शहर भर में रही दिवाली की धूम , सजे बाज़ार, रोशन हुए चेहरे

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उदयपुर। शहर भर में दीपोत्सव पारम्परिक धूम धड़ाके और हर्शोल्लास के साथ मनाया गया और गुरूवार को दिवाली शुक्रवार को खेखरा और शनिवार को दीपोत्सव के अंतिम दिन भाई-दूज का पर्व हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। गुरूवार को दीपावली पर शहर सहित उपनगरों के बाजारों में खासी रोशनी की गई। रोशनी देखने पूरा नगर उमड़ पड़ा। बाजारों में रात नौ बजे बाद खासी भीड़ रही। विभिन्न व्यापार संगठनों की ओर से लोगों के मनोरंजन के लिए विविध आयोजन भी किए गए।
भाई दूज पर बहनों ने भाइयों को सपरिवार अपने घर खाने पर आमंत्रित किया है, जहां दोपहर में या शाम को भाई बहन के यहां जाएंगे और भोजन के बाद इच्छानुसार बहन को भेंट देंगे।
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दीपावली पर उमड़ी भीड़ : दीपावली पर बाजारों बापूबाजार, सूरजपोल , बड़ा बाजार , भटियानी चोहट्टा में खासी भीड़ रही लक्ष्मी माता के मंदिर पर श्रद्धालुओं की सुबह से भीड़ रही। दिवाली के दिन भी खरीदारी के लिए शहर के अंदरुनी बाजारों में खासी भीड़ रही। शाम को शुभ मुहूर्त में व्यवसायियों ने अपने अपने प्रतिष्ठानों पर तो घरों में भी धन-धान्य से भरपूर रखने की आकांक्षा को लेकर माता महालक्ष्मीजी की पूजा-अर्चना की गई। महालक्ष्मीजी का पूजन कर नानाविध मिष्ठानों का भोग लगाया गया। घर-आंगन में रंग-बिरंगी रोशनी और मिट्टी के दीयों से रोशन कर खुशियां मनाई गई। लोगों ने एक-दूसरे का मुंह मीठाकर दीपोत्सव की शुभकामनाएं दीं। घरों में स्थिर लग्न तो व्यवसाय स्थलों पर चर लग्न में पूजन किया गया। परंपरागत गेरु का स्थान जहां पेंट ने ले लिया, वहीं समयाभाव के कारण रंगोली, माता महालक्ष्मीजी के पगल्ये आदि के स्टीकर लगाए गए।

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खूब बिकी ये सामग्री भी: सूरजपोल पुलिस चौकी के पास कमल पुष्प, सीताफल, बेर, चावल और धान की फुल्ली व चाशनी से बने खिलौनों की खूब बिक्री हुई। घर-दुकानों की सजावट के लिए आसा पाल सहित गेंदे के फलों की बंदनवार का भी जोरदार उठाव रहा। दीये, नए कपड़े, रंगोलियां और सजावटी लाइट्स की खूब खरीदारी हुई। बाजार में सोने व चांदी के सिक्कों की खरीदारी की गई। इस बार पिछले साल के मुकाबले गेंदे के फूलों की माला के भाव बढ़ गए। गत वर्ष जो माला 10 रुपए की थी, उसके इस बार 20 से 30 रुपए तक वसूले गए।
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आतिशबाजी की खरीद में दिखा उत्साह : शहर के बाजारों में सजे आतिशबाजी के काउंटरों पर दिनभर युवाओं और अभिभावकों के साथ आए बच्चों का तांता लगा रहा। युवा जहां जोरदार धमाके करने वाले सुतली और चमकीले बमों के साथ आकाश में जाकर रंगबिंरगी रोशनी करनेवाले पटाखे खरीदते नजर आए, वहीं बच्चों को जमीन चक्कर, अनार, फुलझडिय़ां और अन्य पटाखे खूब रास आए। इसके अलावा राकेट, एक बार चलाने पर २५ से लेकर ६० बार धमाके करने वाली आतिशबाजी की बिक्री भी चरम पर रही। कॉलोनियों में बच्चों ने सुबह से घरों की छतों पर चढ़कर पटाखे छोडऩा शुरू कर दिया, तो उन्हें पटाखे छोडऩे से रोकना महिलाओं के लिए मुश्किल हो गया। घरों-दुकानों पर भी भव्य सज्जा की गई। पूजन से पूर्व महिलाओं ने घरों में दीए प्रज्ज्वलित किए। उसके बाद पास के देवालयों, मंदिरों में भी दीए रखे गए। फिर पूजा की गई। शाम होते ही मानों बच्चों को मनचाही खुशी मिल गई। बच्चों ने जमकर पटाखे फोड़े। अभिभावक भी सुरक्षा के मद्देनजर उनके साथ ही रहे।

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गोवर्धन पूजा: खेंखरे पर महिलाओं ने घर के बाहर गोबर से गोवर्धन बनाकर पूजा अर्चना की। मंदिरों में अन्नकूट के आयोजन हुए। शहर के अस्थल मंदिर, जगदीश मंदिर, श्रीनाथजी मंदिर सहित विविध स्थानों पर अन्नकूट का भोग धराकर श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। फिर रामा-श्यामी का दौर चला, जो देर रात तक जारी रहा। मावे की मिठाइयों से दूर रहे शहरवासियों ने आने वाले मेहमानों की खातिरदारी ड्राई फ्रूट्स से ही की।
दीपोत्सव के अंतिम दिन आज भाई दूज भी परम्परा के अनुसार मनाया गया बहनों ने भाई का सत्कार किया और आरती कर उनकी लंम्बी उम्र की प्रार्थना की

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भाजपा : सदस्यता के सवाल ने कई दावेदारों को परेशानी में डाला

6291_74उदयपुर. पार्षद पद की दावेदारी करने वाले भाजपा के कई कार्यकर्ताओं ने जोश में दावेदारी तो कर दी, मगर बाद में जयपुर से आए आवेदन पत्र में पार्टी के साधारण सदस्य सक्रिय सदस्य से जुड़ी शर्त ने कइयों को परेशानी में डाल दिया है। उदयपुर में जब तक दावेदारी प्रक्रिया पूरी हुई तब तक किसी कोे यह आभास नहीं था कि दावेदारी करने वाले को आवेदन पत्र भी भरना पड़ सकता है।

आवेदन पत्र मंगलवार शाम उदयपुर पहुुुंचे तो शर्त की जानकारी मिली। कई दावेदार ऐसे भी हैं जिन्होंने विधिवत तौर पर पार्टी की साधारण सदस्यता ग्रहण ही नहीं की। ऐसी स्थिति में बुधवार को कई दावेदार पार्टी पदाधिकारियों, मौजूदा भाजपा पार्षदों से संपर्क साध कर साधारण सदस्यता सक्रिय सदस्य बनने की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी करने में जुटे नजर आए। आम तौर पर सदस्यता अभियान के दौरान ही साधारण सदस्य बनाए जाते हैं और पुराने सदस्यों को सक्रिय सदस्य बनाया जाता है। आवेदन प्रक्रिया के बीच ही दीपावली पर्व आने से 25 अक्टूबर तक आवेदन पत्र जमा करवाने का मौका दिया जा रहा है।

दावेदार को आवेदन पत्र मेंं यह भी बताना है कि वार्ड की मतदाता सूची में उसका नाम किस क्रमांक पर है। हालांकि निगम चुनाव को लेकर मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन पिछले सप्ताह ही हुआ है, ऐसे में आम कार्यकर्ताओं तक मतदाता सूची नहीं पहुंच पाई है। इस कारण दावेदारों को नई मतदाता सूची में उसका नाम क्रमांक का पता लगाने मशक्कत ज्यादा करनी पड़ रही है। भाजपा में पार्षद पद की दावेदारी करने वालों को आवेदन पत्र लेने एक हजार रुपए खर्च करने होंगे।

शराब के नशे में पुलिस कर्मी ने युवक से की बेवजह की मारपीट

Screenshot_2014-10-22-19-28-42उदयपुर। मल्लातलाई चौराहे पर मंगलवार शाम को शराब के नशे में धुत कांस्टेबल के ऑटो सवार युवक से मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीडि़त ने कांस्टेबल के खिलाफ अंबामाता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस के अनुसार राताखेत निवासी मोबिन खान पुत्र मो. अकिब खान ने बताया कि कल दोपहर राजनगर से वह उदयपुर आया था। ऑटो से घर लौट रहा था। इसी ऑटो में कांस्टेबल मुकेश चौधरी बेल्ट नंबर १८८८/ ११८८ (दोनों में से एक) भी सवार था, जिसने शराब पी रखी थी। ऑटो में दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। बताया गया कि मल्लातलाई चौराहे पर कांस्टेबल मुकेश ने मोबिन की पिटाई कर दी। कांस्टेबल ने मोबिन के कपड़े भी फाड़ दिए। इसके बाद कांस्टेबल वहां से भाग गया। मोबिन ने कांस्टेबल मुकेश के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई।

दिवाली सीजन पर रेलों में जगह नहीं, ट्रेवल्स वालों ने मचाई लूट

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उदयपुर। फेस्टीवल सीजन के चलते बसों, ट्रेनों में यात्रियों का भार बढ़ा हुआ है। सरकारी रोडवेज में जहां एक तरफ सीट नहीं मिल रही है, वहीं निजी ट्रेवल्स वालों ने किराये में डेढ़ से दो गुना तक इजाफा कर लूट मचा रखी है। उधर ट्रैन के रिजर्वेशन फुल हंै। Pc0041100रेलवे अधिकारी कुछ ट्रेनों में अलग से कोच लगाने की तैयारी कर रहे हैं। राजस्थान रोडवेज में कुछ रूट पर अतिरिक्त बसें चलाने की तैयारी है।
ट्रेन रिजर्वेशन के लिए लंबी वेटिंग : पिछले एक हफ्ते से उदयपुर से चलने वाली ट्रेनों में बर्थ सीट नहीं है। उदयपुर से चलने वाली खजुराहो एक्सप्रेस, मेवाड़ एक्सप्रेस, बांद्रा एक्सप्रेस, न्यू जलपाई गुड़ी और शालीमार एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों में लंबी वेटिंग है। कई लोग अपने कंफर्म रिजर्वेशन के दुगुनी कीमत देने तक तैयार है। रेलवे प्रशासन ने यात्री भार को देखते हुए उदयपुर से दिल्ली सराय रोहिल्ला चलने वाली चेतक एक्सप्रेस में कोच बढ़ाने की तैयारी कर ली है, जो जनरल कोच के साथ स्लीपर, थर्ड और सैकंड ऐसी कोच भी बढ़ाए जाएंगे।

रोडवेज ठसाठस : आसपास के शहरों में चलने वाली रोडवेज बसों में भले जगह मिल रही है, लेकिन 100 किमी से अधिक दूरी के शहरों के लिए जैसे अजमेर, जयपुर, अहमदाबाद आदि के लिए रोडवेज की बसों में पहले से बुकिंग हो गई है। सबसे अधिक ट्रैफिक जयपुर और अहमदाबाद का है, गुजरात में चलने वाली राजस्थान रोडवेज की बसों में पैर रखने की जगह नहीं मिल रही है, क्योंकि वहां के कामगार इस त्योहारी सीजन में ही घर आते हैं। राजस्थान रोडवेज के अधिकारियों ने अहमदाबाद रूट पर जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त बसों का इंतज़ाम किया है।

निजी ट्रावेल्स में लूट : ट्रेनों और रोडवेज बसों में जगह नहीं मिल पाने पर यात्री निजी ट्रेवल्स की तरफ जा रहे है। ऐसे में ट्रेवल्स वालों ने यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए पूरी तरह लूट मचा रखी है। अहमदाबाद, सूरत, बड़ौदा, पुणे, मुंबई आदि जगह चलने वाली ट्रेवल्स में किराया दो से तीन गुना तक वसूला जा रहा है। अहमदाबाद का किराया 200 से 300 रुपए होता है, वहीं आते वक्त यह किराया छह सौ से एक हजार तक बढ़ जाता और इतने रुपए देते हुए भी सीट नहीं मिल रही है। मुंबई-पुणे के लिए एक हजार से दो हजार तक किराया लग रहा है।

इनका कहना
उदयपुर से चलने वाली बसों में यात्रियों को देखते हुए इंतज़ाम पूरे किए हैं। अहमदाबाद से आने वाला ट्रैफिक अधिक रहता है। इसलिए उस रूट पर अतिरिक्त बसें लगाई गई है।
राजेंद्र उपाध्याय, चीफ मैनेजर, रोडवेज

यात्रियों के भार को देखते हुए 24 और 25 अक्टूबर को चलने वाली चेतक एक्सप्रेस में स्लीपर कोच और थर्ड ऐसी के एक-एक कोच बढ़ाए गए है। इससे अब स्लीपर की 72 बर्थ और थर्ड ऐसी की 62 बर्थ यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेगी।

-तरुण जैन, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तरी पश्चिमी रेलवे

रूप चौदस सजे तन – मन

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उदयपुर | लक्ष्मीजी के स्वागत के लिए घर और प्रतिष्ठान के साथ साथ खुद को सजाने संवारने के लिए दिवाली के एक दिन पहले रूप चौदस मनाया IMG-20141022-WA0015गया जिसकी तैयारी में शहर भर की महिलाएं और पुरुष लगे रहे |
रूप चतुर्दशी को छोटी दिवाली भी कहा जाता है। रूप चौदस का सीधा संबंध स्वास्थ्य और सौंदर्य से है। शास्त्रों में कहा गया है कि करें श्रृंगार, भरे भंडार। यानी लक्ष्मी वहीं निवास करती है, जहां स्वच्छता हो, सुंदरता हो। रूप चौदस के मौके पर खूबसूरती को निखारने और संवारने के लिए आज सुबह से ब्यूटी एक्सपर्ट्स के सैलून और स्पा में महिलाओं की भीड़ लगी हुई रही | महिलाएं ख़ास तौर पर आज अपने रूप को सजाने संवारने में लगी हुई है | भूपालपुरा स्थित ब्यूटीशियन दीप्ती गन्ना के अनुसार उनके ब्यूटी क्लीनिक पर आज के लिए सुबह आठ बजे से रात १० बजे तक के अपोईंमेंट महिलाओं ने एक हफ्ते पहले से ले रखे है | प्रभात स्पा सलून के डायरेक्टर अशोक पालीवाल के अनुसार आज के दिन को लेकर महिलाओं में सजाने संवारने का क्रेज पिछले कुछ सालों से अधिक बढ़ा है, अशोक पालीवाल बताते है कि अपनी रूप निखार को लेकर महिलाएं इतनी सजग हो गयी है, कि आज के दिन के लिए ख़ास कर पिछले १५ पहले ही पुरे दिन की रात दस बजे तक की बुकिंग फुल है |
ब्यूटी निखारने के अंदाज :
ब्यूटी एक्पर्ट अशोक पालीवाल के अनुसार मुख्‍य रूप से आजकल ऑर्गेनिक, साइंटिफिक और नेचुरल, तीन तरीकों से खूबसूरती निखारने का चलन है। रूप चौदस जैसे खास मौकों पर कॉस्मेटिक के उपयोग के साथ स्पा, सैलून और पार्लर पर जाकर संवरने से लेकर कंसल्ट करने का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है। इसके लिए बाकायदा दस दिन पहले अप्वाइंटमेंट लिए जाते हैं। पहले जहां साधारण फेशियल किया जाता था। अब ट्रीटमेंट बेस्ड ट्रीटमेंट फेशियल किया जाता है। ब्यूटीशियन दीप्ती गन्ना बताती है कि आज के दिन के लिए महिलाएं विशेष फेशियल करवाती है, जो कई तरह के होते है यह फेशियल डार्क स्पॉट, धब्बे, दाग आदि को स्थाई रूप से हटाये जा सकते है | दीप्ती के अनुसार अवेयरनेस इतनी बढ़ गई है कि महिलाएं इंटरनेट पर नए ट्रेंड दिखाकर उसके अनुसार अपना मेकअप करवाती हैं।
घर और प्रतिष्ठान में साज सज्जा : आज के दिन सिर्फ खुद को ही नहीं लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों को सजाते संवारते है | मान्यता के अनुसार आज का पूरा दिन घरों को रंगबिरंगे रंगों और लाइटों से सजाया गया | जिससे की लक्ष्मी जी प्रसन्न होकर घरों में और प्रतिष्ठानों में अपना वास करती है | आज के दिन बाजारों का रूप भी पूरी तरह निखार चुका है | साज सज्जा की दुकानों पर आज के दिन खरीददारों की भीड़ अधिक बढ़ गयी है | मंडी स्थित चाइनीज फंसी लाइटों के विक्रेता विवेक निहार का कहना है कि चाइनीज फंसी लाइटों की मांग इतनी होगयी है कि अब स्टॉक ख़त्म होने को है | लोग अपने घरों को सजाने के लिए सस्ता और अच्छा विकल्प मानते है |

दिवाली पर सुरक्षा के चलते शहर में अलर्ट जारी

-फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की छुट्टी रद्द, कंट्रोल रूम सहित सात स्थान पर खड़े रहेंगे फायर फाइटिंग वाहन, फायरमैन सहित होमगार्ड के जवान तैनात

M_Id_435022_jammuआग लगे तो कॉल करें
फायर कंट्रोल रूम : 101
पुलिस कंट्रोल रूम : 100, 0294-241600
हिरणमगरी पुलिस थाना : 0294-2466757
अंबामाता पुलिस थाना : 0294-2430488
गोवर्धनविलास पुलिस थाना : 0294-2640050
हाथीपोल पुलिस थाना : 0294-2427073 २४२७०७३

वर्जन
आम दिनों में आग लगने की इक्का-दुक्का घटनाएं सामने आती है, लेकिन पिछले साल दीपावली पर २० से ज्यादा घटनाएं सामने आई है। जिसके चलते इस बार स्टॉफ की छुट्टियों रद्द कर दी है और विशेष अर्लट जारी कर दिया गया है।
बाबुलाल, प्रभारी फायर कंट्रोल रूम

कर्मचारियों की बल्ले बल्ले, दीवाली उपहार में फ्लैट, हीरे और कार

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giftRPJHONL009201020142Z41Z26 PMUdaipur.दीवाली के शुभ अवसर पर कंपनियां अपने कर्मचारियों को तोहफे देने का रिवाज निभाती आई हैं। कहीं उपहार तो कहीं बोनस देने की परंपरा रही है।

लेकिन पीएम मोदी के गृह राज्य गुजरात के सूरत शहर की एक डायमंड कंपनी ने दीवाली का उपहार देने के मामले में सभी को पीछे छोड़ दिया।

सूरत की इस डायमंड कंपनी ने अपने कर्मचारियों को ऎसा तोहफा दिया है जिसकी शायद ही कोई कल्पना करे।

उपहार में फ्लैट, हीरे और कार
हरेकृष्ण एक्सपोर्ट्स नामक इस डायमंड कंपनी ने अपने कर्मचारियों को दीवाली पर बतौर बंपर गिफ्ट कर्मचारियों को कार, फ्लैट और हीरे जडित गहने गिफ्ट किए हैं।

कंपनी के मालिक और हीरा कारोबारी साबुभाई ढोलकिया ने दीवाली बोनस के तौर पर अपने 491 कर्मचारियों को कार गिफ्ट की है। वहीं 207 कर्मचारियों को उपहार में 2 बीएचके फ्लैट व 525 कर्मचारियों को गहने गिफ्ट किए गए हैं।

50 करोड़ के गिफ्ट बांटे
खबरों के मुताबिक दीवाली के बोनस के लिए कुल 1200 कर्मचारियों की सूची बनाई गई थी।

कंपनी के मुताबिक कारीगरों के शानदार काम की वजह से भारी मुनाफा हुआ है इसलिए उन्हें खुश करने के लिए इस साल दीवाली गिफ्ट का बजट 50 करोड़ रखा गया।

हज़ारों स्काई लैंटर्न उड़ा कर ईको फ्रेंडली दिवाली मानाने का सन्देश दिया |

eco friendly diwali
उदयपुर | दीपावली से पूर्व शहरवासियों को दिया इको फ्रैंडली दीपावली मानाने का सन्देश – उड़ाए 3000 स्काई लैंटर्न
उदयपुर शहर की ऑनलाइन पोर्टल UdaipurBlog.com ने लगातार तीसरे वर्ष दिया शहर को
eco freindly दिवाली मानाने का सन्देश ।
रविवार शाम जब शहरवासी फतेहसागर पहुंचे तब हवा में उड़ते स्काई लंटर्न्स का अद्धभुत नज़ारा देख
काफी प्रसन्न दिखे सभी ने आगे चल कर कार्यक्रम में हिस्सा लिया तथा आमंत्रित सभी अतिथिगण ने भी
शहर- वासियों के साथ मिलकर स्काई लंटर्न्स उड़ाए ।
लगभग 4 -5 हज़ार लोगो ने कार्यक्रम को सफल बनाया ।
साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा संचालित स्वच्छ भारत अभियान का सन्देश भी स्काई लंटर्न्स पर लगाया गया । कार्यक्रम में मौजूद सभी युवाओ ने Eco Friendly दिवाली मानाने की शपथ ग्रहण की
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हिन्दुस्तान जिंक के छःमाही वित्तीय परिणामों की घोषणा

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दूसरी तिमाही में जस्ता-सीसा-चांदी का उत्पादन बढ़ा

95 % अंतरिम लाभांश की घोषणा
HZL-Dariba Smelting Complex
उदयपुर | हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड ने आज मुम्बई में आयोजित अपनी निदेशक मण्डल की बैठक में 30 सितम्बर 2014 को समाप्त छःमाही व दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा की।

हिन्दुस्तान जिंक ने दूसरी तिमाही में खनित धातु उत्पादन, बिक्री योग्य, सीसा-जस्ता तथा चांदी उत्पादन में सकारात्मक वृद्धि की है। कंपनी ने लाभ में वृद्धि के साथ ही 95 प्रतिषत अंतरिम लाभांष की भी घोषणा की गयी है।

‘‘हिन्दुस्तान जिंक के चेयरमैन श्री अग्निवेष अग्रवाल जी ने कहा कि लण्दन मेटल एक्सचेंज (एलएमई) में जस्ता धातु की कीमते सकारात्मक रही है। आज हमारा सम्पूर्ण ध्यान कंपनी की परियोजनाओं की स्थिरता पर है तथा कंपनी की खनन उत्पादन क्षमता में वृद्धि और उत्पादन लागत में कमी को बनाए रखने तथा लाभ में सुधार के लिए हम प्रतिबद्ध है।’’

वित्तीय वर्ष 2015 की दूसरी तिमाही में खनित धातु का उत्पादन 212,575 मैट्रीक टन हुआ जबकि, इसी वर्ष की पहली तिमाही में 163,131 मैट्रीक टन था जो 30ः की वृद्धि दर्षाता हैं जबकि गतवर्ष की इसी समान अवधि की तुलना में 4ः उत्पादन की कमी हुई है। गतवर्ष कंपनी ने 221,646 मैट्रीक टन खनित धातु उत्पादन किया था।

इस छःमाही में खनित धातु का उत्पादन 375,706 मैट्रीक टन हुआ जो गतवर्ष की इसी अवधि में 459,471 मैट्रीक टन था।

एकीकृत रिफाइन्ड जस्ता में 25ःए सीसा में 18ःए तथा चॉदी के उत्पादन 21ः की बढ़ोतरी हुई। पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में इस बार रिफाइन्ड जस्ता,सीसा एवं चांदी के उत्पादन में कमी आई है। जिसका मूल कारण व्यवस्थित कमी लाना एवं शटडाउन रहा है।

क्ंपनी के कर्मचारियों के दीर्घ कालीन वेतन समझौता लागू होने से उत्पादन लागत में 16 प्रति डालर की वृद्धि होगी तथा यह वृद्धि आने वाले वर्षों में भी चालू रहेगी।

वित्तीय वर्ष 2015 की दूसरी तिमाही के दौरान कंपनी ने 3,749 करोड़ रु. का राजस्व अर्जित किया जो गतवर्ष की इसी समान अवधि की तुलना में 6ः अधिक है तथा 2,184 करोड़ रु. का शुद्ध लाभ अर्जित किया जो गतवर्ष की इसी समान अवधि की तुलना में 33ः अधिक दर्शाता है।

कंपनी ने पहली छमाही में अपनी खदान क्षमता में 21 प्रतिषत की वृद्धि की है जो 20.6 कि.मी. से 24.9 किमी हो गयी है।
तिमाही के दौरान कंपनी की कायड़ खदान में पर्यावरण स्वीकृति मिलने के परिणास्वरूप उत्पादन क्षमता 0.35 एमटीपीए से बढ़कर 1.0 एमटीपीए हो जाएगी।

कम्पनी के निदेशक मण्डल ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 95 प्रतिशत अंतरिम लाभांश घोषित किया है जो 2 रूपये के प्रति इक्विटी शेयर पर 1.90 रु. है जबकि गतवर्ष 1.60 रु. था। लाभांष का भुगतान दूसरी तिमाही के अंत में कर दिया गया है।

तीन दिनों में दस “पड़ाव” : नुक्कड़ नाटक

IMG_9792उदयपुर | नाट्य संस्था नाट्यांश सोसाइटी ऑफ ड्रामेटिक एण्ड परफोर्मिंग आर्ट्स के कलाकारों द्वारा आज अलसुबह गोवर्धन सागर पाल पर नुक्कड़ नाटक “पड़ाव” का सफल मंचन किया गया। नाट्यांश सोसाइटी के सचिव अमित श्रीमाली ने बताया की नाट्यांश के कलाकारों द्वारा पिछले तिन दिनों में इस नाटक के लगातार 10 मंचन विविध स्थानों पर किये गए |
श्रीमाली ने बताया की सोसाइटी का मुख्य उद्देश्य न केवल मनोरंजन बल्कि इस तरह के मुद्दे को आम जनता तक भलीभांति पहुँचाना था, श्रीमाली ने बताया की पिछले तीन दिनों में विविध स्थानों पर मंचन के बाद अलग अलग संख्याओ में लोग मिले परन्तु सभी जगह की जनता ने कलाकारों के अभिनय और नाटक के केंद्रीय मुद्दे की काफी प्रशंसा की | चूँकि केंद्र वृद्ध माता पिता का था तो कितने ही स्थानों पर उपस्थित वृद्धजन भावुक हो उठे और कलाकारों की प्रशंसा करके उन्हें आशीर्वाद भी दिया |
यह नाटक हमारे देश में बुजुर्गों के साथ हो रहे अनुचित व्यवहार और उनके अकेलेपन पर आधारित है। साथ ही इस नाटक में बुजुर्गों को उनके बच्चों द्वारा वृद्धाश्रम भेजने के मुद्धे पर भी प्रकाश डाला है। बुजुर्ग हमारी समस्या नहीं होते बल्की कई समस्याओं का समाधान होते हैं। हमें उनसे सिर्फ बात ही तो ।
नाट्यांश के इस नाटक में अश्फाक नुर खान, अमित नागर, अमित श्रीमाली, रेखा सिसोदिया, तरूण जोशी, आयुष माहेश्वरी, चेतन मेनारिया, अब्दुल मुबीन खान पठान, श्लोक पिम्पलकर और यथार्थ गोस्वामी ने अभिनय किया। नाटक का लेखन एवं निर्देशन मोहम्मद रिज़वान मन्सुरी ने किया।
नाटक का सारांश – यह नाटक एक मध्यम वर्गिय परिवार के इर्द-गिर्द घुमता है। एक बुजुर्ग जोड़ा अपने बच्चे के लिए हमेशा चिन्तित रहता है और लड़का उनके इस प्यार और देखभाल को बन्दीश समझता है और इसी के चलते वो अपने बुजुर्गों को घर से निकाल देता है। बाद में उसे अपनी गलती का एहसास होता है और वो बुजुर्ग को ढुढ़ने जाता है और उनसे माफी मांग कर घर चलने का आग्रह करता है। स्वाभीमानी माता-पिता उसके साथ वापस घर जाने से मना कर देते है।