भावुक हो आंसू बहाते तोगड़िया ने कहा – राजस्थान-गुजरात पुलिस मेरा एनकाउंटर करने की कर रही कोशिश।

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पोस्ट न्यूज़। विश्व हिन्दू परिषद् (VHP) के नेता प्रवीण तोगड़िया( praveen togadia ) के सोमवार को नाटकीय ढंग से गायब होने १० घंटे बाद अस्पताल में मिलने का आज प्रवीन तोगड़िया ने खुद प्रेस कोंफ्रेंस में किया। प्रेस के सामने प्रवीन तोगडिया ने भावुक हो रोते हुए कहा कि राजस्थान और गुजरात पुलिस ( rajasthan – gujrat police ) उनका एनकाउंटर ( encounter)करना चाहती है।
तोगड़िया ने एक निजी अस्पताल में संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित किया। इस दौरान वे कई बार भावुक भी हो गए और उनके आंसू निकलने लगे। उन्होंने कहा कि समय आने पर सबूत के साथ इस बात का खुलासा करेंगे कि कौन उनकी आवाज दबाने का और उन्हें जेल भेजने का लंबे समय से षडयंत्र कर रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में तोगड़िया ने कहा, “कुछ समय से मेरी आवाज दबाने का हर संभव प्रयास होता रहा। मैं हिंदू एकता के लिए प्रयास करता रहा। कई वर्षों से जो हिंदुओं की आवाज थी, राम मंदिर बनाओ, गौ हत्या बंद करो, कश्मीरी हिंदुओं को बचाओ, इन बातों को मैं उठाता रहा।”
– “मैंने 10 हजार डॉक्टरों को तैयार किया। इनसे मरीजों का इलाज मुफ्त करने को कहा। आईबी ने उन्हें डराने का प्रयास किया। मैंने केंद्र सरकार को लेटर लिखा। यह आवाज दबाने के लिए देशभर में मेरे खिलाफ कानून भंग के केस दर्ज किए, इनकी जानकारी मेरे पास नहीं है।”
– “20 साल पुराने केस निकलवाकर एक जेल से दूसरी जेल भेजकर गुजरात में डराने का प्रयास हुआ। कल मकर संक्राति के दिन राजस्थान पुलिस ( rajasthan police ) का काफिला गिरफ्तारी वारंट लेकर आया। यह हिंदुओं की और मेरी आवाज दबाने कोशिशों का हिस्सा है।”
उन्होंने इस बात पर हैरत जताई कि उनके खिलाफ राजस्थान पुलिस के वारंट की जानकारी वहां के मुख्यमंत्री अथवा गृहमंत्री को क्यों नहीं थी। गौरतलब है कि तोगड़िया के खिलाफ राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर शहर की एक अदालत ने लगभग एक दशक पुराने निषेधाज्ञा के उल्लंघन मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था जिसको लेकर राजस्थान पुलिस सोमवार को उनके आवास पहुंची थी। लेकिन उनके नहीं मिलने पर वह लौट गई थी। लगभग इसी समय दिन के पौने ग्यारह बजे से वह लापता हो गए थे। इसको लेकर विहिप ने खासा हंगामा किया था।
गुजरात-राजस्थान पुलिस कर सकती है एनकाउंटर ( encounter )
तोगड़िया ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें सोमवार सुबह एक कार्यकर्ता ने बताया था कि गुजरात और राजस्थान पुलिस उनका एनकाउंटर कर सकती है। इसके बाद जब उन्हें पता चला कि पुलिस आ रही है तो वह अपनी जेड प्लस सुरक्षा के एक गार्ड को बता कर कार्यालय से एक कार्यकर्ता के साथ उनके घर पहुंचे। उन्होंने रास्ते में राजस्थान के गृह मंत्री और मुख्यमंत्री से पता कराया तो उन्हें उनके वारंट का पता नहीं था।
इसके बाद उन्होंने अपने लोकेशन को छुपाने के लिए सभी फोन स्विच ऑफ कर दिये। बाद में उन्होंने अपने एक कार्यकर्ता के फोन से वकीलों से बात की। मुठभेड़ की आशंका और कानून के पालन के लिए वकीलों की सलाह पर उन्होंने गुपचुप राजस्थान के
जयपुर जाकर अदालत में वारंट रद्द कराने अथवा समर्पण की योजना बनायी और अकेले ही शॉल ओढ़ कर ऑटो रिक्शा में बैठ कर हवाई अड्डे के लिए निकले पर पसीना और चक्कर आने के चलते उन्होंने ऑटो रिक्शा से उन्हें बापूनगर के एक अस्पताल ले जाने को कहा और फिर बेहोश हो गए। इसके बाद जब उन्हें होश आया तो उन्होंने खुद को एक अन्य अस्पताल में पाया।
जब डॉक्टर परमिशन देंगे, सरेंडर कर दूंगा
– “जब डॉक्टर अनुमति देंगे, न्यायालय के सामने समर्पण करूंगा। मैं न्यायालय से कभी भागा नहीं।”
– “मेरी गुजरात या राजस्थान पुलिस से कोई शिकायत नहीं है। मैं बस यह जानना चाहता हूं कि आप मेरे कमरे की तलाशी लेने क्यों जा रहे थे।”
– “मेरे रूम में कानून विरुद्ध कोई संपत्ति नहीं है। मैं क्राइम ब्रांच से प्रार्थना करूंगा कि वो राजनीतिक दबाव में ना आएं। किसी के विरुद्ध कम्प्लेन नहीं है। मेरा जीवन रहे न रहे, राम मंदिर, गौ-रक्षा और किसानों के लिए काम करता रहूंगा। मैं संपत्ति और समद्धि छोड़कर निकला हूं। मेरी आवाज दबाने का प्रयास न हो।”

– तोगड़िया के खिलाफ राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर सेशन्स कोर्ट में करीब 10 साल पुराना निषेधाज्ञा उल्लंघन (Injunction violation) का मामला दर्ज है। उनके खिलाफ इस मामले में गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसी को लेकर वहां की पुलिस सोमवार को सुबह करीब 10 बजे सोला इलाके में तोगड़िया के घर पहुंची थी। इसके बाद से ही वो रहस्यमय तरीके से लापता हो गए थे।

ये बेशर्म बस के नीचे दबी लाश के साथ लेता रहा सेल्फी, 3 की दर्दनाक मौत

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पोस्ट न्यूज़ .  लोगों में इंसानियत इस हद तक मर चुकी है कि बेशर्म लोग दुर्घटना के स्थल मर पहुच जाते है तो बजाय घायलों की मदद करने के उनके साथ सेल्फी लेने लगते है . हद तो यह हो चुकी है एक्सीडेंट में मरे हुए लोगों के साथ भी सेल्फी लेने से नहीं चुकते . राजस्थान धोलपुर की घटना और यह फोटो इसका जीता जागता साबुत है . धोलपुर राजस्थान में यहाँ करौली से बाड़ी जा रही यात्रियों से भरी एक निजी बस रविवार दोपहर घाटी पर ढलान उतरते समय अनियंत्रित होकर पलट गई। बस में सवार लोगों ने बताया कि घटना के बाद बस की स्पीड करीब 90 किलोमीटर रही होगी। हादसे में बस के पायदान पर खड़े तीनों युवकों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हो गए। इस दौरान कुछ लोग घायलों की मदद करने के बजाए वीडियो बनाते नजर आए। एक लड़का तो लाश के साथ सेल्फी लेने लगा।

हादसे में हल्के (40) पुत्र श्रीपति मीणा निवासी भउआपुरा (करौली), विक्रम (23) पुत्र विरजा मीणा निवासी नहर गढ़ (करौली) व शरीफ (35) पुत्र मोहम्मद रसीद निवासी कहार पाडा बाड़ी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 20 यात्री घायल हो गए।
घायलों को ग्रामीणों की मदद से बस से बाहर निकाला गया तथा 19 घायलों को अस्पताल करौली व एक घायल को सरमथुरा में भर्ती कराया है।  प्रत्यक्षदर्शी बस सवार ने बताया कि हादसे के बाद बस में चीखपुकार मच गई थी। किसी के हाथ तो किसी के पैर में चोट लग गई थी।
– सभी यात्री एक-दूसरे के ऊपर दबे हुए थे। बस के गेट के तरफ पलटने के कारण निकलने का रास्ता बंद हो गया था।
– घटना के बाद ग्रामीणों ने बस के ऊपर से यात्रियों को खींचकर बाहर निकाला। बस के अंदर यात्री एक-दूसरे के ऊपर-नीचे हो रहे थे। पुरुष बस से निकलने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन महिलाएं व बच्चे चीख रहे थे।
–  हादसे के कारणों को घायल राजेश ने बयां करते हुए कहा कि चालक बस को 80-90 की स्पीड से दौड़ा रहा था, बथुआखोंह ढलान में आने पर एक साथ घुमा दिया। जिससे बस अनियंत्रित होकर पलट गई।

हत्यारे शम्भू ने मर्डर का खौफनाक वीडियो बनाने भांजे को दी थी ट्रेनिंग, हत्या की कई बार की रिहर्सल

दिसंबर को राजसमंद में अफराजुल हत्याकांड मामले में पेश 413 पेज की चार्जशीट में पुलिस ने 68 सबूत जुटाए हैं। इस चार्जशीट में हत्या के कई ऐसे फैक्ट्स और कारण हैं, जिन्हें भास्कर पहले ही उजागर कर चुका है, मामले में मुख्य गवाह है पूजा और चश्मदीद है शंभु का 15 साल का भांजा। वारदात का लाइव वीडियो बनवाने के लिए शंभु ने अपने भांजे के मन से डर निकालने ट्रेनिंग भी दी थी। वह अक्सर अपने भांजे को बलि के सीन दिखाता था।

वारदात का चश्मदीद नाबालिग भांजा और मुख्य गवाह पूजा

– राजनगर के रहने वाले शंभु ने पश्चिम बंगाल के ठेकेदार अफराजुल की हत्या राजसमंद से बंगालियों को भगाने के लिए उनमें खौफ पैदा करने और पूजा के साथ खुद के नाजायज रिश्तों के सबके सामने आने पर बदनामी के डर से की थी।

– शंभु के पूजा के नाजायज रिश्तों को अफराजुल और पश्चिम बंगाल के उसके दो दोस्त अज्जू और बल्लू शेख भी जानते थे। अड़चन बने इन लोगों को राजसमंद से भगाने के लिए वह अफराजुल को 6 दिसंबर को कलेक्ट्री से 700 मीटर दूर अपने खेत पर ले गया और गेंती से खौफनाक तरीके से ताबड़तोड़ वार कर हत्या के बाद उसकी लाश भी जला दी थी।

– पुलिस ने वारदात के 36 दिन बाद शुक्रवार शाम को 413 पेज की चार्जशीट चीफ ज्यूडियशरी मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश कर दी है। 68 सबूतों वाली इस चार्जशीट में पुलिस ने वारदात का चश्मदीद शंभु के नाबालिग भांजे और मुख्य गवाह पूजा को बनाया है। 413 पेज की इस चार्जशीट को भास्कर ने खंगाला तो कई फैक्ट्स सामने आए।

– पुलिस ने चार्जशीट में बताया कि हत्या के लाइव वीडियो के साथ ही शंभु ने वारदात से पहले और बाद में भांजे से 8 वीडियो बनवाए थे। इनमें उसने जिस लड़की का जिक्र किया था, वह पूजा ही है।

शंभु ने वारदात से दो महीने पहले हथियार जुटाए और हत्या की कई बार रिहर्सल की

– वारदात से करीब दो महीने पहले गेंती खरीदी और पसंद का धारिया(धारदार हथियार) बनवाकर अपने घर रख दिए।
– 5 दिसंबर को शंभु ने पांच वीडियो बनाए।
– 6 दिसंबर को सुबह सवा नौ बजे शंभु कार में मंदबुद्धि बेटी और भांजे को स्कूल छोड़ने गया। बेटी को स्कूल छोड़कर भांजे को साथ लिया और 100 फीट रोड स्थित भाई की दुकान कर कार खड़ी कर दी।
– घर जाकर स्कूटी लाया और भांजे के साथ टीवीएस चौराहा के पेट्रोल पंप से 100 रुपए का स्कूटी में पेट्रोल भरवाया। 50 रुपए का पेट्रोल बोतल में लेकर दोनों 100 फीट रोड पहुंचे।
– 11.44 बजे अफराजुल को फोन कर खेत पर कमरा बनाने के बहाने बुलाया।
– 11 बजकर 59 मिनट पर अफराजुल की हत्या का लाइव वीडियो अपने भांजे से बनवाया।
– 12.39 पर फोरलेन के बाबा रामदेव मंदिर में एक और वीडियो बनाया।
– 12. 44 पर फिर एक और वीडियो बनाया। इसके बाद घर चला गया। खून से सने कपड़े और जूते बाथरूम में रख दिए। नहाने के बाद बेटी और भांजे के साथ खाना खाकर घर से निकल गया।
– 12:59 पर शंभु भवानी वॉट्सएेप ग्रुप पर आठ वीडियो सेंड कर दिए।
– वॉट्सएेप ग्रुप के मैंबर्स को फोनकर वीडियो सोशल मीडिया पर डाउनलोड करवाए।
– फिर भांजे के साथ यूनियन बैंक मैनेजर अनुराग वर्मा के पास भेजकर तीनों लेटर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और बाबा रामदेव को भेजने के लिए कहा। बाद में देवथड़ी, डिप्टी होते हुए केलवा पहुंच गया।

शम्भू ने जिसको बहन बताया उसी से नाजायज रिश्ता सबके सामने आने और बदनामी के डर से की थी अफ्राजुल की ह्त्या

पोस्ट न्यूज़ .राजनगर के रहने वाले शंभु ने 6 दिसंबर 2017 को पश्चिम बंगाल के ठेकेदार अफराजुल की हत्या राजसमंद से बंगालियों को भगाने के लिए उनमें खौफ पैदा करने और पूजा के साथ खुद के नाजायज रिश्तों के सबके सामने आने पर बदनामी के डर से की थी। शंभु के पूजा के नाजायज रिश्तों के बारे में अफराजुल और पश्चिम बंगाल के उसके दो दोस्त अज्जू और बल्लू शेख भी जानते थे। अड़चन बने इन लोगों को इलाके से भगाने के लिए वह अफराजुल को अपने खेत पर ले गया और गेंती से खौफनाक तरीके से ताबड़तोड़ वार कर हत्या के बाद उसकी लाश भी जला दी थी।

पूजा : शंभु ने 8 वीडियो बनवाए थे, इनमें जिस लड़की का जिक्र वह पूजा

– पुलिस ने वारदात के 36 दिन बाद शुक्रवार शाम को 413 पेज की चार्जशीट मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश कर दी है। 68 सबूतों वाली इस चार्जशीट में पुलिस ने वारदात का चश्मदीद शंभु के नाबालिग भांजे और मुख्य गवाह पूजा को बनाया है। 413 पेज की इस चार्जशीट को भास्कर ने खंगाला तो कई फैक्ट्स सामने आए।

– पुलिस ने चार्जशीट में बताया कि हत्या के लाइव वीडियो के साथ ही शंभु ने वारदात से पहले और बाद में भांजे से आठ वीडियो बनवाए थे। इनमें उसने जिस लड़की का जिक्र किया था, वह पूजा ही है। पुलिस ने पूजा को मुख्य गवाह बनाया है। पूजा के बयान को चार्टशीट में शामिल किया है।

15 साल का बच्चा : यही घटना का चश्मदीद, इसी ने बनाए थे वीडियो

वारदात शंभु के खेत पर हुई। यहां अफराजुल की बर्बर तरीके से हत्या करने के बाद उसे जलाने तक का वीडियो शंभु ने पंद्रह साल के भांजे सेे बनाया था। शंभु ने वारदात से पहले और बाद में मिलाकर अपने भांजे से ही 8 वीडियो बनवाए थे। पुलिस ने उसके भांजे को वारदात का चश्मदीद बनाया है।

अफराजुल : निर्दोष था, पर दोस्तों के लिप्त होने से खुद को जान गंवानी पड़ी

चार्जशीट में पूजा के बयानों में पुलिस ने लिखा है कि साल 2010 में पूजा बल्लू से दोस्ती होने पर उसके साथ पश्चिम बंगाल के सैयदपुर चली गई। बाद में वापस राजसमंद आई और फिर साल 2012-13 में अज्जू के साथ सैयदपुर चली गई। शंभु ने अज्जू को मारने की योजना बनाई थी, लेकिन अफराजुल मारा गया।

इसलिए मारा अफराजुल को

शंभु दो-तीन साल से बल्लू व अज्जू शेख से मोबाइल पर आए दिन हो रहे झगड़े से परेशान था। बल्लू और अज्जू शेख अक्सर अफराजुल के पास काम करने के लिए आते थे। अफराजुल बल्लू और अज्जू पूजा के घर शराब पार्टी भी करते थे। बार-बार नंबर बदलने पर भी दोनों के पास शंभु के मोबाइल नंबर पहुंच जाते थे। इस पर शंभु को शक था कि अफराजुल उसके नंबर दोनों को उपलब्ध कराता है। अज्जू और बल्लू तो उसे मिले नहीं। इस बीच किसी भी बंगाली को मारकर वह राजसमंद से बंगालियों को भगाना चाहता है।

पूजा को लेने पश्चिम बंगाल गया था शंभु, तब से ही देखने लगा भड़काऊ वीडियो

चार्जशीट में पुलिस ने बताया कि पूजा के बयानों के अनुसार अफराजुल, बल्लू शेख व अज्जू शेख उसके घर आते थे। 2010 में वह बल्लू शेख के साथ सैयदपुर चली गई। करीब 17 दिन बाद पूजा की मां डालीबाई, मामा अंबालाल मालदा पुलिस के साथ सैयदपुर गए और उसे राजसमंद ले आए, लेकिन बल्लू, अज्जू और अफराजुल का उसके घर पर आना-जाना लगा रहा। 2012-13 में अज्जू के साथ पूजा वापस सैयदपुर चली गई। चार साल तक वहीं रही। फिर एक दिन बल्लू के मोबाइल से उसने शंभु से बात कर वापस राजसमंद लाने की बात कही। इस पर शंभूलाल सैयदपुर गया। बल्लू के घर पर नहीं होने से शंभु रात वहीं रुका। बाद में बल्लू और अज्जू से फोन पर उसका विवाद हो गया। पूजा ने इन्हें खतरनाक बताते हुए शंभु को लौट जाने को कहा। करीब पंद्रह दिन बाद बाजार जाने के बहाने पूजा सैयदपुर से ट्रेन में बैठकर राजसमंद आ गईं।

पूजा को साथ रखने पर जाति पंचायत ने लगाया था दस हजार दंड

पूजा के सैयदपुर से राजसमंद आने के बाद शंभु ने उसे हाउसिंग बोर्ड स्थित अपने मकान पर रखा। यहां पहले से आरके अस्पताल की नर्स बेदला उदयपुर निवासी ज्योति चौहान रहती थी। इस बीच करीब एक माह बाद पूजा से बल्लू व अज्जू कांकरोली बस स्टैंड पर मिले और पश्चिम बंगाल चलने को कहा। इस पर पूजा ने मना कर दिया। फिर एक दिन ज्योति अस्पताल से जल्दी घर आ गई तो उसने पूजा और शंभु को आपत्तिजनक हालत में देख लिया। इस पर ज्योति और शंभु के बीच झगड़ा भी हुआ। पूजा की मां को पता चला कि वह शंभु के साथ रह रही है तो उसने जाति पंचायत बुलाई थी। जाति पंचायत ने शंभु पर दस हजार रुपए का दंड भी लगाया था। बाद में पूजा अपनी मां के पास ही रहने लगी। करीब चार माह बाद पूजा का मां से विवाद होने पर वह कांकरोली निवासी उमर भाई के मकान में रहने लगी। दीपावली पर पूजा से मिलने शंभु उसके किराए के मकान पर गया। जहां उसने बल्लू और अज्जू के अलावा बंगालियों से खुद को खतरा होने और मार देने का डर जताया था।

Free the tongue and continue your speech…Homoeopathic approach for stammering – Dr. Kajal Verma

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What is Stammering? Stammering is a speech disorder. In stammering, normal fluency of speech is disrupted.  The disruption of speech may arise in various forms. Mainly disruption of speech arises in the form of repetition of certain words, prolongation/extension of certain words/syllables, or silent pauses in between speech. Stammering is very common among children and arises when the speech ability is not properly developed. In most children, the issue of stammering goes away on its own though sometimes stammering persists in adulthood. Stammering may severely affect the emotional state of a person. It may lead to associated stress, anxiety, feeling ashamed in social communication.

Causes
Researchers are still studying the underlying causes of persistent stuttering. A combination of factors may be involved. Possible causes of persistent stuttering include:

Abnormalities in speech motor control

Some evidence indicates that abnormalities in speech motor control, such as timing, sensory and motor coordination, are implicated.

Genetics
Stuttering tends to run in families. It appears that stuttering can result from inherited (genetic) abnormalities in the language centers of the brain.

Medical conditions
Stuttering can sometimes result from a stroke, trauma or other brain injury.

Mental health problems
In rare, isolated cases, emotional trauma can lead to stuttering

Symptoms

-Stuttering signs and symptoms may include:
-Difficulty starting a word, sentence or phrase
-Prolonging a word or sounds within a word
-Repetition of a sound, syllable or word
-Brief silence for certain syllables or pauses within a word (broken word)
-Addition of extra words such as “um” if difficulty moving to the next word is anticipated
-Excess tension, tightness or movement of the face or upper body to produce a word
-Anxiety about talking
-Limited ability to effectively communicate

The speech difficulties of stuttering may be accompanied by

#  rapid  eye blinks
# Tremors of the lips or jaw
#  Facial ticks
# Head jerks
#  Clenching fists

Risk factors

Factors that increase the risk of stuttering include:

#Having relatives who stutter. Stuttering tends to run in families.

#Delayed childhood development. Children who have developmental delays or other speech problems may be more likely to stutter.

#Being male. Males are much more likely to stutter than females are.

#Stress. Stress in the family, high parental expectations or other types of pressure can worsen existing stuttering.

Complications Stuttering can lead to:

·        Low self-esteem

·        Problems communicating with others

·        Not speaking or avoiding situations that require speaking

·        Loss of social, school or work participation and success

·        Being bullied or teased

·        Being anxious in social situations or being diagnosed with social anxiety disorder

Homeopathic treatment for stuttering

Homeopathic remedies are very effective in stuttering. They are natural, gentle, harmless, and easy to take.

Homeopathy is a holistic medicine and treats the whole person. Stuttering children are generally more sensitive or anxious and stuttering often starts after a stressful situation or is due to a combination of physical and emotional issues.
Remedies like….. causticum, Lachesis,stramonium ,merc , Lycopodium etc are suggestive.

Homeopathy acts not only on the vocal muscles and the speech but also on the root cause of stuttering.

Article by – Dr. Kajal Verma,-homoeophysician

डॉ. काजल वर्मा

“Fish-plate, Not Being Fishy !!”

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A fish-plate is a metal or wooden plate that is bolted to the sides at the ends of two rails. Derived from the French word ‘Fiche’ – which means a Peg, or ‘Fichier – which means to fasten, thus a fish-plate means a plate that fastens. In railway terminology, a fish-plate is a metal bar that is bolted to the ends of two rails to join them together in a track.

It is true, in railways,  if the quality of the fish-plate is poor, the caused consequences would be unimaginable. Many accidents have been attributed to “Fish-plates”. A story in leading national daily while reporting on recent rail accident of Indore-Patna Express, also attributed one of the causes of accident as corrosion of “Fish-plates”.

 Not just the Fish-plates, even the bolts need protection, protection from corrosion.

 Experts have estimated losses of almost 4 per cent of GDP per year on account of corrosion which may be avoided if the railway tracks are galvanized.

International Zinc Association advocates, “Indian Railways requires corrosion-free tracks in case India is considering Bullet Trains. The entire change would not only be cost effective but India would also be the first country to initiate such step towards passengers safety. One of the significant aspects of railway track maintenance is the detection of corrosion and the replacement of corroded rails. The rails have a life of 800 gross million tons, which works to approximately 12-13 years under normal traffic conditions in India. Corrosion reduces the life of rail to nearly half its expected life.”

India’s rail tracks, spanning 115,000 km, happen to be the world’s third largest. The annual loss due to pre-replacement of corroded rails is huge about Rs 440 crore.

 Needless to mention the role of Zinc, to make the rails and fish-plates last longer… Zinc coating is the key…

 Let no one say… “Fish-plates are indeed Fishy !!!”

 Hindustan Zinc is India’s only and world’s leading Zinc-Lead-Silver Producer..

Pavan Kaushik

Article by- Pavan Kaushik, Head – Corporate Communication, Hindustan Zinc

जांबाज़ छोटू भाई ने फतहसागर में डूबती बच्ची को छलांग लगा कर बचा लिया

उदयपुर। शहर के एक हीरो ने डूबती बच्ची को बिना अपनी जान की परवाह किये पानी में छलांग लगा कर बचा लिया।
उदयपुर शहर के छोटू भाई ड्राइवर ने एक मासूम को फतहसागर झील में डूबने से बचा लिया। रविवार दोपहर को एक परिवार उदयपुर घुमने आया था। पर्यटक परिवार फतहसागर पाल पर झील के सोंदर्य का आनंद उठा रहा था उसी वक़्त उनके साथ आई सात साल की बच्ची पाल पर बनी छतरी की डोली से झील में झुक कर पानी को छुने की कोशिश कर

जांबाज़ ड्राइवर छोटू भाई

रही थी तभी बेलेंस बिगड़ा और बच्ची झील में जा गिरी। परिजनों ने देखते ही शोर मचाया। शोर सुन कर उसी वक़्त छोटू भाई ड्राइवर जो अन्य पर्यटकों को फतहसागर घुमाने के लिए आये थे उन्होंने बच्ची को डूबते देखा, इससे पहले कि कोई कुछ और सोच पाता छोटू भाई ने पलक झपकते ही कपड़ों समेत फतहसागर में छलांग लगा दी और बच्ची पानी की गहराई में जा कर खो जाती उसके पहले उसको बचा कर बाहर निकाल लिया। सलाम हे ऐसे जांबाज़ युवक छोटू भाई को जिन्होंने एक पल कुछ और ना सोच कर एक बच्ची की जान को सबसे कीमती मान कर उसको बचा लिया। बच्ची के परिवार वालों ने छोटू भाई का बहुत बहुत आभार जताया। उदयपुर पोस्ट भी छोटू भाई का धन्यवाद और शहर का मान बढ़ने के लिए उनकी आभारी है।

Bigg Boss 11: पुनीश के बाद विकास हुए घर से आउट, ये कंटेस्टेंट बनीं Winner

 

बिग बॉस 11 के फिनाले में अब केवल कुछ ही घंटे बाकी हैं। अब तक सोशल मीडिया पर विनर के नाम को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं लेकिन अब विनर के नाम की घोषणा हो चुकी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फिनाले के एपिसोड में सबसे पहले पुनीश पैसे लेकर घर से बाहर चले जाएंगे और उसके बाद टॉप 3 से कम वोट मिलने के कारण विकास का एलिमिनेशन हो जाएगा। टॉप 2 में हिना खान और शिल्पा शिंदे रहेंगी जिनमें से शिल्पा शिंदे विनर बन जाएंगी।

गोगुन्दा प्रधान पुष्कर तेली की गालियों से क्षत्रियों में भर गया आक्रोश – करवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन।

उदयपुर। एक तरफ केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार महिलाओं के सम्मान और स्वाभिमान की बड़ी बड़ी बातें करती है दूसरी तरफ उदयपुर जिले के गोगुन्दा पंचायत समिति के भाजपा समर्थित प्रधान मोड़ी पंचायत के सरपंच को उनकी माँ, बहनो और बच्चियों के लिए इस तरह गन्दी गन्दी गालियां देता है जिसको सुन कर एक आम आदमी का भी खून खोल जाए।
गोगुन्दा के प्रधान पुष्कर तेली द्वारा मोड़ी पंचायत के सरपंच प्रह्लाद सिंह झाला को फोन पर माँ बहन की गन्दी गन्दी गालियां देने के बाद मेवाड़ के क्षत्रियों का खून खोल गया है। मेवाड़ क्षत्रिय महासभा ने भाजपा के देहात जिलाध्यक्ष गुणवंत सिंह झाला को कार्रवाई ना करने के सूरत में आंदोलन करने की चेतावनी तक दे डाली है। पार्टी पोलटिक्स से ऊपर उठ कर राजपूत समाज में गोगुन्दा प्रधान द्वारा एक क्षत्रिय की माँ बहन के लिए इस तरह की गालिया और अपशब्दों का प्रयोग करने से भारी रोष फ़ैल गया है। पुष्कर तेली द्वारा प्रह्लाद सिंह झाला को मोबाइल फोन पर दी गयी गालिया व्हाट्सप्प पर वायरल हो गयी जिसका हर राजपूत ही नहीं आम आदमी ने भी विरोध किया है।
इस सम्बन्ध में मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के महामंत्री तनवीर सिंह कृष्णावत ने रोष जताते हुए कहा कि अगर पुष्कर तेली के खिलाफ पार्टी स्तर पर कोई कारवाई नहीं की गयी तो क्षत्रिय समाज से जुड़े भाजपा के पदाधिकारी अपने पद से इस्तीफा दे देगें। तनवीर सिंह कृष्णावत ने कहा कि क्षत्रिय परिवार की महिलाओं के लिए इस तरह के शब्द किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किये जायेगें और इसके खिलाफ कारवाई के लिए क्षत्रिय समाज एक हो कर आन्दोलन करेगा।
यही नहीं सत्ता के मद में चूर प्रधान पुष्कर तेली ने शुक्रवार को विकास अधिकारी के साथ मारपीट की, साथ ही धमकी दी कि यदि उसके कहे अनुसार काम नहीं किया तो अंजाम बुरे होंगे। इस दौरान प्रधान यह भी कहने से नहीं चूके कि राज्य में सरकार उनकी है और वह उसका नौकर है। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर प्रधान तेली के खिलाफ राजकार्य में बाधा, गाली-गलौच, धमकी देने और मारपीट का प्रकरण दर्ज किया है।

उदयपुर के भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष सहित कार्यकारणी और चार मंडल अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा – कार्यकर्ता को पुलिस कर्मी ने मारा थप्पड़ नहीं हुई कोई कार्रवाई।

उदयपुर। राजस्थान राज्य के गृहमंत्री के गढ़ उदयपुर में ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए पार्टी के युवा मोर्चा अध्यक्ष सहित कार्यकारणी और कई मंडल अध्यक्षों ने शहर जिलाध्यक्ष को इस्तीफा सोंप दिया। युवाओं की मांग थी कि हेलमेट चेकिंग के दौरान युवा मोर्चा कार्यकर्ता को थप्पड़ मारने वाले पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर किया जाय।
केंद्र से लेकर नगर निगम तक भाजपा का राज और इस सत्ता में पार्टी के युवा कार्यकर्ता को पुलिस कर्मी हेलमेट चेकिंग के दौरान थप्पड़ मारदे वह भी राजस्थान के गृहमंत्री के गृह जिले में तो कार्यकर्ताओं का आक्रोश स्वाभाविक है। शूक्रवार को देहली गेट पर हेलमेट चेकिंग ट्राफिक पुलिसकर्मी द्वारा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता मुफद्दल अत्तारी को चालान बनाने के बावजूद थप्पड़ मारदी। घटना के बाद युवा मोर्चा अध्यक्ष गजेन्द्र भंडारी और कार्यकारणी सहित कई कार्यकर्ता पार्षद और मंडल अध्य्क्ष अतुल चंडालिया, चंचल अग्रवाल ने आज शनिवार को दोषी पुलिस कर्मी को लाइन हाजिर करने की मांग करते हुए दिन में दो बजे धान मंडी थाने का घेराव किया। लेकिन जब युवा मोर्चा के पदाधिकारियों की बात नहीं मानी गयी और शाम को पांच बजे तक दोषी पुलिस कर्मी के खिलाफ कोई कारवाई नहीं हुई तो युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष गजेन्द्र भंडारी सहित शहर की युवा मोर्चा की कार्यकारणी और मंडल अध्यक्षों ने शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट को अपना इस्तीफा सोंप दिया। नाराज़ युवा मोर्चा के शहर अध्यक्ष गजेन्द्र भंडारी ने कहा कि जब एक कार्यकर्ता का मान सम्मान ही नहीं बचा सकते तो पद पर रहने का क्या मतलब है। हमने दोषी पुलिस कर्मी को निलंबित करने नहीं और लाइन हाजिर करने की मांग की थी वह भी कार्यकर्ता को बिना कोई अपराध के थप्पड़ मारने के जुर्म में। यह मांग भी अगर पूरी नहीं करवा सकते और दोषी के खिलाफ कोई कारवाई नहीं होती तो फिर पद पर रहने का कोई ओचित्य नहीं है। मंडल अध्यक्ष अतुल चंडालिया ने कहा कि हम हेलमेट चेकिंग के खिलाफ नहीं है लेकिन चेकिंग के दौरान पुलिस द्वारा जिस तरह की प्रक्रिया अपनाई जा रही है वह सही नहीं है। पुलिस की चेकिंग को देख कर लगता है मानो शहर में सिर्फ बदमाश ही घूम रहे है हर आम नागरिक से बदतमीजी और डंडे का रॉब दिखाना सही नहीं है। अतुल चंडालिया ने कहा कि भाजपा या युवा मोर्चा के कार्यकर्ता की ही बात नहीं है एक आम नागरिक भी अगर है और अगर उसको हेलमेट चेकिंग के नाम पर पुलिस मारपीट और गाली गलोच करती है तो यह स्वीकार योग्य नहीं है और इसका हम विरोध करेगें।
दरअसल पिछले कुछ दिनों से उदयपुर शहर में पुलिस के आला अधिकारियों के निर्देश के बाद सभी थाना अधिकारियों सहित पुलिसकर्मियों ने हेलमेट नहीं पहनने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भारी भरकम चालान तो बनाए जा रहे है, साथ ही कुछ षहरवासियों के साथ मारपीट की घटनाएं भी हो गई। युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं की माने तो जिस तरह से पुलिस सुबह 8 बजे से लेकर रात्रि 11 बजे तक हेलमेट अभियान को लेकर सतर्क है वैसे ही शहर में हो रहे अपराध को लेकर सतर्क होगी तो अपराध में कमी आएगी लेकिन ऐसा नहीं होने से शहर में लगातार दिनों दिन अपराधों में तेजी आई है।