रंग मत डाले रे सांवरिया…

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नाथद्वारा में गूंजा रसिया गान, दर्शन के दौरान टेसू के फूलों के रंग और अबीर से भीगे भक्त
नाथद्वारा। द्वितीय गृह पीठ श्रीविठ्ठलनाथजी मंदिर में शुक्रवार को ठाकुरजी निज बगीचे में पधारे। प्राचीन तिवारी में प्रभु को विराजमान किया गया। प्रभु को विशेष शृंगार धराया। द्वितीय पीठाधीश्वर कल्याणराज महाराज ने सपरिवार प्रभु को लाड़ लड़ा कर आरती उतारी।
पीठाधीश्वर ने फेट भर गुलाल, अबीर, केसरिया, पीला और नीला रंग उड़ाया। रंग मत डाले रे सांवरिया आया करो श्याम होली खेलने.. आदि रसिया गान ब्रजवासी रसिया मंडल ने किया। पुन: निज मंदिर में ठाकुरजी को पधराकर वहां भी होली खेली गई। जिसमें होली के ख्याल, स्वांग, सखी नृत्य आदि नृत्य किए गए। राग जैतश्री में ‘शोभा सकल शिरोमणि, झूलत डोल..Ó का कीर्तन गान किया गया। होली रंगी जाएगी ठाकुरजी की दाढ़ी युगल स्वरूप श्रीविठ्ठलनाथजी के मंदिर में होली के त्योहार पर दाढ़ी रंगने की परंपरा का निर्वाह किया जाएगा। होली के दिन रविवार को प्रभु को होली खेलाने के बाद गुलाल से ठाकुरजी की दाढ़ी रंगी जाएगी। इसके बाद मुखियाजी द्वारा महाराज द्वारा गोस्वामी बालकों व सेवादारों से गुलाल के साथ गुलाल खेलकर होली का उत्सव मनाया जाएगा।
ऐसा होता है यह मनोरथ
मंदिर के रतन चौक में चौरासी केले के पेड़ों से बगीचा बनाया। कई तरह के पुष्पों व पत्ते लगाए गए। मनोरथ के दर्शन राजभोग की झांकी से संध्या आरती की झांकी तक हुए। साल में एक ही बार यह मनोरथ होता है। राजभोग में श्री द्वारकाधीश प्रभु को सिंहासन पर विराजित कराकर गोस्वामी परिवार के सदस्यों ने फाग के खेल खेला कर श्री प्रभु की आरती उतारी। बगीचे के दर्शनों में स्थानीय व बाहर से आए दर्शनार्थियों ने श्री प्रभु के साथ रंग से भरी पिचकारियों व गुलाल के विभिन्न रंगों के साथ फाग खेला। मंदिर के कीर्तनकारों ने फाग में गाए जाने वाले पदों से व रसिया गान कर श्री प्रभु को सुनाते हुए वातावरण को संगीतमय बना दिया। सायं संध्या आरती के दर्शनों के बाद मंदिर के कमल चौक में नाथद्वारा से आए रसिया गायकों ने रसिया का गान कर व नृत्य कर दर्शनार्थियों का मनोरंजन किया।
फाल्गुन मेले की मस्ती खूब जमी
राजसमंद कांकरोली स्थित पवन वाटिका में शुक्रवार को जतन संस्थान के फाल्गुन मेले की मस्ती खूब जमी। महिलाएं जमकर थिरकी और खूब अबीर-गुलाल उड़ाई। जतन संस्थान की ओर से हर साल आयोजित होने वाले इस मेले में जिले भर की महिलाएं दिन भर खूब खेली और नाची। केवल महिलाओं के लिए आयोजित इस मेले में ग्रामीण हाट का भी था, तो महिलाएं बन्दूक हाथ में लेकर निशाना लगाते भी नजर आई। साथ ही साफा बांधो प्रतियोगिता में पुरुषों से भी खूबसूरत साफे बांधे। मेले में कई पकवानों की स्टॉल लगाई गई। इस दौरान रस्सा कस्सी, जलेबी रेस, मटकी फोड़, कुर्सी रेस, वन मिनट शो, कठपुतली के करतब हुए।
कांकरोली में 84 खंभ मनोरथ
चौरासी स्तंभ बगीचा मनोरथ की शुरुआत लीलास्थ गोस्वामी वि_लनाथ महाराज ने की थी। गोस्वामी महाराज के समय श्रीद्वारकाधीश प्रभु मंदिर से सवारी के साथ वि_ल विलास बाग में पधारते थे और चौरासी स्तम्भ मनोरथ वहीं होता था। उसी भाव को कायम रखते हुए इस मनोरथ को मंदिर के रतन चौक में बगीचा बनाकर मनाया जाता है।
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चित्तौडगढ़ से लड़ेंगे राजनाथ !

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काशी से मोदी, कानपुर से जोशी
नई दिल्ली। काशी और अवध के रहस्य से शनिवार को भाजपा परदा उठा देगी। सभी विवादों और कयासों को विराम देते हुए भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को वाराणसी से अपना उम्मीदवार घोषित कर देगी। उनके साथ ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के लखनऊ या चित्तौडग़ढ़ से चुनाव लडऩे की संभावना है। पार्टी के दो शीर्षस्थ नेताओं के नामों के साथ-साथ शनिवार को उत्तर प्रदेश के पहले दो चरणों में होने वाले चुनाव की सीटों के नाम भी भाजपा घोषित कर देगी।
उत्तर प्रदेश में वाराणसी, लखनऊ और कानपुर जैसी सीटों पर बमुश्किल सहमति बनाने के बीच बिहार का घमासान अभी भी पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती बना हुआ है। शुक्रवार को बिहार की नाराजगी पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह के आवास तक पहुंच गई। बिहार के बड़े नेताओं गिरिराज सिंह और अश्विनी चौबे ने टिकट वितरण में खुलेआम नेतृत्व के फैसले पर सवाल उठा दिया है। जाहिर है कि चुनावी मैदान में असली कसरत से पहले ही पार्टी को काफी मशक्कत करनी पड़ेगी।
लोकसभा चुनाव में जीत का दावा ठोक रही भाजपा को अंदरूनी खींचतान और कलह से उबारने के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ खुद आगे आ गया है। सूत्रों के मुताबिक, लगातार वाराणसी और लखनऊ सीटों पर बढ़ते विवाद का राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने दखल देकर पटाक्षेप किया। वाराणसी से भाजपा के वरिष्ठ नेता डा. मुरली मनोहर जोशी हटने से नाराज बताए जा रहे थे। इसी तरह लखनऊ में राजनाथ सिंह का नाम चलने से वहां के मौजूदा सांसद लालजी टंडन विचलित थे। दोनों ही बुजुर्ग नेताओं ने अपनी असहजता या नाराजगी का इजहार भी कर दिया था। मोदी भी इस बात के कतई पक्षधर नहीं थे कि जोशी जैसे वरिष्ठ नेता की नाराजगी मोल लेकर उनकी सीट के बारे में फैसला किया जाए। संघ नेतृत्व से इस विवाद के बाबत अमित शाह ने बात की। संघ के सरकार्यवाह सुरेश जोशी उर्फ भैय्याजी ने इसके बाद जोशी और दूसरे बड़े नेताओं से बात की। डा. जोशी ने साफ कह दिया कि वह किसी सीट के लिए परेशान नहीं हैं, लेकिन हर बात तरीके से होनी चाहिए। संघ और भाजपा के प्रबंधकों ने इसे समझा और मोदी को वाराणसी से लड़ाने का मार्ग प्रशस्त हो गया। राजनाथ की इच्छा को देखते हुए उन्हें भी लखनऊ से उम्मीदवार घोषित करने पर सहमति बन गई। संभवत: डा. जोशी अब कानपुर से चुनाव लड़ सकते हैं। सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के लिए भाजपा अभी तक एक भी प्रत्याशी घोषित नहीं कर पाई है। दरअसल कुछ रणनीतिक सीटों को लेकर डर इतना हावी है कि औपचारिक चर्चा से पहले ही सब कुछ दुरुस्त करने की कोशिश हो रही थी। वैसे भी बिहार की घटना से आशंका थोड़ी और बढ़ गई थी। गुरुवार को पार्टी ने बिहार की 25 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए। उसके साथ ही विवाद भी तूल पकड़ गया। मुखर विधायक गिरिराज सिंह और अश्विनी चौबे ने खुलेआम अपनी नाराजगी जता दी। गिरिराज तो बिना जानकारी दिए ही दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह के घर पहुंच गए।
भाजपा अध्यक्ष के घर के बाहर थोड़ा ड्रामा भी हुआ और आखिरकार उनसे मुलाकात भी हुई। भागलपुर से अपना दावा ठोकते रहे स्थानीय विधायक चौबे कुछ ज्यादा हमलावर थे। उन्होंने सीधे तौर पर प्रदेश के नेताओं पर उंगली उठा दी। बिहारी बाबू शत्रुघ्न सिन्हा की उम्मीदवारी की घोषणा न किया जाना भी विवाद भड़का सकता है। पार्टी उन्हें दिल्ली से उतारना चाहती है। अगर वह नहीं माने तो पटना साहिब से ही प्रत्याशी होंगे। सिन्हा के समर्थकों ने चेतावनी दे दी है कि अगर पटना साहिब से उन्हें नहीं उतारा गया तो पार्टी के लिए मुश्किल हो जाएगी। शनिवार को उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड जैसे राज्यों के लिए प्रत्याशी तय होंगे।

‘ होली है, पर होली-डे नही!

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पुलिस वालों की मजबूरी है परिवार से दूर रहना त्योहार पर कैंसिल कर दी जाती है छुट्टी
हमारी होली हो या दिवाली अक्सर अपनों के साथ बीतती है, लेकिन कुछ लोग शायद इतने खुशनसीब नहीं होते। त्योहार पर वे हमेशा घर वालों से दूर ही रहते हैं। जाहिर सी बात है कि जब त्योहारों में घरवाले साथ नहीं होंगे, तो उनकी कमी खलेगी ही कौन है ये और ये कैसे मनाते हैं त्योहार, आइए जानते हैं –
उदयपुर। पुलिस डिपार्टमेंट में एक कांस्टेबल विनोद (बदला हुआ नाम) ऐसा भी है, जिसने १४ वर्ष पहले अपने परिवार के साथ होली मनाई थी। जयपुर जिले का रहने वाला कांस्टेबल विनोद इन दिनों उदयपुर शहर के एक थाने में परिवार से दूर रहकर देश व जनता की सेवा कर रहा है। पहले यह कांस्टेबल विनोद भारतीय सेना में था, जहां से सेवानिवत्त होकर पुलिस विभाग में सेवा दे रहे हैं। पुलिस विभाग हो या फौज, विनोद ने नौकरी के बाद एक ही बार अपने परिवार के साथ होली मनाई है। विनोद बताता है कि जब कभी भी ड्यूटी के दौरान दूसरों को फै मिली के साथ त्योहार मनाते देखता हूं, तो उन्हें भी घर की याद आ जाती है और आंखों में आसूं उमड़ आते हैं। ये कहानी सिर्फ पुलिस विभाग की ही नहीं है, बल्कि कई सरकारी ऑफिस में काम करने वाले लोगों की है, जिसमें त्योहारों पर स्टॉफ को छुट्टी नहीं दी जाती।
ड्यूटी पर रहते हैं जवान
पुलिस की नौकरी असेंशियल सर्विसेज में काउंट की जाती है। यही वजह है कि किसी भी पर्व या त्योहार पर इलेक्शन जैसे मौके पर इनकी छुट्टी कैंसिल कर दी जाती है। जब पूरी दुनिया होली के रंग में सरोबार होती है, तो ये पुलिस वाले किसी अनहोनी को रोकने के लिए ड्यूटी पर रहते है।
थानों में ही मनती है होली:
पुलिस वालों को छुट्टी नही मिलती है, फैमिली के साथ होली नहीं मना पाते, लेकिन इस फेस्टिवल को सेलिब्रेट करते जरूर है। इनका होली मनाने का अंदाज कुछ जुदा होता है। कई पुलिस के जवान ऐसे है, जिन्होंने लंबे समय से परिवार के साथ त्योहार नहीं मनाया है। उनकी होली थानों में ही बड़े धूमधाम से मनती है। ड्यूटी आवर के बाद बैरक में होली की ऐसी महफिल जमती है, जिसकी याद लंबे समय तक रहती है।
नहीं मना पाते कोई भी त्योहार
ऐसा नहीं है कि फेस्टिवल में अपनों के संग होली सिर्फ पुलिस सॢवस में भी नहीं है। साथ ही कई ऐसे विभाग है, जिनमें होली परिवार से दूर ही मनाई जाती है। जिसमें मुख्य रूप से एक रेलवे का भी जिक्र होता है। जिनके कर्मचारी होली फैमिली के साथ नहीं मना पाते हैं। रेलवे के लोको रनिंग स्टॉफ के कर्मचारी, इंजन ड्राइवर, गार्ड, टीटी आते हैं। इन्हीं में से एक ने बताया कि हमें तो बीमार होना भी मना है। त्योहार पर पुलिस, रेलवे व डाक्टरों के लिए क्रनो सीक लीवञ्ज का नोटिस लगा दिया जाता है। वे बताते हैं कि उनकी होली चलती ट्रेन में ही मनती है।
:आम जनता शांतिपूर्वक होली मना ले, यही पुलिस की भी होली है और यहीं पुलिस का परिवार भी है। त्योहारों पर शहर में शांति होना ही पुलिस का खास फोकस है।
-अजयपाल लांबा (एसपी, उदयपुर)

पेट्रोल एवं डीजल आरक्षित रखने जिले में १०६ पंपमालिक पाबंद

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उदयपुर । लोकसभा आमचुनाव के दौरान मतदान दलों, सरकारी, अद्र्घसरकारी एवं अधिग्रहीत वाहनों को ईधन उपलब्ध कराने के लिए जिले के सभी पेट्रोल डीजल पम्प को डेड स्टॉक के अतिरिक्त निर्धारित मात्रा में पेट्रोल/ डीजल आरक्षित रखना होगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष पेडणेकर ने बताया कि राजस्थान पेट्रोलियम उत्पाद आदेश के तहत उदयपुर शहर के २०, गिर्वा तहसील के १९, बडगॉव के ६, मावली के १५, वल्लभनगर के १३, गोगुन्दा के ३, सलुम्बर के ६, खेरवाडा के १., झाडोल के ४, सराडा के ६, कोटडा के ४ पेट्रोल और डीजल पम्प मालिक को ईंधन आरक्षित रखना होगा। उन्होंने बताया कि सभी पेट्रोल पम्प मालिक ४ हजार लीटर डीजल, एक हजार लीटर पेट्रोल एवं दो सौ लीटर मोबिल ऑयल आगामी १८ मई तक आवश्यक रूप से आरक्षित रहेंगे।

मनीषा का गायन, मालिनी की थिरकन खूब जमी

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उदयपुर। यहां सिटी पैलेस में आयोजित द्वितीय विश्व जीवंत विरासत महोत्सव – 2014 के तहत दूसरे दिन शुक्रवार शाम को जनाना महल में संगीतकारा मनीषा अग्रवाल, राजस्थानी एवं हिन्दी गाने प्रस्तुत किए। भारतीय लोक संगीत में माहिर मालिनी अवस्थी अपने साथ सात नृतकों एवं सात संगीतकारों के साथ प्रस्तुति दी।
शुक्रवार शाम को आयोजित सांस्कृतिक संध्या में संगीतकारा मनीषा अग्रवाल ने अपने राजस्थानी एवं हिन्दी गीतों की मधुर श्रृंखला पेश की। उन्होंने पग बांध में घुंघरू आज में नाचूंगी, मेरे श्याम तू मेरा घनश्याम तू, तू ही मेरा कृष्ण मनमोहना, प्रिया तोसे नैना लागे रे और आज ब्रिज में होरी रे रसिया जैसी मनमोहक प्रस्तुतियां पेश की। समारोह से पूर्व भारत में आस्ट्रिया के राजदूत हिज एक्सीलैंसी बनार्ड व्रेब्ज़ ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की।
इसके पश्चात लोक कला संगीत में माहिर मालिनी अवस्थी ने बनारस, अवध के पारंपरिक दादरा, सौहार्द, बन्ना, झोला, कजरी, होली, चेती, विवाह, दुभैया एवं निर्गुण संगीत के साथ अपने सात वाद्य यंत्रों कलाकारों के साथ सात नृतकों का अद्भुगत समागम पेश किया। उन्होंने बनारस घराने की ठुमरी पेश कर खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत में आस्ट्रिया के राजदूत हिज एक्सीलैंसी बनार्ड व्रेब्ज़ थे। कार्यक्रम में महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउण्डेशन उदयपुर के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड़, ट्रस्टी लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ सहित आमंत्रित अतिथि उपस्थित थे। अंत में सभी कलाकारों को सरोपाव भेंट कर सम्मानित किया गया।

ऑडी ने उदयपुर में विष्वस्तरीय शोरूम खोला

L-R  Mr.  Joe King, Head-Audi India , Mr. Aditya Kasliwal, MD, Audi Udaipur at Audi Udaipur inauguration

उदयपुर। जर्मन लक्ज़री कार मैन्युफैक्चरर ऑडी ने आज उदयपुर में अपना शोरूम खोला, जयपुर के बाद राजस्थान में यह कंपनी का दूसरा षोरूम है। इस नए ऑडी षोरूम में ऑडी इंडिया की पूरी मॉडल रेंज बिक्री के लिए उपलब्ध रहेगी। इस विष्व स्तरीय शोरूम का उद्घाटन ऑडी इंडिया के प्रमुख जो किंग तथा ऑडी उदयपुर व ऑडी जयपुर (कमल ऑटोटैक प्रा. लि.) के प्रबंध निदेषक आदित्य कासलीवाल ने किया।
इस अवसर पर ऑडी इंडिया के प्रमुख जो किंग ने कहा कि ’’एक ब्रांड के तौर पर ऑडी में भी वही समृद्धि और वैभव परिलक्षित होता है जो उदयपुर और राजस्थान की पहचान है। ऑडी इंडिया एकमात्र जर्मनी लक्जरी कार निर्माता है जिसने राजस्थान में दो शोरूम खोले हैं। इससे जाहिर होता है कि राजस्थान के बाजार के लिए हम कितने गंभीर हैं;’
अहमदाबाद रोड पर स्थित ऑडी उदयपुर 10,000 वर्ग फीट क्षेत्रफल में फैला है जिसमें शोरूम व सर्विस फैसिलिटी है। डिस्प्ले एरिया में भारत में उपलब्ध सभी ऑडी मॉडल दर्षाए जा सकते हैं। इसके अलावा, ऑडी उदयपुर में ऑडी शॉप भी होगी जहां से उपभोक्ता विभिन्न ऑडी ब्रांडेड मर्चेंडाइज़ खरीद सकेंगे।
इस मौके पर ऑडी उदयपुर व ऑडी जयपुर (कमल ऑटोटैक प्रा. लि.) के प्रबंध निदेषक आदित्य कासलीवाल ने कहा, ’’जयपुर में सफल भागीदारी के बाद अब उदयपुर में भी ऑडी के साथ अपने रिष्ते को जारी रखने पर हम बहुत उत्साहित हैं। जयपुर व उदयपुर में विष्व स्तरीय षोरूमों के साथ हमें विष्वास है कि राजस्थान में हमारी लीडरषिप और पुख्ता होगी।
ऑडी उदयपुर के ऐक्सक्लुसिव ऑडी सर्विस फैसिलिटी भी, उसी भवन में, रहेगी। सर्विस फैसिलिटी में एक दिन में, सिंगल षिफ्ट में 5 कारें सर्विस करने की क्षमता है।
ऑडी इंडिया की योजना 2014 के अंत तक अपनी डीलरषिप का नैटवर्क 40 करने की है। इस साल कंपनी ने विषाखापट्नम और नासिक में अपने नए षॉप खोले हैं।

‘विश्व जीवंत विरासत महोत्सव-2014’, प्रतिमा वीथी का उद्घाटन

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उदयपुर। यहां सिटी पैलेस में आयोजित द्वितीय विश्व जीवंत विरासत महोत्सव – 2014 के तहत शुक्रवार को दूसरे दिन प्रतिमा वीथी का उद्घाटन भारत में आस्ट्रिया के राजदूत हिज एक्सीलैंसी बनार्ड व्रेब्ज़ ने किया। इस अवसर पर महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउण्डेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड़, लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ एवं विजयराज कुमारी मेवाड़ आमंत्रित अतिथियों के साथ उपस्थित थे।
सिटी पैलेस संग्रहालय सलाहकार डॉ. अलका पाण्डे ने बताया कि विश्व जीवंत विरासत महोत्सव 2014 महोत्सव के तहत शुक्रवार को सिटी पैलेस के जनाना महल में प्रतिमा वीथी का उद्घाटन किया गया। इस वीथी का उद्घाटन भारत में आस्ट्रिया के राजदूत हिज एक्सीलैंसी बनार्ड व्रेब्ज़ ने किया। वीथी में 47 मूर्त शिल्प कृतियों को प्रदर्शित किया गया है। फाउण्डेशन को इस कार्य में भारत सरकार के कला एवं सांस्कृतिक मंत्रालय की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है।

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सिटी पैलेस संग्रहालय सलाहकार डॉ. अलका पाण्डे ने बताया कि वर्तमान में सिटी पैलेस संग्रहालय में 308 मूर्ति शिल्प संग्रहित एवं संरक्षित हैं। उनमें से इस वीथी में चयनित 47 कलाकृतियां रखी हुई है जिन्हें विषय वस्तु के आधार पर चार वर्गों में वर्गीकृत किया गया है इसमें देवता, सुरसुंदरी, देवियां एवं पशु आकृतियां, स्मारक प्रस्तर। यह वर्गीकरण संग्रह में संकलित मूर्तियों के कलाबोध (कला सौंदर्य) एवं प्रतिनिधित्व के गुण के आधार पर किया गया है।

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रंग कार्यशाला एवं फोटो प्रदर्शनी में लगा पर्यटकों का अंबार : महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउण्डेशन एवं कला समर्पित संस्थान लोकल आर्ट डॉट कॉम के सौजन्य से यहां सभा शिरोमणी के दरीखाने में लगाई गई कला प्रदर्शनी में सूक्ष्म चित्रकारी में माहिर दीपक सोनी, टेराकोटा के कारीगर गंगाराम सहाय, ठीकरी कला के कृष्णकांंत शर्मा, काष्ठ कला के विष्णु सिकलीगर, कावड़ कलाकार मांगीलाल मिस्त्री, संगमरमर की कृतियां रचने वाले अंबालाल भट्ट, नेल आर्ट के कलाकार प्रकाश के विभिन्न कृतियां प्रदर्शित की गई। शुक्रवार को दूसरे दिन देशी एवं विदेशी पर्यटकों का इस प्रदर्शनी को देखने के लिए हूजूम उमड़ पड़ा।
सिटी पैलेस के जनाना महल के लक्ष्मी चौक में बने चौमुखा में परंपरा एवं आधुनिकता के मेल को समर्पित फ्रांस के स्ट्रासबर्ग शहर के फोटो एवं उदयपुर शहर के विभिन्न धर्मो, लोगों, शैलियों के फोटो प्रदर्शित किए गए। स्ट्रासबर्ग के फोटोग्राफर अल्बर्ट हूबर एवं उदयपुर की फोटोग्राफर अनुराधा सरूप द्वारा दोनों ही जगहों के खींचे गए करीब 50 फोटो यहां प्रदर्शित किए गए। इस प्रदर्शनी को देखने शुक्रवार को कई लोग पधारे।
महोत्सव में आज : विश्व जीवंत विरासत महोत्सव की संयोजक वृंदा राजे ने बताया कि शनिवार को प्रात: 10 बजे होने वाली संगोष्ठी में समस्त विशेषज्ञ सिटी पैलेस एवं आसपास भ्रमण करेंगे तथा प्रात: 10 बजेे से संगोष्ठी में निष्कर्ष शोध पत्र तैयार करेंगे। उसके बाद शाम को ओडिशा डांस एकेडमी के कलाकार सिटी पैलेस के खुश महल में अपनी प्रस्तुति देंगे।

भाजपा में उदयपुर सीट के लिए ‘ए, ‘बी व ‘सी की दौड़ शुरू

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उदयपुर। उदयपुर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने वर्तमान सांसद रघुवीर मीणा को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। वहीं भाजपा में भी टिकिट की दौड़ शुरू हो गई है, भाजपा भी ग्रामीण क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखने वाले प्रत्याशी को मैदान में उतारेगी। कांग्रेस की उम्मीदवारी तय होने के बाद भाजपा क्रएञ्ज, क्रबीञ्ज व क्रसीञ्ज की दौड़ शुरू हो गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इन क्रएञ्ज, क्रबीञ्ज व क्रसीञ्ज में से ही किसी एक को टिकिट मिलेगा। क्रएञ्ज फोर अर्जुन मीणा का उदयपुर लोकसभा सीट का सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की निकटता भी अर्जुन मीणा को टिकिट दिला सकती है। साथ ही उनका ग्रामीण क्षेत्र में प्रभाव भी रघुवीर को टक्कर देता दिखाई दे रहा है। क्रबीञ्ज फोर बाबूलाल खराड़ी मेवाड़ के कद्दावर नेता गुलाबचंद कटारिया के चहेतों में से एक है दूसरे नंबर पर बाबूलाल खराड़ी को टिकिट मिलने की उम्मीद है। अगर लोकसभा के चुनाव में कटारिया के कद का प्रभाव टिकिट बंटवारे में होता है, तो खराड़ी को टिकिट दिया जा सकता है। क्रसीञ्ज फॉर चुन्नीलाल गरासिया वसुंधरा के पैनल में क्रएञ्ज, और क्रबीञ्ज की बराबरी पर है। अपने पुराने रसूख और आलाकमान तक पहुंच के जरिये गरासिया भी टिकिट की दौड़ में बराबरी पर है। उम्मीद जताई जारही है कि होली के ठीक बाद भाजपा के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाएगी।

निर्वाचन आयोग का शराब बिक्री पर रहेगा पहरा

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उदयपुर। चुनाव के मद्देनजऱ निर्वाचन आयोग ने शराब की बिक्री पर पहरा बैठा दिया है। राज्य में मतदान के दिन शराब बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग के अलावा पुलिस दस्ते भी लगाए जाएंगे। साथ ही शराब बिक्री पर नजऱ रखने के लिए आबकारी विभाग की फ्लाइंग टीम दुकानों के रजिस्टर भी चेक करेगी। चुनावी दिनों में शराब की बिक्री अक्सर बढ़ जाती है। ऐसे में केंद्रीय निर्वाचन आयोग के निर्देश पर आबकारी विभाग शराब बिक्री पर नजऱ रखेगा। आबकारी अधिकारियों के अनुसार कच्ची बस्ती की शराब की दुकानों पर विशेष नजऱ रखी जाएगी। संदेह है कि चुनाव के दिनों में इन्हीं दुकानों पर शराब की बिक्री बढ़ जाती है। शराब की जिस दुकान पर जनवरी की अपेक्षा 30 प्रतिशत से अधिक बिक्री होगी, वहां के रजिस्टर भी चेक किए जाएंगे। आबकारी सूत्रों के अनुसार चुनाव के दौरान शराब तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए कुछ नई चेक पोस्ट भी बनाई जाएगी।
पर्ची लो बोतल ले जाओ : चुनाव के दौरान शराब के ठेकों पर उम्मीदवार के करीबियों की पर्चियों पर भी शराब मिलती है। बम्पर पर्ची दिखाते ही शराब की बोतल मिल जाती हैं, लेकिन इस बार आबकारी विभाग की नजऱ में पर्चियां भी रहेगी। जानकारी के अनुसार पहले छापामार कारवाई में दुकानों से पर्चीयां भी बरामद हुई थी, लेकिन कानून के हाथ किसी राजनेता तक नहीं पहुंच पाए।
पांच के नोट का मतलब एक बोतल : आबकारी विभाग और पुलिस की नजऱ में पर्चियों का खेल उजागर होने के बाद पुलिस या आबकारी को पर्चियां पकड़ में नहीं आए इसलिए पांच या दस रुपए के सीरियल नंबर के जरिये मतदाताओं तक शराब पहुंचाने का तरीका निकाला गया है। नोट की गड्डी के सीरियल नंबर शराब विक्रेता को दे दिए जाते हैं। फिर वह नोट कार्यकर्ताओं में बांट दिए जाते हंै, जो शराब विक्रेता को देने पर पांच के नोट पर एक और दस के नोट पर दो शराब की बोतल बांटी जाती है। चुनाव में ऐसे पहुंचाई जाती है शराब
सीधे फैक्ट्री से: चुनाव नज़दीक आते ही उम्मीदवार के करीबी अवैध तरीके से शराब खरीदने की जुगाड़ में लग जाते हैं। सूत्रों के मुताबिक आबकारी और पुलिस की सख्ती को देखते हुए अब तरीका बदल गया है। अब चुनाव के दौरान हरियाणा या दूसरी जगहों की फैक्ट्रियों से सीधे शराब खरीद ली जाती है। टैक्स की चोरी के चलते फैक्ट्री मालिक भी शराब दे देते हंै।॥मतदान के दिन शराब बिक्री पर पूर्णत: रोक रहेगी। इसके लिए आबकारी विभाग को भी सूचित कर दिया गया है। शराब की अवैध बिक्री या तस्करी पर भी रोक लगाई जाएगी।
-आशुतोष पेढऩेकर,
जिला निर्वाचन अधिकारी

आज कोर्ट में पेश होगा दामोदर नागदा

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उदयपुर। भविष्य क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के चेयरमैन दामोदर नागदा को आज दोपहर बाद न्यायालय में पेश किया जाएगा। भुपालपुरा पुलिस ने गुरुवार शाम को दामोदर नागदा को गिरफ्तार किया था। पुलिस इस मामले में भविष्य क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के सचिव व कोषाध्यक्ष को पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस भविष्य क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के चौथे आरोपी संजय शुक्ला की तलाश कर रही है।
गौरतलब है कि भविष्य क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी ने करोड़ों रुपए लोगों से रियल एस्टेट सहित विभिन्न स्कीमों में निवेश करवाए थे। सोसायटी ने लोगों में साख बनाने के लिए कई निवेशकों को मुनाफा भी पहुंचाया था। भविष्य क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के काले कारनामों के सामने आते ही आरोपी दामोदर नागदा के पिता भीमशंकर नागदा ने कानूनी प्रक्रिया अपनाकर आरोपी दामोदर को उनकी सभी चल और अचल संपत्ति से बेदखल कर दिया है। पूछताछ में नागदा ने बताया कि वह अपने पूरे परिवार के साथ फरार होने के बाद जम्मू-कश्मीर गया था। जहां वैष्णो देवी के दर्शन किए। इसके बाद वह परिवार के साथ हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा के विभिन्न शहरों, महाराष्ट्र में मुम्बई और बाद में गुजरात में आ गया था। आरोपी से करोड़ों रुपए गबन के बारे में पूछताछ की जा रही है। इधर, इस पूरे प्रकरण के पीछे मास्टर माइंड सोसायटी के उपाध्यक्ष संजय शुक्ला को बताया जा रहा है, जिसकी अधिकारियों ने भी पुष्टि की है। अधिकारियों ने बताया कि शुक्ला ही सारी स्कीमों को बनाता था, जिस पर दामोदर नागदा अपने हस्ताक्षर करता था। इसके बाद ही दोनों मिलकर मार्केट से पैसा निकालते थे।