आयड नदी की खूबसूरती पर प्रशासन की बैठक

३ माह में सौंपी जाएगी डीपीआर की अन्तरिम रिपोर्ट

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उदयपुर, उदयपुर शहर के मध्य से गुजर रही आयड नदी को प्रदूषण मुक्त करने और इसके सौन्दर्यकरण को लेकर सोमवार को जिला कलक्टर एवं कार्यकारी एजेन्सी वेपकोस कम्पनी के प्रतिनिधियों एवं सम्बन्धित अधिकारियों के बीच हुई बैठक में महत्वपूर्ण लिये गये । कार्यकारी एजेन्सी आगामी ३ माह में डीपीआर की अन्तरिम रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।

बैठक में जिला कलक्टर विकास एस.भाले ने कहा कि उदयपुर में आने वाले पर्यटकों के लिये आयड नदी महत्वपूर्ण हैं इसे साफ और सुन्दर बनाना आज की जरूरत है। इसे अतिक्रमण मुक्त करने तथा प्रदूषणमुक्त करना भी शहर के हित में है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में उच्चतम न्यायालय के भी स्पष्ट दिशा निर्देश हैं।

पॉवर प्रजेन्टेशन के माध्यम से वेपकोस कम्पनी के प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर आर.के.नेभनानी ने बताया कि अब तक आयड नदी के जीर्णोद्घार, सौन्दर्यीकरण एवं प्रदूषण मुक्त करने के लिए जल संसाधन विभाग, यूआईटी एवं नगर परिषद् द्वारा और कई जानकारियां जुटाई जा रही है । उनका कहना है कि नदी की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाई जा रही है । और इसमें करीब ६ माह का समय लगेगा। लेकिन इसकी अन्तरिम रिपोर्ट ३ माह मे उपलब्ध करवा दी जाएगी।

बैठक में नगर विकास प्रन्यास के अध्यक्ष रूपकुमार खुराना ने कहा कि डीपीआर जल्द बनवाई जाए ताकि समय रहते कार्य प्रारम्भ किये जा सकें। उन्होंने कहा कि उदयपुर शहर में आयड नदी का प्रभाव ११ किलोमीटर है और कुल २६ किलोमीटर लम्बी इस नदी में कई स्थानों पर अतिक्रमण के कारण कार्य बाधित हो सकते हैं। इसे देखते हुए जिन क्षेत्रों में यह समस्या नहीं हैं उन स्थलों पर चरणवार कार्य शुरु करवाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि नदी के सर्वांगीण विकास के लिए यूआईटी बजट उपलब्ध करवा सकती है बशर्ते इसका रख-रखाव आदि का कार्य नगर परिषद् करें।

इस अवसर पर नगर परिषद् सभापति श्रीमती रजनी डांगी ने कहा कि नदी से झाडिया एवं सफाई का कार्य नगर परिषद् द्वारा करवाए जाने के प्रयास किए जाएंगे।

नगर विकास प्रन्यास के विशेषाधिकारी प्रदीप सिंह सांगावत, अधीक्षण अभियंता अनिल नेपालिया ने आयड नदी पर विस्तृत जानकारी दी और बताया कि इस पर सर्वे के अनुसार १७२ अतिक्रमणों का चिन्हीकरण किया गया था और सम्बन्धित विभागों के साथ अभियान चलाकर ८६ अतिक्रमण हटा दिये गए हैं। बैठक में श्री नेपालिया को इस परियोजना का नोडल ऑफीसर बनाया गया।

बैठक में विषय विशेषज्ञ जी.पी.सोनी ने भी आवश्यक सुझाव दिये। बैठक में उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि ने बताया कि यदि उन्हें जगह उपलब्ध करवाई जाती है तो वे 25 करोड रुपये तक ट्रीटमेंट प्लांट पर व्यय कर सकते हैं।

इसके अलावा बैठक में नदी को प्रदूषण मुक्त करने, गन्दे पानी के नालों से गिर रहे पानी को उपचारित करने, अतिक्रमण मुक्त करने सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिये गये। इस अवसर पर नगर परिषद् उप सभापति महेन्द्र सिंह, नगर परिषद् आयुक्त सत्यनारायण आचार्य, सहित वेपकोस एजेन्सी के विशेषज्ञ एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारिगण मौजूद थे।

 

झीलों की नगरी में तापमान फिर 0 डिग्री

शीत लहर थमेगी तो रूकेगी ठंड

उदयपुर, शहर में चल रही शीत हवाएं थमने का नाम नहीं ले रही है। झीलों की नगरी में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। शहर का तापमान सोमवार प्रात: शून्य के करीब पहुंच गया। यूनिवरसिटी कैम्पस में आज प्रात: ०.७ डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। सर्द हवाओं ने शहर में सर्दी को बढा दिया है वहीं तापमान एक बार फिर 0 डिग्री पर जा पहुंचा।

तेज सर्दी व कोहरे के कारण उदयपुर आने वाली फ्लाईट भी देरी से पहुंच रही है। एयर इंडिया की मुंबई-दिल्ली फ्लाइट सोमवार को करीब ३ घंटे देरी से उदयपुर पहुंची। घने कोहरे के कारण शाम ५ बजे उदयपुर पहुंचने वाली फ्लाइट करीब 8 बजे पहुंची। एयरपोर्ट सूत्र इसकी वजह दिल्ली में खराब मौसम एवं घने कोहरा बता रहे है।

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मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार हिमाचल व शिमला में भारी बर्फ बारी के चलते समूचे उत्तर भारत ठंड की चपेट में है। ऐसे में जब तक बर्फ नहीं पिघलती है एवं सर्द हवाएं कम नहीं होगी तब तक ठंड बनी रहेगी।

आज प्रात: यूनिवरसिटी कैम्पस में शहर को न्यूनतम तापमान ०.७ डिग्री पहुंच गया जबकि अधिकतम तापमान २० डिग्री दर्ज किया गया है। वहीं मौसम विभाग डबोक के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान १९.८ व न्यूनतम तापमान ४.६ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

रविवार रात अचानक फिर सर्द हवाओं ने जोर पकड लिया। जिससे सोमवार प्रात: सूर्योदय ही करीब ७ बजकर १९ मिनट के करीब हुआ। घने कोहरे के कारण अलसुबह स्कूल जाने वाले नन्हे बालक-बालिकाओं को काफी परेशानी हो रही है। सर्द हवाओं के थपेडों से स्कूली छात्र धूजते नजर आए। ज्ञातव्य है कि

मकर संक्रांति के बाद अचानक बढी सर्दी से शहरवासी सहमे हुए है। वहीं शाम होते ही शीत लहर के कारण सडके सूनी हो जाती है एवं लोग अपने घरों में ही अलाव जलाकर सर्दी से निजात पाने की कोशिश में लगे रहते है।

भाजपा ने की शिंदे के बयान की भत्र्सना

उदयपुर, भारतीय जनता पार्टी, शहर जिला उदयपुर ने जयपुर में सम्पन्न हुए कांग्रेस के चिन्तन शिविर में मंच से देश के गुहमंत्री सुषील कुमार शिंदे द्वारा राष्ट्रवादी संगठन को आतंकवाद से जो$डकर जो बयानबाजी की उसकी निंदा करते हुए कांग्रेस पार्टी के राश्ट्रीय अध्यक्ष को देष से माफी मांगने और गृहमंत्री जैसे जिम्मेदार पदों पर आसीन इस तरह की ओछी मानसिकता वाले वालों को बर्खास्त करने की मांग की।

पूर्व गृहमंत्री नगर विधायक गुलाबचन्द कटारिया ने केन्द्र सरकार के गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे द्वारा आरएसएस व भाजपा जैसे संगठनों को हिंदु आतंकवाद बताने की क$डी निन्दा करते हुए आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि आरएसएस वह संगठन है जहां पर राष्ट्रभक्त स्वयं सेवक तैयार होते हैं। पूरा देष गवाह है जब-जब भी देष व समाज पर संकट ख$डा हुआ संघ का स्वयं सेवक वहां पर तैयार ख$डा मिला। पूरा देष जान रहा है कि देष में आतंकवाद कहां और कैसे पनप रहा है? आतंकवाद की जननी खुद कांग्रेस पार्टी है। तुश्टीकरण की नीति और वोट बैंक को बचाने राश्ट्र की सुरक्षा इनके लिये कोई मायने नहीं रखती। देष में घुसपैठियों को कौन आमंत्रित कर रहा है। कौन उन्हें नागरिकता प्रदान कर रहा है। और कौन उन्हें वोट का अधिकार प्रदान कर रहा है। आसाम, पूर्वांचल व कष्मीर आतंकवाद व घुसपैठ के षिकार हैं, इसका जिम्मेदार कौन है। हाल ही में सीमा पर पाकिस्तानी सैनिकों ने बर्बरता का नंगा नाच करते हुए हमारे जवानों की नृषंस हत्या कर दी और हद तो यहां पार हो गई जब वो हमारे जाबांज का सिर काट कर ले गये और हमारी सरकार मूक बनकर रह गई। प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर मुंह खोलने में सात दिन लग गए। देष के सामने सवाल ख$डा है। देष की जनता खुद फैसला करे कौन देषभक्त है और कौन गद्दार?

कटारिया ने कहा कि गृहमंत्री के पद बैठा हुआ एक व्यक्ति केवल चापलूसी के लिए बेतुका बयान देकर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व देष से माफी मांगे। इस तरह का चिन्तन करके राश्ट्र के सम्मुख यह पार्टी क्या रखना चाहती है।

भाजपा प्रदेष मंत्री प्रमोद सामर, षहर जिलाध्यक्ष दिनेष भट्ट, पूर्व विधानसभाअध्यक्ष षान्तिलाल चपलोत, सभापति रजनी डांगी ने देष के गृहमंत्री द्वारा राश्ट्रभक्त संगठन आरएसएस व भाजपा के प्रति जो विचार व्यक्त किये उसको उनकी औछी मानसिकता का प्रतीक बताया। सभी मोर्चों पर विफल, आमजन की कसौटी पर असफल कांग्रेस पार्टी स्वयं को पुन: प्रतिश्ठित करने, देष की जनता के समक्ष उजागर करो$डों-करो$डों के घपलों, भ्रश्टाचार, व्याभिचार, कालेधन, महंगाई से निपटने में पूर्ण विफल, देष के युवाओं को रोजगार देने, किसानों को सुविधाएं देने में विफल, जिनके षासन में बहु-बेटियां सुरक्षित नहीं, राश्ट्र सुरक्षित नहीं, चहुंओर आतंकवाद-नक्सलवाद-घुसपैठ से प्रभावित जनता का ध्यान भटकाने का एकमात्र फार्मूला है यह बयान।

भाजपा प्रदेष कार्यसमिति सदस्य मांगीलाल जोषी, युधिश्ठिर कुमावत, डॉ. किरण जैन, महामंत्री चन्द्रसिंह कोठारी, लोकेष द्विवेदी, मोतीलाल डांगी, वरीश्ठ उपाध्यक्ष भाजपा षहर जिलाउपाध्यक्ष कुन्तीलाल जैन, राजेन्द्र बोर्दिया, वन्दना मीणा, हंसा माली, गणेष व्यास, मंत्री मनोहर चौधरी, षंकर सालवी, राम लाल चौधरी, खुबीलाल पालीवाल, अरविन्द जारोली, करण सिंह षक्तावत, फूलसिंह मीणा ने राश्ट्रभक्त संगठन आरएसएस व भाजपा के लिए अनर्गल बयान की निन्दा करते हुए बयान को देष के लिए खतरनाक बताया।

भाजपा डॉ. मुखर्जी मण्डल अध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी चंचल कुमार अग्रवाल, सहप्रभारी राकेष षर्मा, कमल कुमावत, अनिल अग्रवाल ने कहा कि देष में एक के बाद एक आतंकी घटनाएं, घुसपैठ हो रही है। तुश्टीकरण की नीति के चलते आतंकवादियों व घुसपैठियों पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही और सरकार का इन लोगों को पूर्ण संरक्षण प्राप्त हैं। आतंकवाद के ल$डने का जो हथियार पोटा कानून था उसे भी खत्म कर आतंकवाद को खुली छूट दे रखी है।

केन्द्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिन्दे द्वारा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में हिन्दु आंतकवादी पनपाने के बयान के विरोधमें सूरजपोल पर भारतीय मजदूर महासंघ के तत्वावधान में जोरदार प्रदर्शन किया और गृहमंत्री शिंदे का पुतला पंू*का। महासंघ के प्रदेश मंत्री कमलेन्द्र ङ्क्षसह पंवार के नेतृत्व में बडी संख्या में कार्यकर्ताओं का हुजूम नारेबाजी करता हुआ सूरजपोल पहुंचा जहां शिंदे का पुतला खडा कर जमकर नारेबाजी की ओर पुतला पंू*का। प्रदर्शनकारियों ने शिंदे के बयान को कांग्रेस की सोची समझी साजिश बताया तथा कहा कि यह देश को टुकडो में विभाजित करने की साजिश है। प्रदर्शन के मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट, सभापति रजनी डांगी, महिला मोर्चाध्यक्ष अलका मंूदडा आदि मौजुद थे।

भूमाफिया के विरूद्घ जन मंच ने किया शंखनाद

उदयपुर, जरूरतमंदों के लिये अपना घर का सपना आवश्यक सुविधायुक्त आवास उपलब्ध हो। यह विचार के साथ जनमंच उदयपुर व शहर के अन्य लोगों ने वर्तमान सरकार की नीति एवं भूमि दलाल, माफिया व भ्रष्ट प्रशासन के विरोध में कलेक्ट्री पर धरने के साथ अपना घर का सपना का आंदोलन शुरू किया।

धरने के दौरान माकपा सचिव बी.एल. सिंघवी ने कहा कि अपना घर या मकान हर आदमी का सपना होता है ज्हां वह सुकून के पल बिताता है लेकिन वर्तमान सरकार, भूमि दलाल, व भ्रष्ट प्रशासन के गठजोड से आम आदमी का यह सपना चूर-चूर हो गया है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह एक आवास नीति घोषित करें, जिसमें समस्त जरूरतमंदों को एक निश्चित समय सीमा में अवश्य सुविधायुक्त आवास उपलब्ध करावें।

पूर्व विधायक एवं भाजपा जिला सचिव मेघराज तावड ने कहा कि आवासन मण्डल नगर विकास प्रन्यस पंगु बन गये है। वे आवास देने के बजाय भू माफियाओं के लिये भूमि रूपान्तरण व सुविधा उपलब्ध करवाने वाले ऐजेन्ट मात्र है। जनमंच के संयोजक अरूण व्यास ने कहा कि जिसे लोग धरती मां कहते थे आज वहीं धरती मां कुछ मुनाफाखोरो के लिये सिर्फ ज्यादा मुनाफे वाला उद्योग बना हुआ है और उन्होंने प्रशासन को भी भ्रष्ट कर रखा है। इस धंधे में राजनैतिक लोग ज्यादा लगे हुए है।

समाजवादी पार्टी के भंवरलाल वैरागी के अनुसार उदयपुर शहर का हर तीसरा व्यक्ति इन भू माफियाओं का सताया हुआ है। जो डरा धमका कर ठगी कर धोखे से अपनी पैतृक सम्पत्तियों को कोडियों में इनके हाथों बेचने को मजबूर कर देते है।

सामाजिक कार्यकर्ता हरीश सुहालका ने कहा कि भू माफिया राजनेताओं के साथ मिलकर गरीब आदिवासियों किसान की जमीन धोखे से कोडियों की कीमत में खरीद कर उन पर प्लानिंग कर मुनाफा कमाने में लगे हुए है।

पार्षद राजेश सिंघवीने कहा कि राजस्थान में शहरी भूमि हदबंदी कानून पुन: लागू करा किसी भी व्यत्ति पास अधिकतम आवास योग्य भूमि को सीमा तय कर उससे अधिक भूमि को जब्त कर जरूरतमंदों को दी जावे। सभा में सभी ने आवासीय उपयोग हेतु कृषि भूमि में व्यवसाय पर रोक लगाने ऐसे व्यवसाय को अवैध घोषित करने, कृषि भूमि को गैर कृषक को बेचने पर रोक लगाने आदि आम आदमी को आवास की सुविधा मुहैया कराने की मांग की व सभा के उपरांत जन मंच की ओर से एक प्रतिनिधि मण्डल ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिला कलेक्टर को देकर आम आदमी के घर के सपने को पूरा करने हेतु आवास नीति बनाने की मांग की। इस अवसर पर जन मंच उदयपुर की ओर से इस मुद्दे को जन आंदोलन बनाने का भी ऐलान किया गया।

 

जलदायकर्मियों का अनिश्चितकालीन धरना प्रारंभ

उदयपुर, भारतीय जलदाय कर्मचारी संघ जिला उदयपुर द्वारा पूर्व में दिये गये 5 सूत्री मांग पत्र को स्वीकृत कर विभाग द्वज्ञरा कर्यवाही नहीं किये जाने के विरोध स्वरूप सोमवार से राघवेन्द्र सिंह सारंगदेवोत के नेतृत्व में 11 कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन धरना प्रारंभ कर एक आम सभा की।

आम सभा को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष रमेश सिंह ने कहा कि उदयपुर में लंबे समय से अनिश्चितता का वातावरण बना हुआ है। जिसके कारण विभाग को 55 करोड रूपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड रहा है। जो जांच का विषय तो है ही तथा ऐसी अनियमितता करने वाले लोगों के खिलाफ जांच कर दोषी अधिकारी एवं ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जावें।

महासंघ के महामंत्री बृजराज आचार्य ने जलदाय श्रमिकों की मांगों पर सरकार से हुई वार्ता की जानकारी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने 10 फरवरी तक श्रमिकों की मांगो को पूरा किये जाने का आग्रह करते हुए कहा कि जिन योजना को नगर पालिका एवं पंचायती राज को सौंपे जाने के आदेश निरस्त नहीं किये तो फरवरी माह में पूरे प्रदेश के श्रमिकों का प्रदर्शन कर सरकार को चेतावनी दी जायेगी।

आचार्य ने उदयपुर के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि भेदभाव का रास्ता छोडे तथा यूनियन के पदाधिकारियों के खिलाफ झूठे मुकदमे बनाकर आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया तो वह सहन नहीं होगा।

 

ट्रेन से कटकर एक व्यक्ति की मृत्यु

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डूंगरपुर, कोतवाली थानान्तर्गत साबेला बाई पास के पास ट्रेन की पटरी पर ट्रेन से कट एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पिपली अ थाना केशरीयाजी निवासी शंकर पुत्र कचरा अहारी जो कि विगत ५ वर्षो से सुरपुर अपने ससुराल में रहता था। दोपहर में अहदाबाद वाली टे्रन के आगे आ जाने से शंकर की मृत्यु हो गई। ट्रेन के चालक ने डंूगरपुर रेल्वे स्टेशन पहुंच जीआरपी थाने को सूचना दी। जिन्होने सदर थाना को घटनाक्रम से अवगत कराया। जिस पर द्वितीय अधिकारी हनुवंतसिंह मौके पर पहुंचे। लेकिन उक्त घटनाक्रम कोतवाली थाने का होने पर शहर कोतवाल ज्ञानेन्द्रसिंह मौके पर पहुंचे। मृतक के शव को मुर्दाघर में रखवाकर उसके परिजनों को पिपली अ में अवगत कराया गया। मंगलवार को पोस्ट मार्डम कराया जायेगा।

 

अस्थिया हटा कीचड़ में डाली

उदयपुर, मृतका मां की शमशान घाट से अस्थियां हटाने पर पुत्र ने पुलिस में शिकायत की।

पुलिस सूत्रों के अनुसार चांदपोल चोहानों की गली निवासी नरेन्द्र गहलोत ने रानीरोड स्थित शमशान घाट पर कार्यरत सफाई कर्मी के खिलाफ रिपोर्ट दी की।18 जनवरी को मां की मृत्यु होने पर उनका रानीरोड स्थित शमशान घाट पर अङ्क्षतम संस्कार किया। सोमवार को अस्थियां लेने गये तो मोके पर नहीं मिली। काफी तलाश करने के बाद अस्थिया कींचड पडी टोकरी में मिली।रिपोर्ट में नरेन्द्र ने आम जन की भावना को देखते हुए सफाई कर्मी को पाबंद कर भविष्य में घटना की पुनरावृत्ति नहीं करने की शिकायत की।

 

वन भूमि पर कब्जा करने वालों को जेल

उदयपुर, जरगाजी गुर्रा स्थित वन भूमि पर कब्जा करने का प्रयास करने के आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से सभी को जेल भेजा।

सायरा थाना पुलिस ने जरगा वन क्षेत्र भूमि की 160 मीटर दीवार ध्वत कर कब्जा करने का प्रयास करने के आरोपी गणावल निवासी पुरा, रूपा पुत्र धन्ना, भूरा पुत्र पन्ना, नाथु पुत्र हरिंग,दल्ला पुत्र उमा गतेती को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से सभी को जेल भेजा। प्रकरण के अनुसार वन नाका गुर्जरों का खेडा अन्र्तगत वनखण्ड जरगा नामी जगह गुर्रा मोटी बीवण वन क्षेत्र की 9 जनवरी को आरोपियों ने कब्जा करने की नियत से 160 मीटर दीवार ध्वस्त कर दी थी। गश्ती दल को इसका पता चलने पर सहायक वनपाल बनाराम ने आरोपियों के खिलाफ पुलिस में प्रकरण दर्ज करवाया था।

माइन्स श्रमिकों पर पत्थर बाजी

उदयपुर,बैकरिया थाना पुलिस ने आठ से अधिक श्रमिकों के खिलाफ माइन्स के श्रमिकों पर पत्थरबाजी करने का प्रकरण दर्ज किया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार खेडा तला माइन्स के सुरक्षा अधिकारी मंगल सिंह पुत्र अनन्त सिंह ने भीमाणा जिला पाली निवासी चिनाद पुत्र खैता सहित 8 श्रमिकों के खिलाफ माइन्स में कार्यरत श्रमिकों पर पत्थरबाजी करने का प्रकरण दर्ज करवाया। कि 19 जनवरी को आये आरोपियों ने माइन्स क्षेत्र में चल रहे कार्य के दौरान आरोपियों ने पत्थरबाजी की। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। माइन्स में श्रमिकों एवं प्रबंधकों के बीच १४ सूत्री मांग को लेकर विवाद चल रहा है। इस मामले में अब तक ३ प्रकरण प्रबंधन की ओर से पुलिस में दर्ज करवायें है तथा एक बार राज्य के युवा मामलात एवं खेलमंत्री एवं जिला कलक्टर, एवं माइन्स प्रबंधकों, श्रमिकों नेताओं के बीच हुई वार्ता में भी कोई सुलह नहीं हो पाई थी। माइन्स में कार्यरत श्रमिकों के लिए राशन सामग्री ले जाते समय हडताली श्रमिकों ने रोका था। इस दौरान पुलिस ने ४ राउण्ड फायर भी किये थे।

नो कंस्ट्रक्शन जोन में निर्माण ध्वस्त को लेकर सुनवाई

360_udaipur_0923उदयपुर, झीलो में नो कंस्ट्रक्शन जोन में निर्माण ध्वस्त को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस मामले में कोई बडा फैसला हो सकता हे। पेशी के लिए सभी पक्षो ने अपनी अपनी तैयारी कर रखी है।

उल्लेखनिय है कि नो कंस्ट्रक्शन जोन को लेकर कुछ माह पहले हाईकोर्ट ने कई पांच सितारा होटल व मकानों के निर्माण को ध्वस्त करने के आदेश दे दिये थे तथा निर्माण पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट ने उदयसागर में बन रही वर्धा इंटरप्राइजेज की ५ स्टार होटल तथा एचआरएच ग्रुप को फतह प्रकाश होटल में 40 कमरे ध्वस्त किय जाने के आदेश दे दिये थे।

हाईकोर्ट के आदेश के विरूद्घ सभी पक्ष सुप्रीम कोर्ट चले गये थे। सुप्रीम कोर्ट ने भी सभी पक्ष की याचिकाएं स्वीकार करते हुए जवाब मांगे थे।

उम्मीद जताई जा रही है कि अगर सोमवार को कोर्ट में सुनवाई हुई तो कोई खास आदेश आ सकते है। होटल समूह द्वारा हाईकोर्ट के आदेशों की पलटने की हर संभव कोशिश की जा रही है। विशेषज्ञ वकीलों द्वारा सारे कानूनी दांव पेच लगाये जा रहे हे। अगर कोई आदेश नहीं भी आये तो होटल समूह अंदेशा लगाए बैठे है यथा स्थिति तो रहेगी ही।

इधर अगर शहर की हकीकत जाने तो हाईकोर्ट के सारे आदेशों की खुलकर अवमानना हो रही है। जिला प्रशासन का ध्यान वर्तमान मे नो कंस्ट्रक्शन जोन से हटा हुआ है ओर पिछोला तथा प*तहसागर किनारे पि*र ढके हुए अंदाज में कंस्ट्रशन शुरू हो गये है।

नो कंस्ट्रक्शन जोन के अलावा झीलो के किनारे नो प्लास्टिक जोन घोषित था लेकिन इस आदेश की भी स्थानिय निकायों द्वारा खाना पूर्ति कर के हाल ज्यों के त्यो बने हुए है। इसके अलावा भी चाहे बात आयड नदी की हो प्रदूषण मुत्त* कराने की हो चाहे झील विकास प्राधिकरण का गठन हो सभी मामले ठण्डे बस्ते में जाने के बाद सभी पक्ष बेपि*क्र हो गये है।