ट्रेले ने जीप को चपेट में लिया हादसे में विदेशी सहित दो की मौत

पांच जने घायल
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एसपी पहुचे चिकित्सालय
उदयपुर। शहर के समीप प्रताप नगर चौराहा की समीप पुरान टोल नाका के समीप ट्रोले ने जीप को चपेट में ले लिया। हादसे में विदेशी सहित दो जनों की मौत हो गई तथा पांच जने घायल हो गए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार बुधवार सांय प्रताप नगर चौराहा पुराना टोल नाके के समीप ट्रोले ने जीप को चपेट में ले लिया। हादसे में गोला गोवरनाथ थाना गोला निवासी भोलाराम (38) पुत्र नाथूलाल कश्यप, कलन्दर खे$डा थाना निकुंब चित्तो$डग$ढ निवासी काला उर्प* इश्तियाक (40) पुत्र शरीप* खां, जीप चालक कलन्दर खे$डा थाना निकुम्ब चित्तो$डग$ढ निवासी खाजू खां (40) पुत्र ललिप* खां, प*जैन चायनानिवासी चेनलिपिंग (36) पुत्र चेन येकिन, युपे*न चायना निवासी चेन पे*न लॉग (32) पुत्र चेन जिशान घायल हो गए तथा मुरोली रानी खेत उत्तराखं$ड निवासी चन्दनसिंह (56) पुत्र माधोसिंह राणा तथा किंगके हाय चायना निवासी लोबा (47)की मौत हो गई। हादसे को देख चालक ट्रोला छो$ड कर मोके से प*रार हो गया। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस उप अधीक्षक पूर्व गोवर्धनलाल, प्रताप नगर थानाधिकारी लाबूराम मय जाप्ता ने पुलिस ने मोके पर पहुच कर घायलों को उपचार के लिए एम बी चिकित्सालय में भर्ती करवाया तथा मृतकों को मोर्चरी में रखवाया। प्रारंभिक अनुसंधान में पता चला कि जीप ब$डी साद$डी चित्तौ$डगढ से उदयपुर की तरप* आ रही थी। इस दौरान अहमदाबाद से चित्तो$डगढ की तरप* जा रहे ट्रोले ने बीच रास्ते प्रतापनगर पुराना टोल नाका के समीप जीप को चपेट में ले लिया। हादसे की सूचना मिलने पर जिला पुलिस अधीक्षक अजयपाल लांबा ने चिकित्सालय पहुच कर हालात की जानकारी ली। इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू ेकी।

तीसरे सामूहिक विवाह सम्मेलन की तैयारियां अंतिम दौर में

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उदयपुर। लाइफ प्रोग्रेसिव सोसायटी के तत्वावधान में 25 मई को नगर निगम प्रांगण में प्रस्तावित सामूहिक विवाह सम्मेलन की तैयारियां अंतिम दौर में हैं।
सोसायटी के सदर डॉ. खलील मोहम्मद अगवानी ने बताया कि ऐसे सामूहिक विवाह के आयोजन से समाज में जागृति आई है। संभाग भर में ऐसे कार्यक्रम से कम खर्च में बढिय़ा तरीके से शादियों को वातावरण मिलने लगा है।
महिला समन्वयक एवं प्राचार्य फराह शेख ने बताया कि दुल्हनों के लिए रोजगार जैसे सिलाई प्रशिक्षण और हाथ की सिलाई मशीन निशुल्क दी जाएगी।
तीसरे सामूहिक विवाह सम्मेलन के कार्ड का विमोचन किया गया। इस दौरान पार्षद मोहम्मद खलील, सलीम अगवानी, शौकत अली, फराह शेख, शाहीन शेख, शमीम बानो, साजिद हुसैन, सलीम रजा, मुस्तफा रजा, मुस्तफा शेख, अकीलुद्दीन सक्का, जफर जिलानी आदि मौजूद थे।
सम्मेलन के संचालक पार्षद मोहम्मद खलील ने बताया कि चौथे सामूहिक सम्मेलन के लिए घर घर जाकर जागृति के लिए काम किया जाएगा। उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि इस सुन्नत काम के लिए आगे आएं और हौसला अफजाई करें।
समन्वयक पुरुष हाजी सलीम मोहम्मद अगवानी ने बताया कि चौथे शादी सम्मेलन के लिए जल्द ही कमेटियां गठित की जाएगी।

हिन्दुस्तान जिंक के ‘सखी’ सम्मेलन में नये दौर के फैशन पर हुई गहन चर्चा

350 से अधिक ग्रामीण व आदिवासी महिलाओं ने लिया बढ़चढ़़ कर हिस्सा
उदयपुर के विद्याभवन सभागार में हुआ आज महिलाओं का जमावड़ा

Sakhi - A Rural women asking question
उदयपुर । भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसंमद तथा अजमेर से लगभग 350 ग्रामीण एवं आदिवासी महिलाओं ने आज हिन्दुस्तान ज़िंक द्वारा विद्याभवन सभागार में आयोजित ‘सखी’ सम्मेलन में बढ़चढ कर हिस्सा लिया । हिन्दुस्तान जिंक का ‘सखी’ अभियान ग्रामीण व आदिवासी उद्यमी महिलाओं को आपस में जोड़कर, उनकी कार्यकुषलता को समझकर, उनको एक नया मार्ग दर्षन देने का हिन्दुस्तान जिंक का एक राष्ट्रीय अभियान है।
‘सखी’ के अंतर्गत 350 से अधिक इन महिलाओं ने समय के अनुकूल बदलती कला, बाजार की मांग के अनुसार उत्पादन, हाथ करघा उद्योग को बढ़ावा, गुणवत्ता की जांच तथा नये फैशन उत्पादों के संदर्भ में गहन चिन्तन अथवा विचार-विमर्ष किया।

Sakhi - Prof. Anuja Sisodia, IICD

इस सम्मेलन में महिलाओं ने आगे बढ़कर अपने द्वारा बनाये गयी वस्तुओं को बाकी महिलाओं के समक्ष रखकर उनकी गुणवत्ता जांच भी कराई।
‘सखी’ सम्मेलन में सम्मलित महिलाओं ने कच्चे माल, ओर अधिक प्रषिक्षण, तथा उत्पादों की अधिक मांग पर जोर दिया। इस सम्मेलन द्वारा जुड़कर महिलाएं अत्यधिक प्रसन्न थी तथा उन्हें पूर्ण विष्वास था कि अब उनकी बनाई वस्तुओं में अधिक गुणवत्ता आयेगी तथा बाजार मूल्य में भी वृद्धि होगी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री सी.एस.आर मेहता, हेड-कार्पोरेट रिलेसन्स, हिन्दुस्तान जिंक ने बताया कि हिन्दुस्तान जिंक के अभियान ‘सखी’ द्वारा कंपनी के 475 स्वयं सहायता समूह की लगभग 6000 महिलाओं को ना सिर्फ एकजूट किया जा रहा है बल्कि उनके द्वारा बनायी गयी वस्तुओं का सही मूल्य भी अंका जाएगा, उनकी गुणवत्ता बढाई जाएगी तथा बाजार से जोड़ा जाएगा ताकि इन महिलाओं को अधिक से अधिक आर्थिक लाभ मिल सके।
‘सखी’ सम्मेलन में जयपुर से आई भारतीय शिल्प संस्थान की प्रोफेसर अनुजा सिसोदिया ने इन ग्रामीण महिलाओं को आज के बदलते फैशन के अनुसार परिधान एवं साज-सज्जा की वस्तुएं बनाने की सलाह दी। उन्होंने इन महिलाओं द्वारा बनाई गयी वस्तुओं की भूरि-भूरि प्रशंशा की और कहा कि यह महिलाएं किसी भी डिजाईनर से कम नहीं है। साथ ही प्रोफेसर अनुजा ने अपने लाये गये सेम्पल्स को दर्षाकर ग्रामीण व आदिवासी महिलाओं द्वारा बनाई जा रही वस्तुओं में बदलावन लानी की भी सलाह दी।
हिन्दुस्तान जिंक के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौशिक ने महिलाओं से बातचित कर उन्हें अथक परिश्रम व नये उत्पादों को अपनाने की सलाह दी ताकि बाजार अनुसार मांग को पूरा किया जा सके।

बांसवाड़ा अंजुमन इस्लामिया के सदर अबुलाला की गोली मारकर हत्या

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sadar-banswaraउदयपुर। अंजुमन इस्लामिया के सदर हुसैन खां उर्फ अबुलाला को सोमवार रात्रि में गोली मारकर हत्या कर दी। आशंका जताई जारही है की सदर की ह्त्या पुरानी रंजिश के चलते हुई है । गोली मारने के बाद नकाबपोश हमलावर गुजारत की तरफ भाग निकले पुलिस ने देर तक पीछा किया लेकिन अँधेरे और तेज रफ़्तार बाइक का फायदा उठाते हुए हमलावर बच निकले । पुलिस ने एक जाने को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है । तथा ह्त्या में लिप्त लोगों और उसके कारणों की जाँच की जारही है ।
जानकारी के अनुसार सोमवार रात 8.30 बजे बांसवाड़ा अंजुमन के सदर अबु लाला की राज तालाब इलाके में दो बाइक सवार अज्ञात नकाबपोश ने दो नाली बन्दुक से ह्त्या कर दी, उस वक़्त अबुलाला अपने साथियों के साथ बैठे हुए थे। हत्यारे फायर कर बाइक पर सवार होकर भाग गए। सदर अबुलाला की हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने उन्हें कल ही उदयपुर रेफर कर दिया था, 11.40 पर उदयपुर के अमेरिकन हॉस्पिटल में लाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। चिकित्सकों के अनुसार सदर की मौत रास्ते में ही हो गयी थी। मंगलवार सुबह महाराणा भूपाल चिकित्सालय में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया जिसको लेकर 10.30 बजे बांसवाड़ा के लिए रवाना हो गये उधर बांसवाड़ा में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है। और कई आशंकाओं के व् विरोध के चलते बांसवाड़ा शहर के राज तालाब, पृथ्वी गंज, कस्टम चौराहे के बाज़ार आज भी बंद है। पुलिस बल भारी तादाद में शहर में तैनात है।
पुरानी रंजिश जिसमे कई हमले हुए :
अंजुमन सदर अबुलाला और सिराज की आपस में पुरानी रंजिश थी। जानकारी के अनुसार अबुलाला और सिराज पहले आपस में दोस्त थे और साथ में ही जमीनों का धंधा करते थे लेकिन कुछ सालों पहले किसी जमीन विवाद को लेकर दोनों की आपस में दुश्मनी होगयी। तब से दोनों गुटों का एक दूसरे पर हमले करना जारी है। कल हुए हमले के पहले बीते वर्ष २४ अपै्ल २०१३ को सदर के धोखे में उनके भाई सोहराब को गोली मार दी गई थी। इसके बाद 26 जुलाई २०१३ को सदर को नबीपुरा क्षेत्र में भी गोली मारी गई थी। तब किस्मत ने सदर और उनके भाई का खूब साथ दिया। यही कारण था कि जानलेवा हमला होने के बाद भी दोनों भाई बच गए थे। इससे पूर्व २७ नवम्बर्ट २०१२ को राजतालाब इलाके में सिराज गुट के पप्पन खां का अबुलाला गुट के लोगों ने हाथ काट दिया था । जिसमे अबुलाला के कई लोग गिरफ्तार हुए थे ।

धमकी दी थी जेल से छूटते ही मार दुगां :
जानकारी के अनुसार मुख्य आरोपी सिराज हफ्ते भर पहले ही जेल से छूट कर बाहर आया है, और उसने जेल जाते वक़्त धमकी दी थी की वह जब भी जेल से छूटेगा उसको मार देगा । कुछ माह पहले अबू लाला को जानकारी मिली थीकि कुछ लोग उनको गोली मारने के लिए बांसवाड़ा में आए हैं। ऐसे में उनको एक होटल से पकड़ कर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया था। इसमें एक शॉर्प शूटर था। पुलिस ने जब गहरी पूछताछ की तो पता चला था कि उसे सुपारी देकर भेजा गया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पकड़ी गई कार से हथियार भी बरामद किए थे।

राष्ट्रीय बहुरूपिया कार्यशाला सम्पन्न

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उदयपुर। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की ओर से आयोजित राष्ट्रीय बहुरूपिया कार्यशाला सोमवार को सम्पन्न हुई अंतिम दिन देश के विभिन्न राज्यों से आये कलाकारों ने दर्पण सभागार में अपनी कला का प्रदर्शन किया तथा एक-दूसरे से विदा ली।
बहुरूपी कला को प्रोत्साहन देने तथा देश के विभिन्न राज्यों में कला दिखाने वाले बहुरूपिया कलाकारों को एक मंच पर लाने तथा उनकी कला को बेहतर बनाने के लिये उन्हें विभिन्न कलाम ाध्यमों का प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यशाला में दस राज्यों के 55 बहुरूपिया कलाकारों ने भाग लिया। कार्यशाला में जयपुर के श्री राधेलाल बांका ने रूप सज्जा, डॉ. लईक हुसैन ने वेशभूषा, श्री दीपक जोशी ने संवाद सम्प्रेषण श्री विलास जानवे, डॉ. रमेश नागदा ने संगीत व नई दिल्ली के रूपेश सहाय ने कागज व कपड़े पर कलाकृतियाँ बनाने का प्रशिक्षण दिया।
समापन अवसर पर गुर्जरवाणी अहमदाबाद द्वारा निर्मित फिल्म ‘‘बहुरूपिया’’ एवं संस्कृति चक्र, सुरी, बीरभूम पश्चिम बंगाल द्वारा निर्मित फिल्म दी पेडलर्स ऑफ फैन्टैसी’’ का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद बहुरूपी कलाकारों पश्चिम बंगाल के नित्यानन्द, कर्नाटक के अश्व सुरेश, अश्व तिपेस्वामी, के रामू, आंध्रप्रदेश के वाई हुसेन, एम. श्रीनिवास, महालिंगा, वाई राजू, कर्नाटक के वाई शिवाजी, सीताराम, अश्वरमन्ना, एम. उमेश, अश्व बसवराज, वाई शंकरकुमार, के. नागराज, अश्विन नागराज, वाई शंकर अप्पा, दिल्ली के बबलू, अब्दुल हमीद, शाहिद, राजू, अजय, पंजाबी, झारखण्ड के रजीत कुमार महतो, धर्मदास, जयपुर के मेहमूद, राजू राजस्थानी, महाराष्ट्र के संजय चेचाणे, देवदास तांदुलकर, गणपत मांदंलकर, नामदेव, सोहन खुल्लका, रतन औंधकर, श्रीकांत औंधकर, बांदीकुई के फरीद, अकरम, नूर मोहम्मद, फिरोज़ सवाईमाधोपुर के संजीव, अहमदाबाद के अश्फाक, अमरावती के किशन, शमशाद, लखनऊ के रजब अली, जयसिंह आदि ने विभिन्न किरदारों का वेशधारण कर अपनी कला का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर केन्द्र निदेशक श्री शैलेन्द्र दशोरा ने कलाकारों का अभिवादन किया व उनके प्रति आभार व्यक्त किया। श्री दशोरा ने कलाकारों को प्रमाणपत्र भी वितरित किये। विदाई की वेला में पश्चिम बंगाल से आये बहुरूपिया कलाकार नित्यानन्द व अन्य बहुरूपिया कलाकार काफी भावुक हो गये उन्होंने रवीन्द्रनाथ अैगोर का संदेश भी दिया।

16वीं लोकसभा के हर तीसरे सांसद पर क्रिमिनल केस, सबसे ज्यादा बीजेपी में

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1नई लोकसभा में हर तीसरा नवनिर्वाचित सांसद आपराधिक पृष्ठभूमि वाला है. इसका खुलासा सांसदों द्वारा भरे गए शपथ पत्र के आधार पर हुआ है. नेशनल इलेक्शन वाच (एनईडब्ल्यू) और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (एडीआर) ने 543 में 541 सदस्यों के शपथ पत्र के विश्लेषण के आधार पर कहा है कि 186 या 34 प्रतिशत चुने गए सांसदों ने अपने शपथ पत्र में खुलासा किया है कि उनके खिलाफ आपराधिक मामले हैं.
2009 में 30 प्रतिशत लोकसभा सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामले थे. इसमें अब चार प्रतिशत की वृद्धि हो गई है. वहीं, 2014 के चुनाव में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले एक प्रत्याशी के जीतने की संभावना 13 प्रतिशत रही, जबकि साफ छवि के प्रत्याशियों के मामले में यह पांच प्रतिशत रही.

आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 186 नए सांसदों में से 112 (21) ने अपने खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने, अपहरण, महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे गंभीर आपराधिक मामले होने की घोषणा की है.

इस विश्लेषण में कहा गया है कि झारखंड के जमशेदपुर से विजयी रहे भाजपा प्रत्याशी और महाराष्ट्र के सतारा से विजयी रहे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रत्याशी के शपथ पत्रों का विश्लेषण नहीं हो पाया है क्योंकि निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर दिए गए उनके शपथ पत्र अधूरे/अस्पष्ट मिले हैं.

पार्टी वार विश्लेषण में सबसे ज्यादा सदस्य भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हैं. पार्टी के 281 सदस्यों में से 98 या 35 प्रतिशत ने अपने शपथ पत्र में आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है. भाजपा ने 282 सीटें जीती हैं.

कांग्रेस के 44 में से 8 (18 प्रतिशत), एआईएडीएमके के 37 में से 6 (16 प्रतिशत), शिवसेना के 18 में से 15 (83 प्रतिशत) और तृणमूल के 34 विजेताओं में से 7 (21 प्रतिशत) ने आपराधिक मामले दर्ज होने का खुलासा किया है.

कपासन के पास रेल-मिनी ट्रक भिड़ंत

-छह की मौत, चार घायल, मृतकों में तीन संगी बहनें शामिल
-सिंदियाड़ा रेलवे समपार पर हुआ हादसा

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उदयपुर। कपासन के पास सिंदियाड़ा रेलवे फाटक (मानव रहित समपार) पर आज सुबह आठ बजे एक मिनी ट्रक ब्रांदा-उदयपुर ट्रेन की चपेट में आ गई। इस हादसे में मिनी ट्रक में सवार छह जनों की मौत हो गई है, जबकि चार गंभीर घायलों को यहां एमबी अस्पताल भर्ती किया गया है। मृतक और घायल सभी आपस में रिश्तेदार है। ट्रेन और मिनी ट्रक में इतनी जोरदार भिड़ंत हुई थी कि मिनी ट्रक के परखच्चें उड़ गए और चेचिस उछलकर वापस ट्रेक पर ही गिरी, जो ट्रेन के इंजन के नीचे फंस गई। सूचना पर चित्तौडग़ढ़ कलेक्टर और एसपी अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और शव और घायलों को निकलवाकर अस्पताल पहुंचाया। चित्तौडग़ढ़ के कलेक्टर ने मृतकों के आश्रितों को ५०-५० हजार रुपए मुख्यमंत्री सहायता कोष से देने की घोषणा की है।
सूत्रों के अनुसार एक मिनी ट्रक (९०७) कपासन से भूंसा लेकर नाथीखेड़ा जा रही थी। मिनी ट्रक के केबिन में पांच लोग सवार थे, जबकि पांच लोग भूंसे की बोरियों पर बैठे थे। मिनी ट्रक सिंदियाड़ा रेलवे फाटक क्रोस करने लगी, तभी बांद्रा से उदयपुर की तरफ आ रही ट्रेन ने मिनी ट्रक को चपेट में ले लिया। हादसा सुबह आठ बजे हुआ। इस हादसे में ट्रेन में सवार तरजला निवासी रूपा (२०) पुत्र मोहन बंजारा, बाबू (२५) पुत्र जीवा और नाथीखेड़ा निवासी सोसर (२२) पुत्री राजू, उसकी बहन चंदू (२३) और राधा (१८) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल जगदीश (१५) पुत्र शंकर की यहां एमबी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। एमबी अस्पताल में वकील (२२) पुत्र जीवा बंजारा, नगीना (२०) पुत्री जीवा, महेंद्र (१८) पुत्र राजू और मांगिया पुत्र बालू को भर्ती किया गया है। डॉक्टरों ने इन घायलों की हालत भी चिंताजनक बताई है।

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मिनी ट्रक के परखच्चे उड़े
ट्रेन इतनी स्पीड में थी कि भिड़ंत के बाद मिनी ट्रक के परखच्चे उड़ गए और चेचिस करीब सौ मीटर आगे जाकर ट्रेक पर ही गिरी, जो ट्रेन के इंजन के नीचे आ गई। सूचना मिलने पर चित्तौडग़ढ़ कलेक्टर वेदप्रकाश, एसपी प्रसन्न खमेसरा, कपासन डिप्टी रामस्वरूप मीणा, कपासन सीआई करणसिंह जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान भारी संख्या में ग्रामीण वहां जमा हो गए। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से रस्सें बांधकर चेचिस को ट्रेन के नीचे से निकाला।
५० मीटर तक बिखरे लाशों के टुकड़े
इस हादसे में ट्रेन से कटने वाली लाशों के टुकड़ें पचास मीटर दूरी तक बिखर गए, जिन्हें पुलिस ने समेट कर एम्बुलेंस से नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां पर नाथीखेड़ा, तरजला और आसपास के गांवों के सैंकड़ों लोग जमा हो गए, जहां डॉक्टरों की टीम उनके पोस्टमार्टम में लग गई। दोपहर बाद पोस्टमार्टम करके शव परिजनों को सौंप दिए गए।

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सिंदियाड़ा रेलवे फाटक मानव रहित समपार है। भारत सरकार के नियमों के अनुसार वहां पर बोर्ड लगा हुआ है। जिस पर स्पष्ट लिखा है कि ठहरिये, देखिए, फिर चलिए। ड्राइवर ने देखा नहीं और समपार करने की कोशिश की। इस कारण यह हादसा हुआ। रेलवे फाटक के पास झाडिय़ों को भी रेलवे द्वारा कटवाया जाता है।
-हरफूलसिंह चौधरी, क्षेत्रीय रेलवे अधिकारी
सिंदियाड़ा रेलवे फाटक मानव रहित समपार है। ड्राइवर ने ध्यान नहीं दिया और रेलवे फाटक क्रोस की। इस कारण यह हादसा हुआ। मौके पर पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर घायल की उदयपुर के एमबी अस्पताल में मौत हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस का जाब्ता घटनास्थल पर पहुंचा, जहां ट्रेन के नीचे फंसी चेचिस को बाहर निकाला गया। लाशों और घयलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
-प्रसन्न कुमार खमेसरा, एसपी चित्तौडग़ढ़

नशा बना रहा है दुष्कर्मी

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RPJHONL004180520147Z41Z43 AMउदयपुर । नशा…चाहे शराब का हो या ड्रग्स का…एक अभिशाप है। ऎसा क्यों…इसका जवाब…आए दिन कई परिवारों में होने वाली मारपीट, हत्या और जानलेवा बीमारियां जैसी घटनाएं स्पष्ट रूप से देती हैं…लेकिन अब इसी कड़ी में दुष्कर्म की बढ़ती वारदातें भी जुड़ गई हैं…।

ऎसा पुलिस पड़ताल में सामने आया है…। सच्चाई यह है कि शराब के नशे में व्यक्ति इतना वहशी हो जाता है कि जिंदगी से रिश्ता ही नहीं, रिश्तेदारों तक को भूल जाता है…7 मई 2014 को जयपुर के श्याम नगर की घटना इसका ताजा उदाहरण है, जहां मुंहबोले नाना ने ही शराब के नशे में अपनी छह वर्षीय दोहिती को हवस का शिकार बना डाला।

रात में महिला पुलिसकर्मी नहीं
कोटा के चेचट थाने में 2 अक्टूबर 2010 को रात्रि ड्यूटी पर तैनात महिला कांस्टेबल से थाने के ही कांस्टेबल और लांगरी ने दुष्कर्म किया और चाकू घोंप हत्या कर दी। वारदात के दौरान दोनों नशे में धुत थे। इस घटना के बाद पुलिस विभाग ने प्रदेश के सभी थानों में रात्रि को महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाना ही बंद कर दिया। जरूरत होने पर महिला पुलिसकर्मी को रात्रि को ड्यूटी पर बुला लिया जाता है।
ये भी बानगी
दिल्ली में 16 दिसम्बर 2012 को निर्भया से चलती बस में, मुम्बई में 22 अगस्त 2013 को शक्ति मिल्स में पत्रकार युवती से और सीकर में 2012 में हुई गैंगरेप की घटनाओं की पड़ताल में सामने आया कि अभियुक्तों ने अपराध करते समय शराब पी रखी थी। ताजा मामले की बात करें तो हरियाणा में 2 मई 2014 को मामा की शादी में गई सीकर की मासूम ने दुष्कर्म का दंश झेला। नशे में धुत युवक ने बच्ची के हाथों में चार फ्रेक्चर कर दिए।

दो साल में बढ़े साढ़े चार सौ मामले
राजस्थान में ही पुलिस विभाग की ओर से जारी आंकड़ों को देखें तो दुष्कर्म के मामलों में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2012 में मार्च तक के जो प्रकरण 470 थे, वे वर्ष 2014 में 924 तक आ पहुंचे। 2014 में पुलिस ने 166 प्रकरणों में चालान पेश किया, 172 में एफआर लगाई, लेकिन अब भी 586 प्रकरण लंबित हैं। मार्च तक छेड़छाड़ के 1599 मामले रिकॉर्ड में सामने आए हैं।

अवैध कितनी…
आबकारी विभाग ने शहर में अंग्रेजी शराब की और देशी मदिरा की कई दुकानें खोल रखी हैं। जबकि बीयर बार की संख्या अलग से है। शहर में गांव में कई जगह अवैध रूप से शराब की बिक्री होती है, और शराब बनाई जाती है जिस पर पुलिस का कोई नियंत्रण नहीं हे
असामान्य हो जाता है व्यक्ति
नशे में व्यक्ति सामान्य की बजाए असामान्य व्यवहार करता है। इस दौरान कभी-कभी आवेश में आकर व्यक्ति अपराध तक कर बैठता है। नशे के दौरान समूह में रहने और साथियों के उकसाने पर कई बार व्यक्ति दुष्कर्म जैसी वारदात को अंजाम देते हैं, लेकिन नशा उतरने पर उन्हें आत्मग्लानि होती है। डॉ. रश्मि जैन, समाजशास्त्री

कानून भी हुआ सख्त
दिल्ली गैंग रेप के बाद 18 साल से कम उम्र के बच्चों के मामलों में पोक्सो कानून बनाया गया। इस कानून में आरोपी को खुद ही बेगुनाही साबित करनी पड़ती है। पोक्सो की जांच आरपीएस अधिकारी ही और रेप मामले की जांच थाना प्रभारी करेगा। इसमें सजा 20 साल तक कर दी गई है। इसके अलावा भी कानून में कई संशोधन किए गए हैं। -अजय जैन, अधिवक्ता

कैसी होगी 16वीं लोकसभा की तस्वीर?

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सोलहवीं लोकसभा में भारत के संसदीय इतिहास में सबसे अधिक महिलाएं सासंद होंगी. लेकिन दूसरी तरफ़ इस सदन में वैसे सासंदों की तादाद बढ़ी है जो दसवीं पास भी नहीं हैं.

ग्रेजुएट प्रतिनिधियो की संख्या भी पहले के मुक़बाले कम हुई है और युवा वोटरों की बड़ी तादाद का बार बार हवाला दिए जाने के वाजवूद उम्र के लिहाज़ से सोलहवीं लोकसभा पहले से अधिक बुज़ुर्ग होगी.
पीआरएस लेजिस्लेटीव रिसर्च ने सभी 543 लोकसभा सीटों की प्रोफ़ाइल का अध्यन करके एक लिस्ट जारी है कि भारत की नई संसद कैसी दिखाई देगी.

इस अध्ययन के अनुसार इस बार के चुनाव में कुल ऐसी 61 सीटें हैं जहां से महिलाएं जीती हैं.

अगर प्रतिशत के लिहाज़ से देखें तो महिलाओं की संख्या लगभग 11.3 फ़ीसद है.

हालांकि 15वीं लोकसभा के मुक़ाबले देखें तो महिला सांसदों की संख्या में महज़ तीन सीटों की बढ़ोतरी हुई है. पिछली लोकसभा में 58 महिला सांसद थीं.
बुज़ुर्ग होती संसद

1952 में होने वाले पहले लोकसभा चुनावों में महिलाओं की संख्या पाँच फ़ीसदी थी. जो 1984 के आठवें लोकसभा चुनावों में लगातार जारी उतार-चढ़ाव के बाद आठ प्रतिशत रह गई . 2009 के क्लिक करें 15वीं लोकसभा में यह संख्या बढ़कर 11 फ़ीसदी तक पहुंची. 16वीं लोकसभा चुनावों में महिला सांसदों की संख्या 11.3 फ़ीसद है.

देश में युवा वोटरों की बड़ी तादाद होने की बात बार बार कही गई लेकिन इसके बावजूद इस बार वैसे सांसदों की संख्या अधिक है जिनकी उम्र 55 साल के पार है.

सोलहवीं लोकसभा में 543 सांसदों में से 253 सांसद ऐसे हैं जिनकी उम्र 55 साल से ज़्यादा है. प्रतिशत के हिसाब से ये करीब 47 फ़ीसदी के आसपास है.

15वीं लोकसभा में 55 साल से अधिक उम्र के सांसदों की संख्या 43 प्रतिशत थी.

सोलहवीं लोकसभा में आए मात्र 71 सांसदों की उम्र 40 से कम है यानी क़रीब 13 प्रतिशत है.

शिक्षा और व्यवसाय

इस बार चुनावी फ़तह हासिल करने वालों में महज़ 75 फ़ीसदी सांसद ही ऐसे हैं जिनके पास स्नातक की डिग्री है. पिछले सदन में ये फ़ीसद 79 था.

वैसे सांसद जिन्होंने दसवीं भी पास नहीं की है, उनका प्रतिशत पिछली बार के तीन फ़ीसदी के मुक़ाबले बढ़कर 13 फ़ीसदी तक पहुंच गया है. वहीं जनता के वैसे प्रतिनिधि जो मैट्रिक पास हैं, उनकी संख्या 17 फ़ीसद से घटकर 10 प्रतिशत को पहुंच गई है.

हालांकि डॉक्टरेट की उपाधि रखने वाले सांसदों की संख्या पहले से तीन प्रतिशत बढ़ी है.

पिछली लोकसभा से तुलनात्मक अध्ययन करने पर ये बात भी सामने आती है कि इस बार वैसे सांसदों का फ़ीसद पहले के मुक़ाबले (15) अधिक (20) है जिन्होंने कारोबार को अपनी रोज़ी रोटी का ज़रिया बताया है.

खेती को अपना प्राथमिक व्यवसाय बताने वालों की फ़ीसद पिछली बार (27) जितना ही है.

वकालत का पेशा

पंद्रहवी लोकसभा में 28 फ़ीसदी सांसदों ने राजनीति और सोशल वर्क को अपना व्यवसाय बताया था. इस बार ये 24 प्रतिशत है.

पहली लोकसभा में 36 फ़ीसदी संसद सदस्यों का पेशा वकालत था, इसके बाद 22 प्रतिशत सांसदों का प्राथमिक व्यवसाय कृषि था और केवल 12 फ़ीसदी सांसद कारोबार से जुड़े थे.

यह काबिल-ए-ग़ौर है कि 16वीं में एक फ़ीसदी सांसद पत्रकारिता और लेखन से जुड़े हैं, जबकि तीन फ़ीसदी सांसद अध्यापक और शिक्षाविद हैं. तो वहीं चार फ़ीसदी सांसद मेडिकल क्षेत्र से जुड़े हुए हैं.

16वीं लोकसभा में वकालत के पेशे से जुड़े सांसदों की संख्या सात प्रतिशत है. सिविल, पुलिस और सैन्य सेवा से जुड़े सांसदों की संख्या दो फ़ीसदी के आसपास है.

मोदी मस्त पप्पू पस्त

papuअब ना-नुकर नहीं…
मनु राव
आज देश अपने लोकतांत्रिक इतिहास के नये मोड़ पर आ खड़ा हुआ है। जनता ने सांप्रदायिक ताकतों के विशेषण से पुकारे जाने वाले जत्थे को अपना सेवक चुन लिया है। वह भी भरपूर बहुमत देकर। अब अपने वादों को पूरा करने में ये क्रराष्ट्रवादीञ्ज कोई क्रना-नुकरञ्ज नहीं कर सकते। न ही जनता क्रइफञ्ज और क्रबटञ्ज सुनेगी। एक ही आवाज आएगी, क्रअपने वादे पूरे करो।ञ्ज अब नरेंद्र मोदी के सामने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के तथाकथित गुप्त एजेंडे को लागू करने की बड़ी चुनौती आ खड़ी हुई है, जिसे पिछले ७० वर्ष से क्रहिंदू राष्ट्रांग भूताञ्ज कहकर सबके मन में उतारा जाता रहा है। कश्मीर में धारा-३७० को समाप्त करना, समान सिविल कोड लागू करना और आयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण करवाना भी आसन्न चुनौतियों में शामिल है। अब ये क्रजन सेवकञ्ज इन सबके लिए दस साल की अवधि नहीं मांग सकते, न ही गठबंधन की मजबूरी का बहाना बना सकते हैं। संविधान में क्रसमाजवादञ्ज के वादे के आगे क्रगांधीवादीञ्ज शब्द जोडऩे की जरूरत भी नहीं है। संविधान की समीक्षा करने की इनकी पुरानी मंशा पूरी करने में भी कोई अड़चन नहीं आ सकेगी।
ये सारे भावनात्मक मुद्दे जमीन पर उतारने में पता नहीं कितना समय लगेगा लेकिन महंगाई के बोझ में दबी जनता को राहत देने और बेरोजगारी से निजात दिलाने का काम प्राथमिकता से करना जरूरी हो गया है। जनता राज की ढाई रुपए किलो वाली शक्कर का स्वाद आज भी लोगों की जबान पर ताजातर है। आमजन को लूट कर विदेशों में ले जाया गया लाखों करोड़ रुपया वापस देश में लाने का संकल्प भी पूरा करना होगा, जो वर्तमान आर्थिक बदहाली को समाप्त करने का फिलहाल एकमात्र स्रोत है। इसके अलावा पिछले दस वर्षों में हुए लाखों करोड़ रुपयों के घोटालों से हड़पा गया धन ढूंढ निकालने तथा उनमें लिप्त तथाकथित राजनेताओं को सलाखों के पीछे डालने का काम भी प्राथमिकता में आना चाहिए, तभी जन-मन की अशांति दूर हो पाएगी, अन्यथा जिस जनता ने क्रसिर-आंखोंञ्ज पर बिठाया है, वहीं गद्दी से नीचे उतारकर फेंकने में देर नहीं करेगी। सावधान!