
unconscious and super conscious experiences and their timeless assimilation in the eternal flow of life..

# Consciousness is wakefulness which include perception , thoughts, logic and reasoning.





unconscious and super conscious experiences and their timeless assimilation in the eternal flow of life..

# Consciousness is wakefulness which include perception , thoughts, logic and reasoning.




अलवर में कथित गोरक्षकों की बर्बर पिटाई से मुस्लिम शख्स की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में तीन हफ्ते में जवाब मांगा है। अदालत ने कथित गोरक्षकों की गुंडागर्दी को लेकर राजस्थान के अलावा गुजरात, झारखंड, उत्तर प्रदेश से भी विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
सुप्रीम कोर्ट ने कथित गोरक्षकों के हमलों को लेकर पहले से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए कर्नाटक सरकार को भी नोटिस जारी किया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई तीन मई को होगी। राजस्थान के अलवर जिले के बहरोड़ में गोरक्षा की आड़ में पहलू खान समेत मुस्लिम समुदाय के पांच लोगों को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया था।
बुरी तरह घायल पहलू खान की अस्पताल में मौत हो गई थी। हरियाणा के नूंह जिले के पहलू खान ने जयपुर नगर निगम से पशुपालन के लिए गायों को खरीदा था, लेकिन कागजात दिखाने के बावजूद गोरक्षा की आड़ में गुंडों ने उनकी बर्बर पिटाई की थी।
जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया. इस मामले में अगली सुनवाई अब तीन मई के बाद होगी.
इस याचिका में पूनावाला ने गोहत्या और उससे जुड़ी हिंसा के 10 मामलों का जिक्र किया था. इसमें पूनावाला ने अलवर में 55 साल के एक आदमी की हत्या का भी हवाला दिया था.
पूनावाला ने अपनी याचिका में गोरक्षकों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार इन्हें नियंत्रित करने में बिल्कुल अप्रभावी साबित हो रही है. पूनावाला ने कहा है कि बीजेपी शासित राज्यों में गोरक्षकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है.

उदयपुर। दिग्गज धातु खनन उद्योगपति एवं वेदान्ता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल राजस्थान दिवस समरोह में शिरकत होने के लिए सीधे विदेश से जयपुर आये हैं। श्री अग्रवाल राजस्थान दिवस समारोह के स्टेट अतिथि रहे।
अनिल अग्रवाल की राजस्थान में दो बड़ी कंपनियाॅं हिन्दुस्तान जिंक एवं केयर्न इण्डिया भारत एवं विष्व में खनन उत्पादन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। केयर्न इण्डिया भारत में 30 प्रतिषत कच्चे तेल का उत्पादन करती है।
ज्ञातव्य रहे कि श्री अनिल अग्रवाल की वेदान्ता रिसोर्सेज दुनिया की सबसे बड़ी धातु एवं खनन कंपनियों में से एक है जो जस्ता, तांबा, लौह अयस्क, बिजली, एल्यूमिनियम और ऊर्जा उत्पादन करती है। लंदन स्टाॅक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कंपनी वेदान्ता लिमिटेड को नियंत्रित करती है जिसकी भारत, अफ्रीका और आयरलैण्ड में विभिन्न कंपनियाॅं स्थापित है। वेदान्ता के कारोबार में हिन्दुस्तान ज़िंक, जिं़क इंटरनेषनल, स्काॅर्पीन जिं़क, स्टरलाइट काॅपर, सेसा गोवा, केयर्न इण्डिया, टीएसपीएल एवं एल्यूमिनियम उद्योग बालको और वैल शामिल है। वेदान्ता समूह ने विदेषी पूंजी अर्जित कर भारत में निवेष किया है।

राजस्थान के सीकर जिले के छोटे से कस्बे रींगस के श्री अनिल अग्रवाल ने विष्व के औद्योगिक पटल पर अपनी अनूठी उद्यमिता की धाक जमाते हुए श्री अग्रवाल खनिज एवं धातु व्यापार में तेजी से प्रगति करते हुए आज एक अत्यन्त सफल एवं अनुकरणीय व्यक्तित्व हैं ।
उदयपुर . वेदान्ता के निदेशक मण्डल ने कंपनी के शेयरधारकों को वित्तीय वर्ष 2016-17 में 1770 प्रतिशत द्वितीय अंतरिम लाभांश देने की घोषणा की है जो 1 रूपये के प्रति इक्विटी शेयर पर 17 रुपये 70 पैसे है। अंतरिम लाभांष की रिकाॅर्ड तिथि 12 अपै्रल, 2017 है।
इसके अलावा, निदेषक मण्डल ने केयर्न इण्डिया के शेयरधारकों को 17 रुपये 70 पैसे प्रति इक्विटी शेयर लाभांष देने की मंजूरी दी है, जो वेदान्ता लिमिटेड और केयर्न इण्डिया लिमिटेड के बीच व्यवस्थित योजना के अनुसार कंपनी के शेयरधारक बनेंगे। योजना के प्रभावित होने के बाद केयर्न इण्डिया लिमिटेड के शेयरधारकों को लाभांष भुगतान की रिकाॅर्ड तिथि निष्चित की जाएगा।
केयर्न इण्डिया के शेयरधारकों सहित कुल 6,580 करोड़ रुपये का लाभांष दिया जाएगा।

पोस्ट , इस कॉलम के जरिये होम्योपैथी फिजिशियन डॉक्टर काजल वर्मा आपको विभिन्न बीमारियों, उनके कारण तथा होम्योपैथी इलाज कितना कारगर व् किस तरह संभव है की जानकारी देंगी।
बाल या गंजापन के कारण
बालों का झड़ना या गंजेपन के कारणों को समझने के लिए, बालों के विकास और गिरावट की सामान्य प्रक्रिया को समझना महत्वपूर्ण है। बाल निरंतर विकास की एक सामान्य चक्रीय प्रक्रिया से गुजरते हैं और एक ही समय में गिरते हैं। बाल का जीवन चक्र तीन चरणों में होता हैं। विकास के पहले चरण को एनेजेन चरण के रूप में जाना जाता है, जो 2 से 6 वर्षों तक रहता है। लगभग 85% बाल का विकास एनेजेन चरण के दौरान ही होता हैं। बाल में सामान्य वृद्धि एक वर्ष में लगभग 10 सेमी होती हैं। दूसरा चरण कैटेजन चरण या संक्रमण कालीन चरण के रूप में जाना जाता है। यह लगभग 1-2 सप्ताह तक रहता है। इस चरण के दौरान, बाल 1 / 6th तक कम हो जाते है। अंतिम चरण टेलोजेन चरण या आराम चरण है। इस चरण के दौरान, बाल विकसित नहीं होते हैं। यह 5-6 सप्ताह तक रहता है। बाल के जीवन के सामान्य चरणों को ध्यान में रखते हुए, एक व्यक्ति एक दिन में करीब 40-80 बाल बाल खो देता हैं। वास्तव में जिस तरह हर व्यक्ति अपने बालों को खो देता है उसको पता भी नहीं चलता है । यह केवल तब होता है जब एक दिन में बाल गिरने की संख्या बहुत अधिक हो जाती है । अत्यधिक बाल के झड़ने के कारण हर व्यक्ति में अलग अलग होते है। किसी के खान पान में कमी जहां किसी को आवश्यक खनिजों और विटामिन का पर्याप्त स्तर नहीं मिलता है यह बाल झड़ने का एक प्रमुख कारण हो सकता है। जंक, सेलेनियम और आयरन जैसे सूक्ष्म पोषक बाल के सामान्य विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं और इन में किसी भी कमी से बाल झड़ सकते है।
अच्छे स्वास्थका न होना या किसी बिमारी का लम्बे समय तक होना भी बालों के झड़ने का कारण हो सकता है । यह बीमारी तीव्र या अस्थायी रूप से भी हो सकती है लेकिन कई बार यह लंबे समय तक चलने पर पुरानी भी हो सकती है . पुरुषों में, सबसे आम कारण एंड्रोजेनिक गंजापन या पुरुष पैटर्न गंजापन है गंजापन की यह विविधता केवल पुरुषों में मौजूद होती है और परिवारों में चलती होती है। यह टेस्टोस्टेरोन से अधिक होने की वजह से होता है, जिसके परिणामस्वरूप पूरे शरीर में बाल विकास बढ़ जाता है, लेकिन सिर पर बाल गिर जाता है। पुरुष पैटर्न की गंजापन में, बालों के झड़ने मुख्य रूप से सामने के हिस्से से होते है और पीछे वाले भाग की अपेक्षा सिर के ऊपर अधिक होते है। खोपड़ी में फंगल संक्रमण भी गंजेपन का कारण हो सकता है। सक्रमण के कारण भी अलग अलग हो सकते है जिसकी वजह से बाल झाडना शुरू हो जाते है .

गंजापन या बालों के झड़ने का उपचार
इससे पहले कि हम बालों के झड़ने के उपचार की बात करते हैं, कुछ को कुछ बुनियादी चीजों को समझने की आवश्यकता है। जैसा कि बाल गिरने के कारणों के बारे में ऊपर बताया जा चुका है, इस समस्या के विभिन्न कारण हैं। गंजापन का इलाज हर समस्या के कारण के अनुसार अलग अलग होता है।
ऐसे मामलों में जहां ओर्ग्रोजेनिक कारणों के कारण गंजापन हो रहा है, इसे में गंजापन दूर करना लगभग असंभव है । लेकिन इसे मामलों में अगर सही समय पर ध्यान दिया जाय तो बालों को झाड़ने से रोका जासकता है . कई बार भ्रामक इलाज बता कर लोगों को भ्रमित भी किया जाता है जिससे हमेशा सावधान रहने की आवश्यकता है .
अन्य मामलों में, जहां समस्या कुछ फंगल संक्रमण या कुछ प्रणालीगत मुद्दों या खराब स्वास्थ्य की वजह से होती है, उसका इलाज निश्चित तौर पर संभव है और यहां तक कि खोए हुए बाल वापस प्राप्त किये जा सकते है।
हेयरफ्लो के इलाज में होम्योपैथी की भूमिका
होम्योपैथी बाल गिरने या गंजापन या बाल झड़ने के इलाज में बहुत प्रभावी है। बालों के लिए होम्योपैथिक दवाएं न सिर्फ लक्षणों का इलाज करती हैं, बल्कि बालों के झड़ने के कारण ही उन समस्याओं का भी इलाज करती हैं जो बालों के झड़ने के मूल कारण हैं। यदि किसी संक्रमण के कारण बाल झड़ रहे है तो होम्योपैथी के जरिये इन्हें रोका जासकता है और बाल पुनः स्वाभाविक स्थिति में आसकते है . होम्योपैथी इलाज के दोरान रोगी के बालों के झड़ने या कम होने के मूल कारणों को खोजा जाता है उसके बाद ही चिकित्सक तय करता है कि रोगी का इलाज किस तरह संभव है .
कई बार बाल झाड़ने को लेकर रोगी काफी तनाव में भी रहता है और एक अच्छा होम्योपैथी चिकित्सक रोगी के तनाव को दूर करने के साथ साथ उसका इलाज भी करता है .
इस लेख के जरिये हम यह बताना चाहते है कि अगर आपके बाल झड़ रहे है तो तनाव में नहीं आकर एक अच्छे होम्योपैथी फिजिशियन से सलाह लेनी चाहिए . क्यूँ की बालों के झाड़ने और गंजेपन को दूर करने का कारगर नुस्खा होम्योपैथी में छिपा हुआ है .
उदयपुर। पर्यटन नगरी उदयपुर एक बार शर्मसार हो गया । हनुमान घाट पर एक विदेशी युवती के साथ मसाज पार्लर पर छेड़छाड़ का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
अतिथि देवो भव के संस्कार को लज्जित करते हुए उदयपुर एक बार फिर शर्मसार हुआ है। विदेशी युवती की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लेलिया है।
जानकारी के अनुसार अम्बामाता थाना क्षेत्र में पिछोला झील किनारे हनुमान घाट पर भारती मसाज पार्लर संचालित है। सोमवार को आस्ट्रिया की रहने वाली बियंका नाम की युवती इस मसाज पार्लर पर एक्युपंक्टर एवं मसाज कराने गयी थी। मसाज के दौरान पार्लर के संचालक राजेंद्र शर्मा ने गलत नियत से उसके शरीर पर छेड़कानी करते हुए उसके प्राइवेट पार्ट के साथ अश्लील हरकत कर डाली। जिस पर विदेशी युवती ने इसका विरोध किया।
गुस्साई विदेशी युवती ने अम्बामाता थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई मामला विदेशी सैलानी का होने के चलते पुलिस ने इस त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राजेन्द्र शर्मा को हिरासत में ले लिया है। पुलिस की आरोपी राजेन्द्र शर्मा से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। आस्ट्रिया की रहने वाली यह विदेशी बाला पिछले 2 महीने से उदयपुर में एक दोस्त के यहाँ आई हुई थी, अपने साथ हुए अभद्र व्यवहार को लेकर आहत विदेशी युवती पुलिस से इस मामले में कड़ी कारवाही की मांग की है। थानाधिकारी चंद्र पुरोहित ने बताया की मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को तुरंत प्रभाव से पकड़ कर जाँच शुरू कर दी है।


पोस्ट . उत्तर प्रदेश में, मांस उत्पादन के खिलाफ की गई कार्यवाही, गैर-कानूनी रूप से संचालित बूचडखानों को बंद कराने से कहीं ज्यादा बडा रूप लेती जा रही है। नयी योगी सरकार की नीतियों का प्रभाव क्षेत्र बढता जा रहा है-इससे ‘‘मटन‘‘ एवं ‘‘चिकन‘‘ के साथ ही, अण्डों की उपलब्धता भी प्रभावित हो रही है।
लखनऊ में मुर्गा मण्डी एवं बकरा व्यापार संगठनों ने, बीफ व्यापार के साथ हमदर्दी प्रकट करने के उद्देश्य से, अनिश्चितकालीन हडताल की घोषणा कर दी है। भाजपा सरकार के इरादों की अनिश्चितता तथा अनेक बूचडखानों पर हुये हिंसक हमलों से पैदा हुये भय के कारण यह उद्योग ठप्प सा पड गया है।
पूरे राज्य में मांस एवं मुर्गा बाजार में, मटन तथा बॉइलर चिकन की सप्लाई में भी कमी आ गई है तथा इस स्थिति के कारण अण्डों तक की कीमतें काफी बढ गई है। नोएडा तथा गाजियाबाद जैसे कुछ शहरों के होटलों, रैस्टोरेन्टों तथा ढाबों ने, कानपुर एवं लखनऊ से मिल रही मांस आपूॢत के गंभीर संकट की खबरों के चलते, सभी मांसहारी व्यंजनों की कीमतें बढा दी हैं।
इसके साथ ही, सब्जियों की मांग आसमान छूने लगी है तथा इसके फलस्वरूप, थोक एवं खुदरा दोनों ही स्तरों पर हरी सब्जियों के भावों में एकाएक उछाल आ गया है। व्यापारियों का कहना है कि अगर हडताल के कारण लम्बे समय तक चिकन तथा बकरे के मीट मांग के उत्पादन एवं आपूॢत का संकट जारी रहता है, तो प्रोटीनयुत्त* दालों की कीमतों में जबरदस्त वृद्घि होने तथा उनके भाव २०१५ की स्थिति तक पहुँचाने की संभावना है।
चिकन तथा मटन के डीलरों द्वारा किया गया ह$डताल का आव्हान, वैध बीफ-व्यापार के समर्थन एवं एकता जताने के अलावा चौकसी रखने वाली टुक$िडयों द्वारा मटन एवं चिकन उत्पादक इकाइयों को निशाना बनाने की संभावना से उपजे डर का नतीजा भी है। इनमें से अधिकांश अनौपचारिक क्षेत्र में हैं तथा दशकों से बिना किसी लाइसैंस के चल रही हैं। मांस की दुकानों तथा फेरीवालों को डराने-धमकाने तथा आगजनी तक की खबरें भी मिली हैं तथा इन घटनाओं से, खासतौर से अल्पसंख्यक समुदाय के विभिन्न वर्गों में, आजीविका के साधनों के नष्ट होने तथा शारीरिक क्षति की आशंकाएं ब$ढती जा रही है।
मांस-व्यापार के प्रतिनिधियों को यह समझाने में परेशानी हो रही है कि मटन तथा मुर्गी उत्पादों के हजारों उत्पादकों एवं डीलरों द्वारा बिना लाइसैंस के काम करने का एक कारण यह भी है कि लखनऊ सहित, यू पी के अनेक शहरों एवं कस्बों के स्थानीय निकायों में, इन लोगों ने लाइसैंस के नवीनीकरण हेतु जो आवेदन किए थे वे सालों से धूल फाँक रहे हैं। इस स्थिति के परिणामस्वरूप, लम्बे समय से संचालित वैध प्रतिष्ठान भी अब तकनीकी रूप से अवैध श्रेणी में आ गये हैं, जबकि उनकी इस स्थिति का एक मात्र कारण स्थानीय निकायों की गैर जिम्मेदारी एवं लापरवाही तथा अधिकारियों की उदासीनता ही है।
एकाएक की गई इस कार्यवाही से सबसे ज्यादा प्रभावित बिना लाइसैंस वाले बूच$डखाने, सप्लायर तथा खुदरा विक्रेता हुये हैं तथा वे मांग कर रहे हैं कि नये मुख्यमंत्री को अपनी इस नयी नीति के बारे में स्पष्ट बयान देना चाहिये।
सरकार को उन स$डक-छाप हिन्दुत्ववादी एक्टिविस्टों पर लगाम लगानी चाहिये जो पूरे के पूरे मांस उद्योग एवं व्यापार-व्यवसाय को ज$ड-मूल से नष्ट कर देने के मूड में दिखाई दे रहे हैं। इन व्यापारियों में भैंसे के मांस के वैध निर्यातक भी शामिल हैं।
घोर भ्रमपूर्ण एवं भय का वातावरण पैदा कर देने को लेकर यू पी की नयी सरकार की भी आलोचना हो रही है क्योंकि सरकार ने ऐसी कोई गाइड लाइन जारी नहीं कीं, वैध एवं अवैध मांस-व्यापार के बीच स्पष्ट अंतर दर्शाती हों। इसके अतिरित्त*, रजिस्ट्रेशन तथा लाइसैंस-नवीनीकरण के लिये तर्कसंगत समय-सीमा भी नहीं बताई गई है।
ऐसी सूचनाएं हैं कि यू पी के अलग-अलग शहरों में उत्पादकों, ट्रांसपोर्टरों, डीलरों तथा फेरीवालों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन पूरे राज्य में स्थित अपने जैसे प्रभावित लोगों से संपर्क साधने में जुट गये हैं तथा संगठित होने की कोशिश कर रहे हैं ताकि योगी सरकार की इस क्रूर नयी नीति के खिलाफ एकजुट होकर कोई कदम उठाया जा सके।
उनका मूल विचार है कि खुद को अपने परिवारों को तथा आजीविका के स्रोत को खानपान की पवित्रता की जिम्मेवारी उठाने वाले स्वयं भू एक्टिविस्ट के हाथों नष्ट होने से बचाना है।
सत्य यह है कि कुछ सबसे ब$डी बीफ निर्यातक कम्पनियां जिनके मुखिया बहुसंख्यक समुदाय के लोग हैं, यह उम्मीद दे रहे हैं कि नई सरकार उनकी बात को पूरे ध्यान से सुनेगी।
हालिया चुनावों में भाजपा जिस भारी बहुमत से जीती है और जिस प्रकार से एक भगवाधारी साधु को मुख्यमंत्री बनाया गया है उससे ऐसा माहौल बन गया है कि सत्तारू$ढ पार्टी के सांसद व विधायक खुल कर कुछ भी कहने से डर रहे हैं हालांकि निजी तौर पर उनकी सहानुभूति मीट उद्योग के साथ है।
मौजूदा स्थिति में इस उद्योग से जु$डे कोई लोग महसूस करते हैं कि राज्य व्यापी अनिश्चित कालीन ह$डताल तथा राहत के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना ही उनके लिए एक मात्र विकल्प है।
इसी बीच सरकारी हलकों में चर्चा है कि नई दिल्ली में केन्द्रीय मंत्रियों के साथ वार्ता में आदित्यनाथ योगी ने उन्हें इस बात के लिए मना लिया है कि अमृतसर की तर्ज पर जिन पवित्र शहरों को बहु आयामी विकास के लिए चुना गया है, उसमें गोरखपुर को भी शामिल किया जाए। इस प्रकार इस लिस्ट में अब ५ शहर शामिल हो गए हैं-अयोध्या, आगरा, मथुरा, वाराणसी एवं गोरखपुर। यह देखना बाकी है कि क्या इन शहरों में धर्म क्षेत्र संंबंधी पवित्रता कायम रखने के लिए मीट के इस्तेमाल पर रोक का आदेश लगाया जाएगा।
वर्ष 2016-17 में कुल 27,157 करोड़ रुपये के लाभांष का भुगतान
जो भारतीय कंपनियों के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक
कंपनी ने 1375ः विषेष लाभांश की घोषणा
अप्रेल 2016 में स्वर्ण जयन्ती लाभांष एवं अक्टूबर 2016 में अंतरिम लाभांष के साथ वर्ष 2016-17 में भारत में सबसे अधिक लाभांष का भुगतान करने वाली कंपनी
वर्ष 2016-17 में 11,259 करोड़ रुपये सरकार के खाते में जाएंगे।
उदयपुर। हिन्दुस्तान ज़िंक के निदेशक मण्डल ने कंपनी के शेयरधारकों को 1375 प्रतिशत लाभांश देने की घोषणा की है जो 2 रूपये के प्रति इक्विटी शेयर पर 27 रुपये 50 पैसे है। हिन्दुस्तान जिंक भारत में सबसे अधिक विषेष लाभांष देने वाली कंपनी है। लाभांष रिकाॅर्ड तिथि 30 मार्च, 2017 है। आज घोषित विषेष लाभांष की राषि 13,985 करोड़ रु. है जिसमें लाभांष टेक्स भी सम्मिलित है।
हिन्दुस्तान जिंक द्वारा अपे्रल 2016 में स्वर्ण जयन्ती लाभांष एवं अक्टूबर 2016 में अंतरिम लाभांष के साथ वर्ष 2016-17 में कुल लाभांष 27,157 करोड़ होगा जो भारत में किसी भी निजी कंपनी द्वारा किये जाने वाले लाभांष भुगतान में सबसे अधिक है। इस प्रकार 11,259 करोड़ रुपये सरकार के खाते में जाएंगे।
‘‘हिन्दुस्तान जिंक के चेयरमैन श्री अग्निवेष अग्रवाल जी ने बताया कि शेयरधारियों को विषेष लाभांष का तोफा दिया जा रहा है जो कंपनी के प्रति बेहतर निष्पादन के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमें खुषी है कि हिन्दुस्तान जिं़क 2002 में विनिवेष के पष्चात् शेयरधारकों को लगातार लाभांष दिया है जिसमें टेक्स सहित 37,517 करोड़ रुपये है। हिन्दुस्तान जिं़क सदैव शेयरधारियों के बेहतर निष्पादन के लिए कटिबद्ध हैं।’’
‘‘हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सुनील दुग्गल ने बताया कि हिन्दुस्तान जिंक की सभी विस्तार योजनाएं सुचारू रूप से प्रगति पर है। कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में तत्पर है।’’
हिन्दुस्तान ज़िंक भारत का एकमात्र एवं विष्व का एकीकृत जस्ता एवं सीसा उत्पादक तथा अग्रणीय चांदी उत्पादक कंपनी है। हिन्दुस्तान जिं़क का प्रधान कार्यालय उदयपुर में, राजस्थान में रामपुरा आगुचा, सिन्देसर खुर्द, जावर, राजपुरा दरीबा एवं कायड़ में खदानंे स्थित है तथा राजस्थान में ही दरीबा, चन्देरिया एवं देबारी में कंपनी के स्मेल्टर्स स्थित है तथा उतराखण्ड राज्य में भी कंपनी के प्लांट स्थित है।
हिन्दुस्तान ज़िंक के पास 389.9 मिलियन टन संसाधन एवं भण्डार मौजूद है जिसमें उच्च ग्रेड रिजर्व औसतन 11.7 प्रतिषत जस्ता-सीसा मौजूद है। कंपनी 2003 से लगातार संसाधनों एवं भण्डारों का विकास कर रही है तथा खदानों की 25 वर्ष की आयु है।
हिन्दुस्तान जिं़क ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए कोयले पर आधारित 474 मेगावाट के कैप्टिव पावर स्थापना की है। इसके अतिरिक्त कंपनी के पास, 309 मेगावाट ग्रीन पावर, 274 मेगावाट पवन ऊर्जा सहित 35 मेगावाट वेस्ट हीट पावर मौजूद है। ज्ञातव्य रहे कि कंपनी के पास 17,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं।
उदयपुर। भाजपा के शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट शनिवार को सड़क दुर्घटना में घायल हो गए। उन्हें उदयपुर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। दुर्घटना में उनकी पत्नी और भाभी के भी चोट आयी है।
जानकारी के अनुसार भाजपा के शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट शनिवार को उनके साडू रमेश चंद्र त्रिवेदी की मौत का समाचार सुन कर पत्नी रखा भट्ट और भाभी दक्ष देवी के साथ बांसवाड़ा जिले में स्थित तलवाड़ा के लिए रवाना हुए थे। गनोड़ा से तलवाड़ा के बिच भट्ट की कार रेती के ढेर पर चढ़ गयी और पलटी खा कर दुर्घटना ग्रस्त हो गयी । एक्सीडेंट देखते ही आसपास के गाँव वालों ने तुरंत मोके पर पहुच कर कर में से सभी घायलों को बाहर निकाला और भीलूड़ा के ही प्राथमिक चिकित्सालय में पहुचाया। दुर्घटना में दिनेश भट के साथ ड्राइवर गोपाल के अलावा उनकी पत्नी रखा भट्ट और भाभी दक्ष देवी को चोटें आयी। सूचना मिलते ही आसपुर बांसवाड़ा के भाजपा के नेता व कार्यकर्ताओं की भीलूडा अस्पताल में भीड़ लग गयी। बाद में दिनेश भट्ट को उनके परिजनों के साथ उदयपुर रेफर किया गया। शाम को ७ बजे करीब उन्हें कनक हॉस्पिटल में लाया गया। संभाग के मीडिया प्रभारी चंचल अग्रवाल ने बताया की जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट, उनकी पत्नी, भाभी व् ड्राईवर को हल्की चोटें आयी है जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। गंभीर चोट नहीं है इसलिए चिंता की बात नहीं है।

15,700 करोड़ रुपये का निवेष
एंग्लो अमेरिकन डायमंड में सबसे बड़ी कंपनी ‘‘डी बीयर्स’’ के भी मालिक
उदयपुर। अनिल अग्रवाल की वाॅलकैन इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड ने एंग्लो अमेरिकन पीएलसी के शेयरों में लगभग 15,700 करोड़ रुपये का निवेष करने की घोषणा की है। वाॅलकैन अनिल अग्रवाल के परिवार की पूर्ण रूप से स्वामित्व ट्रस्ट है।
एंग्लो अमेरिकन पीएलसी दुनिया की सबसे बड़ी विविध धातु एवं खनन कंपनियों में से एक है तथा वैष्विक स्तर पर खनिज धातुओं पर आधारित प्लेटिनिम एवं डायमंड का दुनिया भर में नेत्त्व भी कर रही है। एंग्लो अमेरिकन के प्रचालन साऊथ अफ्रीका, नार्थ एण्ड साऊथ अमेरिका, आस्ट्रेलिया, एषिया और यूरोप में फैला हुआ है। यह विष्व की डायमंड में सबसे बड़ी कंपनी डी बीयर्स के मालिक भी है जो दुनिया की डायमंड एक्सप्लोरेषन, खनन एवं विपणन कंपनी है। डी बीयर्स विष्व में 30 मिलियन से अधिक कैरेट डायमंड का वार्षिक उत्पादन करती है जो विष्व में डायमंड उत्पादन का 35 प्रतिषत है।
डी बीयर्स औसतन हर साल 5.2 बिलियन डाॅलर के कच्चे डायमंड की बिक्री करती है जिसके आधे से अधिक डायमंड व्यापारी भारत के सूरत, मुम्बई, एंटवर्प, हांगकांग, दक्षिण अफ्रीका एवं दुबई में स्थित है। डि बियर्स द्वारा बेचे जाने वाले डायमंड सूरत एवं मुम्बई बाजार में आते है जहां वे छोटे एवं मध्यम डायमंड व्यापारियों और बड़ी कंपनियों को बेचा जाता है।
भारत में डायमंड का उत्पादन नहीं के बराबर है तथा भारत विष्व में डायमंड का सबसे बड़ा उपभोक्ता है, जो विष्व में डायमंड उत्पादन का 80 प्रतिषत आयात करता है, जिसका लगभग 15 बिलियन डाॅलर का आयात बिल होता है।
अनिल अग्रवाल ने कहा कि हमारे लिए यह एक आकर्षक निवेष है। उन्होंने बताया कि एंग्लो अमेरिकन उत्कृष्ट संपत्तियों एवं सुदृढ़ बोर्ड तथा प्रबंधन टीम के साथ एक महान कंपनी है जो शेयरधारक वेल्यू के लिए सुचारू रूप से संचालन कर रही है।
अनिल अग्रवाल की वेदान्ता रिसोर्सेज ने भारत में 30 बिलियन डाॅलर से अधिक विदेषी पूंजी का निवेष किया है।
अनिल अग्रवाल द्वारा एंग्लो अमेरिकन पीएलसी में लगभग 15,700 करोड़ रुपये के निवेष से भारत और अफ्रीका के साथ व्यापारिक संबंध और अधिक सुदृढ़ बनेंगे तथा तकनाॅलोजी के क्षेत्र में निवेष से रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
अनिल अग्रवाल की वंदान्ता रिसोर्सेज दुनिया की सबसे बड़ी धातु एवं खनन कंपनियों में से एक है जो जस्ता, तांबा, लौह अयस्क, बिजली, एल्यूमिनियम और ऊर्जा उत्पादन करती है। लंदन में सूचीबद्ध कंपनी वेदान्ता लिमिटेड को नियंत्रित करती है जिसकी भारत, अफीका और आयरलैण्ड में विभिन्न कंपनियां स्थापित है। वेदान्ता के कारोबार में हिन्दुस्तान ज़िंक, जिं़क इंटरनेषनल, स्काॅर्पीन जिं़क, स्टरलाइट काॅपर, सेसा गोवा, केयर्न इण्डिया, टीएसपीएल एवं एल्यूमिनियम उद्योग बालको और वैल शामिल है।