उदयपुर। राजस्थान सरकार ने कल रात राजस्थान प्रशासनिक सेवा के 69 अधिकारियों की तबादला सूची जारी की। आठ दिन पहले तबादले पर गए एडीएम (सीटी) छोगाराम देवासी फिर से उदयपुर तबादला करवा कर आ गए। उनका कल जारी हुई सूची में उदयपुर एडीएम प्रशासन के पद पर तबादला हुआ। साथ ही उदयपुर में एडीएम प्रशासन मनवीरसिंह अत्री को अतिरिक्त आयुक्त (द्वितीय) तथा अतिरिक्त संभागीय आयुक्त जितेंद्र कुमार उपाध्याय को अतिरिक्त निदेशक खान एवं भू-गर्भ विभाग में तबादला किया गया है।
राजस्थान सरकार द्वारा हाल ही में 12 मई को जारी तबादला सूची में से आठ आरएएस अफसरों के तबादले निरस्त किए गए हैं और छोगाराम देवासी सहित कुछ रसूख लगाने वाले अधिकारियों को आठ दिन बाद ही वापस बदल दिया गया है। छोगाराम देवासी आठ दिन पहले उदयपुर के एडीएम सिटी के पद पर थे। 12 मई को आई तबादला सूची में देवासी का तबादला जोधपुर एडीएम (सिटी) के पद पर हुआ था, लेकिन देवासी ने जुगाड़ और रसूख लगाकर अपना तबादला आठ दिन में फिर उदयपुर एडीएम प्रशासन के पद पर करवा लिया। बताया जा रहा है कि करीब छह माह पहले उदयपुर आए देवासी ने हाल ही में अपने परिवार और बच्चों का स्कूल कॉलेज में दाखिला करवाया था। छह माह बाद ही वापस तबादला होने से देवासी परेशान हो गए थे। इधर एडीएम (सिटी) के पद पर अशोक बुनकर ने 18 मई को ही पदभार ग्रहण कर लिया है।
राज्यभर में इन अफसरों के हुए तबादले : कार्मिक विभाग द्वारा जारी की गई सूची के अनुसार छोगाराम देवासी अति. जिला कलेक्टर एवं अति. जिला मजिस्ट्रेट उदयपुर, मनवीर सिंह अत्रि अति. संभागीय आयुक्त (द्वितीय) उदयपुर।
सोमनाथ मिश्रा अतिरिक्त संभागीय आयुक्त उदयपुर, आरएएस जितेंद्र कुमार उपाध्याय अति. निदेशक खान एवं भू-गर्भ उदयपुर, रामदयाल मीणा द्वितीय मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद चित्तौडग़ढ़, राजेंद्र प्रसाद सारस्वत सीईओ जिला परिषद राजसंमद, गोविंदसिंह राणावत अति. मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद राजसमंद, जसाराम चौधरी अति. आयुक्त एवं राज्य परियोजना निदेशक माध्यमिक शिक्षा परिषद जयपुर, श्यामलाल गुर्जर अति. निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जयपुर, सुरेंद्रकुमार सोलंकी संयुक्त शासन सचिव पंचायतीराज जयपुर, वीरेंद्रसिंह अति. जिला कलेक्टर कोटपुतली, मुकेश कुमार मीणा उपायुक्त खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले जयपुर, आभा बेनीवाल उपायुक्त जयपुर विकास प्राधिकरण, कमलेश आबुसरिया शासन उप सचिव शिक्षा (गु्रप-2) जयपुर नियुक्त किया गया। इसी तरह भगवान सहाय शर्मा अति. जिला कलक्टर टोंक, राकेश राजोरिया उप महाप्रबंधक (प्रशासन) रोडवेज जयपुर, शक्तिसिंह सिसोदिया राजस्व अपील अधिकारी जयपुर, दिनेशचंद जैन भू-प्रबंध आयुक्त एवं पदेशक निदेशक बंदोबस्त जयपुर, दुर्गा जोशी संयुक्त शासन सचिव राजस्व विभाग जयपुर, इंद्रसिंह अति. निदेशक इंदिरा गांधी पंचायतीराज संस्थान, रमेशचंद सोलंकी संयुक्त शासन सचिव राजस्व विभाग जयपुर, नरेंद्र गुप्ता उपायुक्त (प्रशासन) वाणिज्यक कर विभाग कोटा, द्वारकालाल मीणा राजस्व अपील अधिकारी सवाई माधोपुर, बलदेवसिंह अति. जिला कलेक्टर एवं अति. जिला मजिस्ट्रेट सवाई माधोपुर, अनिल कुमार अग्रवाल अति. निदेशक उच्च शिक्षा विभाग जयपुर, लक्ष्मीकांत बालोत मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद भरतपुर, परमेश्वरलाल अति. जिला कलेक्टर एवं अति. जिला मजिस्ट्रेट हनुमानगढ़, सुखवीरसिंह चौधरी अति. जिला कलेक्टर एवं अति. जिला मजिस्ट्रेट नोहर (हनुमानगढ़), मुरलीधर प्रतिहार विशेषाधिकारी (भूमि), नगर विकास न्यास कोटा, अजरा परवीन अति. जिला कलेक्टर एवं अति. जिला मजिस्ट्रेट (शहर) जोधपुर, कुंज मोहन शर्मा उप महानिरीक्षक, पंजीयन एवं मुद्रांक अलवर (द्वितीय), अनिल कुमार वाष्र्णेय अति. जिला कलेक्टर एवं अति. जिला मजिस्ट्रेट धौलपुर, बुधराम मीणा आयुक्त नगर जोधुपर, नवल किशोर गुप्ता उपनिदेशक (क्षेत्रीय) स्थानीय निकाय जोधपुर बनाया गया।
सुरेंद्रसिंह मीणा एसडीएम सिवाना बाडमेर, संजीव कुमार पांडे एसडीएम थानागाजी अलवर, संजय शर्मा एसडीएम भीलवाड़ा, घनश्याम शर्मा एसडीएम सरवाड़ अजमेर, राजेश डागा आयुक्त नगर निगम कोटा, सुश्री रचना भाटिया अति. मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीगंगानगर, कपूर शंकर मान आयुक्त नगर परिषद श्रीगंगानगर, पुष्कर राज शर्मा उपखंड अधिकारी फतेहपुर (सीकर), राकेश कुमार उपखंड अधिकारी सीकर, अंजू ओमप्रकाश परियोजना प्रबंधक अनु. जाति विकास निगम अलवर में नियुक्त किया गया। सरोज गुप्ता सहायक कलक्टर एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट (मुख्यालय) अलवर, नितेंद्र पाल सिंह उपखंड अधिकारी अजमेर, संजय कुमार माथुर उपखंड अधिकारी बनेड़ा (भीलवाड़ा), राष्ट्रदीप यादव उपनिदेशक (प्रशासन) समेकित बाल विकास सेवाएं जयपुर, नवरतन कोली उपखंड अधिकारी बसेड़ी (धौलपुर), अशोक कुमार मीणा उपखंड अधिकारी पहाड़ी (भरतपुर), दीपाली भगोतिया सहायक कलक्टर एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट बस्सी (जयपुर), रामखिलाड़ी मीणा-द्वितीय उपखंड अधिकारी डीडवाना (नागौर), बलदेव प्रसाद शर्मा उपखंड अधिकारी सरदार शहर (चुरू)। शिवचरण मीणा उपखंड अधिकारी भरतपुर, नरेंद्र कुमार वर्मा उपखंड अधिकारी बयाना (भरतपुर), नेकराम नागर उपखंड अधिकारी श्रीकरणपुर (श्रीगंगानगर), अलका विश्नोई उपखंड अधिकारी पूंगल (बीकानेर), रामचंद्र मीणा सहायक आयुक्त उपनिवेशन छतरगढ़ बज्जू (बीकानेर), रीछपाल सिंह बुलडक उपखंड अधिकारी पीपाड़ सिटी (जोधपुर), ब्रह्मलाल जाट उपखंड अधिकारी डेगाना (नागौर) करतारसिंह एसडीएम, नैनवा (बूंदी), सन्ना सि²ीकी एसीएम (मुख्यालय) करौली। रेखा सामरिया एसीएम जयपुर- दो (शहर), अनिल कुमार कौशिक सहायक आयुक्त, उप निवेशन मोहनगढ़ (जैसलमेर), नीतू राजेश्वर उपायुक्त, जेडीए, जयपुर, पुष्पा देवी पंवार एसडीएम फूलियाकलां (भीलवाड़ा), सावित्री शर्मा उपायुक्त, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद जयपुर, तुलिका सैनी उपायुक्त, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद जयपुर, मोहम्मद अब्बू बक्र- उपायुक्त जेडीए, जयपुर नियुक्त किया गया।
आठ के तबादले निरस्त, तीन को अतिरिक्त प्रभार
कार्मिक विभाग ने गत 12 मई को जारी तबादला सूची में शामिल आठ आरएएस अधिकारियों चंद्रशेखर मूथा, हनुमानसिंह शेखावत (द्वितीय), हृदेश कुमार शर्मा, अनुराधा गोगिया, हरितीमा, कन्हैयालाल सोनगरा, हर्षवर्धनसिंह राठौड़, ओम प्रकाश सहारण का तबादला निरस्त कर दिया है। इसके अलावा रामनाथ चाहिल को रजिस्ट्रार राजीव गांधी जनजाति विवि उदयपुर, अनुराधा सक्सेना को भू-प्रबंध अधिकारी कोटा व जगरूपसिंह यादव को अतिरिक्त सम्भागीय आयुक्त भरतपुर का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
राजस्थान सरकार ने किये 69 आरएएस अधिकारीयों के तबादले
उस्ताद की याचिका खारिज
रणथंभोर अभयारण्य में शिफ्ट करने को लेकर हाईकोर्ट को पुन: विचार करने के निर्देश
उदयपुर। रणथंभोर से बेदखल किए गए बाघ टी-24 क्रक्रउस्तादञ्जञ्ज को उसके घर वापस भेजने की सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई याचिका खारिज कर दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को पुन: विचार के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि चार दिन पहले रणथंभोर में सबसे खूंखार माने जा रहे टाइगर टी-24 क्रक्रउस्तादञ्जञ्ज को उदयपुर के बायलॉजिकल पार्क में शिफ्ट कर दिया था, जिसके लिए अधिकारियों की खासी किरकिरी हो रही है। कई एक्सपर्ट और वाइल्ड लाइफ से जुड़े लोगों का मानना है कि बाघ के विचरण करने वाली जगह उसके घर में अगर कोई इंसान घुसेगा तो जानवर का हमला करना गलत नहीं है। क्रक्रउस्तादञ्जञ्ज की शिफ्टिंग को लेकर वन्य जीव प्रेमी पुणे निवासी सीबीसिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। सीबी सिंह का मानना था कि वन अधिकारियों ने जंगल में स्वछंद विचरण करने वाले बाघ को बंदी बनाकर जू में शिफ्ट कर दिया। इसके लिए पहले हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने 28 मई को सुनवाई का समय दिया था। उसके बाद सीबीसिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई, जिसकी आज सुनवाई थी, जिसमें याचिका खारिज करके हाईकोर्ट को वापस विचार करने के निर्देश दिए हैं।
प्रताप की जय-जय
प्रताप जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा का जगह-जगह
स्वागत, शहरवासियों ने बरसाए फूल

उदयपुर। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 475वीं जयंती आन-बान-शान के साथ मनाई जा रही है। शहर के सभी संगठनों और समाजों द्वारा मोतीमगरी स्थित महाराणा प्रताप के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। क्षत्रिय महासभा और नगर निगम के तत्वावधान में विभिन्न संगठनों और समाजों द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा पर रास्ते भर शहरवासियों ने फूल बरसाए। टाउनहॉल में सभा का आयोजन भी किया गया। मोतीमगरी पर सुबह 5.45 से हवन के साथ ही आयोजन शुरू हो गए। महाराणा प्रताप के वंशज लक्ष्यराजसिंह मेवाड़ ने प्रताप की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर हवन में हिस्सा लिया। महापौर चंद्रसिंह कोठारी, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, प्रताप स्मारक समिति के सचिव युद्धवीर सिंह, एसपी राठौड़ सहित क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों ने हवन में हिस्सा लिया। मोतीमगरी पर सुबह आर्मी के अधिकारियों ने पूरे मान-सम्मान के साथ सलामी देकर महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
शोभायात्रा का शहरभर में स्वागत : शोभायात्रा चेतक से सुबह 7.30 बजे शुरू हुई, जो हाथीपोल घंटाघर, बड़ाबाजार, मुखर्जी चौक, झीणीरेत चौक, सूरजपोल होते हुए टाउनहॉल पहुंची, जहां पर सभा का आयोजन किया गया। शोभायात्रा का रास्तेभर सभी समाजों और विभिन्न संगठनों द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
शोभायात्रा में नगर निगम महापौर चंद्रसिंह कोठारी, ग्रामीण विधायक सहित कई राजनैतिक पार्टी के पदाधिकारी, संगठनों और समाजों के प्रतिनिधि मौजूद थे। क्षत्रिय महासभा से बालूसिंह कानावत, मनोहरसिंह कृष्णावत सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। शोभायात्रा में क्षत्राणियां हाथों में तलवार थामे महाराणा प्रताप के जयकारे के साथ चल रही थी। महाराणा प्रताप की विशेष झाकियां भी सजाई गई थी। कई युवा दुपहिया वाहन पर प्रताप के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे । क्षत्रिय समाज के गणमान्य लोग चार पहिया वाहन, ऊंट और घोड़ों पर सवार थे। शोभायात्रा में महाराणा प्रताप की प्रतिमा का रास्ते भर माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। सूरजपोल पर पुलिस महकमे द्वारा शोभायात्रा के पुलिस बैंड की मधुर धुन के साथ स्वागत किया गया। पुलिस उपाधीक्षक डॉ. राजेंद्र भारद्वाज ने महाराणा प्रताप को माल्यार्पण कर सेल्यूट किया। साथ ही अंबामाता सीआई जितेंद्र आंचलिया, सूरजपोल सीआई रमेश कुमार ने भी माल्यार्पण कर सेल्यूट किया।
शोभायात्रा में भाग नहीं लिया : दो दिन पहले हुए पोस्टर विवाद के कारण सकल राजपूत महासभा के किसी भी कार्यकर्ता और पदाधिकारियों ने शोभायात्रा में भाग नहीं लिया। सकल राजपूत महासभा के कई कार्यकर्ता शोभायात्रा में भाग लेने के लिए आ रहे थे। उन्हें पदाधिकारियों ने पहले ही रोक दिया और फिर सामूहिक भ्रमण का आयोजन किया गया।
सभा : महाराणा प्रताप की जयंती पर क्षत्रिय महासभा द्वारा टाउनहॉल स्थित सुखाडिय़ा रंगमंच पर सभा का आयोजन किया गया। सभा के मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम पुंज थे, जिन्होंने प्रताप के जीवन को संघर्ष और बलिदान का प्रतिक बताया। सभा में उदयपुर सांसद अर्जुन मीणा, महापौर चंद्रसिंह कोठारी, जिला प्रमुख शांतिलाल मेघवाल, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, क्षत्रिय महासभा के मनोहरसिंह कृष्णावत, बालूसिंह कानावत आदि कई पदाधिकारी मौजूद थे।
अपहरण के बाद पत्नी के प्रेमी की हत्या

उदयपुर। सुखेर में सिद्धार्थ नगर की जैन कॉलोनी से बीती रात एक व्यक्ति ने परिजनों के साथ मिलकर पत्नी और उसके प्रेमी का अपहरण कर लिया। अपहरण की सूचना पर जिलेभर में नाकाबंदी की गई। गोगुंदा में नाकाबंदी को देखकर अपहरणकर्ता वापस उदयपुर की तरफ भागे। इसी दौरान टोलनाके के पास माघपुरा गांव में एक स्कोर्पियों पलटी खा गई। इस वाहन मेें पत्नी थी, जिसे आरोपी जख्मी हाल छोड़कर भाग गया। बाद में उदयपुर आकर पे्रमी की हत्या कर दी और लाश केशवनगर में फेंक दी गई। सूत्रों के अनुसार भीनमाल (जालोर) निवासी देवेंद्र विश्नोई और उसकी प्रेमिका पूनम विश्नोई पिछले एक माह से यहां सुखेर में सिद्धार्थनगर की जैन कॉलोनी में किराये के मकान में रह रहे थे। पता चला है कि एक माह पूर्व ये भीनमाल से भागकर यहां आए थे, तब से यही रह रहे थे। पूनम विश्नोई की दो साल पहले भीनमाल निवासी प्रकाश विश्नोई से शादी हुई थी, लेकिन प्रेम प्रसंग के कारण पूनम एक माह पूर्व उसके पे्रमी देवेंद्र के साथ भाग आई। बीती रात प्रकाश विश्नोई उसके भाई गणपत, गोविंद अंकल कालूलाल और मनोहर विश्नोई सहित आठ जनों को लेकर पूनम के मकान पर पहुंचा, जहां उसने पूनम और देवेंद्र के साथ मारपीट शुरू कर दी। ये लोग दो स्कोर्पियो लेकर पहुंचे थे। काले रंग की स्कोर्पियो गुजरात नंबर की थी, जबकि दूसरी सफेद स्कोर्पियो बिना नंबर की थी। आरोपी प्रकाश व उसके परिजन देवेंद्र और पूनम को अलग-अलग वाहनों में डालकर यहां से लेकर रवाना हो गए।
इसकी सूचना पर देवेंद्र के मकान मालिक गौरव पुत्र कमलकांंत सक्सेना ने सुखेर पुलिस को दी, जिस पर जिलेभर में नाकाबंदी कराई गई।
गोगुंदा में पलटी स्कोर्पियो : जब दोनों वाहन गोगुंदा होकर जालोर की तरफ जा रहे थे, तभी टोलनाके पर नाकाबंदी थी, जिस देखकर दोनों वाहन वापस उदयपुर की तरफ मूड गए। भागते समय गोगुंदा के माघपुरा गांव के पास एक स्कोर्पियो पलट गई। इसमें पूनम थी, जो घायल हो गई। पूनम का पति प्रकाश स्कोर्पियो और जख्मी पत्नी को वही छोड़कर परिजनों के साथ देवेंद्र को लेकर उदयपुर की तरफ भाग निकला।
पे्रमी की हत्या कर लाश फेंकी : गोगुंदा से भागने के बाद देवेंद्र ने परिजनों के साथ मिलकर देवेेंद्र की हत्या कर दी और लाश को केशव नगर में फेंक दिया। बाद में आरोपी यहां से भाग छूटे। इधर, पूनम के पीहर पक्ष को सूचना मिलने पर वो गोगुंदा थाने पहुंच गए है, जिन्होंने पुलिस को बताया कि दो साल पहले पूनम की शादी प्रकाश से हुई थी, लेकिन बाद में उसका प्रेम प्रसंग देवेंद्र के साथ हो गया। दोनों एक माह पूर्व भीनमाल से भाग निकले, तब से ये दोनों उदयपुर में रह रहे थे। गोगुंदा पुलिस पूनम को लेकर सुखेर के लिए रवाना हो गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
कैलाशपुरी तालाब के पास मिली युवक की जली हुई लाश
उदयपुर। कैलाशपुरी तालाब के पास चाय की थड़ी के सामने कल शाम सात बजे पुलिस को एक जली हुई लाश मिली। लाश जली हुई थी, लेकिन उसके कपड़े नहीं जले थे। अंदेशा है कि हत्या के बाद लाश को जलाया गया था और फिर उसे कपड़े वापस पहनाए गए थे। सुखेर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लाश की शिनाख्त कर ली है और आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने यह सूचना तगडिय़ों का गुुड़ा निवासी लालसिंह चूंडावत को दी, लेकिन उसने लाश के एक हाथ में दो अंगूठे होने से मृतक की पहचान उसके भतीजे तगडिय़ों का गुड़ा (कैलाशपुरी) निवासी गणपतसिंह (२२) पुत्र सोहनसिंह चूंडावत के रूप में की है। मृतक के परिजनों को बुलाया गया। परिजनों का आरोप है कि मृतक गणपतसिंह बांसड़ा निवासी खेमसिंह की चाय की थड़ी पर काम करता था। पिछले चार माह से गणपतसिंह घर नहीं लौटा था और ना ही खेमसिंह ने उसे तनख्वाह दी थी। परिजनों का कहना है कि इसी बात को लेकर खेमसिंह और गणपतसिंह के बीच तकरार चल रही थी।
मोदी ने किया भारत का ‘अपमान’?
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन और दक्षिण कोरिया में भारतीयों पर की टिप्पणियों की ट्विटर पर तीखी आलोचना हो रही है.
दक्षिण कोरिया में अप्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा था कि, “पहले लोग भारतीय होने पर शर्म करते थे लेकिन अब आपको देश का प्रतिनिधित्व करते हुए गर्व होता है. पिछले साल विदेशों में रहे सभी भारतीयों ने सरकार के बदलने की उम्मीद की थी.”
ट्विटर पर लोग नरेंद्र मोदी के इसी बयान को भारत का अपमान बता रहे हैं.
मंगलवार सुबह से ही #ModiInsultsIndia (मोदी ने भारत का अपमान किया) ट्रेंड कर रहा है.
कुछ चुनिंदा टिप्पणियां
फ़हद ने ट्वीट किया, “इक़बाल ने ‘सारे जहाँ से अच्छा…’ 16 मई 2014 के बाद के लिए ही लिखा था. दुष्ट कांग्रेसियों ने इसका इस्तेमाल स्वतंत्रता आंदोलन में ही कर लिया.”
सचित सेठ ने लिखा, “भले ही हमारे देश में गोडसे, सावरकर, हेडगेवर, गोलवलकर जैसे लोग थे लेकिन फिर भी मुझे भारतीय होने पर शर्म नहीं है.”
सचिन ने ही एक और ट्वीट किया, “एक बार जब अटल बिहारी वाजपेयी से विदेशी धरती पर कांग्रेस के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा था कि इस बारे में मैं सिर्फ़ भारत में ही बोलूंगा.”
कांग्रस प्रवक्ता संजय झा ने ट्वीट किया, “माफ़ करना भक्तों, आपने बहुत मेहनत की, लेकिन तुम्हारे छोटी सोच वाला स्तरहीन नेता सत्य के अजेय रथ को नहीं रोक सकता.”

पहले प्रधानमंत्री!
स्कॉची शास्त्री ने ट्वीट किया, “पहले प्रधानमंत्री जिन्होंने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि वो भारतीय होने पर शर्मिंदा हैं. हमें मोदी जी पर गर्व है.”
जोगिंदर रावत ने ट्वीट किया, “मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं जो विदेशी धरती पर भारतीय होते हए शर्म महसूस कर रहे हैं. जो भारतीय हैं उन्हें हमेशा भारतीय होने पर गर्व होता है.”
आम जनता नाम के अकाउंट से ट्वीट किया गया, “मोदी जी मुझे भारतीय होने पर गर्व है, आप प्रधानमंत्री हों या ना हों.”
इस ट्रेंड के अंतर्गत किए गए ज़्यादातर ट्वीट में लोगों ने यह भावना जताई हालांकि मोदी के बचाव में भी ख़ूब ट्वीट किए जा रहे हैं.
बीजेपी सांसद और अभिनेता परेश रावल ने लिखा, “अगर भ्रष्टाचार ख़त्म करना, भारत को विश्व शक्ति के रूप में पेश करना और विकास करना बेइज़्ज़ती है तो हाँ मोदी ने भारत की बेइज़्ज़ती की.”
sours : BBC hindi
प्रदेश में बिगड़ा मौसम का मिजाज, राजधानी में चली तेज आंधी
जयपुर। प्रदेश में गर्मी का भीषण प्रकोप जारी है वहीं मंगलवार को मौसम के करवट खाने से तपती धरा को थोड़ा बहुत सुकून मिला है। जितनी छोटी स्कर्ट, बिल में उतना डिस्काउंट
बीजिंग .चीन के एक रेस्तरां ने लो-सीजन में ग्राहकों को लुभाने के लिए एक बड़ा ही अनोखा तरीका ईजाद किया है।
किसने हटाए प्रताप के बैनर ?
गुस्साई सकल राजपूत महासभा ने समारोह में भाग लेने से किया इनकार

उदयपुर। महाराणा प्रताप जयंती राजनीति की भेंट चढ़ गई है। शहर में विभिन्न स्थानों पर दो दिन पूर्व सकल राजपूत महासभा द्वारा लगाए गए प्रताप जयंती के बैनर को अज्ञात लोगों ने हटा दिया। इस घटना से गुस्साए महासभा के पदाधिकारियों ने समारोह में भाग नहीं लेने का आव्हान करते हुए कार्यकर्ताओं को रोक दिया। दूसरी तरफ, जिन पर यह आरोप लगाया जा रहा है, उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि महाराणा प्रताप किसी एक समाज के नहीं, बल्कि सर्व समाज और मेवाड़ का गौरव है। ऐसा कृत्य उनके द्वारा नहीं किया गया।
सकल राजपूत महासभा ने दो दिन पूर्व अपनी तरफ से महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर बधाई और आमंत्रण के करीब 58 पोस्टर शहर में विभिन्न स्थानों पर लगाए थे। कल किसी ने शहर में लगे सकल राजपूत महासभा के सभी बैनर हटा दिए। पहले शंका जताया गई कि नगर निगम द्वारा पोस्टर हटाए गए होंगे, लेकिन नगर निगम महापौर चंद्रसिंह कोठारी का कहना है कि निगम खुद इस कार्यक्रम में भाग लेता है, वो क्यों पोस्टर हटाएंगे। सकल राजपूत महासभा के महामंत्री भानुप्रतापसिंह का कहना है कि यह पोस्टर रणधीर सेना (जनता सेना) के कार्यकर्ताओं ने हटाए हैं, जबकि रणधीर सेना के शहर जिलाध्यक्ष दिनेश माली ने इस बात से साफ इनकार किया है।
कटारिया और भींडर की लड़ाई में प्रताप जयंती : माना यह जा रहा है कि प्रताप जयंती समारोह में गृहसेवक गुलाबचंद कटारिया बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित है और उनकी उपस्थिति के चलते वल्लभनगर विधायक रणधीरसिंह भींडर को आमंत्रित नहीं किया गया। इसका गुस्सा जनता सेना ने सकल राजपूत महासभा के पोस्टर पर निकाला, क्योंकि चुनाव में सकल राजपूत महासभा ने गुलाबचंद कटारिया का खुलकर समर्थन किया था।
शोभायात्रा में शामिल नहीं होंगे : सकल राजपूत महासभा के महामंत्री भानुप्रतापसिंह का कहना है कि उन्हें इस बात से बहुत आघात पहुंचा है और उन्होंने सभी पदाधिकारियों को कल नगर निगम और क्षत्रिय महासभा द्वारा आयोजित शोभायात्रा में हिस्सा नहीं लेने का आह्वान किया है। सिर्फ दो पदाधिकारी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएंगे और बाकी गांवों से आए हज़ारों कार्यकर्ताओं को मोतीमगरी आदि का भ्रमण करवाया जाएगा। उनका कहना है कि अगले साल से सकल राजपूत महासभा अपना कार्यक्रम और शोभायात्रा अलग से आयोजित करेगी।
> शहरभर में लगे 40 हज़ार कीमत के 58 पोस्टर जनता सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा हटा दिए गए। इस बात से सकल राजपूत महासभा के कार्यकर्ताओं को गहरा आघात पहुंचा है। कल के कार्यक्रम में सकल राजपूत महासभा हिस्सा नहीं लेगी।
-भानुप्रतापसिंह, महामंत्री, सकल राजपूत महासभा
> नगर निगम के किसी कर्मचारी ने प्रताप जयंती के पोस्टर नहीं हटाये, प्रताप जयंती का कार्यक्रम खुद नगर निगम और क्षत्रिय महासभा द्वारा आयोजित किया जाता है जो कि सर्व समाज के लिए है । निगम के कर्मचारी कल किसी और जगह लगे हुए थे ।
– चन्द्र सिंह कोठारी , महापौर नगर निगम उदयपुर
> हमारी शहर में कोई इकाई ही नहीं है, ना ही हमारे कार्यकर्ता है हम पर जो आरोप लग रहे है वह बिलकुल निराधार है । हमारा अपना कार्यक्रम अलग आयोजित किया जाता है ।
-दिनेश माली , शहर जिलाध्यक्ष जनता सेना
सरकार पिलाना चाहती है खूब शराब!
हाईकोर्ट का हाइवे से शराब की दुकानें हटाने का आदेश बना आबकारी अधिकारियों के लिए गलफांस, ठेकेदारों के लिए खाली दुकानें तलाश रहे हैं अधिकारी

उदयपुर। राज्य सरकार जनता को शराब पिलाकर ज्यादा से ज्यादा राजस्व हासिल करना चाहती है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद हाइवे पर चल रही शराब की दुकानें तो बंद करवा दी गई है, लेकिन इन दुकानों के बंद होने से आबकारी अधिकारियों की मुसीबतें बढ़ गई है। हाईकोर्ट ने हाइवे के दोनों तरफ १५० मीटर की परिधि में शराब की दुकानें बंद कराने के आदेश दिए थे। इसके बाद हाइवे पर चल रही करीब २१८९ दुकानों को बंद करवाया गया, लेकिन शराब बिक्री के लिए दुकानें नहीं मिल पाने के कारण अब तक एक चौथाई दुकानें ही शिफ्ट की जा सकी है। इससे राजस्व में भारी गिरावट आई है, जो आबकारी अधिकारियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है, क्योंकि सरकार द्वारा आबकारी अधिकारियों के लिए टारगेट फिक्स कर रखा है। पता चला है कि इस परेशानी से निबटने के लिए आबकारी अधिकारी स्वयं ठेकेदारों के लिए खाली दुकानें तलाश रहे हैं, ताकि शराब की बिक्री बढ़े और राजस्व का गिरता ग्राफ वापस ऊपर आ सके। राज्य सरकार इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी गई, लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद आबकारी विभाग ने ठेकेदारों से हाइवे पर 150 मीटर की परिधि में खुली सभी शराब की दुकानें बंद करवा दी। सूत्रों के अनुसार दुकानें बंद होने के बाद राजस्व में आई गिरावट के कारण आबकारी अधिकारी ही शराब बिक्री के लिए खाली दुकानों की तलाश में जुट गए हैं। बताया जा रहा है कि विभाग के उच्चाधिकारियों ने बंद हुई दुकानें जल्द खुलवाने के लिए सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी है। अधिकारी राजमार्ग से 150 मीटर की परिधि के बाहर शराब की दुकानें शिफ्ट कराने की मशक्कत में लगे हुए हैं।
प्रोपर्टी को लेकर दो भाइयों में झगड़ा, एक दूसरे को लगाई आग
जयपुर। झोटवाड़ा के गणेश नगर में रविवार देर रात पिता की प्रोपर्टी का झगड़ा खतरनाक स्थिति में पहुंच गया। झगड़े में दो भाइयों में विवाद इतना बढ़ा कि छोटे भाई ने अपनी बाइक का पेट्रोल निकाला और बड़े भाई पर उंडेल दिया। फिर आग लगा दी।मामले के अनुसार मूलतः दौसा के रहने वाले राम निरंजन (36) मुंबई में और राजकुमार (33) झोटवाड़ा के गणेश नगर में रहते हैं। दोनों भाईयों में पिता की प्रोपर्टी को लेकर विवाद चल रहा है। रामनिरंजन रविवार रात मुंबई से जयपुर राजकुमार के पास आए थे। दोनों में पिता की प्रोपर्टी को लेकर झगड़ा हो गया।


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