उदयपुर। स्वच्छता की रेंकिंग के लिए उदयपुर नगर निगम ने खुद को भले 70 प्रतिशत से ज्यादा नंबर देदिए हो लेकिन असल हालत कुछ और ही है। नगर निगम में शिकायत करने पर भी कारवाई नहीं हो रही तो शोशल मीडिया पर शहरवासी गली मोहल्लों की गन्दगी की फोटो पोस्ट कर महापौर और पार्षदों से जवाब मांग रहे है। सफाई का यह आलम है कि चाहे नगर निगम कितने भी दावे करे लेकिन कई वार्डों की हालत खराब है। घर घर कचरा निस्तारण शहर के कई हिस्सों में नहीं हो रहा है जिसकी शिकायत के बाद भी कोई कारवाई नहीं है।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत उदयपुर शहर की रेंकिंग होने वाली है। पिछले वर्ष यह सुन्दर शहर काफी पिछड़ गया था लेकिन इस वर्ष सुधार के दावे करते हुए उदयपुर नगर निगम ने अपने आपको १४०० में से १०१७ अंक दिए है और शहर स्वच्छ होने का दावा किया है। नगर निगम के इस दावे की पोल शहर वासियों द्वारा फेसबुक और whatsapp पर की गयी पोस्ट खोलती है कि शहर में कितनी सफाई हो रही है।

वार्ड २२ के रहने वाले जीतू केदावत ने अपनी फेसबुक पोस्ट में वार्ड की सड़कों पर कीचड़ आदि के फोटो पोस्ट कर अपनी कोलोनी का दर्द उजागर करते हुए लिखा।
“वार्ड 22 हिरण मगरी सेक्टर 8 की दुर्दशा देखीए शहर के बीचो बीच स्मार्ट सिटी उदयपूर मे एक एसी कोलोनी जिसका विकास 20 वर्ष से नहीं हो पाया है। कहने को यू आईटी है नगर निगम हे मगर आज बीजेपी का बोर्ड बनने के बाद कभी कोई अधिकारी तो बहुत दूर की बात वार्ड पार्षद भी सूध लेने को तैयार नहीं”
250 लोगो ने सभी विभागो मे शिकायत कर दी पर कोई ध्यान नहीं दे रहा ना रोड है ना नालीया कच्ची बस्ती भी इससे सून्दर है। 4 साल से पार्षद हो या अधिकारी सिर्फ टालने का कार्य जरूर किया है। रोड नहीं नाली नहीं रोड लाईट तक नहीं है। कोलोनी मे चोरो का आतन्क है पार्षद साहब का बोर्ड जरूर साफ सूथरा है ”
इसके अलावा एक शहर वासी कपिश भल्ला ने वार्ड 48 में फैली अव्यवस्थाओं को उजागर करते हुए फेसबुक पर नगर निगम से जवाब माँगा
कपिश भल्ला ने लिखा है –

ऐसे कैसे चलेगा।
पुर्ण उदयपुर को अगर स्मार्टसिटी के तमगे से एक बार जो ओर नवाज़ा गया उसमे 55 वार्डो का सहयोग है तो वार्ड 48 का महा सहयोग है पुर्ण वार्ड 48 के क्षेत्रवासियों ने श्री पाषर्द महोदय को एक मात्र मिले संवैधानिक अधिकार मताधिकार का प्रयोग कर जीत का सेहरा बंधाया ओर आज वही बाराती यानी क्षेत्रवासी वार्ड में उपजी समसयाओ से झुंज रहे है लगभग पिछले 6 दिन से बडिहोली मुख्यमार्ग पर बिन बरसात के ये नज़ारा देखने को मिल रहा है इसी मार्ग से पार्षद महोदय भी अपने जीविकोपार्जन के स्थान यानी नोकरी करने जाते है परंतु क्षेत्रवासियों को समसया से निजात नहीं दिला रहे है क्षेत्र के सभी व्यवसायी भी इस समस्या से परेशान है दुकानों के बाहर खड़े ग्रहाको को आने जाने वाले वाहन छींट जाते है दुकान में आने वाले ग्रहाक दुकान को गंदी कर रहे है समस्या को क्षेत्रवासियों में आक्रोश है कृपाकर समस्या से निजात प्रदान करा क्षेत्रवासियों को अनुग्रहित करे

नगर के 55 वार्ड है और इन्हीं 55 में से एक वार्ड नंबर 48 जहां सब कार्य नियमों के तहत होते रहते हैं पर जब भी कुछ होता है तब क्षेत्रवासियों को एक अजीब नजारा देखने को मिलता है अब इन फोटो को ही देखिए कुछ दिन से ठेकेदार के द्वारा चौधरियों की गली में नाली का निर्माण का कार्य किया जा रहा था और नाली का निर्माण भी कर दिया गया लेकिन क्षेत्रवासियों को पानी की समस्या से ना झुझना पढ़े इस हेतु क्षेत्र में एक हैंडपंप लगाया गया जिसे नाली नाली निर्माण की बची खुची सामग्री से ढक दिया गया जिससे क्षेत्रवासी हैंडपंप द्वारा पानी नहीं भर पा रहे हैं कृपा कर हैंडपंप को इस सामग्री से स्वतंत्र करावे
यह सिर्फ उदाहरण है ऐसे कई पोस्ट कई फोटो लोगों ने उदयपुर नगर निगम को समर्पित किये है जो शहर की अव्यवस्थाओं और गन्दगी की गाथा गातें है।


post news. सुविविकी पुरुष एवं महिला वर्ग की अंतर महाविद्यालय टेबल टेनिस प्रतियोगिता बुधवार से ऐश्वर्या कॉलेज ऑफ एजुकेशन संस्थान में शुरू हुई। उद्घाटन मुख्य अतिथि आर्ट्स कॉलेज की अधिष्ठाता प्रो. साधना कोठारी ने किया। अध्यक्ष प्रो. दरियाव सिंह चुंडावत ने बताया कि प्रतियोगिता में महिला महाविद्यालय, सागवाड़ा ने राजकीय महाविद्यालय, राजसमंद को हराया। सेमीफाइनल मैच एमजी कॉलेज और महिला महाविद्यालय सागवाड़ा के बीच हुआ। जिसमें एमजी कॉलेज ने महिला महाविद्यालय सागवाड़ा पर जीत हासिल की। टेबल टेनिस प्रतियोगिता में एमजी कॉलेज की टीम विजेता रही और महिला महाविद्यालय सागवाड़ा उप-विजेता रही। टेबल टेनिस पुरुष प्रतियोगिता का पहला मैच राजकीय महाविद्यालय चित्तौडग़ढ़ एवं विज्ञान महाविद्यालय के बीच हुआ। जिसमें साइंस कॉलेज विजेता रहा। दूसरे मैच में कॉमर्स कॉलेज ने लॉ कॉलेज को हराया एवं तीसरा मैच ऐश्वर्या कॉलेज एवं साइंस कॉलेज के बीच हुआ। इसमें साइंस कॉलेज विजेता रहा। अब फाइनल मैच साइंस और कॉमर्स कॉलेज के बीच गुरुवार को खेला
किशनगढ़से अहमदाबाद के मध्य सिक्स लेन बनाने का काम शुरू होने के साथ ही फोरलेन के समय लगाए गए पेड़ों को काटने का सिलसिला शुरु हो गया है। सिक्स लेन बनाने से 555 किलोमीटर में 18,830 पेड़ काटे जाएंगे। सिक्स लेन का काम शुरू होने से पहले अभी कई जगह पेड़ काटने का काम चल रहा है। फोरलेन बनाते समय जो पेड़ इसके दायरे में आए थे उनकी जगह नए पेड़ लगाए गए थे। अब सिक्स लेन बनाते समय फोरलेन के दोनों तरफ बड़े हो चुके पेड़ों को काटा जा रहा है। इस संबंध में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एचके भट्ट ने बताया- हम एक पेड़ के बदले दो पेड़ लगाएंगे। पेड़ लगाने का काम वन विभाग करेगा इसलिए एनएचएआई ने इसके लिए राशि वन विभाग को दे दी है।
post news.प्राइवेटअस्पताल अब सर्जरी में इस्तेमाल होने वाली मेडिकल डिवाइस की मनमानी कीमत नहीं वसूल सकेंगे। मेडिकल डिवाइस के लिए ‘मेडिकल डिवाइस रुल्स-2017’ के तहत लेबल पर एमआरपी के साथ डिवाइस का ब्यौरा भी लिखना होगा। लेबल पर निर्माता कंपनी का नाम पता, निर्माण तिथि, लाइसेन्स नंबर, एक्सपायरी डेट, बैच नंबर, वजन, वोल्यूम एवं मात्रा लिखना जरूरी होगा। गौरतलब है कि राजस्थान समेत देशभर में 250 निर्माण यूनिट हैं। हालांकि इसमें कार्डियक स्टेंट आर्थोपेडिक्स इंप्लांट की तरह कीमत का निर्धारण नहीं हो सकेगा।
