आज से भूख हडताल की चेतावनी
ईद बाद उदयपुर बंद की घोषणा
उदयपुर, झील निर्माण निषेध क्षेत्र में नगर परिषद और यूआईटी के मकान तोडने के नोटिस के बाद माहोल गर्मा गया को पीड़ितों के साथ जनप्रतिनिधि कलेक्टर से मिले व नगर परिषद आयुक्त का घेराव किया।
यूआईटी द्वारा ७३ मकानों की सूचि तथा नगर परिषद द्वारा ४१ व बाद में ३३ नामों को नोटिस जारी किया। इन नोटिसों ओर हाईकोर्ट के आदेशों ने जनता की नींद हराम कर रखी है। जनता सवाल पूछ रही लेकिन अधिकारियों के पास जवाब नहीं है। गुरूवार को शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया की भाजपा नेता मांगी लाल जोशी सहित कई पीड़ितों कलेक्टर से मिले और उन्हें ज्ञापन दिया कि राज्य सरकार पीड़ितों की सहायता कई देर रात तक पीडित आयुक्त के कक्ष में धरना लगा कर बेठे रहे। धर्मोत्सव समिति के दिनेश मकवाना ने कहा कि यदि पीडितों को उचित न्याय नहीं मिला तो शुक्रवार से भूख हडताल पर बैठेगें । ईद के बाद उदयपुर बंद का आव्हान किया जाएगा। इधर नगर परिषद में वार्ड ८के पार्षद कमलेश जावरिया व व धर्मोत्सव समिति के दिनेश मकवाना देर रात तक नगर परिषद आयुक्त का उसके कक्ष में घेरा कर रखा है।
घेराव करने वाले पीडितों की मांग है कि उन्हे बताया जाय कि उन्हें अवेध निर्माण की सूचि में किस आधार पर शामिल किया गया अगर जिला कलक्टर का कहना है कि ९७ के बाद झील निर्माण निषेध क्षेत्र में किसी को मकान बनाने की स्वीकृति नहीं मिली है जबकि नगर परिषद व यूआईटी द्वारा सन २००० में समाचार पत्रों में विज्ञप्ति निकाल कर जिन क्षेत्रों को निर्माण निषेध क्षेत्र घोषित किया है वहां एक हजार से ज्यादा मकानों को स्वीकृति ही है। जबकि अब तोडने के आदेश दिये है।

