Today, Laxmidevi’s vegetable cart is not only famous in her community but also in her entire village of Putholi in Chittorgarh, for her fresh vegetables.
Laxmidevi’s husband’s income did not suffice the needs of the family, especially her daughter’s education. One day, she came to know about Hindustan Zinc’s Self Help Group (SHG) from other women of her village and she joined one of the SHGs called Radha Rani Samooh. These SHGs function on the method of ‘thrift savings’ and are linked with banks for loans, at much subsidized rates, which substantially scales up small-scale businesses.
Laxmidevi took a loan of Rs. 3000/- from the samooh to start making earthen pots. By selling these pots, she made a profit of almost Rs. 3000/-. But the season of earthenware had subdued and she stopped making enough money. Laxmidevi was doubtful to start with a new business. However, she had noticed that the women of her village had to travel to far away mandis to fetch fresh vegetables. To help them, ambitious Laxmidevi planned to switch to selling vegetables in her village. Hence, she took a loan of another Rs. 3000/- from her samooh to set up her vegetable selling business.
With the strong support of her family, she also bought a vegetable hand-cart. Every morning, Laxmidevi gets vegetables from the mandi and sells it in her village and today she makes a profit of more than Rs. 6000/- every month.
“Since the time I have been part of the samooh, I feel completely independent. I have a stable source of income. We don’t face any more financial problems. Through my business, I not only help the village ladies, but also earn from it. I am grateful to Hindustan Zinc for giving me my independence…”, says beaming Laxmidevi.
The Sakhi project has been developed to contribute towards socio-economic empowerment of rural women. Currently, ‘Sakhi’ is reaching out to about 19,860 rural and tribal women through almost 1565 SHGs in Rajasthan and Pantnagar.
Independent and confident Laxmidevi, who has ignited a spark of hope in other women of her village, may soon lead to a new story of empowerment in the life of another Sakhi like her…
भारत रत्न और तीन बार प्रधानमंत्री रहे Atal Bihari Vajpayee (93) शुक्रवार शाम 4:56 बजे पंचतत्व में विलीन हो गए। Atal ji की दत्तक पुत्री नमिता भट्टाचार्य ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंत्येष्टि में राष्ट्रपति Ramnath kovind, प्रधानमंत्री Narendr Modi समेत कई देशों के नेता मौजूद रहे। अंतिम यात्रा के दौरान भाजपा मुख्यालय से स्मृति स्थल के पांच किलोमीटर रास्ते पर हजारों लोगों ने अटलजी को पुष्प चढ़ाए। इस दौरान नरेंद्र मोदी अंत्येष्टि स्थल तक पैदल साथ आए। उनके अलावा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, शिवराज सिंह चौहान समेत कई वरिष्ठ भाजपा नेता भी साथ-साथ पैदल चले।
स्मृति स्थल पर तीनों सेना प्रमुख, रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण, लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामगेयाल वांगचुक, बांग्लादेश के विदेश मंत्री अबुल हसन महमूद अली, नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप कुमार, अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई, श्रीलंका के कार्यवाहक विदेश मंत्री तिलक मारापना, लालकृष्ण आडवाणी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने श्रद्धांजलि दी। Atal Bihari Vajpayee की नातिन Niharika को सेना ने अटलजी की पार्थिव देह पर लिपटा तिरंगा सौंपा। स्मृति स्थल पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सभी दलों के प्रमुख नेता भी मौजूद थे। यमुना किनारे डेढ़ एकड़ जमीन पर अटलजी का स्मृति स्थल बनाया जाएगा।
सभी दलों के नेता भाजपा मुख्यालय पहुंचे : अंतिम दर्शन के लिए अटलजी की पार्थिव देह को सुबह 9 बजे उनके आवास से भाजपा मुख्यालय लाया गया था। यहां सभी दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। अटलजी ने गुरुवार शाम 5.05 बजे एम्स में अंतिम सांस ली थी। वे नौ साल से बीमार थे और 67 दिन से एम्स में भर्ती थे। पार्टी मुख्यालय में नरेंद्र मोदी, पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण अाडवाणी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने अटलजी को पुष्पांजलि दी। अन्य दलों के नेता भी भाजपा मुख्यालय आए। इनमें सपा नेता मुलायम सिंह यादव, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया आप सांसद संजय सिंह, द्रमुक नेता ए राजा, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह शामिल थे। आडवाणी पूरे वक्त भावुक नजर आए।
अटलजी ने पूरी दुनिया में सम्मान हासिल किया- पुतिन : शुक्रवार को भूटान के नरेश जिग्मे खेसर नामगेयाल वांगचुक ने अटलजी को श्रद्धांजलि दी। नेपाल के विदेश मंत्री पीके ग्यावाल, बांग्लादेश के विदेश मंत्री अबुल हासन महमूद अली, श्रीलंका के कार्यकारी विदेशी मंत्री लक्ष्मण किरीला, अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई और पाकिस्तान के कानून मंत्री अली जफर अंत्येष्टि में मौजूद रहे। मॉरिशस ने अटलजी के निधन पर गहरा दुख जताया। शोक स्वरूप मॉरिशस सरकार ने अपना राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, “अटल बिहारी वाजपेयी ने पूरी दुनिया में सम्मान हासिल किया। उन्हें एक ऐसे राजनेता के तौर पर याद किया जाएगा, जिसने रूस और भारत के कूटनीतक संबंधों को मजबूत करने में निजी तौर पर बड़ा योगदान किया।’ श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने ट्वीट किया, “हमने एक महान मानवतावादी और श्रीलंका का अच्छा दोस्त खो दिया।
राहुल गांधी और मोहन भागवत ने आवास पर जाकर श्रद्धांजलि दी : अटलजी के पार्थिव शरीर को गुरुवार शाम एम्स से लाकर अंतिम दर्शन के लिए कृष्ण मेनन मार्ग स्थित उनके आवास पर रखा गया था। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसी आवास पर पहुंचकर अटलजी को शुक्रवार सुबह श्रद्धांजलि दी। वहीं, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, मोदी, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह समेत कई नेताओं ने गुरुवार देर रात श्रद्धांजलि दी।
12 राज्यों में शासकीय अवकाश: अटलजी के निधन पर 7 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई। शुक्रवार को देश के 12 राज्यों ने राजकीय शोक और अवकाश की घोषणा की। इनमें दिल्ली, उत्तरप्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश, ओडिशा, पंजाब, बिहार, झारखंड, हरियाणा, तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक राज्य शामिल हैं। इन राज्यों में सरकारी कार्यालय, स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश रखा गया। सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में भी शुक्रवार को एक बजे तक ही काम हुआ। दिल्ली में व्यापारियों ने भी सभी बाजार बंद रखे।
अमेरिका, चीन, पाकिस्तान, ब्रिटेन और बांग्लादेश ने दुख जताया: पाकिस्तान तहरीक-इंसाफ के नेता और प्रधानमंत्री बनने जा रहे इमरान खान ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी राजनीति के एक बड़े व्यक्तित्व थे। भारत-पाक संबंधों में सुधार के लिए उनके प्रयासों को हमेशा याद किया जाएगा। चीन के राजदूत लुयो झाओहुई ने ट्वीट किया- “अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से गहरा दुख पहुंचा है।” भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा, “पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने शासनकाल में अमेरिका के साथ मजबूत रिश्तों पर जोर दिया।” ब्रिटेन और जापान के राजदूत ने कहा कि वे वैश्विक नेताओं में से एक थे। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश के लोगों में भी अटल बिहारी वाजपेयी काफी लोकप्रिय थे।
मोदी ने कहा- पिता का साया उठ गया: नरेंद्र मोदी ने अटलजी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका जाना सिर से पिता का साया उठने जैसा है। इससे पहले उन्होंने ट्वीट में कहा- ‘‘मैं नि:शब्द हूं, शून्य में हूं, लेकिन भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है। हम सभी के श्रद्धेय अटलजी हमारे बीच नहीं रहे। यह मेरे लिए निजी क्षति है। अपने जीवन का प्रत्येक पल उन्होंने राष्ट्र को समर्पित कर दिया था। उनका जाना, एक युग का अंत है।’’
1924 में जन्मे, मूल रूप से कवि और शिक्षक : वाजपेयी मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 25 दिसंबर 1924 को जन्मे। वे मूलत: कवि थे और शिक्षक भी रह चुके थे। 1951 में जनसंघ की स्थापना हुई और अटलजी ने चुनावी राजनीति में प्रवेश किया। 1957 में वाजपेयी मथुरा से लोकसभा चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। हालांकि, बलरामपुर सीट से वह जीत गए। 1975-77 के आपातकाल के दौरान वह गिरफ्तार किए गए। 1977 के बाद जनता पार्टी की मोरारजी देसाई की सरकार में वह विदेश मंत्री भी रहे। 1980 में उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी की नींव रखी। वे 10 बार लोकसभा सदस्य और दो बार राज्यसभा सदस्य रहे। तीन बार प्रधानमंत्री बने।
आज 72वां स्वतंत्रता दिवस (Independence Day 2018) है और आज पूरे देश में जश्न का माहौल है. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया. 2019 लोकसभा चुनाव से पहले पीएम नरेंद्र मोदी का लाल किले की प्राचीर से यह आखिरी भाषण होगा. उम्मीद जताई जा रही है कि पीएम अपने संबोधन में सरकार की कई नई योजनाओं की घोषणा भी कर सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बुधवार सुबह ट्विटर के जरिए देश को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी.
Aug 15, 2018
08:58 (IST)
पीएम मोदी ने अंत में एक कविता पढ़ी. …
अपने मन में एक लक्ष्य लिए, मंज़िल अपनी प्रत्यक्ष लिए
हर भारतीय इंटरनेट की दुनिया से जुड़ सके- Connectivity for All: PM @narendramodi
PMO India
✔@PMOIndia
हर भारतीय के घर में शौचालय हो- Sanitation for All
हर भारतीय अपने मनचाहे क्षेत्र में कुशलता हासिल कर सके- Skill for All
हर भारतीय को अच्छी औऱ सस्ती स्वास्थ्य सेवा सुलभ हो- Health for All
हर भारतीय को बीमा का सुरक्षा कवच मिले- Insurance for All: PM @narendramodi
हर भारतीय के पास अपना घर हो- Housing for All
हर भारतीय के घर में बिजली कनेक्शन हो- Power for All
हर भारतीय की रसोई धुआं मुक्त हो- Clean Cooking for All
हर भारतीय के घर में जरूरत के मुताबिक जल पहुंचे- Water for All: PM @narendramodi
पीएम मोदी ने कहा कि मैं देश को सभी देशों से आगे ले जाने के लिए बेसब्र हूं. मैं बच्चों के विकास में कुपोषण को खत्म करने के लिए बेचैन हूं. मैं व्याकूल हूं ताकि गरीब तक समुचित योजना का लाभ पहुंच सके. मैं व्याकूल हुं ताकि लोगों के जीवन बेहतर हों.
Aug 15, 2018
08:49 (IST)
हम गोली और गाली के रास्ते पर नहीं, पर गले लगाकर आगे बढ़ना चाहते हैं. आने वाले कुछ ही महीनों में कश्मीर में गांव के लोगों को अपना हक जताने का अवसर मिलेगा और पंचायत चुनाव होंगे.
Hum goli aur gaali ke raaste par nahi par gale laga ke aage badhna chahte hain. Aane wale kuch hi mahino mein Kashmir mein gaon ke logon ko apna haq jatane ka avsar milega aur panchayat chunav honge: PM Modi
पीएम मोदी ने कहा कि जम्मू कश्मीर में लोकतांत्रिक इकाइयों को और मजबूत करने के लिए लंबे समय से टल रहे पंचायत और निकाय चुनाव भी जल्द कराये जाने की तैयारी चल रही है.
Aug 15, 2018
08:48 (IST)
पीएम मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लिए अटल जी का आह्वान था- इंसानियत, कश्मीरियत, जम्हूरियत। मैंने भी कहा है, जम्मू- कश्मीर की हर समस्या का समाधान गले लगाकर ही किया जा सकता है. हमारी सरकार जम्मू-कश्मीर के सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है. हम गोलियों और गाली के रास्ते पर नहीं, बल्कि गले लगाकर कश्मीर को अपने साथ रखना चाहते हैं.
Aug 15, 2018
08:43 (IST)
पीएम मोदी ने कहा कि तीन तलाक की कुरीति ने हमारी महिलाओं की जिंदगी को बर्बाद किया है. मगर मैं देश की पीड़ित माता बहनों और बेटियों को विश्वास दिलाता हूं कि मैं उनके हक और उन्हें न्याय दिलाने के लिए आपके साथ खड़ा रहूंगा. आपको जरूर न्याय दिलाऊंगा.
Aug 15, 2018
08:42 (IST)
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे लिए रूल ऑफ लॉ सुप्रीम है. किसी को कानून हाथ में लेने का हक नहीं है. हमारे बच्चों की परिवरिश ऐसी हो, जिसमें महिलाओं के सम्मान की बात हों. हमे अच्छे संस्कार देने होंगे.
Aug 15, 2018
08:41 (IST)
पीएम मोदी ने ने कहा, ”बलात्कार की राक्षसी प्रवृत्ति से देश को मुक्त कराना होगा. कटनी में पांच दिन में बलाक्तर के दोषी को फांसी की सजा दी गई. फांसी की खबरें जितनी प्रसारित होंगी राक्षसी मनोवृत्ति कम होगी. राक्षसी मनोवृत्ति के खिलाफ भय पैदा करना होगा.”
Aug 15, 2018
08:39 (IST)
पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय सशस्त्र सेना में नियुक्त महिला अधिकारियों के लिए पुरुष के समकक्ष पारदर्शी चयन प्रक्रिया द्वारा स्थायी कमीशन की घोषणा करता हूं. देश की महिलाएं आज पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं. आज देश अनुभव कर रहा है कि खेत से लेकर खेल के मैदानों तक पुरुषों की बराबरी कर रही हैं.
Aug 15, 2018
08:37 (IST)
हमने भाई-भतीजा बाद को खत्म कर दिया है. हमने प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए आईटी तकनीक का उपयोग किया है. आज पर्यावरण की मंजूरी को भी पारदर्शी बना दिया है. सब कुछ ऑनलाइन कर दिया है. आज हमारे लिए गर्व का विषय है कि आज सुप्रीम कोर्ट में तीन महिला जज बैठी हैं. ये तीन महिला न्यायाधीश न्याय दे रही हैं. आजादी के बाद यह पहला मौका है.
I am proud of the fact that three women judges in Supreme Court are delivering justice. Since independence, this is the first cabinet where so many women are a part of the cabinet: PM Modi #IndiaIndependenceDay
पीएम मोदी ने कहा कि देश में कर न भरने की हवा बनाई जा रही है. मगर करदाताओं के पैसे से ही एक समय में तीन गरीबों का पेट भर रहा है.
Aug 15, 2018
08:32 (IST)
पीएम मोदी ने कहा आज ईमानदार करदाता है, मैं आपको विश्वास दिलाता हूं जो ईमानदार करदाता हैं, उन्हीं के पैसे से ही योजनाएं चलती हैं. इसका पूण्य करदाताओं को ही मिलता है.
Aug 15, 2018
08:31 (IST)
पीएम मोदी ने कहा कि 6 करोड़ लोग ऐसे थे, जो पैदा ही नहीं हुए और उनके नाम पर सरकारी योजनाओं का लाभ जा रहा था. पीएम मोदी ने कहा कि पहले गरीबों के राशन का भी खूब घोटाला होता था. उनके हक को छीन लिया जाता था. हमने फर्जी कारोबार को रोका है. हमने राशन में हो रहे घोटाले को रोका है. आज गरीबों को पेरशानी नहीं होती है राशन में.
Aug 15, 2018
08:27 (IST)
पीएम मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना में पूरे यूरोप की जनसंख्या के बराबर भारत के लोग शामिल होंगे. गरीबों को सशक्त बनाने में हमने कई योजनाएं बनाई हैं. मगर बिचौलिये उसमें से गरीबों का हक खा जाते हैं. कागज पर सब कुछ दिखता है और बिचौलिये सब खाते रहते हैं. मैं ऐसा नहीं देख सकता.
Aug 15, 2018
08:26 (IST)
कोई गरीब, गरीबी में जीना और मरना नहीं चाहता है. वह पूरे जीवन गरीबी से निकलने के लिए छटपटाता रहता है. हमने पिछले चार साल में गरीब को सशक्त बनाने का प्रयास किया है. एक अंतरराष्ट्रीय संस्था ने पिछले दो वर्षों में करीब दो करोड़ गरीब गरीबी रेखा से बाहर आए हैं.
Aug 15, 2018
08:25 (IST)
पीएम मोदी ने कहा कि 15 अगस्त से आने वाले चार-पांच-छ सप्ताह देश के अलग-अलग कोने से इस तकनीक का परीक्षण चलेगा और इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए 25 सितंबर को पूरे देश में प्रधानमंत्री जन आरोग्य अभियान लॉन्च कर दिया जाएगा.25 सितंबर को, पंडित दीन दयाल की जयंती पर, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू कर दिया जाएगा. इसका परिणाम होगा कि अब गरीबों को साहूकारों से कर्ज नहीं लेना पड़ेगा. नौजवानों के लिए नौकरी के अवसर पैदा होंगे.
Pradhan Mantri Jan Arogya Abhiyaan will be launched on 25th September this year. It is high time we ensure that the poor of India get proper access to good quality and affordable healthcare: PM Modi
पीएम मोदी ने कहा कि गरीब हो या अमीर, एक बार जब घर में बीमारी आ जाए तो पूरा परिवार टूट जाता है. देश के सभी लोगों को आरोग्य का सुविधा मिले, इसके लिए आम नागरिकों को को आरोग्य की सुविधा मिले, इसलिए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री आरोग्य योजना के तहत इस देश के 10 करोड़ परिवार को पांच लाख रुपया सालाना हेल्थ इंश्योरेंस देने की योजना है. यह हम देश को देने वाले हैं.
Aug 15, 2018
08:21 (IST)
पीएम मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी ने अपने जीवन में स्वच्छता का काफी महत्व दिया था. जब बापू की जयंति पर हम कार्यांजलि समर्पित करेंगे और जिन सपनों को लेकर आगे चले हैं, उसे पूरा करेंगे.
ANI
✔@ANI
Due to Swachh Bharat mission, lakhs of children can lead healthier lives. Even the WHO has praised it. Mahatma Gandhi led the Satyagrahis to freedom. Today, the Swachhagrahis have to ensure a Swachh Bharat: PM Modi
2014 में लाल किले की प्राचीर से जब मैंने स्वच्छता मिशन की बात की थी, तब कुछ लोगों ने मजाक उड़ाया था. मगर डब्ल्यूएओ के आंकड़ों ने भारत की गरिमा को बढ़ाई है.
Aug 15, 2018
08:19 (IST)
पीएम मोदी ने कहा कि योजनाएं ऐसी हों कि जिससे सभी को एक समान जिंदगी जीने का मौका मिले. हम हमेशा आगे बढ़ने की दिशा में कार्यरत हैं. कल राष्ट्रपति कोविंद ने भी अपने संबोधन में कई योजनाओं का जिक्र किया.
Aug 15, 2018
08:18 (IST)
हम मक्खन पर लकीर नहीं, पत्थर पर लकीर खींचने वाले हैं: लाल किले से बोले पीएम मोदी
Aug 15, 2018
08:17 (IST)
आज हमारा पूरा ध्यान कृषि क्षेत्र में बदलाव लाने का, आधुनिकता लाने का है:: लाल किले से बोले पीएम मोदी
Aug 15, 2018
08:17 (IST)
आज मेरा सौभाग्य है कि इस पावन अवसर पर मुझे देश को एक और खुशखबरी देने का अवसर मिला है. साल 2022, यानि आजादी के 75वें वर्ष में और संभव हुआ तो उससे पहले ही, भारत अंतरिक्ष में तिरंगा लेकर जा रहा है. : लाल किले से बोले पीएम मोदी
Aug 15, 2018
08:13 (IST)
हमारा देश अंतरिक्ष की दुनिया में प्रगति कर रहा है. हमारे देश ने संकल्प लिया है कि 2022 या उससे पहले जब आजादी का 75 साल पूरा होगा, तब मां भारती का कोई संतान अंतरिक्ष में जाएगा. हाथ में तिरंगा लेकर जाएगा और आजादी के 75 साल से पहले इस सपने को पूरा करना है. हम मानव सहित गगन यान लेकर चलेंगे और यह गगनयान जब अंतरिक्ष में हिंदुस्तानी लेकर जाएगा, तब विश्व के अंदर चौथे देश बन जाएंगे, जो मानव को अंतरिक्ष में पहुंचाने वाले बन जाएंगे. मैं देश के वैज्ञानिकों को बधाई देता हूं. : लाल किले की प्राचीर से बोले पीएम मोदी
Aug 15, 2018
08:11 (IST)
देश के वैज्ञानिकों ने भी भारत को आगे रखने में कोई कमी नहीं की. एक साथ सौ से अधिक सैटेलाइट एक साथ छोड़कर हमारे वैज्ञानिकों ने दुनिया को चकित कर दिया. मंगल यान को पहले प्रयास में सफल बनाया है. यह हमारे वैज्ञानिकों की सिद्धि थी. अगले दिनों में नाविक लॉन्च करने जा रहे हैं. इसके द्वारा मछुआरों की जिंदगी बेहतर बनेगी. : लाल किले की प्राचीर से बोले पीएम मोदी
Aug 15, 2018
08:10 (IST)
हमारे देश के नौजवान ने नेचर ऑफ जॉब को पूरी तरह से बदल दिया है. स्टार्टअप में नौजवान देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है. 13 करोड़ मुद्रा लोन बड़ी बात होती है. उसमें भी 4 करोड़ वे नौजवान हैं, जो पहली बार कहीं से लोन लिया है और अब अपने पैरों पर खड़ा हो रहा हैं. आज डिजिटल इंडिया के सपने को पूरा करने के लिए देश की बेटियां और बेटे आगे बढ़ रहे हैं और सूचना तकनीक का भरपूर उपयोग कर रहे हैं. : लाल किले की प्राचीर से बोले पीएम मोदी
Aug 15, 2018
08:08 (IST)
खेल के मैदानों में नॉर्थ ईस्ट की दमक नजर आ रही है. नॉर्थ ईस्ट से यह खबर आ रही है कि बिजली गांव में आ गई और पूरा गांव नाचता रहा. नॉर्थ ईस्ट से विकास के काम की खबरें आ रही हैं. आज नॉर्थ ईस्ट के जवान बीपीओ खोल रहे हैं. नॉर्थ ईस्ट स्पॉट यूनिवर्सिटी की मेजबानी कर रहा है. नॉर्थ ईस्ट को एक समय लगता था कि दिल्ली दूर है. मगर मैंने उनके दरवाजे पर दिल्ली को लाकर खड़ा कर दिया है. : लाल किले की प्राचीर से बोले पीएम मोदी
Aug 15, 2018
08:05 (IST)
पीएम मोदी ने कहा कि भारत का स्वागत करने के लिए दुनिया लालायित है. भारत के पासपोर्ट की ताकत बढ़ गई है. दुनिया के किसी कोने में अगर कोई हिंदुस्तानी संकट में हैं, तो उसे पता है कि उसके पीछे देश है जो उसे संकट से निकाल लेगा.
Aug 15, 2018
08:04 (IST)
पीएम मोदी ने कहा कि सोया हुआ हाथी (भारत) जग चुका है, चल पड़ा है और अब दुनिया कह रही है कि आने वाले तीस साल तक विश्व की अर्थव्यवस्था को भारत गति देने वाला है. ऐसा विश्वास आज भारत के लिए पैदा हुआ है. आज वैश्विक मंच पर भारत की साख बढ़ी है. दुनिया में भारत की बात सुनी जा रही है.
Aug 15, 2018
08:02 (IST)
लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने कहा कि पहले भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर कहा जाता था कि यह रिस्क भरा अर्थव्यवस्था है. पहले दुनिया रेड टेप की बात करती थी, मगर आज रेड कारपेट की बात होती है. पहले विश्व भारत यानी पॉलिसी पारालिसिस मान कर चलता था, मगर आज देश की स्थिति कुछ और है.
Aug 15, 2018
08:00 (IST)
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में जो भी आज हो रहा है, उसे पूरा विश्व काफी गहराई से देखता है.
Aug 15, 2018
07:59 (IST)
पीएम मोदी ने कहा कि जब हौसले बुलंद होते हैं और देश के लिए कुछ करने का इरादा होता है तो बेनामी संपत्ति का कानून बनता हैं.
Aug 15, 2018
07:57 (IST)
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे लिए आवश्यक है कि हम बड़े लक्ष्य लेकर आगे बढ़ने की दिशा में प्रयासरत्त रहें.
Aug 15, 2018
07:56 (IST)
पीएम मोदी ने कहा कि देश की सेना कहीं पर भी प्राकृतिक आपदा में पहुंच जाती है और सेना मदद करती है और वही सेना जब संकल्प लेकर चलती है तो सर्जिकल स्ट्राइक कर दुश्मनों के दांत खट्टे कर आ जाती है. देश ऩए उमंग से आगे बढ़ रहा है.
Aug 15, 2018
07:55 (IST)
पीएम मोदी ने कहा कि चार साल में देश एक नया महसूस कर रहा है. आज देश दोगुनी हाईवे बना रहा है. तो देश चार गुना गांवों में नये घर बना रहा है. देश आज रिकॉर्ड उत्पादन कर रहा है. मोबाइल फोन का रिकॉर्ड उत्पादन कर रहा है. देश में आजादी के बाद हवाई जहाज खरीदने का सबसे ज्यादा काम कर रहा है. देश आज नए आईआईएम, एम्स और आईआईटी की स्थापना कर रहा है. देश में स्टार्टअप की बाढ़ आई है. गांव गांव तक डिजिटल इंडिया पहुंच गया है.
Aug 15, 2018
07:53 (IST)
पीएम मोदी ने कहा कि देश के आवश्यकताएं और अपेक्षाएं अधिक है, इसलिए केंद्र और राज्य को साथ मिलकर काम करने की जरूरत है.
Aug 15, 2018
07:52 (IST)
पीएम मोदी ने कहा कि शौचालय बनाने में अगर 2013 की रफ्तार से चलते हैं तो कई दशक बीत जाते मगर लक्ष्य़ पूरा नहीं हो पाता. अगर बिजली पहुंचाने की बात करें तो 2013 की रफ्तार से चलते तो एक दो दशक और लग जाते पूरे देश में बिजली पहुंचाने में. अगर 2013 की रफ्तार से चले होते तो उज्जला योजना को भी पूरे करने में शायद सौ साल भी कम पड़ जाते. अगर हम 2013 की रफ्तार से ऑप्टिकल फाइलबर लगाने का काम करते तो शायद पीढ़ियां निकल जाती, मगर लक्ष्य पूरा नहीं हो पाता . हम लक्ष्य प्राप्ति के लिए आगे बढ़े हैं.
Aug 15, 2018
07:50 (IST)
पीएम मोदी ने कहा कि सवा सौ कड़ोर लोग जब निर्धारित लक्ष्य की पाप्ति के लिए चल पड़ता है, तो क्या नहीं हो सकता. 2014 में इस देश के सवा सौ करोड़ नागरिक सिर्फ सरकार बनाकर नहीं रुके थे, बल्कि देश बनाने के लिए वे लोग जुटे थे. और जुटे भी रहेंगे.
Aug 15, 2018
07:47 (IST)
बाबा साहब के नेतृत्व में समावेशी संविधान का निर्माण किया गया. भारत के हर वर्ग समान लाभ मिले इसके लिए संविधान हमारा मार्ग दर्शन करता है. गरीबों को न्याय मिले, सबको समान हक मिले, किसी को आगे बढ़ने में कोई रुकावट नहीं आए, सबके सपने पूरे हों, सबको अधिकतम अवसर मिले, एक आत्म निर्भर हिंदुस्तान हो, नई ऊंचाइयों को छूने वाला हिंदुस्तान हो, दुनिया में हिंदुस्तान की दमक भी है, वैसै हिंदुस्तान हम बनाना चाहते हैं.
Aug 15, 2018
07:42 (IST)
पीएम मोदी ने कहा कि बारिश और बाढ़ में इस बार जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, देश उनके साथ खड़ा है. उनके दुख में हम सब उनके साथ है. अगली वैशाखी पर जालियालाला बांग हत्याकांड के सौ साल पूरे हो रहे हैं.
Aug 15, 2018
07:41 (IST)
पीएम मोदी ने कहा कि तिरंगे की शान के लिए देश के सेना के जवान अपने प्राणों की आहुति दे देते हैं. हमारे अर्धसैनिक बल जीवन खपा देते हैं. हमारे पुलिस बल के जवाब आम आदमी की रक्षा के लिए दिन रात देश की सेवा में लगे रहते हैं. मैं सभी जवानों को उनकी महान सेवा और त्याग तपस्या के लिए आज तिरंगे झंडे के सामने नमन करता हूं और शुभकामनाएं देता हूं.
Aug 15, 2018
07:37 (IST)
पीएम मोदी ने कहा कि हम यह पर्व तब मना रहे हैं, जब हमारी बेटियां सात समुंदर पार किया और सातों समुंदर को तिरंगे से रंग कर हमारे बीच लौट आईं. हमारे वीरों ने एवरेस्ट पर जाकर तिरंगा फहराया है. मगर इस मौके पर मैं याद करूंगा कि जंगलों में जीने वाले आदिवासी बच्चों ने एवरेस्ट पर झंडा फहराकर तिरंगे की शान को और बढ़ा दिया है.
We are proudly celebrating #IndependenceDay today as six women officers of the Indian Navy, circumnavigated the globe recently (on INSV Tarini): PM Narendra Modi
लाल किले के प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश आज नई ऊंचाईयों को पार कर रहा है. आज का सूर्योदय नए उत्साह को लेकर कर आया है. हमारे देश में 12 साल में एक बार नीलकुरिंज का पुष्प उगता है, इस साल ये पुष्प तिरंगे के अशोक चक्र की तरह खिल रहा है.
Aug 15, 2018
07:34 (IST)
पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी.
Aug 15, 2018
07:33 (IST)
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी लाल किला पर पहुंच चुके हैं.
The reputation of a school is directly associated with its students, their parents and the faculty. If all the three keep blaming each other, then it will spoil the education system instead of working towards the welfare of the student. Ideally, the three should collectively work together to identify the strong areas of the student and create a roadmap for achieving the same.
Pavan Kaushik, Vice President and Head-Corporate Communication of Hindustan Zinc addressed more than 50 teachers of Maharana Mewar Public School Udaipiur, the school of royal family of Udaipur. The session, as part of the initiative – Gurukshetra, Learning Beyond the Territory, was attended by the faculty of classes 6th to 12th of all subjects.
In the second chapter of Gurukshetra, Pavan Kaushik focussed on how a school and its students can benefit tremendously if there is a strong connect between the students, teachers and the students’ parents. Speaking about the relationship between the Guru (Teacher) and his Shishya (Student), he said, “The connect between the teachers and their students is of utmost importance. How many teachers miss their students who have passed out of the school and how many students miss their teachers. With time, that emotional relationship is also diminishing. The connect of a student and teacher should not be based on a fear factor, rather the teachers should act as a guide to the students. Each student is different and special. Do not focus on just pass and fail, instead concentrate on identifying the leaders and strengthening the weak students at the same time.”
Pavan Kaushik also spoke about the importance of setting both long term and short terms visions for the school. He said, “With paucity of time and our busy schedules we might feel the pressure to stick only to our job descriptions. But the objective in our minds should not be to just finish the syllabus, instead we should think about giving rise to a new crop of well-rounded students and build brands out of those students.
In this regard, Pavan Kaushik recommended that the schools can constitute a Parents Advisory Board which will make the parents more involved in the students’ education and also draw out a vision for the school. Along with establishing a Board, various professionally qualified parents can conduct orientation exercises wherein the students can be exposed to different fields.
“If a corporate structure can be put in place in the schools, it will help devise various verticals of different subjects and with focussed teaching, the scoring of each of the verticals can be improved. This would ultimately help in a comprehensive marked improvement in all the subjects taught in the school and would also create a healthy evaluation criterion between schools. With coordination and cooperation, the students, their parents and teachers are a triangle of success.”, said Pavan Kaushik.
The session was appreciated and highly lauded by the faculty of the school who expressed their wish to have more of such sessions in the future not just for teachers but also for the students and their parents.
उदयपुर। सूरजपोल स्थित सिंधीयांन कब्रस्तान में नगर निगम निर्माण समिति अध्यक्ष सहित कई लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है व् कब्रस्तान में कूड़ा करकट व् शराब की बोतलें डाली जाती है जिसके विरोध में राजस्थान जिला वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष व् सचिव ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया। वक्फ बोर्ड के जिला अध्यक्ष ने तुरंत कार्रवाई कर कब्रस्तान की जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवाने की मांग की है।
जिला वक़्फ़ बोर्ड के जिलाध्यक्ष हाजी उस्मान हैदर व् सचिव असलम हुसैन ने सोमवार को जिला कलक्टर विष्णुचरण मलिक से मुलाक़ात की व् सूरजपोल स्थित सिंधीयांन कब्रस्तान में अतिक्रमण हटवाने को लेकर ज्ञापन दिया । जिलाध्यक्ष हाजी उस्मान हैदर ने जिला कलेक्टर को बताया कि सूरजपोल स्थित सिंधीयांन कब्रस्तान में पिछले कुछ समय से उदयपोल रोड स्थित, होटल व्यवसायी व् अन्य दूकानदारों ने अपने अपने प्रतिष्ठानों के दरवाजे पीछे की तरफ से कब्रस्तान की जमींन में अवैध रूप से खोल कर कब्जा जमाते जा रहे है। कब्जा करने वालों में पारस होटल के मालिक व् नगर निगम निर्माण समिति के अध्यक्ष पारस सिंघवी भी शामिल है। हाजी उस्मान हैदर ने बताया कि पारस सिंघवी ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए कब्रस्तान की जमीन में ही अपनी होटल का किचन निर्माण करवा दिया है। यही नहीं उसकी होटल में व् किचन में होने वाली गन्दगी को भी वह कब्रस्तान की खाली जमींन व् कब्रों के ऊपर डाला जाता है। अन्य प्रतिष्ठानों के व्यवसायी भी अपने प्रतिष्ठानों का कचरा व् शराब की बोतलों को कब्रस्तान में डालते है। होटलों और रेस्ट्रोरेंट द्वारा किचन व् बाथरूम का पानी भी कब्रस्तान में डाला जाता है। जिला वक़्फ़ बोर्ड के सचिव असलम हुसैन ने बताया कब्रस्तान में हो रहे अतिक्रमण को लेकर मुस्लिम समुदाय में काफी रोष है। सचिव असलम हुसैन ने बताया की हमने जिला कलेक्टर को ज्ञापन में मांग की है कि वक़्फ़ एक्ट १९९५ के धारा ५४ व् ५५ के तहत कब्रस्तान में हो रहे अतिक्रमण को हटाया जावे। हाजी उस्मान हैदर ने कहा कि ७ दिन में अतिक्रमण हटाने की कठोर कार्रवाई की जाए अगर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो सात दिन के बाद वक़्फ़ बोर्ड मुस्लिम समुदाय के साथ मिल कर अपने स्तर पर अवैध निर्माण ध्वस्त कर देगा।
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प्रदेश की मुखिया वसुंधरा के गौरव रथ के भीण्डर जाने को लेकर बड़े दिनों से चली आ रही पशोपेश को आखिरकार शुक्रवार को विराम लग ही गया। जनता सेना सुप्रीमों और सरकार में निर्दलीय विधायक रणधीर सिंह भीण्डर ने भव्य स्वागत करके दिखा दिया कि इस बार भी यहां भाजपा नहीं सिर्फ महाराज ही जीतकर आ सकते हैं। अपनी खेवनहार को सुनने के लिए यहां बना विशाल पाण्डाल भी कम पड़ गया। हजारों हजार लोगों की भीड़ ने न केवल वसुंधरा का खुश किया बल्कि महाराज की भारी ताकत का अहसास भी पार्टी के उच्च स्तर तक पंहुचा दिया। हालांकि वल्लभनगर क्षेत्र की भारतीय जनता पार्टी भीण्डर में होने वाली सभा से नाखुश थी, यहां के दिग्गजों ने अपने आकाओं तक इस बात को पंहुचाया भी लेकिन सभी ने यहां के कर्मठ कार्यकर्ताओं की एक न सुनी और भीण्डर की सभा को सफल बनाने के लिए दौरे करते रहे। वैसे तो गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया और रणधीर सिंह भीण्डर के राजनीतिक रिश्ते कैसे है जगजाहिर है। दोनों ही भरे मंचों पर एकदूजे के खिलाफत करते दिखाई दिए हैं। लेकिन इस बार भाई साहब ने उनकी भी नहीं सुनी जिनको गत चुनाव में रणधीर सिंह भीण्डर के सामने खड़ा करके भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधित्व जिंदा रखा था। उस चुनाव में महाराज का प्रजा ने ऐसा समर्थन किया कि भाजपा क्या कांग्रेस भी कोसों दूर हो गई। बाद में महाराज के नेतृत्व में जनता सेना का निर्माण हुआ और क्षेत्र में होने वाले दूसरे चुनावों में अधिकतर में \ जनता सेना ही बाजी मारती गई। वहीं लगातार मिलती हार से भाजपा कार्यकर्ता मायूस जरूर हुए लेकिन उन्हें भरोसा था कि कभी तो उनके आकाओं की नजर उन पर पड़ेगी। इधर विधायक रणधीर सिंह भीण्डर के चुनावी वादें भी लगातार पूरे होने से जनता का रूझान उनके प्रति कम नहीं हुआ। जिसमें सबसे ज्यादा मुश्किल महाराज को भीण्डर के तहसील बनने के बाद कानोड़ के तहसील बनने तक रही। वहीं पहले तो मेवाड़ संभाग से शुरू हुई वसुंधरा की गौरव यात्रा को लेकर भारतीय जनता पार्टी वल्लभनगर के कार्यकर्ता काफी खुश थे लेकिन जैसे ही रथ के मार्ग और महारानी की सभा की अधिकृत सूचना आई कार्यकर्ताओं में मायूसी छा गई। दर्जनों पदाधिकारी उदयपुर में स्थित पार्टी कार्यालय पंहुच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। यहां किसी ने भी उनकी नहीं सुनी और इनके खेवनहार भाई साहब ने भी भीण्डर में सभा होने की बात का समर्थन ही दिया। यह बात अलग है कि कटारिया जी कीर की चैकी से वसुंधरा के रथ को छोड़कर भटेवर में गुस्साएं कार्यकर्ताओं के बीच पंहुच गए और मेवाड़ में वसुंधरा का रथ बिना भाई साहब की मौजुदगी में तीसरी बार सभा के लिए आगे बड़ा। इससे पहले मेवाड़ के दिग्गज नेता नाथद्वारा और प्रतापगढ़ में भी रथ के साथ नहीं दिखे थे। वैसे तो यह सभा भी पहले से तय थी लेकिन हर जगह जिस तरह सभा स्थल पर कमल निशान दिखाई दिया यहां ऐसा नहीं था। जाहिर सी बात है जनता सेना सुप्रीमोें रणधीर सिंह भीण्डर प्रदेश की मुखिया वसुंधरा के करीबी हैं तो उन्हें यहां तो आना ही था, लेकिन बिना पार्टी के प्रतीक चिन्ह के सभा को संम्बोधित करना उनके लिए नया अनुभव ही रहा होगा। अपने उद्बोधन में जहां महाराज रणधीर सिंह भीण्डर में महारानी की तारीफ में कसीदे पढ़े वहीं महारानी ने भी क्षेत्र में विकास की बात कही। गौरव यात्रा के दौरान पहली बार ही ऐसा देखने को मिला कि भारतीय जनता पार्टी के मुख्यसेवक का चेहरा बनी वसुंधरा ने पार्टी के समर्थन की बात यहां नहीं कहीं, बिना भारतीय जनता पार्टी का नाम लिए ही विकास के नाम पर राजस्थान को फिर से मजबूत बनाने पर जोर दिया। चलिए अब बात करते हैं सभा के खत्म होने के बाद दूसरी सभा को संबोधित करने की जहां रथ के काॅर्डिनेटर फिर से रथ के साथ होने थे। इससे पहले क्षेत्र में काफी जगह जनता सेना के कार्यकर्ताआंे ने गौरव रथ का स्वागत किया। सभी के हाथों में महारानी और महाराज के पोस्टर थे और जिनपर लिखा था चलो साथ चले। वहीं भटेवर से वल्लभनगर मार्ग पर करीब 1500 कार्यकर्ताओं की मौजुदगी में वसुंधरा का स्वागत किया गया। यहां वसुंधरा ने सभा तो नहीं की लेकिन रथ पर सवार होकर कार्यकर्ताओं को सम्बोधित जरूर किया। लेकिन यह बात तो महारानी को भी समझ में आ गई की भीण्डर की सभा के हुजूम और भटेवर मंे कार्यकर्ताओं की भीड़ में कितना फर्क है। इस बात से कहीं न कहीं ऐसा लगता है या तो रणधीर सिंह भीण्डर की पार्टी में वापसी तय है या फिर इस सीट पर पार्टी अपना उम्मीदवार ही खड़ा न करें।
उदयपुर। राजस्थान गौरव यात्रा के अंतिम दिन भिंडर में पुराने राजे महाराजाओं का ज़माना याद आगया जब ऊँचे सिंहासन पर महाराज और महरानी बैठे हुए रहते थे और सामने उनकी प्रजा जमीन पर बैठे बैठे वाह वाही करती थी। लोकतंत्र के इस काल में एसा द्रश्य शायद ही कही देखने को मिले। लेकिन हमारा ये सोभाग्य हुआ कि हमने वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र के भिंडर कसबे में राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और वल्लभनगर विधायक रंधीर सिंह भिंडर की सभा के दौरान यह दर्शय देखा। यह बात अलग है कि यहाँ पर यह जनता के सेवक के रूप में बैठे हुए थे लेकिन संबोधन महाराज साहब और महारानी साहिबा के नाम से ही हो रहा था।
भिंडर की सभा में एक तरह महारानी साहिबा तो दूसरी तरफ महाराज साहब। जी हाँ हम इसी सदी कीबात कर रहे है। आप अगर सोच रहे होंगे कि राजा महाराजों का ज़माना तो लद गया अब किसी को महाराज या महाराणा नाम से संबोधित नहीं किया जाता लेकिन राजस्थान गौरव यात्रा के आखरी दिन भिंडर में सभा के दौरान स्टेज से माइक पर जो आवाजें आरही थी वो सिर्फ महारानी साहिबा और महाराज साहब ही आरही थी। स्टेज के सामने आम प्रजा बैठी थी। सभा के दौरान जिस किसी ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के लिए जिस किसी ने संबोधित किया महारानी साहिबा के नाम से ही संबोधित किया जबकि वल्लभनगर के विधायक रंधीर सिंह भिंडर को महाराजा साहब से ही संबोधित किया जाता है।
लोकतंत्र है ये नेता है और नेता जनता की सेवा के लिए आते है और खुद जनता के सेवक कहलाते है लेकिन शायद सेवक कहलाना इन्हें पसंद नहीं। चाहे खानदान राजसी हो लेकिन जब जनता के बिच में है तो जनता के सेवक ही कहलायेगें अब ये बात अलग है कि सत्ता में आने के बाद यह महाराजा साहब या महारानी साहिबा कहलाना पसंद करें।
उदयपुर। जहाँ एक तरफ उदयपुर संभाग में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अपनी गोरव यात्रा निकाल रही है और जन जन तक अपनी सरकार में किये गए कामों का बखान कर रही है वही दूसरी तरफ उदयपुर मुख्यालय के देहली गेट चौराहे पर नाराज़ अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर वसुंधरा राजे के पोस्टर पर कालिख पोत दी। अधिवक्ताओं ने समूचे मेवाड़ की जनता के साथ राजस्थान सरकार द्वारा छलावा करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और टायर जला कर रास्ता भी जाम कर दिया। डेड घंटे तक चले अधिवक्ताओं के प्रदर्शन में सरकार के खिलाफ जम कर नारे बाजी की गयी।
पिछले 36 वर्षों से उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अनवरत रूप से जारी है । इस आंदोलन के तहत कई बार सरकार के स्तर पर हाईकोर्ट बेंच संघर्ष समिति की वार्ता भी हो चुकी है । लेकिन अभी तक इतने साल बीत जाने के बावजूद वकीलों को आंदोलन का रास्ता ही अपनाना पड़ रहा है। दरअसल, दो महीने पहले विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता शांतिलाल चपलोत ने अनशन पर बैठकर इस मांग को पूरा करने की बात कही थी । इस दौरान सरकार के यूडीएच मंत्री श्री चंद कृपलानी ने प्रदेश की मुखिया से वार्ता कर कमेटी गठन कराने की बात की गई थी । यूडीएच मंत्री के इस आश्वाशन के बाद अधिवक्ताओं ने अपने आंदोलन को समाप्त कर दिया था । लेकिन इस बात को पूरा हुए 2 माह से भी अधिक का समय हो चुका है लेकिन सरकार ने अभी तक हाईकोर्ट बेंच को लेकर कमेटी का गठन नहीं किया है । ऐसे में सरकार के इस रवैये को लेकर आज बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने दिल्ली गेट चौराहे पर जाम कर दिया। अधिवक्ताओं ने कहा है कि सरकार जल्द से जल्द इस मांगों को पूरा करें ताकि मेवाड़ के लोगों को सस्ता एवं सुगम न्याय मिल सके। देहलीगेट पर चक्काजाम करने के बाद अधिवक्ता समूह जिला कलेक्ट्री के बाहर पंहुचा जंहा पर राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री वसुधंरा राजे के पोस्टर पर कालिक पोत दी। अधिवक्ता समूह मुख्यमंत्री राजे की ओर से कमेठी के गठन करने का वादा करने के बाद भी अभी तक कमेठी नही बनने से अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। गौरतलब है कि प्रदेश के मुखिया उदयपुर संभाग में राजस्थान गौरव यात्रा के माध्यम से जगह जगह विधानसभाओं का दौरा कर रही है । इसी को ध्यान में रखते हुए वकीलों ने फिर से इस आंदोलन को उग्र करते हुए अपनी बात को पहुंचाने और सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की है।
12-year old Nikita has a dream. She aspires to be a teacher when she grows up. Today Nikita, is an inspiration to all the children in her village. She now talks in English and her entire personality has changed. Not only her parents but the entire village takes pride in her.
Nikita belongs to a small village called Dagla ka Kheda and like all other children, she attended the government school till her 4thgrade. Little did she know that her dedication towards studies will bring her this far.
Hindustan Zinc under its Shiksha Sambal project, every year selects few such underprivileged children to appear for a written test post which, the selected students are provided with free education till 12th, in the Hind Zinc School. In 2016, even Nikita appeared for the test along with 30 other children and got shortlisted for further education in Zinc School.
The Shiksha Sambal project aims at strengthening the learning of subjects – Science, English and Maths. This project is being implemented in 60 government schools located in communities around the company’s operations, across Ajmer, Bhilwara, Chittorgarh, Rajsamand and Udaipur districts of Rajasthan. Shiksha Sambal reaches out to over 7,000 rural & tribal students from classes 9th to 12th.
While Nikita is a student at Hind Zinc School, her mother, Jaswant Kunwar is a part of Hindustan Zinc’s Sakhi Self Help Groups – Radha Rani and Bholenath Samooh. She feels exhilarated to see her daughter teach the other children of her village.
Nikita’s father is a simple farmer in the village. She has two younger sisters; one is Riti, studying in the 4th grade and a 1-year old younger sister, who is named after the parent company, Vedanta.
Jaswant says, “No other organization would have done this for my children. I am very grateful to Hindustan Zinc for bringing such a positive change in Nikita, something that I couldn’t have done by myself. Today my other daughter feels motivated looking at her elder sister. It is a great feeling”.
Along with Nikita, two more girls, Saroj and Reena Vaishnav from the village Pavtiyan, were selected.
With the help of this initiative, today’s Nikita will be tomorrow’s hope for many others like her, aspiring to learn and grow…