MLSU के कुलपति और रजिस्ट्रार का फूल एक्शन ड्रामा जारी है। गुरुजन पढ़ाना भूल कर षड्यंत्रों और गुटबाजी में ज्ञान और ध्यान लगा रहे है।

कुलपति और रजिस्ट्रार का फ़ाइल फोटो

उदयपुर। संभाग का सबसे बड़ा शिक्षण संस्थान सुखाडिया विश्वविद्यालय जो कि राजस्थान में उच्च शिक्षण संस्थानों में चोथे नंबर पर आता है। लेकिन इन दिनों इस उच्च शिक्षण संस्थान यानी मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय में पढ़ाई स्तर पर प्रशासनीक और घोटाले के स्तर पर यहाँ के जिम्मेदारों ने भट्टा बैठाने पर तुले हुए है। सबसे बात करते है ताजा ताजा विवाद की जो विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. जेपी शर्मा और रजिस्ट्रार हिम्मत सिंह भाटी की। दोनों में आपस में विवाद २०१८ से शुरू हुआ जो नॉन टीचिंग स्टाफ की भर्ती को लेकर शुरू हुआ था। अब इस विवाद का बड़ा रूप यह सामने आया कि सारे नियम कायदों को ताक पर रख कर वीसी जे पी शर्मा ने सर्वे सर्वा बन कर रजिस्ट्रार हिम्मत सिंह भाटी को कार्य मुक्त कर दिया। सिर्फ कार्य मुक्त ही नहीं उनके बदले रजिस्ट्रार का कार्यभार एक प्रोफ़ेसर जी सोरल को दिया गया है। उस प्रोफ़ेसर ने कार्यभार संभाल भी लिया।
वीसी के इस एक्शन ड्रामा पर सवाल तो उठाने ही थे और उठ भी रहे है। सबसे पहले तो आज तक एसा कभी सुना नहीं हो कि एक आर ए एस अफसर जो की एक सरकारी नोकर है उसको एक वीसी कार्यमुक्त कर दे। क्यूँ की जहाँ तक हमारी और अन्य शिक्षाविदों की जानकारी तो यही तक है कि एक सरकारी अफसर को सिर्फ सरकार ही कार्यमुक्त या रिलीव कर सकती है किसी यूनिवर्सिटी का वीसी नहीं। नए नियम आये हो तो इसका हमे ज्ञान नहीं। संभागीय आयुक्त विकास भाले का भी यही कहना है कि हिम्मत सिंह भाति सरकारी अधिकारी है और कही हटाने और लगाने का अधिकार सिर्फ सरकार ही कर सकती है।
अब एक नज़र ज़रा इस पर भी डालते है कि आखिर एसा कोनसा काँटा चुभा कि वीसी को रजिस्ट्रार को हटाना पड़ा। दरसल मामला २०१८ की फर्जी भारतियों से जुदा है। नॉन टीचिंग स्टाफ की भर्ती हुई और उस भर्ती में गड़बड़ झाला हो गया। विवाद भी हुआ क्यूँ कि भारतियों के जिम्मेदार वीसी साहब है और इसमें गड़बड़ियों की जांच करने की जिम्मेदारी सोंपी रजिस्ट्रार को तो ज़ाहिर सी बात है विवाद होना ही है। लेकिन विवाद इस स्थिति तक पहुच जाएगा किसी ने सोचा नहीं था और वीसी साहब सर्वे सर्वा बनकर इस तरह का निर्णय लेंगे ये भी अजीब है। यही नहीं समाचार पत्रों के माध्यम से अगर माने तो वीसी जे पी शर्मा ने शिक्षकों के संगठन सुटा (सुखाड़िया विवि टीचर्स एसोसिएशन) के कुछ शिक्षकों के ज्ञापन को आधार मान कर यह निर्णय लिया। खास बात यह है कि कुलपति ने जिस सुटा की शिकायत के बाद आदेश जारी किया है उस संगठन को सुविवि खुद अवैध मान चुका है। सुविवि ने 28 अप्रैल 2018 काे समाचार पत्रों में एक विज्ञापन जारी कर कहा था कि सुटा (सुखाड़िया विवि टीचर्स एसोसिएशन) के नाम से कोई भी संगठन वैधानिक रूप से मान्य नहीं है। यदि इस नाम से कोई सूचना समाचार पत्रों या अन्य कहीं दी जाती है तो विवि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।
अब अगर राजस्थान के इतने बड़े संस्थान में इस तरह का निर्णय लिया जाएगा तो सवाल उठाने लाज़मी है और उठाने भी चाहिए। इसमें कही न कही रजिस्ट्रार को कार्यमुक्त करने वाली कारवाई पर शक भी जाता है। खैर सरकार इस पर क्या निर्णय लेगी ये आगे पता चलेगा लेकिन यह तो तय है कि यह लड़ाई सिर्फ यही रुकने वाली नहीं है। शिक्षा के इस बड़े मंदिर में षड्यंत्रों का बोलबाला है गुरुजन पढ़ाई को छोड़ गुटबाजी और विवाद जैसे सारे कामों को अंजाम देने में लगे हुए है।

Hindustan Zinc in association with Urban Improvement Trust (UIT) and Forest Department plant trees on the developed mounds in Fatehsagar lake

Project aims at improvement of lake biodiversity and create a safe place for migratory birds

The deepening project of Fatehsagar lake started for conservation of water for Udaipur City before monsoon by Hindustan Zinc in association with Urban Improvement Trust (UIT).

When the project was started, members of Jheel Sarankshan Samiti (Water Conservation Body) suggested Udaipur Collector to develop mounds in the lake where migratory birds can safely breed as well as it would be helpful for lake bio diversity. Based on the suggestion Dist. Collector advised Hindustan Zinc team for the creation of mounds with tree plantation on top of it.

Today, Hindustan Zinc’s Corp Affairs, Environment Operation Health and Service (EOHS) Sr. Officers along with UIT officers planted the tree species (Peepal, Arjun, Morsali, Badh, Ficus) on the developed 8-10 mounds inside the lake, as these plants can grow faster with minimum care. Inspection of project site was conducted on the World Environment Day in presence of  Governing Administration Body,  Urban Improvement Trust Members , Jheel Sankrashan Samiti (members of  Water Conservation Body) and Hindustan Zinc’s Sr. Officers.

Sustainability has always been the core value of Hindustan Zinc and Saving water has always been a focus area of the organization. We have been able to achieve a sustainable ecosystem through advanced technologies. Hindustan Zinc believes in the philosophy of giving back to the society and continuing with its efforts towards conserving environment and community service.

Lippan traditional art, the miracle of Mud and Mirror Work

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It is summer holidays for school children and some of the families would either go out of station or stay in Udaipur and look for utilizing holidays for learning something creative that they can replicate in their own homes without much training.

One such art is Lippan.  Lippan art is a clay art form and has its origin in Kutch in the State of Gujarat. Traditionally Lippan is made by adding mud and cow dung and done on the walls. Application of this mixture keeps the interiors of the houses cool.

“Before this art becomes extinct and vanishes from India, it is important that more and more people learn this traditional art and use this art to decorate their homes. It is an excellent hobby for children and even adults. This improves their concentration, design ability, colour combination, precision and is gainful utilization of holidays” says Archana Kaushik, who hails from Delhi but has been settled in Udaipur for the last 10 years and has been teaching Madhubani and now Lippan art.

Archana says, “I also learnt it for myself and now have started teaching to others. The curiosity to learn this art is more in females, and of all age groups. I have my students ranging from the age of 6 to 55 years of age. Udaipur has a lot of potential and people are also very keen to learn. Generally, you would be able to make a good piece for yourself in 3-4 days’ time.

Archana provides all the material including the board, mirrors, colours, and other tools. She believes in teaching students through practical approach. Make the work easier and interesting is her mantra.

“Once I am convinced of the design ability of people, I encourage them to work directly on the board. I show them samples and see what is more exciting for them. And rest, their interest drives them. They may feel it is difficult, but actually once you start doing it, the interest is so much that the accuracy comes on its own. You don’t want to do a bad job. The piece they make is their own and they are allowed to take it as a memory”, says Archana.

 Lippan is a decorative art done by common people mainly women. Lippan is done inside Bhungas or mud huts in villages of Kutch, Gujarat.

This is very true. But with time one has to find ways of promoting this art and make it more popular. I have done Lippan not just inside my Studio but outside also. Generally, Rebari women make birds, trees, animals, peacock, human figures etc in Lippan but in today’s time, we can make anything that excites us. There is no dearth of ideas”, says Archana.

(Archana Kaushik can be reached at +91 77420 88999)

राजस्थान: पति के सामने दलित महिला के साथ गैंगरेप, पुलिस पर चुनाव के चलते मामले को दबाने का आरोप।

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राजस्थान के अलवर ज़िले में पति को बंधक बनाकर एक महिला के साथ पांच लोगों द्वारा सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया है. बलात्कार की इस घटना का आरोपियों ने वीडियो कर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया गया था. साथ ही धमकी देकर दंपति से पैसे भी वसूले गए.

इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव की वजह से पुलिस पर मामले को दबाने का भी आरोप है. घटना सामने आने के बाद अलवर पुलिस अधीक्षक को हटा दिया गया है. घटना को लेकर राजस्थान में कुछ जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी होने की सूचना है.

मामला अलवर ज़िले के थाना गाजी क्षेत्र का है. बीते 26 अप्रैल को हुई इस घटना के संबंध में दो मई को पांच आरोपियों के ख़िलाफ़ संबंधित आईपीसी और एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.

बता दें कि राजस्थान के अलवर ज़िले के थानागाजी थाना क्षेत्र में अपने पति के साथ बाइक पर जा रही दलित समुदाय की महिला के साथ पति के सामने ही पांच लोगों ने कथित तौर पर बलात्कार कर घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था.

महिला के परिवारवालों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनसे चुनाव के काम में व्यस्त होने की वजह से इंतज़ार करने को कहा था, वहीं विपक्ष ने दावा किया है कि सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार ने गुर्जर वोट बैंक बचाए रखने के लिए मामले को लेकर चुप्पी साधे रखी.

आरोपियों ने चार मई को सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो अपलोड कर दिया था और वीडियो डिलीट करने के लिए 10 हज़ार रुपये की मांग कर रहे थे. आरोप है कि जब घटना की शिकायत थानागाजी थाने के प्रभारी (एसएचओ) से की गई तो उन्होंने ध्यान नहीं दिया.

द वायर से बातचीत में महिला के पति ने बताया, ‘हमने वीडियो के बारे में पुलिस से शिकायत की तो एसएचओ ने कहा था कि अगर वे सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करते हैं तो एक और धारा जोड़कर एफआईआर दर्ज कर ली जाएगी.’

पति ने बताया, ‘घटना का वीडियो बनाते समय आरोपी हंस रहे थे. हम अब भी उस घटना से डरे हुए हैं. जब भी हम आंखें बंद कर रहे हैं तो हमें प्रताड़ित करने के दौरान उनका हंसता हुआ चेहरा हमें डरा रहा है.’

पीड़ित महिला ने बताया कि आरोपी छोटेलाल और अशोक गुर्जर समुदाय से हैं. मीडिया से इसलिए घटना को छिपाकर रखा गया ताकि कांग्रेस का गुर्जर वोट बैंक बचाया जा सके.

मीडिया में ख़बर आने और राजस्थान में चुनाव ख़त्म होने के बाद ही पुलिस पीड़ित परिवार के घर जांच के लिए पहुंची. पति ने बताया, ‘घटना से एक हफ्ते बाद पुलिस हमारे पास आई. शुरुआत में उन्होंने हमेशा यही कहा था कि चुनाव की वजह से वह व्यस्त थे.’

इधर, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) राजीव स्वरूप की ओर से बीती सात मई रात जारी आदेश के बाद अलवर पुलिस अधीक्षक राजीव पचार को हटा दिया गया है.

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, मामले में लापरवाही बरतने काे लेकर थानागाजी थाने के प्रभारी सरदार सिंह को निलंबित कर दिया गया, जबकि एएसआई रूपनारायण, सिपाही रामरतन, महेश कुमार और राजेंद्र काे लाइन हाजिर किया गया है.

रिपोर्ट के अनुसार, पति और पत्नी गांव लालवाड़ी से तालवृक्ष जा रहे थे. थानागाजी-अलवर बाईपास रोड पर दुहार चौगान वाले रास्ते में पांच युवकों ने उन्हें रोका और पति काे बंधक बनाकर मारपीट की और उसके सामने ही पत्नी से गैंगरेप कर वीडियाे बना लिया.

रिपोर्ट के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पीड़ित दंपति से वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे भी वसूल किए. आरोपियों ने फिर पैसों की मांग की तो परेशान दंपति 30 अप्रैल काे अलवर एसपी के पास पहुंचे थे. इसके बाद थानागाजी पुलिस थाने में दो मई काे एफआईआर दर्ज की गई. वीडियो वायरल होने के बाद घटना छह मई को सार्वजनिक हुई.

रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद 12 दिन में पुलिस तीन आरोपियों को ही गिरफ्तार कर सकी है. दो आरोपी अब भी पुलिस गिरफ्त से दूर हैं. बीते सात मई को पुलिस ने दो आरोपी ट्रक चालक इंद्रराज गुर्जर और मुकेश को गिरफ्तार किया था. बुधवार सुबह तीसरे आरोपी अशोक को गिरफ्तार किया गया. पुलिस बाकी के दो आरोपियों छोटेलाल और हंसराज की तलाश में छापेमारी कर रही है.

पुलिस महानिदेशक कपिल भट्ट ने बीते सात मई को जयपुर में संवाददाताओं को बताया कि घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश के लिए 14 टीमों का गठन किया गया है.

इस बीच राज्य सरकार ने पीड़ित परिवार को 4 लाख 12 हज़ार 500 रुपये की अंतरिम सहायता राशि स्वीकृत की है. गृह विभाग के निर्देश अनुसार, पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की गई है.

दूसरी ओर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी ने अलवर में हुई इस घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से इस्तीफा देने की मांग की है.

सैनी ने कहा कि यह वीभत्स घटना निंदनीय है. इस मामले में मुख्यमंत्री को कार्रवाई करनी चाहिए. इतने दिनों तक मामले को दबाए रखने के लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं. उन्हें इस्तीफा देना चाहिए.

उन्होंने कहा कि इस घटना की जानकारी को चुनाव तक छिपाए रखने में गहरा राजनीतिक षड्यंत्र नजर आता है. राजनीतिक नुकसान से बचने के लिए चुनाव तक इस मामले को कांग्रेस की सरकार ने दबाकर रखा है.

उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए जितने दोषी अपराधी हैं, उससे अधिक दोषी सरकार में बैठे लोग हैं. भाजपा इस घटना की तथा घटना को इतने दिन तक दबाकर रखने वाली नाकारा, असंवेदनशील तथा लापरवाह सरकार की भी कड़ी निंदा करती है.

सैनी ने कहा कि उदयपुरवाटी में 21 दिन में बलात्कार की नौ घटनाएं हो गईं, सीकर में दुल्हन का अपहरण हो गया, प्रदेश में निरंतर ऐसी घटनाएं हो रही हैं. ऐसी घटनाओं पर सरकार का चुप रहना सवाल खड़े करता है.
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने लिखा है, सामूहिक बलात्कार की यह घटना प्रदेश के लिए बेहद शर्मनाक है. ऐसे जघन्य अपराध कांग्रेस सरकार के महिला और बेटियों को सुरक्षित माहौल देने के दावों की पोल खोल रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने आरोपियों के ख़िलाफ़ सख़्त एवं शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अलवर ज़िले की इस घटना की निंदा करते हुए इसमें लिप्त आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं.

मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा कि पुलिस द्वारा किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी. महिला सुरक्षा के प्रति सरकार पूर्णतया प्रतिबद्ध है एवं इस ओर विशेष ध्यान देने हेतु समस्त पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है.

उन्होंने कहा कि इस घटना में लिप्त अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार करने के लिए करीब एक दर्जन दलों का गठन किया गया है. पीड़िता व उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जा रही है.

A single prick can save a child from thalassemia disorder, give blood give life – Dr. Kajal Verma

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Thalassaemia is one of the most difficult hereditary diseases to live with. Even though there is no cure, parents can prevent their child from being born with this terrible disease if they are careful.

However, preventing the spread of disease in the world has proven difficult due to the lack of proper awareness about the condition. This is why the World Health Organization established May 8th as World Thalassaemia Day.

Importance of World Thalassaemia Day

8th May is dedicated to past and present Thalassaemia patients in the world, who are surviving with the condition. It is also a day when the medical

डॉ. काजल वर्मा

organizations around the world come together to plan and raise awareness about the disease. Camps are set up in various cities and villages to educate people about the dangers of Thalassaemia and teach them about prevention measures of it. On World Thalassaemia Day, hospitals and clinics promote pre-marriage genetic testing that can help prevent hereditary conditions in the family. In India alone, 7,000-10,000 children are born with this disorder every year.

Aside from spreading awareness, there are other important reasons for celebrating World Thalassaemia Day. These include –

1. To motivate healthy people in the world to donate blood regularly in order to reduce the suffering of patients of Thalassaemia

2. Motivating doctors to take care of the special needs of such patients

3. Motivating people suffering from the disease to undergo treatment, as soon as they can, to reduce complications

4. To motivate the government of various countries around the world to build better health care facilities for people suffering from Thalassaemia

5. To reduce Thalassaemia related deaths around the globe

Causes and types of Thalassaemia

Thalassaemia is a hereditary condition, passed on from parents to their children. The condition results in improper and insufficient red blood cell and haemoglobin formation. This causes anaemia in the body.

There are two main types of Thalassemia –

1. Alpha-thalassemia- In this type, up to four genes are involved. Two genes are passed down to you from each parent. In case of a single mutated gene, you will not suffer from the condition, but you become a carrier. In the case of two mutated genes, the symptoms of the disease will be mild. In the case of three mutated genes, the symptoms will be severe. Most children with four mutated genes are stillborn, while a few may survive for a short period after birth.

2. Thalassaemia minor- Two genes determine whether an offspring will suffer from thalassaemia minor or not. If one of these two genes is mutated, the child will have mild symptoms of the disease. If both the genes are affected, the child will be healthy at birth but will develop severe thalassaemia within the first two years of life.

Symptoms

The symptoms of thalassemia vary depending on the type of thalassemia.

Symptoms will not show until the age of 6 months in most infants with beta thalassemia and some types of alpha thalassemia. This is because neonates have a different type of hemoglobin, called fetal hemoglobin.

After 6 months “normal” hemoglobin starts replacing the fetal type, and symptoms may begin to appear.

These include:

jaundice and pale skin
drowsiness and fatigue
chest pain
cold hands and feet
shortness of breath
leg cramps
rapid heart beat
poor feeding
delayed growth
headaches
dizziness and faintness
greater susceptibility to infections
Skeletal deformities may result as the body tries to produce more bone marrow.

If there is too much iron, the body will try to absorb more iron to compensate. Iron may also accumulate from blood transfusions. Excessive iron can harm the spleen, heart, and liver.

Patients with hemoglobin H are more likely to develop gallstones and an enlarged spleen.

Untreated, the complications of thalassemia can lead to organ failure.

Treatment for Thalassaemia

Treatment varies depending on the severity of the disease that affects you. For instance, people with mild Thalassaemia do not require frequent treatment. For these people, blood transfusion is necessary after surgery or childbirth.

On the other hand, people suffering from severe Thalassaemia rely on frequent blood transfusions. In a small number of cases, if you are able to find a proper donor, you can also take advantage of  stem cell transplant to treat Thalassaemia. After such surgery, you no longer need blood transfusions for the rest of your life. Therefore, prevention and genetic testing before conceiving is the best way to combat Thalassaemia in the long run.

HOMOEOPATHIC APPROACH
Homeopathy addresses the root cause and offers medication which are help eventually reduce the need for frequent blood transfusion. Homeopathic medicines also help to improve immune status, which in turn also controls frequent attacks of respiratory infections. Role of homeopathic treatment is supplementary in case of Thalassemia.
The aim of homeopathy is not only to treat thalassemia symptoms but to address its underlying cause and individual susceptibility. As far as therapeutic medication is concerned, several remedies are available to cure thalassemia symptoms that can be selected on the basis of cause, sensations and modalities of the complaints. For individualized remedy selection and treatment, the patient should consult a qualified homeopathic doctor in person. There are following homeopathic remedies which are helpful in the treatment of thalassemia symptoms and increasing hemoglobin:

Carcinosin, Tuberculinum, Silicea, Chininum ars, Chininum sulph, Ferrum met, Natrum mur, Phosphorus, Radium brom, X-Ray and many other medicines.

पश्चिम बंगाल: मुर्शिदाबाद के बालीग्राम में भिड़े कांग्रेस और टीएमसी के कार्यकर्ता, वोटर की हत्या

लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के लिए मतदान जारी है। 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 117 सीटों पर वोटिंग हो रही है। मतदान को लेकर कई जगहों पर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। वहीं, पश्चिम बंगाल में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। मुर्शिदाबाद में कांग्रेस और टीएमसी (TMC) कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प में एक वोटर की हत्या कर दी गई है।

पढ़ें- पश्चिम बंगाल: मुर्शिदाबाद के मतदान केन्द्र पर देसी बम से हमला, मालदा में भी उपद्रवियों ने मचाया तांडव

वोटर की हत्या

जानकारी के मुताबिक, मुर्शिदाबाद के बालीग्राम में वोटिंग के दौरान कांग्रेस और टीएमसी कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच मामला इतना बिगड़ गया कि हाथापाई शुरू हो गई। इसी दौरान किसी ने एक वोटर की चाकू गोदकर हत्या कर दी। इस घटना से पोलिंग बूथ पर हड़कंप मच गया। पुलिस ने लाश को कब्जे में लिया है और मामले की छानबीन की जा रही है। इस घटना के कारण कुछ देर के लिए मतदान को भी रोक दिया गया था। फिलहाल, ज्यादा जानकारी का इतंजार है।

पढ़ें- लोकसभा चुनाव: भाजपा प्रत्याशी गौतम गंभीर ने दाखिल किया नामांकन, दिया यह बड़ा बयान

देसी बम से हमला

वहीं, इससे पहले मुर्शिदाबाद के रानीनगर में मतदान केन्द्र के पास देसी बम से हमला किया गया। जोरदार धमाके से वहां अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि मतदान को प्रभावित करने के लिए कुछ उपद्रवियों ने बम से हमला किया है। हालांकि, बम फेंकने वाला कौन था और किस मकसद से उसने बम फेंका था। इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। वहीं, मालदा में भी उपद्रवियों ने जमकर तांडव मचाया है। फिलहाल, पूरे मामले की छानबीन की जा रही है।

पश्चिम बंगाल में तनावपूर्व माहौल

गौरतलब है कि मुर्शिदाबाद में मतदान शुरू होने के कुछ देर बाद ही दो पक्षों में झड़प हो गई थी। वार्ड नंबर 7 में फर्जी मतदान को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई । इस घटना में टीएमसी के 3 कार्यकर्ता घायल हो गए थे। मौके पर तैनात सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों के किसी तरह मामले को शांत कराया। यहां आपको बताते चलें कि पिछले चरणों में भी पश्चिम बंगाल में कई जगहों पर हिंसक झड़पें हुई थीं। टीएमसी और भाजपा के कई कार्यकर्ता इस झड़प में घायल हो गए थे।

पढ़ें- टिकट कटने पर छलका उदित राज का दर्द, फिर नाम के आगे लगाया ‘चौकीदार’

आईपीएल 12 मई को चेन्नई की जगह हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम पर फाइनल होगा

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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 12वें सीजन का फाइनल मुकाबला 12 मई को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम की जगह हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम पर खेला जाएगा। चिदंबरम स्टेडियम के 3 स्टैंड्स बंद थे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन (टीएनसीए) को इन स्टैंड्स को खुलवाने के लिए सरकार से मंजूरी लेने के लिए कहा था, लेकिन राज्य क्रिकेट संघ इसमें नाकाम रहा।

हालांकि, चेन्नई सुपरकिंग्स यदि अंक तालिका में शीर्ष-2 में जगह बनाने में सफल रहती है तो उसके पास घरेलू मैदान पर क्वालिफायर-1 खेलने का मौका रहेगा। क्वालिफायर-1 का मैच 7 मई को चेन्नई में खेला जाएगा। वहीं, 8 मई को होने वाले एलिमिनेटर और 10 मई को होने वाले क्वालिफायर-2 के मुकाबले विशाखापट्टनम के डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डी स्टेडियम पर खेले जाएंगे।

तमिलनाडु एसोसिएशन ने अपनी असमर्थता जाहिर की : विनोद राय

बीसीसीआई की प्रशासकों की समिति (सीओए) के प्रमुख विनोद राय ने सोमवार को बताया, ‘टीएनसीए ने हमें बताया है कि वे तीन स्टैंड आई, जे और के खोलने के लिए अपेक्षित मंजूरी नहीं ले पाए हैं। इसके बाद हमने मुकाबलों को चेन्नई से हैदराबाद शिफ्ट किया।’ उन्होंने कहा, ‘चूकिं नॉकआउट मुकाबलों में टिकटों की बिक्री से होने वाली कमाई पर बीसीसीआई का विशेषाधिकार है, हम यह जिम्मेदारी लेंगे। हम विजाग (विशाखापट्टनम) में दो नॉकआउट मुकाबले कराएंगे।’

चेन्नई में फाइनल होने पर बीसीसीआई को होता करोड़ों का नुकसान

इन तीन स्टैंड्स के खुलने पर करीब 12 हजार अतिरिक्त टिकटों की बिक्री होती। चूंकि ऐसा नहीं हो पाया है, ऐसे में बीसीसीआई को वहां मैच कराने पर कुछ करोड़ रुपए का नुकसान होगा। ये स्टैंड्स दिसंबर 2012 से बंद हैं। दिसंबर 2012 में भारत और पाकिस्तान के बीच यहां मैच खेला गया था।

डिफेंडिंग चैम्पियन होने के कारण एक नॉकआउट मैच चेन्नई में होना जरूरी

यह पूछने पर कि जब सभी नॉकआउट मुकाबलों की टिकट बिक्री पर बीसीसीआई का विशेषाधिकार है, तो फिर क्वालिफायर-1 चेन्नई में क्यों कराने का फैसला किया गया। इस पर राय ने कारण बताया, ‘चेन्नई सुपरकिंग्स के डिफेंडिंग चैम्पियन होने के कारण क्वालिफायर-1 या फाइनल मैच उनके घरेलू मैदान पर ही कराया जाना था। अब यदि वे लीग मैच के बाद टॉप-2 में जगह बनाने में सफल रहते हैं तो आप उनके सभी मुकाबले दूसरे मैदान पर नहीं करा सकते हैं। वे कम से कम एक नॉकआउट मैच घरेलू मैदान पर खेलने के हकदार हैं।’

हैदराबाद में नहीं हो सकते एलिमिनेटर या क्वालिफायर मैच

हैदराबाद में फाइनल इसलिए कराने का फैसला किया गया, क्योंकि वहां चुनाव के कारण एलिमिनेटर या क्वालिफायर मैच नहीं हो सकते हैं। हैदराबाद में 6, 8 और 10 मई को लोकसभा चुनाव होने हैं।

जयपुर में थ्री-टीम मिनी वुमन्स आईपीएल

विनोद राय ने बताया कि थ्री-टीम मिनी वुमन्स आईपीएल के मुकाबले 6 से 10 मई तक जयपुर में कराए जाएंगे। पिछले साल आईपीएल के दौरान महिलाओं का एक टी-20 मैच हुआ था। इसमें सुपरनोवा और ट्रेलब्लेजर्स की टीमें उतरी थीं। इस बार इन दोनों टीमों के अलावा नई टीम वेलोसिटी होगी।

मप्र / साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ एफआईआर दर्ज, अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने पर दिया था बयान

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भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन मामले में सोमवार रात केस दर्ज कर लिया गया। विवादित ढांचे को लेकर दिए गए विवादित बयान पर कमला नगर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।

साध्वी ने दो दिन पहले एक टीवी चैनल पर कहा था कि अयोध्या में विवादित ढांचे को तोड़ने पर उन्हें गर्व है। मैं खुद विवादित ढांचा गिराने गई थी। मुझे ईश्वर ने शक्ति दी थी, हमने देश का कलंक मिटाया है। इस बयान पर जिला निर्वाचन अधिकारी सुदाम पी खाडे ने संज्ञान लेते हुए प्रज्ञा से जवाब तलब किया था।

बयान तब दिया जब मैं उम्मीदवार नहीं थी : प्रज्ञा ने चुनाव आयोग को जवाब दिया था कि यह बयान उन्होंने तब टीवी चैनल को दिया गया, जब वह भाजपा की उम्मीदवार नहीं थीं। मीडिया मॉनिटरिंग सेल उनके इस बयान पर संज्ञान नहीं ले सकता। उन्होंने यह भी कहा था कि जो बात मैंने कही थी वह मेरे अंतर्मन की बात थी। मैं सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे संतु निरामया सिद्धांत को मानती हूं। साध्वी के दोनों ही जवाबों पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने असहमति जताई और उनके खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश पुलिस को दिए।

11 पंडितों के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंची थीं प्रज्ञा : साध्वी प्रज्ञा ठाकुर सोमवार सुबह 11 पंडितों के साथ कलेक्टोरेट पहुंचीं। वहां मुहूर्त में मंत्रोच्चारण के बीच उन्होंने नामांकन-पत्र दाखिल किया। प्रज्ञा मंगलवार को फिर से पार्टी नेताओं के साथ रोड शो करते हुए सुबह 10 बजे कलेक्टोरेट में नामांकन जमा करने जाएंगी। पहले प्रज्ञा को मंगलवार को नामांकन दाखिल करना था, लेकिन पंडितों ने उन्हें सोमवार का मुहूर्त बता दिया। इसके बाद वे समर्थकों के साथ कलेक्टोरेट पहुंचीं।

शहीद करकरे पर कर चुकीं आपत्तिजनक टिप्पणी : प्रज्ञा ठाकुर ने 26/11 मुंबई हमले में शहीद हुए मुंबई के तत्कालीन एटीएस चीफ हेमंत करकरे पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा था, ‘‘मैंने करकरे से कहा था, तेरा सर्वनाश होगा। ठीक सवा महीने में सूतक लगता है। जिस दिन मैं गई थी। उस दिन इसका सूतक लग गया था और ठीक सवा महीने में जिस दिन आतंकवादियों ने इसको मारा उस दिन उसका अंत हुआ।’’

अपराध : हत्या और हत्या के प्रयास के मामले दर्ज : साध्वी के ऊपर मालेगांव बम ब्लास्ट के मामले में एफआईआर दर्ज है, जबकि मुंबई की एनआईए की स्पेशल कोर्ट में तीन केस चल रहे हैं। उनके ऊपर हत्या, हत्या के प्रयास और अवैध हथियार के साथ ही गोला-बारूद जमा करने के आरोप लगाए गए हैं। 30 अक्टूबर 2018 को उनको मालेगांव केस में एनआईए ने क्लीन चिट दे दी है, जबकि मुंबई हाईकोर्ट में फैसला पेंडिंग है।

सनी देओल भाजपा में शामिल, गुरदासपुर से लड़ सकते हैं चुनाव

फिल्म अभिनेता सनी देओल ने केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली. कहा- मेरे पिता अटल जी के साथ जुड़े थे, मैं मोदी जी से जुड़ने आया हूं.

चर्चित फिल्म अभिनेता सनी देओल ने मंगलवार को भाजपा की सदस्य्ता ली. केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलवाई.

भाजपा में शामिल होने के बाद देओल ने कहा कि जिस तरह मेरे पिता ने अटल जी के साथ मिलकर काम किया, आज मैं भी यहां मोदी जी के साथ जुड़ने, उनका समर्थन करने आया हूं.’

उन्होंने कहा, ‘आज मोदी जी ने जिस तरह से पांच सालों में काम किया है, इसलिए मैं चाहता हूं कि अगले पांच साल तक मोदी जी ही पीएम रहें क्योंकि हम विकास चाहते हैं. मैं इस परिवार की सेवा करूंगा. मैं इस परिवार (भाजपा) के लिए जो कुछ कर सकता हूं, मैं करूंगा… मैं बात नहीं करता, मैं अपने काम से आपको दिखाऊंगा.’

सनी देओल के पंजाब की गुरदासपुर सीट से चुनाव लड़ने की संभावना है. इस सीट से 2014 में फिल्म अभिनेता विनोद खन्ना भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़कर जीते थे. अप्रैल 2017 में उनकी मृत्यु हो गयी और इसके बाद हुए उपचुनाव में कांग्रेस के सुनील कुमार जाखड़ विजयी हुए थे. इस बार भी कांग्रेस ने जाखड़ को ही टिकट दिया है.

सनी प्रसिद्ध अभिनेता धमेंद्र के बड़े बेटे हैं. धर्मेंद्र 2004 में राजस्थान के बीकानेर सीट से भाजपा के टिकट पर खड़े होकर जीते थे. उनकी पत्नी हेमा मालिनी उत्तर प्रदेश की मथुरा सीट से मौजूदा सांसद है और वहां से चुनाव भी लड़ रही हैं.

प्रधान मंत्री मोदी उदयपुर में : मोदी बोले, गांव-गांव है , शहर-शहर है, घर-घर में, खेत खलिहान में.. पूरा हिंदुस्‍तान चौकीदार..

मेवाड़ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी बोले, कांग्रेस और उसके महामिलावटी कहते हैं कि मोदी को राष्ट्रवाद की, राष्ट्रीय सुरक्षा की, आतंकवाद की बात नहीं करनी चाहिए। हमारी सरकार ने देश की साख बढ़ाने, सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही आपका जीवन आसान बनाने का भी लगातार प्रयास किया है। कभी समस्या आए तो आधी रात को भी सरकार उसकी मदद करे। यही काम हमने किया है।

– मोदी बोले, बीते 5 वर्षों में देश में तीन सौ से ज्यादा नए पासपोर्ट केंद्रों की भी स्थापना की गई है । हमारी सरकार की नीतियों की वजह से बीते पाँच वर्षों में जिस तरह विदेश से आने वाले टूरिस्टों की संख्या बढ़ी है, टूरिज्म सेक्टर में कमाई बढ़ी है, उसका बहुत बड़ा लाभ उदयपुर के लोगों को भी मिला है।

– राजस्‍थान में किसानों का कर्ज माफ करने का वादा क‍िया था लेकिन चुनाव जीतते ही गायब हो गए नामदार, 10 दिन का पूछो तो मुंह छुपाकर भागते हैं कांग्रेसी

– भाजपा सरकार ने घुमंतू जातियों के ल‍िए कल्‍याण बोर्ड बनाने का फैसला लिया है

– आप कमल के फूल के सामने जब बटन दबाओगे तो सीधे-सीधे मोदी के खाते में वोट जाएगा।

– देश मजबूत बनाने के ल‍िए सरकार मजबूत चाहिए और सरकार मजबूत हो उसके ल‍िए मजबूत चौकीदार चाहिए।

-मोदी बोले, मैं जो बोलूं उसके पीछे आप चौकीदार बोलिएगा, फ‍िर कहा, गांव-गांव है, शहर शहर है, बच्‍चा-बच्‍चा, खेत-खलिहान, बड़़े़े-बुुुुजुर्ग, डॉक्‍टर इंजीनियर, लेखक, पत्रकार, देश के अंदर, सरहद पर, किसानकामगार, वकील व्‍यापारी, छात्र-छात्राएं पूरा हिंदुस्‍तान…..भारत माता की जय..