उदयपुर। पिछले एक साल से अपने अध्यक्ष का इंतज़ार कर रही यूआईटी को आखिर अध्यक्ष मिल ही गया। नगर परिषद् के पूर्व चेयरमेन रविन्द्र श्रीमाली को राज्य सरकार ने यूआईटी का चेयरमेन नियुक्त किया है । पिछले काफी समय से यूआईटी चेयरमेन के लिए अटकले लगाईं जारही थी और कटारिया व् किरण गुट के दावेदारों के नाम सामने आरहे थे। लेकिन सारे नामों पर विराम लगाते हुए राज्य सरकार ने रविन्द्र श्रीमाली के नाम पर मुहर लगा दी।
श्रीमाली की नियुक्ति से इस पद की दाैड़ में शामिल कटारिया गुट के दावेदारों को मायूसी हाथ लगी है। खबर सुनते ही कटारिया समर्थक दंग रह गए और श्रीमाली को बधाई देने में कटारिया गुट से जुड़े स्थानीय भाजपा नेता दूर रहे। यूआईटी चेयरमैन पद की दौड़ में कटारिया गुट से प्रेमसिंह शक्तावत, कुंतीलाल जैन, प्रमोद सामर, दिनेश भट्ट और जीएस टांक को शामिल माना जा रहा था।
रविंद्र श्रीमाली 2004 से 2009 तक नगर परिषद के सभापति रह चुके हैं। श्रीमाली के नगर परिषद् का कार्यकाल सबसे सफल सभापति का कार्यकाल माना जाता है . श्रीमाली विधानसभा चुनाव से पहले संगठन चुनाव में भाजपा शहर जिलाध्यक्ष की दौड़ में भी थे लेकिन अंतिम समय दिनेश भट्ट को शहर जिलाध्यक्ष बना दिया गया था।
रविन्द्र श्रीमाली की नियुक्ति के बाद माना जारहा है कि श्रीमाली को उदयपुर UIT चेयरमेन नियुक्त कर राज्य सरकार ने उदयपुर के हित में अच्छा फैसला लिया, निर्मल स्वभाव, हर छोटे बड़े का हाथ जोड़ कर अभिवादन करना, स्वच्छ और साफ़ छवि वाले रविन्द्र श्रीमाली के UIT चेयरमेन नियुक्त होने के बाद शहर का विकास निश्चित तौर पर नज़र आएगा। श्रीमाली ने अपने नगर परिषद् सभापति कार्यकाल के दौरान निसंदेह इमानदारी और कर्मठता से अपनी जिम्मेदारी निभाई थी। श्रीमाली आम जनता के प्रति जितने निर्मल, शांत और हंसमुख है. उतने ही कड़क और कठोर काम नहीं करने वालों के प्रति भी है। यही वजह थी कि पूर्व में सभापति रहने के दौरान शहर में ठेकेदारों द्वारा किये जारहे कामों का जायजा लेने के लिए वे रोज़ सुबह – सुबह बिना ताम झाम के अकेले ही निकल जाते थे और जहाँ हरामखोरी, भ्रष्टाचार या गड़बड़ नज़र आती मोके पर ही समझाइश और फटकार का बखूबी उपयोग करते हुए निर्णय लेलेते थे. शहरवासियों को उम्मीद है की श्री श्रीमाली अपने इस स्वभाव और कार्य शैली को बनाए रखेगें।
रविन्द्र श्रीमाली उदयपुर यूआईटी के अध्यक्ष – कटारिया खेमा मायूस
आसमान से लेकर फतहसागर की लहरों तक गुंजा “वन्देमातरम”

उदयपुर। झीलों की नगरी की विश्व प्रसिद्द झील फतहसागर पर हज़ारों लोगों ने एक साथ वन्देमातरम गा कर राष्ट्रभक्ति का सन्देश दिया इस सन्देश की साक्षी बनी फतहसागर झील की लहरे। वन्देमातरम गायन के दौरान लगा मानो फतहसागर में हिलोरे लेती लहरे भी अपना स्वर बिखेर रही हों। वन्देमातरम और भारत माता की जय के उद्घोषों के साथ हज़ारों बच्चों के हाथों में लहराते तिरंगों ने दिलों में उत्साह देख हर मन झूम उठा। ये नजारा मंगलवार सुबह फतहसागर की पाल पर आयोजित सामूहिक वंदेमातरम् गान दौरान रहा।
मंगलवार को फतहसागर झील की पाल पर हिन्दू आध्यात्म सेवा संघ और नगर निगम के संयुक्त तत्वाधान में सामूहिक वंदेमातरम गायन आयोजन किया गया। केंद्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पारिकर की अगुवाई में हुए इस आयोजन में हज़ारों स्कूली बच्चों के साथ साथ हज़ारों शहरवासीयो ने भाग लिया। सुबह साढ़े आठ बजे से शुरू हुआ यह आयोजन 12 बजे तक चला।

फतहसागर की पाल पर सुबह 7 बजे से हजारों स्कूली विद्यार्थियों व शहर के नागरिकों के आने का दौर शुरू हो गया था। इस बीच प्रसिद्द संगीतकार आनंदजी ग्रुप और ड्रमर बाबल ने देशभक्ति गीतों और धुनों से लोगों को बांधे रखा। आयोजन का उत्साह इतना जबरदस्त था की लोगों का आना सुबह 7 बजे से ११ बजे तक जारी रहा। पूरी पाल खचाखच भर गयी थी। लोगों ने अपने वाहन फिल्ड क्लब और विद्याभवन में खड़े कर पैदल आयोजन स्थल तक आये। कार्यक्रम के दौरान फतह सागर की पाल खचाखच भरी हुई थी बिच में सरकारी और गैर सरकारी स्कूली बच्चे बैठे हुए थे। वही दोनों तरह शहर के लोग और कॉलेज के युवा छात्र खड़े हुए थे। लोगों के दिलों में राष्ट्र भक्ति की भावना का पता इसी बात से लगाया जा सकता है कि संगीतकार आनंद जी और ड्रमर द्वारा बजाये जाने वाले गाने लोग अपने राग में राग मिला कर साथ साथ गया रहे थे। देश भक्ति के गीतों के दौरान बच्चों के हाथों में तिरंगा लहरा रहा था। जोश भरे देशभक्ति के गीतों पर युवा ने झूम कर डांस किया। दूसरी तरफ नावों में हाथों में तिरंगा लिए लोग भी वन्देमातरम के उद्घोष लगा रहे थे। मुख्य अतिथि रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के आगमन तक देशभक्ति का ज्वार अपने चरम पर था


मुख्य अतिथि रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। मंच पर पहुंचते ही उन्होंने वंदेमातरम कहकर लोगों का अभिवादन किया और अपना स्थान ग्रहण किया। इसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया। इसके बाद विशिष्ट अतिथि गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, जलदाय मंत्री किरण माहेश्वरी, उद्योगपति सलिल सिंघल व महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउण्डेशन के लक्ष्यराजसिंह मेवाड़ थ और नाथद्वारा से गोस्वामी तिलकायत भूपेश कुमार (विशाल बावा) भी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान रक्षामंत्री ने उपस्थित लोगों व विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और देशहित के कार्य करने की शपथ दिलाई। इसके बाद 11.24 मिनट पर वंदे मातरम् का गायन शुरू हुआ। जैसे ही गायन शुरू हुआ कार्यक्रम में मौजूद हर व्यक्ति में अलग ही जोश दिखाई दिया। वंदेमातरम गान के बाद एक बार फिर जयकारे गूंज उठे। इसके साथ ही मेरे देश की धरती..गीत शुरू हुआ। इस गीत की प्रथम पंक्ति में ही कार्यक्रम जयकारों से गंूज उठा और मंचासीन अतिथियों ने हाथों में तिरंगा लेकर अपने उत्साह का इजहार किया। चारों ओर तिरंगी छटा में देशभक्ति घुल गई। हर एक ने एक साथ सुर से सुर मिला कर वन्देमातरम गया। आसमानी फ़िज़ाओं में फतहसागर की लहरों के साथ करीब २० मिनट तक वन्देमातरम गूंजता रहा। गीत के समाप्त होने पर रक्षामंत्री मंच के नीचे आए और बच्चों से मुलाकात की।
कार्यक्रम में १४७ से अधिक स्कूलों के बच्चों ने भाग लिया था। सरकारी स्कूल के दूर दराज के गावों से छात्र इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आये थे। बसों को कार्यक्रम स्थल से दूर खड़ा होने के बावजूद बच्चे ५-६ कलिलोमीटर पेडल चल कर पहुचे। इधर शहर के कई निजी स्कूलों के बच्चों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

सेल्फी युवा और विदेशी :
वन्देमातरम के इस कार्यक्रम में युवाओं ने खासी संख्या में भाग लिया कई युवा कार्यक्रम स्थल से अपनी अपनी सेल्फी लेक्लर शोशल साइट पर अपलोड करते रहे। हाथों में तिरंगा लिए विक्ट्री का निशाँ अपनी दो उँगलियों से दिखाते हुए हर युवा सेल्फी लेते हुए दिखाई दिया। यहाँ तक की इस सेल्फी के क्रेज से मंच पर आये अतिथि भी नहीं बच सके हर अतिथि ने अपने अपने मोबाइल से अपने साथ प[उरई जनता का सेल्फी लिया। कार्यक्रम में कई विदेशी पर्यटक भी दिखाई दिए जो वन्देमातरम गुनगुनाते हुए दिखाई दिए।
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घायल पेंथर चड़ा पहाड़ी पर, ट्रंक्युलाइज करने बाद भी टीम के पीछे लपका
उदयपुर . उदयपुर फोरलेन पर लीलेरा गांव के पास अज्ञात वाहन कीटक्कर से नर पैंथर घायल हो गया। बाद में यह पहाड़ी पर चढ़ गया। उदयपुर से पहुंची वन विभाग की टीम ने इसे ट्रंक्युलाइज कर दिया। इस बीच वह वन विभाग की टीम को छकाता रहा।
दीपावली पूजा के बाद शोरूम में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, सामान जलकर हुआ राख

उदयपुर. दीपावली पूजा के बाद रविवार को डोरे नगर स्थित एक शोरूम में आग लग गई। आग से ऑफिस और उसका सामान जलकर राख हो गया। आग पर तीन फायर ब्रिगेड से काबू पाया गया। जानकारी के अनुसार, शहर के यामाहा शोरूम में रविवार दोपहर आग लग गई। आग दीपावली पूजा के बाद लगी। उस वक्त ऑफिस से लोग जा चुके थे। आग से ऑफिस और एसेसरीज पार्ट जलकर राख हो गए। शोरूम से धुआं निकलते देख लोगों को आग का पता चला और फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया।मौके पर 3 फायर ब्रिगेड की सहायता से आग बुझाई जा सकी। इस दौरान हिरण मगरी पुलिस भी पहुंची। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट से बताया गया।
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टुच्चे कवि द्वारा शहर का सुकून और भाईचारा बिगाड़ने की नाकाम कोशिश

उदयपुर। शांत और सुकून भरे उदयपुर शहर के माहौल को अपनी घटिया कविता द्वारा बिगाड़ने, हिन्दू – मुस्लिम को आपस में लड़वाने की एक कवि ने गुरुवार रात नाकाम कोशिश की। सालों से शांति पूर्वक आयोजित हो रहे दीपावली दशहरे की रोनक नफरत फैलाने वालों से देखि नहीं गयी और इसीलिए उन्होंने अपने घटियापन को उजागर किया।
टाउनहॉल में दीपावली मेले के सातवें दिन गुरुवार को कवि सम्मेलन के दौरान इंदौर के कवि मुकेश मोलवा ने कविता पाठ के दौरान मुस्लिम धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी।
जिसका विरोध पार्षद मोहसिन खान, नज़मा मेवा फरोश राशिद खान और असमा खान ने किया। विरोध के दौरान कवि सम्मलेन में हंगामा हो गया, महापौर चन्द्र सिंह कोठारी बैठे बैठे तमाशा देखते रहे। बाद में हंगामा ज्यादा होते देख पुलिस अधिकारियों ने मामले को शांत करवाया। मालवा की कविता को बंद करवा के विरोध करने वाले पार्षदों को समझा कर मंच के पीछे ले जाया गया।
इंदौर के कवि के कविता पाठ का विरोध करने वाले कांग्रेसी पार्षद मोहसीन खान और निर्दलीय पार्षद नजमा मेवाफरोश का तर्क है कि कवि पाकिस्तान को गाली देता तो कोई बात नहीं, उसकी कई पंक्तियों पर हमने भी तालियां बजाईं। लेकिन उसने कविता पाठ के दौरान मुसलमानों की दाढ़ी को लेकर जो आपत्तिजनक टिप्पणी की उसपर हमारा विरोध था। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कवि ने धार्मिक भावना को भड़काने का काम किया है। मोहसिन खान का कहना है की उदयपुर एक शांत शहर है और इस तरह के लोग संगठन विशेष से सम्बन्ध रखते है जिनका काम हिन्दू मुस्लिम के बिच दंगा भड़काने का काम होता है।

पूर्व निर्धारित 11 कवियों की लिस्ट में इंदौर के कवि मुकेश मोलवा का नाम नहीं था। यहां तक निगम ने मेले काे लेकर जो पास (आमंत्रण) पत्र छपवाए थे उसमें भी मोलवा का नाम नहीं था। नाम नहीं होने के बाद भी बलाए गए कवि ने निगम के महीने भर की मेहनत और छह दिन के सफल कार्यक्रमों पर बट्टा लगा दिया। गनीमत यह रही कि विरोध करने वालों की संख्या कम थी, और मुस्लिम समाज के अधिक लोग कार्यक्रम में नहीं थे वरना भीड़ के गुस्से को देखते हुए मेले में बड़ी घटना घटित हो सकती थी। मोलवा के कविता पाठ के शुरूआती रुझान से ही इस बात का आभास हो गया था कि यह नफरत फैउलाने वाली कही न कही करेगे और उसकी बात पर कहीं लोग हूटिंग न कर दे लेकिन आयोजक माजरा इस बात को समझ नहीं पाई और मामला हंगामे तक बढ़ गया।
मुकेश मोलवा ने कविता पाठ की शुरूआत में तो मेवाड़ और महाराणा प्रताप की वीरता का गुणगान कर खूब तालियां बटोरी। उसके बाद मोलवा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुणगान शुरू कर दिया, और आरएसएस संघ संचालकों की जय जय कार के नारे लगवाए । तालिया बजती देख मोल्वा अपने असली मकसद पर आगये और मुस्लिम समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। जिसके बाद मंच के ठीक सामने वीआईपी दीर्घा में मौजूद कांग्रेसी पार्षद मोहसीन खान ने विरोध दर्ज करवाते हुए मंच के पास जाकर कवि को ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करने को चेताया। इसको लेकर दोनों के बीच बहस की नौबत भी आ गई। इसी बीच निर्दलीय पार्षद नजमा मेवाफरोश और भाजपा पार्षद गरिमा पठान भी विरोध में कवि के विरोध में खड़ी हो गई।

आज शहर के विभिन्न संगठन और कांग्रेसी पार्षद मुकेश मोल्वा के खिलाफ ज्ञापन देंगे।
हैवान दो साल की मासूम को उठा ले गया, मुंह में कपड़ा ठूंसकर किया रेप
उदयपुर। धार्मिक नगरी नाथद्वारा बुधवार को शर्मसार हो गई। प्रभु श्रीनाथ जी की बस्ती में मंगलवार रात एक दरिंदे ने शराब के नशे में दो साल की मासूम के साथ दुष्कर्म कर दिया। दरअसल घुमन्तू प्रजाती से संबध रखने वाली यह मासूम अपनी दादी और परिवार के सदस्यों के साथ नाथद्वारा आई थी, इसी दौरान मंगलवार रात करीब 12 से 1 बजे के बीच विषाल जैन नाम का दरिंदा उसे उसकी दादी के पास से उठा कर ले गया। इससे पहले उसने सात साल की एक अन्य बच्ची को उठाने की कोशिश भी की लेकिन वो जाग गई तो गुस्साए दरिन्दे ने उसे डरा धमराकर सुला दिया और उसके
पास सो रही इस दो साल की मासूम को उठा कर ले गया। कुछ देर बाद मासूम की बहन ने अपनी दादी को इसकी जानकारी दी। मासूम के अपहरण की सूचना आग की तरह आस – पास फैल गई, सभी पागलों की तरह उसे इधर- उधर ढुंढने लगे, वहीं घर की छत पर जाकर देखा तब तक मासूम बच्ची के साथ वहषी दरिंदा अपने हवस की भूख मिटा चुका था, जिसे बयां करना मुश्किल है। दो वर्षीय मासूम के शरीर से खून निकल रहा था और वह बेहोश पड़ी हुई थी। परिजनों की तो मानो पैरो तले से जमीन खिसक गई हो, गुस्साए लोगों ने इस हवस के पुजारी की जमकर धुनाई षुरू कर दी। सूचना मिलते ही नाथद्वारा थाना पुलिस मौके पर आ गई और आरोपी को हिरासत में ले लिया। मासूम बच्ची की हालत काफी गंभीर बनी हुई थी ऐसे में उसे उदयपुर रेफर किया गया। जहां एमबी चिकित्सालय की बाल चिकित्सा यूनिट में बच्ची का करीब तीन घंटे तक आॅपरेशन चला उस दौरान आॅपरेशन थियेटर के बाहर मौजूद उसके परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। सात वर्षीय मासूम बच्ची अपनी बहन के साथ हुई घटना की जानकारी दे रही थी, इस दौरान घायल मासूम के पीडित पिता ने दुष्कर्मी को सजाए मौत देने की मांग की है।
नाथद्वारा से उदयपुर पहुंचने के तुरन्त बाद चिकित्सकों की टीम इलाज में जुट गई। इस दौरान बाल चिकित्सा यूनिट के साथ स्त्री रोग विशेषज्ञ भी बच्ची के आॅपरेशन के समय मौजूद रहे। करीब तीन घंटे चले आॅपरेशन के बाद बच्ची को आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। चिकित्सकों की माने तो आॅपरेशन सफल रहा हैं, लेकिन आगे और कोई कॉम्पलीकेशन आता हैं तो स्थिति बिगड सकती है। चिकिस्कों के अनुसार इस घटना में बच्ची के शरीर के कई हिस्से प्रभावित हुए हैं वहीं गुप्तांगों पर भी गंभीर चोटें आई है।
दो साल की मासूम बच्ची का आॅपरेशन तो सफल हो गया है। लेकिन एक वहषी की दरिंदगी के चलते मासूम का जीवन शुरू होने से पहले ही बर्बाद हो चुका हैं। अब फैसला खाकी को करना है कि इस केस को कितना सख्त बनाकर कोर्ट में पेश करती हैं ताकि आरोपी को कडी से कडी सजा मिल सके। गौर तलब है कि राजसमंद जिले की यह पहली घटना नही हैं, इससे पहले कांकरोली में भी दो साल पहले 8 साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या करने वाले मुजरिम को अदालत नेे फांसी की सजा सुनाई थी और 2 लाख रुपए जुर्माना लगाया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्रशेखर आजाद ने सजा सुनाते हुए कहा था कि ‘मुजरिम को तब तक फांसी के फंदे पर लटका रहने दिया जाए जब तक उसकी मौत न हो जाए ।’ यह सुनकर खचाखच भरे इजलास में कुछ लम्हों के लिए सन्नाटा छा गया था, लेकिन बाद में इस न्याय पर लोगों ने संतोष प्रकट किया। इस दौरान पीडिता की मां, पिता, नाना, नानी के साथ छह साल की छोटी बहन भी मौजूद थी। आपको बता दें कि मनोज प्रताप सिंह नाम के आरोपी ने एक 8 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद पत्थर पर पटक-पटक कर उसकी हत्या कर दी थी। अब आरोपी को फांसी पर लटकाने का इंतजार है, लेकिन आरोपी की ओर से हाईकोर्ट में अपील की जा चुकी है, जहां यह मामला लम्बित चल रहा है।
बांसवाडा शहर में पुलिस चौकी के पास चल रहे जुआ क्लब पर दबिश – 11 जुआरी गिरफ्तार
बांसवाड़ा. कोतवाली थाने की सबसे बड़ी राजतालाब चौकी के बगल में एक रियायशी मकान में कई महीनों से संचालित जुआ क्लब पर पुलिस ने मंगलवार रात दबिश दी, जहां से पुलिस ने नामीगिरामी ग्यारह जनों को गिरफ्तार कर उनसे करीब 81 हजार 350 रुपए, ताश के पत्ते बरामद किए। आंबापुरा थाना प्रभारी पूनाराम गुर्जर ने बताया कि मकान में लंबे समय से बड़े स्तर पर जुआ क्लब का संचालन होने की जानकारी के आधार पर पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा ने पुलिस लाइन से जाप्ता लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर पुलिस ने दबिश देकर जुआ खेल रहे आरोपितों को गिरफ्तार किया। सूत्रों ने बताया कि यह क्लब कोतवाली व राज तालाब चौकी पुलिस की मिलीभगत से चल रहा था। यही वजह है कि पुलिस अधीक्षक ने क्लब पर कार्रवाई से दोनों जगह की पुलिस को दूर रखा, साथ ही उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगने दी। सूत्रों की माने तो शहर में इस तरह के अवैध क्लब होने का यह अकेला मामला नहीं है। बल्कि शहर में कई अन्य जगह लंबे समय से इससे भी बड़े जुआ क्लबों का संचालन हो रहा है, जहां अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है।
पुलिस ने सूरजपोल मकरानीवाड़ा निवासी सैजाद पुत्र जायद, खांदू कॉलोनी निवासी सुरेश पुत्र भोगी लाल, नई आबादी निवासी राजेश पुत्र हुकाजी भोई, परतापुर निवासी दिलदार पुत्र अब्दुल करीम, पुराना यादव मोहल्ला निवासी विट्ठल यादव पुत्र रूपाजी यादव, खांदू कॉलोनी निवासी पंकज पुत्र शंकर लाल मीणा, भगत सिंह कॉलोनी निवासी अनिल पंचाल पुत्र शंकर लाल, खांदू कॉलोनी निवासी सूरज पुत्र राजू मईड़ा, इन्द्रा कॉलोनी निवासी अहसान पुत्र शब्बीर, बाबा बस्ती निवासी लक्ष्मण पुत्र शिवा, नागरवाड़ा निवासी कमलेश पुत्र खुशमोहन जोशी को गिरफ्तार किया।
उधर प्रधानमंत्री को मुस्लिम महिलाओं की तीन तलाक को लेकर चिंता – इधर हिन्दू महिलाएं यूं कर रही इस कानून का MISUSE
उदयपुर . दहेज प्रताडऩा की धारा 498-ए के दुरुपयोग पर हाईकोर्ट ने चिंता जताई है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में दायर तीन याचिकाओं का एक साथ निपटारा करते हुए अधीनस्थ अदालतों में विचाराधीन दहेज प्रताडऩा के मामलों को निरस्त कर दिया।
हाईकोर्ट ने फैसले की प्रति विधि मंत्रालय, विधि मामलात विभाग के सचिव, विधि आयोग के सदस्य सचिव को प्रेषित करते हुए लिखा कि इस फैसले के प्रकाश में आईपीसी की धारा 498 ए के प्रावधानों में संशोधन किए जाने की जरूरत है। एक ओर इस धारा की पालना सुनिश्चित कराने को सरकार प्रतिबद्ध है तो वहीं इसके दुरुपयोग पर भी रोक लगनी चाहिए।
राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिकाकर्ता आरोपी बनाए गए कल्याणीपुरा निवासी हीरालाल गोरा, गोपाल किशन, चंचल कुमार, प्रसन्ना, मनोरमा, गीता व सोहनलाल व दर्शन कुमार ने वकील पीयूष नाग के जरिए व अन्य पक्षकार दिल्ली निवासी मनोज कुमार बैरवा, राम बाई तथा गुर्जर की थड़ी जयपुर निवासी मुकेश जांगिड़ ने अलग अलग याचिकाएं दायर की।
याचिका के तथ्य
याचिकर्ताओं में विवाहिताओं ने अपने ससुराल पक्ष से पति या अन्य परिजन को प्राथमिकी में धारा 498-ए व 406 में आरोपित बनाया गया। परिवादी विवाहिताओं ने पारिवारिक न्यायालय में राजीनामा कर आपसी सहमति से विवाह विच्छेद की डिक्री इस आधार पर प्राप्त कर ली कि वह फौजदारी प्रकरणों में भी राजीनामा कर लेंगी लेकिन बाद में उन्होंने विचार बदलते हुए फौजदारी प्रकरण को यथावत चलने दिया।
अदालत में आरोपितों याचिकाकर्ता के वकील के तर्कों से सहमत होने के बाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश मोहम्मद रफीक ने याचिकाएं मंजूर करते हुए अधीनस्थ अदालत मंें दहेज प्रताडऩा के तहत चल रही कार्रवाई को निरस्त करने के आदेश दिए।

