Cold Galvanizing… Zinc in Paints

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“Cold galvanizing”, or Zinc painting is the application (by brush or spray) of Zinc dust mixed with organic or inorganic binders. Commonly containing 92-95% metallic Zinc in dry film, these  Zinc-rich paints can be applied to structural steel and piping which are exposed to a wide range of corrosive atmospheric environments like refineries, power plants, bridges, buildings, mining equipment etc.

With a high percentage of Zinc in the dry film, these paints can synergistically combined with the corrosion inhibitive properties of metallic Zinc. The Zinc dust in paint is integrated with organic binders. These binders allow the Zinc particles to remain in contact with each other so the Zinc paint can provide cathodic protection.

While Zinc protects structures from corrosion by hot-dip galvanizing or cold galvanizing, there is high intrinsic value in using both the techniques together, known as a duplex system.

When hot-dip galvanized steel is painted or powder coated by Zinc rich paints, the duplex coating provides a much more sophisticated manner of corrosion protection known as the synergistic effect. The exterior layer of paint or powder coating acts as an additional barrier and slows down the rate at which the Zinc is consumed – greatly extending the life of the galvanized steel. In return, the underlying galvanized coating acts as a noble primer eliminating the pinhole corrosion and peeling effect often seen on bare steel.  Once the exterior layer has been weathered down or damaged, the Zinc beneath is still available to provide cathodic and barrier protection.

As a result of this synergistic effect, the substrate steel is afforded corrosion protection for 1.5 to 2.3 times the sum of the expected life of each system alone, the synergy between the two systems provides protection far superior to other systems.

Hindustan Zinc is India’s only and world’s leading Zinc-Lead-Silver Producer..

Pavan Kaushik

Article by- Pavan Kaushik, Head – Corporate Communication, Hindustan Zinc

6th BATCH OF 120 ITI/DIPLOMA PASS-OUTS HAS JOINED HINDUSTAN ZINC MINING ACADEMY

The mining sector has the potential to create hundreds of thousands of jobs in the country thus eradicating poverty at large. Indian natural resource industry has seen significant change in the last 10 years in terms of technology, employment generation, metal production and attracting best of Indian and global talent that includes engineers and management graduates.Being a responsible metal and mining company, Hindustan Zinc has set-up ‘Hindustan Zinc Mining Academy’, in collaboration with Skill Council for Mining Sector (SCMS) and training partner Indian Institute of Skill Development Pvt. Ltd (IISD) to train about 500 ITI/diploma  pass-outs in five years in Jumbo Drill Operations and Winding Engine Operations to enhance employment opportunities of eligible youth of Rajasthan.

Hindustan Zinc Mining Academy is now commencing its 6th Batch of ‘Jumbo Drill Operator Training Program’ with an inaugural function on 3rd January, 2018 at Railmagra Centre, Rajsamand wherein 120 select ITI/Diploma pass-outs will be trained under this 18 months residential program. The Chief Guest of the event was Kastoor Meena – Site President, Rajpura Dariba Complex who encouraged candidates to work hard with focus, dedication and discipline in Academy to have a secure future.

Hindustan Zinc Mining Academy has three Centres running at Bhilwara, Rajsamand and Zawar near Udaipur with candidates from all over Rajasthan. All Academy centres run in a professional manner with inbuilt monthly monitoring systems. Since the course is residential, the academy has a provision for free boarding and lodging facilities for all the selected candidates in all training programs.

Earlier, Hindustan Zinc has commenced  5 batches of 18 month long Jumbo Drill Operator Training for ITI/Diploma pass-outs and in Winding Engine Operator Training Program where 47 ITI/Diploma pass-outs were enrolled and their eight months training got completed in October 2017. Besides Winding Engine Training, these candidates are also being given exposure in Banks-men and Bellman Operations.

Recently, the company organized placement drive for these students and 136 passing-out students got jobs with an average package of Rs. 25,000/- per month. Hindustan Zinc’s business partners have come together to employ these trained youths and use them for their different operations.

Pavan Kaushik – Head Corporate Communication, HZL said “with the setting up of India’s perhaps first Mining Academy, Hindustan Zinc is developing an ecosystem and contributing in unlocking India’s potential in mining. This is certainly going to enhance India’s capability in skilling of people in mining space and putting India on growth path”.Also present were, Sanjay Sharma – AVP, HZL, Sajany Kathod – Unit Head, RDM, Sunil Dixit – Commercial Head, RDC, Abhay Gautam – Head CSR, RDC, Mr. Ravi Gupta – Training HR Head, Deepak Gakhreja  – Location HR Head, Deepak Mishra from SCMS, Anshuk Talwar  from M/s IISD and other dignitaries during the event.

उदयपुर की जेल है कैदियों की ऐशगाह – कैदी ने जेल से डाली फेसबुक पर पोस्ट, दोस्तों ने दी बधाई।

उदयपुर। गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के गृह जिले उदयपुर का केंद्रीय कारागृह कैदियों की एशगाह से कम नहीं है। यहाँ वो सारी सुविधाएँ उपलब्ध है जो बाहर भी मिल सकती है। शुक्रवार को इसका ताजा उदाहर देखने को मिला जब छह साल से सजा काट रहे कैदी ने जेल से ही अपने जमानत होने की सूचना अपने फोटो के साथ पोस्ट की और उस पोस्ट पर उसको लूगों ने बधाइयाँ भी दी।
एनडीपीएस मामले की छह से सजा काट रहे एक कैदी सागर बाबल ने गुरूवार को अपनी फेसबुक आई डी पर एक पोस्ट डाली और लिखा कि साथियों आज मेरी जामनत हो गई है और कल में बाहर आ रहा हूं। वहीं दूसरी पोस्ट में अन्य कैदी बाबल की जमानत पर बधाई भी दे रहे है। सागर बाबल के फेसबुक पेज की जांच की तो जेल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल परत दर परत खुलती गई। इस फेसबुक पेज पर जेल से खींची गई कई तस्वीरे डाल रखी है। जो यह साफ साबित करती है कि उदयपुर जेल में आज भी कैदियों के पास सुविधाओं के हर साधन मौजूद है।
कैदी सागर बाबल के पास एक और कैदी बैठा है जो कॉल पर बात कर रहा है। इन फोटो से यह सिद्ध है की जेल में हर सुविधा उपलब्ध है। जेल की पूर्व अधीक्षक प्रीता भार्गव की पदोन्नति के बाद यहां पर यह पद रिक्त ही पड़ा है और शायद इसी वजह से इन दिनों जेल में लगातार जांच नहीं की जा रही है। हालाँकि जेल में मोबाईल फोन की सुविधा मिलना कोई आश्चर्य की बात नहीं है। जब भी जांच की जाती है ढेरों मोबाइल पाए जाते है।

स्वच्छता में खुद को रेंकिंग देने से पहले एक बार जनता का दर्द भी देख लें सुन ले उदयपुर नगर निगम

उदयपुर। स्वच्छता की रेंकिंग के लिए उदयपुर नगर निगम ने खुद को भले 70 प्रतिशत से ज्यादा नंबर देदिए हो लेकिन असल हालत कुछ और ही है। नगर निगम में शिकायत करने पर भी कारवाई नहीं हो रही तो शोशल मीडिया पर शहरवासी गली मोहल्लों की गन्दगी की फोटो पोस्ट कर महापौर और पार्षदों से जवाब मांग रहे है। सफाई का यह आलम है कि चाहे नगर निगम कितने भी दावे करे लेकिन कई वार्डों की हालत खराब है। घर घर कचरा निस्तारण शहर के कई हिस्सों में नहीं हो रहा है जिसकी शिकायत के बाद भी कोई कारवाई नहीं है।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत उदयपुर शहर की रेंकिंग होने वाली है। पिछले वर्ष यह सुन्दर शहर काफी पिछड़ गया था लेकिन इस वर्ष सुधार के दावे करते हुए उदयपुर नगर निगम ने अपने आपको १४०० में से १०१७ अंक दिए है और शहर स्वच्छ होने का दावा किया है। नगर निगम के इस दावे की पोल शहर वासियों द्वारा फेसबुक और whatsapp पर की गयी पोस्ट खोलती है कि शहर में कितनी सफाई हो रही है।

वार्ड 22 जीतू केदावत की फेसबुक पोस्ट .

वार्ड २२ के रहने वाले जीतू केदावत ने अपनी फेसबुक पोस्ट में वार्ड की सड़कों पर कीचड़ आदि के फोटो पोस्ट कर अपनी कोलोनी का दर्द उजागर करते हुए लिखा।
“वार्ड 22 हिरण मगरी सेक्टर 8 की दुर्दशा देखीए शहर के बीचो बीच स्मार्ट सिटी उदयपूर मे एक एसी कोलोनी जिसका विकास 20 वर्ष से नहीं हो पाया है। कहने को यू आईटी है नगर निगम हे मगर आज बीजेपी का बोर्ड बनने के बाद कभी कोई अधिकारी तो बहुत दूर की बात वार्ड पार्षद भी सूध लेने को तैयार नहीं”
250 लोगो ने सभी विभागो मे शिकायत कर दी पर कोई ध्यान नहीं दे रहा ना रोड है ना नालीया कच्ची बस्ती भी इससे सून्दर है। 4 साल से पार्षद हो या अधिकारी सिर्फ टालने का कार्य जरूर किया है। रोड नहीं नाली नहीं रोड लाईट तक नहीं है। कोलोनी मे चोरो का आतन्क है पार्षद साहब का बोर्ड जरूर साफ सूथरा है ”

इसके अलावा एक शहर वासी कपिश भल्ला ने वार्ड 48 में फैली अव्यवस्थाओं को उजागर करते हुए फेसबुक पर नगर निगम से जवाब माँगा
कपिश भल्ला ने लिखा है –

वार्ड 48 , कपिश भल्ला की फेसबुक पोस्ट से .

ऐसे कैसे चलेगा।
पुर्ण उदयपुर को अगर स्मार्टसिटी के तमगे से एक बार जो ओर नवाज़ा गया उसमे 55 वार्डो का सहयोग है तो वार्ड 48 का महा सहयोग है पुर्ण वार्ड 48 के क्षेत्रवासियों ने श्री पाषर्द महोदय को एक मात्र मिले संवैधानिक अधिकार मताधिकार का प्रयोग कर जीत का सेहरा बंधाया ओर आज वही बाराती यानी क्षेत्रवासी वार्ड में उपजी समसयाओ से झुंज रहे है लगभग पिछले 6 दिन से बडिहोली मुख्यमार्ग पर बिन बरसात के ये नज़ारा देखने को मिल रहा है इसी मार्ग से पार्षद महोदय भी अपने जीविकोपार्जन के स्थान यानी नोकरी करने जाते है परंतु क्षेत्रवासियों को समसया से निजात नहीं दिला रहे है क्षेत्र के सभी व्यवसायी भी इस समस्या से परेशान है दुकानों के बाहर खड़े ग्रहाको को आने जाने वाले वाहन छींट जाते है दुकान में आने वाले ग्रहाक दुकान को गंदी कर रहे है समस्या को क्षेत्रवासियों में आक्रोश है कृपाकर समस्या से निजात प्रदान करा क्षेत्रवासियों को अनुग्रहित करे

ward 48

नगर के 55 वार्ड है और इन्हीं 55 में से एक वार्ड नंबर 48 जहां सब कार्य नियमों के तहत होते रहते हैं पर जब भी कुछ होता है तब क्षेत्रवासियों को एक अजीब नजारा देखने को मिलता है अब इन फोटो को ही देखिए कुछ दिन से ठेकेदार के द्वारा चौधरियों की गली में नाली का निर्माण का कार्य किया जा रहा था और नाली का निर्माण भी कर दिया गया लेकिन क्षेत्रवासियों को पानी की समस्या से ना झुझना पढ़े इस हेतु क्षेत्र में एक हैंडपंप लगाया गया जिसे नाली नाली निर्माण की बची खुची सामग्री से ढक दिया गया जिससे क्षेत्रवासी हैंडपंप द्वारा पानी नहीं भर पा रहे हैं कृपा कर हैंडपंप को इस सामग्री से स्वतंत्र करावे
यह सिर्फ उदाहरण है ऐसे कई पोस्ट कई फोटो लोगों ने उदयपुर नगर निगम को समर्पित किये है जो शहर की अव्यवस्थाओं और गन्दगी की गाथा गातें है।

खीर में नशीला पदार्थ मिलाकर पुजारी ने किया दुष्कर्म – अश्लील फोटो खींच करता था ब्लेकमेल

post . सोजत पाली मंदिर के पुजारी द्वारा प्रसाद खीर में नशीला पदार्थ खिलाकर एक विवाहिता के साथ दुष्कर्म करने और मोबाइल से आपत्तिजनक फोटो खींच कर धमकियां देने का मामला सामने आया है। इस मामले को दबाने के लिए विवाहिता को धमकियां भी दी गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार पीडि़ता ने रिपोर्ट दी कि सोजत निवासी प्रवीण दवे एक मंदिर का पुजारी है। उसने बीते दिनों उसे घर लाकर खीर दी और उसमें कुछ नशीला पदार्थ मिला दिया। इसके बाद उसको होश नहीं रहा और नशे की हालत में उसके साथ दुष्कर्म किया। आपत्तिजनक हालत में उसके फोटो मोबाइल से भी खींचे। इसके बाद उसने मंदिर जाना छोड़ दिया तो आरोपित उसे मोबाइल पर फोटो भेज कर धमकियां देता रहा। पुलिस ने दुष्कर्म और धमकाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
पीडि़ता ने रिपोर्ट में बताया कि वह अपने पति के साथ पिछले तीन-चार वर्षों से मंदिर दर्शन करने जाती थी। एक दिन उसके पति कहीं बाहर गए हुए थे। वह मंदिर अकेली ही गई, जहां प्रवीण ने प्रसाद के रूप में खीर खिलाई। प्रसाद में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया था। लेकिन उस दिन आरोपित अपने मनसूबों में कामयाब नहीं हुआ। वह घर पहुंची तो दूसरे दिन आरोपित घर आया और धार्मिक भजन भरने का कहकर उसका मोबाइल ले गया। इसके बाद उसके नम्बर ले लिए और मोबाइल पर उसको धमकी देने लगा।
रिपोर्ट में पीडि़ता ने यह भी बताया कि 14 अक्टूबर को अनजान व्यक्ति के मोबाइल से फोनकर उसको कहा गया कि इस घटना की जनकारी किसी को दी तो उसके बच्चे का अपहरण हो जाएगा।

केरल के बाइकर पीएम मोदी को बताएंगे मूक-बधिरों की समस्याएं

post news. देशके 45 लाख मूक-बधिरों की विभिन्न समस्याएं पीएम नरेंद्र मोदी को बताकर उनका हल कराने के उद्देश्य से केरल, त्रिचूर से निकले दो बाइकर्स समूह के चार मूक-बधिर सदस्य बुधवार को उदयपुर पहुंचे। उनका मेवाड़ डीफ सोसायटी के सदस्यों ने वेलकम किया। सोसायटी के सेक्रेट्री सूरजकुमार तेली ने बताया कि जुबीन, अली, अशरफ, मुबीन चारों सदस्य बोल नहीं सकते। केवल इशारों में ही एक दूसरे से बातें करते हैं। 17 दिसंबर को चारों सदस्य वहां से निकले थे। इनकी राइड का मिशन देश के मूकबधिरों की समस्या पीएम मोदी को बताकर उसका निस्तारण करवाना है। इनका मानना है कि आम व्यक्ति की तरह उनको भी कई काम होते हैं। उनकी बस एक ही कमी है कि वो बोल नहीं पाते। केवल इशारों से बातें कर समस्या बता पाते हैं। सरकारी ऑफिस हो या अस्पताल या फिर पुलिस स्टेशन, जहां भी जाते हैं, वहां कई परेशानियां आती हैं। कई प्रकार के अन्य सरकारी काम, लाइसेंस बनाने में व्यावहारिक समस्याएं आती हैं। साथ ही शिक्षा पूरी हो जाने के बाद जॉब मिलने में भी कई दिक्कतें आती हैं।
इशारों में की बातें, हंसते-खेलते हुआ वेलकम : चारोंसदस्य मंगलवार रात को उदयपुर पहुंचे। इस दौरान मेवाड़ डीफ सोसायटी के सदस्य जो खुद मूक-बधिर हैं, ने रातभर इशारों में बातें कीं। सोशल मीडिया पर समस्याएं भी बताईं। सुबह चेटक सर्कल के पास सभी सदस्यों को माला पहनाकर उनका वेलकम किया गया। इस दौरान समिति के अध्यक्ष पीयूष सनाढ्य, कोषाध्यक्ष कपिल जीनगर सहित कई लोग मौजूद थे।

महाविद्यालय टेबल टेनिस स्पर्धा में गर्ल्स काॅलेज सागवाड़ा ने राजसमंद को हराया

post news. सुविविकी पुरुष एवं महिला वर्ग की अंतर महाविद्यालय टेबल टेनिस प्रतियोगिता बुधवार से ऐश्वर्या कॉलेज ऑफ एजुकेशन संस्थान में शुरू हुई। उद‌्घाटन मुख्य अतिथि आर्ट्स कॉलेज की अधिष्ठाता प्रो. साधना कोठारी ने किया। अध्यक्ष प्रो. दरियाव सिंह चुंडावत ने बताया कि प्रतियोगिता में महिला महाविद्यालय, सागवाड़ा ने राजकीय महाविद्यालय, राजसमंद को हराया। सेमीफाइनल मैच एमजी कॉलेज और महिला महाविद्यालय सागवाड़ा के बीच हुआ। जिसमें एमजी कॉलेज ने महिला महाविद्यालय सागवाड़ा पर जीत हासिल की। टेबल टेनिस प्रतियोगिता में एमजी कॉलेज की टीम विजेता रही और महिला महाविद्यालय सागवाड़ा उप-विजेता रही। टेबल टेनिस पुरुष प्रतियोगिता का पहला मैच राजकीय महाविद्यालय चित्तौडग़ढ़ एवं विज्ञान महाविद्यालय के बीच हुआ। जिसमें साइंस कॉलेज विजेता रहा। दूसरे मैच में कॉमर्स कॉलेज ने लॉ कॉलेज को हराया एवं तीसरा मैच ऐश्वर्या कॉलेज एवं साइंस कॉलेज के बीच हुआ। इसमें साइंस कॉलेज विजेता रहा। अब फाइनल मैच साइंस और कॉमर्स कॉलेज के बीच गुरुवार को खेला

किशनगढ़ से अहमदाबाद तक सिक्स लेन बनने पर काटे जाएंगे 18,830 पेड़

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किशनगढ़से अहमदाबाद के मध्य सिक्स लेन बनाने का काम शुरू होने के साथ ही फोरलेन के समय लगाए गए पेड़ों को काटने का सिलसिला शुरु हो गया है। सिक्स लेन बनाने से 555 किलोमीटर में 18,830 पेड़ काटे जाएंगे। सिक्स लेन का काम शुरू होने से पहले अभी कई जगह पेड़ काटने का काम चल रहा है। फोरलेन बनाते समय जो पेड़ इसके दायरे में आए थे उनकी जगह नए पेड़ लगाए गए थे। अब सिक्स लेन बनाते समय फोरलेन के दोनों तरफ बड़े हो चुके पेड़ों को काटा जा रहा है। इस संबंध में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एचके भट्‌ट ने बताया- हम एक पेड़ के बदले दो पेड़ लगाएंगे। पेड़ लगाने का काम वन विभाग करेगा इसलिए एनएचएआई ने इसके लिए राशि वन विभाग को दे दी है।

7 चरणों में होगा सिक्सलेन का काम

राजस्थान में किशनगढ़ से गुलाबपुरा तक 90 किलोमीटर, गुलाबपुरा से चित्तौडगढ़ तक 124.87 किलोमीटर, चित्तौडगढ़ से उदयपुर बाईपास (देबारी) तक 93.50 किलोमीटर, उदयपुर बाईपास (देबारी) से उदयपुर बाईपास (काया) तक 23.88 किलोमीटर तक और उदयपुर बाईपास (काया) से गुजरात बॉर्डर तक 113.80 किलोमीटर तक निर्माण करवाया जाएगा। आगे के दो चरण गुजरात में अहमदाबाद तक होंगे।

मेडिकल डिवाइस पर अब मनमानी कीमत नहीं वसूल सकेगें निजी अस्पताल।

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post news.प्राइवेटअस्पताल अब सर्जरी में इस्तेमाल होने वाली मेडिकल डिवाइस की मनमानी कीमत नहीं वसूल सकेंगे। मेडिकल डिवाइस के लिए ‘मेडिकल डिवाइस रुल्स-2017’ के तहत लेबल पर एमआरपी के साथ डिवाइस का ब्यौरा भी लिखना होगा। लेबल पर निर्माता कंपनी का नाम पता, निर्माण तिथि, लाइसेन्स नंबर, एक्सपायरी डेट, बैच नंबर, वजन, वोल्यूम एवं मात्रा लिखना जरूरी होगा। गौरतलब है कि राजस्थान समेत देशभर में 250 निर्माण यूनिट हैं। हालांकि इसमें कार्डियक स्टेंट आर्थोपेडिक्स इंप्लांट की तरह कीमत का निर्धारण नहीं हो सकेगा।
नए कानून के तहत इन्हें अलग-अलग चार कैटेगरी ए, बी, सी डी में बांटा गया है।
ड्रगकंट्रोलर (सैकंड) अजय फाटक के अनुसार कानून के तहत डिवाइस को 4 कैटेगरी (लो रिस्क), बी (लो मोडरेट रिस्क), सी (मोडरेट हाई रिस्क) तथा डी (हाई रिस्क) में रखा है। पेशेंट केयर सुरक्षा के हिसाब से अंतरराष्ट्रीय स्तर के मापदंड तय किए हैं। बी कैटेगरी को लाइसेंस हर तरह से जांच के बाद स्टेट ऑथोरिटी तथा सी डी के लिए संेंट्रल लाइसेंसिंग ऑथोरिटी देगी।
फार्माएक्सपर्ट वीएन वर्मा का कहना है कि ‘मेडिकल डिवाइस रुल्स-2017’ एक जनवरी 2018 से प्रभावी हैं। राज्यों में पहले से कार्यरत ड्रग कंट्रोल ऑफिसरों सहायक औषधि नियंत्रक को मेडिकल डिवाइस ऑफिसर के लिए नोटिफाइड करना होगा जिससे आसानी से कार्यवाही की जा सकेगी। जांच करने वाले को मेडिकल डिवाइस टेस्टिंग ऑफिसर के नाम से जाना जाएगा। इसके अलावा किसी तरह की गड़बड़ी, साइड इफेक्ट होने पर डिवाइस के लिए अलर्ट जारी होगा।
ये है मेडिकल डिवाइस | इंट्रायूटेराइन डिवाइस, डिस्पोजेबल हाइपोडर्मिक सिरिंज नीडिल, डिस्पोजेबल परफ्यूजन सेट, इन विट्रो डायग्नोस्टिक किट फॉर एचआईवी तथा एचसीवी, कार्डियक स्टेंट, ड्रग इल्यूटिंग स्टंट, कैथेटर्स, इंट्रा ऑक्यूलर लैन्सेज, आईवी कैन्यूला, बोन सीमेन्ट, हार्ट वाल्व, इंटरनल प्रोस्थेटिक रिप्लेसमेंट, स्केल्प वेन सेट, आर्थोपेडिक इंप्लांट तथा एब्लेशन डिवाइस है।

लेकसिटी में आने लगा लेह लद्दाख की सर्दी का मजा – अभी और बढ़ेगी सर्दी

उदयपुर। नए साल के साथ ही लेकसिटी को सर्दी ने अपना पूरा अहसाह करा दिया। एक जनवरी से ही परा लगातार गिरते हुए 3.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुच गया। अगर जगहों जैसे गुलाब बाग़. समोर बाग़ या शहर के आसपास जैसी जगह का तापमान की बात करें तो 3 डिग्री तक पहुच गया है। गुरुवार की सुबह भी अपने सर्दी के तेवर और पुरे तामझाम के साथ ही आई। गिरते तापमान ने मोर्निंग वाक करने वालों की संख्या में भी कमी ला दी है।
अधिकतम तापमान गिरने से दिन में भी सर्दी और गलन का अहसास पूरा बना हुआ है। हालाँकि अभी भी दिन में धुप में राहत मिल ही जाती है। मोसम विशेषज्ञों की माने तो आने वाले दिनों में दिन का तापमान और अधिक गिर सकता है जिससे रात और सुबह में होने वाली ठिठुरन का अहसास दिन में भी बना रहेगा।
सर्दी बढ़ने के साथ साथ ही बाज़ारों में जहाँ एक तरफ ऊनि और गरम कपड़ों की खरीद बढ़ गयी है वहीँ घरों में अलाव और रूम हीटर जलने लगे है। काफी स्कूलों की छुट्टियां होने से बच्चों को अभी इस ठंडक से राहत है।
अचानक सर्दी बढ़ने से फतहसागर, रानी रोड, गुलाबबाग, सहेलियों की बाड़ी, सुखाड़िया सर्कल, सुखाड़िया समाधि सहित शहर के अन्य प्रमुख पार्कों, मार्गों पर मॉर्निंग और इवनिंग वॉक करने वाले लोगों की भी संख्या में कमी आई। इन स्थानों पर आम दिनों के मुकाबले सुबह-शाम चहल पहल कम रही।