शिक्षा डिग्री प्राप्ति के साथ जीवन निर्माण का भी लक्ष्य बनें- उरांव

सुविवि में अजा जजा के ४५३ विद्यार्थी सम्मानित
उदयपुर, मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय के अजा जजा प्रकोष्ठ के तत्वावधान में रविवार को सम्मान समारोह आयोजित किया गया इसमें अजा जजा के ४५३ प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जजा आयोग के अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने कहा कि सरकार द्वार आदिवासी क्षेत्रों के लिए आवंटित रााशि का पूरा और प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए ताकि इस वर्ग को इसका पूरा लाभ मिल सके। उन्होंने सम्मानित विद्यार्थियों से कहा कि आज जमाना बदल गया है प्रतियागिता भी बढ गई है इसके लिए खुद को तैयार करना होगा। उन्होंने विवकानन्द को उदृत करते हुए कहा कि शिक्षा को केवल डिग्री ओर रोजगार तक सीमित ना रख कर इससे जीवन निर्माण भी हो ऐसा लक्ष्य होना चाहिए। उरांव ने कहा कि आप चाहे राजनीति का हिस्सा ना बने लेकिन स्वयं को इतना सशक्त बनाएं कि आप सब राजनीति में बदलाव का कारक बन जाएं। आरक्षण की बात पर उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और सत्ता में भागीदारी के लिए आरक्षण आवश्यक है। इस अवसर पर मानव संसाधन विकास मन्त्रालय के संयुक्त सचिव आर पी सिसोदिया ने कहा कि विद्यार्थियों को हर बदलाव पर नजर रखनी चाहिए तथा खुद को तकनीकी तौर पर सक्षम बनाना चाहिए ताकि वह हर मोर्चे पर खुद को साबित कर सके। विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति विनोद शंकर दवे ने गीता के श्लोक का उदाहरण देते हुए कहा कि जब हम कर्तव्य पूरी निष्ठा से करते है तो अपना अधिकार छीनने की ताकत स्वत ही आ जाती है। इसलिए उडने की क्षमता भी खुद ही विकसित करनी होगी किसी अन्य के कंधों पर उडान कभी नहीं भरी जा सकती। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यह समय आत्मनिरीक्षण का समय है, लगातार काम करने का समय है। उन्होंने कहा कि वे ८० बरस के हो गए है लेकिन आज भी रोजाना १६ घंटे काम करते है। युवा एवं खेल मामलों के राज्य मन्त्री मांगीलाल गरासिया ने कहा कि वे इस विवि के पूर्व छात्र है तथा उन्हें इस पर गर्व है। उन्होंने सम्मानित हुए विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी ताकत को पहचाने तथा प्रगति के अवसरों को पहचानते हुए आगे बढें। कार्यक्रम का अध्यक्षीय उद्बोधन कुलपति प्रो आईवी त्रिवेदी ने दिया। उन्होंने विवि में अजा जजा विद्यार्थियों के लिए किए जा रहे काम काज के बारे में भी बताया। मंच पर उदयपुर सांसद रघुवीर मीणा तथा जजा आयोग के सदस्य पूर्व सांसद भेरुं लाल मीणा तथा कार्यक्रम समन्वयक डा संजय लोढा भी उपस्थित थे।

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इस अवसर पर सन २००६ से २०११ तक की विभिन्न परीक्षाओं में अव्वल रहने वाले, नेट स्लेट उत्तीर्ण करने वाले तथा खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अजा जजा के ४५३ विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में अजा जजा प्रकोष्ठ के समन्वयक डा हनुमान प्रसाद ने सभी का स्वागत किया। रजिस्ट््रार एलएन मन्त्री ने धन्यवाद दिया। कार्यक्रम का संचालन डा नीतू परिहार ने किया।

 

बच्चों में मानवाधिकार की समझ को व्यापक किया जाएगा

उदयपुर, स्वयं सेवी संस्थाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा महिलावादी चिंतकों की सहायता से विद्यालय स्तर पर ही बालकों में सामाजिक मूल्यों पर कार्य किया जाएगा।
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यह विचार यूनेस्को क्लब्स सम्मेलन के रविवार को समापन अवसर पर आपसी विचार विमर्श में उभर कर आए।
नागालैण्ड,आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र तथा राजस्थान के प्रतिभागियों ने निर्णय लिया कि मानवाधिकार की समदत को व्यापक करने के लिए विद्यालय स्तर पर पाठयक्रम का निर्माण किया जाएगा और बालकों में मानवाधिकार की समझ को व्यापक बनाने की चेष्टा की जाएगी।
समापन समारोहके अवसर पर तिलक सभागार में सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीयकार्य के लिएगणेश डागलिया ,हरिसिंह सुराना ,उद्योगपति दिनेश कटारिया ,यू .सी सी आई के रमेश चौधरी और $ग$जल गायक देवेन्द्र हिरन को यूनेस्को विशिष्ठ सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अथिति अतिरिक्त मुख्यसचिव राजस्थान सरकार बी बी मोहंती ने कहा की यूनेस्को क्लब्स के ये आयोजन देश की एकता ,शांति, सदभाव और के लिए देश को एक आशा की किरण दिखाते है।विशिष्ठ अतिथिअतिरिक्तपुलिस अधीक्षकप्रसन्न खमेसरा ने कहाकी पुलिस जनता में सौहाद्र्य बढाने ,शांति स्थापित करने और व्यवस्था को सुचारू बनती है। यह ठीक नहीं है की मानवाधिकारों का हनन पुलिस करती है।ट्रस्ट अध्यक्ष विजय मेहता ने कहा की सेवा और सहकारके जज्बे को समाज में पुनस्र्थापित करना समय की महती जरुरत है।यूनेस्को क्लब के राष्ट्रिय अध्यक्ष श्याम बनवा$डी ने कहा की मानवाधिकारों की वास्तविकता को पुन: समझने की जरुरत है।कानून जो बनाते है उनमे कई कानून ऐसे है जिनसे मानवाधिकार का हनन होता है। मानवाधिकारों के रक्षण हेतु देश में संगठनो का निर्माण होना चाहिए।यूनेस्को महासचिव दिरेंद्र भटनागर ने बताया की अगला सम्मलेन आंध्र प्रदेश में होगा जिसमे इस सम्मलेन में लिए निर्णयों एवं प्रगति पर विशेष निगाह राखी जाएगी। चार दिवसीय सम्मलेन का संयोजन एवं धन्यवाद ज्ञापित करते हुए ट्रस्ट सचिव नन्द किशोर शर्मा ने कहा की यूनेस्को सम्मलेन में शिक्षा,स्वास्थ्य ,भोजन,आजीविका,पानी सुरक्षा और मानवाधिकार वे मुद्दे है जिन पर समाज के हर वर्ग और बालक को संवेदनशील बनाने की जरुरत है।

सत्य की निरंतर खोज का नाम ही हिन्दुधर्म ह : डॉ. कृष्ण गोपाल

उदयपुर, हिन्दुधर्म कोई कोई संप्रदाय नहीं, पुजा पद्घति नहीं है, हिन्दुत्व एक सांस्कृतिक धारा है जो सभी को जोडना का कार्य करता है। सत्य की निरंतर खोज का नाम ही हिन्दुधर्म है यही विचार स्वामी विवेकानन्दजी के थे। जो कि वर्तमान दौर में भी प्रासंगिक और आवष्यक है। उक्त विचार राश्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सर कार्यवाह डॉ. कृश्ण गोपाल ने स्वामी विवेकानन्द षाद्र्घषती समारोह समिति द्वारा सुखाडया रंगमंच, उदयपुर में आयोजित प्रबुद्घ नागरिक सम्मेलन में व्यक्त किये।

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स्वामीजी ने विदेश की धरती पर जाकर उस समय भारत के प्रति प्रचलित धारणा कि भारत के लोग जंगली, बर्बर और गवांर है, को नकारा और वास्तविक भारतीय दर्शन का प्रतिपादन किया। उन्होने कहा कि मैं उनका प्रतिनिधी हुं जो प्राणी मात्र के सुख का चिन्तन करते हैं। भारत का दर्षन वहीं हो सकता है जिसमें सभी के कल्याण की बात करता हो, ‘जो सर्वे भवन्तु सुखिन:‘ ‘एकम् सत्य विप्रा बहुधा वदन्ति‘ का संदेष देता हो।
स्वामीजी ने आग्रह किया कि षिव भाव से जीव मात्र की सेवा करना ही भारतीयों का कर्तव्य है। ये भगवावस्त्र, मठ, मंदिर केवल स्वयं की साधना के लिए ही नहीं है अपितु असहायों जरूरतमंदो की सेवा करने के लिए है। तुम तभी हिन्दु कहलाने के लायक होगें जब सामने ख$डा व्यक्ति का दु:ख तुम्हे अपना लगे।
डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि समाज में फैली हुई कुरीतियों को दूर करने के लिये एक नये ग्रंथ की रचना करनी होगी। महिला षिक्षा पर जोर देना होगा। दुनिया के लोग भारतीय दर्षन को समझने लगे है। जिन स्वामीजी की आज हम १५०वीं जयंती मना रहे है। यह विडम्बना का विशय है कि भारत में पैदा हुए युगपुरूश स्वामी विवेकानन्द के जन्म दिवस को ‘युवा दिवस‘ के रूप में मनाने की पहल यू.एन.ओ. ने की तथा बाद में भारत में इसकी षुरूआत हुई। विवेकानन्द जी चाहते थे कि भारत दुनिया का नेतृत्व करें। किन्तु पहले भारत मेें रहने वाले असहाय, गरीब और जरूरतमंद की सेवा को प्रभु की भक्ति माने । उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म व संस्कृति में भेदभाव का कोई स्थान नहीं है। राजस्थान ने विवेकानन्द को पग$डी पहनाकर कर एक विषेश वेष दिया।

पर्यावरण चित्रकला के महाकुम्भ सम्पन्न

Painting_Clipart3११२ स्कूलों के दो हजार से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया
उदयपुर, ब्रश के साथ जब नन्हें हाथ ड्रांइग शीट पर चले तो बच्चों ने पर्शवरण संरखण को लेकर किसी फल बनाया तो किसी ने फूल,किसी ने सूरजमुखी का फूल बनाया तो किसी ने उडती हुई चिडिया। किसी बच्चें ने उजडते वनों को बचाने का संदेश दिया तो किसी ने हरे-भरे गांवों का खाका खींचा। कुछ बच्चों ने विरान होते जंगलों को बचाने व उसमें वन्यजीव संरक्षण का संदेश देते हुए अपनी चित्रकला बनायी तो वे देखते ही बनी।
अवसर था रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर एवं तुलसी निकेतन रेजीडेंशियल स्कूल के सहयोग से भारतीय पर्यावरण शिक्षा एवं अनुसंधान परिषद (सीरी) के तत्वावधान में आज विद्यालय स्तरीय पर्यावरण चित्रकला का महाकुम्भ प्रतियोगिता का आयोजन। इस प्रतियोगिता में ११२ स्कूलों के लगभग २००० भाग ले लिया। प्रतियोगिता में भाग लेने का बच्चों में इतना उत्साह था कि आयोजकों के पास स्थान कमी पड गई जिस कारण ५०० बच्चों का वापस लौटना पडा।
क्लब की पर्यावरण संरक्षण कमेटी के चेयरमेन यशवंत कोठारी ने बताया कि प्रतियोगिता शाम ४ बजे से सेक्टर ४ स्थित टी. एन. रेजीडेंशियल स्कूल में ४ वर्गों में आयोजित की गई। इसमें नर्सरी व एलकेजी के लिए फूल या फल, यूकेजी एवं कक्षा प्रथम के लिए सूरजमुखी या चिडिया, कक्षा दूसरी से चौथी के लिए वन या गांव का दृश्य तथा पांचवी से आठवीं के बच्चों के लिए जंगल या वन्यजीव की ड्राइंग बनानी थी।

हज 2013- 84 की किस्मत खुली अल्लाह के घर हाजरी देने की ….

5312_hajउदयपुर.हजयात्रा 2013 में जाने वालों के चयन के लिए शनिवार को सचिवालय के कांफ्रेंस हॉल में लाटरी (कुर्रा) निकली। इसके माध्यम से 2519 आवेदकों का चयन हुआ। इस मौके पर बडी़ संख्या में आवेदक मौजूद थे। सबसे पहले अजमेर जिले की लाटरी निकाली गई। उदयपुर जिले के 84 जयपुर जिले को 273 सीटें आबंटित हुई है। इसमें 70 वर्ष से अधिक उम्र के आवेदक और पिछले तीन साल से लगातार आवेदन करने वाले भी शामिल है, जिन्हें बिना किसी औपचारिकता के यात्रा के लिए चुना गया है।

20 मई तक पहली किस्त :

हज कमेटी के सदस्य हाजी शाहिद मोहम्मद ने बताया कि रिजर्व केटेगरी और लाटरी में चयनित सभी आवेदकों को 20 मई तक हजयात्रा की पहली किस्त सेंट्रल हज कमेटी के खाते में जमा करानी होगी। इस बार पहली किस्त के रूप में 76000 रुपए प्रति हजयात्री जमा होंगे। यह किस्त पिछले साल के मुकाबले 25000 रुपए अधिक है।

9137 की वेटिंग लिस्ट जारी : हज के लिए राज्य हज कमेटी को इस बार 5018 सीटों के लिए 14155 आवेदन प्राप्त हुए थे। राज्य को आबंटित सीटों में से 2499 रिजर्व केटेगरी की हैं।

रिंग रोड के लिए एक होटल कि जमीन को आवाप्त करने मे पसीना आरहा है यु आई टी को

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उदयपुर, बड़े बड़े होटल समूह के आगे प्रशासन भी बौना साबित हो रहा है । और यही वजह है की पिछोला के रिंग रोड का काम अटका पड़ा है । यु आई टी और जिला प्रशासन को शहर के हित और झीलों के सोन्दर्य करण के लिए पिछोला झील के रिंग रोड के लिए ट्रायडेंट होटल से जमीन लेने में पसीना आरहा है और इसी के चलते २४ अप्रेल को हुई सिटी लेवल मोनिटरिंग कमिटी की बैठक में संभागीय आयुक्त सुबोध अग्रवाल ने खासी नाराजगी जताते हुए अफसरों को लताड़ लगायी और एक महीने पिछोला रिंग रोड की रिपोर्ट पेश करने को कहा है ।जब की हकीकत यह है की जिला प्रशासन और यु.आई.टी. दोनों भी मिल कर होटल प्रबंधन को जमीं के लिए सहमत नहीं करा पाए है और ट्रायडेंटहोटल प्रबंधन अपने अड़ियल रवय्ये पर कायम है ।

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उल्लेखनीय है कि यूआईटी द्वारा पिछोला में करोड़ों की लागत से रिंग रोड बनाया जा रहा है। रिंग रोड अधिकांश कार्य हो चुका है जबकि कुछ जमीनों की अवाप्ति नहीं होने से रोड का काम अटका पड़ा है। रिंग रोड में ट्रायडेंट होटल सहित राजस्व ग्राम सिसारमा के कुछ निजी खातेदारों की जमीन जा रही है। यूआईटी ने सरकारी नियमों का दबाव बनाते हुए निजी खातेदारों को तो अवाप्ति के लिए राजी कर लिया लेकिन ट्रायडेंट होटल समूह से एक साल की मशक्कत के बाद भी यूआईटी और जिला प्रशासन जमीन लेने में नाकाम रहे हैं। इसके चलते पिछोला का रिंग रोड का काम अटका पड़ा है।

जिला प्रशासन को दी जिम्मेदारी:- यूआईटी द्वारा ट्रायडेंट से जमीन लेने के बाद पिछले साल पिछोला रिंग रोड के दौरे पर आए नगरीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव जीएस संधू ने इसमें प्रशासन को हस्तक्षेप की बात कही थी। बाद में एनएलसीपी की सिटी लेवल की मानिटरिंग कमेटी की बैठक में भी इस संबंध में काफी चर्चा हुई। तब संभागीय आयुक्त डॉ. सुबोध अग्रवाल ने इस संबंध में कार्रवाई की जिम्मेदारी कलेक्टर को सौंपी थी।

चर्चा के बाद बात आगे नहीं बढ़ी:- यूआईटी और जिला प्रशासन के अधिकारी होटल प्रबंधन के पदाधिकारियों से जमीन लेने के संबंध में कई बार चर्चा कर चुके हैं। बताया जाता है कि कुछ शर्तों पर होटल समूह बीच में राजी भी हो गया था लेकिन आगे जाकर बात ठंडे बस्ते में चली गई। काफी समय से रिंग रोड के संबंध में यूआईटी और जिला प्रशासन के अलावा एनएलसीपी की सिटी लेवल मानिटरिंग कमेटी ने भी इसमें कोई रूचि नहीं दिखाई है।

एनएलसीपी के अंतर्गत बन रही है रिंग रोड:- पीछोला पर रिंग रोड नेशनल लेक कंजर्वेशन प्रोजेक्ट (एनएलसीपी) के अंतर्गत बनाई जा रही है। यूआईटी द्वारा इसका कार्य कछुआ चाल से किया जा रहा है। बताया जाता है कि पहले निजी खातेदारों जमीन देने के कारण विलंब हुआ और अब होटल समूह से सड़क के लिए जमीन मिलने में विलंब से इस योजना के पूरा होने में देरी हो रही है।
रिंगरोड पर उठा सवाल:- झील संरक्षण समिति और शहर के अन्य कुछ झील प्रेमी संगठनों ने रिंग रोड को लेकर सवाल उठाया है। झील प्रेमियों का कहना है कि यूआईटी द्वारा पीछोला झील पर रिंग रोड गलत तरीके से बनाई जा रही है। तथाकथित लोगों की जमीन को लाभ पहुंचाने के लिए रिंग रोड के नक्शे में बदलाव किया गया है। इस संबंध में पिछले दिनों मुख्य सचिव को शिकायत भी भेजी गई है। आरोप है कि यूआईटी अधिकारियों ने मिली भगत कर प्रभावी लोगों की जमीन को पेटे से बाहर निकाल दिया है।
तीसरा रिंग रोड:- झील प्रेमियों का कहना है कि पीछोला झील पर यह तीसरा रिंग रोड बनाया जा रहा है। इससे पहले दो रिंग रोड पहले ही बने चुके हैं। एकलव्य कॉलोनी में रिंग रोड के बोर्ड आज भी लगे हुए है। पूर्व में बनाए गए रिंग रोड का नया रिंग रोड बनाए जाने से कोई मतलब नहीं रह गया है। पुराना रिंग रोड आबादी से घिर चुका है। झील प्रेमियों को कहना है कि नया रिंग रोड बनाने से झील का नुकसान हो रहा है।

दूध दान के प्रति माताओं को रूझान बड़ा

divya mothers milk bankउदयपुर, प्रदेश में स्थापित पहले मदर मिल्क बेंक मे दूध दान करने का रुझान बदने लगा है । विभिन्न माध्यमों से प्रभावित 18 धात्री माताएं १०२ यूनिट दूध दान कर चुकी है ।
उल्लेख निय है कि गत दिनों स्थानीय पन्नाधाय चिकित्सालय मे अपनी माँ के दूध से वंचित शिशुओं के लिए माँ का दूध उपलब्ध करने हेतु मदर मिल्क बेंक कि स्थापना कि गयी थी , विभिन्न माध्यमों से प्रचार के बाद धात्री माताएं दूध दान के महत्त्व को समझने लगी है तथा अब तक १८ माताओं ने १०२ यूनिट अपना दूध दान कर वंचित शिशुओं को उपलब्ध करवाया है । इन माताओं में में बोहत सी माताएं दो तिन बार दूध दान के लिए आचुकी है । इससे यहाँ शिशु नर्सरी इंसेंटिव केयर में भारती शिशुओं को दूध उपलब्ध कराया जारहा है ।

नए कानून ने दिखाया असर युवती को अश्लील इशारे करना महगा पड़ा

main-qimg-2dd833c00bb81d21082cabcffc44ad8fयुवती ने कराया अश्लील इशारे करने का प्रकरण दर्ज
उदयपुर, शहर के सूरजपोल थाना क्षेत्र में एक युवती ने एक युवक के खिलाफ सरेराह अश्लील ईशारे और पिता को जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज करवाया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार सवीना खेडा निवासी एक युवती ने मामला दर्ज करवाया कि वह शुक्रवार शाम को उदयपुर होटल के पास खडी थी। इसी दौरान आरोपी नीतिन शांडिल्य ने उसे देखकर उसकी पास आया और उसके साथ अश्लील हरकत की। इस आरोपी ने इस युवती को उसके पिता द्वारा गोवर्धनविलास थाने में दी गई रिपोर्ट को उठाने के लिए धमकाया और नहीं उठाने पर जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद युवती सूरजपोल थाने पहुंची और आरोपी युवक के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। इधर पुलिस का कहना है कि युवती के पिता और आरोपी युवक के बीच किसी मकान को लेकर विवाद चल रहा है, जिसमें गोवर्धनविलास थाने में दोनों के खिलाफ मामले चल रहे है। मामले की जांच आरपीएस प्रशिक्षु स्वाती शर्मा कर रही है।

नगर निगम की लापरवाही से अटका पडा है फ्लोटिंग फव्वारों का काम

fountinउदयपुर, नगर निगम की लापरवाही और काम करने की इच्छा शक्ति की कमी की वजह से पिछोला के फ्लोटिंग फव्वारे खटाई में पडे हुए है और अपनी कमजोरी छिपाने के लिये नगर निगम के अधिकारी सारी गलती फव्वारे लगाने वाली कम्पनी पर डाल कर रहे है।
राष्ट्रीय झील संरक्षण परियोजना के अंतर्गत पिछोला के सौन्दर्यकरण के लिए पिछोला में अब फ्लोटिंग फव्वारे लगाने का निर्णय लिया था डेढ साल बाद भी जब कार्य की प्रगति नहीं हुई तो हाल ही में हुई सिटी लेवल की बैठक में संभागीय आयुक्त ने नगर परिषद आयुक्त सत्यनारायण आचार्य से जवाब तलब किया जिस पर आचार्य ने फाउन्टेन लगाने वाली कम्पनी आईवीआरएच पर आरोप मंढते हुए कहा कि उन्हें तीन बार नोटिस दिया गया है। तब संभागीय आयुक्त ने कह दिया कि यदि कार्य नहीं हो रहा तो ठेका निरस्त कर दिया जाना प्रस्तावित करों।
जबकी हकीकत कुछ और है: आईवीआरएच कंपनी के एक्युकेटीव नासीर जब्बार ने बताया कि फाउन्टेंन का ठेका जून २०११ में हमारी कंपनी को मिला जिसका वर्क आर्डर ५ अक्टूबकर २०१२ को नगर निगम द्वारा दिया गया इससे पूर्व कंपनी द्वारा कई बार लेटर लिख कर वर्क आर्डर के लिए कहा गया था।
परिषद के अधिकारियों कोई रूचि नहीं : नासिर जब्बार ने बताया कि आठ फाउन्टेंन के लिए हमने ११ जगह पम्प स्टेशन बनाने की fountin1जगह देने के लिये परिषद को लेटर लिखा था उसमें से परिषद ने सारा जगह अंकित कर अक्टुबर २०१२ में लेटर दिया लेकिन सात जगह में से सिर्फ मुश्किल से २ जगह ही पम्प स्टेश्न बनाने का कार्य शुय हुआ अन्य पांच जगह पर स्थानिय लीडर व जनता के भारी विरोध के चलते कार्य शरू नहीं किया जा सका।
नासिर ने बताया कि इस बारे में नगर निगम के अधिकारियों को बार बार लिखने सूचित करने पर भी कोई उचित कार्यवाही नहीं की।
फव्वारें यूनिट को तैयार : नासिर ने बताया कि फव्वारें की सारी यूनिट तैयार है कंपनी ने अपना काम समय पर किया है लेकिन पम्प लगाने की जगह ही नहीं तो कहां लगाया जाए। अभी सिर्फ दूध तलाई पर एक पम्प स्टेशन और अम्बापोल पर एक स्टेशन बनाने के रूपरेखा बनायी गयी है।
हमारे पास कोई नोटिस नहीं : नगर परिषद आयुक्त ने संभागीय आयुक्त को कहा कि फ्लोटिंग फव्वारें से संबंधित कंपनी को तीन बार कार्य प्रगति करने के नोटिस दिये जा चुके है। जबकि कम्पनी के नासिर जब्बार ने बताया कि हमारे पास कोई नोटिस नहीं आया। कुल मिलाकर नगर निगम आयुक्त व अन्य अधिकारी अपने ढुलमुल और टालमटोल रवैये के चलते कंपनी को पम्प हाउस बनाने मे आ रही अडचनों को दूर नहीं किया जिससे ना फव्वारें के पम्प हाउस बने ना ही झील में फव्वारे लगे।

अब तो पुलिस से भरोसा ही उठ गया है ….

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सूचना के अधिकार के तहत खुला मामला
असहाय पिता पीड़ित बेटी के लिए कर रहा गुहार
दहेज प्रताडना का मामला
images (10)उदयपुर, अपनी बेटी और नवासी को न्याय दिलाने के लिए नाहर सिंह पिछले छह महिनों से पुलिस के आला अधिकारियों के चक्कर काट कर आखिर थक के कह उठा कि अब तो पुलिस से भरोसा उठ गया।
फतहपुरा के रामदास कालोनी निवासी नाहर सिंह ने अपनी इकलौती पुत्री गुडिया (परिवर्तित नाम) की शादी जयपुर निवासी प्रवीण से बडे अरमानों से करायी थी और ससुराल वालों को खुश करने अपनी बचत की पाई पाई लगा दी। गुडिया की शादी के कुछ ही दिन बाद जयपुर से फ़ोन आया । नाहर सिंह ने सोचा की कोई खुशखबरी होगी लेकिन काल दहेज की मांग का था और आरोप लगाया कि गुडिया की जो बाजुबंद दिया वह नकली है ओर यह असली दिया जाय साथ ही उन्होंने गुडिया के साथ मारपीट कर दहेज के लिए प्रताडित करना शुरू कर दिया। जब गुडिया गर्भवती हुई तो उसको गर्भपात के लिए मजबूर करना शुरू कर दिया। लाचार नाहर सिंह जब अपनी बेटी से मिलने जयपुर पहुंचे तो ससुर कन्हैयालाल, सास कांता बाई, जेठ हेमंत, अनिल ओर प्रदीप उन पर टूट पडे क्यों कि फर्नीचर के नाम पर उन्होने सवा लाख मांगे थे। जिसमें से नाहर सिंह ने ६० हजार ही दिये थे। गुडिया के पिता नाहर ङ्क्षसह भारी मन से वापस उदयपुर आ गये।
कुछ दिनों बाद गुडिया के पति प्रवीण को जयपुर के बांगड अस्पताल में भर्ती कराया तब नाहर सिंह को अन्य लोगों की मार्फ़त और नाहर सिंह गुडिया के मामा पन्ना लाल पगारिया व अन्य परिचित के साथ जयपुर मिलने गये लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया और हाथापाई भी कर दी। उपचार के दौरान प्रवीण की मौत हो गयी तब गुडिया के परिजनों को पता चला कि प्रवीण को पहले से ब्रेन टयूमर था जिसका पता गुडिया के परिजनों को नहीं लगने दिया। अपनी इकलौती पुत्री के विधवा होने का दूख साथ ही ससुराल वालों का राक्षसी रवैया नाहर ङ्क्षसह ने बातया कि बेटी के ससुराल पक्ष ब्याह के वत्क्त दिया गया तमाम सामान अपने कब्जे में ले रखा है।
नाहर सिंह ने बताया कि बेटी व नवासी सुखद भविष्य के लिए कोर्ट के जरिये महिला थाने में गुडिया ने मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने पिता नाहर सिंह, मां प्रेम देवी , मामा पन्ना लाल पगारिया व नरेन्द्र ङ्क्षसह शेखावत के बयान दर्ज किये थे। जब सूचना के अधिकार के तहत बयान की प्रति मांगी तो पता चला कि पुलिस ने बयान ही बदल दिये। यहीं नहीं पुलिस ने पीड़ित पक्ष पर मामला उठाने व समझौता करने का दबाव भी बनाया। जांच अधिकारों को बदलने के लिये भी आईजी एसपी को ज्ञापन दिये गये लेकिन न्याय को कहीं आस नहीं जगी। एसपी के आदेश पर जांच डिप्टी को सौंपी गयी लेकिन डिप्टी ने भी पीडित पक्ष से बयान लिये बिना ही रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी। अब नाहर ङ्क्षसह सवाल कर रहे हे कि अपनी पुत्री ओर नवासी को न्याय दिलाने कहां जाये।