स्वच्छता में खुद को रेंकिंग देने से पहले एक बार जनता का दर्द भी देख लें सुन ले उदयपुर नगर निगम

उदयपुर। स्वच्छता की रेंकिंग के लिए उदयपुर नगर निगम ने खुद को भले 70 प्रतिशत से ज्यादा नंबर देदिए हो लेकिन असल हालत कुछ और ही है। नगर निगम में शिकायत करने पर भी कारवाई नहीं हो रही तो शोशल मीडिया पर शहरवासी गली मोहल्लों की गन्दगी की फोटो पोस्ट कर महापौर और पार्षदों से जवाब मांग रहे है। सफाई का यह आलम है कि चाहे नगर निगम कितने भी दावे करे लेकिन कई वार्डों की हालत खराब है। घर घर कचरा निस्तारण शहर के कई हिस्सों में नहीं हो रहा है जिसकी शिकायत के बाद भी कोई कारवाई नहीं है।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत उदयपुर शहर की रेंकिंग होने वाली है। पिछले वर्ष यह सुन्दर शहर काफी पिछड़ गया था लेकिन इस वर्ष सुधार के दावे करते हुए उदयपुर नगर निगम ने अपने आपको १४०० में से १०१७ अंक दिए है और शहर स्वच्छ होने का दावा किया है। नगर निगम के इस दावे की पोल शहर वासियों द्वारा फेसबुक और whatsapp पर की गयी पोस्ट खोलती है कि शहर में कितनी सफाई हो रही है।

वार्ड 22 जीतू केदावत की फेसबुक पोस्ट .

वार्ड २२ के रहने वाले जीतू केदावत ने अपनी फेसबुक पोस्ट में वार्ड की सड़कों पर कीचड़ आदि के फोटो पोस्ट कर अपनी कोलोनी का दर्द उजागर करते हुए लिखा।
“वार्ड 22 हिरण मगरी सेक्टर 8 की दुर्दशा देखीए शहर के बीचो बीच स्मार्ट सिटी उदयपूर मे एक एसी कोलोनी जिसका विकास 20 वर्ष से नहीं हो पाया है। कहने को यू आईटी है नगर निगम हे मगर आज बीजेपी का बोर्ड बनने के बाद कभी कोई अधिकारी तो बहुत दूर की बात वार्ड पार्षद भी सूध लेने को तैयार नहीं”
250 लोगो ने सभी विभागो मे शिकायत कर दी पर कोई ध्यान नहीं दे रहा ना रोड है ना नालीया कच्ची बस्ती भी इससे सून्दर है। 4 साल से पार्षद हो या अधिकारी सिर्फ टालने का कार्य जरूर किया है। रोड नहीं नाली नहीं रोड लाईट तक नहीं है। कोलोनी मे चोरो का आतन्क है पार्षद साहब का बोर्ड जरूर साफ सूथरा है ”

इसके अलावा एक शहर वासी कपिश भल्ला ने वार्ड 48 में फैली अव्यवस्थाओं को उजागर करते हुए फेसबुक पर नगर निगम से जवाब माँगा
कपिश भल्ला ने लिखा है –

वार्ड 48 , कपिश भल्ला की फेसबुक पोस्ट से .

ऐसे कैसे चलेगा।
पुर्ण उदयपुर को अगर स्मार्टसिटी के तमगे से एक बार जो ओर नवाज़ा गया उसमे 55 वार्डो का सहयोग है तो वार्ड 48 का महा सहयोग है पुर्ण वार्ड 48 के क्षेत्रवासियों ने श्री पाषर्द महोदय को एक मात्र मिले संवैधानिक अधिकार मताधिकार का प्रयोग कर जीत का सेहरा बंधाया ओर आज वही बाराती यानी क्षेत्रवासी वार्ड में उपजी समसयाओ से झुंज रहे है लगभग पिछले 6 दिन से बडिहोली मुख्यमार्ग पर बिन बरसात के ये नज़ारा देखने को मिल रहा है इसी मार्ग से पार्षद महोदय भी अपने जीविकोपार्जन के स्थान यानी नोकरी करने जाते है परंतु क्षेत्रवासियों को समसया से निजात नहीं दिला रहे है क्षेत्र के सभी व्यवसायी भी इस समस्या से परेशान है दुकानों के बाहर खड़े ग्रहाको को आने जाने वाले वाहन छींट जाते है दुकान में आने वाले ग्रहाक दुकान को गंदी कर रहे है समस्या को क्षेत्रवासियों में आक्रोश है कृपाकर समस्या से निजात प्रदान करा क्षेत्रवासियों को अनुग्रहित करे

ward 48

नगर के 55 वार्ड है और इन्हीं 55 में से एक वार्ड नंबर 48 जहां सब कार्य नियमों के तहत होते रहते हैं पर जब भी कुछ होता है तब क्षेत्रवासियों को एक अजीब नजारा देखने को मिलता है अब इन फोटो को ही देखिए कुछ दिन से ठेकेदार के द्वारा चौधरियों की गली में नाली का निर्माण का कार्य किया जा रहा था और नाली का निर्माण भी कर दिया गया लेकिन क्षेत्रवासियों को पानी की समस्या से ना झुझना पढ़े इस हेतु क्षेत्र में एक हैंडपंप लगाया गया जिसे नाली नाली निर्माण की बची खुची सामग्री से ढक दिया गया जिससे क्षेत्रवासी हैंडपंप द्वारा पानी नहीं भर पा रहे हैं कृपा कर हैंडपंप को इस सामग्री से स्वतंत्र करावे
यह सिर्फ उदाहरण है ऐसे कई पोस्ट कई फोटो लोगों ने उदयपुर नगर निगम को समर्पित किये है जो शहर की अव्यवस्थाओं और गन्दगी की गाथा गातें है।

खीर में नशीला पदार्थ मिलाकर पुजारी ने किया दुष्कर्म – अश्लील फोटो खींच करता था ब्लेकमेल

post . सोजत पाली मंदिर के पुजारी द्वारा प्रसाद खीर में नशीला पदार्थ खिलाकर एक विवाहिता के साथ दुष्कर्म करने और मोबाइल से आपत्तिजनक फोटो खींच कर धमकियां देने का मामला सामने आया है। इस मामले को दबाने के लिए विवाहिता को धमकियां भी दी गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार पीडि़ता ने रिपोर्ट दी कि सोजत निवासी प्रवीण दवे एक मंदिर का पुजारी है। उसने बीते दिनों उसे घर लाकर खीर दी और उसमें कुछ नशीला पदार्थ मिला दिया। इसके बाद उसको होश नहीं रहा और नशे की हालत में उसके साथ दुष्कर्म किया। आपत्तिजनक हालत में उसके फोटो मोबाइल से भी खींचे। इसके बाद उसने मंदिर जाना छोड़ दिया तो आरोपित उसे मोबाइल पर फोटो भेज कर धमकियां देता रहा। पुलिस ने दुष्कर्म और धमकाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
पीडि़ता ने रिपोर्ट में बताया कि वह अपने पति के साथ पिछले तीन-चार वर्षों से मंदिर दर्शन करने जाती थी। एक दिन उसके पति कहीं बाहर गए हुए थे। वह मंदिर अकेली ही गई, जहां प्रवीण ने प्रसाद के रूप में खीर खिलाई। प्रसाद में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया था। लेकिन उस दिन आरोपित अपने मनसूबों में कामयाब नहीं हुआ। वह घर पहुंची तो दूसरे दिन आरोपित घर आया और धार्मिक भजन भरने का कहकर उसका मोबाइल ले गया। इसके बाद उसके नम्बर ले लिए और मोबाइल पर उसको धमकी देने लगा।
रिपोर्ट में पीडि़ता ने यह भी बताया कि 14 अक्टूबर को अनजान व्यक्ति के मोबाइल से फोनकर उसको कहा गया कि इस घटना की जनकारी किसी को दी तो उसके बच्चे का अपहरण हो जाएगा।

केरल के बाइकर पीएम मोदी को बताएंगे मूक-बधिरों की समस्याएं

post news. देशके 45 लाख मूक-बधिरों की विभिन्न समस्याएं पीएम नरेंद्र मोदी को बताकर उनका हल कराने के उद्देश्य से केरल, त्रिचूर से निकले दो बाइकर्स समूह के चार मूक-बधिर सदस्य बुधवार को उदयपुर पहुंचे। उनका मेवाड़ डीफ सोसायटी के सदस्यों ने वेलकम किया। सोसायटी के सेक्रेट्री सूरजकुमार तेली ने बताया कि जुबीन, अली, अशरफ, मुबीन चारों सदस्य बोल नहीं सकते। केवल इशारों में ही एक दूसरे से बातें करते हैं। 17 दिसंबर को चारों सदस्य वहां से निकले थे। इनकी राइड का मिशन देश के मूकबधिरों की समस्या पीएम मोदी को बताकर उसका निस्तारण करवाना है। इनका मानना है कि आम व्यक्ति की तरह उनको भी कई काम होते हैं। उनकी बस एक ही कमी है कि वो बोल नहीं पाते। केवल इशारों से बातें कर समस्या बता पाते हैं। सरकारी ऑफिस हो या अस्पताल या फिर पुलिस स्टेशन, जहां भी जाते हैं, वहां कई परेशानियां आती हैं। कई प्रकार के अन्य सरकारी काम, लाइसेंस बनाने में व्यावहारिक समस्याएं आती हैं। साथ ही शिक्षा पूरी हो जाने के बाद जॉब मिलने में भी कई दिक्कतें आती हैं।
इशारों में की बातें, हंसते-खेलते हुआ वेलकम : चारोंसदस्य मंगलवार रात को उदयपुर पहुंचे। इस दौरान मेवाड़ डीफ सोसायटी के सदस्य जो खुद मूक-बधिर हैं, ने रातभर इशारों में बातें कीं। सोशल मीडिया पर समस्याएं भी बताईं। सुबह चेटक सर्कल के पास सभी सदस्यों को माला पहनाकर उनका वेलकम किया गया। इस दौरान समिति के अध्यक्ष पीयूष सनाढ्य, कोषाध्यक्ष कपिल जीनगर सहित कई लोग मौजूद थे।

महाविद्यालय टेबल टेनिस स्पर्धा में गर्ल्स काॅलेज सागवाड़ा ने राजसमंद को हराया

post news. सुविविकी पुरुष एवं महिला वर्ग की अंतर महाविद्यालय टेबल टेनिस प्रतियोगिता बुधवार से ऐश्वर्या कॉलेज ऑफ एजुकेशन संस्थान में शुरू हुई। उद‌्घाटन मुख्य अतिथि आर्ट्स कॉलेज की अधिष्ठाता प्रो. साधना कोठारी ने किया। अध्यक्ष प्रो. दरियाव सिंह चुंडावत ने बताया कि प्रतियोगिता में महिला महाविद्यालय, सागवाड़ा ने राजकीय महाविद्यालय, राजसमंद को हराया। सेमीफाइनल मैच एमजी कॉलेज और महिला महाविद्यालय सागवाड़ा के बीच हुआ। जिसमें एमजी कॉलेज ने महिला महाविद्यालय सागवाड़ा पर जीत हासिल की। टेबल टेनिस प्रतियोगिता में एमजी कॉलेज की टीम विजेता रही और महिला महाविद्यालय सागवाड़ा उप-विजेता रही। टेबल टेनिस पुरुष प्रतियोगिता का पहला मैच राजकीय महाविद्यालय चित्तौडग़ढ़ एवं विज्ञान महाविद्यालय के बीच हुआ। जिसमें साइंस कॉलेज विजेता रहा। दूसरे मैच में कॉमर्स कॉलेज ने लॉ कॉलेज को हराया एवं तीसरा मैच ऐश्वर्या कॉलेज एवं साइंस कॉलेज के बीच हुआ। इसमें साइंस कॉलेज विजेता रहा। अब फाइनल मैच साइंस और कॉमर्स कॉलेज के बीच गुरुवार को खेला

किशनगढ़ से अहमदाबाद तक सिक्स लेन बनने पर काटे जाएंगे 18,830 पेड़

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किशनगढ़से अहमदाबाद के मध्य सिक्स लेन बनाने का काम शुरू होने के साथ ही फोरलेन के समय लगाए गए पेड़ों को काटने का सिलसिला शुरु हो गया है। सिक्स लेन बनाने से 555 किलोमीटर में 18,830 पेड़ काटे जाएंगे। सिक्स लेन का काम शुरू होने से पहले अभी कई जगह पेड़ काटने का काम चल रहा है। फोरलेन बनाते समय जो पेड़ इसके दायरे में आए थे उनकी जगह नए पेड़ लगाए गए थे। अब सिक्स लेन बनाते समय फोरलेन के दोनों तरफ बड़े हो चुके पेड़ों को काटा जा रहा है। इस संबंध में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एचके भट्‌ट ने बताया- हम एक पेड़ के बदले दो पेड़ लगाएंगे। पेड़ लगाने का काम वन विभाग करेगा इसलिए एनएचएआई ने इसके लिए राशि वन विभाग को दे दी है।

7 चरणों में होगा सिक्सलेन का काम

राजस्थान में किशनगढ़ से गुलाबपुरा तक 90 किलोमीटर, गुलाबपुरा से चित्तौडगढ़ तक 124.87 किलोमीटर, चित्तौडगढ़ से उदयपुर बाईपास (देबारी) तक 93.50 किलोमीटर, उदयपुर बाईपास (देबारी) से उदयपुर बाईपास (काया) तक 23.88 किलोमीटर तक और उदयपुर बाईपास (काया) से गुजरात बॉर्डर तक 113.80 किलोमीटर तक निर्माण करवाया जाएगा। आगे के दो चरण गुजरात में अहमदाबाद तक होंगे।

मेडिकल डिवाइस पर अब मनमानी कीमत नहीं वसूल सकेगें निजी अस्पताल।

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post news.प्राइवेटअस्पताल अब सर्जरी में इस्तेमाल होने वाली मेडिकल डिवाइस की मनमानी कीमत नहीं वसूल सकेंगे। मेडिकल डिवाइस के लिए ‘मेडिकल डिवाइस रुल्स-2017’ के तहत लेबल पर एमआरपी के साथ डिवाइस का ब्यौरा भी लिखना होगा। लेबल पर निर्माता कंपनी का नाम पता, निर्माण तिथि, लाइसेन्स नंबर, एक्सपायरी डेट, बैच नंबर, वजन, वोल्यूम एवं मात्रा लिखना जरूरी होगा। गौरतलब है कि राजस्थान समेत देशभर में 250 निर्माण यूनिट हैं। हालांकि इसमें कार्डियक स्टेंट आर्थोपेडिक्स इंप्लांट की तरह कीमत का निर्धारण नहीं हो सकेगा।
नए कानून के तहत इन्हें अलग-अलग चार कैटेगरी ए, बी, सी डी में बांटा गया है।
ड्रगकंट्रोलर (सैकंड) अजय फाटक के अनुसार कानून के तहत डिवाइस को 4 कैटेगरी (लो रिस्क), बी (लो मोडरेट रिस्क), सी (मोडरेट हाई रिस्क) तथा डी (हाई रिस्क) में रखा है। पेशेंट केयर सुरक्षा के हिसाब से अंतरराष्ट्रीय स्तर के मापदंड तय किए हैं। बी कैटेगरी को लाइसेंस हर तरह से जांच के बाद स्टेट ऑथोरिटी तथा सी डी के लिए संेंट्रल लाइसेंसिंग ऑथोरिटी देगी।
फार्माएक्सपर्ट वीएन वर्मा का कहना है कि ‘मेडिकल डिवाइस रुल्स-2017’ एक जनवरी 2018 से प्रभावी हैं। राज्यों में पहले से कार्यरत ड्रग कंट्रोल ऑफिसरों सहायक औषधि नियंत्रक को मेडिकल डिवाइस ऑफिसर के लिए नोटिफाइड करना होगा जिससे आसानी से कार्यवाही की जा सकेगी। जांच करने वाले को मेडिकल डिवाइस टेस्टिंग ऑफिसर के नाम से जाना जाएगा। इसके अलावा किसी तरह की गड़बड़ी, साइड इफेक्ट होने पर डिवाइस के लिए अलर्ट जारी होगा।
ये है मेडिकल डिवाइस | इंट्रायूटेराइन डिवाइस, डिस्पोजेबल हाइपोडर्मिक सिरिंज नीडिल, डिस्पोजेबल परफ्यूजन सेट, इन विट्रो डायग्नोस्टिक किट फॉर एचआईवी तथा एचसीवी, कार्डियक स्टेंट, ड्रग इल्यूटिंग स्टंट, कैथेटर्स, इंट्रा ऑक्यूलर लैन्सेज, आईवी कैन्यूला, बोन सीमेन्ट, हार्ट वाल्व, इंटरनल प्रोस्थेटिक रिप्लेसमेंट, स्केल्प वेन सेट, आर्थोपेडिक इंप्लांट तथा एब्लेशन डिवाइस है।

लेकसिटी में आने लगा लेह लद्दाख की सर्दी का मजा – अभी और बढ़ेगी सर्दी

उदयपुर। नए साल के साथ ही लेकसिटी को सर्दी ने अपना पूरा अहसाह करा दिया। एक जनवरी से ही परा लगातार गिरते हुए 3.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुच गया। अगर जगहों जैसे गुलाब बाग़. समोर बाग़ या शहर के आसपास जैसी जगह का तापमान की बात करें तो 3 डिग्री तक पहुच गया है। गुरुवार की सुबह भी अपने सर्दी के तेवर और पुरे तामझाम के साथ ही आई। गिरते तापमान ने मोर्निंग वाक करने वालों की संख्या में भी कमी ला दी है।
अधिकतम तापमान गिरने से दिन में भी सर्दी और गलन का अहसास पूरा बना हुआ है। हालाँकि अभी भी दिन में धुप में राहत मिल ही जाती है। मोसम विशेषज्ञों की माने तो आने वाले दिनों में दिन का तापमान और अधिक गिर सकता है जिससे रात और सुबह में होने वाली ठिठुरन का अहसास दिन में भी बना रहेगा।
सर्दी बढ़ने के साथ साथ ही बाज़ारों में जहाँ एक तरफ ऊनि और गरम कपड़ों की खरीद बढ़ गयी है वहीँ घरों में अलाव और रूम हीटर जलने लगे है। काफी स्कूलों की छुट्टियां होने से बच्चों को अभी इस ठंडक से राहत है।
अचानक सर्दी बढ़ने से फतहसागर, रानी रोड, गुलाबबाग, सहेलियों की बाड़ी, सुखाड़िया सर्कल, सुखाड़िया समाधि सहित शहर के अन्य प्रमुख पार्कों, मार्गों पर मॉर्निंग और इवनिंग वॉक करने वाले लोगों की भी संख्या में कमी आई। इन स्थानों पर आम दिनों के मुकाबले सुबह-शाम चहल पहल कम रही।

हिन्दुस्तान जिंक द्वारा दरीबा में युवाओं को खनन क्षेत्र में प्रशिक्षण के छठे बैच का शुभारम्भ।

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उदयपुर। हिन्दुस्तान जिंक के दरीबा परिसर में जम्बों ड्रील आॅपरेटर के छठे बैच का उद्घाटन किया गया जिसमें पुरे राजस्थान से चयनित 120 प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे। यह कार्यक्रम हिन्दुस्तान जिंक के तीन लोकेशन में आईआईएसडी एवं एससीएमएस के संयुक्त तत्वावधान से चलाया जा रहा है जिसमें चयनित आटीआई व डिप्लोमा उत्तिर्ण युवाओं द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त किया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिन्दुस्तान जिंक दरीबा काॅम्पलेक्स के साईट प्रेसिडेंट के सी मीणा ने की।
शुभारंभ के अवसर पर के सी मीणा, साईट प्रसीडेन्ट दरीबा ने अपने उद्बोधन में कहा ‘‘सभी प्रशिक्षणार्थी आज से ही अपने भविष्य का आधार रखने जा रहें है। आपसे अनुरोध है कि प्रशिक्षण के दौरान आप अनुशासन एवं सुरक्षा के नियमों का पुरी तरह से पालन करें। आप जीवन में पुरी ईमानदारी, मेहनत एवं लगन से नियमों का पालन करगें तो सफलता आपके कदम चुमेगी ऐसा मेरा विश्वास है, और सफलता के दरवाजे आपके लिए हमेशा खुले रहेंगें।‘‘
अपने उद्बोधन में संजय शर्मा ने कहा कि कुल 2700 युवाओं ने परीक्षा में भाग लिया जिनमें से 120 का लिखित, साक्षात्कार एवं मेडिकल परिक्षण के बाद योग्यतानुसार चयन किया गया, चयन में कटआॅफ 80 प्रतिशत रहा। यह प्रसन्नता का विषय है कि पूर्व के बैच से 136 युवाओं का टेªनिंग के दौरान ही केम्पस प्लेसमेन्ट हो गया जिनका औसत वेतन 25 हजा़र प्रतिमाह रहा। जिन मशीनों का चलाने के लिए विदेश से कुशल व्यक्ति आते है उनकी ट्ेनिंग हम यहीं पर करवा कर राजस्थान के युवाओं को अवसर प्रदान कर रहें है ।
कार्यक्रम के दौरान जम्बो ड्रील आॅपरेटर के रूप में कार्यरत प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभव बांटते हुए हिन्दुस्तान जिं़क का आभार प्रकट करते हुए कहा कि हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा प्रशिक्षण के माध्यम से वह आज कुशल आॅपरेटर हंै। इस अवसर पर नव चयनित प्रशिक्षुओ ने हिन्दुस्तान जिं़क का आभार व्यक्त किया एवं प्रशिक्षण को निष्ठा एवं लगन से पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर युवाओं के प्रोस्ताहन के साथ साथ चैथे बेैच के टाॅपर्स थे उन्हें प्रमाण पत्र के साथ साथ नगद राशि से सम्मानित किया गया।
हिन्दुस्तान जिं़क के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेशन पवन कौशिक ने बताया कि हिन्दुस्तान जिं़क वर्तमान समय की मांग के अनुसार भारत की संभवतया पहली माइनिंग एकेडमी की स्थापना के साथ देश में खनन क्षमता वर्धन में योगदान दे रहा है। यह निश्चित रूप से खनन क्षेत्र में भारत की क्षमता को बढ़ाने और देश को विकास पथ पर अग्रसर करने की ओर कदम है।
हिन्दुस्तान जिं़क की ओर से सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्किल काउन्सिल फोर माईनिंग सेक्टर तथा इण्डियन इन्स्टीट्यूट आॅफ स्किल डवलपमेंट के सहयोग से राज्य के युवाओं को खनन क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सरकार से मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्र युवाओं को अच्छा रोजगार प्राप्त करने में सहायक एवं अति महत्वपूर्ण होगा।
कार्यक्रम में संजय खटोड़ युनिट हेड राजपुरा दरीबा मांईस, सुनिल दिक्षित काॅमर्शियल हेड, अभय गौतम, हेड सीएसआर, रवि गुप्ता टे्निंग एचआर हेड, दीपक गखरेजा लोकशन एचआर हेड, राजपुरा दरीबा काॅम्पलेक्स एवं एससीएम से दिपक मिश्रा, आईआईएसडी से अंशुक तलवार उपस्थित थे ।
ज्ञातव्य रहे कि प्रषिक्षण के लिए अभ्यार्थी की शैक्षणिक योग्यता हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषा में दक्षता के साथ किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से इलेक्ट्रीशियन, फीटर, मैकेनिक, डीजल, मोटरड्राईंग एवं मैकेनिक, मैकेनिक मोटर गाडी में आई.टी.आई. अथवा मैकेनिक, आॅटोमोबाईल, माईंनिंग , इलेक्ट्रीकल में डिप्लोमाधारी हो। भारी एवं हल्के वाहन चलाने के लाईसेन्सधारी अभ्यार्थियों को प्राथमिकता दी गई थी।

प्रशिक्षण की अवधि डेढ़ वर्ष होगी। इस अवधि के पूर्व सफलतापूर्वक प्रषिक्षण करने एवं जांच परीक्षा में उत्तीर्णपरांत अभ्यार्थियों का प्रमाण पत्र के साथ-साथ देश विदेश में किन्ही भी खनन इकाईयों में आवश्यकता होने पर नियोजन हेतु मार्गदर्शन दिया जाएगा।

Electro Galvanizing… a boon for automobiles, appliances and fasteners

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Electro galvanizing is the process in which a layer of Zinc is bonded to steel in order to protect against corrosion. This process involves electroplating i.e. running a current of electricity through a saline Zinc solution with a Zinc anode and a steel conductor. Similar to sheet galvanizing, the operation is continuous and the coating thickness is minimal. Applied in a steel mill, the steel sheets or strips are fed through entry equipment into a series of washes and then rinses them into the Zinc plating bath. The corrosion protection offered by the electrodeposited Zinc layer is primarily due to the anodic potential dissolution of Zinc versus iron (the substrate in most cases). Zinc acts as a sacrificial anode for protecting the iron/steel.

Zinc plating was developed and continues to evolve, to meet the most challenging corrosion protection, temperature and wear resistance requirements. The most common applications are for automobiles, appliance bodies and fasteners. The steel sheets can be coated by electro galvanizing one or both the sides. Due to their high corrosion resistance, electrogalvanized products are recommended for numerous applications especially in the automotive industry.

Unlike hot dip galvanizing, electroplated Zinc provides – Lower thickness deposits to achieve comparable performance; Broader conversion coating availability for increased performance & colour options; and brighter, more aesthetically appealing deposits.

Hindustan Zinc is India’s only and world’s leading Zinc-Lead-Silver Producer..

Pavan Kaushik

Article by- Pavan Kaushik, Head – Corporate Communication, Hindustan Zinc

अफराजुल के हत्यारे शम्भू की मानसिक हालत की जांच हुई, एमबी हॉस्पिटल बना छावनी .

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उदयपुर। राजसमन्द जिले में बंगाली श्रमिक अफराजुल की निर्मम हत्या करने वाले आरोपी शम्भूनाथ रेगर की मानसिक हालत जांचने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया। जिसमें उदयपुर के एमबी चिकित्सालय के मानसिक रोग विभाग के एचओडी सहित 3 डॉक्टरों को उसमे शामिल किया गया है। कोर्ट के आदेश के बाद बुधवार को राजसमन्द पुलिस आरोपी शम्भूनाथ रेगर का मेडिकल चेकअप कराने के लिए जोधपुर जेल से उदयपुर के एमबी चिकित्सालय में स्थित मानसिक रोग विभाग पंहुची। इस दौरान शम्भूनाथ रेगर को कड़ी पुलिस की सुरक्षा के बीच मानसिक रोग विभाग में लाया गया । इस मौके पर उदयपुर पुलिस के आलाधिकारी के साथ कई थानो का जाब्ता और एसएचओ अस्पताल परिसर में मौजूद रहे । पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर शम्भू की जांच के दरमियान पूरे अस्पताल परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया। वहीं 3 सदस्यीय चिकित्सकों की टीम ने करीब 45 मिनिट तक शम्भू का मानसिक परीक्षण किया। इसके पश्चात राजसमन्द पुलिस शम्भू को कड़ी सुरक्षा के बीच वापस जोधपुर लेकर रवाना हो गयी। शम्भू की सुरक्षा के लिए पुलिस वेन में राजसमन्द पुलिस की क्विक रेस्पोंस टीम के 10 कमांडो भी हथियार के साथ तैनात थे। एमबी चिकित्सालय के अधीक्षक डॉक्टर विनय जोशी ने कहा की शम्भू का मानसिक चेकअप किया गया है और जिसकी रिपोर्ट आते ही राजसमन्द जिला सेशन न्यायलय में पेश कर दिया जायेगा
। गौरतलब है कि शम्भू के वकील समीर व्यास द्वारा कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र पेश किया गया था जिसमे उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं होने का हवाला दिया गया था। इसी को देखते हुए राजसमन्द कोर्ट ने शम्भू की मानसिक हालत को जांचने के लिए एक कमेटी का गठन कर उसकी मेडिकल जांच के आदेश दिए थे।
क्या था मामला :
सौ फीट रोड राजसमंद में कलक्ट्री के पास 6 दिसंबर को बंगाल के चुनाई ठेकेदार अफराजुल की गेंती से हमला कर शंभूलाल रेगर ने नृशंस हत्या कर दी। आरोपित शंभू ने उसके भांजे से घटना का लाइव वीडियो बनवाया। इसके अलावा हर लवजिहादी का यही हश्र करने की धमकी भरे पांच अन्य वीडियो भी बनाए, जिसे घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। नृशंस हत्या के लाइव वीडियो से लोगों में सनसनी फैल गई। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने दो दिन राजसमंद में इंटरनेट भी बंद कर दिए। उसी सप्ताह राजस्थान ही नहीं, बल्कि देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए।