
उदयपुर। आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रशासन को सीनियर छात्रों द्धारा जूनियर छात्रों की रैंगिग की भनक तक नही लगी। जब जूनियर छात्रों के परिजनों की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वेब पोर्टल पर शिकायत की तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन हरकत में आया ओर तीन छात्राओं सहित कुल नौ स्टूडेंट्स को तीन माह के लिए निलम्बित किया।
कुछ दिनों पूर्व उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कोलेज के सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्रों की जम कर रेगिंग ली। सुप्रीमकोर्ट के सख्त आदेश के बावजूद सीनियर छात्रों ने यह कृत्य मेडिकल कोलेज बेधड़क किया, मेडिकल कोलेज प्रशासन नींद में सोया रहा उसको भनक तक नहीं लगी। खोफ में जी रहे जूनियर छात्रों ने जब यह बात अपने परिजनों को बताई तब परिजनों ने इसकी शिकायत सुप्रीम कोर्ट के वेब पोर्टल पर की। सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत कारवाई करते हुए कोलेज प्रशासन को रेगिंग करने वाले सीनियर मेडिकल छात्रों के के खिलाफ कारवाई करने के आदेश दिए जिसके बाद मेडिकल कोलेज प्रशासन ने गुपचुप तरीके से कारवाई कर दी। रैगिंग मामले में लिप्त दो छात्राओं सहित कुल नौ स्टूडेंट्स को तीन माह के लिए निलम्बित करने के आदेश जारी किए गए। वहीं सभी छात्रों पर 25 – 25 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया। इस पूरे मामले में खास बात यह रही कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन की नाक के नीचे जुनियर छात्रों की रैगिंग होती रही लेकिन उन्हें भनक तक नहीं लगी। अब गुपचुप तरीके से कार्रवाई तो कर दी गई लेकिन कॉलेज के प्रींसीपल मिडिया से बातचीत करने को बचते रहे और पूरे मामले पर एंटी रैगिंग स्क्वायर्ड के इंचार्ज डाक्टर सलभ शर्मा से बात करने को कहा। लेकिन जब मिडियाकर्मियों ने उन्हें घेर लिया तो उन्होंने कहा कि जूनियर छात्रों की ओर से किसी तरह की कोई शिकायत नही की गई थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट की ओर आदेश मिलने के बाद तुरत रैगिंग करने वालों छात्र -छात्राओं के खिलाफ कार्रवाई की गई साथ ही कॉलेज के एंटी रैगिंग स्क्वायर्ड को निर्देश दिये है कि वह समय – समय पर हाॅस्टल और काॅलेज परिसर में जाकर पूरी तरह से जांच करें। इसके साथ ही उन्हांेने यह भी कहा कि जिन पर कार्रवाई की गई है उन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया है वहीं उनके अभिभावकों को काॅलेज में उपस्थित होने निर्देष भी दिए हंै। कोलेज प्रिंसिपल डॉ डीपी सिंह ने बताया कि कई बार शिकायत नहीं आती है ऐसे में किसी तरह की कोई कार्रवाई नही होती है और अब सभी को सचेत किया गया है कि किसी को कोई भी रैंगिग को लेकर सूचना मिले तो तुरंत ही सूचित करे ताकि कार्रवाई हो सके।


मिलते हुए दिखाई दे रहे हैं। वैसे तो यह असंभव है लेकिन कहते है न तस्वीरें कभी झूठ नहीं बोलती है। जीहां पिछली नौ व दस सितम्बर को राजसमंद के कांकरोली में राश्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की एक बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें संघ से जुड़ा हर कार्यकर्ता शामिल हुआ। वहीं 10 सितम्बर की बैठक के दौरान अरसे से विरोधी रहे गृहमंत्री कटारिया और प्रधान सेवक के करीबी माने जाने वाले धर्मनारायण जोशी एक साथ दिखाई दिए। यह बात सुनने में भी असंभव व असहज लगती है कि आखिर ऐसा हो कैसे सकता है क्योंकि दोनो ही धूर विरोधी सार्वजनिक रूप से भी एक दुसरे पर आरोप – प्रत्यारोप लगाते आए है और कई बार खुला पत्र जारी करके भी एक दुजे का विरोध करते दिखाई दिए है। लेकिन इस बात में भी कोई अतिशियोक्ति नहीं है कि गृहमंत्री कटारिया हर चुनावी वर्ष से ठीक पहले अपने करीबियों को दूर और विरोधियों को करीब करने के हथकण्डे अपनाते दिखाई देते हैं। लेकिन यह दरार तो काफी पुरानी है अगर ऐसा होता है तो भाईसाहब की उपलब्धियों में एक और सितारा लगाने से कोई रोक नहीं सकता है। उसके बाद से ही जोषी और कटारिया के समर्थकों में काफी सुगबुगाहट शुरू हो गई है। वैसे जोशी के समर्थकों और प्रशंषकों में भी इस बात की काफी हैरानी देखी जा रही है कि आखिर धर्मनारायण जोशी ऐसा कर कैसे सकते है । उसके बाद एक फोटो ओर वायरल हुआ है जिसमें अकबर की सभा का एक सीन दिखाया गया और अकरब और बीकानेर के पृथ्वीराज राठौड़ जिन्हे पीथल के नाम से भी जाना जाता है वह व्यंग्य भी किया गया है। वैसे प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी के कम होते तिलिस्म को देखते हुए भी हो सकता है संघ की ओर से यह प्रयास किया गया हो कि धर्मनारायण जोशी को कोई बड़ा ओहदा देकर कटारिया से दोस्ती करवाने की पहल की जा सके, यह चर्चा भी सियासी गलियारों में सोच का विशय बनी हुई है। हालाकि इस पूरे मामले पर जब उदयपुर न्यूज सम्पादक मनु राव ने भाजपा के कद्दावर नेता धर्मनारायण जोशी की राय जानी तो उन्होंने किसी भी मिलन के लिए साफ मना कर दिया और कहा कि यह सिर्फ एक संयोग था और जो भी बातें बनाई जा रही है वह कोरी अफवाह मात्र है।








उदयपुर। शहर के हिरण मगरी थाना क्षेत्र में सोमवार तड़के आग लगने से हड़कम्प मच गया । हिरण मगरी के सेक्टर छह इलाके में एक भंगार के गोदाम में भयानक आग लग गई। आग इतनी खतरनाक थी कि देखते ही देखते सभी छह दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया और सभी दुकाने पूरी तरह से जलकर खाक हो गई। आगजनी की सूचना मिलते ही बड़ी तादाद में क्षेत्र के लोग मदद के लिए मौके पर पहुंच गए। लेकिन आग की भयावहता के चलते उनके सारे प्रयास भी विफल ही दिखाई दिए। मौके पर इक्कठा हुए लोगों द्वारा इसकी सूचना दमकल विभाग को दी गई । क्षेत्रवासियों की सूचना पर मौके पर पहुंची दमकल की 6 गाड़ियों ने आग बुझाने का काम किया। करीब 3 से 4 घंटे की मशक्कत के बाद इस भयानक आग के ऊपर दमकल विभाग की टीम ने काबू पाया। लेकिन तब तक तो आग में भंगार की 6 दुकानों को पूरी तरह से अपने आगोश में ले लिया था। शॉर्ट सर्किट से लगी आग से करीब 7 लाख रुपए का भंगार का सामान जलकर खाक हो गया।