आर्य-अनार्य के बीच पनपा प्रेम: मोनजो-दाड़ो’’

उदयपुर, पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की ओर से आयोजित मासिक नाट्य संध्या ‘‘रंगशाला’’ में नाटक ‘‘मोहनजो-दाड़ो’’ का मंचन किया गया। जिसमें आर्य और अनार्य के बीच पनपे प्रेम के बीच युद्ध की विभीषिका ने एक अलग अनुभव दिया।

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शिल्पग्राम के दर्पण सभागार में रविवार को बिगबैग ग्रुप की ओर से कुलविन्दर बख्शीश द्वारा निर्देशित नाटक ‘‘मोहनजो-दाड़ो’’ दर्शकों द्वारा पसंद किया गया। आकर्षक सैट व कम्पोजिशन की बदौलत प्रस्तुति ने दर्शकों को बांधे रखा। नाटक मोहन जोदाड़ों काल में आर्य और अनार्य के संघर्ष के बीच पनपे प्रेम तथा उससे उत्पन्न संतान के प्रभुत्व के माध्यम से कोमल मानवीय भावनाओं को छू गया। निर्देशक कुलविन्दर ने कहानी को अच्छा ट्रीटमेन्ट दिया वहीं अभिनय कर रहे कलाकारों में बेहतर तारतम्य बन सका। नाटक में उदयपुर के रंगकर्मी व टीवी कलाकार अशोक बाँठिया ने अपने अभिनय की छाप छाड़ी वहीं नाटक में प्रकाश व्यवस्था श्रेष्ठ बन सकी। नाटक का बैकग्राउण्ड म्यूजिक दृश्यानुकूल व प्रभावी बन सका वहीं प्रकाश संयोजन ने दृश्यों में प्राणें का संचरण किया।प्रस्तुति के अंत में कलाकारों को पुष्प गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया गया।Mahen_jodaro_at_Shilpgram-2

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