पुलिस के साये तले उदयपुर शहर में गुंडों का आतंक ( VIDEO )

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उदयपुर । उदयपुर के प्रतापनगर थाना इलाके के पायडा क्षेत्र में पिछले दिनों एक वृद्ध के साथ कुछ गुंडों द्वारा मारपीट का वीडियो आज सामने आया है । इस वीडियो में साफ़ तौर पर देख सकते हे की ये गुंडे किस तरह पुलिस की आड़ में अपनी गुंडई पर आमादा हे । दरअसल पायडा इलाके में रहने वाले एक वृद्ध व्यक्ति कुमावत का उसके पडोसी अधिवक्ता ललित जारोली से प्लाट को लेकर विवाद चल रहा है । यही इस विवाद को देखते हुए कोर्ट ने अधिवक्ता ललित जारोली को पाबन्द करते हुए पीड़ित कुमावत के पक्ष में स्टे दे रखा है । लेकिन कानून के रखवाले ललित जारोली ने न्यायलय के आदेश को ताक में रख कर अपने गुंडों द्वारा न सिर्फ पीड़ित कुमावत को धमकाया बल्कि उसकी और उसके परिजनों की जोरदार पिटाई कर दी । इस दौरान पीड़ित ने प्रतापनगर पुलिस से सहयोग की मांग की तो प्रताप नगर पुलिस थाने में तैनात एसआई विजेंद्र सिंह ने पीड़ित का सहयोग करने के बजाये गुंडों का साथ दिया । पीड़ित कुमावत पिछले कई दिनों से उन गुंडों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग को लेकर एसपी,एसएसपी और पुलिस थाने के चक्कर काट रहा है । पीड़ित का आरोप है कि पुलिस और कुछ असामाजिक तत्व मिलकर उसके घर के बाहर अवैध कब्जा करना चाहते है । जब इनकी और से इसका विरोध किया गया तो वकील ललित जारोली के इशारों पर कुछ गुण्डो ने उसके घर में घुसकर जोरदार मारपीट की । पीड़ित का कहना है कि गुंडों द्वारा उसे मकान की छत से नीचे फेंकने का भी प्लान था लेकिन परिजनों के आने से वे अपने मंसूबो में कामयाब नहीं हो पाए । पिटाई की घटना में बीजेपी के युवामोर्चे के कुछ कार्यकर्त्ता के शामिल होने की बात भी सामने आ रही है । वृद्ध के साथ पिटाई का सनसनीखेज वीडियो वायरल होने के बाद अब पुलिस के ऊपर मीडिया का दबाव बढ़ा तो पुलिस अब् 20 दिन बाद इस मामले में कार्यवाही की बात कह रही है । लेकिन इस पुरे प्रकरण से एक बात साफ़ हो गयी है कि की किस तरह उदयपुर में गुंडे खाकी की आड़ में जमीनों से जुड़े मामले निपटा रहे है।

https://youtu.be/8WiIcN-R7OM

 

 

ये हैं अच्छे दिन कैश ट्रांजक्शन पर ही नहीं , फ्री की सेवाओं पर भी अब देना होगा शुल्क

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POST. एचडीएफसी (HDFC), आईसीआईसीआई (ICICI), एक्सिस और एसबीआई (SBI) जैसे बैंकों ने अपने खाताधारकों के लिए न सिर्फ कैश ट्रांजेक्शन (नकद निकासी, जिसमें कैश जमा करना और निकालना दोनों शामिल हैं) को लेकर नए नियम बनाए हैं बल्कि कुछ और चार्ज भी लगाए हैं? जी हां. कहा जा रहा है कि नकदी के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए बैंकों द्वारा ऐसी पहल की जा रही हैं. आपको एक बार फिर से बता दें कि तय सीमा से अधिक बार कैश ट्रांजेक्शन करने पर आपको अतिरिक्त फीस देनी होगी.

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने ग्राहकों के लिए खातों में न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने को अनिवार्य बनाते हुए कहा है कि ऐसा न करने वालों पर 1 अप्रैल से पेनल्टी लगाई जाएगी. महानगरीय इलाकों में खातों के लिए न्यूनतम 5,000 रुपये, शहरी क्षेत्रों में 3,000, अर्ध शहरी क्षेत्रों में 2,000 तथा ग्रामीण इलाकों में 1,000 रुपये न्यूनतम बैलेंस रखना जरूरी कर दिया गया है. हालांकि बैंकों द्वारा ट्रांजेक्शन शुल्क वसूलने के बढ़ते विरोध के बीच सरकार हरकत में आई है. और यदि सूत्रों की मानें तो सरकार ने बैंकों से ट्रांजेक्शन शुल्क वसूलने के फैसले की समीक्षा करने का आग्रह किया है. यदि आपके सेविंग अकाउंट में 25 हजार रुपये से कम रकम है तो हर तीसरे माह में 15 रुपये SMS चार्ज के रूप में भी वसूले जाएंगे पर लेकिन बैंक 1,000 रुपये तक के यूपीआई/यूएसएसडी ट्रांजेंक्शन्स पर कोई चार्ज नहीं वसूलेगा. इसके अलावा, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से खातों में न्यूनतम बैलेंस न होने पर पेनल्टी लगाने के फैसले को वापस लेने का आग्रह किया है.  एसबीआई 1 अप्रैल से अपने सेविंग बैंक अकांउट ग्राहकों को महीने में सिर्फ 3 बार कैश फ्री में जमा करने की अनुमति देगा. इसके बाद हर बार सर्विस टैक्स के साथ 50 रुपये का चार्ज लगेगा. एक माह में दूसरे बैंक के एटीएम से तीन बार से ज्यादा कैश निकालने पर 20 रुपये की फीस देनी होगी. वहीं अगर ग्राहक एसबीआई के एटीएम से पांच से ज्यादा ट्रांजेक्शन करता है तो हर बार 10 रुपये का शुल्क लिया जाएगा.

अब यदि प्राइवेट सेक्टर के बड़े बैंक एचडीएफसी की बात करें तो इससे 4 बार से अधिक कैश निकालने पर 150 रुपये फीस चुकानी होगी. साथ ही यदि बैंक की होम ब्रांच से जमा निकासी कर रहे हैं तो भी दो लाख रुपये तक ही फ्री होगा इस के बाद कम से कम 150 रुपये या पांच रुपये प्रति 1000 रुपये पर पे करना होगा. वैसे नॉन-होम ब्रांच में फ्री लेन-देन 25,000 रुपये है. इसके ऊपर कस्टमर्स को न्यूनतम 150 रुपए या पांच रुपये प्रति 1000 रुपये की पेमेंट करनी होगी.

वहीं, आईसीआईसीआई बैंक की ओर से बदले नियम के मुताबिक, एक महीने में 4 लेन-देन के लिए कोई फीस नहीं है मगर इसके बाद प्रति 1,000 रुपये पर 5 रुपये की फीस लगेगी. थर्ड पार्टी ट्रांजेंक्शन के मामले में सीमा 50,000 रुपये प्रतिदिन की होगी. नॉन होम ब्रांच में एक महीने में पहली नकद निकासी के लिए कोई शुल्क नहीं लेगा लेकिन उसके बाद प्रति 1,000 रुपये पर 5 रुपये का शुल्क लेगा।

एक्सिस बैंक की बात करें तो नॉन-होम ब्रांच के 5 ट्रांजेंक्शन जहां बैंक ने फ्री रखे हैं. इसके अलावा, वैसे तो ग्राहकों को हर महीने 5 ट्रांजेक्शन फ्री दिए गए हैं लेकिन इसके बाद छठे लेन-देन पर भारी फीस वसूली जाएगी. कम से कम 95 रुपये प्रति लेन-देन की दर से चार्ज लगाया जाएगा. वहीं, महत्वपूर्ण बात यह है कि एक्सिस बैंक ने एक दिन में कैश जमा करने की सीमा 50,000 रुपये ही तय की है. इससे अधिक रुपया यदि आप जमा करते हैं तो प्रति 1000 रुपये पर 2.50 रुपये की दर से या प्रति ट्रांजेक्शन 95 रुपये, में जो भी ज्यादा होगा, चार्ज लिया जाएगा.

Source- khabar.ndtv.com

स्वार्थ सिद्ध करने के लिए सोशल मिडिया पर ग्रुप बनाया और उतर गए मुटठी भर लोगों को लेकर पुलिस का विरोध करने।

WhatsApp Image 2017-03-06 at 8.20.10 PMउदयपुर। शहर में पुलिस और कानून व्यवस्था को सुधरने को लेकर कुछ संगठनों ने विरोध में प्रदर्शन किया तो वहीँ पुलिस के समर्थन में भी कई संगठन खड़े हो गए और उन्होंने भी निजी स्वार्थ के चलते एक व्यक्ति द्वारा किये जा रहे पुलिस के विरोध का जम कर विरोध किया।
शहर में कानून व्यवस्था सुधारने और बढ़ रहे अपराध को कम करने की मांग को लेकर पिछले दिनों सोशल मिडिया पर “सेव उदयपुर” के बैनर तले खूब प्रचार किया जा रहा था। लेकिन इस मुहिम की हवा तब निकल गई, जब सोमवार को जिला कलेक्ट्री के बाहर मुट्ठीभर लोग ही इकट्ठे हुए। दरअसल सेव उदयपुर मुहिम के संयोजक प्रवीण रातलिया का कोई जमीन विवाद नहीं सुलटा तो रातलिया ने शहर के संगठनों और लोगों को जोड़ने के लिए स्वयंभू न्यायाधिश बनकर इस मुहिम का इजाद कर दिया। उनका मानना है कि शहर की पुलिस भुमाफियाओं और दलालों से मिली हुई है और थानों में ही अपराधों को जन्म दिया जा रहा है। जिला कलेक्ट्री के बाहर दो दर्जन लोगों की उपस्थिति ने यह साफ कर दिया कि रातलिया की इस मुहिम से शहरवासी सहमत नहीं है या सभी यह जान गए है कि रातलिया अपने निजी स्वार्थ हित के चलते सभी का सहयोग चाहते है। आज दिन में कलेक्टरी के बाहर आए इन लोगों ने जिला पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मुहिम से जुड़े सदस्यों ने कलेक्ट्री के बाहर जमा होने के बाद जिला पुलिस को कठघरे में खडा कर दिया ओर भूमाफियाओं के साथ पुलिस की मिली भगत बताते हुए पीडितों को न्याय नही मिलने की बात कही। बाद में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओपी बुनकर को ज्ञापन सौंपा ओर शहर में कानून व्यवस्था में सुधार लाने की बात कही। इतना ही नही रातलिया का आरोप था कि अपराधियों की पुलिस सहायता कर रही है पीडितों को न्याय नही मिल रहा है। रातलिया ने चेतावनी भी दी है कि तीस दिनों में बदलाव नही आता है तो सैकडों की तादात में जिला कलेक्ट्री के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा।
इधर सेव उदयपुर मुहिम के संयोजक पूरे जिले की पुलिस पर आरोप लगाते हुए पुलिस को दागदार बता रहे है वहीँ दूसरी और एक दर्जन से ज्यादा सामाजिक संगठनों ने प्रवीण रातलिया का जमकर विरोध करते हुए जिला पुलिस महानिरीक्षक और जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन भी सौंपा। सभी का कहना था कि रातलिया अपनी स्वार्थ सिद्धी के चलते लोगों को भ्रमित करके असामाजिक कृत्य कर रहे है। सभी ने रातलिया के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात
भी कही। ऐसे में व्हाट्स एप पर संचालित रोयल ग्रुप पर प्रवीण रातलिया ने सेव उदयपुर नाम से मुहिम में जुड़ने की बात कही तो कई सदस्यों ने इसका विरोध किया साथ ही भोपालपुरा सीआई चांदमल ने जब लिखा कि वर्दी मैरी दूसरी मां है उसके खिलाफ गाली कभी सहन नहीं करूंगा तो सभी सदस्यों ने सीआई की बात का समर्थन किया। बाद में प्रवीण रातलिया उस ग्रुप से हट गए लेकिन इससे पहले उन्होंने जो लिखा उससे साबित हो गया कि इस मुहिम से वह खुद की
स्वार्थसिद्धी ही चाहते थे।

पास होना है तो पहनो लाल अंडरवियर

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l_1-1488650908पूरे साल पढ़ाई करने के बाद भी एग्जाम आते ही डर लगने लगता है कि पास होंगे या नहीं। पास हो भी गए तो अच्छे नंबर आएंगे कि नहीं… और इसी डर को दूर करने के लिए किसी बच्चे के माता-पिता मीठा दही खिलाकर इम्तहान दिलाने के लिए घर से विदा करते हैं तो किसी के शुभ महूर्त और चौघड़िया देखकर।

अच्छे नंबरों की ख्वाहिश में यह टोटके हमारे और आपके घर में ही नहीं होते, बल्कि पूरी दुनिया में इन्हें अजमाया जाता है। हालांकि हमारे यहां बात दही और शक्कर पर ही खत्म हो जाती है, लेकिन दूसरे देशों में तो यह अंडरवियर के रंग, खाने और गाने तक पहुंच जाती है। आइए जानते हैं कि दुनिया भर में सफलता के लिए कैसे-कैसे टोटके अजमाए जाते हैः-

सेब से मिलती है सुरक्षा

परीक्षा के दौरान हांगकांग में सेब बहुत खाया जाता है। इतना ही एग्जाम देने वाले बच्चों के लिए सेब के दर्जनों पकवान बनाए जाते हैं। आइए इस टोटके की वजह बताते हैं। मामला ये है कि चीनी भाषा में सेब को पिंग गुओ कहते हैं। जिसका मतलब होता है  सेफ़्टी यानी सुरक्षा। इसीलिए माना जाता है कि इसे खाने से परीक्षा में सुरक्षित तौर पर पास होंगे।

बिना नहाए देते हैं परीक्षा 

दक्षिण कोरिया में मान्यता है कि अगर अच्छे नंबरों से पास होना है, तो परीक्षा से पहले नहाना नहीं चाहिए और ज्यादा मन करे तो शरीर पानी से पौंछ लें, लेकिन सिर धोना तो बिल्कुल मना है। यहां के लोग मानते हैं कि बाल धोने से दिमाग में सजो कर रखा गया सारा ज्ञान पानी के साथ बहकर बाहर निकल जाएगा और जब दिमाग खाली होगा तो परीक्षा अच्छी कैसे हो सकती है। है ना कमाल का टोटका।

सूअर काटोगे तभी पास होगे

चीन का टोटका तो और भी खतरनाक है। यहां परीक्षा से पहले भूने हुए सूअर को काटने का रिवाज है। इसमें छात्र-छात्राएं सूअर को दो बराबर भाग में काटने की कोशिश करते हैं। जो कामयाब होते हैं, माना जाता है कि वे अपनी परीक्षा पहली ही कोशिश में पास कर लेगा और जो ऐसा नहीं कर पाते, माना जाता है कि उन्हें दोबारा परीक्षा देनी पड़ेगी।

पास होना है तो पहनो लाल अंडरवियर 

लाल रंग का अंडरवियर चीन में पास होने की गारंटी माना जाता है। चीनी लोग लाल रंग को लकी मानते हैं इसलिए छात्र परीक्षा के समय लाल रंग का लाल अंडरवियर जरूर पहनते हैं। हालत ये है कि चीन में जब कोई व्यक्ति सफल होता है तो कहा जाता है, क्या आपने लाल अंडरवियर पहना है ?

अच्छी परीक्षा की जापानी गारंटी

जापान में आमतौर पर यह माना जाता है कि परीक्षा के दिन काटसुडोन यानी डीप फ्राइड पोर्क कटलेट और अंडे वाला गरम चावल खाकर जाएं इससे परीक्षा अच्छी जाती है। आजकल जापान में किटकैट चॉकलेट भी ख़ुद को लकी बताते हुए मार्केटिंग कर रही है। जापानी में किट्टो काट्टो नाम का यह चॉकलेट किट्टो काटसू शब्द से मिलता-जुलता है जिसका मतलब है निश्चित सफलता।

यहां तो एग्जाम के देवता भी हैं

नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिंगापुर और नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी जैसे एशिया के बड़े विश्वविद्यालयों में छात्र परीक्षा के दिनों की घबराहट से उबरने के लिए ख़ास देवता की पूजा करते हैं। ये देवता हैं, बेल कर्व गॉड। नेशनल यूनिवर्सिटी ने तो अपने छात्र-छात्राओं के लिए बेल कर्व गॉड की वेबसाइट, फ़ेसबुक और ट्विटर अकाउंट भी बना रखा है ताकि बच्चे ऑनलाइन प्रार्थना कर सकें।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट 

केंद्रीय विद्यालय कोटा के प्रिंसिपल शेखर कहते हैं कि एग्जाम तो तभी अच्छा होगा जब आपने पूरे साल पढ़ाई अच्छे से की हो। जो प्रॉब्लम्स बची रह गई हों उन्हें एग्जाम से पहले शॉर्टआउट कर लिया हो।

वहीं कोटा विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर और यूजीसी की रिसर्च अवार्डी डॉ. अनुकृति शर्मा कहती हैं कि टोटको से मनोवैज्ञानिक असर पड़ता है। बच्चों और उनके माता-पिता को लगता है कि दही-शक्कर खाने से परीक्षा अच्छी हो जाएगी। इससे बच्चों पर पड़ने वाला परीक्षा का मानसिक दबाव कम हो जाता है और वह बेहतर करने की कोशिश में जुट जाते हैं। हालांकि इसका एक बुरा पहलू यह है कि कुछ अभिभावक और बच्चे मेहनत से ज्यादा भरोसा टोटकों पर करने लगते हैं जिसके चलते उन्हें असफलता झेलनी पड़ती है।

मौज-शौक के लिए 14-15 साल के अपचारियों ने चुरा लिए दुपहिया वाहन

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उदयपुर . 13-14 साल की उम्र के कुछ बच्चे की मौज-शौक और उनकी फर्राटेदार अलग-अलग गाडिय़ां पुलिस की नजर में चढ़ गई। पुलिस ने हाव-भाव व गतिविधियां संदिग्ध होने पर जब उन्हें घेरा तो उसके पास चोरी के आठ दुपहिया वाहन मिले। पुलिस ने उनसे सभी गाडिय़ां बरामद कर ली है।

उपाधीक्षक गिर्वा ओमकुमार ने बताया कि थानाधिकारी रवीन्द्रसिंह चारण मय टीम पिछले कई दिनों से दुपहिया वाहन चोरों पर नजर रखे हुए थे। इस बीच, सेक्टर 14 व उसके आसपास के इलाकों में टीम के सदस्यो को कुछ बच्चों की गतिविधिया संदिग्ध लगी। पुलिस ने जब उन्हें पूछताछ करनी चाही तो वे बचने के लिए इधर-उधर होने लगे।पुलिस ने छह अपचारियों को पकड़ा तो उन्होंने  शहर के अलग-अलग इलाकों से दुपहिया वाहन  चुराना कुबूल किया। पुलिस ने अपचारियों से चार माह में चोरी की गई छह मोटरसाइकिलें और दो स्कूटी बरामद की। एक मोटरसाइकिल को अपचारियों ने औने-पौने दामों किसी को बेचना भी बताया है पुलिस अभी उससे पूछताछ में जुटी है। पुलिस ने बताया कि चोरी गई गाडि़यों के नम्बर व हुलिया बदलते हुए अपचारी उन्हें दौड़ाते हुए मौज-शौक पूरा कर रहे थे।  सभी गाडिय़ों को इन्होंने मास्टर चाबी से खोला।

शिव भक्त अब नोका में सेर कर दर्शन करेगें महाकाल के

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उदयपुर. जल्दीहीशिव भक्त फतहसागर किनारे से नाव में सवार होकर महाकाल मंदिर दर्शन करने जा सकेंगे। नगर निगम ने ठेकेदार के माध्यम से लोगों को यह सुविधा देने की तैयारी कर ली है। अभी सड़क मार्ग से मंदिर दर्शन करने पहुंचा जा रहा है। निगम ने एमएम ट्रेवल्स कंपनी को 5 साल का ठेका दिया है। उसमें मुंबइया बाजार के पास से झील के रुटीन राउंड के साथ ही महाकाल मंदिर तक नाव संचालन भी शामिल है। इसके लिए महाकाल मंदिर की तरफ भी झील में जेटी लगाने की तैयारी कर ली गई है। ठेकेदार को सालाना 1 करोड़ 1 लाख में छह मोटर बोट और 4 स्पीड बोट चलाने का ठेका दिया गया है। अगले सप्ताह तक नाव संचालन शुरू होने की उम्मीद है। डिप्टी मेयर लोकेश द्विवेदी की अध्यक्षता वाली गैराज समिति ने फतहसागर से महाकाल मंदिर तक नाव संचालन का निर्णय लिया था। उसी के तहत यह सुविधा शुरू की जा रही है।
आमतौर पर फतहसागर किनारे बड़ी संख्या में पर्यटक आते है, मगर जानकारी के अभाव में बहुत कम लोग झील किनारे स्थित महाकाल मंदिर के दर्शन के लिए पहुंच पाते हैं। नाव शुरू होने से फतहसागर आने वाले लोगों को महाकाल मंदिर दर्शन करने की तरफ रुझान बढ़ेगा। फतहसागर किनारे ट्रैफिक दबाव कम करने पर्यटकों की बसों को महाकाल मंदिर के बाहर खड़ी करवा कर वहां से पर्यटकों को फतहसागर पाल की तरफ आने की सुविधा भी दी जा सकती है।

इधर चल रही थी दुल्हन की विदाई की तैयारी उधर ट्रोले ने कुचल दिया परिवार के तीन लोगों को

u6_1488745281उदयपुर . खमनोर क्षेत्र के उनवास गांव में दूल्हे पवन पालीवाल के घर रविवार को शादी की खुशियां मातम में बदल गई। दूल्हे पवन की उदयपुर से विदाई भी नहीं हुई थी कि चाचा और परिवार के तीन लोगों की हादसे में मौत की सूचना आ गई। हालांकि परिवार की महिलाओं को शाम तक हादसे से बेखबर रखा गया, लेकिन रात नौ बजे दादा-पोते सहित परिवार के तीन लोगों के शव गठरियों में लाए तो रुदन मच गया। श्मशानघाट पर लाइटों की व्यवस्था कर तीनों का रात को एक ही चिता पर अंतिम संस्कार कर दिया।

रिटायर्ड फौजी हेमशंकर पालीवाल, उनका पोता धर्मेश और इंद्रलाल रविवार सुबह उदयपुर में पवन की शादी के फेरों के बाद होने वाली रस्मों में शामिल होने के लिए घर से मोटरसाइकिल पर निकले थे। तीनों ने घसियार के मंदिर में दर्शन किए। फिर सामने ही होटल पर चाय पीने के लिए रुक गए। उन्होंने होटल वाले को चाय पिलाने के लिए कहा ही था कि पिंडवाड़ा की तरफ से उदयपुर जाता अनियंत्रित ट्रेलर मोटरसाइकिल के साथ तीनों को कुचलते हुए आगे निकल गया।

रिश्तेदारों और समाजजनों को वारणी की भागल से एक किमी दूर गेट पर रोका गया। शव आने के बाद सभी एक साथ घर के लिए रवाना हुए। शव रात करीब नौ बजे घर लाए। महिलाओं काे कुछ देर पहले ही हादसे के बारे में बताया। इंद्रलाल खेती-बाड़ी करते थे। उनके लड़के सुरेश इंदौर से और नितिन मुंबई से गांव पहुंचे। हेमशंकर पालीवाल रिटायर्ड फौजी थे।
– सेवानिवृत्ति के बाद नाथद्वारा श्रीनाथजी मंदिर में 15 साल तक गार्ड की नौकरी भी की। वे श्रीनाथजी मंदिर में कर्मचारी के रूप में काम कर रहे थे। धर्मेश पालीवाल अंकुर पब्लिक स्कूल नाथद्वारा में 10वीं की पढाई कर रहा था। धर्मेश मिलनसार और धार्मिक प्रवृत्ति का था। धर्मेश हादसे के तीन घंटे पहले अपनी मां लक्ष्मी के साथ वारणी की भागल के पास रूपजी का गुड़ा स्थित भैरूजी के मंदिर में दूध का प्रसाद पहुंचाने गया था। हादसे से 24 श्रेणी पालीवाल समाज, पालीवाल ब्राह्मण समाज की श्रेणियों में शोक छा गया।
सड़क किनारे लोगा राम डांगी की होटल पर तीनों मृतकों के लिए चाय बना रहे 35 वर्षीय होटलकर्मी नानूराम पालीवाल ने भास्कर को हादसे का पूरा घटनाक्रम बताया। हादसे को देख वह तीन घंटे तक कांपता रहा। नानूराम ने उस वक्त चाय बना रहा था।
– सामने से आते अनियंत्रित ट्रेलर पर नजर पड़ी तो वह मृतकों की मोटरसाइकिल, टेबल-कुर्सियों को चपेट में लेते हुए होटल की तरफ आता दिखा। यह देख उसके होश उड़ गए। वह होटल के अंदर भाग गया। ट्रेलर होटल के टीनशेड को चपेट में लेते हुए उससे एक फीट दूरी से निकलकर यहां से करीब 75 फीट दूरी पर स्थित दूसरी होटल में जा घुसा। हादसे की घबराहट के कारण वह तीन घंटे तक कुछ बोल भी नहीं पाया।

पति और ससुर ने महिला के शरीर को गर्म लोहे के चिमटे से जला दिया – पुलिस ने बताई मामूली घटना

WhatsApp Image 2017-02-28 at 8.46.34 PMउदयपुर। जिस राज्य की मुख्य मंत्री महिला है जिस जिले का विधायक गृहमंत्री है उसी राज के जिले में दरिंदगी का ऐसा चेहरा सामने आया है जिसको सोचा भी नहीं जा सकता। महज एक फोन कॉल को आधार मानते हुए एक महिला को उसके ससुर और पति ने लोहे के गर्म चिमटे से पुरे शरीर को जगह जगह से दाग दिया। चेहरा, गर्दन, हाथ जांघ, यहाँ तक की गुप्तांग और वक्ष स्थल तक नहीं छोड़े और गर्म लोहे से दाग दिया। हद तो यह है कि पुलिस ने इसको मामूली आपसी घटना मानते हुए दोषियों को ले दे कर रफ दफा भी कर दिया।
अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के ठीक आठ दिन पहले दिल दहला देने वाली इस वारदात ने दूनिया के सबसे खूबसूरत शहर की फिजा में दागदार रंग घोलकर सभी को शर्मसार कर दिया। उदयपुर जिले के गोगुन्दा थाना क्षेत्र तहसील कदमाल गांव रेबारियों का गुड़ा में रहने वाली विवाहिता २२ वर्षीय झमकू ने बताया की उसका विवाह २ वर्ष पूर्व छिपल गाँव के भग्गा गमेती से हुआ था १० माह का उसका एक बेटा भी है। पिछले ७ दिनों पूर्व झमकू के मोबाइल पर किसी का कॉल आया झमकू ने उससे बात की जब पति ने उससे पूछा तो झमकू ने अनभिज्ञता जाहिर की कि उसको नहीं पता कोन है। उस नंबर पर झमकू के पति भग्गा और उसके ससुर लहरी लाल ने भी बात की। भग्गा ने झमकू पर आरोप लगाते हुए कहा की उसका उस मोबाइल पर बात करने वाले से अवैध सम्बन्ध है। इस बात को लेकर भग्गा और ससुर लहरी लाल ने झमकू की जमकर पिटाई की। इतना ही नहीं लोहे के चिमटे को गर्म करके बेकसूर झमकू को जगह – जगह से जला भी दिया। वह चींखती रही,बिलखती रही लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी। क्या पूरूष, क्या महिला,हर कोई तमाशबीनों की तरह इस मंजर को देखता रहा। आरोपी पति और ससूर उसके बदन पर तब तक आग बन चुका चीमटा दागते गए जब तक वह बेंहोश नही हो गई। चीमटे को चुल्हे से गर्म करके उसके चहरे, गर्दन, पेट, छाती, पांव ही नहीं गुप्तांगों को भी जला दिया। इस पूरी वारदात में पीड़िता की सास का भी अहम किरदार था उसने ही अपने पति और बेटे को बहू के खिलाफ भडकाकर दोनो को आक्रोशित किया। दरिन्दों के चंगुल से छुटकर फिलहाल विवाहित पीड़िता अपने पीहर तो आ गई है लेकिन उसकी हालत अभी भी दयनीय बनी हुई है। खौफ का वह मंजर पीड़िता की आंखों में अभी भी ताजा है, वह इतनी डरी हुई है कि कुछ भी बोल पाने में असमर्थ है, उसे इंसाफ तो चाहिए लेकिन बस यही भय है कि फिर से उसे प्रताड़ना नहीं दी जाए। पीहर में भी विधवा मां के साथ पीड़िता अकेली है। झमकू की हालत देख कर गांवकी महिलाओं में खासा रोष है।
झमकू के परिजनों ने बताया कि वारदात को अंजाम देने वाले इन वहशी दरिन्दों ने पीहर पक्ष वालों को बुलाकर पीड़िता को फिर कभी नहीं लाने को कहकर भेज दिया। जब पीहर पक्ष वालों को झमकू की हालात का पता चला और उन्होंने उसके घाव देखे तो उन्होंने उसके पति और ससुर से जवाब तलब किया। जवाब में झमकू का पति और ससुर उसके गाँव के कुछ लोगों के साथ आया और झमकू और उसकी मान को धमका कर चले गए कि अगर तूने थाने में रिपोर्ट करवाई तो अंजाम बुरा होगा। गाँव के जागरूक नागरिक नरपत सिंह ने गोगुन्दा थाने में फोन कर सारी कहानी बताई। लेकिन पुलिस भी रात १२ बजे उसके घर गयी और सुबह थाने में आकर रिपोर्ट देने की बात कह कर चली गयी। २६ फरवरी को झमकू परिजनों के साथ गोगुन्दा थाने में जा कर रिपोर्ट दी तो पुलिस ने आपस का छोटा मामला बताकर आरोपियों की जमानत तक कर दी। बाद में एक बार फिर भगा के गाँव के समाज के पंच भी गांव में पंहुच गए और पीड़िता के परिजनों को इतना डराया कि अब वह किसी को भी कुछ कहने को तैयार नहीं है। पति और ससूर के अत्याचारों से गम्भीर रूप से घायल हुई पीड़िता ठीक से चल भी नहीं पा रही है, आलम यह हो गया है कि पीड़िता अपने दूध मुहे बच्चें को जलने के कारण बाहर का दूध ही पिलाने को मजबूर है। पीड़िता को चीमटे से दागने की बात जैसे ही आसरा विकास संस्थान के भोजराज सिंह को लगी वे भी मौके पर पंहूचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया। महिला को हर संभव मदद की दिलासा देने के बाद उन्होने महिला आयोग की प्रदेशाध्यक्ष को दूरभाष पर पूरे मामले से अवगत करवाया और जिला पुलिस अधीक्षक को कड़ी कार्रवार्इ करने की अपील भी की।

इनका कहना …..
झमकू के साथ हुई घटना एक तरह से दरिंदगी है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की जगह पुलिस ने इसको छोटा मामला बता कर रफ दफा कर दिया जब कि पीड़िता की हालात बहुत खराब है। जितेंद्र सिंह , वार्ड पञ्च

यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस को भी अपना काम सही तरीके से तप्तीश कर करना चाहिए। भोज राज , डायरेक्टर आसार विकास संस्थान

I LOVE UDAIPUR : पिछोला किनारे नया पर्यटन केंद्र

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उदयपुर. झीलों की नगरी में नया डेस्टिेनेशन बनकर तैयार है। जहां न केवल पर्यटक झील और स्थापत्य के खूबसूरत नजारों के साथ सुनहरी यादों को अपने कैमरे में सहजेंगे, बल्कि शहरवासी अपनी सेहत भी बना सकेंगे।प्रताप बसंतीलाल चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से पिछोला रिंग रोड पर सिसारमा के समीप ईको पार्क विकसित किया  गया है। इस पार्क में आेपन जिम के साथ ही खूबसूरत पिछोला झील और सिटी पैलेस का मनमोहक नजारा दिखाई देता है। प्रकृति की गोद में बने इस पार्क का लोकार्पण सोमवार को होगा। सुबह-शाम शहरवासी इस पार्क में सेहत संवारने के लिए आेपन जिम में व्यायाम कर सकते हैं, तो दोपहर में झील किनारे ठंडी बयार के साथ खूबसूरत नजारे के साथ सुकून के पल बीता सकते हैं।

ट्रस्टी रिशित भण्डारी ने बताया कि करीब दो माह पूर्व ट्रस्ट को यूआईटी ने 60 हजार वर्ग फीट की यह भूमि सौंपी थी। इसके बाद यहां यह सुंदर पार्क विकसित किया गया। इस पार्क में 250 मीटर लम्बा एक्युप्रेशर वॉकिंग ट्रेक बनाया गया है। इस पर एक्युप्रेशर टाइलें लगवाई गई हैं। इसके साथ ही आेपन जिम के विविध उपकरण भी पार्क में स्थापित किए गए हैं।

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उदयपुर में शहरवासियों एवं पर्र्यटकों के आकर्षण का नया केन्द्र तैयार है। पिछोला की रिंग रोड पर प्रताप बसंती लाल भण्डारी चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से प्रताप पार्क बनाया गया है। इसका लोकार्पण सोमवार को होगा। पार्क  से पिछोला झील एवं सिटी पैलेस का मनोहारी नजारा देखने को मिलता है। इसमें सुबह और शाम सैर करने जाने वालों के लिए प्राकृतिक माहौल में व्यायाम करने के लिए ओपन जिम भी स्थापित किया गया है।

जैविक खाद और सौर लाइट

प्रताप पार्क में लगाए गए पौधों के लिए जैविक खाद का उपयोग किया गया है। इसके साथ ही यहां पर सौर ऊर्जा से संचालित 18 पैनल लगाए गए हैं। ये सभी लाइटें रात होने के साथ ही जल उठती है और सुबह बंद हो जाती है। पार्क के बाहर पार्र्किंग एरिया के साथ ही कई अन्य सुविधाएं विकसित की गई हैं।

आमजन को मिलेगा लाभ

प्रताप बसंतीलाल भंडारी चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से विकसित किए गए इस पार्क में आमजन नि:शुल्क प्रवेश कर सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे।  ट्रस्ट पांच वर्ष तक इस पार्क की देखरेख करेगा। पार्क में लगाई गई टाइलें रिसाइकिल स्लरी और सीमेंट की है।

युवाओं को लुभाएगा 

शहर की सुंदर झील के साथ ही एेतिहासिक इमारतों के नजारे और आई लव उदयपुर का साइन शहरवासियों को आकर्षित करेगा। यह साइन उदयपुर के लोगों के साथ ही खासकर युवाओं को मोहित करेगा।

 

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इसलिए खास है पार्क

-सोलर लाइट्स, नीम फर्टिलाइजर्स, रिसाइकल्ड सीमेंट स्लरी टाइल्स से बना ईको पार्क।

-एक्युप्रेशर वॉकिंग ट्रेक, ओपन जिम, गार्डन, मोगरा की महक।

-आई लव उदयपुर के साथ सेल्फी-ग्रुपी फोटो पॉइंट।

आधी दुनिया ने “पावर फॉर रन” में अपनी दिखाई शक्ति

1500 से ज्यादा महिलाओं ने हिस्सा लेकर दिया नारी सशक्तीकरण का संदेश

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उदयपुर। शहर की फतहसागर की पाल को मानो रविवार की खुशनुमा सुबह का ही इंतजार था। हवा के ठंडे झोंकों और पानी में आती-जाती लहरों के बीच पाल पर नारी शक्ति का संदेश देने इकट्ठा हुई 1500 से अधिक महिलाओं व युवतियों ने इतिहास रच दिया। मौका था महिलाओं की ओर से महिलाओं के लिए आयोजित ‘चिक्स कनेक्ट पावर रन मैराथन’ का। महिलाओं में जोश इतना था कि सुबह 8 बजे ही फतहसागर पाल का एक छोर नारी शक्ति के नारों से गूंज उठा। सफेद कैप में सजी महिलाओं ने ‘भारत माता की जय,’ ‘वंदे मातरम्’ सहित अन्य जोशीले नारे लगा समां बांध दिया। यहां कदम से कदम मिले और कारवां बढ़ता गया। ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन का दौर चला व उसके बाद चार-चार का समूह दौड़ के लिए तैयार हो गया।

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मुख्य अतिथि पूर्व केन्द्रीय मंत्री तथा कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री डॉ. गिरिजा व्यास ने चिक्स कनेक्ट की फाउंडर हुर्रतुल मलिका ताज, शोभागपुरा सरपंच कविता जोशी, सुधा भंडारी, पूजा भंडारी, बिंदु शर्मा, मोनिका, सोनाली मारू सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी प्रोफेशनल्स व एंटरप्रेन्योर्स की मौजूदगी में ‘पावर रन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उदयपुर सहित राजस्थान के विभिन्न जिलों व अन्य राज्यों से आईं प्रतिभागी महिलाओं ने जबर्दस्त उत्साह दिखाते हुए दौड़ के पहले पड़ाव की ओर कूच किया। कार्यक्रम के मुख्य सहयोगी इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लि.,के अलावा हेरिटेज गल्र्स स्कूल, गोल्ड एन ब्लश पॉर्लर, टेक्नो एन जे आर कॉलेज, अरनोल्ड जिम, क्वीन्स कांर्सोट, अरबन कॉपरेटिव बैंक, पी बडी, एक्शन उदयपुर टीम, इनोवेटिंग हॉस्पिटालिटी, फोर्टिस हॉस्पिटल्स रेडिसन उदयपुर, पिंक्स एंड पिचेज, वेस्ट साइड, प्रोप्स गुरु, पुकार ग्रुप , ब्रुबैरी लेनी भट्ट डांस ऐकेडमी एवं एसआईसीपीएल आदि थे।

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सेल्फी की मची होड़ :
मैराथन के पहले पड़ाव पर बने सेल्फी बूथ पर प्रतिभागी महिलाओं ने जबर्दस्त उत्साह दिखाया। फतहसागर के बेकग्राउंड तथा वहां रखे प्रोब के साथ विशेष सेल्फी प्वाइंट पर सबने सेल्फी ली जिन्हें फेसबुक पर हैशटेग चिक्स रन पर अपडोल करना था। सबसे यादगार क्षण वह रहा जब चालीस पार की महिलाओं के समूह ने हास्ययोग करते हुए सेल्फी ली।
गो ग्रीन एक्टिविटी :
इस पड़ाव को पार करते ही प्रतिभागी अगले पड़ाव की ओर रवाना हुए जिसका विषय ‘गो-ग्रीन’ था। यहां पर अपनी उपस्थित दर्ज कराते ही प्रतिभागियों ने वहां रखी बोतलों को आकर्षक ढंग से सजाया। उनमें मनी प्लांट लगाए व बोटल अपने साथ ले गए। कांसेप्ट यह था कि मनी प्लांट की तरह से लड़कियां भी जीवन के हर क्षेत्र में तरक्की करते हुए निर्बाध रूप से आगे बढ़ें।

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अंतिम पड़ाव बेहद दिलचस्प :
3.8 किलोमीटर की इस दौड़ का अंतिम पड़ाव दिलचस्प रहा। यहां पर कई टीमों के बीच मुकाबला बहुत करीबी रहा। तालियों की गडग़ड़ाहट के साथ उत्साह बढ़ाते हुए लोगों ने टीमों का स्वागत करते हुए हौसला बढ़ाया। पहले पांच स्थानों पर रही टीमों को पुरस्कार के लिए चुना गया। इसके अलावा जिन टीमों के साथी दौड़ में पीछे रह गए उनमें से भी व्यक्तिगत स्तर पर प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। यहां स्लोगन स्पर्धा भी हुई जिसमें नारी शक्ति, नारी सशक्तीकरण आदि पर प्रतिभागियों ने सुुंदर कविताएं, स्लोगन आदि लिखे।

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अंतिम पड़ाव राजीव गांधी उद्यान पर विजेताओं के पहुंचने के कुछ देर बाद तक प्रतिभागियों के आने का क्रम चलता रहा। कुछ प्रतिभागी वॉक करके भी पहुंचे। राजीव गांधी उद्यान के बाहर बने विशेष स्टेज पर पुरस्कार वितरण समारोह हुआ जिसमें प्रतिभागियों ने भी धमाकेदार प्रस्तुतियां दीं। इंडियन ऑयल कॉरर्पोरेशन लिमिटेड के सीनियर मैनेजर सुदीप्तो, हैरिटेज गल्र्स स्कूल की निदेशक सुधा भंडारी, एसआईसीपीएल की डायरेक्टर अंजु गिरी, टेक्नो एनजेआर कॉलेज की निदेशक श्रीमती मीरा सहित अन्य अतिथियों ने मैराथन की प्रथम पांच विजेताओं को पुरस्कृत किया। इसके अलावा गो ग्रीन की ओर से भी पांच पुरस्कार प्रदान किए गए। स्टेज पर बैंड अद्भुत की गीतों भरी पेशकश ‘ओ री चिरैया..अंगना में फिर आना रे..’ सबको खूब पसंद आई। थ्रिलर डांस एकेडमी की नन्जी बालिकाओं ने अपनी परफॉरमेंस से दिल जीत लिया। युवतियों व महिलाओं ने अपने अनुभव सुनाए और नारी सशक्तीकरण के नारे लगाए।