अफसर-नेताओं की शिकायत करना 5 गुना तक महंगा,

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पंचायतीराज विभाग में अफसर-नेताओं पर परिवाद दर्ज करवाना 5 गुना महंगा हो गया है। परिवादी को दस के बजाय 50 रुपए के नॉन ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र देना होगा। इसके बाद सरपंच, प्रधान या जिला प्रमुख और ग्राम सेवक, बीडीओ या सीईओ के खिलाफ जांच प्रारंभ की जा सकेगी। पंचायतीराज विभाग ने बढ़ाई गई राशि के संबंध में संशोधित आदेश जारी कर दिया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि जब तक 50 रुपए के स्टाम्प पेपर पर परिवादी का शपथ पत्र नहीं आता। उस परिवाद के बारे में विभागीय स्तर पर कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी। विभाग का कहना है कि झूठी शिकायतों से अफसर, कार्मिक एवं जनप्रतिनिधियों के उत्साह पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा था। इसको देखते हुए यह व्यवस्था चार साल पहले लागू की गई थी।
बिना शपथ पत्र वाली शिकायतों पर अब जांच नहीं करेंगे अधिकारी
गोपनीय शिकायत पर एक तरह से प्रतिबंध
पंचायतीराज विभाग ने यूं तो शिकायत करने वाले को नाम, पता, फोन नंबर के साथ 10 रुपए के नॉन ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र दिए जाने की अनिवार्यता अगस्त, 2014 में ही लागू कर दी थी। लेकिन, अब 10 रुपए का नॉन ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर उपलब्ध ही नहीं है। इसलिए, इसे बढ़ाकर 50 रुपए कर दिया गया है। पंचायती राज विभाग के संयुक्त सचिव ने यह संशोधित आदेश जारी किए हैं। इसका मतलब साफ है कि किसी के खिलाफ कोई गोपनीय सूचना नहीं दे सकेगा। परिवादी को अपने बारे में पूरा ब्यौरा देना होगा।
सांसद, विधायक एवं सरपंच को फीस से मुक्ति
अफसर, नेता एवं कर्मचारियों के खिलाफ कोई आम आदमी शिकायत दर्ज करवाता है तो उसे अपनी जेब से 50 रुपए खर्च करने होंगे। लेकिन, सरपंच, विधायक या सांसद सहित जनप्रतिनिधियों की ओर से प्राप्त होने वाली शिकायतों पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। उनको 50 रुपए के नॉन ज्यूडिशियल शपथ पत्र नहीं देना होगा।

अब मदरसों के टायलेट तक पहुंचेगा स्वच्छता अभियान

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केंद्र सरकार और मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन की मदरसों के लिए संचालित ट्रिपल टी (टायलेट, टीचिंग व टिफिन) योजना से अब यूपी, एमपी, झारखंड के साथ राजस्थान भी जुड़ेगा। प्रधानमंत्री के स्वच्छता कार्यक्रम के तहत यहां के 10 मदरसों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्वच्छता अभियान से जोड़ा जाएगा और उनमें आधुनिक टायलेट बनाए जाएंगे। उसके बाद अन्य मदरसों में भी ऐसे ही टायलेट बनाए जाएंगे। जबकि मदरसों में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा देने के लिए प्रदेश के 500 मदरसों में प्रत्येक से एक-एक पैराटीचर का चयन कर उनकी दिल्ली में ट्रेनिंग दिलाई जाएगी।
राजस्थान मदरसा बोर्ड चेयरमैन मेहरुन्निसा टांक के दो दिन पहले दिल्ली दौरे में इन बातों पर सहमति बनी। उन्होंने इस दौरान मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन के सचिव रहमान खान से मुलाकात की और प्रदेश के मदरसों की स्थिति पर चर्चा की। इस वार्ता के दौरान फाउंडेशन में प्रदेश का नेतृत्व कर रहे फाउंडेशन के सदस्य अलवर के सालिम हुसैन, मध्यप्रदेश मदरसा बोर्ड चेयरमैन सैयद एमादुद्दीन व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
जामिया मिल्लिया के साथ ट्रेनिंग के लिए एमओयू
बोर्ड चेयरमैन टांक ने बताया कि मदरसों के पैराटीचर्स को ट्रेनिंग देने के लिए फाउंडेशन ने दिल्ली के जामिया मिल्ली से एमओयू किया है। इसमें प्रदेश के 500 मदरसों का चयन किया जाएगा, प्रत्येक से एक-एक पैराटीचर्स को ट्रेनिंग के लिए दिल्ली भेजा जाएगा। एमओयू के तहत उनके रहने, खाने की व्यवस्था सरकारी स्तर पर की जाएगी।

विद्यार्थी मित्रों का नियमित होने का सपना एक बार फिर टुटा – सदन में मुकर गए मंत्री

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राजस्थान के हज़ारों विद्यार्थी मित्र जो नियमित होने के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहे है अब उनका सपना एक बार फिर टूट गया है . चुनावी मोसम में जो उन्हें उम्मीद बंधी थी राजस्थान सरकार के मंत्री के सदन में साफ़ मुकर जाने के बाद वो उम्मीद चकना चूर हो गयी है .दैनिक अखबार दैनिक भास्कर में 4 मार्च को छापी एक ख़ास रिपोर्ट के अनुसार नियमित होने का वर्षों से संघर्ष कर रहे विद्यार्थी मित्रों का सपना अब एक फिर चकना चूर हो गया है . भास्कर ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि विद्यार्थी मित्रों को उम्मीद थी कि चाहे देर-सवेर ही सही, मौजूदा भाजपा सरकार उन्हें जरूर सरकारी सेवा में नियमित करेगी। इसके पीछे कारण भी था। बीते विधानसभा चुनाव में उतरते समय भाजपा के सुराज संकल्प पत्र में दो जगह विद्यार्थी मित्रों को नियमित किए जाने का भरोसा दिलाया गया था। लेकिन इसी बजट सत्र में संसदीय कार्यमंत्री राजेंद्र राठौड़ विधानसभा में इस बात से साफ मुकर गए।
राठौड़ ने विधानसभा में यह कहा कि सुराज संकल्प पत्र में भाजपा ने यह कभी नहीं कहा कि विद्यार्थी मित्रों और अन्य को सरकारी नौकरी देंगे। ऐसे में अब विद्यार्थी मित्रों की नियमित होने की रही-सही उम्मीद भी खत्म हो गई है।

विपक्ष में सताती है पीड़ा, सरकार में आते ही भूल गए
विद्यार्थी मित्रों के मामले में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियां विपक्ष में तो खूब पीड़ा जताती हैं लेकिन सरकार में आते ही अपने वादे भूल जाती हैं। 27 मार्च, 2012 को मौजूदा गृहमंत्री और तत्कालीन विधायक गुलाबंचद कटारिया ने विधानसभा में कहा कि ‘मैं सिर्फ भाषण के लिए ही नहीं बोल रहा हूं बल्कि अपनी अंत: पीड़ा से बोल रहा हूं। चार-चार हजार रुपए की नौकरी करके क्या कोई विद्यार्थी मित्र अपने बच्चों को दूध पिला सकता है। उसके बच्चों की पीड़ा आप समझते हो। वह किराए के मकान में कैसे रहता है और कैसे जीवन गुजारता है। शादी की होगी, बाल-बच्चे होंगे। आप सलेक्शन करते नहीं, शिक्षकों के 80 हजार से ज्यादा पद खाली हैं।’ उसी दिन कालीचरण सराफ ने कहा था कि विद्यार्थी मित्रों पर लाठियां बरसाना सरकार की संवेदनहीनता है। शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे विद्यार्थी मित्रों पर आधी रात को लाठियां बरसाकर इस सरकार ने अन्याय किया है। विद्यार्थी मित्रों की मांगंे जायज हैं, सरकार उनकी मांगें नहीं मानकर अन्याय कर रही है।

सुराज संकल्प पत्र में दो जगह नियमित करने का दावा 

भाजपा के सुराज संकल्प पत्र के पृष्ठ संख्या 37 पर कर्मचारी कल्याण के बिंदु संख्या 5 में यह कहा गया है कि जनता जल योजनाकर्मी, प्रेरक, विद्यार्थी मित्र, वन मित्र, पैराटीचर, मदरसा पैराटीचर, शिक्षा कर्मी और लोक जुंबिश कर्मचारियों को नियमित करने के लिए एक उच्च अधिकार प्राप्त समिति बनाई जाएगी।
इसी तरह सुराज संकल्प पत्र के पृष्ठ संख्या 31 पर शिक्षा के बिंदु संख्या 10 में यह हवाला दिया गया था कि राज्य में कार्यरत विद्यार्थी मित्र, शिक्षाकर्मी, शिक्षा मित्र, संविदा शिक्षक, अतिथि शिक्षक, अंश कालिक शिक्षक, प्रबोधक इत्यादि प्रकार से कार्यरत शिक्षकों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

इनका कहना 

भाजपा ने सुराज संकल्प पत्र में विद्यार्थी मित्रों को नियमित करने का वादा किया था अब वादा-खिलाफी कर रही है। – नरेंद्र चौधरी, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान विद्यार्थी मित्र संगठन
शिक्षा मंत्री का कहना 

यह गलत है कि हमने वादा नहीं निभाया। हमने अधिकांश विद्यार्थी मित्रों को नौकरी दी है। जो बचे हैं, उन्हें सुप्रीम कोर्ट से राहत दिलाएंगे।
-वासुदेव देवनानी

पूर्वोत्तर में कांग्रेस की हार के लिए सी पी जोशी को ठहराया जिम्मेदार

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पोस्ट न्यूज़ . त्रिपुरा, नागालेंड और मेघालय में कांग्रेस की हार के लिए कांग्रेस के बड़े नेताओं ने सी पी जोशी को हार का जिम्मेदार बताया है . अधिकांश बड़े नेताओं ने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्वोत्तर के कांग्रेस प्रभारी और राजस्थान के वरिष्ठ नेता सीपी जोशी को हार के लिए जिम्मेदार माना है। मेघालय में हालांकि वहां कांग्रेस टक्कर में हैं, लेकिन त्रिपुरा और नागालैंड में करारी हार के लिए सीपी जोशी पर हमले तेज हो गए हैं। नागालैंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने तो सीपी जोशी को नेगेटिव माइंड सेट का नेता बताते हुए यहां तक कह दिया है कि इनको जन भावनाओं और संवेदना की समझ तक नहीं है। इसी कारण उन्होंने कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले स्टेट में स्टार प्रचारकों को प्रचार करने तक से रोक दिया। कुछ ऐसे ही हमले त्रिपुरा और मेघालय में हो रहे हैं। गौरतलब है कि जोशी पिछले साल जून में आरसीए के अध्यक्ष चुने जाने के बाद से राजस्थान की राजनीति में भी बहुत कम सक्रिय है। हाल ही मांडलगढ़ विधानसभा और अलवर तथा अजमेर लोकसभा सीट पर उपचुनावों के दौरान भी जोशी की बेरुखी की कुछ जगह चर्चाएं रही।

नागालैंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केवे खापे थेरी ने कांग्रेस की करारी हार का ठीकरा जोशी पर फोड़ा है। केवल नागालैंड ही नहीं पूरे पूर्वोत्तर में जोशी को हार का जिम्मेदार बता डाला। थेरी ने कहा कि जोशी ने सुनियोजित ढंग से न केवल नागालैंड में बल्कि पूरे पूर्वोत्तर में कांग्रेस को समाप्ति के कगार पर पहुंचा कर रख दिया है। पिछले दो साल से अधिक समय से न खुद नागालैंड आए और न राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को आने दिया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया है कि जोशी की नेगेटिव माइंड सेट के कारण स्टार प्रचार तो रोके ही गए, बल्कि पार्टी को चुनाव लड़ने के लिए फंड तक नहीं दिया गया। नागालैंड का असर मेघालय में भी हुआ और वहां अच्छी कंडीशन में होने के बावजूद पार्टी सत्ता से बाहर रहने की स्थिति में पहुंच गई है।
त्रिपुरा के नेताओं ने की थी शिकायत : त्रिपुरा में तो कांग्रेस के नेताओं ने जोशी की शिकायत तक कर डाली। उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व को लिखा है कि सी पी जोशी का पूर्वोत्तर में कोई रुचि नहीं है। न वे पार्टी को मजबूत करना चाहते हैं न पार्टी की जीत हार से उनको कोई सरोकार है। उनके कारण कांग्रेस पार्टी बिखर रही है। इस कड़ी में त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बिराजीत सिन्हा ने भी कई बयान दिए।
नागालैंड में चर्च के लिए बीजेपी ने 70 करोड़ दिए, इसलिए हवा बदली : जोशी 
पूर्वोत्तर प्रभारी सी पी जोशी ने नागालैंड, त्रिपुरा और मेघालय में रुझानों के बदलने की वजह बीजेपी का इसाई चर्च को सहयोग के लिए खेला कार्ड बताया है। जोशी ने आरोप लगाया है कि चुनाव के समय बीजेपी ने मेघालय में चर्च के लिए 70 करोड़ रुपए आवंटित किए। जिसकी राज्य सरकार ने मांग तक नहीं की थी। मेघालय के चर्च का प्रभाव चुनाव वाले तीन राज्यों की 70 फीसदी जनता पर है।
जोशी के कारण पार्टी नेता छोड़ गए कांग्रेस : आलोक : नागालैंड के कांग्रेस स्पोक्स पर्सन आलोक शर्मा ने हार के बाद जोशी पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जोशी ही हार के एक मात्र कारण है। उनके कारण पार्टी के नेता और कार्यकर्ता कांग्रेस छोड़ चुनाव से पहले दूसरे दलों में शामिल हो गए।

खान घोटाले के मुख्य आरोपी अशोक सिंघवी को सरकार ने दिया होली का तोहफा कर दिया प्रमोशन

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खान घोटाले में जेल जा चुके विवादित आईएएस अशोक सिंघवी के लिए सरकार ने होली के दिन प्रमोशन आदेश जारी कर उन्हें अतिरिक्त मुख्य सचिव बना दिया। उनका प्रमोशन 4 अगस्त 2017 से प्रभावी माना जाएगा। डीओपी के संयुक्त शासन सचिव अरविंद पोसवाल के हस्ताक्षर से सिंघवी के प्रमोशन के आदेश जारी किए गए हैं।

प्रदेश में 2015 में खान घोटाला सामने आया। इसके चलते सिंघवी को जेल जाना पड़ा। इसके चलते वे करीब 2 सालों तक एपीओ भी रहे। जेल से छूटने के बाद सिंघवी की बहाली और प्रमोशन दोनों ही आदेश सरकार बचते बचाते किए। उनकी बहाली का आदेश भी 14 अक्टूबर 2017 को सार्वजनिक अवकाश के दिन किया गया और अब उनके प्रमोशन का आदेश भी होली के दिन सिंगल ऑर्डर से जारी किया गया जबकि इस दिन सार्वजनिक अवकाश था।

– यही नहीं 23 फरवरी को ही सरकार ने दो सीनियर आईएएस अफसरों को अतिरिक्त मुख्य सचिव की वेतन श्रंखला में पदोन्नत करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन सिंघवी के लिए करीब 10 दिन बाद अलग से आदेश जारी किया गया। सिंघवी की जांच लोकायुक्त के पास है, लेकिन पिछले दिनों उन्होंने सरकार को पत्र लिखकर इस जांच अधिकारी को भी बदलवा दिया था।

 

पूरी मस्ती के साथ मनाई पुलिस ने भी होली एसपी संग कलक्टर ने किया जम कर डांस।

उदयपुर पोस्ट। हम सुरक्षित त्यौहार मना सकें इसके लिए त्यौहार के दिन पुलिस के अधिकारी और जवान सहित पूरा महकमा हमारी सुरक्षा में तैनात रहता है। हर त्यौहार पर ये शहर के सुरक्षा प्रहरी पुरे शहर में मुस्तेदी से मोजूद रहते है और होली जैसे त्यौहार का जश्न ये पुलिस होली के अगले दिन हमारी होली शान्ति से मनाये जाने के बाद खेलते है। शनिवार को भी पुलिस लाइन में पुलिस के लोयन , टाइगर सहित सिपाहीयों ने एक ही रंग गुलाल के साथ मस्ती से मनाई। पुलिस के लोयन आईजी और टाइगर एसपी ने प्रशासनिक अधिकारी जिला कलेक्टर और संभागीय आयुक्त के साथ जम कर डांस किया।
शहर में चेहरे पर सख्ती लिए नज़र आने वाले पुलिस अधिकारी और पुलिस सिपाही शनिवार के दिन पुलिस लाइन में पुरे होली वाले मस्ती अंदाज़ में दिखे।
बाद में शहर के थानों में भी पुलिस कर्मियों ने खूब होली खेली और जम कर डांस किया।

तैयार हो जाओ इस बार गर्मी निकालेगी कुछ ज्यादा पसीना तोड़ेगी सारे रिकार्ड।

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पोस्ट न्यूज़। सर्दी का पूरा मजा लेलेने के बाद अब तन झुलसा देने वाली गर्मी के लिए हो जाइये तैयार।
प्रदेश के मौसम विभाग ने साफ़ कर दिया है की इस बाद रिकार्ड तोड़ गर्मी पड़ेगी।
मार्च शुरू होते होते राजस्थान के अधिकतर हिस्सों में गर्मी का अहसाह होना शुरू हो गया है। पहले दिन में गर्मी का अहसास होता था लेकिन अब रात में भी गर्मी लगने लगी है। जहाँ दिन या रात को पंखा एक या दो पर चला कर राहत मिलती थी वहीँ अब पंखे की स्पीड तीन और चार हो गयी है। मौसम विभाग की मानें तोआने वाले १५ दिनों में कूलर ऐसी की आवश्यकता पढ़ने लग जाएगी। इसलिए उनकी सर्विस करवा कर रख लेनी चाहिए। मौसम विभाग ने इस बार साफ़ कर दिया है की गर्मी पिछले सारे रिकार्ड तोड़ देगी।
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले तीन महीनों में उत्तर भारत मेें भीषण गर्मी पड़ने वाली है। एेसे में इस बार भीषण गर्मी झेलने के लिए तैयार हो जाएं।
वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में उत्तर पूर्वी राज्यों में चक्रवाती के असर से बारिश व ओलावृष्टि होने का अंदेशा जताया है। जिसके असर से प्रदेश के उत्तर पूर्वी हिस्सों में भी अगले 48 घंटे में छितराई बौछारें गिरने की संभावना है। ऐसे में आगामी दिनों में प्रदेश में गर्मी के तीखे हो रहे तेवरों से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जम्मु कश्मीर, हिमाचल प्रदेश,उत्तराखंड,पंजाब और दिल्ली में चक्रवाती तंत्र सक्रिय है जिसके कारण कुछ इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि होने के आसार बन रहे हैं। उत्तरी राज्यों में मौसम में संभावित बदलाव के असर से झुलसा रही गर्मी का असर कुछ कम हो सकता है।
मोसम विभाग के अनुसार उदयपुर में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 34 डिग्री रहा वही न्यूनतम 17 डिग्री रहा।
राजधानी में बीते चौबीस घंटे में मौसम शुष्क रहा है और दिन का तापमान सामान्य से ज्यादा रहने से गर्मी ने रफ्तार पकड़ी है। हालांकि बीती रात तापमान स्थिर रहा है वहीं हवा की दिशा में बदलाव होने पर शनिवार सुबह मौसम में हल्की ठंडक महसूस हुई है। शहर में सात बजे दिन का तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है। स्थानीय मौसम केंद्र के अनुसार शहर में अगले 24 घंटे में छितराए बादलों की आवाजाही रहने के साथ मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले तीन महीनों में उत्तर भारत मेें भीषण गर्मी पड़ने वाली है। देशभर में इस बार औसत तापमान एक डिग्री ज्यादा रहेगा, लेकिन उत्तर पश्चिमी राज्यों में यह अंतर दो से ढाई डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि दक्षिणी राज्यों में अपेक्षाकृत यह हाफ डिग्री तक ही ज्यादा रहेगा। मौसम विभाग की इस भविष्यवाणी के बाद यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि उत्तर भारत में गर्मी का मिजाज ज्यादा ही बिगड़ने वाला है।

प्रेम का पता चलने पर घरवालों की पिटाई तो छात्र छात्रा ने खुद को लगा ली फांसी

दौसा। लड़का लड़की के घरवालों को जब दोनों के प्यार के बारे में पता चला तो दोनो के घर वालों ने करदी पिटाई। प्यार में आने वाली मुसीबतों का सोच दोनों साथ में पेड़ पर लटक गए और जीवन समाप्त करलिया।
जीहाँ यह घटना है राजस्थान के दौसा जिले में रामगढ़ पचावारा र्थाने की जहाँ पर शनिवार सुबह एक पेड़ से छात्र छात्रा का लटका हुआ शव मिला। दोनों का शव देख कर पुरे गाँव में सनसनी फ़ैल गयी। बताया जाता है कि छात्र व छात्रा गांव में आपस में पड़ोस में ही रहते थे। जिससे कई दिनों से दोनो में प्रेम प्रसंग भी चल रहा था। दोनों के प्रेम प्रसंग के मामले का पता इनके परिजनों को भी चल गया था जिसके चलते घरवालों ने दोनों की पिटाई भी कर दी थी।
पुलिस ने बताया कि लड़की स्कूल में ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा है वही लड़का स्नातक प्रथम ईयर में पढ़ता है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। वही पुलिस जांच में जुटी है कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की खुलासा हो पाएगा।

उड़ा गुलाल चेहरा हुआ पिला और लाल, चड़ा मस्ती का रंग, मस्तानों की टोली निकली हो के मलंग – खुशियों से मनाई होली ( PHOTO )

पोस्ट न्यूज़। उदयपुर शहर में होली का दो दिवसीय पर्व धूम धाम और रंगों से सराबोर होकर मनाया । शहर भर में जगह जगह होली दहन के कार्यक्रम हुए जिसमे शहर भर के लोगों ने भाग लिया । धुलंडी के दिन मस्तानों की टोलियों ने झीलों के नगरी को रंगों से भर दिया । गली-मोहल्लों और सड़कों पर युवक-युवतियों की टोलियां एक-दूसरे पर जमकर अबीर-गुलाल उड़ाए और सेल्‍फी ली। पूरा शहर रंग-गुलाल और अबीर के रंग में रंग गया। महिलाओं की टोली भी अपने को रोक नहीं सकी। युवा अपने कपड़े फाड़कर डांस करते दिखे। कई परिवारों में नवजात बच्चों के ढ़ूंढ़ोत्सव भी मनाये गए। शहर भर में होली के दोनों दिन पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए किसी भी अप्रिय घटना के लिए चाक चौबंद निगरानी की |

होली का दहन :
शहर में शुभ मुहूर्त में होली दहन  साथ शहर के हर गली मोहल्ले कॉलोनियों आदि में होली दहन के कार्यक्रम हुए ।  रात को होली जलने के साथ ही युवा अपने आपकों रोक नहीं पाए और रंगों से एक-दूसरे को रंग दिया। शहर के कई जगह होलिका दहन के प्रमुख आयोजन हुए। इनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। नवजात बच्चों को होली की परिक्रमा दिलाई गई। शहर के जगदीश चौक में होली को लेकर अलग ही माहौल रहा। यहां देशी के साथ ही विदेशी मेहमानों ने भी होली का आनंद लिया। जगदीश चौक में भगवान जगन्नाथ की होलिका के साथ ही ऑटो संचालकों के संगठन की ओर से होलिका दहन किया गया। इस अवसर पर शहर भर के लोग और युवा यहां पहुंचे। होलिका दहन से पूर्व सांस्कृतिक आयोजनों में देशी-विदेशी पर्यटकों के साथ ही स्थानीय प्रतिभाओं ने प्रस्तुतियां दी। प्रस्तुतियों के बीच ही फाग गायन करते हुए जगदीश मंदिर से पुजारी और श्रद्धालु नीचे आए। यहां होली की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके साथ ही शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया गया।
इसके बाद जगदीश चौक पर लगी होलिका का दहन किया गया। होलिका दहन के साथ ही कुछ युवाओं ने एक-दूसरे के रंग लगाने का सिलसिला शुरू कर दिया। इसी प्रकार मल्लातलाई चौराहे पर बड़ी होली लगाई गई। यहां होलिका दहन से पूर्व सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। इसमें शहर के जनप्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। नवजातों ने ली परिक्रमा होलिका दहन के साथ ही नवजात बच्चों को होली की परिक्रमा दिलाई गई। बच्चों के मामा ने बच्चों को गोद में लिया और श्रद्धा के साथ होली की परिक्रमा करने के साथ ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इसके साथ ही महिलाओं ने होली की पूजा कर उन्हें ठंडा करने की परंपरा का निर्वहन किया। जगह-जगह होलिका दहन शहर में जगह-जगह होलिका दहन हुआ। कई जगह तो मात्र कुछ कदमों की दूरी पर ही होलिका दहन किया गया। कई जगह तो एक ही गली में तीन से चार होलिया भी लगाई गई। सभी जगह डीजे पर होली के गीत, फिल्मी गीत और भजन बज रहे थे। इन पर बच्चे और युवा झूम रहे थे।
मंदिरों में खूब उड़ी गुलाल होली पर्व की धूम गत एक माह से शहर के कृष्ण मंदिरों में चल रही है। होली के दिन सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचे।यहां पुजारियों ने ठाकुरजी को गुलाल-अबीर धराने के साथ ही श्रद्धालुओं पर भी इसका छीड़काव किया। श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी संग होली का आनंद उठाया। शहर के जगदीश मंदिर, श्रीनाथजी मंदिर, बाईजीराज का कुंड, अस्थल मंदिर सहित अन्य मंदिरों में होली पर विशेष मनोरथ हुए। होली दहन के पूर्व पूजा अर्चना की गयी, नव विवाहितों और नव जात बच्चों को होली की परिक्रमा करवाई गयी । होली में नारियल का होम किया गया । बड़ी होली, जगदीश चोक, मल्लातलाई, होली के बड़े कार्यक्रम आयोजित किये गए | जगदीश चौक में होलिका दहन के पूर्व सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया गया और सैकड़ों की संख्या में मौजूद लोगों ने होली दहन के कार्यक्रम में हिस्सा लिया । मल्ला तलाई चौराहे पर होली दहन का बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमे पूजा अर्चना और पारम्परिक अनुष्ठान के बाद होली का दहन किया गया।

रंगोत्सव मना धूम धाम से :
होलिका दहन के बाद गुरुवार को सुबह से रंगों की होली की शुरुआत हो गई। खासतौर से बच्चों ने तो जमकर होली खेली, वहीं महिलाएं और युवा भी चेहरे रंगने में पीछे नहीं रहे। सुबह होते ही हर उम्र के लोगों के सिर पर होली का खुमार दिखाई देने लगा था। होली को खास अंदाज में मनाने की प्लानिंग कर रहे बच्चों को उकसाया जा रहा था। बच्चे भी टोलियां बनाकर होली खेलने निकल पड़े। एक प्रकार से पूरा शहर रंगों में सराबोर था।
रंगोत्सव पूरी तरह रंगों में डूबा रहा फिजां में उत्साह का गुलाल था…चेहरों पर रंगों की बहार है…आज खिलने लगी फिर मुस्कान है…ऐसे ही रंगबिरंगे माहोल में रंगोत्सव का आगाज़ हुआ। दोस्तों के साथ खिलखिलाते हुए ये रंग-बिरंगे चेहरे होली की खुशियों का पैगाम लेकर आए हैं। कही गुलाल तो कही रंग भरी पिचकारी, रंगों में लिपटे हुए मस्तों की टोलिया दिन भर शहर में घुमती रही, जगदीश चोक में विदेशियों ने भी रंगों के इस त्यौहार का आनंद लिया, कोलोनियों में महिलाओं ने घर घर जाकर अपनी सखियों के गलों पे गुलाल की चमक डाली। पुरुष, महिला, बच्चे और युवा उड़ते गुलाल और म्यूजिक की धुन पर होली है…. बुरा न मानो होली है…. बोलते हुए एक दूसरे को गुलाल से रंगते हुए देखे गए। शहर के अलग-अलग हिस्सों में समूह और संगठनों द्वारा मिल कर रंग खेला गया। रंगोत्सव पर हर ओर रंग और अबीर में लबरेज खुशियां दिखाई दी।

होली के मोके पर आई राहत की खबर गैस के दामों में हुई है कटोती,. कितनी कटोती हुई जानिये

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मार्च के पहले दिन ही आमजन के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। होली के मौके पर रसोई गैस सिलेंडरों की कीमतों पर कटौती की गई है। बिना सब्सिडी वाला LPG गैस सिलेंडर गुरुवार से 78.50 रुपए और सब्सिडी वाला 2.52 रुपए सस्ता हो गया। वहीं विमान ईंधन के दाम तकरीबन एक प्रतिशत बढ़ गए हैं। देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में घरेलू इस्तेमाल वाला 14.2 किलोग्राम का बिना सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर 1 मार्च से 689 रुपए का मिलेगा। पहले इसकी कीमत 736 रुपए थी।

घरेलू इस्तेमाल का सब्सिडी वाला रसाई गैस सिलेंडर आज से 495.63 रुपए की जगह 493.09 रुपए का मिलेगा। वाणिज्यिक इस्तेमाल वाला 19 किलोग्राम का सिलेंडर भी 78.50 रुपए सस्ता हुआ है। इसकी कीमत 1,308.50 रुपए से घटकर 1,230 रुपए हो गई है।

देखिये विडियो

https://www.youtube.com/watch?v=NnQo4-GU_H8

 

आपको बता दें कि नवंबर 2017 के बाद पहली बार रसोई गैस की कीमतों में कटौती करने का ऐलान किया गया है। कोलकाता में दाम 2.53 रुपए घटकर 496.60 रुपए, मुंबई में 2.55 रुपए घटकर 490.80 रुपए और चेन्नई में 2.48 रुपए घटकर 481.21 रुपए हो गया है।

जयपुर उदयपुर संभाग सहित राज्य के अन्य ज़िलों से मिली प्रतिक्रियाओं में लोगों ने इसे राहत देने खबर बताया है। वैशाली नगर निवासी साकेत गोयल ने कहा कि इस खबर सुनाने के लिए हमेशा ही इंतज़ार रहता है।