राजनैतिक संगठनों पर भारी है इनकी दोस्ती

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उदयपुर। संगठन पर दोस्ती भारी है, और यह बात पिछले चार सालों से सिद्ध करते आरहे है केम्पस के चार दोस्त जो पिछले चार सालों से मोहनलाल सुखाड़िया विश्व विद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष बनते आरहे है। ये चारों दोस्त चाहे किसी भी संगठन से जुड़े हुए रहे लेकिन अपनी दोस्ती पर कोई आंच नहीं आने दे रहे। कई बार संगठन को एक तरफ रख कर अपने दोस्त का हर हाल में हर साल में समर्थन और सहायता करते आरहे है, इसी के बल बुते पर चाहे इन दोस्तों को किसी भी संगठन ने अपना प्रत्याशी बना के खड़ा किया हो लेकिन इन चारों ने अपनी दोस्ती के वादे को बखूबी निभाया है। ये चारों दोस्त है एमएलएसयू के वर्तमान अध्यक्ष हिमांशु चौधरी, इससे पहले अध्यक्ष रहे अमित पालीवाल, पंकज बोराणा और परमवीर सिंह।
चारों दोस्त अलग अलग संगठन से लेकिन दोस्ती में कही भी कड़वाहट नहीं आई, छात्र संघ चुनाव के दौरान कई बार ऐसा भी मौका आया की ये एक दूसरे के आमने सामने एक दूसरे के विरोध में नारे भी लगाए लेकिन लेकिन इसके बावजूद उसी शाम इनकी आपस महफ़िल भी सजी। कॉमर्स कॉलेज मे प्रथम वर्ष से साथ हिमांशु चौधरी, पंकज बोराणा और परमवीर सिंह गहरे दोस्त है। इसके बाद इनके ग्रुप में शामिल हुए अमित पालीवाल।
संगठन अलग फिर भी एक :
चुनाव के समय अलग अलग छात्र संगठन से जुड़े ये चारों दोस्त अलग अलग संगठन से अध्यक्ष बने परमवीर सिंह व् अमित पालीवाल सीएसएस से अध्यक्ष बने तो पंकज बोराणा एबीवीपी और हिमांशु चौधरी एनएसयूआई। संगठन की बाध्यताओं के चलते चुनाव के दौरान भले ही इन्होने एक दूसरे का साथ खुल कर साथ नहीं दिया हो लेकिन एक दूसरे के विरोधी कभी नहीं रहे। कभी एक दूसरे के विरोध में आमने सामने खड़े नहीं हुए, और एक दूसरे के चुनाव के दौरान हर संभव मदद भी की। आज भी चारों के संगठन अलग है लेकिन दोस्ती उसी तरह कायम है। चाहे संगठन के राज आपस में नहीं बांटे हो लेकिन दोस्तों की बाते और सुख दुःख आज भी हर शाम शेयर होते है।
ये भी दोस्ती :
१७ दिन बाद होने वाले चुनाव में एबीवीपी ने सोनू अहारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है । सीएसएस ने गौरव शर्मा को। जबकि सीएसएस से मयूर ध्वज सिंह भी दावेदार थे लेकिन उन्होंने सोनू आहारी से अपनी दोस्ती के चलते पहले ही तय करलिया था की यदि सोनू अहारी एबीवीपी से खड़े होते है तो वे उनके विरोध में खड़े नहीं होंगे और हुआ भी ऐसा ही।

उदयपुर के बायोलॉजिकल पार्क में आएगा व्हाइट का टाइगर जोड़ा

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बायोलॉजिकलपार्कमें व्हाइट टाइगर का जोड़ा लाने के लिए वन विभाग ने इसके लिए तिरुपति और चेन्नई के जंतु आलयों को प्रस्ताव भेजे हैं। सीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) राहुल भटनागर ने बताया कि व्हाइट टाइगर उदयपुर के लिए बिलकुल नया मेहमान होगा। क्यों कि यह अब तक उदयपुर में नहीं रहा है। व्हाइट टाइगर का जोड़ा देने के लिए वैंकटेश्वर जूलॉजिकल पार्क, तिरुपति (तिरुपति जू) और चेन्नई जू को उदयपुर वन विभाग की ओर से प्रस्ताव भेजे हैं। इन जू प्रबंधक की ओर से स्वीकृति का इंतजार है।

गृहमंत्री कटािरया ने दिया था सुझाव

}गतदिनों बायोलॉजिकल पार्क में हुए वनमहोत्सव के दौरान गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने वन विभाग को व्हाइट टाइगर लाने का सुझाव दिया था। उन्होंने कहा था कि उदयपुरवासियों ने शहर में व्हाइट टाइगर कभी नहीं देखा। ऐसे में व्हाइट टाइगर का जोड़ा यहां लाया जाता है तो शहरवासियों के लिए आकर्षण का केन्द्र होगा।

फेसबुक पर महिला के नाम से फर्जी आईडी बनाकर लोगों से की चेटिंग

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उदयपुर| फेसबुकपर एक महिला के नाम से फर्जी आईडी बनाकर दूसरों से चेटिंग कर बदनाम करने का मामला सामने आया है। महिला के पति ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। थानाधिकारी जितेन्द्र आंचलिया ने बताया कि अज्ञात आरोपी ने कुमावतपुरा निवासी एक महिला के नाम से फर्जी आईडी बनाई। महिला के पति के दोस्तों को फेसबुक रिक्वेस्ट भेजी और चेटिंग की। सर्किल में बात आने पर पति को जानकारी हुई तो उसने महिला से पूछा। महिला ने फेसबुक आईडी होने से इनकार किया। इस पर पति ने एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने आईडी ब्लॉक करा दी है, ताकि इसका आगे दुरुपयोग हो सके। इसके अलावा आईपी एड्रेस के जरिए आरोपी की तलाश की जा रही है।

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में होती है नकल

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copyingउदयपुर. राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से गत चार वर्ष में हुई लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में जोधपुर संभाग से नकल कराए जाने का खुलासा हुआ है। यही नहीं हाल में थानेदारों की भर्ती में बाड़मेर, जालोर व इसके पास के क्षेत्रों से चयनित हुए 42 अभ्यर्थियों के चयन पर भी सवाल उठ गए हैं।

पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि इस भर्ती में भी नकल कराने वाले गिरोह ने अभ्यर्थियों की पूरी मदद की।  आयोग की रविवार को आयोजित कनिष्ठ व तहसील राजस्व लेखाकार प्रतियोगी परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद यह सच सामने आया है।  
आरोपितों से पूछताछ व दस्तावेजों की बरामदगी में चौंकाने वाले तथ्य सामने आने के बाद पुलिस तह तक जांच में जुटी है। पुलिस के अनुसार लेखा परीक्षा का प्रश्नपत्र इलेक्ट्रॉनिक घड़ी से स्केन कर बाहर भेजा गया। यह पेपर पुलिस को बाड़मेर के गुढ़ामलानी से मिला है, जिसकी जांच हो रही है। 
इस परीक्षा में जोधपुर, भीनमाल व गुड़ामलानी से बैठकर गिरोह अलग-अलग केन्द्रों पर उन अभ्यर्थियों को नकल करवा रहा था, जो इनके सम्पर्क में आए थे। गुड़ामलानी  में तो एक फॉर्म हाउस में बैठकर गिरोह के 20 सदस्य एकसाथ नकल कराने का काम कर रहे थे। 
कहा पेपर लीक नहीं 
पुलिस ने समस्त अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड व अन्य जानकारी आरपीएससी को भिजवा दी है। आयोग के सचिव नरेशकुमार ठकराल ने बताया कि पुलिस जांच व चालान पेश होने के बाद मामला कमिश्नर के सामने रखा जाएगा। वे अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। ठकराल ने लेखा परीक्षा का पेपर लीक होने से साफ इनकार किया। पेपर अभ्यर्थियों को मिलने से पहले बाजार में नहीं मिला। 

आठ सौ से ज़्यादा पोर्न साइट्स ब्लॉक

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भारत सरकार ने 857 पोर्न साइट्स को ब्लॉक कर दिया है.

सरकार के मुताबिक़ बच्चों की पहुंच से इन्हें दूर करने के लिए ऐसा किया गया.

हालांकि वयस्क अब भी इन साइट्स को प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल कर देख पाएंगे.

इसी साल जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने पोर्न साइट्स को ब्लॉक ना किए जाने पर सरकार के प्रति नाराज़गी ज़ाहिर की थी.

अदालत की नाराज़गी ख़ासतौर से चाइल्ड पोर्नोग्राफ़ी से जुड़ी वेबसाइट्स को ब्लॉक ना किए जाने पर थी.

वयस्कों के लिए बैन नहीं?

हालांकि टेलीकॉम कंपनियों ने कहा कि वो फ़ौरन इस बैन को लागू नहीं कर सकती हैं.

एक टेलीकॉम कंपनी के अधिकारी ने ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ को बताया, “हमें एक-एक करके ये वेबसाइट ब्लॉक करनी होंगी. ऐसे में सभी सर्विस प्रोवाइडर्स को इन सभी साइट्स ब्लॉक करने में कुछ दिनों का वक़्त लगेगा.”

एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बीबीसी को बताया, “दूरसंचार मंत्रालय ने सभी टेलीकॉम प्रोवाइडर और इंटरनेट सर्विस कंपनियों को सलाह दी थी कि वो

इन 857 पोर्न साइट्स को फ्री एक्सिस पर नियंत्रण लगाएँ.”

अधिकारी ने कहा, “ये बैन पूरी तरह से नहीं है. सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को ध्यान में रखते हुए और बच्चों को पोर्न साइट से दूर रखने के लिए ये कदम उठाया गया है. भारत की संस्कृति को बचाने के लिए ऐसा किया गया है. वयस्क अब भी पोर्न साइट पर जा सकते हैं.”

सोशल मीडिया पर विरोध

बीबीसी को इस अधिकारी ने बताया कि सरकार का ये सिर्फ़ एक अस्थायी कदम है और भविष्य में पोर्नसाइट को नियंत्रित करने के लिए एक दीर्घकालीन योजना बनाई जाएगी.

सरकार के इस क़दम की सोशल मीडिया पर आलोचना हो रही है और #pornban ट्रेंड कर रहा है.

मशहूर लेखक चेतन भगत ने ट्विटर पर लिखा, “पोर्न बैन मत करो, बल्कि मर्दों का औरतों को घूरना, उनकी बिना अनुमति के उन्हें छूना, उन्हें पकड़ना, उनका शोषण करना, उन्हें गाली देना, उनकी बेइज़्ज़ती करना और रेप करना बैन करो. सेक्स मत बैन करो.”

फ़िल्मकार रामगोपाल वर्मा ने लिखा, “वयस्कों को पोर्न देखकर हानि रहित मज़े लेने से रोकना वैसा ही है जैसा तालिबान और इस्लामिक स्टेट जैसे संगठनों का लोगों की मूलभूत आज़ादी को छीनना.”

कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा ने लिखा, “ये बैन पोर्न को पसंद या नापसंद करने से नहीं जुड़ा है. इस बैन का मतलब यही है कि सरकार लोगों की व्यक्तिगत आज़ादी छीन रही है. अब अगली दफ़ा किसे बैन करेंगे- टीवी या फ़ोन?”

 

उदयपुर शहर में सक्रिय बाइक चोर गिरोह

moter bikeउदयपुर। शहर में सक्रिय बाइक चोर गिरोह के बदमाश हिरणमगरी एवं प्रतापनगर क्षेत्र में वारदातों को अंजाम देकर पांच बाइक चुरा ले गए।
शहर में पुलिस गश्त होने के बावजूद बाइक चोर गिरोह सक्रिय है। गिरोह के बदमाश शहर के विभिन्न स्थानों पर खडी बाइक चोरी करने की वारदातों को अंजाम देकर अपनी सक्रियता दर्शा रहे हैं लेकिन पुलिस गश्त से उन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। गत दिनों शहर के हिरणमगरी थाना क्षेत्र उमरडा निवासी भेराराम पुत्र धरमा मीणा, अम्बामाता थाना क्षेत्र होटल हिलटॉप कर्मी देलवाडा राजसमन्द निवासी दिनेश पुत्र भॅवरलाल रेबारी की १५ जुलाई को आयुर्वेद चोराहा से चोर बाइक चुरा ले गए। इसी तरह शिवमंदिर के पास प्रतापनगर निवासी सुनिल पुत्र दयाराम भाटिया की २७ जुलाई को,ट्रांसपोर्ट नगर निवासी छोगालाल पुत्र नन्दलाल जाट की बेडास से तथा मावली निवासी राजेन्द्र कुमार पुत्र रमणलाल की २८ जुलाई को सुन्दरवास से बाइक चोर गिरोह के बदमाश बाइक चुरा ले गए। इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे है। जल्द ही गिरोह पुलिस गिरफ्त में होगा।

हाईटेक तरीके से नक़ल करते अभ्यर्थी गिरफ्तार

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उदयपुर। कनिष्ठ लेखाकार व तहसील राजस्व लेखाकार परीक्षा २००१३ के लिए हो रही परीक्षा के दौरान हाईटेक डिवाईस के जरिये नकल करने वाली गेंग का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन अभ्यर्थियों को मय उपकरण गिरफ्तार किया।
जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रासद गोयल ने बताया कि पंजाब में हुए आतंकी हमले एवं आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्दे नजर थानाधिकारियों को सशस्त्र ’ए’ श्रेणी की नाकाबंदी करने के निर्देश दिये। इस पर गोगुन्दा थानाधिकारी भैयालाल आंजना मय टीम ने कस्बे के बाहर नेशनल हाईवे २७ जगलिया मउडी मोड पर नाकाबंदी कर चलाए जा रहे तलाशी अभियान के दौरान रविवार तडके उदयपुर से आ रही बिना नंबर की कार को रोक कर पूछताछ पर चालक भाटिपा जालौर निवासी भागीरथ विश्नोई पुत्र मोहनराम विश्नोई ने लेखाकार परीक्षा देने के लिए साथी बाबुलाल पुत्र गंगाराम जाट के साथ पाली जाने की जानकारी दी। दोनों का व्यवहार संदिग्ध लगने पर की गई पूछताछ एवं तलाशी के दौरान कार से एक मोबाईल डिवाईस लगी बनीयान नुमा जेकेट, माइक्रो ब्लुटुथ, माइक्रो सेल तथा परीक्षा का प्रवेश पत्र बरामद हुआ। पूछताछ में बरामद डिवाइस व उपकरण रानीवाडा जालोर हॉल उदयपुर एस टी सी का प्रशिक्षण ले रहे जगदीश विश्नोई से सुखाड़िया सर्कल स्थित अन्नपूर्णा ढाबा पर बुला कर २० हजार रूपये मे लेने एवं अन्य साथियों को भी उत्तर उपकरण सप्लाई करने की जानकारी देते हुए मोबाईल नंबर बताए। इस सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालाल हनुमान प्रसाद तथा एडीएम सिटी ओपी बुनकर के निर्देशन में साइबर अपराध सैल की टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए तकनीकी अनुसंधान कर मिले साक्ष्यों के आधार पर हिरणमगरी थानाधिकारी छगन पुरोहित के नेतृत्व में गठित दल ने हिरणमगरी स्थित अभिनव विद्यालय में तलाशी लेकर विष्णुनगर लूणी जोधपुर निवासी खैताराम पुत्र सावताराम विश्नोइ कों नकल करते गिरफ्तार कर इसके कब्जे से उपकरण बरामद किया।
आरोपियों से पूछताछ में ज्ञात हुआ कि यह प्रश्नपत्र हासिल कर गिरोह के सरगनाओं को आधुनिक तकनिकी से भेज दिया जाता तथा वे उसे हल कर पुन: डिवाईस पर बता देते।
पुलिस द्वारा आरोपी बाबूलाल व भागीरथ तथा खेताराम को गिरफ्तार कर इनसे की गई पूछताछ के आधार पर आरोपियों को मोबाईल पर नकल करवाने वाले मुख्य आरोपियों को बाडमेर गुडामालानी कस्बे में स्थित फ़ार्म हॉउस से 04 आरोपियों को, राजसमन्द में 2, पाली में 2, नकलचियों की गिरफ्तारी करवाई जा चुकी है। इस मामले में पुलिस प्रकरण दर्ज कर आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं ।
प्रारंभिक पूछताछ में खेताराम ने उदयपुर में जालोर निवासी ओमप्रकाश ढाका को १० हजार रूपये देकर उपकरण लेने तथा परीक्षा समाप्ति पश्चात ४ लाख ५० हजार रूपये देना तय किया था। राज्य में सक्रिय गिरोह के बदमाशों द्वारा उक्त डिवाईस दिल्ली से लाकर ऐसे परीक्षाथियों से नकदी लेकर ब्लुटुथ से प्रश्नों के उत्तर बताने का सौदा तय हुआ था। उदयपुर पुलिस की सूचना पर प्रदेश भर में नकल करने वाले पकडे गए है, तथा उनसे की गई पूछताछ के आधार पर मुख्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

MLSU छात्रसंघ का चुनावी घमासान शुरू

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उदयपुर। मोहन लाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव का घमासान शुरू होने वाला है। चुनाव में आखरी 20 दिन बचे है. और सूत्रों के अनुसार तीनों मुख्य छात्र संगठन अपने अपने उम्मीदवारों के लिए अपना मन बना चुके है। अगले तीन दिनों में एबीवीपी एनएसयूआई और सीएसएस अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर सकते है इसमें एबीवीपी अपने उम्मीदवार के सबसे पहले घोषणा करने वाली है। एबीवीपी की रणनीति देखने के बाद एनएसयूआई अपना उम्मीदवार की घोषणा करेगी अगर सूत्रों की माने तो इस बार एनएसयूआई पहली बार किसी छात्रा को अध्यक्ष पद के लिए तैयार कर रही है। इधर सीएसएस ने भी अपना दावेदार तय कर रखा है।
पिता की राजनैतिक दुशमनी पड़ी भारी :
एबीवीपी के लिए शुरू से भाजपा के बड़े नेता और विधायक पुत्र सोनू आहारी और नीरज सामर के नाम सामने आरहे थे। जहां पहले नीरज सामर के लिए अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी तय मानी जा रही थी और भाजपा नेता प्रमोद सामर अपने पुत्र को चुनाव लड़ाने के लिए एड़ी से चोटी का जोर लगा रहे थे। लेकिन अब जैन समाज और एबीवीपी छात्र नेताओं का विरोध देखते हुए वे ही पीछे हट गए है, उन्होंने ही अपने पुत्र को अध्यक्ष पद की दावेदारी से पीछे हटा लिया है। सूत्रों की माने तो पिता प्रमोद सामर की राजनैतिक द्वेषता की वजह से एबीवीपी के कई मुख्य छात्र नेता और खुद जैन समाज के लोग नीरज सामर की दावेदारी के विरोध में है। प्रमोद सामर पिछले वर्षों में चुनावों के प्रभारी और पार्टी के मुख्य पदों पर रहते हुए राजनैतिक दुश्मनी पाल बैठे है। इस दुशमनी के चलते कई भाजपा पदाधिकारी और एबीवीपी छात्र नेताओं ने नीरज सामर के नाम का खुल कर विरोध किया है। कई एबीवीपी छात्र नेताओं का तो यहा तक कहना है कि अगर नीरज सामर को पार्टी टिकिट देती है तो वे एबीवीपी के विरुद्ध वोटिंग करवायेगें। इन समीकरणों के चलते यह तय है कि एबीवीपी अपना उम्मीदवार सोनू अहारी बनाये जाने की घोषणा कर देगी। हालाकिं यह घोषणा शुक्रवार शाम को होनी थी, और इसके लिए सोनू अहारी को पहले ही सूचित करदिया गया था इसलिए सोनू अहारी ने अपनी तैयारी पहले ही करदी है, जिसमे पेम्पलेट और होर्डिंग तक छपवा दिए गए है। कल शाम को साइंस कॉलेज के कुछ छात्रों को होटल में भी पार्टी दी गयी थी।
एनएसयूआई उतार सकती है छात्रा उमीदवार :
एबीवीपी की रणनीति देखने और उसका उमीदवार देखने के बाद ही एनएसयूआई अपने उम्मीदवार की घोषणा करेगी । छात्र संघ के निवर्तमान अध्यक्ष हिमांशु चौधरी है और उनका कहना है की इस बार फिर एनएसयूआई जीत को दोहरायेगी । चौधरी का कहना है की यदि एबीवीपी सोनू अहारी को टिकिट देती है तो एनएसयूआई छात्रा को टिकिट देगी जो की एमएलएसयू के इतिहास में पहली बार होगा एक छात्रा अध्यक्ष पद के लिए खड़ी होगी। एमएलएसयू के चारों संघटक कॉलेज में देखा जाए तो करीब ३० प्रतिशत छात्राएं वोटर है, जो किसी भी प्रत्याशी को हार या जीत में बड़ी भूमिका निभाती है। एनएसयूआई में महेंद्र परिहार का नाम भी सामने आया है लेकिन अभी पूरी तरह तय नहीं हो पाया है। हालांकि अभी एनएसयूआई ने किसी भी दावेदार के नाम पर अपनी मोहर नहीं लगाईं है। आज एबीवीपी के उम्मीदवार की घोषणा के बाद रणनीति तय की जायेगी ।

सीएसएस करेगी सोमवार को घोषणा :
सीएसएस छात्र संघर्ष समिति अपने दो दावेदारों को लेकर आश्वस्त है। सोमवार को सीएसएस के कार्य कर्ताओं की बैठक में मयूर ध्वज सिंह और गौरव शर्मा के नाम पर विचार किया जाएगा । दोनों दावेदारों के पीछे छात्रों के सपोर्ट का अच्छा आधार है। मयूर ध्वज सिंह पूर्व कॉमर्स कॉलेज अध्यक्ष है और कॉमर्स कॉलेज के वोटरों की संख्या जीत में मुख्य भूमिका निभाती है। सबसे अधिक वोटर करीब पांच हज़ार वोटर अकेले कॉमर्स कॉलेज के है। गौरव शर्मा भी साल भर तक छात्र हितों के मुद्दों के लिए आगे रहे है । सोमवार को इन दो में से किसी एक के नाम की घोषणा कर दी जायेगी ।

इनका कहना

एबीवीपी के नाम की घोषणा के बाद एनएसयूआई अपने उम्मीदवार की घोषणा करेगी इस बार एनएसयूआई छात्रा को अध्यक्ष पद का दावेदार बनाने पर भी विचार कर रही है, क्यों कि आज तक अध्यक्ष पद के लिए कभी कोई छात्रा उम्मीदवार नहीं रही जब कि ३० प्रतिशत वोटर छात्राएं है । हिुमान्शु चौधरी , निवर्तमान छात्र संघ अध्यक्ष

सोमवार को सीएसएस के कार्यकर्ताओं की बैठक में दो दावेदारों में से एक के नाम पर आम सहमति बनाई जायेगी । इस बार सीएसएस अन्य पदों पर भी अपने उम्मीदवार उतारेगी । सूर्य प्रकाश सुहालका , संयोजन सीएसएस

एबीवीपी का जो भी दावेदार होगा वह जिताऊ और छात्रों के बीच में टिकाऊ उम्मीदवार होगा । इसमें हमारी रायशुमारी होती है, जो हमने देदी है आगे एबीवीपी के पदाधिकारी तय करेगें किसको उम्मीदवार बनाना है, आज शाम तक घोषणा संभव है । डॉ। जिनेन्द्र शाश्त्री , युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष

जयपुर को चला रही हैं ये औरतें

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राजस्थान सरकार के विभिन्न नौकरियों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था के बाद से परंपरागत तौर पर पुरुषों के माने जाने वाले पेशों में महिलाएं अपने हुनर दिखा रही हैं.

इस साल जून में शुरू हुई जयपुर मेट्रो के कुल 24 मेट्रो ऑपरेटरों में पांच महिलाएं कुसुम, मोनिका, योगिता, ज्योति और मीना भी शामिल हैं.

बीबीसी हिन्दी ने इन पांचों महिलाओं से बात करके जानना चाहा पुरुषों का पेशा माने जाने वाले क्षेत्र में काम करने का उनका अनुभव.

कुसुम कुंवर 

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मेरी ख़ुशहाल ज़िंदगी की बुनियाद उस वक़्त बुरी तरह हिल गई जब मैंने दो साल पहले एक सड़क हादसे में अपने पति को खो दिया.

वे भवन निर्माण व्यवसाय से जुड़े थे. हम अपना एक सुन्दर घर बनाने का सोच पाते, उससे पहले ही सब सपने ढह गए. अब मुझे अपनी डेढ़ साल की छोटी बच्ची अन्वी की चिंता थी.

जयपुर मेट्रो ऑपरेटर की नौकरी मिलने के बाद अब मेरी जीवन की गाड़ी धीरे-धीरे फिर से पटरी पर आई है.

इससे मुझे हौसला मिला है कि मैं अपनी बच्ची की परवरिश ठीक से कर सकूंगी. मेरे मुश्किल वक़्त में मेरी हिम्मत बना मेरा परिवार.

मेरी सबसे बड़ी ढाल बनीं मेरी माँ, जो मेरी बेटी को अपने साथ रखती हैं ताकि मैं अपना करियर बना सकूँ.

राजपूत परिवारों में अमूमन महिलाओं पर काफ़ी पाबंदियां रहती हैं. एक विधवा के लिए तो और भी ज़्यादा. पर मेरे पिता ने मुझे सदा से ही पढ़ने और आगे बढ़ने की पूरी आज़ादी दी.

ससुराल में भी मुझे शादी के बाद जल्दी ही राजपूती पोशाक के अलावा सलवार-क़मीज़ पहनने की इजाज़त मिल गई थी. अब मेट्रो ड्राईवर की यूनिफ़ार्म पहनकर एक नया आत्मविश्वास और संतुष्टि मिली है.

जी ख़ुश हो जाता है जब यात्री, ख़ास तौर पर बच्चे कहते हैं, दीदी सुनो, आप चला रही थीं मेट्रो? मज़ा आ गया… “मेट्रो वाली दीदी, ज़रा एक फ़ोटो प्लीज़ हमारे साथ!”

ज्योतिरानी खंडेलवाल

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मैं बीकानेर से हूँ और मुझे सबसे ज़्यादा ख़ुशी तो इसी बात की है कि मैंने अपना पारिवारिक पेशा अपनाया है. मेरे दादा लोको पायलट थे. पिता, ताऊ और ननिहाल में भी बहुत से लोग रेलवे की नौकरी में हैं. इसलिए मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है.

वैसे ऐसा कभी सोचा नहीं था कि रेलवे की नौकरी करुँगी. मेट्रो ड्राईवर बनना तो बस बाय लक, बाय चांस हो गया.

मेट्रो ड्राइवर की ख़्वाहिश रखने वाली युवा लड़कियां हमसे अक्सर पूछती हैं कि हमने इसके लिए कौन सा फॉर्म भरा? क्या परीक्षा पास की? तो मैं बताती हूँ कि बस विज्ञान का विद्यार्थी होना ज़रूरी है. बाक़ी ख़ास मुश्किल नहीं.

यह काम बिल्कुल स्ट्रेसफुल नहीं है बल्कि मैं कहूँगी कि पूरे डिपार्टमेंट में इससे ज़्यादा अच्छी नौकरी दूसरी नहीं.

जयपुर मेट्रो की उदघाटन यात्रा में जब मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने साथ में सफ़र किया, उन्होंने पूरा मेट्रो ड्राइविंग का सारा सिस्टम समझा तो उन्हें बहुत गर्व महसूस हुआ.

हमें ट्रेन चलाते हुए सब लोगों का, ख़ास तौर पर महिलाओं और लड़कियों का रिएक्शन देखकर बहुत अच्छा लगता है, गर्व महसूस होता है. क्योंकि उन्हें लगता है हमने जो किया है यह उनके लिए गर्व की बात है.

योगिता तिवारी

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जब हम प्लेटफ़ार्म पर एंट्री करते हैं तो लोग थोड़े चकित होकर देखते हैं, अरे लड़कियां मेट्रो चला रही हैं.

एक बार जब मैं कैब से उतरकर आ रही थी तो एक बच्ची ने कहा “मम्मा मैं भी बनूगीं मेट्रो ड्राईवर.”

यदि कोई आपके जैसा बनना चाह रहा है ये देखकर बहुत अच्छा लगता है.

ऐसा कोई काम नहीं है जो महिलाएं नहीं कर सकतीं. ट्रेनिंग और पूरे एक्स्पोज़र के बाद हम इसे बहुत आसानी से यह कर रहे हैं. हम अपने काम से जनता की धारणा भी बदल रहे हैं.

हमारा कॉमन कैडर “स्टेशन कंट्रोलर कम ट्रेन ऑपरेटर” का है. स्टेशन कंट्रोलर को पार्किंग, एस्केलेटर, फेयर कलेक्ट करना और ट्रेनों का संचालन देखना होता है.

हमें ज़रूरत के हिसाब से बाक़ी ज़िम्मेदारियां भी संभालनी होगीं. पर मेट्रो ड्राइविंग का अनुभव बहुत ही अच्छा है.

मेरे पिता पुलिस सेवा में हैं पर मुझे मेट्रो ड्राइविंग ख़ूब रास आ रही है.

मोनिका मित्तल

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मैं कोटपुतली से हूँ. अभी तक सिर्फ़ फोर व्हीलर ही चलाया था उससे भारी कुछ नहीं.

मेरा भाई बोलता था कि देख तू कहीं ठोक देगी. चलाने नहीं देता था. कार बड़ी मुश्किल से देता था. देता नहीं था तो ज़िद्द करके लेनी पड़ती थी. अब यहाँ तो कोई रोकटोक है नहीं.

वो आया था और मुझे मेट्रो चलाते देखकर बहुत ख़ुश हुआ. मज़ाक़ में कहने भी लगा कि मुझे भी चलाने देगी मेट्रो? और मैंने कहा बिलकुल नहीं.

कार तो इतना अच्छे से नहीं चलाती थी पर अब मेट्रो ज़्यादा आराम से चला पा रही हूँ.

हमें दिल्ली मेट्रो से बहुत अच्छी ट्रेनिंग मिली. 200 किलीमीटर की “हैंडलिंग” और रात को भी मेट्रो चलाने के अभ्यास के बाद ही हमें ड्राइविंग की ज़िम्मेदारी मिली है.

इस नौकरी में समय की पाबंदी और सही अलाइनमेंट का अभ्यास ज़रूरी है क्योंकि “ओवर शूट या अंडरशूट” होने की सूरत में दरवाज़ा अपने आप नहीं खुलता.

रात को ट्रेन चलाने में कोई दिक़्क़त नहीं आती बल्कि शाम के वक़्त ज़्यादा भीड़ रहती है, ज़्यादा लोग सफ़र करते हैं तो और अच्छा लगता है.

अपनी आठ घंटे की ड्यूटी के दौरान हम जयपुर में मानसरोवर से चांदपोल के बीच प्रतिदिन पांच राउंड ट्रेन चलाते हैं यानी क़रीब 95 किलोमीटर.

पर दिन सफल हो जाता है जब रोज़ ढेर सारे “कॉम्प्लिमेंट्स” मिलते हैं.

मीना सोनी

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मेट्रो स्टेशन पर बहुत सी लड़कियां आकर मुझे यह कहती हैं, ‘आप ही मीना सोनी हो?’ दरअसल वो हमें अपने रोल मॉडल की तरह देखती हैं. वे भी हमारे जैसा बनना चाहती हैं.

हमें देखकर लोगों को थोडा आश्चर्य होता है कि लड़कियां ट्रेन चला रही हैं क्योंकि आम तौर पर हम ट्रेनों में पुरुष चालक ही तो देखने के आदी हैं.

दिल्ली मेट्रो में छह महीने की ट्रेनिंग लेने के बाद ऐसा एक बार भी नहीं लगा कि हम कोई ऐसा प्रोफ़ेशन अपनाने जा रहे हैं जिसमें महिला होना बाधा हो.

लोगों को लगता ज़रूर है कि इसमें कोई विशेष शारीरिक क्षमता या श्रम की ज़रूरत है.

बल्कि हमें ज़्यादा ट्रेनिंग इस बात की दी गई है कि जब राइडरशिप ज़्यादा हो तो हम यात्री सुरक्षा का ध्यान कैसे रखें.

यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखना हमारी प्राथमिकता है.

कुल मिलाकर मेट्रो चलाना मस्त लग रहा है, बहुत बढ़िया लग रहा है.

सो. – बीबीसी हिंदी 

 

पिछोला लबालब, फतहसागर भी छलकने की तैयारी

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उदयपुर। चार दिन की लगातार बारिश ने उदयपुर की झीलों की तस्वीर बदल दी, २४ घंटे में पिछोला लबालब हो कर छलक गया और फतहसागर में 10 फिट ऊपर पानी आगया जो अगले तीन दिनों में छलक जाएगा। उदयपुर के आसपास के नदी तालाब सब भर चुके है और लबालब हो कर छलकने की तैयारी में है।
42 साल बाद बुधवार को ऐसा संयोग बना कि पीछोला (स्वरूपसागर) 24 घंटे में ओवर फ्लो हो गया। 11 फीट कैपेसिटी वाली इस झील में एक दिन पहले 3.2 फीट पानी था। कैचमेंट में लगातार बारिश से सुबह नांदेश्वर चैनल में पानी उफनते हुए किनारे लांघने लगा। सीसारमा नदी भी पूरे वेग से बहने लगी। इसमें देवास-सेकंड (मादड़ी डैम) से भी पानी मिलता रहा। नतीजतन दूसरे ही दिन पौने 8 फीट पानी आते ही पीछोला आेवर फ्लो हो गया।

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चेहरों पर ख़ुशी :
बारिश से परेशान लोगों के चेहरों पर उस वक़्त ख़ुशी छलक गयी जब सूना की पिछोला छलक गया जैसे जैसे खबर फैलती रही स्वरुप सागर लिंक चैनल फतहसागर और पिछोला किनारे शहर वासियों का मजमा बढ़ता रहा । इधर उदयसागर की ओर बढ़ा मदार आैर पीछोला का पानी अब उदयसागर के भरने की संभावना भी प्रबल हो गई है। छोटा मदार के बाद शाम को मदार बड़ा तालाब भी ओवरफ्लो होने से पानी चिकलवास पिकअप वियर की पाल को लांघकर आयड़ नदी की ओर बढ़ गया। चिकलवास पिकअप वियर से मदार नहर होते हुए फतहसागर में भी आवक बनी हुई है। इधर बुधवार शाम पीछोला ओवरफ्लो होने से इसका पानी भी गुमानिया नाला-आयड़ नदी होता हुआ उदयसागर की ओर बढ़ा।

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उदयपुर के पहाड़ों से बहते झरने
उदयपुर के पहाड़ों से बहते झरने
बारिश ने बदली उदयपुर की फ़िज़ा
बारिश ने बदली उदयपुर की फ़िज़ा

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झाड़ोल नदी
झाड़ोल नदी

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कब कब छलका पिछोला :

1973 – 23 अगस्त
1975 – 26 सितंबर
1976 – 7 सितंबर
1977 – 11 सितंबर
1978 – 15 सितंबर
1980 – 12 अगस्त
1983 – 30 जुलाई
1984 – 18 अगस्त
1985 – 5 अक्टूबर
1989 – 26 अगस्त
1990- 8 अगस्त
1991 – 1 अगस्त
1992 – 3 अगस्त
1994 – 23 अगस्त
1996 – 15 सितंबर
2005 – 23 सितंबर
2006- 8 अगस्त
2010 – 9 सितंबर
2011 – 30 अगस्त
2012 – 8 सितंबर
2013 – 30 अगस्त
2014 – 9 सितंबर
2015 – 29 जुलाई