जिंदा हो तो जिंदा होने का सबूत भी तो दो – हिन्दू मुस्लिम नहीं इंसान बन कर एक बार आवाज़ उठाओ ,…

ज़िंदा हो तो साथ चलो ,..जिस्म में लहू है तो साथ चलो,.. ज़मीर मरा ना हो तो साथ चलो,.. तुम्हारी भी बेटी हो तो साथ चलो .

बिहार के मुजफ्फर पुर और यु पी के देवरिया पर एक आवाज़ ,..  Akku Talk का एक विडियो देखिये ,..

वैसे देश की ग़रीब और अनाथ बच्चियों के लिए कौन सोचता है? जिन्हें सिगरेट से जलाया गया, रॉड से पीटा गया, नींद की गोलियां देकर बलात्कार किया गया, गर्म लोहे से दागा गया. फिर भी वे जिंदा हैं. इस दागदार दुनिया के बावजूद कुछ उम्मीदें बचीं हैं.

हम कामना करें अक्षम्य बर्बरता और असमानताओं के हम कभी आदी ना हों. घोर दुखों के बीच खुशी के अंकुर तलाश लें. लजाते सौन्दर्य का उसकी खोह तक पीछा करें और सबसे अहम है न्याय के लिए उम्मीद बनी रहे.

न्याय के लिए उम्मीद फिर भी मत छोडिये अपने अन्दर के मरे हुए इंसान को जगाइए ,.. जिम्मेदारों से सवाल कीजिये ,.. अपने ऊपर से हिन्दू मुस्लिम की खाल हटाकर एक बार इंसान बन कर आवाज़ उठाइये सत्ता की कुर्सियों पर बैठे लोगों से सवाल कीजिये अपने ज़िंदा होने का सबुत दीजिये 

विडियो को शेयर कीजिये और चेनल को सबस्क्राइब जरूर कीजिये

वल्लभनगर और रणधीर सिंह भिंडर एक बार फिर चर्चा में – कौन दिखाएगा C M की सभा में काले झंडे ?

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की राजस्थान गौरव यात्रा के तहत 10 अगस्त को जिले के वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र के भींडर में होने वाली सभा को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में विरोध तेज हाे गया है। सभा भींडर की बजाय भटेवर में करने की मांग को लेकर मंगलवार को वल्लभनगर क्षेत्र के प्रभारी गणपत मेनारिया के नेतृत्व मेंं कार्यकर्ता, पदाधिकारी पटेल सर्कल स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे और देहात जिलाध्यक्ष गुणवंत सिंह झाला को चेतावनी दी कि अगर भींडर में सभा हुई तो कार्यकर्ता इसका बहिष्कार करेंगे और यात्रा को काले झंडे भी दिखाएंगे। झाला ने तत्काल यात्रा संयोजक गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया को फोन किया तो उन्होंने कहा कि जो आना चाहें वो आएं, जो नहीं आना चाहते वो नहीं आएं। सभा भींडर में ही होगी। झाला ने यात्रा के सह संयोजक अशोक परनामी, संगठन महामंत्री चंद्रशेखर से भी बात की। परनामी ने कहा कि कार्यक्रम जनता का है और इसमें जनता को बुलाना है। यह सुनकर गुस्साए कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए और सीएम हाय-हाय, राव राजेंद्र सिंह हाय-हाय के नारे लगाने शुरू कर दिए। देहात महामंत्री चंद्रगुप्त सिंह चौहान ने शाम को प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी, कटारिया व चंद्रशेखर से फिर से बात की। इन पदाधिकारियों ने कहा कि मांग पर विचार कर रहे हैं। फिर 3 घंटे बाद शाम 6 बजे धरना समाप्त हुआ।

इसलिए विरोध : सीएम की सभा से रणधीर का वोट बैंक होगा मजबूत, पिछले विस चुनाव में भाजपा के मेनारिया की हुई थी जमानत जब्त
पिछले विधानसभा चुनाव में कटारिया से अनबन के चलते वल्लभनगर से रणधीर सिंह को टिकट नहीं मिला था। फिर भींडर निर्दलीय चुनाव लड़े और जीत गए। भाजपा के गणपत मेनारिया की जमानत जब्त हो गई थी। जीत के बाद रणधीर सिंह ने जनता सेना का गठन किया। भींडर की पत्नी भाजपा महिला मोर्चा में प्रदेश उपाध्यक्ष हैं और रणधीर सिंह सीएम के नजदीकी भी माने जाते हैं। ऐसे में भाजपा कार्यकर्ताओं को चिंता है कि सीएम की भींडर में सभा होने से रणधीर सिंह का वोट बैैंक मजबूत होगा। वहीं रणधीर सिंह की सक्रिय राजनीति का असर विधानसभा चुनाव में दिख सकता है। विधायक भींडर ने पिछले तीन-चार माह में जनता सेना का बड़े स्तर पर विस्तार कर पदाधिकारी नियुक्त किए हैं।

कार्यकर्ताओं ने पार्टी से पूछे यह सवाल…
क्या हम निर्दलीय विधायक भींडर की गोद में जाकर बैठ जाएंω?
हम कमल फूल पकड़ कर बैठे रहे और यहां जड़ों में तेजाब डाल रहे हैं।
पीएम मोदी की जयपुर सभा में वल्लभनगर से भाजपा कार्यकर्ता 13 बसें लेकर गए। सीएम की सभा तय करने से पहले पार्टी पदाधिकारियों को यहां के कार्यकर्ता क्यों याद नहीं आएω?
वल्लभनगर-भींडर में भाजपा का एक भी झंडा नहीं लगा तो क्या स्थिति हाेगीω?

महिला सब इंस्पेक्टर ने मांगी 50 लाख की रिश्वत पहली किश्त 5 लाख रुपये लेते ACB ने किया गिरफ्तार

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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शिप्रापथ थाने में तैनात महिला सब इंस्पेक्टर बबीता और उसके वकील पति अमरदीप को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। उनपर शिप्रापथ इलाके में ऑनलाइन विज्ञापन का काम करने वाले एक फर्म संचालक को बिटकॉइन व आईटी एक्ट में फंसाने की धमकी देकर 5 लाख रु. की रिश्वत लेने का आरोप है। वह 50 लाख रु. मांग रही थी लेकिन सौदा 45 लाख तय में हुआ। बबीता ने थाने के सामने स्थित एक रेस्टोरेंट में परिवादी से पहली किस्त के 5 लाख लिए और उसे ले जाने के लिए अपने पति अमरदीप को मौके पर बुलाया। जब अमरदीप वह राशि लेकर रेस्टोरेंट के बाहर निकला तो एसीबी ने दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया और रिश्वत की राशि बरामद कर ली। अब एसीबी दोनों से पूछताछ कर रही है .

एसीबी ने आरोपियों के घर पर भी सर्च किया। जहां पर करोड़ों रुपए के प्रोपर्टी के दस्तावेज व 5 लाख रुपए से ज्यादा की नकदी मिली।
पति ने जुटा रखे थे बिटकॉइन से लेनदेन के सबूत : बबीता के पति अमरदीप ने शिप्रापथ पर ऑनलाइन मार्केटिंग व विज्ञापन डिजाइनिंग का काम करने वाली एक फर्म के बिटकॉइन के मार्फत लाखों रुपए के लेन-देन के सबूत जुटा रखे थे। कंपनी के लेन-देन के डाटा की रिकॉर्डिंग सब इंस्पेक्टर के पति अमरदीप के पास थी। अमरदीप अपनी पत्नी के मार्फत आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करने की धमकी दे रहा था। वह 10 दिन पहले फर्म संचालक से मिला भी था। अमरदीप और बबीता ने फर्म संचालक को आईटी एक्ट के तहत मुकदमे से बचाने की एवज में 50 लाख रुपए की डिमांड की। फर्म संचालक ने जब इतनी राशि देने से इनकार किया तो दोनों के बीच में 45 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। इसके बाद पीड़ित ने एसीबी को शिकायत की। शिकायत के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन किया और मंगलवार को बबीता को परिवादी रिश्वत की पहली किश्त देने थाने पर आया था। थाने से बबीता ने परिवादी को नजदीकी चस्का रेस्टोरेंट में बुला लिया और उससे रिश्वत की राशि ले ली।
फर्म के एजेंट ने दिया था पैन ड्राइव में लेन-देन का डाटा : एसीबी की जांच में सामने आया कि फर्म में सोनू नाम का एक युवक कमीशन पर एजेंट का काम करता था। सोनू को कंपनी के ऑनलाइन लेन-देन और बिटकॉइन से होने वाले लेन-देन की जानकारी थी। सोनू ने फर्म का पूरा रिकॉर्ड एक पैन ड्राइव में ले लिया था और यह पैन ड्राइव सोनू ने महिला सब इंस्पेक्टर बबीता के पति अमरदीप को दे दिया था। इसके बाद अमरदीप ने अपनी पत्नी बबीता के साथ मिलकर फर्म के संचालक को आईटी एक्ट में फंसाने की धमकी देकर रिश्वत लेने की योजना बनाई।

एसीबी के एडिशनल एसपी नरोत्तम वर्मा ने बताया कि पिछले सप्ताह फर्म के संचालक ने शिकायत की थी कि फर्म ऑनलाइन ही कामकाज करती है और लेन-देन भी ऑनलाइन ही होता है, कंपनी बिटकॉइन का काम फर्म नहीं करती।

दुष्कर्म का केस दर्ज नहीं करने पर सस्पेंड भी हो चुकीं
बबीता वर्ष 2010 बैच की महिला सब इंस्पेक्टर है। पांच माह पहले बबीता को जयपुर कमिश्नरेट पुलिस लाइन से शिप्रापथ थाने में लगाया गया था। वह लम्बे समय से पुलिस लाइन में ही थी। इससे पहले बबीता ईस्ट जिले के प्रतापनगर थाने में तैनात थी। तब उस पर दुष्कर्म का एक मुकदमा दर्ज नहीं करने और आरोपी का पक्ष लेने के आरोप लगे थे। तब उसे प्रारंभिक जांच के बाद सस्पेंड कर दिया गया था।

कल्पेश करुण कथा : पांच करोड़ दे दोगे तो धीरे धीरे मरोगे, वरना साइनाइड तो है ही – सलोनी अरोड़ा

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इंदौर कीर्ति राणा 

दैनिकभास्कर के ग्रुप एडिटर कल्पेश आत्महत्या कांड की कथित मुख्य आरोपी सलोनीअरोरा को गिरफ्तार करने में सफलता भी उसी के अंतरंग मित्र आदित्यचौकसे के कारण मिली है।पुलिस ने कल्पेश के द्वारा लिखे छह पेज के जिस गोपनीय पत्र को (आत्महत्या के बाद) मृत्युपूर्व लिखा कथन माना है, उस पत्र में इन्हीं आदित्य चौकसे के नाम का भी जिक्र है।
दैनिक भास्कर भवन की तीसरी मंजिल से कूद कर भास्कर के ग्रुप एडिटर कल्पेश याग्निक की 12-13 जुलाई की रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, दूसरे दिन उनकी मौत का कारण दिल का दौरा पड़ना बताया गया, पुलिस के हवाले से बाकी अखबारों ने इसे आत्महत्या ही लिखा था। घटना के 22 दिन (पौन महीने) बाद गिरफ्तार हुई इस कांड से जुड़ी भास्कर की ही पूर्व पत्रकार सलोनी अरोरा के इस अंतरंग मित्र को पुलिस दल ने अपने साथ रखा था चूंकि उसे ही सलोनी के रिश्तेदारों, मुंबई के उसके संपर्कों तथा वह किन के साथ उठती-बैठती है यह सारी जानकारी थी। पुलिस ने इंदौर के अलावा रतलाम, नीमच आदि शहरों में उसके जिन भी रिश्तेदारों के यहां छापे मारे उस कार्रवाई में भी आदित्य का सहयोग रहा है।
अरोरा की तलाश में संबंधित थाने का पुलिस दल पिछले दस दिन से मुंबई में डेरा डाले हुआ था । टीआई दो दिन पहले इंदौर आ गए थे लेकिन दो उप निरीक्षक और पुलिस कर्मी वहीं थे।ये दल अपनी हर गतिविधि से इंदौर में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा रहा था।
एडीजीपी अजयदेवशर्मा ने इस प्रतिनिधि से चर्चा में कहा कि पुलिस पार्टी को शनिवार की शाम सात बजे के करीब सलोनी को हिरासत में लेने में सफलता मिली। पुलिस जांच दल उसे लेकर इंदौर के लिए रवाना हो गया है।रविवार की सुबह सात बजे तक ये लोग इंदौर पहुंच जाना चाहिए। हालांकि कल अवकाश है पर हमारी कोशिश रहेगी कि कल ही कोर्ट में चालान पेश कर दें। चूंकि सलोनी से इस पूरे मामले और मृत्युपूर्व कल्पेश ने जो गोपनीय पत्र दिया था, जिसे सुसाइड नोट मान रहे हैं उसे लेकर भी पूछताछ करना है इसलिए कोर्ट से सलोनी के रिमांड की मांग करेंगे।
गोपनीय पत्र कैसे हुआ सार्वजनिक ? 
घटना के बाद से तमाम मीडियाकर्मीक्राइमरिपोर्टर इस हाईप्रोफाइल केस के फालोअप को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के संपर्क में थे लेकिन पुलिस ने कोई जानकारी देना तो दूर याग्निकपरिवार की इमेज धूमिल न हो जैसे कारण बताते हुए उस पत्र की भी गोपनीयता को भंग नहीं होने दिया। फिर आज अचानक वह चर्चित आडियो जिस में वह पांच करोड़ की डिमांड कर रही है और एडीजीपी को मृत्यु से पांच दिन पूर्व लिखा पत्र एक मीडिया पोर्टल पर वायरल हो गया। इस संबंध में पुलिस के आलाअफसरों से चर्चा की तो उनका कहना था हमें बताना होता तो आप को उसी दिन बता देते। हो सकता है उनके भाई (नीरज) या उनके वकील आदि ने किया हो, हमें तो आप से ही पता चला था कि फेसबुक पर उनके भाई ने पुलिस कार्रवाई को लेकर कुछ हताशा व्यक्त की है।
पुलिस ने सादे कपड़ों में बेटे का पीछा किया : गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने सादे कपड़ों में सलोनी के बेटे का पीछा किया। जैसे ही वह उससे मिलने पहुंची, उसे पकड़ लिया।डीआईजीहरिनारायणचारीमिश्र के मुताबिक पुलिस सलोनी का 15 दिन से पीछा कर रही थी। भाई, बहन, जीजा, दोस्तों सहित करीब डेढ़ सौ लोगों की कॉल डिटेल निकाली गई। इसी दौरान दिल्ली में रहने वाले मामा का नंबर हाथ लगा। उस नंबर को निगरानी में रखा गया तो पता चला सलोनी मेरठ में है।पुलिस वहां पहुंची, लेकिन एक दिन पूर्व ही वह दिल्ली होते हुए मुंबई पहुंच गई। उधर, पुलिस को जानकारी मिली थी कि सलोनी का बेटा मुंबई में अंधेरी स्थित नामी कोचिंग में पढ़ाई कर रहा है। पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में कोचिंग के बाहर खड़े रहे और बेटे की रेकी करने लगे।

ब्लेकमेलिंग की ऑडियो सुनाने के लिए विडियो देखिये 

https://youtu.be/d3fWGrzHyoM

 

कॉल रिकॉर्डिंग से पता चला कि सलोनी शनिवार को बेटे से मिलेगी। शाम को उसका बेटा कोचिंग से पनवेल के लिए रवाना हुआ। जैसे ही सलोनी उससे मिली, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।याग्निक की खुदकुशी के बाद भाई नीरज की शिकायत पर 20 जुलाई को पुलिस ने सलोनी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था।
यह कह रही है वह आडियो में
कल्पेश करुण कथा के दुखांत के कारण बने जिन आडियो की देश भर के मीडिया जगत में घटना वाले दिन से ही चर्चा रही है उस शृंखला का ताजा आडियो जो आज वायरल हुआ है( विस्तार से यूट्यूब पर सुन सकते हैं) उसमें जहां सलोनी के तेवर आक्रामक हैं वहीं कल्पेश की आवाज डरी सहमी तो है ही बातचीत के अंदाज से आभास होता है कि वे अपनीइमेज को लेकर बेहद सतर्क और उससे कहीं अधिक चिंतित भी हैं। सलोनी कह रही है आपने बहुत अच्छा काम किया मेरी जॉब लेकर… कल्पेश दबी आवाज मे कह रहे हैं मैंने आप का जॉब नहीं खाया , मेरी बात को समझिए तो सही। (इससे पहले के आडियो में सलोनी सिर्फ हां हूं करती सुनाई देती रही है) यह पहला ऐसा ऑडियो है जिसमें वह डराने वाली भाषा के साथ ही आक्रामक भी नजर आती है। जॉब जाने के बदले जहां वह पांच करोड़ की डिमांड कर रही है वहीं धमकी भरे लहजे में सलाह दे रही है तो फिर इसी वक्त भास्कर से रिजाइन कर दीजिए नहीं तो मैं यह बम फोड़ दूंगी, रिजाइन नहीं करेंगे तो स्लो पायजन तो है ही।
इस पूरे आडियो को सुनते हुए लगता है कि एक तरफ जहां कल्पेश को इन आडियो के वायरल होने पर घर-परिवार-संस्थान-समाज और देश के मीडिया जगत में अपनी प्रतिष्ठा गर्त में मिल जाने की चिंता है वहीं सलोनी को अपने कैरियर, महिला के नाते होने वाली बदनामी की रत्ती भर भी परवाह नहीं है। वह आडियो में कह रही है कल्पेश तुम्हें पता नहीं हैं ये सारा मसाला मैं तुम्हें बर्बाद करने के लिए लगे लोगों के हाथ मैं सौंप दूं तो इतना पैसा यूं ही मिल जाएगा। मुझे मेरा पद दिलाओ, सम्मान दिलाओ, मेरा लड़का है, तुम्हें उसकी चिंता नहीं है। मैं किसी को रिपोर्ट नहीं करूंगी, जब इच्छा होगी अखबार के अन्य परिशिष्ट के लिए लिखूंगी। तुम क्यों नहीं कर सकते…तुम्हें पता है बंगला, गाड़ी, शान की जिंदगी जीना मेरे लिए मुश्किल नहीं है, मुंबई नगरी में कई करोड़पति हैं मैं जिससे संबंध बना लूं यह सब आसानी से मिल जाएगा, रिलेशन में सब इंतजाम हो जाते हैं। मुझे किसी का नाम नहीं चाहिए….।
करीब चार मिनट के इस आडियो को सुनने के बाद इस पूरे कांड से नावाकिफ शख्स भी अपनी यही राय देगा कि इस औरत के तेवर सुन कर तो लगता है कि यह किसी भी हद तक गिर सकती है।और शायद यही कारण रहे कि 11 साल से उसके फोन कॉल्स अटैंड करने वाले कल्पेश पिता भूपतिलाल याग्निक निवासी 66 साकेत नगर जैसे चिंतक-विचारक-प्रखर पत्रकार ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि पति से त्रस्त जिस सलोनी की व्यथा सुन सुन कर वे द्रवित होते रहे, महिलाओं के सम्मान के लिए निरंतर लिखते रहने के साथ सलोनी भोला कलह को भी महिला सम्मान की रक्षा के लिहाज से प्रमुखता से सुनते और सलाह देते रहे, यह उसका इमोशनल अत्याचार था। यह बात भी उन्हें तब और सताने लगी जब निरंतर धमकियां देने वाली सलोनी ने यही सारे आडियो उनकी पत्नी-भाई आदि परिजनों को भी सेंड कर दिए। ऑफिस में ग्रुप एडिटर की जिम्मेदारी के तनाव के चलते, सलोनी की धमकियों के जवाब में कभी परिसर तो कभी परिसर से बाहर याचना भरे स्वर में लंबी चर्चा, इस सारे प्रकरण की पल पल की जानकारी एमडीकार्यालय तक पहुंचने से डाउन होती इमेज और प्रबंधन का बदलता व्यवहार, घर पर हर दिन बढ़ती कलह जैसे कारणों से उपजी गहन निराशा में उन्होंने हर दृष्टि से कार्यालय भवन की छत से कूद कर आत्महत्या करना ही उचित समझा।
इस कल्पेश करुण कथा में अब आगे क्या
यह पूरी लड़ाई तो छोटे भाई नीरयाग्निक को ही लड़ना है। मौत कि खबर को लेकर जो विरोधाभास सामने आया उससे कई बातें अखबार से जुड़े स्थानीय और अन्य संस्करणों के स्टॉफ को समझ आ चुकी थी। नीरज पर रामायण के पात्र भरत के रूप में कई जिम्मेदारी है। परिवार को संभालना, कोर्ट में लड़ना, यूं तो भाजपा में नीरज की भी खूब पहचान है लेकिन चुनावी साल में सबने अपना लाभ शुभ सोच लिया तो परेशानियां कम नहीं होगी। सरकार के स्तर पर नीरज को अब उतना सपोर्ट क्यों मिलेगा।
दूसरा पहलु : अभी तो पुलिस ने उस छह पेजी पत्र को आधार बना कर सलोनी अरोरा पर विभिन्न धाराएं लगाकर उसे गिरफ्तार किया है। #कोर्ट में चालान और केस डायरी पुटअप होने के बाद पुलिस के हाथ में कुछ नहीं रहेगा । पुलिस के पास अभी वही सारे सबूत हैं जो नीरज ने उपलब्ध कराए हैं। जिस तरह कोर्ट में तारीख-पेशी चलती रहेगी सलोनी अरोरा के वकील को भी सिद्ध करना होगा कि कल्पेश की आत्महत्या के लिए मेरी पक्षकार दोषी नहीं है। बहुत संभव है कि कल्पेश ने अपने पत्र में सलोनी से 11 साल से जिस जान पहचान का जिक्र किया है वही बात उसके पक्ष में चली जाए। अभी तो ये तीन चार आडियो ही सामने आए हैं यदि (जैसा कि पत्र में कल्पेश ने कहा है) 11वर्षों से फोन पर हुई चर्चा के आडियो बना रही थी तो खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए वह ऐसे आडियो भी पेश कर सकती है जो इस केस में कल्पेश का पक्ष कमजोर साबित कर सकते हैं।
और यह तीसरा पहलु आदित्य चौकसे
अभी तो आदित्य चौकसे ने सलोनी अरोरा को गिरफ्तार कराने में पुलिस की मदद कर दी है, बहुत संभव है कि पुलिस इसे सरकारीगवाह बना ले। यदि कोर्ट में आदित्य पलट गया तो? यह तो इसलिए महत्वपूर्ण है कि चर्चा यह भी है कि कल्पेश से तो सलोनी की टेलिफोनिक अंतरंगता ही सामने आई है आदित्य चौकसे से और अधिक निकटता है। जो सलोनी कल्पेश के आडियो बना सकती है उसके दिमाग में आदित्य को लेकर कुछ ना चल रहा हो यह संभव नहीं। उसे सरकारी गवाह बनते देख कोर्ट में यह पैंतरा भी चल सकती है कि पांच करोड़ की डिमांड वाला रास्ता उसने ही सुझाया था यह तय है कि भय्यूमहाराज के सुसाइड केस का खात्मा जितनी जल्दी हो गया था, यह केस उतना ही अधिक समय लेगा।

देने जा रहे हैं आरएएस प्री का एग्जाम तो इन बातों का रखें ध्यान, चूक पड़ सकती है भारी

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राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (आरएएस प्री) परीक्षा रविवार को होगी। नकल और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचने के लिए आरपीएससी ने अभ्यर्थियों के लिए इस बार नियम और भी कठोर कर दिए हैं। अभ्यर्थियों के लिए आरपीएससी ने ड्रेस कोड लागू किया है, जिसके तहत जेवर, घड़ी यहां तक की जूते पहनने पर भी रोक होगी। ड्रेस कोड के अनुसार महिला अभ्यर्थी सलवार सूट, साड़ी, आधी आस्तीन का कुर्ता पहन सकेंगी। महिलाएं हाफ स्लीव्ज के कुर्ते व ब्लाउज ही पहन सकेंगी, साथ ही बालों में साधारण रबर बैंड और चप्पल या खुले सेंडल ही पहनने की अनुमति होगी। पुरुष अभ्यर्थी हाफ स्लीव्ज की शर्ट, कुर्ता, पायजामा व पैंट पहन सकेंगे, उन्हें भी जूते पहन कर आने की मनाही होगी। इसके अलावा घड़ी, सनग्लासेज, बैल्ट, ताबीज, हैंड बैंड व टोपी पहन कर आने पर भी रोक लगाई गई है।

नकल रोकने के लिए पूरी तैयारियां कर ली गई हैं।
जयपुर जिले में 327 परीक्षा केन्द्रों पर एक लाख 29 हजार 560 परीक्षार्थी इस प्रतियोगी परीक्षा में प्रविष्ट होंगे। परीक्षा सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक होगी। अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रथम) पुखराज सैन ने परीक्षा के सफ ल संचालन के लिए अधिकारियों को जिले के सभी परीक्षा केन्द्रों पर सुरक्षा एवं तलाशी की पुख्ता व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए।
जयपुर में 59 फ्लाइंग स्क्वॉड का गठन किया गया है। परीक्षा केन्द्रों पर अभ्यर्थियों की गहन सुरक्षा जांच की जाएगी। परीक्षार्थियों को नीली स्याही का पारदर्शी पेन ले जाना होगा। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए रेलवे ने 16 गाडिय़ों में 30 साधारण श्रेणी के डिब्बे बढ़ाए हैं। जिले में परीक्षा से संबंधित गतिविधियों की मॉनिटरिंग के लिए कलक्ट्रेट के कमरा नम्बर 116 में एक नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। नियंत्रण कक्ष 4 अगस्त को सुबह 9.30 से सांय 6 बजे तक तथा परीक्षा के दिन 5 अगस्त को सुबह 8 से परीक्षा समाप्ति के बाद परीक्षा से संबंधित समस्त कार्य पूर्ण होने तक कार्य करेगा।

HINDUSTAN ZINC GIVES NARULAL HIS MEANS OF EARNING

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Narulal belongs to a very small village called Gujjar Kheda in the district of Chittorgarh. With an ambition to earn some money, he travelled to Jalgaon district in Maharashtra and opened an ice cream stall. However, that business did not fare well and feeling dejected, he decided to come back to Rajasthan in 2015. Here he gave another try to open a tea stall which failed again. One day while crossing a railway track, he unfortunately met with an accident by a speeding train and lost his leg.

Narulal had lost all hopes in life. Because of his physical condition, his wife also left him. While Narulal was still going through a terrible phase of life, he lost his father. Narulal in spite of his disability had to solely take care of his old mother. Completely shattered and broke, Narulal approached Hindustan Zinc for help.

 

Under its Samadhan Project, Hindustan Zinc, with the help of its NGO partner BAIF, gave Narulal 1 male and 5 female sirohi goats to rear & breed, along with 20 kg of wheat and a well-built manger for the goats. By breeding these goats, Narulal had 15 goats in total. By selling 5 goats, he earned around Rs. 35,000/. Today Narulal has 10 goats (9 females and 1 male) and by selling almost 2 litres of milk every day, he earns more than Rs. 3,000/- every month. Narulal now breeds his goats and plans to sell off 2 goats every year. Hindustan Zinc also provides his goats with timely vaccinations.

 

Narulal had seen worst days in his life. Without any mental and physical support, today Narulal was earning enough to suffice his mother and himself. Without any other source of income, rearing and breeding of goats had proved sufficient for him, giving him a regular income.

 

Hindustan Zinc’s Samadhan Project provides sustainable livelihoods through agriculture and livestock development. Today Samadhan Project is catering to more than 2000 families living in Ajmer, Bhilwara, Chittorgarh, Rajsamand and Udaipur.

 

Hindustan Zinc had indeed given Narulal a sense of independence.

 

हिन्दुस्तान जिंक, जावर माइन्स में सड़क सुरक्षा हेतु हितधारको की ब्लाॅक स्तरीय बैठक

हिन्दुस्तान जिंक और राजस्थान सड़क सोसायटी के सयुंक्त तत्वाधान में सड़क सुरक्षा हेतु हितधारको की ब्लाॅक स्तरीय बैठक डीएवी स्कूल, जावर माइन्स में आयोजित की गई ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपखण्ड अधिकारी गिर्वा लोकबन्धु यादव और विषिष्ठ अतिथि प्रधान गिर्वा श्री तखत सिंह शक्तावत थे ।
कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और डीएवी स्कूल के बच्चो द्वारा सरस्वती वन्दना से हुआ । मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुए लोकबन्धु यादव,उपखण्ड अधिकारी ने बताया कि निरन्तर सड़क पर बढ़ते हुए वाहनो ने दुर्घटना को सम्भव बना दिया है ऐसे में ट्राफिक रूल्स की जानकारी ओर पालन ओर रोड़ सेफ्टी के प्रति जागरूकता और अनिवार्य वाहन लाइसेन्स से दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है । प्रधान तखत सिंह शक्तावत ने हिन्दुस्तान जिंक द्वारा सड़क सुरक्षा के लिये संचालित अभियान और पहल की सराहना की। कार्यक्रम अधिकारी तान्या पचैरी ने स्वच्छ,स्वस्थ और सुरक्षित भारत के विजन को साकार करने के लिये राजस्थान सड़क सुरक्षा और हिन्दुस्तान जिंक द्वारा शून्य दुर्घटना को सुनिष्चित करने के लिये वर्ष 2018 में जावर क्षैत्र में सम्मिलित सड़को समुदायों के व्यवहार सड़क सुरक्षा के लिये हेलमेट के उपयोग सम्बन्धी बेस लाइन सर्वे के परिणाम साझा किये वही राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार सड़क सुरक्षा सड़क परिवहन राज्य मार्ग प्रवर्तक विरेन्द्र सिंह राठौड़ ने सड़क दुर्घटनों के आकड़ो को कम करने के लिये शिक्षा स्वास्थ्य प्रशासन पुलिस पीडब्ल्यूडी श्रम सेवी संस्थाओं और जिंक के सहयोग का आवाह्न किया ।

हिन्दुस्तान जिंक,जावर माइन्स के साइट प्रेसीडेंट राजेश कुण्डू ने आस-पास में घटी 4 सड़क दुर्घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा का अनुसरण करना ही एक नागरिक के लिये विकल्प है, जो स्वयं उसे, परिवार और समाज को सुरक्षित जीवन दे सकता है। जावर माइन्स के सेफ्टी हेड विक्रम सिंह पंवार ने अपने विचार रखे । ब्लाॅक स्तरीय इस कार्यषाला में षिक्षा विभाग स्वामी विवेकानन्द विद्यालय श्रीमती अनिता व्यास, सिंघटवाड़ा से प्रधानाचार्य अनिल कुमार जैन, जावर विद्यालय से रेखा चैहान, देवेन्द्र कुमार गुहिल ने भाग लिया। जावर माइन्स से थेरेस डोवर हेड इओएचएस ,सचिन सामर सिविल से अरूण श्रीमाली, प्रदीप भट्ट आॅपरेषन हेड एच.पी. कलावत, सेक्युरिटी हेड, रिषिराज शेखावत, प्रिंसिपल डीएवी हरबन सिंह ठाकुर, मंजरी फाउण्डेषन से प्रभु लाल सालवी, बीएसएलडी से महिपाल सिंह सहित 85 हितधारको ने भाग लिया कार्यक्रम का संचालन जावर माइन्स की सीएसआर टीम ने किया ।

पशु चिकित्सालय एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय में घोटाला ए सी बी ने मारा छापा।

उदयपुर। वल्लभनगर नवानिया पशु चिकित्सालय एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय में एसीबी ने चारा घपले की जांच शुरू कर दी है। एसीबी की टीम हरिश्चंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई करने पहुंचे जहां पर भूसे के गोदामों को खोल कर उनमें भरे हुए भूूसे की जांच शुरू की।जानकारी मेंं सामने आया है कि सैकड़ोंं बीघा जमीन होने के बावजूद बिना टेंडर के कोटेशन से इस महाविद्यालय में 2000 टन भूूसा खरीदा गया है। बडी बात यह कि महाविद्यालय में पर्याप्त चारे का उत्पादन होने के बावजूद यहां पर 2000 टन की खरीद की गई है। घपले और अनियमितताओं को लेकर लगातार शिकायतें हुई थी उसी को लेकर एसीबी की टीम ने छापा मारा है। एसीबी के सीआई हरीश चंद्र सिंह के नेतृत्व में कल रात से एसीबी की टीम ने महाविद्यालय के चारों तरफ डेरा डाल रखा था लेकिन किसी को भनक नहींं लगी। यह टीम महाविद्यालय और चिकित्सालय मेंं हो रही हर गतिविधि पर नजर रख रही थी। सुबह टीम ने चारा और भूसे के गोदामों पर जांच कार्रवाई कर दी जो अभी भी जारी है। एसीबी टीम टेण्डर प्रक्रिया की जांच कर रही है। हम आपको बता देंं कि नवानिया स्थित यह पशु चिकित्सालय गड़़बड़़झाले के चलते काफी समय से सुर्खियों में बना हुआ

आज से शुरू हज पर जाने वालों का सफ़र, जयपुर से उड़ेगी पहली फ्लाईट, हेल्थ वेक्सीनेशन और ओपीडी बुकलेट ले जाना न भूलें यात्री

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हज का फर्ज अदा करने मक्का-मदीना जाने वाले संभाग के 292 सहित प्रदेश के करीब 5700 यात्रियों के सफर का सिलसिला बुधवार रात 11.25 बजे से शुरू हो जाएगा।
पहली फ्लाइट जयपुर के सांगानेर एयरपोर्ट से जद्दा सउदी अरब के लिए उड़ान भरेगी, जिससे शहर के 18 सहित संभाग के 35 यात्री सउदी अरब जाएंगे। राजस्थान के हाजियों के लिए जयपुर से 19 उड़ानें 1 अगस्त से 16 अगस्त तक भरेंगी। हज का फर्ज अदा कर वतन लौटने का सिलसिला 12 सितंबर को शुरू होगा। वापसी की फ्लाइट मदीना से जयपुर के सांगानेर एयरपोर्ट आएगी। आखिरी फ्लाइट 25 सितंबर को आएगी। बता दें कि केंद्रीय हज कमेटी ने इस बार हज यात्रा का समय 41 से 43 दिन का तय किया है। सक्का ने बताया कि यात्रियों को ‘हेल्थ वेक्सीनेशन एंड ओपीडी बुकलेट’ साथ लेकर जाना होगा। बुकलेट में हृदयाघात, ब्लड प्रेशर, मानसिक रोग, शुगर जैसे बीमारियों की जांच और इलाज की वर्तमान स्थिति का ब्यौरा है ताकि सउदी सरकार को यात्रियों की जांच-पड़ताल में आसानी होगी। आपात स्थिति में मदद भी तुरंत की जा सकेगी। इसकी गाइडलाइन हज कमेटी ऑफ इंडिया ने भी जारी कर रखी है।
हज यात्रियों को गाजे-बाजे के साथ किया रवाना
इससे पहले मंगलवार को यात्रियों का मुस्लिम मुसाफिर खाने में इस्तकबाल किया गया। गाजे-बाजे के साथ विदाई दी। हज कमेटी के उदयपुर जिला संयोजक जहीरुद्दीन सक्का ने बताया कि पहली बार हज यात्रियों को फ्लाइट की तारीख से दो दिन पहले ही हज कमेटी आॅफ राजस्थान के हज हाउस कर्बला जयपुर को ऑनलाइन या आॅफलाइन सूचना देनी होगी ताकि न जाने वाले यात्रियों की समय पर जानकारी मिल सके।
इसलिए करते हैं हज, यहां-यहां इबादत में मशगूल रहेंगे यात्री
अंजुमन तालिमुल इस्लाम के मौलाना जुलकरनैन बताते हैं कि इस्लाम धर्म के पांच स्तंभ हैं। इसमें अल्लाह को एक और निरंकार मानना, नमाज, रोजा, जकात और हज शामिल हैं। इन फर्जों का जिसके ऊपर हक पहुंचे उनको करना जरूरी है। बता दें, यात्री वहां सफा-मरवा घाटियों, पहाड़ियों, मकामे इब्राहिम, संग-ए-असवाद, हतीम, काबा शरीफ के इर्द-गिर्द सभी इबादत स्थलों पर इबादत में मशगूल रहेंगे। जिसके तौर-तरीके, आने-जाने आदि का प्रशिक्षण ले चुके हैं।