मावली , सलुम्बर विधानसभा क्षेत्र में बागियों ने भरा पर्चा – दिग्गजों के लिए बढ़ी परेशानी .

उदयपुर . विधानसभा चुनाव में उदयपुर जिले की मावली विधानसभा सीट में बागियों की संख्या बढती जा रही है । भाजपा और कांग्रेस दोनों का टिकिट फायनल हो गया है लेकिन दोनों पार्टियों के बागियों ने ताल थोक दी है इसी कड़ी में भाजपा का बागी कुलदीप सिंह ने अपना शक्ति का प्रदर्शन करते हुए पर्चा भरा . दूसरी तरफ कांग्रेस में भी गुरुवार देर रात बगावत के सूर तेज हो गए ।
मावली विधानसभा सीट से भाजपा के धर्म नारायण जोशी और कांग्रेस के लाल सिंह झाला मैदान में है। पूर्व सरपंच कुलदीप सिंह ने ताल ठोकते हुए हजारों समर्थकों के हुजूम के साथ शुक्रवार को अपना नामांकन पत्र भरा, कुलदीप सिंह भाजपा के प्रबल दावेदारों में से माने जा रहे थे और यह भी माना जा रहा था कि अगर उन्हें पार्टी टिकिट नहीं देती है तो जनता सेना अपना समर्थन देगी । लेकिन न तो भाजपा ने कुलदीप सिंह को टिकिट दिया न हीं जनता सेना ने साथ दिया। इस पर शुक्रवार को कुलदीप सिंह ने अपने हजारों समर्थकों के साथ नामांकन भरकर साबित कर दिया है कि कोई पार्टी साथ हो या न हो मावली की जनता उनके साथ जरूर है। इसके साथ ही कई लोगों ने साकरिया खेड़ी के चुनाव में अपनी तरफ से अनुदान राशि देने की घोषणा भी सभा के दौरान कर दी। जिससे कुलदीप सिंह के कार्यकर्ताओं का मनोबल और ज्यादा बढ़ गया है .
इधर कांग्रेस की लिस्ट आने के बाद पूर्व विधायक पुश्कर डांगी के समर्थकों ने भी गुरूवार देर रात टिकिटों की घोशणा के बाद अपना विरोध प्रदर्षन करते हुए मावली की सड़कों पर भारी नारेबाजी की। गौरतलब है कि मावली से कांग्रेस के देहात जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला को टिकिट दिया गया है, जो कुम्भलगढ़ से अपनी दावेदारी कर रहे थे, वहीं पुश्कर डांगी ने मावली से दावेदारी की थी और हार्दिक पटेल के सबसे करीबी होने से माना भी यह जा रहा था कि उनका टिकिट तो कट ही नहीं सकता। ऐसे में मावली कांग्रेस से लालसिंह झाला का नाम आते ही पुश्कर डांगी के समर्थकों में भारी रोष देखा गया उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर जमकर भड़ास निकालते हुए कहा कि मावली के कांग्रेसी पेराशूट उम्मीदवार को कतई स्वीकार नहीं करेंगे।
शनिवार को भाजपा और कांग्रेस के दोनों प्रत्याशी धर्मनारायण जोशी एवं लाल सिंह झाला नामांकन भरेगें .

सलुम्बर में बागी रेशमा मीना ने भरा पर्चा :

गुरूवार देर रात कांग्रेस की लिस्ट जारी होने के बाद दावेदारी कर रहे है कार्यकर्ताओं में बगावत के तैवर सामने आरहे है उसी कड़ी में सलूंबर विधानसभा से कई महिनों से ताल ठोक कर बैठी रेशमा मीणा अपना टिकट कटने के बाद निर्दलीय रूप से उपखंड कार्यालय पहुंचकर शुक्रवार को अपना नामांकन पेश किया। निर्दलीय रूप से ताल ठोकते हुए रेशमा मीणा करीब 2 हजार समर्थकों के साथ उदयपुर सलूम्बर रोड़ से चुंगीनाका होते हुए उपखण्ड कार्यालय पंहुची। जहां नामाकन दाखिल करने के बाद रैली के रूप में रेशमा मीणा के समर्थकों ने गगनचुंबी नारे लगाते हुए साबित कर दिया कि इस बार वह कांग्रेस के निर्णय के साथ नहीं है। रेशमा मीणा ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि सलूम्बर विधान सभा एवं पूर्व की सराड़ा विधानसभा से वंशवाद के चलते है एक ही परिवार राज कर रहा है और इस वंशवाद को लेकर सलूम्बर विधानसभा की जनता उब चुकी है। इस क्षेत्र से आज तक किसी छोटे तबके के कार्यकर्तों को आने नही दिया गया है। क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं सांसद ने पार्टी में बडे मुकाम पर पहुचने के बाद भी छोटे कार्यकर्ताओ तवज्जो नही दी। कार्यकर्ताओं की मांग पर मैने चुनावी मैदान में ताल ठोकी है। रेशमा मीणा पूरा विश्वास जताते हुए कहा कि यही कार्यकर्ता भाजपा एवं कांग्रेस के प्रत्याशियों को मात देकर मुझको विधानसभा में जरूर भेजेगे।

टिकिट को लेकर राहुल के सारे दावे हुए हवा-हवाई, 6 पैराशूटरों को टिकट, अब Congress की दूसरी सूची का है इंतज़ार।

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कांग्रेस की लिस्ट जारी होते ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के पैराशूट नेताओं को टिकट नहीं देने के दावे हवा हवाई साबित हुए हैं। राहुल ने कहा कि कि अगर पैराशूट उम्मीदवारो की डोरी काट दूंगा, लेकिन लिस्ट में ऐसे पैराशूट नेताओं के भी नाम हैं जो एक दिन पहले ही पार्टी में शामिल हुए हैं।
भाजपा छोड़कर एक दिन पहले कांग्रेस में शामिल हुए नागौर विधायक हबीबुर्रहमान को कांग्रेस ने नागौर से से ही उम्मीदवार बनाया है। वहीं दौसा से सांसद हरीश मीणा को देवली उनियारा से टिकट दिया गया है। सबसे हैरत का नाम तो कन्हैया लाल झंवर का है। झंवर कल देर रात ही कांग्रेस में शामिल हुए और उनका नाम भी बीकानेर पूर्व से आया है।
वहीं रायसिंह नगरसे जमीदारा पार्टी की विधायक सोनादेवी बावरी को कांग्रेस से यहीं से टिकट दिया है। इसके अलावा निर्दलीय विधायक राजकुमार शर्मा को नवलगढ़ से चुनाव मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा पूर्व आईपीएस सवाई सिंह गोदारा को खींवसर से टिकट दिया गया है। खींवसर से दिग्गज कांग्रेसी नेता हरेंद्र मिर्धा भी दावेदारी जता रहे थे।
वहीं देर रात जारी हुई कांग्रेस की पहली सूची में 152 नाम शामिल हैं। साथ ही दो मौजूदा विधायकों के टिकट के साथ दो विधायकों के टिकट पर संशय बरकरार है। शुक्रवार को पार्टी में शेष 48 टिकटों को लेकर चर्चा के बाद दूसरी सूची जारी कर सकती है। साथ ही बाकी के उम्मीदवारों को दूसरी सूची से बहुत आस है। पार्टी की शेष सीटों पर आज मशक्कत जारी है। ऐसे में देर रात तक सूची जारी की जा सकती है।

बांसवाडा से भाजपा के धनसिंह रावत का टिकिट कटा तो यह बोले – बेईमानों ने कटवाया है मेरा टिकिट आलाकमान फिर एक बार सोचे .

Rajasthan Vidhansabha Election 2018 की चुनावी तैयारियां प्रदेश में जोरो पर हैं। चुनाव की नजदीकियों के साथ प्रदेश में प्रत्याशियों की सूची जारी करने का सिलसिला चल रहा है। हाल में ही बीजेपी की दो सूचियों के बाद कांग्रेस ने गुरुवार देर रात अपनी पहली सूची जारी कर दी है।
वहीं भारतीय जनता पार्टी की जारी सूची में नाम शामिल नहीं होने से बीजेपी के कई नेता बगावत पर उतर आए तो कई नेताओं के कार्यकर्ताओं ने नाराज़गी जाहिर की। ऐसे में भाजपा के वर्तमान विधायक व ग्रामीण विकास व पंचायतीराज राज्यमंत्री धनसिंह रावत का टिकट कटने के बाद समर्थकों ने पार्टी कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की।
रावत को टिकट नहीं देने के विरोध में तीन मंडल अध्यक्षों व पदाधिकारियों आदि ने पार्टी से त्यागपत्र दे दिया। इन सबके बीच राज्यमंत्री रावत ने स्वयं को संगठन के निर्णय के साथ बताया।
वहीं शुक्रवार को राज्य मंत्री धनसिंह रावत टिकट कटने के विषय में बोले बेईमान लोगों ने सर्वोच्च नेतृत्व को गलत रिपोर्ट दी है। जिसके चलते टिकट कटा है। उच्च नेतृत्व अपने सूत्रों के माध्यम से पता लगाकर अध्ययन कर आमजन की भावनाओं को ध्यान में रखकर दोबारा टिकट को लेकर निर्णय करें।

फर्जी पत्रकार बनकर राशन डीलरों से कर रहे थे अवैध वसूली।

उदयपुर| पत्रकार बनकर राशन डीलरों से अवैध वसूली करने वाले अमित कुमार पुत्र गटू कुमार निवासी कोटड़ा हाल अम्बामाता स्कीम और मोहम्मद इलियास पुत्र अब्दुल खान निवासी कोटड़ा मॉडर्न स्‍कूल कोटड़ा को सुखेर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सुखेर थानाधिकारी नेत्रपालसिंह ने बताया कि गुरुवार को राशन डीलर यशवंत कुमार मेनारिया निवासी चीरवा ने रिपोर्ट दी थी कि बुधवार को अलग-अलग नंबरों से फोन आया और कहा कि आपकी दुकान चेक करनी है। गुरुवार को सुबह दो व्यक्ति दुकान पर आए और अपना नाम अमित कुमार और इलियास बताया। राजनैतिक राजस्थान के नाम की पत्रिका में विज्ञापन छापने और यशवंत की राशन दुकान का लाइसेंस कैंसल करने की धमकी दी। यशवंत के सामने माइक व मोबाइल रखकर इंटरव्यू लेने की बताकर डरा धमकाकर 3000 रुपये भी ले लिए और राजनैतिक राजस्थान समाचार की रसीद पकड़ा दी। पुलिस ने वसूले गए 3000 रुपये और घटना में प्रयोग मोटरसाइकिल RJ27 BA 2027 को बरामद किया है। पुलिस ने बताया कि प्राथमिक जांच में पाया कि वर्तमान में राजनैतिक राजस्थान के नाम से कोई समाचार पत्रिका नहीं है। अभियुक्त अमित कुमार फर्जी लेटर पेड और रसीद बुक तैयार कर राशन डीलरों को डरा धमका कर वसूली का काम करते थे। पहले भी अवैध रूप से राशन डीलरों से रुपयों की वसूली की थी। पुलिस मामला दर्ज कर पूछताछ कर रही है।

कांग्रेस ने 152 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की – सबको दिया मौका दिखाओ किस्मे कितना है दम .( पूरी लिस्ट देखें )

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  • कांग्रेस ने 46 नए चेहरों, 20 महिलाओं को टिकट दिया
  • दो बार हारने वालों के टिकट काटने और नए चेहरे लाने में पायलट कामयाब
  • राजस्थान में 7 दिसंबर को मतदान, परिणाम 11 दिसंबर को आएंगे

लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस ने राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार रात को 152 प्रत्याशियों की सूची जारी की। बाकी 48 सीटों की सूची शुक्रवार या शनिवार तक आ सकती है। कांग्रेस ने 46 नए चेहरे उतारे हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट दो बार हारने वालों के टिकट कटवाने और नए चेहरों को लाने में सफल रहे। पायलट टोंक से और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरदारपुरा से ही चुनाव लड़ेंगे। सीपी जोशी नाथद्वारा से, रामेश्वर डूडी नोखा से और गिरिजा व्यास उदयपुर से चुनाव मैदान में उतरेंगी। राजस्थान में 7 दिसंबर को चुनाव हैं और 11 दिसंबर को परिणाम आएंगे।

कांग्रेस की पहली सूची में 9 मुस्लिमों को टिकट दिया गया है, जबकि भाजपा ने पहली सूची में किसी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया है। भाजपा ने अभी तक 162 प्रत्याशियों की सूची जारी की है। 2013 में अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल में जिन 152 लोगों को टिकट दिया गया था, उनमें से 79 लोगों के टिकट काटकर नए चेहरे उतारे गए हैं।

29 एससी, 24 एसटी प्रत्याशी मैदान में उतारे

पार्टी ने 23 जाट, 13 राजपूत, 29 एससी और 24 एसटी प्रत्याशियों को टिकट दिया।
कांग्रेस में वंशवाद चला। विधायक नारायण सिंह के बेटे वीरेंद्र, पूर्व विधायक मकबूल के बेटे रफीक, पूर्व मंत्री महिपाल मदरेणा की बेटी दिव्या, पूर्व मंत्री रामसिंह के पोते महेंद्र सहित ऐसे 15 टिकट दिए गए।कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि पैराशूट उम्मीदवारों की डोरी काट दूंगा। लेकिन इस सूची में 6 पैराशूट उम्मीदवार भी हैं। एक दिन पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए विधायक हुबीबुर्रहमान को नागौर, सांसद हरीश मीणा को देवली-उनियारा, कन्हैया लाल झंवर को बीकानेर पूर्व से मैदान में उतारा है। इनके अलावा जमींदारा पार्टी से कांग्रेस में आई सोनादेवी बावरी को रायसिंह नगर, निर्दलीय राजकुमार को नवलगढ़ व पूर्व आईपीएस सवाई सिंह गोदारा को खींवसर से टिकट।

इनके नाम तय

Hindustan Zinc ranked 9th under Responsible Business Rankings-2018 by IIM Udaipur

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Hindustan Zinc is now amongst India’s Top-10 companies for its sustainable and welfare activities. In the recent survey conducted by IIM, Udaipur on Sustainability & CSR for Responsible Business Ranking for the year2016-17, Hindustan Zinc has been ranked 9th across India in all companies sector.

The Company has always believed as the business grows, responsibility towards the society also grows. Care for Environment,  Safety, Water & Sanitation, Child Care, Education, Nutrition, Sustainable Livelihood, Women Empowerment, Health,  Sports & Culture and Community Development including community assets creation have always been the key focus areas for the organization.

The IIM Udaipur Responsible Business Ranking 2018 study looked at the top 218 public (47) and private (171) sector companies to arrive at these ranking. Of the total, it covers 135 companies from the manufacturing sector and 83 from the service sector with a diverse portfolio of industries such as automobiles, banks, FMCG, infrastructure, information technology, metals and mining, oil, power, steel, pharmaceuticals, telecommunications and others.

The ranking is based on a weighted average of following four criteria: 20% weight to Governance, 15% to Disclosure, 30% to Stakeholders and 35% to Sustainability. The highest score that a company can get was 100.

Recently the company has also been ranked globally #1 by Dow Jones Sustainability Index 2018 in Environment under metals and mining category.

 

 

Anorexia a mental illness not a lifestyle choice – Dr. Kajal Verma

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Anorexia nervosa is a psychiatric disorder characterized by obsessive dieting

dr. kajal verma

and intense fear of being overweight. Anorexia nervosa is a serious eating disorder occurs most often in teenage girls and young women. People with anorexia nervosa are obsessed with being thin and have a distorted perception of their bodies. They believe that they are fat and avoid eating. They exercise excessively in order to burn extra calories, they may even induce vomiting in order to compensate over eating.

Causes of anorexia nervosa

The exact cause of anorexia nervosa is unknown. There may be so many factors associated with anorexia nervosa like hormones, genes, and social factors.

There are few risk factors which may involve:

-Over consciousness regarding weight and body shape.

-Social and family expectations and pressure about health and beauty

-Child suffering from anxiety disorder

-Disaffection form body image

-People who try to be perfectionist

-People who have family history of eating disorders
-Who are not happy with relations, with low self esteem

Symptoms of anorexia nervosa

-No desire to eat anything
-Excessive exercising
-No desire or refuse to have food in front of others
-Immediate vomiting after eating
-Distorted body image
-Hair loss
-Depression
-Dryness of skin
-Muscular weakness
-Easy fatigue
-Malaise
-Low blood pressure
-Hypoglycemia
-Brittle nails
-Confusion of thoughts
-Low self esteem
-No inclination to mental or physical work
-Slower respiratory rate
-Dryness of mouth

Key diagnosis signs of anorexia nervosa

-Fear of becoming fat or gaining weight
-Women with absence of menses (at least 3 consecutive menstrual cycles)
-A distorted self evaluation of body shape and weight
-Refusal to maintain body weight at or above a minimally normal weight for age and height

As weight loss is the key feature of anorexia nervosa so to rule out other causes of weight loss following tests is required:

-Complete blood count
-Liver function test
-Urinalysis
-Kidney function tests
-ECG
-Thyroid function test
-Bone density test
-Screening for patients with questioners, interviews may also be useful in the diagnosis of anorexia nervosa.

Complications of anorexia nervosa

-Severe malnutrition
-Severe dehydration
-Impaired bowel movements
-Thyroid dysfunction
-Impaired heart functions
-Bone weakening
-Recurrent infections
-Swelling or bloating of body parts

Treatment of anorexia nervosa

Along with medication few practices like

-Increased social activities
– having proper schedule for eating
-reduce over exercises behavioral therapy
-group therapy and family therapy can also be beneficial.

Homeopathic treatment of anorexia nervosa

Homeopathy is one of the most popular holistic systems of medicine. The selection of remedy is based upon the theory of individualization and symptoms similarity by using holistic approach. This is the only way through which a state of complete health can be regained by removing all the sign and symptoms from which the patient is suffering.

The aim of homeopathy is not only to treat anorexia nervosa but to address its underlying cause and individual susceptibility.
As far as therapeutic medication is concerned, several remedies are available to treat anorexia nervosa that can be selected on the basis of cause, sensations and modalities of the complaints.There are following remedies which are helpful in the treatment of anorexia nervosa:
Antim crud ,calc phos ,ars alb , lyco ,carcinocin , hyoscymus etc .

For individualized remedy selection and treatment, the patient should consult a qualified homeopathic doctor in person.

गृहसेवक गुलाब चंद कटारिया अपने घर मे घिरने के बाद चल पड़े है मेवाड़ की 28 सीटों पर प्रचार के लिए!

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रिपोर्ट – गौरव कुमार 

पिछले 15 साल से विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने वाले नेता जो मुख्यमंत्री बनने की ख्वाहिश रखते है , वह इस बार अपने ही घर मे घिरते नजर आ रहै है। एक बात जो उदयपुर के विधानसभा क्षेत्र में अक्सर सुनने को मिलती थी कि भाईसाहब व्यवहार की राजनीति को बड़े अच्छे ढंग से समझते है और उसे 5वे साल भुना भी लेते है जिसके चलते हर बार उनके खिलाफ बहती हवा उनके पक्ष में हो चलती है। पर लगता है इस बार ये हवा उनसे बेरुखी हो चली है। कांग्रेस पार्टी की सूची आने से पहले ही कटारिया को चक्रव्यूह में फंसने में उनके अपने ही लोग कामयाब नज़र आ रहे है। ये बात तब ओर भी चिंता बढ़ाने वाली है जब कांग्रेस की तरफ से कद्दावर महिला नेता गिरिजा व्यास का नाम लगभग तय माना जा रहा हो।
गृहमंत्री के लिए चक्रव्यूह तैयार करने वालो में कई नाम शामिल है जैसे दलपत सुराणा, भरत कुमावत और प्रवीण रतलिया।

बात करे दलपत सुराणा की तो जनसंघ के स्तम्भो में से एक दलपत सुराणा को आगे किया है भैरोंसिंह शेखावत के मंच ने जो जनता सेना के बैनर तले ताल ठोकेंगे। भैरोसिंह शेखावत मंच लम्बे समय से कोशिशें करता रहा है मगर प्रत्याशी को लेकर हर बार चूकता रहा है। लेकिन इस बार जनता सेना के प्रमुख और वल्लभनगर विधानसभा के विधायक रणधीर सिंह भींडर का साथ मिलने से गृहसेवक कटारिया की मुश्किलें बढती नज़र आ रही है। मंच ने इसी साल मेवाड़ में हाइकोर्ट की मांग को लेकर भी जबरदस्त प्रदर्शन किया था जिसका खामियाजा इस चुनाव में भाजपा को भुगतना पड़ सकता है। ये कटारिया जैसे नेता के लिए इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि मंच से जुड़े सभी लोग जनसंघ के दौर में मेवाड़ में जुड़े थे जिन्हें आज की भाजपा में हाशिये पर धकेल दिया गया। अब ये देखने वाली बात होगी कि दलपत सुराणा कांग्रेस से कैसे टक्कर लेते है क्योंकि वह कह चुके है कि उनकी लड़ाई भाजपा से नही बल्कि कांग्रेस से है।

इसी सूची में दूसरा नाम है भरत कुमावत का। कुमावत समाज भाजपा का पारम्परिक वोट माना जाता रहा है, हालांकि राज्य भर में कुमावत समाज ने राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर अपनी मांग तेज कर दी है जिसका एक दृश्य मंत्री सुरेंद्र गोयल के टिकट कटने के बाद दिखा। गोयल ने निर्दलीय नामांकन भरने की बात कहते हुए समाज को एकजूट किया। इतना ही नही भरत कुमावत का ये भले ही पहला चुनाव हो लेकिन राजनीतिक पृष्ठभूमि के मामले में वह नए नही दिखते। उनके चाचा युधिष्ठिर कुमावत भाजपा का बहुत बड़ा चेहरा माने जाते रहे है और नगर निकाय के सभापति भी रह चुके है। भरत कुमावत ने 2012 के अन्ना आंदोलन से जुड़ने के बाद आम आदमी पार्टी को उदयपुर में लाने में काफी मेहनत की, जिसका परिणाम रहा कि राजस्थान के संगठन ने उन्हें राज्य प्रवक्ता और विधानसभा प्रत्याशी बना दिया। अपने चुनाव प्रचार के दौरान एक बेहद दिलचस्प मुहिम को लाते हुए भरत कुमावत जनता से चंदा लेने घर घर तो जा ही रहे है साथ ही इस चंदे के बदले श्रमदान भी कर रहे है। देखने वाली बात यह होगी गुलाबचंद कटारिया के वोट कितना काट पाते है और मुख्य मुकाबले में खुद को कैसे स्थापित करते है, कययक़ी उनका और उनकी पार्टी का राजस्थान में यह पहला चुनाव है।

अंतिम और बेहद दिलचस्प नाम है प्रवीण रतलिया का, जो नाटकीय ढंग से गुलाबचंद कटारिया को टक्कर दे रहे है। सबसे युवा समाजसेवक का दावा करने वाले और अवार्ड पाने वाले रतलिया नरेंद्र मोदी विचार मंच के प्रदेश अध्यक्ष है। पिछले 2 साल से कई बड़े कार्यक्रम कर चुके रतलिया शायद बीजपी से टिकट मिलने को लेकर ऐसा आश्वस्त थे कि अब जब उन्हें बीजेपी ने टिकट नही दिया और उदयपुर इकाई के संगठन ने उनके बीजेपी से ही किसी तरह के सम्बंध को नकार दिया है तो वह प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कटारिया पर सीधा हमला बोल रहे है। कभी उनको हत्यारा बता रहे है तो कभी उनके विदेशों में सम्पत्ति अर्जित करने का दावा कर रहे है। इन दिनों में वे जिस चीज को लेकर चर्चा में है उसका कारण है उनकी बदजुबानी जिसमे उन्होंने गुलाबचन्द कटारिया को हार्ट अटैक देने की बात की जिसके बाद उनकी बुरी खिल्ली उड़ी। मगर वह युवाओ में अपनी लोकप्रियता का दावा करते हुए जीत की बात कर रहे है। युवा वर्ग बेशक महत्वपूर्ण हो, लेकिन राजस्थान में बीजेपी के खिलाफ बहती सत्ता विरोधी लहर में वह कैसे खुद को साबित कर पाएंगे जबकि वह अब तक भाजपा सरकार की नीतियों का समर्थन करते रहे है और अब जब टिकट कट गया है तो वह भाजपा सरकार के गृहमंत्री के संहार तक की बात कर रहे है। प्रोफेशनल तरीके अपनाकर लोकप्रियता हासिल करने वाले रतलिया कही ना कही राजनीतिक समझ के मामले में रणनीतिक चूक करते नज़र आ रहे है, जिसे सोशल मीडिया पर उनकी महत्वकांक्षा या अपरिपक्वता भी कहा जा रहा है। पर जो भी हो एक बात तो तय है कि जो भी वोट प्रवीण रतलिया के खाते में जायेगा उसका खामियाजा गृहसेवक को भुगतना पड़ेगा।

Watch Video

https://www.youtube.com/watch?v=rhwR4qnr8es

 

भाजपा ने 31 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की, 3 मंत्रियों समेत 16 विधायकों के टिकट कटे

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मंत्री राजकुमार रिणवा की जगह दो दिन पहले बसपा से आए अभिनेष महर्षि को टिकट
– राजस्थान में नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 19 नवंबर, मतदान 7 दिसंबर को
– भाजपा ने पहली सूची में 131 प्रत्याशी घोषित किए थे, उसके अब तक 162 प्रत्याशी तय
भाजपा ने राजस्थान में 31 उम्मीदवारों की दूसरी सूची बुधवार को जारी कर दी। इस लिस्ट में पार्टी ने 3 मंत्रियों समेत 16 मौजूदा विधयाकों के टिकट काट दिए हैं। रतनगढ़ से विधायक और कैबिनेट मंत्री राजकुमार रिणवा का टिकट काटकर दो दिन पहले बसपा से भाजपा में आए अभिनेष महर्षि को मौका दिया गया है। वहीं, केशवराय पाटन से विधायक मंत्री बाबूलाल वर्मा का टिकट भी काट दिया गया है। बांसवाड़ा से विधायक और मंत्री धनसिंह रावत की जगह अखड़ू महीरा चुनाव लड़ेंगे।

भाजपा ने पहली लिस्ट में 131 प्रत्याशी घोषित किए गए थे। राज्य में 200 विधानसभा सीटें हैं। बची हुई 38 सीटों पर भाजपा की तरफ से नाम तय होने बाकी हैं। उधर, कांग्रेस बुधवार शाम तक अपने उम्मीदवारों की एक भी सूची जारी नहीं कर सकी। राजस्थान में नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 19 नवंबर है। मतदान 7 दिसंबर को हैं। नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे।

  1. सीट भाजपा             उम्मीदवार का नाम
    1 श्रीगंगानगर         विनीता आहूजा (नया चेहरा)
    2 अनूपगढ़ (एससी)   संतोष बावरी (नया चेहरा, विधायक शिमला बावरी का टिकट कटा)
    3 संगरिया             गुरदीप सिंह शाहपीणी (नया चेहरा, कृष्णा कड़वा का टिकट कटा)
    4 बीकानेर (पश्चिम)   गोपाल जोशी (मौजूदा विधायक)
    5 श्रीडूंगरगढ़           ताराचंद सारस्वत (नया चेहरा, कृष्णा राम का टिकट कटा)
    6 नोखा                 बिहारलाल बिश्नोई (नया चेहरा)
    7 रतनगढ़             अभिनेष महर्षि (कैबिनेट मंत्री राजकुमार रिणवा का टिकट कटा)
    8 सीकर               रतन जलधारी (मौजूदा विधायक)
    9 दूदू                  प्रेमचंद बैरवा (मौजूदा विधायक)
    10 झोटवाड़ा         राजपाल सिंह शेखावत (मौजूदा विधायक, वसुंधरा सरकार में मंत्री)
    11 मालवीय नगर   कालीचरण सराफ (मौजूदा विधायक, वसुंधरा सरकार में मंत्री)
    12 बगरू (एससी)    कैलाश वर्मा (मौजूदा विधायक, मंत्री)
    13 बस्सी (एसटी)    कन्हैयालाल मीणा (2013 में चौथे नंबर पर रहे थे। दोबारा मौका)
    14 चाकसू (एससी)  रामोतार बैरवा (लक्ष्मीनारायण का टिकट कटा)
    15 रामगढ़            सुखवंत सिंह (ज्ञानदेव आहूजा का टिकट कटा)
    16 कठूमर            बाबूलाल मैनेजर (मंगलराम का टिकट कटा)
    17 बसेड़ी (एससी)    छितरिया जाटव ( रानी सिलोटिया का टिकट कटा)
    18 राजाखेड़ा         अशोक शर्मा (नया चेहरा)
    19 हिण्डौन (एससी)  मंजू खैरवाल (राजकुमारी जाटव का टिकट कटा)
    20 सिकराय (एससी)  विक्रम बंसीवाल(नया चेहरा)
    21 जैसलमेर           सांगसिंह भाटी(छोटू सिंह भाटी का टिकट कटा)
    22 पोकरण           प्रताप पुरी (शैतान सिंह का टिकट कटा)
    23 शिव               खुमाण सिंह (कांग्रेस में गए मानवेंद्र सिंह की जगह मौका मिला)
    24 चौहटन            आदूराम मेघवाल (तरुण राय कागा का टिकट कटा)
    25 गढ़ी (एसटी)       कैलाश मीणा (जीतमल खांट का टिकट कटा)
    26 बांसवाड़ा (एसटी) अखड़ू महीरा(मंत्री, धनसिंह रावत का टिकट कटा)
    27 कपासन         अर्जुन जीनगर (मौजूदा विधायक)
    28 नाथद्वारा         महेश प्रताप सिंह (नया चेहरा)
    29 जहाजपुर        गोपीचंद मीणा (नया चेहरा)
    30 केशवराय       पाटन चंद्रकांता मेघवाल (मंत्री बाबूलाल वर्मा का टिकट कटा)
    31 डग              कालूलाल मेघवाल (रामंचद्र का टिकट कटा)

 

देखिये विडियो 

https://www.youtube.com/watch?v=fI1AhAbTLuc

जब टिकिट नहीं मिला तो समाज सेवा का दावा करने वाला गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया को अगले 20 दिनों में हार्ट अटैक से मारने का दावा कर रहे है .

उदयपुर . राजनीति स्वार्थ और कुर्सी की चाह जाने क्या क्या करवा देती है , चुनाव का दौर है और जो लोग जनता की सेवा करने का दावा कर विधायक बनाने के सपने पाले हुए है वो अपने विरोधियों का यूँ कहिये अपने प्रतिद्वंदियों को जी भर कर गालिया दे रहे है, बात अगर हम  उदयपुर शहर विधानसभा करें तो यहाँ गाली और अमर्यादित भाषा का पूरा बाज़ार सज चुका है, एक तरफ भाजपा के प्रत्याशी और मोजुदा विधायक गुलाबचंद कटारिया कांग्रेस की जड़ों में तेज़ाब डालने जैसे फ़िल्मी डायलोग मार रहे है तो दूसरी तरफ उन्ही की पार्टी का दम भरने वाले उनको हार्ट अटैक से मारने की बात कह रहे है,.. जी हाँ अगर इन हार्ट अटैक से मारने वाले साहब की बात माने तो अगले २० दिनों में राजस्थान के गृहमंत्री  हार्ट अटैक से मर जायेगें,

https://www.youtube.com/watch?v=rhwR4qnr8es

प्रवीन रतालिया नाम के इस एक शख्स का कहना है कि वे अगक्ले 20 दिनों में कटारिया की इतनी हालत खराब कर देंगे कि वह हार्ट अटैक से मर जायेगें .
 ये दावा करने वाले साहब है समाज की सेवा करने का दावा करने वाले प्रवीण रतालिया दावा तो यह समाज की सेवा करने का करते है लेकिन फिलहाल हार्ट अटैक से मारने में  एक्क्स्पर्ट लग रहे है .
आखिर बैर क्या है इनका गुलाबचंद कटारिया से, चलिए कम शब्दों में आपको बता देते है, श्री प्रवीन रतालिया अपने चंद समाज सेवा के घोड़े पर सवार हो कर सत्ता की कुर्सी पर खुद को बैठे देखने का सपना पाले हुए थे . इस सपने को साकार करने करने के लिए इन्होने काफी जुगत भी लगाईं भाजपा के आला कमान को खुश करने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से नमो विचार मंच भी बनाया अमित शाह के शान में कार्यक्रम भी किये और आखिर जिस काम के लिए ये सारी उठापटक की यानी शहर का विधायक बनने के लिए तो उसका केम्पेन भी सोशल मीडिया और शहर में पोस्टर लगा के चलाया खेर फायनली बात बनी नहीं और भाजपा से टिकिट मिला ,.. साहब को गुस्सा आगया और मंगलवार को प्रेस कोंफ्रेस बुला कर निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान कर दिया साथ ही गुलाबचंद कटारिया को हार्ट अटैक से मारने का दावा भी ठोक दिया इनका कहना है कि. इनके पास कटारिया जो पाक साफ़ होने का दावा करते है उनकी कर्तुत्प्म का कच्चा चिटठा है जो एक एक कर खोलेगें और कटारिया उन्हें देख हार्ट अटैक से ,……….
सोचिये सिर्फ टिकिट नहीं मिला उसमे इन समाज की सेवा करने वाले के तेवर इसे है अगर यह टिकिट ले कर जीत गए होते तो जिस जनता को यह समाज सेवा की नोटंकी के नाम पर चप्पल और स्वेटर बाँटते  है उस जनता की खाल भी उतरवा लेते ,.. खेर ,.. फिलहाल हम यह देखेगे की अगले २० दिनों में ये कौनसे  ऐसे काम करते है कि जिससे गुलाबचंद कटारिया को हार्ट अटैक आजायेगा ,.. फिलहाल इन्होने किसी जमीं के कागज़ दिखाए है जो गुलाबचंद कटारिया की पत्नी के नाम है ,…. बाकी और कुछ खुलासे करने का दावा कर रहे है जिसका जनता को और खुद कटारिया को भी इंतज़ार है क्यूँ कि भाई हार्ट अटैक भी तो आना है .
https://www.youtube.com/watch?v=rhwR4qnr8es