उदयपुर। अन्जुमन तालीमुल इस्लाम उदयपुर के पदाधिकारियों ने जश्ने ईद मीलादुन्नबी के दिन को सूखा दिवस घोषित कराने के लिए एडीएम सिटी शहर को एक ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रदेश में गांधी जयन्ती व महावीर जयन्ती के मौके पर सरकार द्वारा सूखा दिवस घोषित है उसी तरह ईद मिलादुन्नबी नबी के मोके पर भी राजस्थान में सुखा दिवस घोषित किया जाय।
अंजुमन के पदाधिकारियों ने बताया कि मुस्लिम समाज द्वारा बार-बार सरकार से विभिन्न तरीको से मांग व जयपुर में 21-1-2013 को शान्तिपूर्ण प्रदर्शन के बाद तत्कालीन सरकार ने आदेश क्रमांक प 4 (17) वित्त/आब/ 200 जारी कर ईद मीलादुन्नबी के मौके पर राजस्थान में सूखा दिवस घोषित किया था लेकिन सरकार बदलने के साथ ही फैसला भी बदल दिया गया। अब सूखा दिवस समाप्त कर दिया गया जो कि सरासर गलत भी है और धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ भी। इसी साल जनवरी में भी समाज के विभिन्न संगठनो द्वारा प्रदेश भर से सरकार को ज्ञापन भेजकर ईद मीलादुन्नबी के मौके पर सूखा दिवस की मांग पुरजोर तरीके से की गई थी लेकिन आश्वासनो के बावजूद सरकार ने मुस्लिम समाज को निराश ही किया।
ईद मीलादुन्नबी का त्यौहार हमारे पेगम्बर हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है जिन्होने अमन व भाईचारे का पैगाम दिया ओर समाज में फैली बुराईयो से दूर रहने की सीख दी। सबसे पहले पैगम्बर ने ही शराबखोरी को हराम करार दिया ओर लोगो को सही रास्ते पर चलना सिखाया।
अक्सर देखने में आता है कि त्यौहार के दिन शराब के नशे में चूर असामाजिक तत्वों के कारण माहौल बहुत खराब हो जाता है व कई बार तो ये घटनायें बडा रूप ले लेती है जिसके कारण साम्प्रदायिक सदभाव और कानून व्यवस्था दोनो बिगड जाती है। सद्भावना और कानून व्यवस्था बनाये रखना हमारे लिए अत्यन्त जरूरी है। वर्तमान परिदृश्य में प्रदेश की जनता भी शराबबन्दी की हिमायती है। ईद मीलादुन्नबी के मौके पर पूरे देश में मुस्लिम समाज द्वारा धार्मिक जूलुस का आयोजन किया जाता हैं। चूंकि शराबबन्दी सिर्फ मुस्लिम समुदाय के लिए नही अपितु सर्व समाज के लिए फायदेमन्द है। अतः जनहितो को ध्यान में रखते हुए व मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाओं के मद्देनजर सरकार से गुजारिश की गई कि ईद मीलानुन्नबी (चांद के अनुसार संभवतया 12 या 13 दिसम्बर) के मौके पर सूखा दिवस घोषित किया जावे ताकि ऐसे शुभ अवसरों पर किसी प्रकार का कोई व्यवधान न हो पाये।
इस अवसर पर अन्जुमन सदर खलील मोहम्मद, सेकट्री रिजवान खान, नायब सदर मुनव्वर अशरफ, मन्जुर हुसैन, अकीलुद्दीन सक्का, एडवोकेट जाकिर भाई, यूथ सदर तबरेज खान, जाकिर हुसैन घाटीवाला, अख्तर हुसैन, सलीम रजा, साजिद हुसैन, अजीज मोहम्मद, इस्माईल खान, मोहम्मद हुसैन, मुराद बक्ष आदि उपस्थित थे।
लेकसिटी की आबो हवा में कितना ज़हर है अब पता चलेगा
ईद मीलादुन्नबी के दिन को सूखा दिवस घोषित करने लिए उदयपुर अंजुमन ने दिया ज्ञापन।
लेकसिटी की आबो हवा में कितना ज़हर है अब पता चलेगा

उदयपुर . स्मार्ट सिटी की योजना को आगे बढाते हुए शहर की हवा में कितना प्रदुषण फ़ैल रहा है और कोन कोन सी जहरीली गैस हमारी सांसों में जा रही है इसका हिसाब रखने वाली मशीन शहर में स्थापित की जायेगी। शहर की स्थिति प्रदुषण मंडल के उच्च अधिकारी दिल्ली में बैठे हुए ही पता कर सकेगे।
लेकसिटी की वायु कितनी स्मार्ट है इसका पता लगाने के लिए कन्टीन्यूअस एम्बीएंट एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग सिस्टम (सीएएक्यूएमएस) नामक मशीन उदयपुर लाई गई है। प्रदुषण नियंत्रक मंडल की और से लायी गयी यह मशीन कोर्ट चौराहा स्थित खान एवं भूविज्ञान कार्यालय में स्थापित की जायेगी। डेड करोड़ की लागत से आई यह मशीन से २४ घंटे शहर की वायु प्रदुषण की जांच की जा सकेगी। इस मशीन से यह भी पता किया जा सकेगा की शहर की हवा में कोन कोन सी जहरीली गैस है।
मशीन से प्रदूषण के आंकड़े बताने के लिए परिसर में ही 13 गुणा 7 फीट का डिस्प्ले बोर्ड लगेगा। इसे कोर्ट चौराहे से देखा जा सकेगा। डिस्प्ले मशीन 100 मीटर की दूरी पर केबल और रिमोट सिस्टम से भी ऑपरेट हो सकती है। मशीन का संचालन मंडल कार्यालय से ही होगा।
बिजली बंद होने पर मशीन ऑटो पॉवर बैकअप से चलते हुए काम करती रहेगी। मशीन में ये खूबियां भी मशीन में सैटेलाइट सेंसर है। आंकडे ब्रॉडबैंड से सीधे वेबसाइट पर अपलोड होंगे। मशीन के आंकड़ों को जयपुर, दिल्ली में विभागीय अधिकारी ऑनलाइन देख सकेंगे।
अब तक प्रदुषण मंडल पुराने तरीके से वायु प्रदुषण की जांच मैन्युअल तरीके से करता रहा है लेकिन मशीन लगाने के बाद अब रियल टाइम प्रदुषण की जांच हो सकेगी।
बैंक कर्मचारी काले धन को सफ़ेद करने में मदद कर रहे है,
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आर. बी. आई.) ने मंगलवार को चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ बैंक अधिकारी बंद हुये नोटों को बदलने के लिये तथा बैंक खातों में जमा किये जाने के लिये स्वीकार करके काले धन को सफेद धन में परिवॢतत करने में मदद कर रहे हैं।
आर.बी.आई. ने कहा है कि ’’हमारी जानकारी में लाया गया है कि कुछ स्थानों पर, कुछ बैंक अधिकारी, कुछ बदमाशों को गुप्त सहयोग देकर, बंद हो चुके नोटों (स्पेसिफाइड बैंक नोट्स-एस.बी.एन.) को (नयी) नकदी में बदलकर/उन्हें खातों में जमा करके धोखाधडी के कामों में लगे हुए हैं।’’ आर.बी.आई. ने बैंकों को सलाह दी कि वे ’’सुनिश्चित करें कि इस प्रकार के छल-कपटपूर्ण कार्यों को चौकसी बढाकर अविलम्ब रोक दिये गये हैं तथा इस प्रकार की गतिविधियों में लिप्त बैंक अधिकारियों के विरूद्घ कडी कार्यवाही भी करे। सभी सरकारी, निजी, विदेशी, अरबन को-ऑपरेटिव तथा स्टेट को-ऑपरेटिव बैंकों को जारी निर्देशों में, आर.बी.आई. ने सभी बैंकों की शाखाओं से यह भी कहा है कि वे इन धोखाधडी पूर्ण कार्यों को रोकने के लिये बंद हो चुके नोटों (एस बी एन) का पूरा रिकॉर्ड रखें। (आर.बी.आई. १००० तथा ५०० रूपए के बंद हुए नोटों के लिए एस बी एन शब्द का इस्तेमाल कर रहा है।
आर.बी.आई. ने कहा, ९ नवम्बर से प्रत्येक उपभोत्त*ा द्वारा अपने खाते में जमा कराई गई राशि अथवा ऋण की राशि में, एस बी एन तथा नॉन-एस बी एन नोटों का मूल्य वर्ग अनुसार पूरा रिकॉर्ड होना चाहिए। साथ ही, एस बी एन को बदलवाने के लिए बैंकों में आए उपभोक्ता तथा नियमित उपभोक्ताओं का, उपभोक्ता अनुसार तथा मूल्य वर्ग अनुसार भी पूरा रिकॉर्ड होना चाहिए।
चीफ जनरल मैनेजर, पी. विजय कुमार द्वारा हस्ताक्षरित निर्देशों में यह भी कहा गया है कि ’’बैंकों को बडी ही अल्प अवधि में यह जानकारियाँ उपलब्ध कराने के लिए तैयार रहना चाहिए।’
यूपीएससी टॉपर टीना डाबी का दिल सेकेंड टॉपर अतहर आमिर ने जीता, जल्द होगी शादी

नई दिल्ली: साल 2015 के केंद्रीय लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा में अव्वल आकर सुर्खियों में रहीं टीना डाबी एक बार फिर चर्चा में है. दरअसल डाबी जल्द ही अतहर आमिर ख़ान के साथ परिणय सूत्र में बंधने वाली हैं. कश्मीर के अनंतनाग के रहने वाले अतहर 2015 की यूपीएसपी परीक्षा में दूसरे स्थान पर रहे थे.
डाबी और अतहर के बीच रिश्ते की सूचना 9 नवंबर को फेसबुक पर टीना डाबी के नाम से बने एक फेसबुक प्रोफाइल से मिली थी, जहां एक दोनों की एक तस्वीर के साथ लिखा गया था, ‘इन अ रिलेशिपशिप विथ अतहर आमिर खान’… इसके बाद से ही इस रिश्ते की चर्चा होने लगी थी और अब टीना ने अंग्रेजी अखबार से टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में इस बात की पुष्टि की है कि वह अतहर से शादी करने वाली हैं. उन्होंने बताया कि शादी की तारीख अभी तय नहीं, लेकिन जल्द ही दोनों की सगाई होने वाली
22 साल की टीना यूपीएससी परीक्षा में पहला स्थान प्राप्त करने वाली पहली दलित महिला हैं. टीना और अतहर इस समय मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में ट्रेनिंग ले रहे हैं. वे दोनों पहली बार 11 मई को राजधानी दिल्ली स्थित डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनोल एंड ट्रेनिंग (डीओपीटी) के नार्थ ब्लॉक स्थित दफ्तर में मिले थे. रिपोर्ट के मुताबिक 23 साल के अतहर को उनसे पहली नजर में प्यार हो गया था.
टीना ने अखबार को बताया, ‘हम सुबह मिले और शाम को अतहर मेरे दरवाजे पर था. उसके लिए पहली नजर में प्यार हो गया.’ वह बताती हैं कि अगस्त का महीना आते-आते उनपर भी अतहर का जादू चल गया और उन्होंने वह प्रपोजल स्वीकार कर लिया. वह कहती हैं, ‘मैं अतहर को हर रोज उसकी लगन के लिए धन्यवाद देती हूं. वह शानदार इंसान हैं.’
ना और अतहर ने अपने रिश्ते को कभी छुपाया नहीं और फेसबुक पर हमेशा ही दोनों साथ में छुट्टियां मनाने और घूमने फिरने की तस्वीरें पोस्ट करते रहे हैं. दोनों आईएएस टॉपर के रिश्ते को लेकर एक ओर जहां कई लोगों में उत्सुकता है, वहीं कुछ कुछ लोगों ने उन पर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की. टीना से आहत हैं और कहती हैं, ‘हम एक दूसरे से प्यार करते हैं और बहुत खुश हैं. लेकिन मैं जब हमारे बारे में इस तरह की बातें पढ़ती हूं तो मैं परेशान हो जाती हूं. हमने अपने बारे में खबरें पढ़ना बंद कर दिया है. मुझे लगता है कि पब्लिक के सामने रहने की कीमत चुकानी पड़ रही है.’
अखबार से बातचीत में टीना इस तरह की आलोचनाओं को लेकर कहती हैं, ‘मैं एक आजाद आत्मनिर्भर महिला हूं और मुझे खुद के लिए चुनाव करने का अधिकार है. अतहर और मैं- हम दोनों अपनी पसंद से बहुत खुश हैं. हमारे माता-पिता भी खुश हैं. इन सबके बीच ऐसे लोग हमेशा होते हैं, जो दूसरे धर्म के इंसान के साथ रिश्ते में बंधने पर आपके खिलाफ नकारात्मक बाते करते हैं. ऐसे लोग सिर्फ 5 प्रतिशत ही हैं. ज्यादातर लोग हमारे इस रिश्ते से खुश हैं. आपने मेरे फेसबुक टाइमलाइन पर देखा होगा कि ज्यादातर कमेंट हमें हिम्मत देने वाले हैं. मैं लोगों के समर्थन और बधाई संदेशों से काफी खुश हूं.’

29 साल में 6260 वीरों ने मातृभूमि पर प्राण न्यौछावर किए, छह साल में इस वर्ष सर्वाधिक सपूत शहीद

उदयपुर . दुश्मन को रौंदकर मातृभूमि की रक्षा करने वाले वीर सूपतों की शहादत का सिलसिला वर्षों से जारी है। बार-बार दुश्मन हमारे देश की तरफ आंख उठाता है और हमारे वीर उनके हर इराजे को नाकाम कर देते हैं। बीते 29 साल में जहां देश के 6260 सपूतों ने प्राण न्यौछावर किए वहीं चार गुणा ज्यादा दुश्मनों को मौत की नींद सुला दिया।
रक्षा मंत्रालय के आकंड़े
वर्ष आतंकी घटनाओं की संख्या शहीद
2013 170 53
2014 222 47
2015 208 39
2016 500 से अधिक 78
988-2016 तक
6260- सैनिक शहीद
23116- आतंकी मार गिराए
14735- आमजन मारे गए
सोर्स : (साउथ एशिया टेरेरिज्म पोर्टल)
-सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब तक करीब 400 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन (केसफायर) किया गया है।
– इस वर्ष अब तक जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमले व केसरफायर में 78 जवान शहीद हो चुके हैं। जो कि वर्ष 2009 के 78 के आंकड़े के बाद सर्वाधिक हैं। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब तक करीब 9 जवान शहीद हुए हैं।
खबर सोर्स – राजस्थान पत्रिका
उदयपुर का स्टार्ट-अप रहा एशिया पेसेफिक में सर्वश्रेष्ठ, 1200 से अधिक स्टार्ट- अप के बीच मारी बाजी

उदयपुर. देश के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के गोद लिए गांवों का सपना पूरा करने में भागीदार बने उदयपुर के स्टार्ट-अप का लोहा दुनिया ने भी मान लिया है। शहर के युवा उद्यमी जगदीप गंभीर के स्टार्ट-अप कर्मा हैल्थकेयर को यूबीएस सोशल इनोवेटर अवार्ड-2016 से नवाजा गया है। पिछले दिनों सिंगापुर में आयोजित सोशल एंटरप्राइज प्रतियोगिता में दुनियाभर के 1200 से अधिक स्टार्ट-अप शामिल हुए।
दो दिवसीय प्रतियोगिता के दौरान अंत में कुल 12 स्टार्ट-अप को अंतिम सूची में चयनित किया गया। इसमें चीन, जापान, थाईलैण्ड, सिंगापुर और एशिया के कई देशों के स्टार्ट-अप शामिल थे। लेकिन सबके बीच लेकसिटी के स्टार्ट-अप ने बाजी मारी और उसे विजेता घोषित किया गया। इस कार्यक्रम की रचना एवं क्रियान्वयन अशोका की ओर से किया गया। अशोका विश्व में कार्य कर रहे सोशल एंटरप्रेन्योर्स का सबसे बड़ा नेटवर्क है। 80 देशों में कार्यरत 3000 से ज्यादा अशोका के सदस्य हैं।
गर्व की अनुभूति, संकल्प मजबूत
इस उपलब्धि पर जगदीप ने बताया कि विश्व स्तर पर लेकसिटी के स्टार्ट-अप को मान्यता मिलना गर्व का क्षण है। यह एक प्रतिष्ठित सम्मान है। यह उपलिब्ध हमें ग्रामीण क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के संकल्प को और मजबूत बनाएगी।
ई-डॉक्टर देखते हैं गांव के मरीजों को
कर्मा हैल्थकेयर अपनी तरह का पहला और अनूठा स्टार्ट-अप है जो तकनीक के माध्यम से ग्रामीण भारत में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। संस्थान ने उदयपुर जिले के 8 गांवों में ई-डॉक्टर क्लिनिक संचालित कर रखे हैं। इनके माध्यम से ग्रामीणों को ऑनलाइन चिकित्सा परामर्श, जांच सेवाएं एवं रेफरल जैसी सेवाएं प्रदान की जाती हैं। एेसा क्लिनिक पिछले दिनों से हरियाणा में राष्ट्रपति के गोद लिए गांवों में से एक में शुरू भी हो चुका है।
रविन्द्र श्रीमाली उदयपुर यूआईटी के अध्यक्ष – कटारिया खेमा मायूस
उदयपुर। पिछले एक साल से अपने अध्यक्ष का इंतज़ार कर रही यूआईटी को आखिर अध्यक्ष मिल ही गया। नगर परिषद् के पूर्व चेयरमेन रविन्द्र श्रीमाली को राज्य सरकार ने यूआईटी का चेयरमेन नियुक्त किया है । पिछले काफी समय से यूआईटी चेयरमेन के लिए अटकले लगाईं जारही थी और कटारिया व् किरण गुट के दावेदारों के नाम सामने आरहे थे। लेकिन सारे नामों पर विराम लगाते हुए राज्य सरकार ने रविन्द्र श्रीमाली के नाम पर मुहर लगा दी।
श्रीमाली की नियुक्ति से इस पद की दाैड़ में शामिल कटारिया गुट के दावेदारों को मायूसी हाथ लगी है। खबर सुनते ही कटारिया समर्थक दंग रह गए और श्रीमाली को बधाई देने में कटारिया गुट से जुड़े स्थानीय भाजपा नेता दूर रहे। यूआईटी चेयरमैन पद की दौड़ में कटारिया गुट से प्रेमसिंह शक्तावत, कुंतीलाल जैन, प्रमोद सामर, दिनेश भट्ट और जीएस टांक को शामिल माना जा रहा था।
रविंद्र श्रीमाली 2004 से 2009 तक नगर परिषद के सभापति रह चुके हैं। श्रीमाली के नगर परिषद् का कार्यकाल सबसे सफल सभापति का कार्यकाल माना जाता है . श्रीमाली विधानसभा चुनाव से पहले संगठन चुनाव में भाजपा शहर जिलाध्यक्ष की दौड़ में भी थे लेकिन अंतिम समय दिनेश भट्ट को शहर जिलाध्यक्ष बना दिया गया था।
रविन्द्र श्रीमाली की नियुक्ति के बाद माना जारहा है कि श्रीमाली को उदयपुर UIT चेयरमेन नियुक्त कर राज्य सरकार ने उदयपुर के हित में अच्छा फैसला लिया, निर्मल स्वभाव, हर छोटे बड़े का हाथ जोड़ कर अभिवादन करना, स्वच्छ और साफ़ छवि वाले रविन्द्र श्रीमाली के UIT चेयरमेन नियुक्त होने के बाद शहर का विकास निश्चित तौर पर नज़र आएगा। श्रीमाली ने अपने नगर परिषद् सभापति कार्यकाल के दौरान निसंदेह इमानदारी और कर्मठता से अपनी जिम्मेदारी निभाई थी। श्रीमाली आम जनता के प्रति जितने निर्मल, शांत और हंसमुख है. उतने ही कड़क और कठोर काम नहीं करने वालों के प्रति भी है। यही वजह थी कि पूर्व में सभापति रहने के दौरान शहर में ठेकेदारों द्वारा किये जारहे कामों का जायजा लेने के लिए वे रोज़ सुबह – सुबह बिना ताम झाम के अकेले ही निकल जाते थे और जहाँ हरामखोरी, भ्रष्टाचार या गड़बड़ नज़र आती मोके पर ही समझाइश और फटकार का बखूबी उपयोग करते हुए निर्णय लेलेते थे. शहरवासियों को उम्मीद है की श्री श्रीमाली अपने इस स्वभाव और कार्य शैली को बनाए रखेगें।
आसमान से लेकर फतहसागर की लहरों तक गुंजा “वन्देमातरम”

उदयपुर। झीलों की नगरी की विश्व प्रसिद्द झील फतहसागर पर हज़ारों लोगों ने एक साथ वन्देमातरम गा कर राष्ट्रभक्ति का सन्देश दिया इस सन्देश की साक्षी बनी फतहसागर झील की लहरे। वन्देमातरम गायन के दौरान लगा मानो फतहसागर में हिलोरे लेती लहरे भी अपना स्वर बिखेर रही हों। वन्देमातरम और भारत माता की जय के उद्घोषों के साथ हज़ारों बच्चों के हाथों में लहराते तिरंगों ने दिलों में उत्साह देख हर मन झूम उठा। ये नजारा मंगलवार सुबह फतहसागर की पाल पर आयोजित सामूहिक वंदेमातरम् गान दौरान रहा।
मंगलवार को फतहसागर झील की पाल पर हिन्दू आध्यात्म सेवा संघ और नगर निगम के संयुक्त तत्वाधान में सामूहिक वंदेमातरम गायन आयोजन किया गया। केंद्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पारिकर की अगुवाई में हुए इस आयोजन में हज़ारों स्कूली बच्चों के साथ साथ हज़ारों शहरवासीयो ने भाग लिया। सुबह साढ़े आठ बजे से शुरू हुआ यह आयोजन 12 बजे तक चला।

फतहसागर की पाल पर सुबह 7 बजे से हजारों स्कूली विद्यार्थियों व शहर के नागरिकों के आने का दौर शुरू हो गया था। इस बीच प्रसिद्द संगीतकार आनंदजी ग्रुप और ड्रमर बाबल ने देशभक्ति गीतों और धुनों से लोगों को बांधे रखा। आयोजन का उत्साह इतना जबरदस्त था की लोगों का आना सुबह 7 बजे से ११ बजे तक जारी रहा। पूरी पाल खचाखच भर गयी थी। लोगों ने अपने वाहन फिल्ड क्लब और विद्याभवन में खड़े कर पैदल आयोजन स्थल तक आये। कार्यक्रम के दौरान फतह सागर की पाल खचाखच भरी हुई थी बिच में सरकारी और गैर सरकारी स्कूली बच्चे बैठे हुए थे। वही दोनों तरह शहर के लोग और कॉलेज के युवा छात्र खड़े हुए थे। लोगों के दिलों में राष्ट्र भक्ति की भावना का पता इसी बात से लगाया जा सकता है कि संगीतकार आनंद जी और ड्रमर द्वारा बजाये जाने वाले गाने लोग अपने राग में राग मिला कर साथ साथ गया रहे थे। देश भक्ति के गीतों के दौरान बच्चों के हाथों में तिरंगा लहरा रहा था। जोश भरे देशभक्ति के गीतों पर युवा ने झूम कर डांस किया। दूसरी तरफ नावों में हाथों में तिरंगा लिए लोग भी वन्देमातरम के उद्घोष लगा रहे थे। मुख्य अतिथि रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के आगमन तक देशभक्ति का ज्वार अपने चरम पर था


मुख्य अतिथि रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। मंच पर पहुंचते ही उन्होंने वंदेमातरम कहकर लोगों का अभिवादन किया और अपना स्थान ग्रहण किया। इसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया। इसके बाद विशिष्ट अतिथि गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, जलदाय मंत्री किरण माहेश्वरी, उद्योगपति सलिल सिंघल व महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउण्डेशन के लक्ष्यराजसिंह मेवाड़ थ और नाथद्वारा से गोस्वामी तिलकायत भूपेश कुमार (विशाल बावा) भी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान रक्षामंत्री ने उपस्थित लोगों व विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और देशहित के कार्य करने की शपथ दिलाई। इसके बाद 11.24 मिनट पर वंदे मातरम् का गायन शुरू हुआ। जैसे ही गायन शुरू हुआ कार्यक्रम में मौजूद हर व्यक्ति में अलग ही जोश दिखाई दिया। वंदेमातरम गान के बाद एक बार फिर जयकारे गूंज उठे। इसके साथ ही मेरे देश की धरती..गीत शुरू हुआ। इस गीत की प्रथम पंक्ति में ही कार्यक्रम जयकारों से गंूज उठा और मंचासीन अतिथियों ने हाथों में तिरंगा लेकर अपने उत्साह का इजहार किया। चारों ओर तिरंगी छटा में देशभक्ति घुल गई। हर एक ने एक साथ सुर से सुर मिला कर वन्देमातरम गया। आसमानी फ़िज़ाओं में फतहसागर की लहरों के साथ करीब २० मिनट तक वन्देमातरम गूंजता रहा। गीत के समाप्त होने पर रक्षामंत्री मंच के नीचे आए और बच्चों से मुलाकात की।
कार्यक्रम में १४७ से अधिक स्कूलों के बच्चों ने भाग लिया था। सरकारी स्कूल के दूर दराज के गावों से छात्र इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आये थे। बसों को कार्यक्रम स्थल से दूर खड़ा होने के बावजूद बच्चे ५-६ कलिलोमीटर पेडल चल कर पहुचे। इधर शहर के कई निजी स्कूलों के बच्चों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

सेल्फी युवा और विदेशी :
वन्देमातरम के इस कार्यक्रम में युवाओं ने खासी संख्या में भाग लिया कई युवा कार्यक्रम स्थल से अपनी अपनी सेल्फी लेक्लर शोशल साइट पर अपलोड करते रहे। हाथों में तिरंगा लिए विक्ट्री का निशाँ अपनी दो उँगलियों से दिखाते हुए हर युवा सेल्फी लेते हुए दिखाई दिया। यहाँ तक की इस सेल्फी के क्रेज से मंच पर आये अतिथि भी नहीं बच सके हर अतिथि ने अपने अपने मोबाइल से अपने साथ प[उरई जनता का सेल्फी लिया। कार्यक्रम में कई विदेशी पर्यटक भी दिखाई दिए जो वन्देमातरम गुनगुनाते हुए दिखाई दिए।
टाइगर सफारी के लिए लेकसिटी से चलेगी टाइगर एक्सप्रेस ट्रेन, 6 दिन का रेट 50 हजार

घायल पेंथर चड़ा पहाड़ी पर, ट्रंक्युलाइज करने बाद भी टीम के पीछे लपका
उदयपुर . उदयपुर फोरलेन पर लीलेरा गांव के पास अज्ञात वाहन कीटक्कर से नर पैंथर घायल हो गया। बाद में यह पहाड़ी पर चढ़ गया। उदयपुर से पहुंची वन विभाग की टीम ने इसे ट्रंक्युलाइज कर दिया। इस बीच वह वन विभाग की टीम को छकाता रहा।

