मैसूर हमसफर एक्सप्रेस 19 को लेकसिटी से चलेगी .

उदयपुर.लंबी प्रतीक्षा के बाद उदयपुर से मैसूर के लिए प्रस्तावित हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन 19 फरवरी से चलाने का कार्यक्रम तय कर दिया है। यह ट्रेन सप्ताह में एक दिन चलेगी। मैसूर से यह ट्रेन 22 फरवरी को उदयपुर के लिए चलेगी। रेलवे बोर्ड से प्राप्त सूचना के अनुसार उत्तर पश्चिम रेलवे इस ट्रेन का संचालन कर रहा है। इस जोन की यह दूसरी ट्रेन है। पहली हमसफर एक्सप्रेस पिछले दिनों गंगापुर सिटी से तिरूचिरापल्ली तक चलाई गई थी। उदयपुर से मैसूर के लिए चलने वाली यह दूसरी ट्रेन है। 18 डिब्बों वाली इस ट्रेन के सभी डिब्बे वातानुकूलित हैं। 16 कोच एसी थर्ड के हैं और आगे-पीछे के दो डिब्बे पावर कार हैं जिससे ट्रेन में लगे एसी चलेंगे।

उदयपुर सिटी से हमसफर एक्सप्रेस 19 फरवरी से प्रत्येक सोमवार को रात 9 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन 43 घंटे में बुधवार शाम को 14.25 बजे मैसूर पहुंचेगी। मैसूर से 22 फरवरी गुरुवार को सुबह 10 बजे चलेगी। शनिवार को तड़के 4.55 बजे उदयपुर सिटी पहुंचेगी। उदयपुर आैर मैसूर टूरिस्ट सिटी होने से दाेनाें तरफ के पर्यटकों के बीच यह ट्रेन सेतु साबित होगी। पुणे व बैंगलूरू में उदयपुर के कई छात्र छात्राएं व आईटी कंपनियों में मेवाड़ के युवक-युवतियां कार्यरत हैं, जिनके आने-जाने के लिए यह ट्रेन फायदेमंद साबित होगी।

कानोड़ को मिला तहसील का दर्जा .

0

तहसील की मांग को लेकर नगरवासियों का लंबा संघर्ष आखिर रंग लाया। सोमवार को राजस्‍थान बजट में नगर को यह सौगात मिली । इस घोषणा ने नगर ही नहीं अपितु आसपास के ग्रामीणों के दिलो- दिमाग में उमंग व उत्साह का संचार किया है । वहीं विधायक रणधीर सिंह भीण्डर ने भी इस जीत को जनता की जीत बताते हुए खुशी जाह‍िर की है । विधायक ने कहा की मैैंने अपना वादा पूरा किया अब फैसला जनता पर ।

सोमवार को सरकार के अन्तिम बजट में जैसे ही सीएम राजे द्वारा कानोड़ तहसील की घोषणा की गई, कानोड़वासियों में खुशी की लहर दाैड़ गई । कई व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर गली चौराहों पर आतिशबाजी करते हुए मिठाइयां बांटी । क्षेत्रीय विधायक रणधीर सिंह भीण्डर द्वारा कानोड़ तहसील की घोषणा बजट में करवाने का वादा करने के बाद जनता ने सुबह से ही अपनी नजरें टीवी पर ट‍िका रखी थीं जेसे ही सीएम ने कानोड़ तहसील की घोषणा की तो माहाैल खुशनुुुुमा हो गया । आतिशबाजी करते लोगों ने सीएम वसुन्धरा राजे व विधायक रणधीर सिंह भीण्डर के पक्ष में जमकर नारेबाजी करते हुए कस्बे में जुलूस निकालकर उप-तहसील पहुंचे जहां मौजूद नायब तहसीलदार मुबारिक हुसैैैन मंसुरी का मुंह मीठा करवाते हुु सहयोग के लिए धन्यवाद दिया

लोगो ने तहसील के लिए हुए 28 दिन के आंदोलन को लेकर तत्कालीन थानाधिकारी राजेन्द्र कुमार गोदारा सहित प्रशासनिक अधिकारियों को भी सोशल मीडिया के जरिए धन्यवाद ज्ञापित किया । इस मौके पर तहसील संघर्ष समिति के सरंक्षक मनोज भाणावत, पालिका अध्यक्ष अनिल शर्मा, पार्षद कोमल कामरिया, भवानी सिंह चौहान , बजरंग दास वैष्णव , कोमल चौधरी, पवन व्यास, लोकेश सुथार , जनता सेना प्रदेश मंत्री नेपाल सिंह राठौड़ आदि उपस्थित थे।

उदयपुर को बजट में मिला लोलीपोप

उदयपुर। सरकार ने बजट में सिर्फ वाहवाही लूटने के लिए घोषणाएं तो कर दी लेकिन हकीकत में यह सब बातेे पहले के बजट में भी थी जो पूरी नहीं हुई।
उदयपुर. मेवाड़-वागड़ से जो जीतकर आता है प्रदेश में उसकी सरकार बनती है लेकिन इस चुनावी बजट में इसी प्रांत को सरकार ने झुनझुना दिया है। सरकार ने बजट में सिर्फ वाहवाही लूटने के लिए घोषणाएं तो कर दी लेकिन हकीकत में यह सब बातेे पहले के बजट में भी थी जो पूरी नहीं हुई। बांसवाड़ा से राजसमंद की प्यास बुझाने के लिए पानी पहुंचाने की नई घोषणा की जबकि यह पहले के बजट में देवास से पानी देने की जा चुकी है जो अभी तक पूरी नहीं हुई। बांसवाड़ा में तो कई घोषणाएं सिर्फ नाम मात्र की गई हैं। जनता को अपेक्षा थी कि बजट में जाते-जाते तो सरकार कुछ देगी लेकिन निराशाा ही लोगों के हाथ लगी। कांग्रेस ने बजट घोषणाओं को रिपीट का आरोप लगाते हुए कहा कि सिर्फ जनता को लॉलीपॉप दे दिया है वहीं भाजपा ने इस बजट का स्वागत करते हुए कहा कि मेवाड़ को बहुत कुछ दिया सरकार ने। बहरहाल, यही कहा जा सकता है कि उदयपुर शहर विधानसभा क्षेत्र को लेकर बजट में कोई सौगात नहीं दी गई। उदयपुर के मावली कस्बे में सरकारी कॉलेज की घोषणा की गई लेकिन इससे पहले के बजट में जो कॉलेज खोले गए उनमें साधन-संसाधन और स्टाफ ही नहीं है। उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज में चार डायलिसिस मशीन की घोषणा की गई, पहले के बजट में आयुर्वेद चिकित्सालय में क्षार सूत्र शल्य चिकित्सा इकाई की घोषणा की लेकिन मशीन अभी चालू ही नहीं हुई। उदयपुर जिले की कानोड़ में तहसील की घोषणा कर दी, वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के घोर विरोधी निर्दलीय विधायक रणधीर सिंह सरकार के खास है और रणधीर ने कानोड़ में तहसील लाकर यह बता दिया कि उनकी चलती है, इसके साथ ही वल्लभनगर में अब वल्लभनगर, भींडर और कानोड़ में तहसीलें हो गई, यह अलग बात है कि भींडर में लास्ट इयर तहसील की घोषणा तो कर दी लेकिन अभी वहां तहसील कार्यालय शुरू नहीं हुआ। राजसमंद और भीम की प्यास बुझाने के लिए बांसवाड़ा-जयसमंद से पानी पहुचंाने की घोषणा कि जबकि देवास चतुर्थ से राजसमंद को पानी देने की घोषणा पहले की जा चुकी पर देवास तृतीय व चतुर्थ का काम ही शुरू नहीं हुआ और राजसमंद की प्यास बुझाने के लिए एक नया लॉलीपॉप दे दिया है।

Zinc Fortification in Indian Soils, to Supplement Zinc Deficiency in Human Body

0

Approximately 2 billion people still remain at the risk of Zinc deficiency in the world. Soil bio-fortification is a simple and effective solution to correct Zinc deficiency problems in soil that would lead to better crops and address Zinc deficiency in humans. The possible solutions to balance Zinc deficiency in humans may be food supplementation, food fortification or bio-fortification. While the first two solutions can help incorporating Zinc in later stages, bio-fortification of crops (especially cereals) with Zinc – is the best option for alleviating Zinc deficiency, inherently, which can cater to both rural and urban populations.

Zinc is an essential micronutrient for human body. It helps in building healthy cells, regulating hormones, absorbing nutrients, wound healing and boosting immunity. But the sad news is that in spite of proven benefits of Zinc nutrition, approximately 2 billion people still remain at the risk of Zinc deficiency in the world.

Zinc deficiency can lead to stunted growth, poor immune system and impaired physical & neural development among young children. This leads to slow brain function, which might carry on into adulthood. Zinc deficiency makes children prone to diarrhoea & pneumonia, which are the most common causes of death in developing countries, particularly in India.

Zinc deficiency starts with the soil which grows the crops. When the soil is deficient in Zinc, the nutrients in the crops are lower too. The masses eating food grains, grown in Zinc deficient soils receive less Zinc and are therefore at risk of Zinc deficiency.

Plants too need Zinc for normal growth and reproduction. Zinc is required in small but critical concentrations for several key functions like – membrane, photosynthesis, protein synthesis, phytohormone synthesis, seedling vigor, sugar formation and defence against diseases.

Zinc deficiency predominantly affects the residents of the countries like India, China, Pakistan, Turkey etc., where soil is low in Zinc, and cereals are the major source of calorie intake.

According to International Zinc Association, 26% of India’s population is at the risk of Zinc deficiency. With India’s current population of around 1.25 billion, a total of 312 million people are deficient of Zinc in India.

If the current trend continues, Zinc deficiency in soils is projected to increase from the present level of 50% to an estimated 63% by 2025 bringing an alarming situation in agriculture.

The possible solutions to balance Zinc deficiency in humans may be food supplementation, food fortification or bio-fortification. While the first two solutions can help incorporating Zinc in later stages, bio-fortification of crops (especially cereals) with Zinc – is the best option for alleviating Zinc deficiency, inherently, which can cater to both rural and urban populations.

Studies by International Journal of Pure and Applied Bioscience have shown that Zinc fortification in fertilizers would strengthen the plants’ ability to use nitrogen & potassium in transformation into yield & protein synthesis. Application of Zinc through compost causes higher phosphorus uptake due to higher availability of the plant nutrients from the soil reservoir and additional quantity of nutrients supplied by compost, compared to direct soil application. It also helps in creating more favourable conditions either through increased solubility in soil solution or by possible stimulation of root absorption.

Urea is the most commonly used fertilizer, comprising more than one third of all fertilizer nutrients consumed globally. Combining Zinc with urea, to form Zincated urea, represents an ideal way to scale up Zinc fertilizer use to increase crop productivity and improve human health through a more balanced nutritional approach through crops.

Scientific evidence shows that agronomic bio-fortification is technically feasible without compromising nutritional value of crops. Different interventions are currently being tested as major solution to minimize Zinc malnutrition in humans. While food fortification and supplementation are being widely applied in some countries, it is yet to be fully scaled up so as to be easily accessible in rural areas of developing countries.

Soil bio-fortification will be self-sustainable as the cost of Zinc fertilizer application is low as compared to yield increase, monetary gains and health benefits. It offers a simple and highly effective solution to correct Zinc deficiency problems in soil that would lead to better crops and address Zinc deficiency in humans.

Once the soil is rich in Zinc, it will benefit all those involved in the supply and consumption chain. From the farmers who will earn better from higher crop yields, to the consumers getting more Zinc in their diets, Zinc fortification will lead to an improved economy with increased food security and healthier lives.

Hindustan Zinc is India’s only and world’s second largest integrated Zinc producer, proudly known as Zinc of India and is all committed to support for improving the Indian soil. Truly, we all have Zinc in our lives…

Pavan Kaushik

Article by- Pavan Kaushik, Head – Corporate Communication, Hindustan Zinc

चुनाव से पूर्व जनता सेना का सैलाब देखकर हिल उठे कई सियासतदार, 100 कार्यकर्ताओं के साथ कुराबड़ सरपंच में भी थामा महाराज का हाथ।

पोस्ट। उदयपुर के कुराबड़ कस्बे में शनिवार को जनसैलाब देखकर क्षेत्र के कई सियासतदार भौंचके रह गए। इसके साथ ही वल्लभनगर में सबको पटखनी देकर जीत का परचम लहराने वाली जनता सेना ने अगले विधानसभा चुनावों का शंखनाद भी यहीं से कर लिया है। इस महासम्मेलन में दस हजार से ज्यादा लोगों के शिरकत करने का अनुमान लगाया जा रहा है। जीहां इस सम्मेलन के साथ ही जनता सेना के सुप्रीमों ने साफ किया की जो कार्यकर्ता कहेंगे वह करने को तैयार है। आपको बतादे कि गत दिनों भीण्डर पालिका में बगावत करने वालों को अल्टीमेटम देने के दौरान महाराज ने कहा था कि अब वह चुनाव नहीं लडेंगे। लेकिन शनिवार को कार्यकर्ताओं का जोश देखकर माना जा रहा है कि जनता सेना इस बार जिले की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। जनता से मिले अपार समर्थन के बाद श्री भीण्डर ने सियासी दाव खेलते हुए कुराबड़ को भी तहसील का दर्जा होने की मंषा जाहिर की तो वहां मौजूद सैंकड़ों लोगों ने तालियों से इस मंषा का स्वागत किया। इससे पूर्व भीण्डर ने अपने धूर विरोधी कटारिया पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर वह चाहते तो कुराबड़ को कबसे पंचायत समिति का दर्जा मिल जाता और इस बार भी वसुंधरा जी की वजह से कुराबड़ को पंचायत समिति मिली है। महासम्मेलन में अन्य वक्ताओं ने भी अपने जोषीले उद्बोधन से साबित कर दिया िकइस बार जनता सेना पहले से भी ज्यादा जोष खरोष के साथ मैदान में उतरेगी और छल कपट करने वालों की जड़े उखाड़ देगी। इस मौके पर कांग्रेस समर्थित कुराबड़ सरपंच बालूराम अपने 100 सक्रिय कार्यकर्ताओं के साथ जनता सेना में जुड़ गए। मीडिया से बातचीत में साफ किया कि उनका रिष्ता सिर्फ उनके कार्यकर्ताओं से है। किसी भी नेता पर मेरा कोई ऐहसान नहीं है, भाजपा से टिकिट की बात तो दूर जुड़ने से पहले भी कार्यकर्ताओं की मंशा जाननी पड़ेगी।

रीट का इम्तेहान देने जा रहे है तो एक बार यह जरूर पढ़ें

0
उदयपुर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से रविवार को होने वाली राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट)-2017 की तैयारियां पूरी कर ली गई है। परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तेद है। परीक्षा को लेकर दिशा निर्देश पहले ही जारी कर दिए गए है।  परीक्षार्थी सिर्फ पारदर्शी पेन प्रवेश पात्र और पहचान पात्र ही लेकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश कर सकेगें। हर चार केन्द्रों के लिए उड़नदस्ते भी जांच के लिए पूरी तरह तय्यार है।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा के लिए उदयपुर शहर में  के 103 परीक्षा केन्द्रों पर 37 हजार सात सौ छ‍ियाासी परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। दो स्तरों में होने वाली परीक्षा में स्तर द्वितीय (कक्षा 6 से 8) की परीक्षा प्रथम पारी सुबह 10.00 से 12.30 बजे तक तथा स्तर प्रथम (कक्षा 1 से 5) की परीक्षा द्वितीय पारी दोपहर 2.30 बजे से 5.00 बजे तक होगी। परीक्षा प्रारम्भ होने के पश्चात अर्थात प्रथम पारी में प्रात: 10.00 बजे तथा द्वितीय पारी में अपराह्न 2.30 बजे पश्चात परीक्षा केन्द्रों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। द्वितीय स्तर में 31332 और प्रथम स्तर में 6454 परीक्षार्थी शामिल होंगे। जिला परीक्षा संचालन समिति की ओर से हर चार परीक्षा केन्द्र पर एक उडनदस्ता तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त बोर्ड स्तर पर प्रत्येक जिले में बनाये गये विशेष उडऩदस्ते भी जिला स्तर पर परीक्षा केन्द्रों की सघन जांच करेंगे। इसके अतिरिक्त परीक्षा केन्द्रों पर सी.सी.टी.वी. कैमरे भी लगाए गए हैं जिनका नियंत्रण जिला प्रशासन से साथ-साथ बोर्ड के केन्द्रीय कार्यालय में भी होगा।
इसके अलावा प्रत्येक परीक्षा कक्ष की वीडियोग्राफी होगी। प्रत्येक विद्यार्थी को पारदर्शी पेन लेकर ही जाना होगा, यदि कोई अन्य पेन लेकर पहुंचेंगे तो इसे बाहर रखवा लिया जाएगा। एडीएम सीआर देवासी ने बताया कि सभी पर्यवेक्षक व केन्द्राधीक्षक को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी व्यक्ति मोबाइल से वीडियोग्राफी नहीं करेगा। प्रत्येक विद्यार्थी को अपने प्रवेश पत्र के अतिरिक्त एक जरूरी पहचान पत्र लाना होगा। जिसके पास पहचान पत्र नहीं होगा उसे परीक्षा में प्रवेश नहीं मिलेगा। परीक्षार्थी प्रश्नों से संबंधित शिकायत के बारे में परीक्षा कक्ष में वीक्षक से कुछ भी न पूछ सकेगा। यदि किसी प्रश्न के बारे में कोई भी शिकायत हो तो परीक्षा समाप्ति के बाद केन्द्राधीक्षक के माध्यम से समन्वयक को लिखित प्रतिवेदन देना होगा।

बजरंग बली की जमीन बचाने के लिए अनषन पर बैठे पहलवानों की हालत बिगड़ी, षहर के में होते हुए भी विधायक ने नहीं दिया कोई ध्यान .

उदयपुर। हनुमान जी की जमीन बचाने के लिए दो दिनों से भुख हड़ताल पर बैठे दो पहलवानों की हालत अब बिगड़ने लगी है। एक पहलवान के तो ड्रिप तक चड़ रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से एक भी जिम्मेदार ने अभी तक वार्ता के लिए अपना कदम आगे नहीं बढ़ाया। शहर विधायक और गृहसेमंत्री भी दिनभर उदयपुर में रहे लेकिन मंदिर की जमीन के लिए लड़ रहे पहलवानों के हालात की जानकारी लेना भी उन्होंने उचित नहीं समझा।
हरिदास जी की मगरी में चुतुर्भज हनुमान जी की जमीन पर युआईटी ने बिजली विभाग को करंट भवन बनाने की अनुमति दे दी है। इससे क्षेत्र की जनता और पहलवान काफी आहत है। यही कारण रहा है कि अपनी मांगे मनवाने के लिए दो पहलवान इसी जमीन पर भुख हड़ताल पर बैठ गए है, जिनके समर्थन में अब शहरवासी भी जुड़ते जा रहे है। शनिवार को 52 घण्टे बात एक पहलवान की हालात काफी खराब हो गई, इसलिए उसे ड्रिप चढ़वानी पड़ी। वैसे खुफिया विभाग और पुलिस प्रशासन की तो पूरी नजर इन पहलवानों और इनके समर्थकों पर है, लेकिन अभी तक युआईटी या बिजली विभाग के जिम्मेदारों का यहां पर नहीं आना दर्शाता हैकि उनकी मंशा क्या है। वहीं शनिवार शाम को एकलिंग सेना सहित समस्त हिन्दू संगठनों की ओर से सुंदरकाण्ड का पाठ अनषन स्थल से किया गया।

एक वोट से चुनाव हराने वाले कल्याण सिंह की कुषलक्षेम लेने पंहुचे डाॅ.सीपी जोषी, राजस्थान की जनता से परिवर्तन की जताई उम्मीद .

उदयपुर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव डॉक्टर सीपी जोशी शनिवार को उनसे एक वोट से जीतने वाले नाथद्वारा विधायक कल्याण सिंह की कुषलक्षेम पूछने उदयपुर पंहुचे। इस दौरान सीपी जोशी ने उनके परिजनों और उनकी देखरेख कर रहे डॉक्टरों से कल्याण सिंह चैहान की तबीयत की स्थिति की जानकारी ली। दरअसल नाथद्वारा के विधायक कल्याण सिंह चैहान एक गंभीर बीमारी से ग्रसित है और पिछले 4 दिनों से उदयपुर के जीबीएच अमेरिकन अस्पताल में भर्ती है । साल 2008 में कल्याण सिंह चैहान ने सीपी जोशी के सामने नाथद्वारा से विधानसभा चुनाव लड़ा था और इसमें वह 1 वोट से विजय रहे थे। इससे पूर्व सीपी जोशी ने राजनीतिक वक्तव्य के दौरान यह भी कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो वह कल्याण सिंह को अपना वोट भी दे देंगे।
एआईसीसी के राष्ट्रीय महासचिव और आरसीए अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी शनिवार को उदयपुर पहुंचे। डबोक एयरपोर्ट पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने डॉक्टर जोशी का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया और उपचुनावों में मिली जीत पर उन्हें बधाई दी। इस मौके पर पार्टी के कई पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता मौजुद रहे। मीडिया से ओपचारिक बात करते हुए डॉ जोशी ने उपचुनाव में कांग्रेस को मिली जीत पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि राजस्थान की जनता अब प्रदेश में बदलाव चा​हती है। उन्होंने कहा की सभी 17 विधानसभा क्षेत्रों में जनता ने कांग्रेस को वोट दिया है, ऐसे में अब पूरे जोश के साथ कांग्रेसी कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर जन विरोधी नितियों के खिलाफ लोगों को जागरूक करेगें। वही इस दौरान जोशी ने आरसीए में आईपीएल मैच के आयोजन को लेकर कहा कि बीसीसीआई की ओर से जो निर्देश मिले है, उसी के आधार पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। डॉ जोशी ने कहा कि आरसीए की वापसी से अब प्रदेश की क्रिकेट प्रतिभा को ओर आगे आने का मौका मिलेगा। एयरपोर्ट पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष शहर विधानसभा के प्रत्याशी रहे दिनेश श्रीमाली के नेतृत्व में शहर विधानसभा के कार्यकर्ताओं ने मेवाड़ी पगड़ी एवं 21 किलो वजनी फूलो की माला पहनाकर गर्मजोशी से भव्य स्वागत एवं अभिनन्दन किया
डॉ सीपी जोशी ने पूर्वांचल में हो रहे तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूर्वांचल का चुनाव परिणाम केन्द्र की आर्थिक नितियों पर ज्यादा निर्भर करता है, ऐसे में भाजपा इस बार वहा अपनी सरकार बनाने की ​कोशिश कर रही हो, लेकिन भाजपा की विचारधारा का वहां कोई स्थान नहीं है। डॉ जोशी ने कहा कि केन्द्र में सरकार बदलने के साथ ही वहां स्थितियां भी बदल जाएगी। उन्होने कहा कि देश की विविधता में एकता का उदाहरण पूर्वांचल में ही देखने को मिलता है, लेकिन भाजपा सरकार बनाने के लिए अपने पूरे प्रयास कर रही है।

बेटा माँ को सड़क पर पीटता आते जाते लोग तमाशा देखते रहे . (विडियो )

0

यूपी के बरेली में एक कलयुगी बेटे की शर्मनाक करतूत सामने आई है। वह अपनी बुजुर्ग मां की इतनी प‍िटाई करता है क‍ि वीड‍ियो देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। कभी पेट पर लात मारता है तो कभी मुंह पर। इसके बाद वो उसे घसीटकर अपने साथ ले जाता है। दूसरी ओर, रास्ते से लोग गुजर रहे हैं, लेक‍िन कोई उसे बचाने की जहमत नहीं उठा रहा है। मानवता को तार-तार करने वाली ये घटना बरेली के सुभाषनगर थानाक्षेत्र की बताई जा रही है। पुल‍िस ने आरोपी बेटे को अरेस्ट कर ल‍िया है।

जानकारी के अनुसार, ये घटना सुभाषनगर थानाक्षेत्र के खालसा इंटर कॉलेज के पास की है। पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो गई।

-सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो कुछ ही घंटों में पुलिस ने आरोपी योगेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। बताया जाता है क‍ि आरोपी शराब पीने का लती है और शराब के नेश में ही उसने मां की बुरी तरह प‍िटाई करने लगा।

आरोपी बेटा ने जूर्म कबूल करते हुए कहा

-पुल‍िस की पूछताछ में आरोपी योगेंद्र ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया, वो नशे में था, इसलिए उसने अपनी मां को पीटा। वहीं, उसने कहा क‍ि मां प‍िछले 3-4 द‍िन से घर से गायब थी, जब म‍िली तो घर जाने से मना कर रही थी। इसल‍िए हमें गुस्सा आ गया।

क्या कहते हैं पुल‍िस अध‍िकारी

-इस संबंध में बरेली के एसपी सिटी रोहित सिंह ने बताया, मीडिया के जरिये एक वीडियो में महिला को पीटने का मामला सामने आया था। इस वायरल वीडियो की जांच-पड़ताल करने के बाद आरोपी को अरेस्ट कर ल‍िया गया है। आरोपी बुजुर्ग मह‍िला का बेटा है।

देखिये विडियो और सस्क्राइब कीजिये हमारा यु ट्यूब चेनल

https://youtu.be/o2fiUrWCAa4

पार्षद आभा आमेटा को बधाई – “भाईसाहब” ने उन्हें हेलमेट नहीं लगाने की छूट दे दी।

उदयपुर। शहर के पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को ध्यान रखना चाहिए कि शहर में हेलमेट की चेकिंग सिर्फ आम जनता के लिए है। रोकना, चालान बनाना, डंडा दिखाना, यह सारे के सारे नियम कायदे सिर्फ और सिर्फ आम जनता के लिए है। किसी भी सत्ताधारी नेता या कार्यकर्त्ता जो सत्ता पक्ष का हो उसके लिए कोई क़ानून नियम कायदे नहीं है। उनके लिए “भाईसाब” ने जो नियम बनाये है वही मान्य है। यह बात कोई हम अपनी मर्जी से नहीं कह रहे इस वीडियो में खुद सुन लीजिये खुद वार्ड ८ की पार्षद महोदया आभा आमेटा ही बोल रही है। आज हेलमेट चेकिंग के दौरान मल्ला तलाई चौराहे पर उन्हें रोका तो महोदया को एक बार फिर गुस्सा आगया और उन्होंने साफ़ तौर पर कह दिया कि “चाहो तो भाईसाब से बात कर लो मै नहीं पहनुंगी हेलमेट”। ( “भाईसाब” कोन है गृहमंत्री जी, पुलिस अधीक्षक जी या त्घाना अधिकारी जी हमे नहीं पता )
शनिवार सुबह अम्बामाता थाना क्षेत्र में मल्ला तलाई चौराहे पर पुलिस जाब्ता रोज़ की तरह हेलमेट के लिए नाका बंदी और धरपकड़ हो रही थी। थानेदार साहब ने इस दौरान वार्ड आठ की पार्षद आभा आमेटा को एक बार फिर हेलमेट नहीं लगाने पर रोका और हेलमेट नहीं लगाने के लिए चालान की बात कही तो मेडम फिर से गुस्सा हो गयी। एसपी से लेकर गृहमंत्री तक का वास्ता बिच में आगया। पुलिस कर्मियों से अपने माहतहतों की तरह बात करती रही सो अलग। आखिर थानेदार साहब ने भी सिर्फ नसीहत दे कर या सुन कर उन्हें जाने देने में भलाई समझी। क्यूँकि अभी कुछ दिन पहले भी यही पार्षद महोदया को इसी चौराहे पर रोकना थानेदार साहब को भारी पड गया था और पार्षद महोदया सत्तापक्ष के पार्टी के कई पदाधिकारियों के साथ थाने पर पहुच गयी और हेलमेट नहीं लगाने का लाइसेंस ले कर आगई। चलो कोई बात नहीं ये जनप्रतिनिधि है जो जनता द्वारा चुने जाते है ,.. यह पहले हाथ जोड़ कर वोट जनता से मांगते है जनता भरोसा कर के इन्हें जीत दिलवाती है और फिर यह आम जनता के ऊपर उठ जाते है और इन्हें अपनी ताकत का एक नशा सा हो जाता है .ये चाहे जिस पार्टी के हो .फिलहाल वार्ड पार्षद आभा आमेटा को बधाई उन्हें भाईसाहब ने हेलमेट लगाने के लिए छूट दे रखी है।

विडियो देखिये और हमारा उदयपुर पोस्ट यू ट्यूब चेनल सस्क्राइब करिए हम आपके लिए ऐसे ही ख़ास वीडियो समय समय पर लेकर आते रहेगें

https://youtu.be/6VqOXAlfMxQ