मेवाड़ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी बोले, कांग्रेस और उसके महामिलावटी कहते हैं कि मोदी को राष्ट्रवाद की, राष्ट्रीय सुरक्षा की, आतंकवाद की बात नहीं करनी चाहिए। हमारी सरकार ने देश की साख बढ़ाने, सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही आपका जीवन आसान बनाने का भी लगातार प्रयास किया है। कभी समस्या आए तो आधी रात को भी सरकार उसकी मदद करे। यही काम हमने किया है।
– मोदी बोले, बीते 5 वर्षों में देश में तीन सौ से ज्यादा नए पासपोर्ट केंद्रों की भी स्थापना की गई है । हमारी सरकार की नीतियों की वजह से बीते पाँच वर्षों में जिस तरह विदेश से आने वाले टूरिस्टों की संख्या बढ़ी है, टूरिज्म सेक्टर में कमाई बढ़ी है, उसका बहुत बड़ा लाभ उदयपुर के लोगों को भी मिला है।
– राजस्थान में किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था लेकिन चुनाव जीतते ही गायब हो गए नामदार, 10 दिन का पूछो तो मुंह छुपाकर भागते हैं कांग्रेसी
– भाजपा सरकार ने घुमंतू जातियों के लिए कल्याण बोर्ड बनाने का फैसला लिया है
– आप कमल के फूल के सामने जब बटन दबाओगे तो सीधे-सीधे मोदी के खाते में वोट जाएगा।
– देश मजबूत बनाने के लिए सरकार मजबूत चाहिए और सरकार मजबूत हो उसके लिए मजबूत चौकीदार चाहिए।
-मोदी बोले, मैं जो बोलूं उसके पीछे आप चौकीदार बोलिएगा, फिर कहा, गांव-गांव है, शहर शहर है, बच्चा-बच्चा, खेत-खलिहान, बड़़े़े-बुुुुजुर्ग, डॉक्टर इंजीनियर, लेखक, पत्रकार, देश के अंदर, सरहद पर, किसानकामगार, वकील व्यापारी, छात्र-छात्राएं पूरा हिंदुस्तान…..भारत माता की जय..
घटना के पांच दिन बाद देहरादून से बरामद हुई दुल्हन को परिजनों के हवाले कर दिया गया है। सीकर ब्राइड किडनैप केस अपडेट इससे पहले दुल्हन हंसा को पुलिस ने मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। यहां शुरूआती पूछताछ में उसने अपनी मां के साथ बुआ के घर जाने की इच्छा जताने पर उसको परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। हालांकि पुलिस को दिए बयानों में दुल्हन हंसा ने अंकित पर उसे जबरन देहरादून ले जाने का आरोप लगाया है। सोमवार को कोर्ट में उसके 164 के बयान होने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई को आगे बढ़ाएगी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रकरण के जांच अधिकारी महावीर सिंह राठौड़ के नेतृत्व में हंसा को मजिस्टे्रट के सामने पेश किया था। बालिग होने पर दुल्हन हंसा ने अपनी मां के साथ रिश्तेदार के घर जाने की मंशा जताई। इस पर उसके शुरूआती बयान दर्ज कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। सोमवार को दुबारा कोर्ट में पेश कर 164 के बयान कराए जाएंगे। इसके आधार पर प्रकरण की जांच पड़ताल शुरू की जाएगी। इधर, पकड़ में आए अपहरण के आरोपी अंकित व उसके साथी मुकेश से पुलिस अलग से पूछताछ करने में जुटी है और घटना के साक्ष्य जुटा रही है।
यह था मामला
16 अप्रेल को हंसा की शादी के बाद उसे दूल्हे के साथ विदा किया था। रिपोर्ट के अनुसार रास्ते में अंकित व उसके साथियों ने हंसा का अपहरण कर लिया। हालांकि इससे पहले हंसा की बड़ी बहन ने बीच-बचाव किया तो उसके साथ भी मारपीट की गई और इसके बाद वे लोग हंसा को जबरन उठा कर ले गए। जिसकी बरामदगी के लिए राजपूत समाज की ओर से विरोध प्रदर्शन भी किया गया था।
प्रकरण पर पुलिस गंभीरता से काम कर रही है। फिलहाल उसको कोर्ट में पेश कर उसकी सुपुर्दगी के आदेश मांगे गए। बालिका की रजामंदी पर उसके परिजनों के हवाले किया गया है। -डा. अमनदीप सिंह कपूर, पुलिस अधीक्षक सीकर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हेलीकॉप्टर की कथित तलाशी लेने वाले चुनाव पर्यवेक्षक मोहम्मद मोहसिन को निलंबित करने की घटना पर पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने सवाल खड़ा किया है.
कुरैशी ने ट्वीट कर कहा है, ‘ओडिशा में प्रधानमंत्री मोदी के हेलीकॉप्टर की जांच करने वाले पर्यवेक्षक का निलंबन न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि हमने चुनाव आयोग और प्रधानमंत्री जैसी संवैधानिक संस्थाओं की छवि सुधारने का बढ़िया मौका भी गंवा दिया है. दोनों संस्थाओं की जनता के प्रति जवाबदेही है. प्रधानमंत्री मोदी लगातार चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं और चुनाव आयोग हर बार इसे नजरअंदाज कर रहा है.’
एसवाई कुरैशी ने कहा, ‘कानून सभी पर लागू होता है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो या आम नागरिक. अगर हेलीकॉप्टर की जांच करने के मामले में कार्रवाई नहीं की जाती तो इससे चुनाव आयोग और प्रधानमंत्री जैसी संस्थाओं की जा रही निंदा रुक जाती, लेकिन दुर्भाग्यवश ऐसा नहीं हुआ. अब दोनों संस्थाओं की निंदा की जा रही है.’
उन्होंने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के हेलीकॉप्टर की जांच की घटना का जिक्र करते हुए कहा, ‘नवीन पटनायक की आंखों के सामने चुनाव आयोग की टीम ने उनके हेलीकॉप्टर की जांच की. पटनायक ने इसे लेकर कोई प्रतिक्रिया देने के बजाय इसका सम्मान किया. वह असल में नेता हैं और हमें ऐसे ही नेताओं की जरूरत है.’
गौरतलब है कि ओडिशा के सम्बलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हेलीकॉप्टर की कथित रूप से जांच करने के लिए चुनाव आयोग ने ओडिशा के सामान्य पर्यवेक्षक को निलंबित कर दिया था.
आयोग की ओर से जारी आदेश में कहा गया था कि कर्नाटक कैडर के 1996 बैच के आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन ने एसपीजी सुरक्षा से जुड़े चुनाव आयोग के निर्देश का पालन नहीं किया था.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि सम्बलपुर में प्रधानमंत्री के हेलीकॉप्टर की जांच करना चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत नहीं था. एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों को ऐसी जांच से छूट प्राप्त होती है.
The nine-day-long Navratri festival is the time to indulge in ritualistic prayers and cleanse the body through fasting. During the nine-day-long festival, nine forms of Shakti are worshipped; Durga, Kali, Amba, Gauri, Sheetal, Bhairavi, Chandi, Lalita, Bhavani and Tara.
Celebrated twice a year- during spring and fall, scientifically these two
dr. kajal verma
durations are the exact times when your bodies become more vulnerable to diseases and changes. Hence, it is important to maintain a good diet during this time of the year. And this is exactly where Navratri diet comes into the picture.
If taken properly, the Navratri diet helps cleanses the body and prepares it for the seasonal changes. Here’s a quick guide on how to stay away from acidity, indigestion, lack of energy and drowsiness during your fasting.
1. Don’t plan your day without water. Keep yourself hydrated with fluids like coconut water, buttermilk, green tea, lemon water other than just plain water.
2. The whole idea of Navratri diet is, in fact, a good detox routine, only if you follow it right and don’t be too lenient with what you gorge on.
3. Rock salt (sendha namak), the only salt one can use during Navratri, is not just beneficial for your blood pressure but also helps in absorption of minerals better than common salt. Hence, the quantity should be appropriate.
4. Just because you’re on a fast, doesn’t mean you have the right to stuff yourself with fried fast food. Don’t overeat. Don’t go overboard with snacks.
5. Opt for roasted, boiled and baked meals to help you balance the effect of fried snacks you plan to eat.
Increase your intake of fruits: Fruits are one of the best options during the Navaratri fasts. Some of the recommended fruit options include watermelon, apple, mango, musk melon etc. Fruits keep the tummy at peace without any harm. However, people suffering from high blood sugar should ensure that the portion size of fruit consumption is limited. Lemon and any type of citrus food should also be avoided during this time.
Opt for healthy vegetables: While most devotees follow a strict vegetarian diet, some vegetables should get the preference owing to their nutritious benefits to the body. Vegetables such as the potatoes, bottle gourds, pumpkins, carrots, sweet potatoes, cucumber etc. are extremely beneficial for the body. It should be kept in mind that vegetables are boiled or cooked in non-refined oil for a healthy fast.
6. Considering the fact that kuttu flour is a combination of carbohydrates and proteins, having kuttu flour
during this time is a good idea.
7. If and when you want to eat ‘namkeens’ specially made for fasts, console yourself and guzzle up fruits or roasted nuts as your mid-day munchies.
8. While your lunch could be a heavy one, the dinner should be kept light. Going for a green tea post-dinner will give you the required brownie point.
Fasting for diabetic patients
Diabetic patients, who wish to keep fast, must take special care.
– For diabetic patients, it is not advisable to take long breaks. In fact, you should take some food after short durations. By doing so, you’ll be maintaining your blood glucose levels.
– It is recommended that you check your blood sugar levels a few times during the day. Fast should also be broken if blood sugar is less than 70 mg per percentage in the first few hours after the start of the fast.
Diabetic patients could have slow absorbing foods, which have low glycemic index, before you begin the fast. These types of food keep your blood glucose level more even during the course of the fast.
– During the course of the fast, if you feel less energetic, avoid resorting to too much intake of tea or coffee. Rather, drink plenty of water and sugar free beverages like lemonade, coconut water, buttermilk etc throughout the day.
– Diabetic patients should eat these foods during the fast – roasted phool makhana, paneer, water chestnuts (singhara), pumpkin raita, kheera raita. Amaranth flour can be used for making chapati. Potato should not be consumed.
Diabetic patients who are taking insulin may have to adjust the dose of their insulin as the requirement of insulin may reduce upto 4%.
Following Complaints can occur while fasting
Anxiety
Headache
Altered taste in mouth
Eructation
Heartburn
Hiccough
Nausea
Retching
Vomiting
Constriction
Distention
Flatulence
Abdominal pain
Rumbling in abdomen
Respiratory compliance
Cough
Chest constriction
Chest pain on fasting
Weakness
Indigestion over eating from or too much fluid intake
Heaviness loss sleep from
Headache from loss of sleep
Homeopathic approach
Arsenic alb, nux vom, sulphur, pulsatilla, nat. Mur, lyco, phos are few remedies should be used according to the symptom similarity of the patient.
However, you shouldn’t try to self-medicate as it is best to consult with a doctor who can properly diagnose the problems and prescribe medication which are specifically tailored for you.
दोस्तो पूरे फ़िल्म इस खूबसूरत गाने को चरितार्थ करती नज़र आती है . फ़िल्म की कहानी से पहले इतिहास पर नज़र कर लेते है. वक्त है सन 1897 का यानी जब देश मे राज था अंग्रेजो की ईस्ट इंडिया कम्पनी का, तब भारत की सीमाए अफगानिस्तान तक हुवा करती थी वहां पर एक किला होता था सारागढ़ी का किला. जिसमे 36 वी सिख बटालियन रेजिमेंट तैनात थी, अब चूंकि यह हिस्सा अब बंटवारे के बाद पाकिस्तान के हिस्से में आ गया यहां पर 21 सिख सैनिक तैनात थे, जो कि सीमा पर कोई खतरा हो तो लाल किले को खबर करे. वहां पर 10 हज़ार अफगानी लड़ाके हमला कर देते है, तकनीकी खराबी से सन्देश आगे पहुचता तो है परंतु अंग्रेज मेजर मदद भेजने के लिए समय मांगता है जो कि उस वक्त फ़िज़ूल ही था . फिर अंग्रेज अपनी पृवत्ति अनुसार सैनिकों को आत्मसमर्पण का कहते है . लेकिन 21 जवानों की फौज झुकने से बेहतर लड़ते हुवे माटी का कर्ज उतारने को तैयार होती है और महज 21 जवान उन हज़ारो से भिड़ जाते है निसमे यह जंग सुबह से रात तक चली थी और 21 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे, लेकिन यह 21 जवानों का जूनून ही था कि अफगान आक्रमण को नेस्तनाबूद कर दिया जिसमें 600 से ज्यादा अफगानियों को मारकर अफगान सेना के हौसले पस्त कर दिए थे
यह जंग विश्व की सबसे मशूहर 8 जंगो में शुमार होती है . इस जंग के बारे में ब्रिटेन, फ्रांस, यूरोप के स्कूलों में जिक्र भी है, हमारे देश मे सन 2000 से पंजाब के स्कूली पाठ्यक्रम में सम्मलित किया गया है, भारतीय सेना 12 सितंबर को शहीद आर्मी सारागढ़ी बनाती है इन बब्बर शेरो की याद में,,
इन 21 सैनिकों को मरणोपरांत यूनेस्को मेरीट सम्मान से भी नवाजा गया था .
अब फ़िल्म पर
सत्यता और कल्पना का मिश्रण है यह फ़िल्म
दोस्तो फ़िल्म एक माध्यम है आप तक अपनी रचना या बात पहुचाने का और हमारे देश मे पड़ताल यानी रिसर्च तो करते ही नही हम बस विश्वास कर लेते है जैसे फ़िल्म मुग़ले आज़म में अनारकली जैसा कुछ था ही नही, फ़िल्म दंगल में अंतिम कुश्ती दृश्य रोमांचक बनाने के लिए उसमे कल्पना मिलाई गई थी,, यहां भी यही हुवा है कल्पनाओं का तड़का बखूबी लगाया गया है जिससे आप को फ़िल्म दस्तावेजी साक्ष्य फ़िल्म यानी डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म न लगे, लेकिन सत्यता या इतिहास में उतनी ही कल्पना को झोंका जाए जितना आटे में नमक होता है, फ़िल्म में हवलदार ईशर सिंह (अक्षय कुमार) है
जो कि अफगान तालिबानियो से एक शादीशुदा लड़की प्रियंका कौर को बचाते है वह लड़की अपने पति के साथ नही रहना चाहती, जिसकी शादी ज़बरदस्ती कर दी गई है . तो अफगान तालिबान और सिख रेजिमेंट की लड़ाई की इसे वजह बताया गया जो कि कपोल कल्पना है, इसीलिए मैंने इस फ़िल्म को सत्यता और कल्पना का मिश्रण बताया लेकिन वजह जो भी हो अफगान तालिबानों के दांत खट्टे किये थे सिख रेजीमेंट के महज 21 जवानो ने . फ़िल्म का एक गाना मैं ऊपर लिख चुका हूँ. अरिजीत का गाना वे माही और आज सिंग गरजेगा गाने सुंदर बने है आप बार बार सुनना चाहेगे,,जो कि सही जगह पर फ़िल्म में लगाए गए है,,,पार्श्व संगीत बेकग्राउंड स्कोर दिया मनदीप बोस ने, गानो में तनिष्क बागची, जसबीर जस्सी ने संभाला है . चुकी फ़िल्म एक ही लोकेशन पर आधारित है तो किरदारों के स्थापित होना भी ज़रूरी था तो प्रत्येक किरदार को पूरा पूरा समय दिया गया है जिससे दर्शक उनसे जुड़ाव महसूस करे . फ़िल्म का कहानी लिखी है गिरीश कोहली ने, पटकथा में अनुराग सिंह खुद सम्भाले है
फ़िल्म में एक्शन दृश्य अच्छे और खूबसूरत बने है जिसके लिए मौर्चा सम्भाला है परवेज शेख और लारेंस वुडवर्ड ने,
फ़िल्म में सिख मार्शल आर्ट के दृश्य देखते ही बनते है, अक्षय का सोलो फाइट सीन धड़कने बेकाबू कर देता है, फ़िल्म का दूसरे हाफ में अंतिम 30 मिंट आपको पूरा पैसा वसूल कर देंगे,,फ़िल्म में कुछ लांग शॉट्स बेहद खूबसूरती से फिल्माए गए है अदाकारी पर बात करे तो फ़िल्म की कास्टिंग ऋचा गुप्ता ने मोर्चा संभाला और फतेह हासिल की है . वेषभूषा मनीष मोरे ने संभाली है जो कि काबिलेतारीफ है,,
अक्षय ने हवलदार ईश्वर सिंह को ज़िंदा कर दिया है, परिणीति नए कलाकारों में असीम सम्भावनाओ से भरी हुई है जो कि हर किरदार को अपना सम्पूर्ण देती है किरदार छोटा होते हुवे भी वह अपना वजूद दर्ज करा जाती है, अफगान लड़ाके के किरदार में राकेश चतुर्वेदी ओम, गोविंद नामदेव, आश्वत भट्ट सराहनीय काम कर गए है . फ़िल्म में एक्शन, संगीत, साउंड, वेषभूषा, सेट, एडिटिंग, कैमरा वर्क सभी आयाम पर पूरी ईमानदारी से काम हुवा है जो कि फ़िल्म में दिखता भी है
अंत मे फ़िल्म में जो बोले सो निहाल से सभग्रह में दर्शको का उत्साह देखते ही बनता है,,
फ़िल्म में कुछ छोटी छोटी गलतियां है जिसे आप जल्द ही भूल जाते है
जैसे परिणीति का गाने में घास फेकने वाला दृश्य, जंग के ठीक पहले अक्षय का ढोल बजाने का दृश्य फिर एक दुख भरा गाना जिसमे सैनिक अपने परिवार या माशूकाओ या पत्नियों को याद करते है
इस हालत में ये गाना खलता है,,
फ़िल्म में कही कहि हास्य भी रखा गया है जो फ़िल्म को डॉक्युमेंट्री से बचाने के लिए गढ़ा गया होगा,,
निर्देशक अनुराग सिंह ने पंजाबी फिल्मे बनाई है, जिसमे उन्हें मकबूलियत भी हासिल हुई, उन्हें कई सम्मान भी मिले है, इस फ़िल्म का परिदृश्य क्योकि पंजाबी था तो उन्हें निर्देशन की कमान सौपी गई
बजट
80 करोड़ का बजट है
4000 स्क्रीन्स पर होली की छुट्टी पर प्रदर्शन किया गया है,
फ़िल्म 8 से 13 करोड़ की शुरुआत दे सकती है
5 दिन का सप्ताहन्त फ़िल्म को जल्द ही 100 करोड़ी बना देगा और फ़िल्म
A primary school teacher, hockey player, a marriage gone wrong, a crestfallen mother and now an AIFF D-Licensed football coach with Zinc Football, 28-year-old Sumitra Meena has lived all the ups and downs of a lifetime in just a span of few years.
As with many girls in the rural areas, Sumitra got married as early as at 17, only to find after a couple of months that her husband is an alcoholic addict. She let go of her studies to look for a job as her husband’s earnings were mostly splurged on liquor. After some struggle, she got an opportunity to join a private kindergarten as a teacher.
Three years on, Sumitra was blessed with a baby boy. However, fate dealt her the cruellest of hands, when one day out of the blue, her son who had just turned 7 fell ill. It appeared to be viral fever, but he never recovered. Wiping her tears, she said that she got separated from her husband that year itself.
Sumitra realised she needs to look for a better job to support her mother who was still working as a maid. Zawar is well-known for its football craze and Sumitra being a native of the region was no different. During her childhood, she along with her sister was among the hundreds who would walk a few kilometres hand-in-hand to watch the celebrated Mohan Kumar Mangalam Tournament held every year at Zawar Stadium.
This time she wanted to follow her dream of becoming a football coach, which would also help her stay connected with children. She applied for the AIFF D-License Coaching Course in 2018 and displaying immense strength of character, passed the examination.
Sumitra is now a football coach in Zinc Football Schools. While her mother now cooks only at home, Sumitra is mostly engaged with footballers under the age of 14 years at Pratahpura and Chanawada Zinc Football Schools in the Zawar Epicentre. She has recently registered for her incomplete Bachelors Degree and now, she is focussed on enjoying the bright side of life. “Field jane ka time ho gaya hain. Bacche aate hi honge. Mein chalti hoon”, she smiled and took off.
उदयपुर। वेदांता रिर्सोसेज के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को श्रृद्धांजली दी। उन्होंने कहा कि मनोहर पर्रिकर का असामयिक निधन अपूर्णनिय क्षति है उन्होंने हमेशा लोगो की निस्वार्थ भाव से सेवा की। उन्होंने एक सच्चे नेता, राज्य और देश के प्रति उनकी विनम्रता और समर्पण ने पूरे भारत में लोगों के मन में एक अमिट छाप छोड़ी है। निजी तौर पर उनसे मिलने के बाद, उनकी डाउन-टू-अर्थ व्यक्तित्व, सरल जीवन शैली और विनम्र स्वभाव वास्तव में प्रेरणादायक था। उन्होंने सरकार में रहते हुए महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जिसमें रक्षा मंत्रालय का कार्यकाल और गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करना शामिल है, उन्होंने लोगों के साथ कार्य करते हुए बड़ी विनम्रता से काम लिया।
अनिल अग्रवाल ने उनके साथ बिताए अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि गोवा में कई क्षेत्रों में हमारे काम को देखते हुए, लौह अयस्क खनन से लेकर फुटबॉल अकादमी और हमारे प्रमुख नंदघर सहित कई सीएसआर गतिविधियों के लिए, मुझे कई अवसरों पर उनके साथ बातचीत करने का अवसर मिला। हर एक अवसर पर, मुझे एक ऐसे व्यक्ति मिले, जो एक शिष्ट श्रोता थे, जिनके पास राज्य के विस्तार और हित के लिए विस्तृत सकारात्मक सोच थी और यह लोगों के लिए प्राथमिकता के रूप में था। वे अपनी विचार प्रक्रिया और निर्णय लेने में स्पष्ट थे और उन्हें दृढ़ विश्वास था कि शासन लोगों की सेवा करने के लिए है।
वे सही मायने में ‘आम आदमी‘ थे, जैसा कि उन्हें अक्सर कहा जाता था, पर्रिकर जी ने अपना पूरा जीवन ऐसे लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने और बचाव में समर्पित कर दिया। हम सभी उनके असामयिक निधन की खबर सुनने के बाद अविश्वास की स्थिति से बाहर आने का प्रयास कर रहे हैं, हमें उन मूल्यों का अनुकरण करने में खुद को प्रतिबद्ध करना चाहिए जो उन्होंने सिद्धांतों, नैतिकता और भविष्य की पीढ़ियों के लिए नैतिकता हेतु अमल किए। सादगी का प्रतीक, पर्रिकर जी ने एक ऐसी विरासत को पीछे छोड़ दिया है जो अपूरणीय है। वह अपने अंतिम घंटों तक काम कर रहे थे और यह उनकी कार्य के प्रति अटूट भावना और अद्वितीय सादगी को दर्शाता है। राष्ट्र के लोगों के लिए उनकी त्रुटिहीन सेवा को आने वाली पीढ़ियों तक याद किया जाएगा।
उदयपुर. रंगों की होली उस वक़्त खून की होली में बदल गयी जब एक युवक ने घर में घुस कर पुरे परिवार पर हमला कर दिया। सूरजपोल थाना क्षेत्र के खांजीपीर में एक युवक ने उस किशोरी के घर में घुसकर माता-पिता और ताउ, ताई पर चाकू से हमला कर दिया, जिसका तीन-चार महीने पहले उसने अपहरण किया था। युवक के हमले में दक्षिणी खांजीपीर निवासी पवन परदेशी की मौत हो गई, वहीं पवन की पत्नी, छोटा भाई कमल, कमल की पत्नी गंभीर घायल हाेे गए ।पुलिस ने बताया कि आरोपी खांजीपीर बीड़ा निवासी शेखर आदिवाल की तलाश की जा रही है। कमल की नाबालिग बेटी को शेखर कुछ महीनों पहले अपहरण कर ले गया था। परिजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, पुलिस ने कमल की नाबालिग बेटी की तलाश कर माता-पिता के सुपुर्द किया था और शेखर आदिवाल को पोक्सो एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। शेखर आदिवाल फरवरी में ही जमानत पर छूट कर बाहर आया था। इस बात को लेकर शेखर पवन और कमल के साथ रंजिश रख रहा था।
गुरूवार को होली उत्सव पर पवन, कमल अपने परिवार के साथ होली मना रहे थे। तभी अचानक शेखर वहां आ गया और उसने परिवार पर चाकू से हमला कर दिया। बीच-बचाव में पवन और कमल की पत्निया भी आयीं तो शेखर ने उन्हें भी घायल कर दिया। पवन परदेशी पर चाकू से हुए लगातार वार से वह गंभीर घायल हो गया। परिजनों ने क्षेत्रवासियों की मदद से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान पवन की मौत हो गई, वहीं तीन घायलों में से एक की हालत अब स्थिर है। शेखर हमला करने के बाद लोगों को इकट्ठा होता देख मौके से फरार हो गया। पुलिस आरोपी शेखर की तलाश कर रही है। उधर, मोहल्ले में अभी भी तनाव है और पुलिस जाप्ता तैनात है।
Mrs. Kiran Agarwal has been appointed as Additional Director and Chairman of Hindustan Zinc Limited, with effect from 2nd March 2019. In this role, she will provide leadership direction to the company in achieving its vision and goals.
Hindustan Zinc being one of the most progressive mining companies across the World, has contributed immensely to the nation’s economy with its steady growth trajectory. As we embark on the journey towards next phase of our ambitious growth, we also strongly believe in inclusiveness and uplifting communities around us. Mrs. Agarwal, with her strong association with social issues, will bring in significant value in further strengthening our resolve for betterment of society.
She has been actively involved in her family business and sharing her acumen on various business developments in the family and in setting up of Nand Ghar Project, an institution for the underprivileged children to get their wings to fly high, under right guidance and value based education. As a trustee on Vedanta Foundation, a philanthropic arm of Vedanta Limited, she pursues her passion for social causes, concerns related to children and women especially close to her heart.
Mrs. Agarwal, with a stint at London School of Journalism, is an avid reader, prolific writer and a woman of many facets. Her love for reading inspired her to write a series of books catering to Indian ethos.
She is also on the Board of Agarwal Galvanising Private Limited.
कभी एक बूँद हूँ मैं, कभी सागर बन जाती हूँ
जननी हूँ मैं, फिर भी, भ्रूण में मारी जाती हूँ
वैसे तो ममता की मूरत, पर फ़ौलाद कभी बन जाती हूँ
माँ, बेटी और बीवी बन कर, सब पर प्यार लुटाती हूँ
हर दौर में, हर रूप में, कितनी क़ुरबानी देती हूँ
बदले में कुछ और नहीं बस, थोड़ा सम्मान मैं चाहती हूँ
बदले में कुछ और नहीं, ……………….
राम राज्य में बन कर सीता, अग्नि परीक्षा देती हूँ,
बन कर कभी द्रौपदी मैं, चीरहरण भी सहती हूँ
मीरा जैसी जोगन बनकर, कभी विष भी पीती हूँ
बनकर मरियम जैसी माता, यीशु का पोषण करती हूँ
पड़ जाए मुश्किल कभी जो, ज़ैनब सा हौंसला रखती हूँ
बदले में कुछ और नहीं, बस थोड़ा सम्मान मैं चाहती हूँ
बदले में कुछ और नहीं, ……………….
मर्दों की इस दुनिया में, कितना शोषण मैं सहती हूँ
खुद को जला जलाकर, अपने घर को रोशन करती हूँ
औरों को खुश करने में ही, मैं खुद को खुश समझती हूँ
अपना कोमल ह्रदय लिए मैं, सबकी पीड़ा हरती हूँ
न पहुँचे तक़लीफ़ किसी को, हर काम मैं ऐसे करती हूँ
बदले में कुछ और नहीं, बस थोड़ा सम्मान मैं चाहती हूँ
बदले में कुछ और नहीं, ……………….
मुझको अबला न समझना, हर काम मैं खुद कर सकती हूँ
घर की चौखट में रहकर मैं, घर को सुसज्जित करती हूँ
कदम बढ़ाऊँ जो बाहर तो, चाँद पर भी जा सकती हूँ
साहिल पर खामोश रहूँ पर, तूफ़ानों से लड़ती हूँ
अपनी सतरंगी छवि से, दुनिया रंगीन कर सकती हूँ
बदले में कुछ और नहीं, बस थोड़ा सम्मान मैं चाहती हूँ
बदले में कुछ और नहीं, बस थोड़ा सम्मान मैं चाहती हूँ