प्रेम विवाह करने की सज़ा – महिला को परिवार वालों ने चौराहे पर जिंदा जलाया

प्रेम विवाह करने की पीहर पक्ष ने दी सजा, आठ साल बाद ससुराल से घसीटकर निकाला और केरोसिन डालकर आग लगा दी, पुलिस ने भाई सहित तीन को गिरफ्तार किया, करीब पांच लोगों की तलाश जारी

20160305001718 (2)

उदयपुर । डूंगरपुर जिले के आसपुर थाना क्षेत्र के पचलासा गांव में ऑनर किलिंग का दिल दहला देने वाला मामला सामना आया है। अपनी मर्जी से शादी करने का युवती को आठ साल बाद गांव लौटने पर पीहर पक्ष के लोगों ने ससुराल से घसीटकर बाहर निकाला और गांव के चौराहे पर जिंदा जला दिया। आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के लिए रात में ही मृतका का अंतिम संस्कार भी कर दिया। इस दिल-दहला देने वाली घटना को लेकर क्षेत्र में दहशत और तनाव का माहौल है। गांव में भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड के आरोपी मृतक के भाई सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को इस हत्याकांड में आठ से नौ लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली है, जिनकी पहचान करके गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार आसपुर थाना क्षेत्र के पचलासा गांव की रमा कुंवर ने 2007 में रमा कुंवर ने घर से भाग कर गांव के ही प्रकाश सेवक नामक युवक के साथ शादी कर ली। रमा कुंवर शादी करने के बाद कभी गांव में वापस नहीं आई। रमा कुंवर दो दिन पूर्व ही उसके पति प्रकाश सेवक के साथ अपने गांव पहुंची। वह पिछले दो दिनों से अपनी सास और भाभी के साथ रही रही थी। गांव में आने पर राम कुंवर के भाई व अन्य परिजनों ने उसको धमाया और गांव से वापस चले जाने को कहा, लेकिन रमा कुंवर नहीं गई। कल रात एक बजे रमा कुंवर के भाई लक्ष्मणसिंह सहित आठ-नौ अन्य परिजन रमा कुंवर के घर में घुसे और रमा कुंवर के ससुराल वालों के साथ मारपीट की। बाद में रमा कुंवर को घसीटते हुए गांव के चौराहे पर लाए, जहां उसे केरोसिन डालकर जिंदा जला दिया। आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए रात को ही मृतका का अंतिम संस्कार भी कर दिया। इस घटना के बाद मृतका रमा कुंवर की सास ने पुलिस को सूचना दी, जिस पर पुलिस गांव में पहुंची और रमा कुंवर के भाई सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस इस हत्याकांड के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
पता चला है कि २००७ में जब रमा कुंवर ने प्रकाश से प्रेम विवाह किया था, तब भी रमा के पीहर पक्ष के लोगों ने प्रकाश के परिजनों से मारपीट की थी। पीहर पक्ष ने रमा की काफी तलाश भी की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। दो दिन पूर्व ही रमा आठ साल बाद वापस गांव लौटी थी, जिसे पीहर पक्ष के लोगों ने जिंदा जलाकर मार दिया। रमा कुंवर के एक तीन साल की बच्ची है, जो अभी उसके पति के पास है।

कन्हैया को गोली मारने वाले को 11 लाख का इनाम – ज़बान काट कर लाने वाले को 5 लाख मिलेंगे

0

1457084392-5007

U Post जेएनयू में देशद्रोही नारेबाजी के आरोप में जमानत पर बाहर आए जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार के सिर पर एक संगठन से 11 लाख रुपये का इनाम रखा है. पूर्वांचल सेना नाम के संगठन की ओर से लगाए गए पोस्टर में कन्हैया को गोली मारने वाले को 11 लाख रुपये का इनाम दिए जाने का ऐलान किया गया है.

kanhayya

प्रेस क्लब के पास पोस्टर पर पुलिस कार्रवाई
प्रेस क्लब के नजदीक लगाए गए गए पोस्टर की सूचना पाकर दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंची. सारे पोस्टर फाड़ दिए गए हैं. इन फटे हुए पोस्टर के साथ पुलिस अधिकारी पूर्वांचल सेना के अध्यक्ष का पता लगा रही है. पुलिस एसीपी ने सेना अध्यक्ष को पूछताछ के लिए संसद मार्ग थाना बुलाया है.

कन्हैया की जीभ काटने वाले को 5 लाख

इसके पहले यूपी के बदायूं में भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष कुलदीप वार्ष्णेय ने आरएसएस और पीएम मोदी पर कन्हैया के आरोपों से सख्त नाराजगी जताई. उन्होंने अजीबोगरीब ऐलान करते हुए कन्हैया की लाने वाले को पांच लाख रुपये इनाम देने की बात कही.

कन्हैया की गतिविधियों पर रहेगी नजर
दिल्ली पुलिस ने जेएनयू प्रशासन को इस बारे में सूचना देकर कहा है कि कन्हैया की गतिविधियों पर नजर रखा जाए. 17 फरवरी को कन्हैया पर हुए हमले के बाद कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक डीसीपी ने पत्र लिखकर बसंत कुंज थाने को इस बारे में आगाह किया गया था. पुलिस ने कहा है कि कैंपस से बाहर निकलने पर कन्हैया के साथ पुलिस सुरक्षा लगी रहेगी.

नहीं है दोनों हाथ, फिर भी क्रिकेट खेलते हैं आमिर : देखें, कैसे कर पाते हैं बैटिंग-बॉलिंग…

0

aamir-husain_650x488_71457078733

post. आत्मविश्वास वह भावना है, जो इंसान के हौसले को अगम्य ऊंचाइयों तक भी आसानी से ले जा सकती है… इस बात को साबित कर दिखाया है कश्मीर के 26-वर्षीय आमिर हुसैन ने, जो अपनी इच्छाशक्ति के बूते दुनियाभर के लिए अदम्य साहस और जुझारू प्रवृत्ति की मिसाल बन चुका है…

हालात ने जो कुछ भी आमिर के साथ किया, उसके बाद किसी का भी अपने पांवों तक पर खड़े होना आसान नहीं था, लेकिन आमिर ने हार नहीं मानी और हालात को अपने हक में मोड़कर एक मिसाल कायम की… Barcroft TV द्वारा यूट्यूब पर अपलोड किया गया आमिर का यह वीडियो आप देखें, और हमारा वादा है, आप अविश्वास में अपनी आंखें मलने के लिए मजबूर हो जाएंगे…

दरअसल, बचपन में हुए एक हादसे ने आमिर से उसके दोनों हाथ छीन लिए थे, लेकिन अब आमिर इस वीडियो में आपको बिल्कुल सामान्य लोगों के साथ बेहद ‘असामान्य’ तरीके से क्रिकेट खेलता दिखाई देगा… दरअसल, आठ साल की उम्र में आमिर के हाथ आरा मशीन (लकड़ी चीरने वाला मशीन) की चपेट में आ गए थे, जिसके बाद हाथों को कंधे से ही काट देना पड़ा…

बैट बनाने का काम करने वाले आमिर के पिता बशीर अहमद ने बेटे को बचाने के लिए सब कुछ बेच डाला… तीन साल तक अस्पताल में रहने के बाद जब आमिर बाहर आया, तो निराश या हताश नहीं था, बल्कि मन में नए सिरे से जीवन की शुरुआत करने का जज़्बा था… आज आमिर शॉट लगाने में माहिर क्रिकेटर माने जाते हैं, और यही नहीं, कश्मीर की पारा क्रिकेट टीम के कप्तान भी हैं…

शायद पिता के पेशे की वजह से था, लेकिन आमिर को क्रिकेट से बचपन से ही लगाव था… हाथों के जाने के बाद भी क्रिकेट से लगाव कम नहीं हुआ, और उन्होंने बल्ले को पकड़ने की नया ही तरीका ईजाद कर डाला… आमिर बल्ले को अपने कंधे और गले के बीच में फंसाकर खेलते हैं, और शानदार शॉट लगाने में माहिर कहे जाते हैं… आमिर गेंदबाजी भी करते हैं… हैरानी हो रही है…? लेकिन सच यह है कि वह पैर की अंगुलियों के बीच गेंद को फंसाकर स्पिन बॉलिंग भी कर लेते हैं… और हां, फील्डिंग के वक्त भी आमिर मैदान में ही रहते हैं, क्योंकि पैरों से बॉल को रोककर फील्डिंग करने में भी उन्हें महारत हासिल है…

क्रिकेट खेलने के अलावा आमिर पैरों की मदद से लिख भी लेते हैं, और पेंटिंग तक कर पाते हैं… 12वीं तक स्कूली पढ़ाई कर चुके आमिर किसी पर भी निर्भर नहीं हैं, और अपना सारा काम – जैसे दाढ़ी बनाना, नहाना, कपड़े पहनना – खुद ही करते हैं…

news source – NDTV

बजट में अल्पसंख्यकों के लिये स्कीम से सौतेला व्यवहार?

0

slider_waqf

नई दिल्ली, २ मार्च। अरूण जेटली द्वारा प्रस्तुत किए गए केन्द्रीय बजट में दो नई योजनाओं के साथ अल्पसंख्यकों के लिए आवंटित राशि में केवल न्यूनतम बढोतरी ही दिखाई देती है तथा वर्तमान में चल रही योजनाओं के लिए बजट में या तो न्यूनतम आवंटन ही किया गया है अथवा उन्हें आकस्मिक रूप से बंद करने की घोषणा की गई है।
अल्पसंख्यक मामलात विभाग, जो कि सभी योजनाओं तथा नियमित कार्यों की योजना, समन्वय, मूल्यांकन तथा परीक्षण एवं अल्पसंख्यक समुदायों के हितों के लिये तैयार विकास कार्यक्रमों का प्रतिपादन करता है, ने पाया कि २०१६-१७ के सामान्य बजट में उनके विभाग के आवंटन को बढाकर 3827.25 करोड रूपए किया गया है। जो कि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 89.25 करोड रूपये ज्यादा है।
बजट पेश करते हुए, वित्त मंत्री अरूण जेटली ने अल्पसंख्यक मामलात विभाग के लिए 3827.25 करोड रूपए आवंटित किए। जिसमें से 3800 करोड रूपए प्लान-हैड के लिए तथा शेष 27.25 करोड रूपए नान-प्लॉन हैड के लिए रखे गए हैं। केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्री नजमा हेपतुल्ला ने इसे एक ’’ऊँची छलांग’’ की संज्ञा दी तथा कहा कि उनका मंत्रालय अब अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण की योजनाओं को ज्यादा प्रभावकारी रूप से लागू करने पर अपना ध्यान केन्द्रित करेगा।
हालांकि, पिछले वर्ष के विपरीत, सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि किसी नई योजना की घोषणा नहीं की गई है, center_imageजबकि प्रचलित योजनाओं की राशि में या तो कटौती कर दी गई है अथवा उन्हें समाप्त कर कर दिया गया है। इस वर्ष के बजट में अल्पसंख्यकों के लिए एक महत्वपूर्ण घटक अनुपस्थित है, वह यह है कि राज्य वक्फ बोर्ड के सुधार हेतु कोई आवंटन नहीं किया गया है। पिछले वर्ष, इस योजना के लिए बजट में 6.7 करोड रूपए आवंटित किए गए थे। इस वर्ष के बजट में वह वर्ग जो बुरी तरह से प्रभावित हुआ है, वह विद्यार्थी वर्ग है। वर्ष 2015-16 में प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए 1040 करोड रूपयों का प्रावधान था, जिसमें 109 करोड रूपयों की कटौती करके उसे घटाकर 831 करोड रूपये कर दिया गया है। इसी प्रकार, पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत इस वर्ष 550 करोड रूपए आवंटित किए गए हैं जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 30 करोड रूपए कम है। केवल एक योजना, जिसके लिए बजट प्रावधानों के आवंटनों में पर्याप्त वृद्घि दिखाई देती है, वह है मौलाना आजाद नेशनल फैलोशिप स्कीम। इसके लिए करीब 80 करोड रूपए दिए गए हैं, वहीं पिछले वर्ष इसके लिए 49 करोड रूपये आवंटित किए गए थे। जेटली ने संसद में अपने भाषण के दौरान कहा कि ’’अल्पसंख्यकों के कल्याण एवं कौशल विकास की योजनाएं जैसे बहु क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम तथा यू.एस.टी.ए.ए.डी. प्रभावशाली तरीके से लागू की जाएगी।’’ अपने तीसरे बजट में, वर्तमान एनडीए सरकार ने अल्पसंख्यकों के विकास के लिए अम्ब्रैला स्कीम्स को लागू करने के लिए, 1245 करोड रूपये आवंटित किए हैं। जिसमें मल्टी-सैक्टोरल डवलपमेंट प्रोग्राम (एम.एस.डी.पी.) के लिए 1125 करोड रूपए भी इसमें शामिल हैं। इस वर्ष के बजट में इसमें 120 करोड रूपए की कमी की गई है। केन्द्र ने छ: अल्पसंख्यक समुदायों-मुसलमान, बौद्घ, जैन, पारसी, सिख तथा ईसाइयों के शैक्षिणक विकास के लिए 1949 करोड रूपए अलग से रखे हैं। कौशल विकास कार्यक्रमों जैसे सीखो और कमाओ, अपग्रेडिंग स्किल्स एण्ड ट्रेनिंग इन ट्रेडिशनल आर्ट्स/क्रॉफ्ट्स फॉर डवलपमेंट (यू.एस.टी.टी.ए.डी.) तथा ’नई मंजिल’ तथा इन्टीग्रेटेड एजूकेशनल एण्ड लाईवलीहुड इनीशेटिव (एक नई योजना) आदि को लागू करने के लिए जेटली ने 385 करोड रूपए आवंटित किए हैं। हालांकि, केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्री नजमा हेपतुल्ला ने बजट पर प्रसन्नता व्यक्त की है तथा कहा है कि मंत्रालय को करीब 100 करोड रूपए अतिरिक्त प्राप्त हुए हैं। नजमा हेपतुल्ला ने कहा ’’मैं सोचती हूँ कि यह एक ऊँची छलांग है। हमने 2015-16 के दौरान करीब 98 प्रतिशत धनराशि का इस्तेमाल कर लिया है। मैं इस एस.एस.डी.पी. कार्यक्रम में सुधार करना चाहती हूँ। मैं इसे ज्यादा व्यापक तथा प्रभावकारी बनाना चाहती हूँ, जिससे कि सही लोगों तक इसके लाभ पहुँच सके।’’

नशीला पदार्थ खिलाकर बनाई युवती की अश्लील क्लिपिंग

mmsजयपुर . जयपुर शहर के ब्रह्मपुुरी थाना इलाके में एक युवती को नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ लंबे समय तक दुष्कर्म किए जाने का जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक मूल रूप से भीलवाड़ा निवासी युवती काफी समय से राजापार्क स्थित एक अपार्टमेंट में रहती थी, जिसकी दोस्ती रामगढ़ मोड़ निवासी दीपक से हो गई।

दोनों अक्सर एक दूूसरे से बाहर मिलने लगे। पीडिता के मुताबिक एक दिन मौका पाकर आरोपी उसे अपने आवास पर ले गया और चाय में नशीला पदार्थ पिला दिया। इसके बाद वह अचेत हो गई, जब वे होेश में आई तो उसके कपडे अस्त-व्यस्त थे। आरोपी ने उसकी अश्लील क्लिपिंग भी बना ली थी। इसके बाद आरोपी लगातार वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने की धमकी देकर आए दिन उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। इससे वह अवसाद में रहने लगी।

पीडिता ने जब ये बात अपने परिवार वालों को बतानी चाही तो आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देता रहा। आखिर हिम्मत कर पीडिता ने ये बात अपने परिवार वालों को बताई। इसके बाद पीडिता ने आरोपी के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने पीडिता की रिपोर्ट पर तुरंत कार्रर्वा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

जांच की आड़ में रेजिडेंट डॉक्टर ने मरीज युवती के साथ की अश्लील हरकत

AsHJet_CuYajCHp99w71lE2YWcXd_S0WG5D1Pp8PUxFm

उदयपुर। उदयपुर के बड़ी गांव स्थित आरएनटी मेडिकल कॉलेज के टीबी अस्पताल में एक रेजिडेंट डॉक्टर पर मरीज के परिजनों ने भर्ती युवती से छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाये है। परिजनों ने इसकी शिकायत टीबी अस्पताल के अधीक्षक को की है। अधीक्षक ने कमेटी गठित कर जांच करने की बात कही है। पुलिस में इस सम्बन्ध में अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।
जानकारी के अनुसार टीबी अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर जितेन्द्र ने वार्ड नंबर सात में भर्ती १८ वर्षीय युवती निकी गुप्ता से सोमवार देर रात इलाज करने के बहाने उसकी माँ बिना गुप्ता को बाहर भेज कर अश्लील हरकत की और गुप्तांगों के साथ छेड़छाड़ की। घबराई युवती ने बाद में माँ को डॉक्टर की सारी करतूत बताई और इलाज के लिए मना कर दिया कि मुझे यहां इलाज नहीं करवाना। रात में ही मरीज की माँ बिना गुप्ता वार्ड के इंचार्ज डॉक्टर और अधीक्षक डॉ महेंद्र कुमार के पास गयी और शिकायत की। डॉ महेंद्र कुमार ने सुबह कारवाई करने का आश्वाशन दिया।
मरीज निकी की माँ बिना गुप्ता ने बताया कि वह नीमच से अपनी बेटी का इलाज करवाने के लिए २० फरवरी को यहाँ लाये थे और बेटी को भर्ती किया गया। सोमवार देर रात को रेजिडेंट डॉक्टर जितेन्द्र आया और कहा कि इसका इलाज में ApTrMa2qbGFulmzNY5-upW8d0IIjyxRFeFjTYUnCD4r0करुगा तुम अंदर कमरे में जाओ और इसकी फ़ाइल धुंद कर लेकर आओ। जब वह अंदर फ़ाइल लेने के लिए गयी तो पीछे से डॉक्टर मरीज के अंगों से छेद छेड़छाड़ करने लगा। माँ ने बताया कि जब फ़ाइल लेकर आई तो फिर से उसको भेज दिया कि यह फ़ाइल नहीं है दूसरी लेकर आओ। और फिर से मेरी बेटी निक्की के गुप्तागों से छेड़छाड़ करने लगा माँ बिना गुप्ता ने बताया कि मेरे आने बाद डॉक्टर ने कहा कि में बाद में वापस आकर चेक करता हू। डॉक्टर के जाते ही मरीज निक्की ने रोते हुए आपबीती बताई और कहा कि यहां इलाज नहीं करवाना है। मान का ने आरोप लगाने हुए कहा कि बिना हाथों में दस्ताने पहले बुरी नियत के साथ मेरी बेटी के अंगों से छेड़छाड़ की है। उस समय वार्ड में केवल तीन मरीज ही भारती थी जो निक्की के बेड से दूर थे और सोये हुए थे। इधर शिकायत मिलाने के बाद भी अस्पताल प्रशासन इस मामले को लेकर गंभीर नजर नहीं आया और टालमटोल वाले रवय्या अपनाते हुए जवाब दिया। पहले तो मरीज की माँ पर दबाव भी बनाया गा कि वह इस मामले को रफा दफा कर द, लकिन मरीज की माँ ने दोषी को सजा दिलवाने की ही ठान ली है। अधीक्षक डॉ महेंद्र कुमार ने आधिकारिक बयान देते हुए मामला उनकी जानकारी में आया है लिखित में पीड़ित से शिकायत लेली है और जाँच कमेटी भी बना डी गयी है इस सही और गलत का फैसला तो कमेटी की रिपोर्ट आने पर ही पता चलेगा।

बजट 2016: हर वो सेवा हुई महंगी जिनपर लगते हैं सर्विस टैक्स

0

restaurant1-580x360

नई दिल्ली: बजट में सबकी नजर इस पर होती है कि किस चीज के दाम बढ़ेगे और क्या सस्ता हो सकता है तो आइए हम आपको बताते हैं कि आज के बजट के बाद कौन सी चीज़ें महंगी और कौन सी चीज़ें सस्ती होंगी.

जब आप रेस्टोरेंट में खाने के लिए जाते हैं तो खाने के बिल पर स्वच्छता सेस मिलाकर कुल 14.5 फीसदी सर्विस टैक्स भी देते हैं. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अब .5 फीसदी बढ़ाने का एलान किया है. यानी हर वो चीज जिस पर सर्विस टैक्स दिया जाता है वो महंगी हो गई हैं.

मोबाइल का बिल

हवाई यात्रा

रेल टिकट

बीमा पॉलिसी महंगी

सिनेमा जाना महंगा

ब्यूटी पार्लर का बिल बढ़ेगा

केबल महंगा

होटल या रेस्तरां में खाना

प्रॉपर्टी खरीदना

पैक्ड जूस

ब्रांडेड दही या पनीर

आइसक्रीम

नूडल्स

सोया मिल्क

देश का बजट : जानें क्या पड़ेगा जेब पर भारी, कहां मिलेगी राहत

0

FotorCreated59-580x395

नई दिल्ली : बजट में सबकी नजर इस पर होती है कि किस चीज के दाम बढ़ेंगे और क्या सस्ता हो सकता है. हम आपको बताते हैं कि आज के बजट के बाद कौन सी चीज़ें महंगी हो गईं. और जेब पर पड़ेगी भारी.

जो पड़ेगा जेब पर भारी : 

अब तक की जानकारी के अनुसार हर तरह ही सिगरेट और सिगार अब महंगी हो गई है. इसके साथ ही कार खरीदने की योजना बनाने वालों पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है. क्योंकि कारें महंगी होने जा रही हैं.

ब्रांडेड कपड़ों को लेकर भी अब जेब ढीली होने जा रही हैं. क्योंकि इनपर भी कर बढ़ा दिया गया है. कोयले पर 400 रु प्रति टन का क्लीन एनर्जी सेस लगाया गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बिजली के रेट भी बढ़ सकते हैं.

ज्वेलरी पर 1% टीडीएस कटेगा. इससे गहनों के महंगे होने के आसार भी हैं. इसके साथ ही हवाई व रेल यात्रा भी अब महंगी पड़ेगी. सर्विस टैक्स बढ़ने के साथ ही अब रेस्टोरेंट में खाना और होटलों का बिल भी भारी पड़ने वाला है.

यह चीजें होंगी सस्ती : 

महंगाई के लगातार बढ़ते इस समय में कुछ लोगों के लिए राहत की भी सूचना है. 35 लाख तक का हाउस लोन लेने वालों को 50 हजार की छूट मिलेगी. यह छूट पहली दफा मकान लेने वालों के लिए होगी. ऐसे में कह सकते हैं कि इस लिहाज से लोन सस्ता होगा. इसके साथ ही डाइलेसिस में काम आने वाली मशीनों पर छूट दी जाएगी. इससे डाइलेसिस कराने वाले लोगों को यह सुविधा सस्ती होगी.

इन वजहों से मोदी सरकार से नाराज होगा मिडिल क्लास!

0

Budget 2016_logo

मोदी सरकार अपने तीसरे बजट में गरीबों पर तो मेहरबान दिखी लेकिन नौकरीपेशा और मिडिल क्लास को उसने कोई बड़ी राहत नहीं दी.

इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं

पिछली बार की तरह इस बार भी नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग इनकम टैक्स में छूट और बढ़ने की उम्मीद लगाए हुए बैठा था लेकिन वित्त मंत्री के पिटारे से इस बार भी कुछ नहीं निकला. इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया यानि टैक्स में छूट की सीमा पहले की तरह ढाई लाख रुपये ही है. सालाना 2.5 लाख से 5 लाख कमाने वालों को 10 फीसदी, पांच से 10 लाख रुपये कमाने वालों को 20 फीसदी और 10 लाख से ज्यादा कमाने वालों को 30 फीसदी टैक्स लगता है.

सर्विस टैक्स बढ़ने से जेब ढीली

मोदी सरकार ने सर्विस टैक्स को 14.5 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है. अब इस पर आधा फीसदी किसान कल्याण कर वसूला जाएगा. यानि मीडिल क्लास को राहत तो नहीं मिली लेकिन बोझ जरूर बढ़ा दिया है. इसका मतलब ये हुआ है कि रेस्टोरेंट में खाना-पीना हो या फिर फोन, मोबाइल, बिजली के बिल या फिर और दूसरी सेवाएं इस पर अब आपको ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी.

डिविडेंड ड्रिस्ट्रीब्यूशन टैक्स लगेगा

वित्त मंत्री ने बजट में एलान किया है कि अगर किसी शेयरधारक का डिविडेंड यानि लाभांश दस लाख रुपये या उससे ज्यादा है तो उसे अपनी आय पर 10 फीसदी टैक्स देना होगा.

अगर आपने किसी कंपनी के शेयर खरीद रखें हैं और उससे आपको सालाना 10 लाख की आमदनी हो रही है तो आप इसके दायरे में आ जाएंगें यानि यहां भी आपकी जेब पर कैंची चलाई गई है.

छोटे करदाताओं को मामूली राहत

हालांकि वित्त मंत्री ने छोटे करदाताओं पर थोड़ी मेहरबानी जरूर दिखाई है. सालाना पांच लाख इनकम वालों को तीन हजार रुपए की अतिरिक्त छूट दी गई है. इसके साथ ही हाउस रेंट की छूट 24000 से बढ़ाकर 60000 रुपए कर दी गई है. इस छूट को इस तरह से समझ सकते हैं जिन कर्मचारियों को कंपनी हाउस रेंट अलाउंस यानि एचआरए नहीं देती है तो सरकार मकान किराया 24 हजार मानकर टैक्स में छूट दे रही थी. अब सरकार ने ने ये छूट 60 हजार रुपये तक बढ़ा दी है. वित्तमंत्री ने कहा कि छोटे टैक्सपेयर को राहत देने के लिए हाउस रेंट की छूट बढ़ाई जा रही है.

इस बजट में पहली बार मकान खरीदने वालों को भी छूट दी गई है. पहली बार मकान खरीदने वालों के लिए 35 लाख तक के कर्ज पर 50 हजार रुपये ब्याज छूट दी गयी है बशर्ते मकान 50 लाख तक की होनी चाहिए.

Budget 2016: सरकार गरीबों पर मेहरबान, मिडिल क्लास पर महंगाई की मार

0

budget1-580x395

मोदी सरकार अपने तीसरे बजट में गरीबों पर तो मेहरबान दिखी लेकिन नौकरीपेशा और मिडिल क्लास को उसने कोई बड़ी राहत नहीं दी. पिछली बार की तरह इस बार भी नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग इनकम टैक्स में छूट और बढ़ने की उम्मीद लगाए हुए बैठा था लेकिन वित्त मंत्री के पिटारे से इस बार भी कुछ नहीं निकला. इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया यानि टैक्स में छूट की सीमा पहले की तरह ढाई लाख रुपये ही है. सालाना 2.5 लाख से 5 लाख कमाने वालों को 10 फीसदी, पांच से 10 लाख रुपये कमाने वालों को 20 फीसदी और 10 लाख से ज्यादा कमाने वालों को 30 फीसदी टैक्स लगता है.

सर्विस टैक्स बढ़ने से जेब ढीली
मोदी सरकार ने सर्विस टैक्स को 14.5 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है–अब इस पर आधा फीसदी किसान कल्याण कर वसूला जाएगा. यानि मीडिल क्लास को राहत तो नहीं मिली लेकिन बोझ जरूर बढ़ा दिया है–इसका मतलब ये हुआ है कि रेस्टोरेंट में खाना-पीना हो या फिर फोन, मोबाइल, बिजली के बिल या फिर और दूसरी सेवाएं–इस पर अब आपको ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी.

डिविडेंड ड्रिस्ट्रीब्यूशन टैक्स लगेगा
वित्त मंत्री ने बजट में एलान किया है कि अगर किसी शेयरधारक का डिविडेंड यानि लाभांश दस लाख रुपये या उससे ज्यादा है तो उसे अपनी आय पर 10 फीसदी टैक्स देना होगा. अगर आपने किसी कंपनी के शेयर खरीद रखें हैं और उससे आपको सालाना 10 लाख की आमदनी हो रही है तो आप इसके दायरे में आ जाएंगें. यानि यहां भी आपकी जेब पर कैंची चलाई गई है.

छोटे करदाताओं को मामूली राहत
हालांकि वित्त मंत्री ने छोटे करदाताओं पर थोड़ी मेहरबानी जरूर दिखाई है. सालाना पांच लाख इनकम वालों को तीन हजार रुपए की अतिरिक्त छूट दी गई है. इसके साथ ही हाउस रेंट की छूट 24000 से बढ़ाकर 60000 रुपए कर दी गई है. इस छूट को इस तरह से समझ सकते हैं जिन कर्मचारियों को कंपनी हाउस रेंट अलाउंस यानि एचआरए नहीं देती है तो सरकार मकान किराया 24 हजार मानकर टैक्स में छूट दे रही थी. अब सरकार ने ने ये छूट 60 हजार रुपये तक बढ़ा दी है.

वित्तमंत्री ने कहा कि छोटे टैक्सपेयर को राहत देने के लिए हाउस रेंट की छूट बढ़ाई जा रही है. इस बजट में पहली बार मकान खरीदने वालों को भी छूट दी गई है. पहली बार मकान खरीदने वालों के लिए 35 लाख तक के कर्ज पर 50 हजार रुपये ब्याज छूट दी गयी है बशर्ते मकान 50 लाख तक की होनी चाहिए.