उदयपुर । शराब के नशे में राष्ट्रीय ध्वज फाडने के मामले में दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। माण्डवा थानाधिकारी भगवतसिंह ने १५ अगस्त को पंचायत भवन माण्डवा पर चढ कर राष्ट्रीय ध्वज फाडने के मामले में टीलरवा निवासी नागजी पुत्र भोईला लहूर, साईबा पुत्र कालू लहूर को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से राष्ट्रीय ध्वज व रस्सी बरामद की। प्रकरण के अनुसार शनिवार सवेरे स्वतंत्रता दिवस के अवसर मर माण्डव पंचायत भवन पर झंडारोहण किया गया था। आरोपी रिश्तेदारी में स्वरूप गंज गए थे दोपहर में वहां से वापस लौट रहे थे। बीच रास्ते शराब पीने के बाद पैदल गांव लोट रहे थे। इस दौरान आरोपियों ने रस्सी की आवश्यकता होने पर पॉल से रस्सी खिची । रस्सी नहीं मिलने पर एक आरोपी ने पॉल पर चढ कर रस्सी के लिए ध्वज को खिचने पर ध्वज फट गया तथा आरोपी रस्सी व ध्वज लेकर भाग गए। इसको देख ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना कर दी। इस पर थानाधिकारी ने आरोपियों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया।
शराब के नशे में करदिया राष्ट्रीय ध्वज का अपमान
डूंगरपुर में कांग्रेस प्रत्याशी पर फायरिंग, मचा बवाल
डूंगरपुर. शहर में सनसनीखेज घटनाक्रम में बाइक सवार हमलावरों ने पार्षद का चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के युवा नेता पर फायरिंग कर दी। शनिवार रात कलक्ट्रेट के सामने हुई वारदात में हालांकि युवा नेता बाल-बाल बच गया। प्रत्याशी को बदहवास और मामूली जख्मी देर रात अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया, लेकिन इसे लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जैन समाज के लोगों में रोष फैल गया। लोग देर रात में ही कलक्टर और एसपी के निवास पर पहुंच गए और कार्रवाई के साथ सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग की। वारदात को लेकर दूसरे दिन जैन समाज ने शहर में मौन जुलूस भी निकाला।
कार के गेट में सुराख, चटके शीशे
नगरपालिका चुनाव में वार्ड 23 से कांग्रेस के प्रत्याशी संजय मेहता जनसम्पर्क के बाद देर रात करीब 11.45 बजे कार से अकेले ही न्यू कॉलोनी अपने घर लौट रहे थे। पुलिस के अनुसार यहां कलक्ट्रेट के सामने गली में वे कुछ देर रुके, तभी हेलमेट लगाए दो युवा अचानक मोटरसाइकिल पर आए। इनमें से एक ने पिस्तौल निकालकर मेहता पर दो फायर किए और भाग छूटे। हमले पर कार में ही दुबकने आैर गोलियां गेट आैर शीशे भेदते हुए निकलने से मेहता बच गए। उन्हें चोटें आने आैर अचानक हमले से बदहवास होने पर अस्पताल ले जाया गया।
रात में ही जुटे पार्टी पदाधिकारी
घटना की सूचना आग की तरह शहर में फैली, तो रात में ही सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और जैन समाज के लोग जमा हो गए। सभी लोग कलक्टर एवं एसपी निवास पर गए और घटनाक्रम को लेकर रोष जताते हुए सुरक्षा की मांग की है। इस एसपी ने तत्काल जांच शुरू करवाते हुए मेहता को सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
मौके से कार्टिज बरामद, कातिलाना हमले का केस दर्ज
मामले पर रात में ही मौका मुआयने के दौरान पुलिस को दो खाली कार्टिज बरामद हुए। सीआई मनोज सामरिया ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात बाइक सवारों के खिलाफ जानलेवा हमले के आरोप में केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
हरियाली के मेले में उमड़ा जन सैलाब
उदयपुर। श्रावण मास का सबसे बड़ा दो दिवसीय हरियाली अमावस के मेले में पहले दिन बारिश ने मेले की रोनक बढ़ा दी भीगते हुए मेलार्थियों में बारिश की फुहार से और जोश भर गया । अच्छी बारिश और फतहसागर के ओवरफ्लो गेट से गिरती चादर ने भी मेले में चार चांद लगा दिए हैं। फतहसागर की पाल से लेकर सहेलियों की बाड़ी तक और सुखाडिय़ा सर्किल, गुलाबबाग में ग्रामीणों की भीड़ जुट रही है। मेले का दूसरा दिन यानि शनिवार महिलाओं के नाम रहेगा, जहां सिर्फ महिलाएं ही प्रवेश ले सकेगी।
श्रावण मास में उदयपुर में होने वाला यह हरियाली अमावस्या का मेला संभागभर में सबसे बड़ा मेला होता है। मेले के पहले दिन यहां पर उदयपुर जिले के और आसपास के जिलों से आए ग्रामीण बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। इस बार सावन की मेहरबानी से झीलें लबालब है। फतहसागर पर गेट खोलने से मेले की रौनक और बढ़ गई है। सुबह आठ बजे से गांवों से मेलार्थियों ने झुंड के रूप में आना शुरू हो गए हैं। दिन को एक बजे तक तो खासी भीड़ हो गई जो देर शाम तक रही। रंगबिरंगे परिधानों में ग्रामीण मेलार्थी मेले का आनंद उठाते रहे | उम्मीद की जा रही थी कि बारिश अच्छी होने से इस बार मेले की रौनक ज्यादा रहेगी और भीड़ भी हमेशा से अधिक रहेगी और हुआ भी ऐसा ही। मेले में भीड़ को देखते हुए फतहसागर और सहेलियों की बाड़ी की तरफ जाने वाले रास्तों पर यातायात को अन्य रास्तों पर डायवर्ट किया गया।
बारिश ने बड़ाई रोनक : भीड़ सुबह से शुरू हो गयी थी दिन तक मेला अपने पूरी रोना पर था और करीब चार बजे तेज बारिश शुरू हो गयी मेलार्थियों में बारिश से और ज्यादा जोश भर गया यही नहीं कई ग्रामीण मेलार्थी फतेहसागर की पाल पर पारंपरिक नृत्य तक करने लग गए | एक घंटे तक चली बारिश ने मेलार्थियों को खूब भिगोया हालाँकि स्टाल लगाने वालों को जरूर परेशानी का सामना करना पढ़ा |
झरने पर भारी भीड़ : पिछले चार दिनों से जारी बारिश की वजह से कल फतहसागर ओवरफ्लो हो गया था और पानी की आवक को देखते हुए कल फतहसागर के गेट भी खोल दिए गए थे। आज मेले के दौरान फतहसागर के इस गिरते झरने को देखने के लिए पूरा दिन से जाम की स्थिति बनी हुई रही। वाहनों का प्रवेश निषेध था, फिर भी लोगों की इतनी भीड़ थी कि झरने वाली जगह जाम बना हुआ रहा । मेले में आए ग्रामीणों में झरने के साथ अपनी सेल्फी लेने की होड़ लगी हुई रही।
स्टॉलों पर भीड़ : फतहसागर पर खाने से लेकर शृंगार और खिलौनें की ढेरों स्टालें लगी हुई थी, जहां पर ग्रामीण की भीड़ सुबह से पड़ रही थी। चाट-पकौड़ी की स्टॉलों पर महिलाओं की भीड़ शृंगार और महिला सौंदर्य की दुकानों पर भी खासी भीड़ नजऱ आई । मेले के पहले दिन सहेलियों की बाड़ी की अपेक्षा फतहसागर पर लगी स्टॉलों में ज्यादा भीड़ जमा दिखी ।
मोतीमगरी-सहेलियों के बाड़ी में प्रवेश निशुल्क : मेलार्थियों के लिए आज मोतीमगरी और सहेलियों की बाड़ी में प्रवेश निशुल्क रखा गया । दोनों स्थलों पर मेलार्थी अपने परिवारों सहित पहुंचे और पिकनिक का आनंद भी उठाया। इधर, गांव से आने वाले की भीड़ गुलाबबाग़ में भी रही।
झील का पूजन : उदयपुर की फतहसागर झील के लबालब होने के साथ ही प्रदेश के गृह सेवक गुलाबचंद कटारिया ने फतहसागर में नये आए जल का पूजन किया। जल पूजन के इस कार्यक्रम में श्री कटारिया, मेयर चंद्रसिंह कोठारी सहित बीजेपी के कई पार्षद और शहर के गणमान्य नागरिक मौजुद थे। फतहसागर झील के लबालब होने से पूरे शहर में खुशी की लहर दौड़ पड़ी हैं, वहीं आज कटारिया ने विधिवत रूप से गंगा आरती की और झील के जल का पूजन किया। इस मौके पर कटारिया ने भी फतहसागर के लबालब होने पर खुशी जाहिर की और देवास परियोजना के मार्फत इन झीलों को पूरे साल लबालब रखने का विश्वास जताया।
फतह हुआ आब और छलक पड़ा फतहसागर
रात १० बजे छलका फतहसागर, शहर के गर बाशिंदे के चहरे से छलकी फतहसागर छलकने की ख़ुशी ।
उदयपुर। शहर के हर बाशिंदे के दिल के करीब ऐतिहासिक खूबसूरत झील फतहसागर आज लबालब हो कर छलक पड़ी। जैसे ही रात १० बजे फतह सागर के पानी ने झील की हदें पार कर चादर के रूप में गिरना शुरू किया, लोगों के चेहरों पे एक अलग तरह की ख़ुशी झलक गयी जो सिर्फ छलकते फतहसागर को देख कर ही झलकती है । वहां खड़े लोगों के मोबाइल के कैमरे खुल गए और पल भर में फतह सागर के छलकने की खबर पुरे शहर में आग की तरह फेल फ़ैल गयी व्हाट्सप्प और फेसबुक पर पल भर में ढेरों फोटो शेयर हो गए । कई जोशीले शहर वासी अपने प्यारे फतहसागर को छलकते देखने के लिए रात में ही पहुचने लग गए ।
लेकसिटी में आज दिनभर बिजली की कडकडाहट के साथ मूसलाधार बारिश का दौर चलता रहा। शहर की कई सडकें जलमग्न हो गई।
लेकसिटी में लगी बारिश का झडी का दौर चौथे दिन भी जारी रहा। शहर के सौन्दर्य को चार चांद लगाने वाली ऐतिहासिक पीछोला झील व फतहसागर झीलें लबालब हो गई है। सीसारमा नदी से हो रही लगातार आवक के चलते स्वरूपसागर के तीन गेट सवा-सवा फिट खोले गए है, जिससे पानी यूआईटी पुलिया होता हुआ आयड नदी में समां रहा है। आज भी उदयसागर के दोनों गेट एक-एक फिट खुले रहे वहीं जलस्तर में भी लगातार बढोतरी हो रही है।
मौसम विभाग द्वारा जिले में भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। जिला कलक्टर (आपदा प्रबंधन एवं सहायता) रोहित गुप्ता ने समस्त उपखण्ड अधिकारियों, पुलिस उप अधीक्षकों व तहसीलदारों को निर्देश दिए गए हैं कि अपने-अपने क्षेत्र में सभी नदी-नालों, बांध, तालाबों एवं बहाव वाले क्षेत्रों पर पूर्ण निगरानी रखें तथा संभावित आपात स्थिति से बचाव के लिए आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करें।
हिन्दुस्तान जिंक सीरेवेज ट्रीटमेंट प्लांट द्वारा उदयपुर के 100% घरेलू मल का उपचार करेगा
उदयपुर । सीवेरेज ट्रीटमेंट प्लांट परियोजना द्वारा उदयपुर को ‘‘स्मार्ट सिटी’’ बनाने के लिए हिन्दुस्तान जिंक का एक सराहनीय कदम। राजस्थान सरकार के साथ बातचीत कर उदयपुर के 100 प्रतिषत घरेलू मल के उपचार पर किया जा रहा है विचार।
हिन्दुस्तान जिंक के हेड-कार्पोरेट कम्यूयनिकेषन पवन कौषिक ने बताया कि ‘‘भारत में ‘‘स्वच्छ भारत’’ अभियान के माध्यम से ही ‘‘स्मार्ट सिटी’’ बनाये जा सकते है।’’ उन्होंने आव्हान किया कि जहां देष में 50 प्रतिषत जनसंख्या खुले में शौच के लिए जाते हो, तो देष में कैसे ‘‘स्मार्ट सिटी’’ बनाया जा सकता हैं जब तक सम्पूर्ण ‘‘स्वच्छ भारत’’ अभियान नहीं अपनाएंगे तब तक ‘‘स्मार्ट सिटी’’ बनना असंभव है। खुले में शौच की समस्या शहरों की तुलना में गांवों में ज्यादा चिंताजनक है।
राष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार कुल स्वच्छता सुविधाओं का 31 प्रतिषत में से भारत की ग्रामीण जनसंख्या केवल 21 प्रतिषत स्वच्छता सुविधाओं का उपयोग कर रही हैं। बांग्लादेश और ब्राजील जैसे देशों में उनकी जनसंख्या का केवल 7 प्रतिशत खुले में शौच करता है। चीन में जनसंख्या का केवल 4 प्रतिशत हिस्सा खुले में शौच करता है।
हिन्दुस्तान जिंक ने राजस्थान सरकार के साथ 20 मिलियन टन प्रतिदिन क्षमता वाले पहला प्राईवेट-पब्लिक पार्टनरषीप सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया है, जो उदयपुर के 30 प्रतिषत मल का उपचार कर रहा है। इस परियोजना पर 170 करोड़ रुपये खर्च किये है। अब यह प्लांट पूरी तरह कार्यरत है जिससे झीलों की साफ-सफाई एवं स्वच्छता में महत्वपूर्ण बदलाव आया हैं। हिन्दुस्तान जिं़क का प्रयास है कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के विस्तार से उदयपुर में 100 प्रतिषत घरेलू मल का उपचार किया जाये।
उदयपुर में प्रतिदिन 70 मिलियन टन मल उत्पन्न होता है तथा वर्तमान में हिन्दुस्तान जिंक का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रतिदिन 20 मिलियन लीटर मल के उपचार की क्षमता रखता है।
हिन्दुस्तान जिंक के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने यह भी बताया कि कंपनी राजस्थान सरकार के साथ मिलकर स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से उदयपुर में 100 प्रतिषत घरेलू मल का उपचार करने पर चर्चा चल रही है।
हिन्दुस्तान जिंक ने राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में 40,000 घरों में शौचालय तथा 623 सरकारी स्कूलों में शौचालय बनाने की जिम्मेदारी उठायी है। हाल ही में, हिन्दुस्तान जिं़क ने 3055 आंगनवाड़ी केन्द्रों को बाल केन्द्र ‘‘खुशी’’ अभियान के तहत गोद केेेे लिए राजस्थान सरकार के साथ एक समझौते के ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये हैं। पौष्टिक एवं आधारभूत सुविधाओं में सुधार के साथ-साथ 1000 आंगनवाडी केन्द्रों में भी बच्चों के लिए शौचालय बनाएं जाएंगें।
राजस्थान के चार जिलों में अब तक 11,425 घरेलू शौचालयों का निर्माण हो जा चुका है जिसमें से 2700 उदयपुर में, 6870 भीलवाड़ा में, 1570 चित्तौडगढ़ में तथा 285 राजसमंद में है। हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने बताया कि 170 ग्रामीण सरकारी स्कूलों में भी शौचालय बनाये जा चुके हैं।
गतवर्ष प्रधानमंत्री के ‘‘स्वच्छ भारत’’ अभियान के तहत हिन्दुस्तान जिंक ने ‘‘मर्यादा’’ अभियान की षुरूआत की थी जिसके माध्यम से राजस्थान के ग्रामीण क्षे़त्रों में आधारभूत विकास, व्यक्तिगत एवं संस्थाओं में स्वच्छता के लिए जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है। ‘‘मर्यादा’’ अभियान का प्रमुख उददेष्य स्कूलों, पंचायतों, ग्रामीण विचारकों, ग्रामीण महिलाओं तथा विषेषतौर पर युवतियों के खुले में शौच से मुक्ति तथा साफ एवं स्वच्छता की और ध्यान देना है।
स्मार्ट शहर परियोजना में उदयपुर का भी चयन किया गया है जहां हिन्दुस्तान जिंक का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट महत्वपूर्ण साबित होगा।
मृत प्रेमी के घर में विधवा बनकर रह रही पूनम की ससुराल वालों ने की हत्या

उदयपुर। बीती रात जालोर के बागोड़ा थाना क्षेत्र में पूनम विश्नोई की उसके ससुराल वालों ने हत्या कर दी। पूनम विश्नोई के प्रेमी देवेंद्र की तीन माह पूर्व उदयपुर में उसके पति और ससुराल वालों ने हत्या कर दी थी। उसके बाद से पूनम देवेंद्र की विधवा बनकर उसके घर में ही रह रही थी। पूनम ने यहां पुलिस हिरासत में देवेंद्र की हत्या का बदला लेने की भी बात कहीं थी, लेकिन इससे पूर्व ही उसके ससुराल वालों ने धारदार हथियारों से हमला कर उसकी हत्या कर दी। देवेंद्र की हत्या के आरोप में उदयपुर पुलिस ने पूनम के पति प्रकाश को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन बाकी आरोपी फरार थे, जिनकी गिरफ्तारी आज तक नहीं हुई।
पूनम विश्नोई जालोर के बागोड़ा थाना क्षेत्र में मृत प्रेमी देवेंद्र की विधवा बनकर उसके घर में रह रही थी। बीती रात तीन से चार बजे के बीच हथियारबंद चार- पांच लोग घर में घुसे और देवेंद्र के परिजनों को बंधक बना लिया। बाद में देवेंद्र के परिजनों के सामने ही पूनम की धारदार हथियारों से हमलाकर बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार हत्या में पूनम के पति प्रकाश का रिश्तेदार मनोहर व अन्य परिजन शामिल है। हत्या के बाद आरोपी फरार हो गए हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
क्या था मामला : जालोर निवासी पूनम विश्नोई की दो साल पहले भीनमाल निवासी प्रकाश विश्नोई से शादी हुई थी। देवेंद्र की पत्नी और पूनम उदयपुर में साथ में पढ़ाई कर रहे थे। पूनम हॉस्टल में रहती थी। दोस्ती के कारण देवेंद्र की पत्नी ने पूनम को अपने साथ रहने के लिए बुला लिया। इसी बीच देवेंद्र और पूनम के बीच प्रेम संबंध हो गए। बाद मेें देवेंद्र और पूनम यहां सूखेर में सिद्धार्थ नगर में मकान किराये लेकर रहने लगे। इसकी जानकारी पूनम के पति प्रकाश को लगी, तो वह आग-बबूला हो गया। 20 मई को पूनम का पति प्रकाश विश्नोई उसके भाई गणपत, गोविंद, अंकल कालूलाल और मनोहर विश्नोई सहित आठ जनों को लेकर सुखेर स्थित सिद्धार्थनगर में आया, जहां देवेंद्र के किराये के मकान से उसे और पूनम को उठा लिया। मारपीट करते हुए दोनों को अगल-अलग स्कार्पियो में डालकर अपहरण कर ले गए। गोगुंदा के पास एक स्कार्पियो पलट गई, जिसमें पूनम थी। इसलिए उसकी जान बच गई। दूसरी स्कार्पियों में प्रेमी देवेंद्र की हत्याकर उसका शव उदयपुर के केशवनगर में फेंक दिया। बाद में पूनम का पति प्रकाश गिरफ्तार कर लिया गया, बाकि आरोपी फरार चल रहे थे। इस घटना के बाद से पूनम जालोर में देवेंद्र के घर उसकी विधवा बनकर रह रही थी।
खाप पंचायत जैसी कार्रवाई : तीन माह पहले देवेंद्र की हत्या के आरोप में पूनम का पति प्रकाश तो गिरफ्तार हो गया, लेकिन बाकि आरोपी पुलिस की पकड़ में नहीं आए। पुलिस की इसी लापरवाही ने पूनम की जान ले ली। जबकि देवेंद्र की हत्या के बाद परिजन व विश्नोई समाज के कई लोग यह कहते फिर रहे थे कि समाज में इस तरह प्रेम करने वालों या इस तरह भागने वालों का यही अंजाम होगा। समाज के कई लोगों ने इस घटना में प्रकाश को महिमामंडित कर शाबाशी भी दी थी और समाज के लिए यह अच्छा काम बताया था। जानकारी के अनुसार आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर थे, लेकिन पूनम और देवेंद्र के परिजनों को बराबर धमकियां दी जा रही थी और धमकियों को बीती रात आरोपियों ने अंजाम तक पहुंचा दिया।
क्या ये कुदरत ने इंसाफ किया ?
आत्महत्या करने वाली महिला के कांस्टेबल पति को ट्रक ने कुचला
-बंबोरा के फीला गांव में आज तडक़े सलूंबर हाइवे पर हुआ हादसा, लघुशंका के लिए कार से उतारा, तभी ट्रक ने चपेट में लिया, सडक़ पर बिखेर कांस्टेबल के शरीर के टुकड़े
उदयपुर। महिला थाने के एक कांस्टेबल की बंबोरा-फीला के बीच हाइवे पर आज तडक़े ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे में कांस्टेबल के शव के टुकड़े-टुकड़े होकर सडक़ पर बिखर गए। इस कांस्टेबल की पत्नी ने दो दिन पहले यहां सुखेर थाने के पीछे स्थित पुलिस क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। पुलिस जांच में सामने आया कि पति-पत्नी के बीच अनबन के चलते उसने आत्महत्या की थी। पत्नी के आत्महत्या करने के दो ही दिन बाद उसके पति की सडक़ हादसे में इस दुर्गति से मौत होने को कुदरत के इंसाफ के रूप में देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार कानपुर (करावली) निवासी भूपेंद्रसिंह (२७) पुत्र गमेरङ्क्षसह राजपूत पत्नी का अंतिम संस्कार करके किसी काम से आज तडक़े चार बजे उदयपुर की तरफ आ रहा था। इसी दौरान बंबोरा से फीला के बीच भूपेंद्रसिंह लघुशंका के लिए कार से नीचे उतारा, तो एक ट्रक ने उसे चपेट में ले लिया। भूपेंद्रसिंह के शरीर के टुकड़े-टुकड़े होकर सडक़ पर बिखर गए। भूपेंद्रसिंह के शव की काफी दुर्गति हुई। तडक़े भूपेंद्र के शरीर के टुकड़ों को देखकर ग्रामीणों ने कुराबड़ पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर टुकड़ों को समेटा और कुराबड़ के रेफरल हॉस्पीटल पहुंचाया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। उल्लेखनीय है कि भूपेंद्रसिंह मूलरूप से कानपुर (करावली) का रहने वाला है। वह महिला थाने में कांस्टेबल के पद पर नियुक्त था और सुखेर थाने के पीछे पुलिस क्वार्टर में रहता था। दो दिन पूर्व भूपेंद्र की पत्नी डिम्पल कुंवर (२८) ने पुलिस क्वॉर्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुखेर एसएचओ मांगीलाल ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि भूपेंद्र की उसकी पत्नी से अनबन चल रही थी, जिस कारण उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आज सुबह भूपेंद्र उसकी पत्नी का अंतिम संस्कार करके उदयपुर किसी काम से लौट रहा था, तभी यह हादसा हुआ, जिसमें उसकी भी जान चली गई, जो केवल इत्तेफाक नहीं माना जा सकता है। इस कुदरत का इंसाफ कहा जा सकता है।
सोशल मीडिया पर हुआ मोदी की एजुकेशन पर सवाल- #DegreeDikhaoPMSaab
– एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक आरटीआई में पीएम के एजुकेशनल क्वालिफिकेशन के बारे में पूछा गया। पीएमओ ने इसकी जानकारी देने से इनकार कर दिया। इसके बाद टि्वटर पर यूजर्स का गुस्सा फूटा।
बचपन में मैं डिग्री बनना चाहता था #DegreeDikhaoPMSaab
56 degree. #DegreeDikhaoPMSaab
Modi Sir, I am a Post Graduate from NMIMS. I work in a Social Media Firm. I hv no 2nd thoughts on displaying my degree.
Pl. don’t doubt PM’s degree. He is MA with FENKULOGY. Not only degree holder, but he is practically expert in this art.
PM @narendramodi ji hv PhD in good governance ,D.Engg in International affairs, dont need to show dgre 2 cheap peoples #DegreeDikhaoPMSaab
We hv no issue in having a uneducated PM if he is capable. Issue is whn he fakes it & say he is Univ topper & a PG. #DegreeDikhaoPMSaab
Only Indians can abuse their own PM..hail AAPtards! #DegreeDikhaoPMSaab
प्रत्याशियों को लेकर एनएनयूआई आपस में ही भिड़ी
उदयपुर । छात्र संघ चुनाव नजदीक आते ही छात्र राजनीति गरमाने लगी है । एनएसयूआई के प्रत्याशी की घोषणा होने के पहले ही प्रेस वार्ता में हंगामा हो गया और प्रत्याशियों को लेकर एनएसयूआई के दो गुट आपस में ही भीड़ गए, नारे बाजी से बात बढ़ते बढ़ते रोड तक पहुंच गयी और हाथापाई तक एक बार तो हो गयी, यही नहीं बाद में पुलिस को हल्का बल पूर्वक छात्रों को हटाना पड़ा । एक बार तो माहोल देखते हुए लग रहा था कि एनएसयूआई आपस में ही उलझ कर रह जायेगी लेकिन फिर शाम को बड़े नेताओं की समझाइश से माहोल शांत किया । काफी जद्दोजहद के बाद एनएसयूआई ने अपना प्रत्याशी रोनक पुरोहित को घोषित किया । गुरुवार को होटल रघुमहल में एनएसयूआई के प्रत्याशी की आधिकारिक घोषणा में रखी गयी प्रेस वार्ता के दौरान बीच में एनएसयूआई का जिलाध्यक्ष यशवंत चौधरी आया और हंगामा खड़ा कर दिया, यशवंत चौधरी ने कहा कि रौनक पुरोहित के लिए मेरे से कोई सहमति नहीं ली गयी जब की में चुन कर एनएसयूआई अध्यक्ष बना हुँ। हंगामा करते हुए चौधरी ने महासचिव पद के लिए अपने चहेते योगेश लोहार को टिकिट देने को लेकर अड़ गए और कहा यदि योगेश लोहार को टिकिट नहीं दिया गया तो वे अपनी पूरी कार्यकारणी के साथ एनएसयूआई के पदों से इस्तीफा दे देगें। चौधरी उदयपुर के प्रभारी अशोक पूनिया को लेकर प्रेस वार्ता से बाहर चले गए और काफी देर वार्ता करने के बाद भी वे अपनी बात पर अड़े रहे।
जब यशवंत चौधरी की बात नहीं मानी गयी तो यशवंत चौधरी के समर्थक नारे बाजी करर्ते हुए होटल के बाहर आगये और प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक मेवाड़ा के विरोध में नारे बाजी करते हुए उससे हाथापाई तक की नौबत आगयी, इसी बीच सड़क पर माहोल बिगड़ता देख पुलिस को कमान संभालनी पड़ी और छात्रों को वहां से हटाया बाद में एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने समझाइश कर मामला शांत किया । शाम तक कांग्रेस के आला नेताओं की आपस में बात चित हुई और मामले को शांत किया।
सीएसएस का खात्मा
छात्र हित दरकिनार – अपने हितों को साधने के लिए एबीवीपी में मिल गई
उदयपुर । एबीवीपी से बगावत कर जो संगठन सिर्फ छात्र हितों के लिए खडा हुआ था और जिसने २००४ से २०११ तक जीत की हेट्रिक बनाई थी वह सीएसस ( छात्र संघर्ष समिति ) का आज खात्मा हो गया | छात्र हितों को दरकिनार करते हुए अपने हितों को ध्यान में रख छात्र संघर्ष समिति ने एबीवीपी को अपना समर्थन दे दिया। सीएसस और एबीवीपी को गले मिलते देख जो छात्र राजनीति से दूर सिर्फ छात्र हितों के लिए इस संगठन से जुड़े थे, वो अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे है । सीएसएस के कई पदाधिकारी इस इस फैसले से काफी गुस्सा और नाराज़ है।
आज सीएसस ने होटल रॉयल इन में पत्रकार वार्ता के दौरान एबीवीपी को अपने समर्थन देने की आधिकारिक घोषणा कर डाली इसी घोषणा के बिच सीएसस के पदाधिकारी वीरेंद्र सिंह सिसोदिया ने आकर हंगामा कर दिया और सीएसस के पदाधिकारियों को जम कर लताड़ लगाईं कि ऐसी क्या मुसीबत आगई कि ११ सालों से चले आरहे इस संगठन का खात्मा कर एबीवीपी में मिलाने की घोषणा कर रहे हो । सिसोदिया ने लताड़ लगाते कहा कि जो छात्र ११ सालों सीएसस से जुड़े हुए है उनके साथ विशवास घात किया जारहा है। सीएसस के पदाधिकारियों को भी घंटे भर पहले सूचित किया जा रहा है। यहां तक कि उन्होंने सीएसस का प्रत्याशी गौरव शर्मा व् उसके साथियों को भी लताड़ लगाईं कि तुम्हे क्या दे कर खरीदा गया है। बाद में उन्हें सीएसस के पदाधिकारी और भाजपा नेता अलग लेगये और समझाइश कर शांत किया ।
इधर पत्रकार वार्ता के दौरान सीएसस के संस्थापक अशोक शर्मा ने कहा की सीएसस और एबीवीपी एक ही माँ के दो बेटे थे जिनका आज मिलन हो गया । उन्होंने कहा की सोनू अहारी एक उपयुक्त प्रत्याशी है, जिसका समर्थन हम करते है, हम कभी एबीवीपी से अलग नहीं हुए है, हमारी और एबीवीपी की विचार धारा एक ही है । अशोक शर्मा ने माना की उनके इस फेसले से २० प्रतिशत छात्र नाराज़ है लेकिन उनको मनाने के हर प्रयास किये जायेगें । एबीवीपी के प्रदेश संयोजक देवेन्द्र सिंह चुण्डावत ने भी कहा कि एबीवीपी और सीएसस दो भाई की तरह ही है । जो किन्ही कारणों के चलते अलग हुए थे लेकिन अब एक है । दोनों का मकसद एनएसयुआइ को हराना है । चुण्डावत ने कहा की हमारी आपस की लड़ाई में पूर्व में एनएसयूआई पिछले वर्ष जीत गयी लेकिन अब नहीं जीतेगी । इस दौरान सीएसस के संस्थापक अशोक शर्मा, केलाश शर्मा, संयोजक सूर्य प्रकाश सुहालका, और पूर्व अध्यक्ष दिलीप जोशी रवि शर्मा, मोजूद थे साथ ही एबीवीपी के देवेन्द्र सिंह, विष्णु शंकर पालीवाल, नीरज अग्निहोत्री व् अन्य पदाधिकारी और भाजपा नाना लाल वाया सहित अन्य नेता भी मोजूद थे ।
११ सालों का संगठन ख़त्म :
११ वर्ष पहले छात्र हितों का हवाला देते हुए एबीवीपी और भाजपा से अलग हुए अशोक शर्मा कैलाश शर्मा, दीपक शर्मा रविशर्मा, सूर्य प्रकाश सुहालका आदि ने मिल कर सीएसएस ( छात्र संघर्ष समिति) का निर्माण किया था और २००४ में रवि शर्मा को खडा कर जीत हासिल की थी उसके बाद पांच साल चुनाव बंद होने के बाद सीएसस ने फिर जीत हासिल की और २०१० में दिलीप जोशी अध्यक्ष बने २०११ मे परमवीर सिंह चुंडावत सीएसस से अध्यक्ष बने और २०१३ में अमित पालीवाल सीएसस के प्रत्याशी बन एमएलएसयू केन्द्रीय छात्रसंघ के अध्यक्ष बने । ११ साल से चला आरहा यह संघठन आज एक तरह से ख़त्म हो गया और एबीवीपी में विलय हो गया | इससे जुड़े कई छात्र और पदाधिकारी इस फैसले से खुश नहीं है | कई पदाधिकारी पिचले ११ वर्षों से इस संघठन से जुड़े हुए है जिसमे सूर्य प्रकाश सुहालका भी है, जिन्हें संथापक सदस्य मना जाता है और जो सीएसस के संयोजक है । वे भी उपरी मन से भले एबीवीपी के साथ है, लेकिन इस फेसले से खुश नहीं है । यही नहीं कई छात्र नेता और छात्र जो की गोरव शर्मा का समर्थन में थे वे भी इस फेसले से नाराज नज़र आये ।
लाखों के चुनाव बना कर सीएसस जा रही है :
छात्र संघ चुनाव में अचार संहिता के चलते जो चुनाव की सीमा पञ्च हज़ार है, और 11 वर्ष पहले मुश्किल से २५ से ५० हज़ारों में ही ख़त्म हो जाते थे उन छात्रसंघ के चुनावों के खर्चों को लाखों तक पहुचाने वाला संघठन सीएसस है । सीएसस के आने के बाद ही छात्र वोटरों को पीवीआर में फिल्म दिखाना, रिसोर्ट में पार्टी, छात्र वोटरों को लुभाने के लिए किये जाने वाले भोज आदि सीएसस आने के बाद शुरू हुए जिससे आज चुनावी खर्चा ३० से ४० लाख तक पहुच गया है । आज वही सीएसस अपने हितों के चलते छात्रों के इन चुनावों को इतना खर्चीला बना कर एबीवीपी में विलय हो गयी है ।






























