा के गुलाबचंद कटारिया अपने आखरी चार दिनों की चोकड़ी बैठाने में लगे हुए है और उनमे सबसे मुख्य है समाजों के साथ बैठक लेकिन इस बार जैन समाज को आज एक वाटिका में बुलाया गया जहाँ पर बोज भी रखा और खुल कर एक जैन समाज के व्यक्ति को जिताने की बात भी जन प्रतिनिधि करते हुए दिखाई दिए। लेकिन इस बार कटारिया को राजपूत समाज का खासा विरोध झेलना पड़ रहा है। ओरियंटल पैलेस में राखी गयी राजपूत समाज की बैठक में चंद लोग ही पहुचे मुख्य समाज जन अपनी नाराजगी ज़ाहिर करते हुए बैठक में नहीं आये। मेवाड़ क्षत्रिय महा सभा ने भी खुला विरोध कर दिया महामंत्री तनवीर सिंह क्रश्नावत से साफ़ टूर पर कह दिया कि इस बार हमारा वोट कमल के फूल को नहीं जाएगा।

देखियेइस सन्दर्भ में विडियो

बीजेपी वोट के लिए संपर्क नहीं करे – विश्व विद्यालय के 1200 पेंशनर्स ने घरों के बाहर लगाया बोर्ड

Udaipur Post करीब 30 माह से पेंशन नहीं मिलने से नाराज प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोला है। पहले चरण में सभी ने अपने घरों के बाहर सूचना चस्पा की है-‘मैं कृषि विवि का पेंशनर हूं। बीजेपी वाले वोट के लिए संपर्क नहीं करें। इसी के साथ आगामी विधानसभा चुनाव में परिवार सहित भाजपा के पक्ष में मतदान नहीं करने का निर्णय किया गया है। | महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि पेशनर्स कल्याण समिति के उपाध्यक्ष प्रो. पीसी कंठालिया ने कहा, इस विरोध अभियान में उदयपुर, जोधपुर, जोबनेर और बीकानेर कृषि विवि के पेंशनर्स भी शामिल हैं जबकि कोटा विवि के पेंशनरों का समूह सोमवार को फैसला करेगा।चारों विवि में करीब तीन हजार से अधिक पेंशनर्स हैं जिन्होंने भाजपा के पक्ष में मतदान नहीं करना तय किया गया है। उदयपुर में एमपीयूएटी के करीब 1200 पेंशनरों ने घरों के बाहर भाजपा विरोध की सूचना लगा दी है। प्रो. कंठालिया का कहना है कि उदयपुर में करीब सात माह से तो जोबनेर,जोधपुर और बीकानेर के पेंशनर्स को 30 माह से पेंशन नहीं मिल पाई है।
सरकार से हमें जवाब मिला कि । विश्वविद्यालय स्वायत्त संस्था हैं, इसलिए इस पेंशन का जुगाड़ खुद विवि ही करें। ऐसे में उदयपुर में विवि के सामने सिर्फ अपनी जमीन बेचने के अन्य कोई विकल्प नहीं रहा। लेकिन यूआईटी अब तक जमीन को लेकर बैठी है, न जमीन बिक रही और न हमारी पेंशन मिल रही है। जोबनेर, जोधपुर और बीकानेर में तो स्थितियां
भयंकर हो गई है। कई सेवानिवृत्त | प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर को पेंशन

की पहली किश्त भी हाथ नहीं लगी | और उनका स्वर्गवास हो गया।
परिवार भी देगा साथ । बताया गया कि इस चुनाव में भाजपा । के विरोध में इन 3000 पेंशनर्स के
परिवारजन भी शरीक हैं। इतना | ही नहीं वर्तमान में ऐसे सेवारत कर्मचारी जिनकी सेवानिवृत्ति भी करीब है, वे भी इस अभियान से जुड़ने की तैयारी में है। बता दें, पेंशन के इस अभियान में पूर्व में हुए आंदोलनों | में पेंशनर्स के परिजनों ने भी पूरा
सहयोग किया था।

राहुल गांधी ने ब‍िजनेसमैन और प्रोफेशनल्‍स के सवालों के जो जवाब द‍िए, उसे आप भी जरूर सुनना चाहेंगे

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Udaipur Post कांग्रेस के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राहुल गांधी का शनिवार को आरसीए काॅलेज सभागार में संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। राहुल गांधी ने शहर के चुनिंदा 400 लोगों में व्यापारी,डाॅक्टर,अधिवक्ता,स्टूडेंट और युवाआेें से संवाद क‍िया। लोगों के सवाल और राहुल के जवाब
उद्योगपति केएस मोगरा : छह करोड़ व्यापारियों की तरफ से बोल रहा हूं, उनको कोई धणीधोरी नहीं है, हमारे नीतिगत निर्णय मिनस्ट्री ऑफ इंटरनल ट्रेड देश के साथ राज्यों में भी हो
जवाब राहुल : हिन्दुस्तान के बैंकिंग सेक्टर में 12 लाख करोड़ एनपीएज है आज, पिछले तीन चार साल में मोदी सरकार ने 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए कर्जा माफ किया है, बारह और साड़े तीन लाख कितने लोगों का कर्जा है, राहुल बोले 15 से 20 लोगों का, अनिल अम्बानी 45000 करोड़, एक नरेगा को चलाने में 35000 करोड़ साल में लगते है, नीरव मोदी35000 करोड़, मेहुल चौकसी, विजय माल्या 10 हजार करोड़ रुपए है,  गब्बर सिंह टेक्स हिन्दुस्तान की रीढ़ की हड्डी को तोडऩे का तरीका था, इसलिए तोड़ रहे कि बड़े 15 उद्योगपतियों को अंदर घूसने का रास्ता मिले, यह सच्चाई है।
प्रो. तराना परवीन, एमजी कॉलेज: सवाल: आज हमारे देश की कई यूनिवसिर्टीज में आदर्श बहू के कोर्सेस चलाए जा रहे हैं लेकिन जरूरत ऐसे कोर्सेस की नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण के कोर्सेस कॉलेजेज व यूनिवर्सिटीज में चलाए जाने की आवश्यकता है, को-एजुकेशन और गल्र्स कॉलेजेज दोनों में। ऐसे कोर्सेस को कम्प्लसरी किए जाने की जरूरत है ताकि वे अपने बारे में सोच सकें। लड़कियों को सोचने की आजादी हो, वे अपने हिसाब से कदम उठा सकें, उनके घर में पिता या भाई उन्हें गाइड ना करें कि किस पार्टी को वोट करना है। अल्पसंख्यक स्कॉलरशिप बंद कर दिए गए हैं जो कि दु:खद है। लड़कियों ने फॉम्र्स भरने बंद कर दिए हैं। ऐसे कोर्सेस बंद कर के क्या आप महिला सशक्तिकर
जवाब- इस बारे में मैं बहुत स्पष्ट हूं। बिना महिला सशक्तिकरण के हम अपना समय बर्बाद कर रहे हैं। ये इसलिए नहीं कि महिलाएं 50 प्रतिशत हैं इसलिए उन्हें सशक्त करने की जरूरत है। बल्कि महिलाएं बहुत सेंसिटिव हैं, केयरिंग की भावना पुरुषों से ज्यादा होती है। उनमें कुछ अधिक ताकत हैं। महिलाएं नेतृत्व मेंं होने चाहिए, संसद में, कंपनी के उच्च पदों पर, यूनिवर्सिटीज, कॉलेजेज में सभी जगह होनी चाहिए। हम झांसी की रानी का सम्मान करते हैं, लेकिन हम अपनी महिलाओं को बोलते हैं कि उसकी तरह मत बनो। ये केंद्र में जो बीजेपी सरकार है उसका अंतर्विरोध है।
प्रो. संजय लोढ़ा- सवाल – आम्र्ड फोर्सेस के जो चीफ हैं , वो पॉलिटिकल में प्रवेश कर रहे हैं। वे सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में बोल रहे हैं, वे राफेल डील के बारे में बोल रहे हैं। आर्मी को हमेशा से अलग रखा जाता था, लेकिन आज वे राजनीति में प्रवेश कर रही है। आपकी पार्टी इस बारे में क्या करेगी कि आम्र्ड फोर्सेस पॉलिटिक ल एरीना में प्रवेश नहीं करे।
जवाब : नरेंद्र मोदी आम्र्ड फोर्सेस से मिलते हैं, उनके पास जाते हैं और उन्हें वैसा करने को कहते हैं जैसा वे चाहते हैं। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक को रूप दिया। ये आर्मी का डिसीजन नहीं था। वे उन्हें करने के लिए जैसा बोलते हैं, आर्मी वैसा करती है। जबकि राजनीति का आर्मी में कोई दखल नहीं होना चाहिए, इससे उन्हें दूर रहना चाहिए। अगर आर्मी बोलती है कि हमें ऐसा करना है तो हमें उनके निर्णय का सम्मान करना चाहिए। वो हमसे ज्यादा जानते हैं कि क्या करना है। ये प्रधानमंत्री के दिमाग में है कि वे आर्मी से ज्यादा जानते हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए। उन्हें लगता है कि पूरा का पूरा ज्ञान उनके दिमाग से निकलता है। रात को 12 बजे नोटबंदी करते हैं और कैबिनेट को कुछ पता नहीं था, क्योंकि उन्हें लगता है कि सारा ज्ञान उनके पास है। जबकि मैं यहां समझने आया हूं। मुझे लगता है कि ये लोग मुझसे ज्यादा जानते हैं।
डॉ. आनंद गुप्ता: भारत की सवा सौ करोड़ की जनता में हम डॉक्टर्स 15 लाख हैं, वोट बैंक ना होने के कारण भी क्या हम आपके लिए महत्व रखते हैं?
जवाब: मैं आपको बताता हूं कि आप महत्व इसलिए रखते हैं कि हैल्थ केयर आज सबसे बड़ी जरूरत है देश की। अगर मेरा देश दर्द में है तो कौन उसकी मदद करेगा। डॉक्टर्स और टीचर्स बहुत महत्व रखते हैं। राजनीतिक तौर पर आप अपनी बात को भले ही नहीं रख पाते हैं लेकिन आपके पास राजनीतिक ताकत है और मुझे ये समझने की जरूरत है। वोट बैंक को ओवर एस्टीमेट ना करें। सभी दलित समान तौर पर वोट नहीं देते, अल्पसंख्यक नहीं करते और ना ही अपर क्लास करता है। वोट बैंक पावरफुल नहीं है जबकि मेरे लिए पावरफुल है कि आप लोगों का सम्मान करें, आप उनकी सुनें और उनकी मदद करें।

छवि जैसी गढ़ी है भाजपा ने राहुल की उससे अलग और परिपक्व लगे

सुविवि में राजनीति विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. संजय लोढ़ा ने बताया बीजेपी राहुल की एक छवि प्रस्तुत करती रही है जिससे लगे कि वे अपरिपक्व हैं। चीजों को समझते नहीं हैं। पर जिस विश्वास, ज्ञान, आत्मीयता से राहुल ने सभी लोगों के प्रश्नों के जवाब दिए, वे राजनैतिक रूप से काफी परिपक्व हैं।

लोकसंवेदना की काफी समझ है राहुल में

सुविवि में संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. नीरज शर्मा ने बताया कि लोकतंत्र में राजनेताओं के लिए लोक संवेदना की पकड़ और समझ होना बहुत जरूरी है। राहुल के संवाद में यह देखने को मिला।

संवाद में उनकी सोच और विजन काफी व्यापक

सुविवि के लोक प्रशासन विभाग के असि. प्रोफेसर डॉ. गिरिराज सिंह चौहान ने बताया संवाद में उनकी सोच और विजन गहरा और व्यापक लगी। वे देश का नेतृत्व करने को तैयार लगते हैं। काफी भिन्न और विजनरी लगे।

अमितशाह के रोड शो में गावों की जनता को क्या कह कर लाया गया आप खुद देखिये .

विधानसभा चुनाव है और इस चुनावी मौसम में अपनी सभाओं और रोड शो में दोनों राजनैतिक पार्टियां गावों की भोली भाली जनता को तरह तरह की बाते बना कर सभाओं में लेकर आती है। सभाओं में लाने के लिए उनके लिए वाहन तो उपलब्ध करवाया ही जाता है साथ ही उन्हें दिहाड़ी का कुछ शुल्क भी दे दिया जाता है।
उदयपुर जिले की आठ विधानसभा में खड़े भाजपा के प्रत्याशियों के समर्थन के लिए लिए, दो दिन पहले उदयपुर शहर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का रोड शो करवाया गया था। रोड शो में शहर की जनता तो ज्यादा जुड़ नहीं पायी लेकिन जो गावों से जनता लायी गयी थी वह भी क्या कह कर लायी गयी यह आप इस वीडियो में देखिये।
गावों से लायी गयी जनता को पता ही नहीं की उन्हें किसके कार्यक्रम में लाया जारहा है। कुछ को मोदी जी को दिखाने के लिए तो किसी को बस में घुमाने के लिए लेकर आया गया। देखिये आप खुद इस वीडियो में।

 

कांग्रेस आतंकियों को खिलाती थी बिरयानी हम सीधे गोली ठोकते है – योगी ( Udaipur Raajasthan )

उदयपुर। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री तथा भाजपा के स्टार प्रचारक आदित्यनाथ योगी ने बुधवार को उदयपुर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मेवाड की धरा पर चल रहे चुनावी प्रचार में ’हिन्दुत्व’ की फ़िज़ा घोल दी।
अपने निर्धारित समय से लगभग दो घंटा देरी से यहां फतह सैकण्डरी स्कूल प्रांगण पहुंचे योगी के सभा स्थल पहुंचते ही सभास्थल जय श्रीराम और योगी-योगी के नारों से गूंज गया। योगी की यह सभा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार अपरान्ह ३ बजे तय थी, लेकिन वे ५ बजकर ४४ मिनट पर सभास्थल पहुंचे। जहां उनकी अगवानी की रस्म के बाद ५.४५ पर शुरू हुआ उनका उदबोधन ६ बजे समाप्त हुआ। अपने १५ मिनट के भाषण में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार द्वारा केन्द्र एवं राज्य में करवाए गए कार्यो एवं उपलब्धियों का बखान करते हुए कांग्रेस को भ्रष्ट एवं वंशवादी पार्टी करार दिया।
उन्होंने कहा कि १७ बार पराजय के उपरांत भी कांग्रेस चुनाव लडकर अपना उपहास करवा रही है। योगी ने कहा कि भाजपा के सुशासन का ही परिणाम है कि कांग्रेस के शासन में जिन पूर्वोत्तर राज्यों में हमें परमिट के माध्यम से प्रवेश मिलता था जबकि वे देश के अभिन्न अंग थे और आज स्थिति यह है कि पूर्वोत्तर के लगभग सभी राज्यों में भाजपा की सरकार है।

उत्साह से भरे योगी ने कहा कि मैंने छत्तीसगढ एवं मध्यप्रदेश का हाल ही में चुनावी दौरा किया, वहां भाजपा की लहर है तथा उन दोनों राज्यों में भाजपा चौथी बार सरकारें बनाने जा रही है। उन्होंने सभा में उपस्थित लोगों के उत्साह को देखते हुए कहा कि राजस्थान में भी दूसरी बार भाजपा की सरकार बनना तय है। उन्होंने मंच से आव्हान किया कि कोई भी राष्ट्रभक्त इस बार कांग्रेस को वोट नहीं देगा। कांग्रेस ने देश को काफी क्षति पहुंचाई है। इसलिए अब कांग्रेस के नेताओं को चिल्ला-चिल्ला कर वोट मांगने पडे रहे है। योगी ने कहा कि कांग्रेस के शासन में किसान, मजदूर, युवा तथा महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों का हनन हुआ है।
योगी ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर देश में आतंकवाद, नक्सलवाद तथा अलगाववाद का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक शासन में रहकर देश को कमजोर ही किया है। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास न तो देश में प्रधानमंत्री के लिए कोई चेहरा है टौर न ही मुख्यमंत्री लिए कोई योग्य प्रत्याशी है। जो है वे भी आपस में ल$ड रहे है। उन्होंने कहा कि कांगे्रेस आतंकवादियों को बिरयानी खिलाती थी हम सीधा उन्हें गोली मारते है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नाजायज उपज से भाजपा को जूझना पड रहा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि राहुल गांधी पर स्वयं कांग्रेस के नेताओं को विश्वास नहीं है। वे जिस जगह सभा को संबोधित करने जाते है वहां कांग्रेस की हार होती है। उन्होंने राहुल को अब राजनीति छोडकर नानी के घर जाने की सलाह दे डाली। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर स्वयं के कार्यकर्ताओं को भरोसा नहीं है तो राजस्थान की जनता कांग्रेस पर भरोसा क्यों करें। योगी ने मंच से उदयपुर शहर प्रत्याशी गुलाबचंद कटारिया तथा उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र प्रत्याशी पू*लसिंह मीणा को विजयी बनाने का आव्हान करते हुए कहा कि कांग्रेस को अली मुबारक हमारे बजरंग बलजी उद्घारक, योगी के इस वाक्य पर सभास्थल जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा तथा भगवा झंडे लहराने लगे।
जोश से भरे योगी ने जन मैदिनकी का उत्साह देखते हुए कहा कि इस बार कांग्रेस प्रत्याशियों की जमानतें जप्त होनी चाहिए तथा कांग्रेस मुक्त भारत हो जाना चाहिए। सभा में कई महिला कार्यकर्ता केसरिया साफे बांधे नजर आई जबकि कई युवक केसरिया टी शर्ट पहने भी दिखाई दिए। सभास्थल पर भाजपा के झंडों के अलावा केसरिया ध्वज भी लहराते हुए देखे गए। आयोजकों ने सभा के लिए लगभग १५ हजार कार्यकर्ताओं के आने की संभावना जताई थी जबकि सभा में लगभग ५ हजार की भीड जुटी जिसमें अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों से आए स्त्री-पुरूष थे जिन्हें बसों द्वारा सभास्थल तक लाया गया था। सभास्थल पर पहुंचे योगी का भाजपा पदाधिकारियों ने तलवार भेंट कर अभिनंदन किया।

लोकेन्द्र सिंह कालवी ने CM राजे को बताया सांप की मौसी


श्री करणी सेना के संयोजक लोकेन्द्र सिंह कालवी ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ विवादित बयान दिया है। मुख्यमंत्री को परोक्ष रूप से उन्होंने सांप की मौसी कहते हुए आगामी चुनावों में भाजपा को हराने की बात कही है। कालवी आज सीकर में सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। जहां उन्होंने झालरापाटन में दो या तीन दिसंबर को अपनी प्रस्तावित सभा का जिक्र किया था।
इसी समय जब पत्रकारों ने उनसे झालरापाटन में सभा का कारण पूछा तो उनका कहना था कि ‘सांप की मौसी को मारना है’। कहा कि वह वहां समाज के मानवेन्द्र सिंह का समर्थन करेंगे। इससे पहले कालवी ने भाजपा हराओ, देश बचाओ का नारा देते हुए भाजपा को दलित और सर्वर्ण के नाम पर समाज को बांटने वाली पार्टी बताया। कहा कि पहले किसी ने दलित और सवर्ण शब्द सुना तक नहीं था। लेकिन, यह भाजपा की देन रही।

राममंदिर के मुद्दे पर कहा कि केंद्र सरकार जब एससी एसटी के मुद्दे पर अध्यादेश ला सकती है तो राम मंदिर पर क्यों नहीं ला रहीï? कहा कि यह सब राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए किया जा रहा है। प्रेसवार्ता में कालवी ने लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में भाजपा की हार की वजह करणी सेना का समर्थन नहीं मिलना बताते हुए आगामी चुनावों में भी ऐसी ही पटखनी देने का दंभ भी भरा।

आखिर क्यूँ नाराज़ है राजपूत समाज भाजपा से ,.. विडियो में देखिये .

 

 

When The Policeman Says – “I GIVE UP”

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We were travelling to south and this is what we saw. On being asked the obvious question – what happened – the gentleman said – no – not the one sitting on the motorcycle, but the one standing with folded hands, “Sir, I am pleading him not to use motorcycle as his car. He seems to be not understanding that a two-wheeler is of ‘2-wheels’, so five people can’t sit. I am not able to understand how he decided to travel like this, risking all his family. Tomorrow if something happens, they will blame Police for not maintaining law & order. But he seems to be adamant on me to not take fine (challan) but let him go. I GIVE UP”.

Well, never thought that this sight would be the only common sight in Udaipur and other smaller cities of Rajasthan and many more Indian States. We seem to be enjoying such violations.

We tend to take all rules on a ‘ride’ and yet accuse the law-makers for not implementing and taking action against the culprits.  Many times we convince ourselves of doing right, for a wrong, by thinking everyone is doing the same. But tomorrow, if some untoward incident happens, will we be able to again take the pretext of all the others. The damage would be only ours and rest will only come for giving consolation.

Please Note : It would not help if we push out two-wheelers manually while exiting the townships – just to satisfy the security guards (don’t want to write fool the security guards)  and then drive without wearing helmet along with 2 pillion riders. And while coming back, again stop the two-wheeler just outside the gate, pull it manually inside the gate, and then once security gate crosses, ride it proudly with the same 2 pillion riders and without helmets.

Some rules are life rules, you break them and be prepared for something that is known to happen.

Be Safe Zindagi is an initiative by Hindustan Zinc to bring road safety and awareness beyond the boundaries of the Company.

अमित शाह का रोड शो – क्या गुलाबचंद कटारिया अपनी सीट पर असुरक्षित है ?

उदयपुर। उदयपुर जिले की आठ विधानसभा के समर्थन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का रंगारंग रोड शो करवाया गया। रोड शो में युवाओं के लुभाने के सारे ताम मौजूद थे। टाउन हॉल से शुरू हुए इस रोड शो में जगह जगह जगह भाजपा की अलग अलग इकाइयों द्वारा स्वागत किया गया। जिले की आठों विधान सभा के प्रत्याशी अपने साथ अपने समर्थक भी लेकर आये थे जिन्होंने रोड शो में भीड़ बढ़ाने का खासा काम किया। इधर विरोधियॉं का कहना है कि शहर में भाईसाहब की स्थिति कमजोर हो गयी है इसलिए अमितशाह का रोड शो करवाया गया है। एंडिंग पॉइंट से पहले ही अमित शाह का रोड शो से उतर कर चले जाना भी काफी चर्चाओं में बना रहा। हालाँकि माना जा रहा है कि समय या आचार संहिता की वजह से अमित शाह को रोड शो छोड़ कर जाना पडा।
मंगलवार शाम चार बजे टाउन हॉल प्रांगण ग्रामीण कार्यकर्ताओं से भरा हुआ था। युवा मोर्चा और केसरिया साफा बंधे महिला मोर्चा की कार्यकर्ता अलग ही दिखाई पढ़ रही थी। मौका था अमित शाह के रोड शो का जिसमे अमित शाह उदयपुर जिले की आठ विधानसभा उदयपुर शहर, उदयपुर ग्रामीण, सलूम्बर, झाड़ोल, गोगुन्दा, खेरवाड़ा, वल्लभनगर और मावली के प्रत्याशियों का मनोबल बढ़ाने और भाजपा के पक्ष में वोट की अपील करने के लिए आये थे। अमित शाह को आना था ४.३० बजे लेकिन समय से करीब सवा घंटा देरी से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। रोड शो के लिए बनाये गए स्पेशल रथ जो फूल मालाओं और बैनर पोस्टर से सजा रखा था उस पर सवार हो गए। उनके साथ उदयपुर शहर प्रत्याषी गुलाबचंद कटारिया, ग्रामीण प्रत्याशी फूलसिंह मीणा, मावली प्रत्याषी धर्मनारायण जोशी, देहात जिलाध्यक्ष गुणवंत सिंह झाला, शहर अध्यक्ष दिनेश भट्ट आदि मौजुद थे। अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष को देखने के लिए पार्टी के कार्यकर्ताओं में खासा जोश खरोश देखा गया। करीब छह बजे अमित शाह टाउन हॉल से निकल कर रथ पर सवार बापू बाजार में आये वहां से सूरजपोल अस्थल मंदिर, मुखर्जी चैक, बड़ा बाजार, घंटाघर, हाथीपोल अश्विनी बाजार होते हुए देहलीगेट और पुनः टाउन हॉल पहुंचे जहाँ सबका अभिवादन कर समापन किया।

रोड शो के दौरान भाजपा के कार्यकर्ता और भाजपा की ही अलग अलग इकाइयों द्वारा रास्ते भर स्वागत किया गया पुष्प वर्षा की गयी। रोड शो में युवाओं को लुभाने के लिए करीब पांच छह डीजे का इंतजाम भी किया था जिस पर डांस करते हुए युवा चल रहे थे। जगह – जगह पुष्प वर्षा का स्वागत को देखकर पार्टी के नम्बर वन नेता भी काफी अभिभूत हुए। वहीं गुलाबचंद कटारिया माईक से लोगों का अभिवादन भी स्वीकार कर रहे थे और रथ से साईड में रहने की हिदायत भी दे रहे थे। रास्ते भर अमित शाह जनता का अभिवादन करते रहे।
भाईसाब की गिरती साख को बचाने बुलाया अमितशाह को :
अमितशाह के रोड शो के साथ में चर्चा है कि शहर में भाईसाब की स्थिति गिरजा व्यास के सामने कमजोर हो रही है और इसी को बचाने के लिए अमित शाह को बुलाया गया है। विपक्ष और विरोधियों का कहना है इसी वजह से ही योगी आदित्यनाथ की सभा का आयोजन भी रातों रात किया गया।
लाये गए लोगों को नहीं पता क्यों आये है :
उदयपुर जिले की आठों विधानसभा के सभी भाजपा प्रत्याशी उदयपुर आये और अपने साथ समर्थक भी लेकर आये। जब साथ आये समर्थकों से पूछा गया कि वे यहाँ पर क्यों आये है तो उनका कहना है की यहाँ पर कोई मीटिंग होने वाली है इसीलिए हमे यहाँ लाया गया। किसी ने बताया कि मोदी जी आने वाले है इसलिए आये है हमे मोदी के लिए कह कर लाया गया है।