इंटरनेशनल बॉक्सिंग में पदक जीतने वाली झलक का लेकसिटी में हुआ जोरदार स्वागत

post news. यूक्रेन में इंटरनेशनल जूनियर बॉक्सिंग प्रतियोगिता में भारत के लिए रजत पदक जितने वाली झलक का पदक जितने के बाद झीलों की नगरी में आगमन पर जोरदार स्वागत हुआ। झलक के सम्मान में शानदार रैली निकाली गयी और बॉक्सिंग संघ हेमराज व्यायाम शाला में झलक और उनके कोच नरपत सिंह चुण्डावत का सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व सांसद रघुवीर मीणा, जिला खेल अधिकारी ललितसिंह झाला थे। बातचीत में झलक ने कहा कि देश के लिए पदक जीतने के बाद अब उनका लक्ष्य है कि ओलिंपिक में देश के लिए पदक जीता जाए। इसके लिए वे अभी से पूरी मेहनत से तैयारी कर रही हैं। झलक ने बताया कि उनकी सफलता का श्रेय कोच की मेहनत माता-पिता की प्रेरणा को जाता है।
दसवींमें पढ़ने वाली झलक मूलतः मुज्जफरनगर नगर की है और यहां अपने मामा के निर्देशन में पढ़ाई कर रही है। सबसे पहले उन्होंने बीएन स्कूल में प्रवेश लिया और कोच वर्धमानसिंह के निर्देशन में बॉक्सिंग सीखने लगी। झलक के पिता तेज तोमर ने बताया कि इसके बाद उन्होंने राजस्थान संघ के अध्यक्ष फतहसिंह राठौड़ से बात की और बॉक्सिंग सीखने हेमराज व्यायामशाला में गई। झलक ने 2016 में जिलास्तरीय टूर्नामेंट में स्वर्ण जीता। फिर जून 2017 में जोधपुर में स्टेट में चैम्पियन बनी और नेशनल के लिए चयनित हुई। नवंबर में रोहतक में नेशनल में कांस्य पदक हासिल किया और श्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर भारतीय टीम के कैंप में चुनी गई। भारतीय टीम में शामिल होकर दिसंबर में देश के लिए रजत पदक जीता।

व्हाट्सएेप ग्रुप पर आपत्तिजनक कमेंट करने वाला BLO निलंबित

 post news. शिक्षा विभाग के तृतीय श्रेणी शिक्षक और बीएलओ भीमराज गायरी को सोशल मीडिया ग्रुप पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में निलंबित कर दिया गया। बड़गांव के सोनारिया में राजकीय प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक और बीएलओ का कार्यभार संभाल रहे भीमराज ने बीएलओ नाम से बने सोशल मीडिया ग्रुप में समुदाय विशेष के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसकी शिकायत कलेक्टर के पास पहुंची। कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी गिरिजा वैष्णव ने अध्यापक भीमराज गायरी को निलंबित कर दिया।

– जिला शिक्षा अधिकारी वैष्णव ने बताया कि भीमराज काे निलंबित कर डीईओ कार्यालय उदयपुर मुख्यालय रखा गया है।

– बीएलओ गायरी का कहना है कि उनका मोबाइल आठ वर्षीय पोते के पास था। उसने गलती से मैसेज सभी ग्रुप में फॉरवर्ड कर दिया। मुझे जैसे ही यह पता चला मैंने सभी ग्रुप में और तहसीलदार से क्षमा मांगी थी। मुझे तो ये फोन चलाना भी नहीं आता है। जब से मुझे बीएलओ का कार्यभार दिया गया, मुझे जबरन यह मोबाइल लेने को कहा गया और ग्रुप में जोड़ा।

सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाना अब अनिवार्य नहीं

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पोस्ट न्यूज़. सुप्रीम कोर्ट ने अपने ही फेसले में संशोधन करते हुए कहा कि अब सिनेमा घरों में राष्ट्रगान (National anthem) बजाना अनिवार्य नहीं है. Supreme court ने 30 नवंबर 2016 को फैसला दिया था कि सिनेमा घरों में फिल्म चलाने के पहले राष्ट्रगान चलाना और दर्शकों का खड़े होना अनिवार्य है। अब अपने ही फैसले को बदलते हुए कहा कि सिनेमा घरों में राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य नहीं है।

इससे पहलेे सोमवार को Supreme court में केन्‍द्र सरकार (central government) ने कहा था कि फिलहाल राष्ट्रगान (National anthem) को अनिवार्य ना बनाया जाए. केंद्र ने हलफनामा दाखिल कर कहा कि केंद्र सरकार ने इंटर मिनिष्ट्रियल कमेटी बनाई है जो छह महीने में अपने सुझाव देगी.  इसके बाद सरकार तय करेगी कि कोई नोटिफिकेशन या सर्कुलर जारी किया जाए या नहीं. केंद्र ने कहा है कि तब तक 30 नवंबर 2016 के राष्ट्रीय गान के अनिवार्य करने के आदेश से पहले की स्थिति बहाल हो.

गौरतलब है कि 23 अक्टूबर, 2017 को Supreme court ने केंद्र सरकार को कहा कि सिनेमाघरों और अन्य स्थानों पर राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य हो या नहीं, ये वो तय करे। इस संबंध में कोई भी सर्कुलर जारी किया जाए तो सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश से प्रभावित ना हों। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि ये भी देखना चाहिए कि सिनेमाघर में लोग मनोरंजन के लिए जाते हैं, ऐसे में देशभक्ति का क्या पैमाना हो, इसके लिए कोई रेखा तय होनी चाहिए? सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस तरह के नोटिफिकेशन या नियम का मामला संसद का है। ये काम कोर्ट पर क्यों थोपा जाए? जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा था कि लोग सिनेमाघर सिर्फ मनोरंजन के लिए जाते हैं। हम क्यों देशभक्ति को अपनी बांहों में रखें. ये सब मामले मनोरंजन के हैं. फ्लैग कोड काफी नहीं है, सरकार को एग्जीक्यूटिव आदेश जारी करने चाहिए. कोर्ट क्यों इसका बोझ उठाए।
दरअसल, श्याम नारायण चौकसे की याचिका में कहा गया था कि किसी भी व्यावसायिक गतिविधि के लिए राष्ट्रगान के चलन पर रोक लगाई जानी चाहिए और एंटरटेनमेंट शो में ड्रामा क्रिएट करने के लिए राष्ट्रगान को इस्तेमाल न किया जाए. याचिका में यह भी कहा गया था कि एक बार शुरू होने पर राष्ट्रगान को अंत तक गाया जाना चाहिए और बीच में बंद नहीं किया जाना चाहिए. याचिका में कोर्ट से यह आदेश देने का आग्रह भी किया गया था कि राष्ट्रगान को ऐसे लोगों के बीच न गाया जाए, जो इसे नहीं समझते. इसके अतिरिक्त राष्ट्रगान की धुन बदलकर किसी ओर तरीके से गाने की इजाज़त नहीं मिलनी चाहिए.

याचिका में कहा गया कि इस तरह के मामलों में राष्ट्रगान नियमों का उल्लंघन है और यह वर्ष 1971 के कानून के खिलाफ है. इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जब लोग राष्ट्रगान और राष्ट्रीय ध्वज का आदर करेंगे तो इससे लोगों के मन में देशभक्ति और राष्ट्रवाद की भावना जगेगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये लोगों की फंडामेंटल ड्यूटी है कि वह संविधान का आदर करें और उसका पालन करें और फिर संवैधानिक संस्थानों, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करें.

मारवाड़ी युवा मंच का कैंसर के विरुद्ध जंग के तहत उदयपुर में विशाल शिविर का आयोजन – सैकड़ों मरीजों तक पहुंची निशुल्क सुविधा।

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उदयपुर। मारवाड़ी युवा मंच ने कैंसर जैसी बिमारी के खिलाफ चलाये जा रहे अपने अभियान के तहत कैंसर रोगियों की सुविधा और जांच के लिए रविवार को उदयपुर के बड़गांव में एक विशाल शिविर का आयोजन किया। शिविर में कैंसर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों द्वारा मरीजों की जांच और परामर्श दिया गया। मारवाड़ी युवा मंच की राष्ट्रीय स्तर पर चलाई जाने वाली कैंसर वेन भी उदयपुर लायी गयी थी जिसमे आधुनिक मशीनों द्वारा मरीजों की जांच निशुल्क की गयी।
रविवार को उदयपुर के बड़गांव में अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच के नेतृत्व में रविवार को उदयपुर शाखा, महिला लेकसिटी और शकुंतला देवी चैरेटिबल ट्रस्ट के सहयोग से कैंसर रोगियों के लिए एक विशाल शिविर का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया। मारवाड़ी युवा मंच की प्रदेश कैंसर संयोजक डॉ. काजल वर्मा ने बताया कि कैंसर के इस शिविर के लिए ख़ास तौर पर मारवाड़ी युवा मंच द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर चलने वाली कैंसर वेन उदयपुर मंगवाई गयी थी। इस वेन में कैंसर रोगियों के लिए दस से पंद्रह हजार रूपए में होने वाली कैंसर की सभी जांचे निषुल्क की गई। इन जांचों में मेमोग्राफी, सीए, पैप स्मीयर, डेंटल, पीएसए, एंडोस्कोपी जांचे की गयी। डॉ काजल वर्मा ने बताया कि इस तरह की यह कैंसर वेन अपनी तरह की यह देश की पहली वेन है और यह मारवाड़ी युवा मंच की कैंसर के विरुद्ध लड़ाई का एक अहम् कदम है। रविवार को बड़गांव में हुए कैंसर के इस शिविर में 115 मरीजों का परिक्षण किया गया। इस शिविर के माध्यम से कैंसर की पहली और दूसरी स्टेज का पता लगा कर इसका सम्पूर्ण इलाज किया जाता है। शिविर में अमेरिकल कैंसर मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉ ममता लोढ़ा, डॉ अर्जुन चौधरी, डॉ कुरेश बम्बोरा ने अपनी सेवाएं दी। मारवाड़ी युवा मंच के प्रदेषाध्यक्ष केदार गुप्ता के नेतृत्व में षिविर की षुरूआत हुई जिसमें डाॅक्टर प्रियंका जैन, राजश्री वर्मा, जया कचरू, अलका माहेष्वरी, डाक्टर भावना धाबाई, सुधीर माहेष्वरी, डाॅक्टर राममीणा, अपराजित जैन, सौरभ जैन, अभिशेक उपाध्याय, जितेंद्र राजावत और महेषानंद ने भी अपनी सेवाएं दी।

अवैध होटल रेडिसन ब्लू में पंहुची ‘‘राजे’’ सरकार, अखिल भारतीय सचेतक सम्मेलन का हुआ आगाज

उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर की एक अवैध होटल को वैध बनाने के लिए की जा रही सरकारी कोशिशें अपने चरम पर है और अगर ऐसा ही चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब फतहसागर की पाल पर अवैध रूप से सीना ताने खड़ी यह होटल कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए वैध हो जाएगी। जी हां हम बात कर रहे हैं होटल रेडिशन ब्लू की। आपको बता दे कि इस अवैध होटल के मालिक ओपी अग्रवाल ने इस होटल के कई बार नाम भी बदले हैं। यही वजह रही है कि कार्रवाई करने वाली नगर विकास प्रन्यास और उसमें बैठने वाले हर जिम्मेदार ने जमकर रेवड़ियां बटौरी है। सूत्र बताते है कि हाईकोर्ट से तो होटल पर कार्रवाई करने के आदेश कभी से आ गए हैं, लेकिन मजबूर जिम्मेदार इस हाईप्रोफाईल रसूखदार पर कार्रवाई करके बेर मोल नहीं लेना चाहते है। वहीं दूसरी और केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, उदयपुर में होने वाले सारे सम्मेलन यहीं होते हैं और सत्ता हो या शासन सभी नुमाईंदे इस अवैध होटल में बैठकर विभिन्न मसौदों पर चर्चा करते हैं। सोमवार को भी इसी अवैध होटल में 18 वें अखिल भारतीय सचेतक सम्मेलन का आगाज हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यसेवक वसुंधरा राजे ने किया। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय संसदीय कार्य सेवक अनंत कुमार, संसदीय कार्य राज्य सेवक अर्जुन राम मेघवाल केन्द्रीय सेवक विजय गोयल गृहसेवक गुलाब चंद कटारिया प्रदेश के मुख्य सचेतक कालू राम गुर्जर प्रदेश के कैबीनेट सेवक राजेन्द्र राठौड सहित पूरे देश के अलग – अलग राज्यों से आये स​चेतक सहित अन्य प्रतिनिधि भाग मौजूद रहे। सम्मेलन के उद्धघाटन से पहले मुख्यसेवक वसुधंरा राजे ने प्रतिनिधियों से मुलाकात की ओर उनसे विभिन्न मुद्दांे पर चर्चा भी की। आपको बता दें कि दो दिनो तक चलने वाले इस सम्मेलन में अलग – अलग तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे जिनमें 16 वें और 17 वें सम्मेलन की रिपोर्ट पर भी समीक्षा की जाएगी। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में केन्द्रीय संसदीय कार्य सेवक अनंत कुमार ने कहा कि प्रधानसेवक मोदी की पहल पर ई – विधान, डिजिटल विधान सहित डिजिटलाइजेशन को मूर्त रूप देने का काम किया जा रहा है और आने वाले वर्षों में जल्द ही इन सभी को पेपरलेस व इलेक्ट्रॉनिक मोड पर ले जाने का काम किया जाएगा। उद्घाटन सत्र के बाद मिडिया से बातचीत करते हुए केन्द्रीय संसदीय राज्यसेवक अर्जुन राम ​मेघवाल ने कहा कि संसदीय प्रणाली जो अपनाई गई है वह सही रूप से चल रही है या नहीं। वहीं संविधान निर्माताओं ने जिस तरह की कल्पना की थी उसके अनुसार काम हो रहा है या नही इसी को जांचने के लिए इस तरह के सम्मेलन के माध्यम से जानने की कोशिश की जाती है और इस सम्मेलन की रिपोर्ट पर एक्शन भी जल्द से जल्द लेने के प्रयास किये जाते है वही गृहसेवक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि केन्द्र में मोदी सरकार बनने के बाद यह तीसरा सम्मेलन है और इससे यह साफ है कि सरकार की मंशा सुधारात्मक कदम उठाने की ओर है। लोकसभा में अनुशासित और प्रभावी ढंग से कार्य कैसे हो सके इस पर भी यहां पर चर्चा की जाएगी।

Zinc `Sacrificial Anodes’ – Protecting Ships.

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The hull of a ship is the watertight body that is exposed to water. To protect the hulls, the ship builders put pieces of Zinc on these hulls. The Zinc components used on ships are called “Sacrificial Anodes”. Sacrificial Anodes are linked electrically to the ship’s hull. They are made of metals more reactive than the material used for the ship’s body and systems. As such, they shield the ship’s body and systems while the ship stays protected, giving rise to the name ‘Sacrificial Anodes’.

Zinc is used because it has a higher voltage in the water so the current is more inclined to flow from it than from the propeller. To complete the electrical circuit, Zinc components are connected to the items they are intended to protect. Zinc is bolted right to the shaft or underwater housing. Non-metal boats usually have a copper bonding wire inside, that connects all the underwater metal items together so they all share the protection from Zinc Anodes.

Zinc Sacrificial Anodes are also used for subsea structures, pipelines, wind turbine foundations, wave and tidal generators, quay and harbour walls, jetties, dock gates, water storage tanks. Using Sacrificial Anodes gives a multitude of benefits like: capacity to last and provide effective Cathodic Protection for up to 25 years, no maintenance requirement, very high reliability, no hull penetrations, zero risk of interference and lower overall life cycle cost.

Hindustan Zinc is India’s only and world’s leading Zinc-Lead-Silver Producer..

Pavan Kaushik

Article by- Pavan Kaushik, Head – Corporate Communication, Hindustan Zinc

Extra Dietary Zinc May Reduce DNA Damage: Study

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A modest increase in dietary zinc – equivalent to four milligrams per day – may reduce oxidative stress and wear and tear to DNA, a new study has claimed.

Researchers from the UCSF Benioff Children Hospital Research Institute (CHORI) in the US show that extra zinc in the diet can have a profound, positive impact on cellular health that helps fight infections and diseases. This amount of zinc is equivalent to what bio-fortified crops like zinc rice and zinc wheat can add to the diet of vulnerable, nutrient deficient populations, researchers said.

The study led by CHORI Senior Scientist Janet King and her team is the first to show that a modest increase in dietary zinc reduces oxidative stress and damage to DNA.  “We were pleasantly surprised to see that just a small increase in dietary zinc can have such a significant impact on how metabolism is carried out throughout the body. These results present a new strategy for measuring the impact of zinc on health and reinforce the evidence that food-based interventions can improve micronutrient deficiencies worldwide.” said King.

Zinc is ubiquitous in our body and facilitates many functions that are essential for preserving life. It plays a vital role in maintaining optimal childhood growth and in ensuring a healthy immune system. Zinc also helps limit inflammation and oxidative stress in our body, which are associated with the onset of chronic cardiovascular diseases and cancers.

Around much of the world, many households eat polished white rice or highly refined wheat or maize flours, which provide energy but do not provide enough essential micronutrients such as zinc, the report says.

Zinc is an essential part of nearly 3,000 different proteins, and it impacts how these proteins regulate every cell in our body. In the absence of sufficient zinc, our ability to repair everyday wear and tear on our DNA is compromised.  In the randomised, controlled, six-week study the scientists measured the impact of zinc on human metabolism by counting DNA strand breaks.

The researchers used the parameter of DNA damage to examine the influence of a moderate amount of zinc on healthy living. This was a novel approach, different from the commonly used method of looking at zinc in the blood or using stunting and morbidity for assessing zinc status. These results are relevant to the planning and evaluation of food-based solutions for mitigating the impact of hidden hunger and malnutrition.

The report believes that bio-fortification can be a sustainable, long-term solution to zinc deficiency.

Pavan Kaushik

Hindustan Zinc is India’s only and world’s leading Zinc-Lead-Silver Producer..

 

गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई ने सलमान खान को दी जान से मारने की धमकी .

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पुलिस जीप में बैठ कर दी सलमान खान को धमकी इस गेंगस्टर ने

उदयपुर . अपराधियों के होसले इतने बुलंद है कि पुलिस के सामने ही जान से मारने की खुली चुनोती देदेते है . एसी ही धमकी दी गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई सलमान खान को जान से मारने की . जोशपूर पुलिस को खुली चुनोती देते हुए कहा कि अभी तक कुछ किया नहीं जब न खान को यहीं   जोधपुर में ही सबके सामने मारेगें तो पता चल जायेगा मै कोण हूँ .

गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई ने धमकी दी है कि सलमान खान को मारेंगे और यहीं जोधपुर में मारेंगे। कड़े सुरक्षा घेरे में कोर्ट में पेश किए जाने के बाद पुलिस की गाड़ी में बैठे इस गैंगस्टर ने कहा कि अभी तक मैंने कुछ नहीं किया है। अब सलमान खान को मारेंगे तो उन्हें हमारे बारे में पता लग जाएगा।  मोबाइल व्यवसायी वासुदेव इसरानी की गोली मारकर हत्या प्रकरण में पंजाब की फरीदकोट जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार करके जोधपुर लाए जाने के बाद पुलिस ने लॉरेंस को दोपहर में कोर में पेश किया था। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में लॉरेंस ने बेवजह फंसाने के आरोप लगाए। साथ ही पुलिस को चुनौती दी कि वो जोधपुर में ही सलमान खान को मारकर रहेगा। वासुदेव हत्याकाण्ड तथा अन्य रंगदारी मामले का मुख्य आरोपी लॉरेंस विश्नोई को शुक्रवार को पुलिस की कडी़ सुरक्षा के साथ कोर्ट में पेश किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई हुई।

पंजाब-हरियाणा का ये गैंगस्टर एक साल से राजस्थान में अपनी गैंग को बढ़ा रहा है। जोधपुर में कई व्यापारियों से जबरन वसूली करने के लिए उनके घर के बाहर फायरिंग के मामले में गिरफ्तार लॉरेंस को आज कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस जीप में बैठे इस गैंगस्टर ने कहा कि मैं तो स्टूडेंट पॉलिटिक्स में एक्टिव था। पुलिस ने फर्जी मुकदमे कर मुझे फंसा दिया। मेरे खिलाफ आज तक एक भी मामले में पुलिस को कोई गवाह तक नहीं मिला।
– मैंने आज तक कोई ऐसा काम नहीं किया जिसके लिए मेरे पर मुकदमा दर्ज किया जाए। पुलिस फर्जी मुकदमों में मुझे फंसा रही है। पुलिस अगर यही चाहती है कि मैं कुछ कर दिखाऊं तो अब सलमान खान को मार कर दिखाऊंगा और यहीं जोधपुर में। तब पुलिस को मालूम पड़ेगा कि मैं क्या कर सकता हूं।
– इस गैंगस्टर ने साफ कहा कि अभी तक मैंने कभी भागने की कोशिश नहीं की। जब इच्छा होगी आराम से भाग निकलूंगा। पुलिस मेरा कुछ बिगाड़ नहीं पाएगी।
– खास बात यह रही कि कड़े सुरक्षा घेरे में पुलिस की जीप में बैठ यह गैंगस्टर सलमान को मारने की धमकी देता रहा, लेकिन पुलिस ने उसे एक बार भी न तो रोका और न ही टोका।

भाजपा के पार्षद ने लगाया आरोप – दलित हूँ इसलिए भेदभाव किया जारहा है।

उदयपुर। इस बार उदयपुर शहर भाजपा में कुछ अच्छा होता दिखाई नहीं दे रहा है। कभी दिग्गजों द्वारा पार्टी में ही समकक्ष संगठन खड़ा करके विरोध करना, कभी समिति अध्यक्षों का पद से इस्तीफा देना, कभी महापौर और पार्शदों के बीच तकरार होना, तो कभी पार्टी के ही पार्षदों पर पार्टी में दलित होने पर उपेक्षा करने के आरोप लगाना। इससे तो यही लगता है कि इस बार भारतीय जनता पार्टी में भारी अन्तर्कलह देखा जा रहा है। नगर निगम में वार्ड सात के पार्षद बाबूलाल कटारा ने दलित होने के चलते बीजेपी के पदाधिकारियों पर भेदभाव करने के गंभीर आरोप लगाये है । पार्षद कटारा का मानना हैकि वह दलित हैं, इसलिए नगर – निगम के पार्षदो और वरिष्ठ नेताओं की नजर में उनका सम्मान नहीं है। कटारा ने आरोप लगाया कि गुरुवार को मंडल अध्यक्ष अतुल चण्डालिया व निर्माण समिति अध्यक्ष पारस सिंघवी ने दौरा किया था, लेकिन उन्हें बुलाया तक नहीं गया। आपको बता दे कि वार्ड सात के रहवासियों ने पार्टी को शिकायत की थी कि काम नहीं होने की वजह से जनता परेशान है। वहीं भीमराव अम्बेडकर मंडल अध्यक्ष अतुल चंडालिया को भी बहुत सी शिकायतें मिली तो उन्होंने निर्माण समिति अध्यक्ष पारस सिंघवी को सूचना देकर वार्ड में जनता की तकलीफे सुनने के लिए बुलाया। उनके साथ चंडालिया सहित भाजपा ओबीसी मोर्चा शहर उपाध्यक्ष ऊंकार ओड़, पूर्व पार्षद कमलेश जावरिया आदि भी थे। लेकिन क्षेत्रीय पार्शद नदारद रहे। बाद में पार्षद कटारा ने मीडिया से बातचीत में साफ किया कि उन्हें इस दौरे के दौरान नहीं बुलाया गया, जबकि वह इस क्षेत्र के जनप्रतिनिधि हैं। कटारा ने कहा कि वह दलित हैं, इसलिए उपेक्षा की जा रही है।

उदयपुर – औनार सिंह देवड़ा ने प्रदेश अध्यक्ष को लिखा पत्र – जिलाध्यक्ष द्वारा निष्काशन की कार्रवाई को बताया गलत

उदयपुर। मटून के पूर्व सरपंच औनार सिंह देवड़ा का समर्थन करने वालों की सूचि लगातार बढ़ती ही जा रही है। वही भारतीय जनता पार्टी के शहर अध्यक्ष दिनेष भट्ट के निर्णय की आलोचना भी चैतरफा हो रही है। इसी कड़ी के करणी सेना के मुखियाओं ने भी श्री भट्ट से मुलाकात की और अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध भी किया। वहीं दूसरी तरफ श्री औनार सिंह देवडा ने प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी को पत्र लिखकर भट्ट द्वारा कि कई कार्रवाई को रोकने की अपील की है। इसके साथ ही श्री देवड़ा ने पत्र में भी स्पश्ट किया है कि जिसका हवाला देकर उन्हें निश्कासित किया गया है। उसमें उनका दूर – दूर तक कोई लेना – देना नहीं है। गौरतलब है कि उप चुनाव के दौरान पार्टी का प्रत्याषी हार गया था और उसका ठीकरा जिलाध्यक्ष ने पूर्व सरपंच देवड़ा पर फोड़ते हुए पार्टी से निश्कासित कर दिया। जबकि क्षेत्र के दिग्गज पार्टी पदाधिकारियों और वहां के रहवासियों की माने तो हार का मुख्य कारण झामेष्वर मण्डल के अध्यक्ष रहे, जिनकी वजह से ही खरबड़िया क्षेत्र से पार्टी को सबसे कम वोट मिले। औनार सिंह देवड़ा ने पत्र की प्रतिलिपि मुख्यसेवक वसुन्धरा राजे सिंधिया, प्रदेष के संगठन मंत्री चंद्रषेखर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष षान्तिलाल चपलोत, सहित कई वरिश्ठों को भी भेजी है।