सुखाडिया विवि में भर्तियों में हो रही गड़बड़ी के खुलासे के बाद लगी रोक

सुखाड़िया विश्वविद्यालय में असिस्टेंट रजिस्ट्रार के पदों पर भर्ती में हुई गड़बड़ियां सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शेष सभी नॉन-टीचिंग पदों पर भर्तियों को रद्द कर दिया है। भर्तियों के तहत अबतक जो भी प्रक्रिया हुई, उसे रद्द कर दोबारा नए सिरे से विज्ञापित किया जाएगा। इसके लिए योग्यता और नियमों में बदलाव भी यूजीसी और अन्य विवि के मानदंडों को देखते हुए किए जाएंगे। अब भर्तियां नए सिरे से निकाली जाएंगी। इससे पहले बुधवार सुबह गेस्ट फैकल्टी शिक्षकों ने प्रशासनिक भवन की घेराबंदी कर विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और परीक्षाओं का बहिष्कार किया। इससे विवि प्रशासन के हाथ पांव फूल गए और उन्होंने आनन-फानन में आपातकालीन व्यवस्थाएं करते हुए गैरशैक्षिक कर्मचारियों को परीक्षा लेने के लिए लगाया। दैनिक भास्कर ने मंगलवार को असिस्टेंट रजिस्ट्रार की भर्तियों में हुई गड़बड़ी के संबंध में खबर प्रकाशित कर इस मामले का पूरा खुलासा किया था। इसके बाद बीसियों ऐसे पात्र अभ्यर्थी खुलकर सामने आए, जिन्हें एक अन्य कमेटी ने वंचित कर दिया था। इन सबने विवि प्रशासन का कड़ा विरोध किया था। मामले में यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार शुरू से भर्तियों के विरोध में नजर आए, इसे भी सिर्फ भास्कर ने ही प्रकाशित किया। इसी का असर रहा कि आखिरकार विवि प्रशासन ने भर्तियों को रद्द कर दोबारा भर्तियां कराने का निर्णय लिया है।

इन भर्तियों को रद्द करने के बाद यूनिवर्सिटी ने 7 सदस्यीय नई स्क्रीनिंग कमेटी बनाई है। इस कमेटी में विवि के चारों कॉलेजों के डीन प्रो. आनंद पालीवाल, प्रो. जी. सोरेल, प्रो. बीएल आहूजा और प्रो. साधना कोठारी हैं। कमेटी के मेम्बर सेक्रेटरी रजिस्ट्रार हिम्मत सिंह भाटी होंगे। कमेटी में दो इनवाइटी मेम्बर भूगोल विभाग की अध्यक्ष सीमा जालान और जिओलॉजी विभाग के प्रो. एमएल नागौरी होंगे। ये नई स्क्रीनिंग कमेटी अब भर्तियों के लिए यूजीसी के तहत नए नियम-कायदे बनाएगी। इसके बाद सभी भर्तियों को री-एडवर्टाइज किया जाएगा।

नए भर्तियों के तहत डिप्टी कंप्ट्रोलर के पद के लिए 1, डिप्टी रजिस्ट्रार के पद के लिए 2 , असिस्टेंट रजिस्ट्रार के पद के लिए 3, स्टेटिस्टिकल असिस्टेंट के पद पर 1, लैब टेक्नीशियन के पद पर 4, जूनियर टेक्नीकल असिस्टेंट के पद पर 3 और एचएलए के पद पर 1 नियुक्तियां दोबारा होगी। इन 7 पदों के लिए यूनिवर्सिटी विज्ञापन देकर नए पद निकालेगी।
25 साल से यूजीसी और अन्य यूनिवर्सिटी के परे जाकर हो रही थी भर्तियां
सुखाड़िया विवि अबतक जिन नियम और कायदों का हवाला देकर नियुक्ति प्रक्रिया को सही ठहरा रही थी, अब उस पर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल असिस्टेंट रजिस्ट्रार के पद पर भर्ती के लिए जो योग्यताएं तय की गई हैं, वे यूजीसी और प्रदेश के अन्य राज्य विवि के नियमों से बिलकुल अलग थी। यूजीसी और प्रदेश की अन्य स्टेट यूनिवर्सिटीज में 5 साल का शैक्षणिक अनुभव अनिवार्य ही नहीं हैं। सुखाड़िया यूनिवर्सिटी इसे अनिवार्य कर भर्तियां करती थी। यह नियम पिछले 25 साल से हो रही भर्तियों में लागू थे। यह बात यूनिवर्सिटी के कुलपति और रजिस्ट्रार ने भी मानी है।
ऐसे हल हुआ पूरा प्रकरण
बुधवार सुबह गेस्ट फैकल्टी ने जैसे ही 11 से 2 बजे वाली पारी की परीक्षा के बायकाट का फैसला लिया। पूरा हंगामा रहा। 60-70 गेस्ट फैकल्टी सुबह से प्रशासनिक भवन के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी करते रहे। इस दौरान कुलपति कार्यालय को ताला जड़ दिया। लेकिन कुलपति पिछले तीन दिन से जयपुर में थे। वे बुधवार दोपहर बाद लाैटे तो तीन बजे बातचीत हुई और भर्तियां रद्द करने पर वे सहमत हो गए। इसके बाद ही नई स्क्रीनिंग कमेटी के गठन का एलान हुआ।

Pantnagar Metal Plant receives Par Excellence Award

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Hindustan Zinc’s Pantnagar Metal Plant received Par Excellence Award in 5S & Kaizen in the 5th National Enclave on 5S organized by Quality Circle Forum of India.

Over 75 companies from all over the country participated in the conclave held at BIT, Sathyamangalam, Coimbatore (Tamil Nadu) on 9th -10th February 2018. The theme for the conclave was – “Enhance Global Competitiveness through 5S”.

PMP received Par Excellence Award in 5S and also received Par Excellence Award in Kaizens with the highest saving Kaizen out of 56 different companies.

On behalf of Hindustan Zinc, the award was received by Mr. VK Singh Mr. SK Rahaman and Mr. Rajesh Dabi.

MLSU में अब अतिथियों का स्वागत होगा पौधो और पुस्तकों से – छात्रों ने किया आदेश का स्वागत

उदयपुर। उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय और उससे जुड़े चारों संगठक महाविद्यालयों में अब किसी भी गेस्ट या महत्वपूर्ण हस्ती का स्वागत फूल माला और गुलदस्तों से नहीं होगा। कुलपति के नए आदेश के अनुसार अब पोधों और किताबों से स्वागत किया जाएगा। इस आदेश का छात्रों ने हर्ष के साथ स्वागत किया और जन्म दिन में पौधा रोपण के साथ इसकी शुरुआत भी कर दी।
सुखाडिया विश्वविध्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर जेपी शर्मा ने सोमवार को आदेश जारी किये कि मोहनलाल सुखाडिया विश्वविध्यालय के सभी संघटक कोलेजों में होने वाले कार्यक्रमों के दौरान आने वाले अतिथियों का स्वागत पुस्तकों और पौधो से किया जायेगा। जानकारी के अनुसार लॉ कॉलेज में अंतिम वर्ष की छात्रा और लॉ कॉलेज की छात्रसंघ उपाध्यक्ष साक्षी पंड्या के सुझाव पर यह निर्णय लिया गया । दरअसल साक्षी ने कुलपति को एक पत्र लिखकर सुझाव दिया था कि अतिथियों के स्वागत में गुलदस्ते और मालाएं देने की बजाय पौधे भेंट किया जाए जिससे पर्यावरण को मदद मिलेगी । ऐसे में कुलपति ने साक्षी के इस सुझाव को पसंद किया और उन्होंने हाथों-हाथ रजिस्ट्रार को आदेश देकर इस सुझाव को और आगे बढ़ाते हुए पुस्तक भी शामिल करने को कहा है। साथ ही विश्वविद्यालय के चारों संगठक महाविद्यालयों को भी समारोह में आने वाले अतिथियों के स्वागत के लिए सिर्फ पुस्तक और पौधे भेंट करने को निर्देशित किया है। यही नहीं इस आदेश के आते ही कई छात्र इसको अमल में भी ले आये, अपने जन्मदिन पर दोस्तों को आमंत्रित कर सामूहिक रूप से पौधा रोपण किया गया। आर्स कोलेज में द्वितीय वर्ष में पढ़ रहे छात्र निशांत ने अपना जन्म दिन केम्पस के गार्डन में अपने दोस्तों के साथ पौधा रोपण कर मनाया। यही नहीं निशांत के मित्र मिनहाज़ खान ने भी जन्मदिन के तोहफे के रूप में निशांत को एक पुस्तक भेंट की। निशांत ने बताया कि पुस्तक और पौधे हमारे जीवन का एक भाग है, पुस्तक सच्चे साथी तो पौधा स्वस्थ जीवन का प्रतिक है।
निशांत के जन्मदिन पर पहुचे छात्र मिनहाज़ खान ने बताया कि विश्वविध्यालय द्वारा उठाया गया यह कदम पर्यावरण संरक्षण में बोहत अहम् कदम है। देखा जाय तो एक पोधा और एक पुस्तक से अच्छा और सच्चा कोई दोस्त नहीं ऐसे में अगर पौधे और पुस्तक से अतिथियों का स्वागत होता है तो फूल मालाओं से कई ज्यादा बढ़ कर सम्मानजनक स्वागत होगा। निशांत की इस पहल में डीन साधना कोठारी प्रोफ़ेसर इशहाक मोहम्मद कयामखानी ने होसला बढ़ाया और छात्र नेता कला महाविद्यालय के अध्यक्ष महेश रोत, पूर्व अध्यक्ष मोहित नायक, जितेश खटिक, और समीर नायक ने सहयोग किया।

हत्यारा शम्भू मानो जेल से चुनाव प्रचार कर रहा है – बहन बता कर अवैध सम्बन्ध रखने वाला हत्यारा राजनितिक और नैतिकता का ज्ञान बाँट रहा है।

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उदयपुर। जिस हत्यारे शम्भू ने राजसमन्द में बंगाली श्रमिक अफ्राजुल को सिर्फ अपने शौक़ और अपने अवैध सम्बन्ध छिपाने के लिए गेंती से मार कर ज़िंदा जला दिया वह हत्यारा अब जेल से वीडियो वायरल कर रहा है। इजराइल की तरह मुस्लिमों से लड़ने और प्रधानमंत्री मोदी का साथ देने जैसा ज्ञान दे रहा है। मानो एक महान कार्य कर वह जेल गया हो और जेल से अपने प्रवचन का वीडियो बना रहा हो। हालाँकि वीडियो देखने पर लगता है कि पुरे वीडियो में उसने जो कुछ भी कहा है वह उसको किसी ने पहले से लिख कर दिया है। जोधपुर जेल से इस आतंकी हत्यारे ने वीडियो वायरल कर सिर्फ जेल प्रशासन ही नहीं पूरी राज्य की सुरक्षा की धज्जियां उड़ा कर रख दी है।
आतंकी हत्यारे शम्भू नाथ ने जेल से जो वीडियो जारी किया है वह वीडियो कई सवाल खड़े कर रहा है। जेल और राज्य की सुरक्षा पर तो सवाल खड़े कर ही रहा है लेकिन जेल में उसने वीडियो में जो बातें कही दरअसल वह किसी कागज़ पर लिखी हुई स्क्रिप्ट पढ़ी है जिसका राइटर कोई और है। वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि या आतंकी हत्यारा किसी और कि लिखी हुई स्क्रिप्ट पढ़ रहा है क्यूँ कि जो बातें उसने वीडियो में कही वह उसकी बुद्धि और समझ के सो कोस दूर है। एक बार तो मानो एसा लग रहा है जैसे वह भाजपा और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का प्रचार और हिंदुत्व के लिए उनका साथ देने की बात कर रहा है। देश और देशभक्ति की बातें करते हुए उसको अपने किये हुए पर कोई पछतावा भी नहीं जबकि पुलिस की चार्ज शिट में साबित हो गया है कि जिस लव जिहाद की बात कर उसने बंगाली श्रमिक को जलाया था दरअसल उस लड़की से खुद उसके अवैध सम्बन्ध थे और उसी के उजागर होने के डर से उसने बंगाली श्रमिक की ह्त्या करदी और अपने अवैध संबंधों को लव जिहाद का रूप देकर विडियो वायरल कर दिया।
अब जेल में बजाय पाबंदी के मानो वो चुनाव प्रचारक और महात्मा की भूमिका में आगया हो वीडियों में हत्यारा राजनैतिक और नैतिकता की बातें कर ज्ञान बाँट रहा है।
हत्यारे शंभूनाथ के एक वीडियो ने राजस्थान जेल प्रशासन की बीस करोड़ रुपए की पोल खोलकर रख दी है। दरअसल, शंभूनाथ का यह वीडियो जोधपुर जेल से वायरल होने की बात कही जा रही है। उसमें जेल की सलाखें भी साफ नजर आ रही हैं। एेसे में जेल प्रशासन और यहां लगे जैमर्स पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ताजुब की बात तो यहाँ है कि जेल प्रशासन ने सेन्ट्रल जेलों में मोबाइल फोन के इस्तमाल को रोकने के लिए जैमर लगाए है और इसलिए इन्होने बीस करोड़ रूपये खर्च कर दिए है इसके बावजूद जेल से संचालित होने वाले ना तो अपराधियों के कॉल को रोक पा रहे है ना ही सोशल मीडिया की पोस्ट को।
हत्यारे शम्भू ने जो विडियो वायरल किया वह जोशपूर जेल से किया और एसा माना जाता है कि जोधपुर जेल दिल्ली की तिहाड़ जेल के बाद देश की दूसरी सबसे सुरक्षित जेल मानी जाती है।

चेटक ट्रेन के सामने बड़ा हादसा होने से टला।

उदयपुर। हर शाम चलने वाली चेटक ट्रेन के ड्राइवर की वजह से शुक्रवार शाम हादसा होता होता टल गया। राणा प्रताप नगर स्टेशन के कुछ ही दूरी पर ट्रेन के सामने एक वृद्ध अचानक आकर लेट गया। इंजन के ड्राइवर ने तुरंत ट्रेन के ब्रेक मार दिए और वृद्ध की जान बचा ली बाद में वृद्ध के परिजन उसको समझा बुझा कर घर ले गए। झटके से अचानक ट्रेन रुकने से यात्रियों में एक बार अफरा तफरी मच गयी।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम को चेटक एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से उदयपुर सिटी स्टेशन से रवाना हुई थी । राणा प्रताप नगर स्टेशन पर रुकने के बाद ट्रेन सुंदरवास तक ही पहुंची थी की एक वृद्ध अचानक आत्महत्या करने का सोच ट्रेन की पटरियों पर आकर लेट गया। चेतक ट्रेन के ड्राइवर ने वृद्ध को इस पटरियों पर सोते हुए देख लिया था। ड्राइवर ने अपनी सूझ बुझ से तुरंत ट्रेन का ब्रेक जोर से लगा दिया और वृद्ध के ठीक आगे आकर ट्रेन रुक गयी। झटके से ट्रेन का रुकना यात्रियों में चिंता का विषय बन गया और एक बार यात्री परेशान हो गए और निचे उतर कर देखने लग गए। मोके पर वृद्ध के परिजन भी पीछे पीछे आगये और उन्होंने वृद्ध को समझा बुझा कर ले गए मोके पर जीआरपी के जवान भी आगये उन्होंने भी वृद्ध को समझा कर घर भेज दिया। इस सारी घटना में ट्रेन १० मीनट लेट हो गयी। इस सारे मामले में रेलवे प्रशासन का कहना है कि कोई वृद्ध परिजनों से झगड़ा कर ट्रेन के आगे आने की कोशिश कर रहा था लेकिन एक टाइम पर ट्रेन रोक दी। इधर राणा जीआरपी थाने में कोई रिपोर्ट तो दर्ज नहीं की गयी लेकिन वृद्ध को समझा कर उसके परिजनों के साथ रवाना कर दिया। घटना का पता भी आज सुबह चला जब ट्रेन के यात्रियों ने घटना का वीडियो कुछ वाह्टसप ग्रुप में शेयर किया।

नगर निगम में सफाईकर्मी की भर्ती को लेकर प्रदर्शन गृहमंत्री महापौर का पुतला फूंका

उदयपुर । नगर निगम में सफाई कर्मियों की भारती को लेकर विरोध बढ़ता जारहा है . आज वाल्मीकि युवा मंच ने भर्ती नहीं करने को लेकर गृहमंत्री और महापौर का पुतला फूंका वही कांग्रेसियों ने जिला कलेक्टर को सफाईकर्मी की भर्ती प्रक्रिया में मुख्यमंत्री की दखल की मांग की है .
सफाई कर्मियों की 738 भर्तियों को लेकर वाल्मीकि युवा मंच के प्रदर्शनकारियों ने नगर विधायक एवं गृहमंत्री गुलाबचन्द कटारिया और निगम महापौर चन्द्र सिंह कोठारी का पुतला फूंका।
मंच के महामंत्री अर्जुन सोनवाल ने बताया कि आक्रोशित प्रदर्शनकारियों द्वारा दोनों नेताओं के पुतलों को बापू बाजार, सूरजपोल सर्कल होते हुए सूरजपोल पुलिस चौकी के पास गरमजोशी के साथ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया गया। इससे पूर्व मंच के बाबूलाल घावरी ने नगरवासियों को बताया कि निगम प्रशासन द्वारा गृहमंत्री के इशारे पर गत साढे पांच वर्ष से स्वीकृत 738 कर्मचारियों की भर्ती जानबूझ कर अटकाई जा रही है। उन्होंने आम जन से अपील करते हुए प्रदर्शनकारियों की मांगे शीघ्र पूरी करने का आग्रह किया।
इस दौरान बाबूलाल घावरी, रेशमा हेला, शबाना, नितेश तरवाडी, सीता बाई खोखर, धीरज घावरी, ललित सोलंकी, बिरजू सोलंकी, दुर्गा बाई, अर्जुन कण्डारा, रवि घुसर आदि सैंकड़ों महिला पुरूष मौजूद थे।
दूसरी तरफ नगर निगम के पूर्व प्रतिपक्ष के नेता रहे दिनेश श्रीमाली के नेतृत्व में जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया .श्रीमाली ने कहा की शहर में चारो और गंदगी का वातावरण है स्मार्ट सिटी का दर्जा प्राप्त सिटी अभी तक सफाई कर्मचारियों की भर्ती नही कर पायी शहर को स्वच्छ,सुन्दर एवं साफ कैसे रखेगी शहर को स्मार्ट बनाने का दावा खोखला ही साबित हो रहा है। ज्ञापन के माध्यम से बताया की पिछली अशोक गहलोत सरकार द्धारा राजस्थान के विभिन्न जिलों में 20 हजार सफाई कर्मचारियों की भर्ती के आदेश दिए थे । कुछ भर्तिया हो गयी परन्तु दुर्भाग्य से अधिकांश भर्तिया होने से रह गयी । उदयपुर में भी 1054 पद स्वीकृत होने के बावजूद मात्र 316 महिला सफाई कर्मचारियों की भर्ती हुयी शेष 738 पदों पर आज दिन तक भर्ती नहीं हुयी । श्रीमाली एवं प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाते हुये कहा ठेका प्रथा द्धारा सफाई कराकर लाखो का भ्रष्टाचार किया जाता है । श्रीमाली ने इस संबंध में ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री को वाल्मीकि समाज के रोष और धरने प्रदर्शन से अवगत कराते हुए समाज हित में हस्तक्षेप कर रिक्त पदों पर जल्द से जल्द भर्ती करने की मांग करी ।

चलती ट्रेन में 19 साल की युवती से गैंगरेप

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दिल्ली से रांची आ रही 19 वर्षीय युवती के साथ झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस में दो युवकों ने गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया है। घटना से आहत युवती ने दो जहर खाकर खुदकुशी की कोशिश की है। पीड़िता फिलहाल अस्पताल में भर्ती है। शुक्रवार को जीआरपी थाने में इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है। सीएम रघुवर दास ने भी दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
सीएम बोले- दरिंदे बख्शे नहीं जाएंगे: झारखंड के सीएम रघुवर दास ने अपने ट्विटर पर लिखा है कि दिल्ली से रांची आ रही ट्रेन में एक बिटिया के साथ दरिंदगी की खबर से मन द्रवित है। बिटिया को हर मुमकिन मेडिकल सुविधा सरकार उपलब्ध कराएगी। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
दिल्ली से रांची आ रही ट्रेन में एक बिटिया के साथ दरिंदगी की खबर से मन द्रवित है। बिटिया को हर मुमकिन मेडिकल सुविधा सरकार उपलब्ध कराएगी। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
युवती ने बताया कि 6 फरवरी को दिल्ली के आनंद विहार से रांची जा रही थी। झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस में एस-3 कोच के 17 नंबर बर्थ पर वो बैठी थी। ट्रेन में काफी कम यात्री थे और उसकी बर्थ के पास अंधेरा भी था। ट्रेन मुरी रेलवे स्टेशन से रात करीब 12 बजे चली थी। उसी दौरान दो युवक आए और उसके मुंह पर कपड़ा रखकर चलती ट्रेन में दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। किसी स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही दोनों आरोपी फरार हो गए।
शर्म की वजह से की खुदकुशी की कोशिश
युवती ने बताया कि उसके कोच में न तो टीटीई था और न ही पुलिस। रांची स्टेशन पर जब ट्रेन रुकी तो वो वॉर्डन के साथ हॉस्टल चली गई। शर्म की वजह से उसने किसी को कुछ नहीं बताया। दो दिनों तक उसने इस वारदात का जिक्र किसी से नहीं किया और आठ फरवरी को जहर खाकर खुदकुशी की कोशिश की। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। उसके पिता और भाई 10 फरवरी को उससे मिलने आए लेकिन उनसे कुछ नहीं कहा। खुदकुशी की कोशिश की जानकारी मिलने पर जब पुलिस जब अस्ताल पहुंची तो युवती ने अपनी आपबीती बताई।

राज्य सरकार ने दिया जनता को जोर का झटका गुप चुप तरीके से – गरीब की जेब से निकाला जाएगा रुपया .

पोस्ट न्यूज़। ना तो केंद्र सरकार ना ही राज्य सरकार आम जनता पर कोई रहम खाती है। मंहगाई से गरीबों की कमर पहले से टूटी हुई है अब उस पर और ज्यादा भार डाला चुका है जिसकी किसी को कानो कान कोई खबर नहीं। जी हाँ बिलकुल ठीक सूना आपने, ज्यादातर गरीब लोग रसोई गैस नहीं और केरोसिन इस्तेमाल करते है और राज्य की सरकार ने गुपचुप तरीके से १५ दिन के अंदर ही तीन बार कैरोसिन के दाम बढ़ा दिए है।
केरोसिन के दाम बढ़ाने के इस कदम का विरोध विपक्षी दाल कांग्रेस ही नहीं आम आदमी भी कर रहा है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस सचिव वेदप्रकाश सोलंकी ने बताया कि केंद्र सरकार रोजाना पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ाकर लोगों की कमर तोड़ रही है, वहीं अब प्रदेश में विगत 15 दिन के अंदर 3 बार केरोसिन के दाम बढ़ाकर गरीबों पर बोझ डाल दिया है। प्रदेश में गरीब लोग जिनके पास गैस नहीं है वो ईंधन के रूप केरोसिन का उपयोग करते हैं इसलिए सरकार को सोच-विचार कर तेल की कीमतों में कमी करना चाहिए। गौरतलब है कि जून 2017 में जनता को केरोसिन 20 रुपए लीटर मिलता था जो अक्टूबर 2017 में 25 रुपए 20 पैसे मिलने लगा। वहीं 23 जनवरी 2018 में इसके दामों में 50 पैसे की बढ़ोतरी की और अब सरकार 8 फ रवरी 2018 को 30 पैसे लीटर की बढ़ोतरी की है और 16 फ रवरी को 20 पैसे लीटर दाम बढ़ा दिए हैं। अब जनता को यह फरवरी से 26 रुपए लीटर की बढ़ी हुई दर से मिलेगा।
मालूम हाे कि देश के सभी जिलों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत फरवरी के लिए कुल 13,260 किलो लीटर केरोसीन का आवंटन किया गया है। इसके तहत बिना घरेलू गैस कनेक्शन वाले राशनकार्डधारी उपभोक्ता को प्रति राशनकार्ड 2.50 लीटर केरोसीन का वितरण करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की शासन सचिव मुग्धा सिन्हा ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए सभी जिला रसद अधिकारियों को यह निर्देशित किया है कि संबंधित जिले के रसद अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जिले को आवंटित केरोसीन तेल की संपूर्ण मात्रा का उठाव उनकी तरफ से कर लिया गया है। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करें कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र उपभोक्ताओं को प्रति राशन कार्ड बराबर मात्रा में केरोसीन प्राप्त हो।
शासन सचिव ने दिए निर्देश दिए कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत जिलों को आवंटित हुए केरोसीन में से औद्योगिक इकाइयों को कोई आवंटन नहीं दिया जाए। साथ ही, व्यापक प्रचार-प्रसार करके यह भी सुनिश्चित किया जाए कि नीले केरोसीन का उपयोग खाना पकाने व प्रकाश व्यवस्था के अलावा अन्य कार्यों में नहीं लिया जाए और यदि नीले केरोसीन का दुरुपयोग करते हुए कोई पकड़ा जाए तो उसके विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।

पुलिस ने दिया महेंद्र सिंह मेवाड़ को लेटर मांगी उनकी अपराधिक गतिविधि – बाद में मांगी माफ़ी

उदयपुर। पद्मावत का विरोध, विरोध के बाद सत्ता पक्ष को उप चुनाव में मिली करारी हार से साड़ी गणित बिगड़ गयी और लगता है उसी के चलते अब राज्य सरकार पद्मावत का विरोध करने वालों से बदला लेने के मूड में आगयी है। इस बदले की कार्रवाई की शुरुआत की उदयपुर में मेवाड़ के पूर्व राजघराने के महेंद्र सिंह मेवाड़ से जिनके खिलाफ राज्य सरकार अब पुलिस के माध्यम से क्रिमिनल डोजियर तैयार करवा रही है।
हाल ही में उदयपुर एसपी राजेंद्र प्रसाद गोयल के हस्ताक्षरयुक्त पत्र में उनको कांग्रेस पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता बताते हुए आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी मांगी है। और यहाँ मामला सामने तब आया जब घंटाघर थाने का एक कांस्टेबल यह लेटर लेकर महेंद्र सिंह मेवाड़ के पास पहुंच गया। हालाँकि पात्र गोपनीय था लेकिन फिर भी फेसबुक और व्हाट्सअप पर वायरल हो गया। पत्र को लेकर महेंद्र सिंह मेवाड़ ने खासी नाराज़गी जताई मामले को टूल पकड़ता देख एडिशनल एसपी ने पत्र को लेकर माफ़ी भी मांगी और गृहमंत्री गुलाब चाँद कटारिया ने भी खेद जताते हुए कांस्टेबल को लाइन हाज़िर कर दिया।

आइये जानते है आखिर क्या है पूरा मामला :

दरअसल, पुलिस अधीक्षक राजेंद्र प्रसाद गोयल ने 5 फरवरी को यह गोपनीय पत्र जारी कर सूरजपोल थाने पहुंचाया था। जबकि, महेंद्र सिंह मेवाड़ का निवास स्थान समोर बाग घंटाघर थाना क्षेत्र में होने के कारण 7 फरवरी को सूरजपोल ने घंटाघर थाने में देने के लिए भिजवाया। बताया गया कि घंटाघर थानाधिकारी उमेश ने पत्र जांच के लिए रखा, लेकिन कॉन्स्टेबल सूरजमल पत्र लेकर मेवाड़ के सामने पेश हो गए, जिससे पूरा मामला खुल गया।

मेवाड़ ने पत्र पर गहरी नाराजगी जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह सहित सरकार के कई प्रतिनिधियों को पत्र लिखा है। महेंद्र सिंह सिर्फ मेवाड़ ही नहीं देशभर के राजपूत समाज में प्रतिष्ठित व्यक्ति होने के कारण समाज के नेताओं ने इस अशोभनीय भाषा में लिखे पत्र पर गहरा आक्रोश जताते हुए कहा है कि सरकार उन पर शिकंजा कस रही है

क्या कहना है पुलिस अधिकारियों का :
पुलिस अधीक्षक राजेंद्र प्रसाद गोयल का कहना है कि यह गोपनीय पत्र है। वीआईपी पर्सन की सुरक्षा के लिए जिला विशेष शाखा में जानकारी रखी जाती है। विशेष रूप से मेवाड़ के लिए अगल से कोई आदेश नहीं दिया है। गोयल ने साफ़ किया कि इस पात्र को लेकर ना तो कही पद्मावत मुद्दा है और यह पत्र राजनीतिक भी कतई नहीं है। पत्र की भाषा जरूर कई साल से ऐसी ही चली आ रही है। इसमें संशोधन करेंगे।
इसमामले में आईजी को कुछ नहीं पता ना ही घंटाघर थाना अधिकारी को पता है।
होम मिनिस्टर गुलाबचंद कटारिया ने मामले पर कहा कि यह मामला ध्यान में आया है और इस बारे में कॉन्स्टेबल को लाइन हाजिर भी कर दिया है। पुलिस रुटीन में राजनेताओं की जानकारी रखती है। ऐसे पत्र में मेरा नाम भी होगा। जैसे ही महेंद्र सिंह मेवाड़ के यहां से जानकारी मिली तो एएसपी ने उनसे माफी भी मांग ली है। -,

इस मामले को लेकर समाज के संगठों में गुस्सा :
राजपूत समाज मेवाड़ क्षत्रीय महासभा के संरक्षक रावत मनोहर सिंह कृष्णावत ने कहा है कि पूर्व महाराणा महेन्द्र सिंह मेवाड़ राजपूतों के ही नहीं, बल्कि मेवाड़ के मानबिंदु हैं। यह पत्र व्यवहार अशोभनीय है। हालांकि उन्होंने कहा कि वे इस प्रकरण को लेकर जब एसपी से मिले तो उन्होंने कहा कि उनके अवकाश पर होने से यह गफलत हो गई। एएसपी ने उनके माफी भी मांग ली है। सकल राजपूत महासभा के संरक्षक तनवीर सिंह कृष्णावत ने कहा है कि पद्मावत प्रकरण को लेकर सरकार राजपूत समाज के नेताओं पर शिकंजा कसने की कोशिश कर ही है जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पीएम की उज्ज्वला योजना गरीबों के लिए फ्री थी लेकिन यहाँ तो गरीबों को लूटा जा रहा है – उठा सवाल तो जागे जिम्मेदार

विधानसभा में सभा में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान वल्लभनगर विधायक रणधीर सिंह भींडर ने उज्ज्वला गैस योजना का मामला उठाया और कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में तो बहुत सी जगह एक-एक हजार रुपए तक वसूले जा रहे हैं। इसकी जांच हो। विधायक के सवाल का जवाब देते हुए खाद्य आपूर्ति मंत्री बाबूलाल वर्मा ने बताया कि वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र में 10938 गैस कनेक्शन बांटे गए हैं। योजना में प्रावधान है कि 1600 रुपए तक का अनुदान दिया जाता है। 1250 रुपए तो गैस सिलेंडर की सिक्योरिटी राशि ली जाती है। इसके अलावा रेगुलेटर के 150 रुपए, रबर की पाइप के 100 रुपए, डायरी के 25 रुपए लिए जाते हैं, 75 रुपए प्रशासनिक शुल्क है। इसके लिए भी सरकार ने प्रावधान किया है कि यह शुल्क लोन के रूप में उपलब्ध होगा। जब भी सब्सिडी मिलेगी तो उससे वह एडजस्ट हो जाएगा। उसको इसमें किसी भी प्रकार का पैसा देने की आवश्यकता नहीं है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि शिकायत लिखित में दे दें। जांच दल बनाकर आपके विधानसभा क्षेत्र में भेजेंगे और पूरी जांच कराएंगे। कोई दोषी मिला तो कार्रवाई करेंगे।

शिक्षित बेरोजगारों को कृषि ऋण उपलब्ध कराओ : अमृत मीणा

सलूंबर विधायक अमृत मीणा ने लिखित सवाल के माध्यम से कृषि कार्यों के लिए शिक्षित बेरोजगारों को ऋण देने का मामला उठाया। कृषि मंत्री ने लिखित जवाब में बताया कि सलूंबर क्षेत्र के शिक्षित बेरोजगार कृषक परिवार के युवाओं को अनुदान और बैंक से ऋण उपलब्ध कराने की अलग से कोई योजना नहीं है। सहकारिता विभाग के अन्तर्गत केन्द्रीय सहकारी बैंक सहकार किसान कल्याण योजना एवं डेयरी विकास योजना के अन्तर्गत ऋण देते हैं।

1 हजार कराेड़ की अनास परियोजना में हो सकता बदलाव : 12 फरवरी को राज्य बजट में हुई थी घोषणा

राज्य बजट में उदयपुर संभाग के बांसवाड़ा क्षेत्र के लिए हुई अनास परियोजना की घोषणा को लेकर गतिरोध बनने के बाद गुरुवार को राज्य विधानसभा में कुशलगढ़ विधायक एवं संसदीय सचिव भीमा भाई ने पोइंट ऑफ इंफॉर्मेशन के माध्यम से मुद्दा उठाया। भीमा भाई ने बिखरी बसावट को ध्यान में रखते हुए बड़े बांध की जगह दूसरे विकल्प का तर्क दिया। उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने जवाब देते हुए कहा कि आज भीमा भाई, धनसिंह रावत सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि उनसे मिले। इन्होंने आग्रह किया कि बांसवाड़ा की भौगोलिक स्थिति अलग है। आबादी की बसावट का पैटर्न भी अलग है। ऐसे में वहां एक स्ट्रक्चर की बजाय मल्टीपल स्ट्रक्चर्स बनाकर जलसंरक्षण होना चाहिए। शेखावत ने कहा कि इसके बाद उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री को जानकारी दी। उन्होंने इस बात काे स्वीकार किया है कि बांसवाड़ा में अनास बांध बनाने की बजाय 35 हैक्टेयर जमीन को किस प्रकार से सिंचित किया जाए और बांसवाड़ा के लोगों को किस प्रकार से पेयजल दिया जाए। इसके लिए मल्टीपल स्ट्रक्चर्स बनाएंगे। शेखावत ने कहा कि अनास बांध बनाने की योजना के बजाय वैकल्पिक रास्ते अख्तियार किए जाएंगे।

मावली में पेयजल की क्या योजना है : दलीचंद

मावली विधायक दलीचंद डांगी ने पेयजल योजना का मामला उठाया। इस पर जलदाय मंत्री ने लिखित जवाब में बताया कि मावली क्षेत्र में वर्ष 2017-18 में 3 जल योजनाओं में राइजिंग एवं वितरण पाइपलाइन जोड़ने-बिछाने के कार्य, टंकी निर्माण और टंकियों का सुदृढ़ीकरण कार्य, जल स्रोतों के निर्माण, पंपिंग मशीनरी कार्य का प्रावधान किया गया है। 2 जल योजनाओं का क्रियान्वयन प्रारंभ करने के लिए टेंडर प्रक्रिया और शेष एक योजना के लिए तकनीकी स्वीकृति की कार्रवाई प्रक्रिया में है।

भीम क्षेत्र में नए आंगनबाड़ी केंद्र खाेलें : रावत

भीम विधायक हरिसिंह रावत ने क्षेत्र में नए आंगनबाड़ी केंद्र खोलने का मामला उठाया। इसके लिखित जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री ने बताया कि भीम में 157 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। वर्तमान में भारत सरकार ने नवीन आंगनबाड़ी केंद्र खोलने पर रोक लगाई हुई है।