Ringworm or Tinea and homoeopathy approach -Dr. Kajal Verma

Ringworm, medically known as ‘Tinea’ is a fungal infection of skin (dermatophyte) which can affect any part of the body. It is called, “ringworm” because of the circular and ring-like appearance of rashes on skin surface. In layman language, it is also known as “Daad.” Ringworm is a very common skin problem now a days and cases of Ringworm are increasing. It is a contagious skin disease and may spreads through contact with the infected person.

Symptoms of Ringworm/Tinea
Symptoms depend on the type of fungi and location of affected part.

-Ring shaped skin rashes
Red,
-Scaly patches that may expand nearby
-Itching of skin
-Rashes with pus, in some cases
-Darkening of skin of the affected part
-Tenderness or pain of affected area
-Itching and burning in the infected area

Causes of Ringworm/Tinea
Ringworm is mainly caused by a particular fungus that rapidly grow in a moist area, perspired parts of body and on any injured site of body like nails, scalp or skin. Trichophyton, Microsporum and Epidermophyton are three different types of fungi that can cause this fungal infection. The fungi which infect the skin in this way are known as ‘Dermatophytes’.

Tinea capitis (scalp) –
Tinea faciei (face) – Fungal infection of the face.

Tinea barbae (beard) –
Tinea corporis (body)
Tinea unguium (nails) –
Tinea cruris (groin) –
Tinea pedis (foot) –

Prevention of Ringworm/Tinea
To prevent the Ringworm/Tinea infections, one has to maintain the proper hygiene.

Follow these simple steps, and you can prevent the fungal infection or Ringworm or Tinea: –

*Avoiding direct physical contact with the infected person.
*Avoiding sharing the personal belonging of infected person or avoid touching them.
*Never sharing combs or hats.
*Avoid touching the pet of an infected individual or any pet with a bald spot.
*Infected pets should be treated promptly.
*If you need to share any objects such as remotes, computers, keyboards, cell phones, etc., used by any infected person then always use sanitizing wipes.
*Whenever you use public facilities (e.g., gyms, public restrooms, phones, etc.), wash your hands always.
*While using a public gym or locker room, always wears shower shoes or sandals.

*Homoeopathy for Ringworm or Fungal infection is strongly recommended ,and is very safe & effective and totally side effect free.

The aim of homeopathy is not only to treat Ringworm (Tinea) but also to ensure to stop the recurrence of this infection.
Sepia , tellurium , rhus tox , sulphur may be some remedies of choice.

Always consult an expert homoeopathy physician
as ring worm is very stubbern disease even after complete removal it can reappear but with perfect homoeopathy treatment we can completely cure it.

Dr Kajal Verma
Medical officer ( Homeopathy)
ESI hospital , Jodhpur

अंतर्राष्ट्रीय ईएसजी एवं पर्यावरणीय और सामाजिक निष्पादन के लिए सर्वोत्तम मानकों पर वेदांता का विशेष ध्यान

  • डाउ जोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स द्वारा द सस्टेनेबिलिटी इयरबुक- 2021 में मान्यता
  • सीडीपी स्कोर में सी से बी की और उत्कृष्टता- पर्यावरणीय प्रकटीकरण हेतु प्रतिबद्धता
  • पारदर्शिता मानकों को विकसित करने के लिए वैश्विक टीसीएफडी के साथ सहयोग

मुंबई/ दिल्ली, 3 मार्च। वेदांता सस्टेनेबिलिटी प्रेक्टिस में अग्रणी रहा है और पर्यावरण और समुदायों की सुरक्षा के लिए नई तकनीकों का अपना रहा है। जीरो हार्म, जीरो वेस्ट, जीरो डिस्चार्ज’ के दर्शन से प्रेरित, कंपनी सभी हितधारकों के लिए अपने सस्टेनेबिलिटी कार्यक्रमों के व्यापक प्रकटीकरण के लिए प्रतिबद्ध है।
पर्यावरण, सामाजिक और कॉर्पोरेट प्रशासन (ईएसजी) प्रथाओं के लिए समूह की मजबूत प्रतिबद्धता के लिए वेदांता लिमिटेड को एस एंड पी ग्लोबल द्वारा दो श्रेणियों ‘‘एसएएम इंडस्ट्री मूवर्स‘‘ और ‘‘सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक मेंबर‘‘ के तहत द सस्टेनेबिलिटी इयरबुुक 2021 में शामिल किया गया है। वेदांता की कंपनी हिंदुस्तान जिंक को भी इस वर्ष के संस्करण में स्थान दिया गया है।
एसएण्डपी ग्लोबल की द सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक विश्व के सबसे व्यापक प्रकाशनों में से एक है जो कॉर्पोरेट जिम्मेदारी पर गहराई से विश्लेषण प्रदान करता है। इस वर्ष द सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक द्वारा 61 विभिन्न उद्योगों की 7000 से अधिक कंपनियों को शामिल किया गया जिनमें वेदांता और हिंदुस्तान जिंक को 630 स्थिरता वाले शिर्ष में स्थान दिया गया, जिन्हें एस एंड पी ग्लोबल ईएसजी स्कोर के आधार पर मूल्यांकन और रेटिंग की कठिन प्रक्रिया के बाद चुना गया।
इसके साथ ही, वेदांता के अधिक पर्यावरणीय पारदर्शिता और कार्रवाई के लक्ष्य के अनुरूप, कंपनी का सीडीपी स्कोर सी से बी की ओर उत्कृष्ट हुआ है। विगत वर्ष में कंपनी का स्कोर डी से बी की और अग्रसर हो कर बेहतर हुआ है। सीडीपी सीडीआर के जलवायु परिवर्तन, वन और जल सुरक्षा प्रश्नावली में भागीदारी के माध्यम से पर्यावरणीय प्रभावों को मापने और प्रबंधित करने हेतु स्कोरिंग पद्धति का उपयोग कर कंपनियों को प्रोत्साहित करता है।
वेदांता टास्क फोर्स द्वारा जलवायु से संबंधित वित्तीय प्रकटीकरणों के और पारदर्शिता के लिए अच्छी प्रथाओं और मानकों को विकसित करने के लिए टीसीएफडी के साथ सहयोग किया है। जिसका लक्ष्य नवीन तकनीकी समाधानों के माध्यम से 2012 के हमारे आधारभूत वर्ष से 2025 तक 20 प्रतिशत उत्सर्जन की तीव्रता को कम करना है।
वेदांता समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और मुख्य सुरक्षा अधिकारी सुनील दुग्गल ने कहा कि ‘‘वेदांता के सभी कार्यों में जीरो हार्म, जीरो वेस्ट और जीरो डिस्चार्ज की महत्वाकांक्षी दृष्टि है। हम वर्तमान में संपत्ति अनुकूलन, औद्योगिक सहजीवन, बेहतर सामुदायिक संबंधों और रणनीतिक कार्बन एजेंडे के माध्यम से इसे पूर्ण करने की ओर अग्रसर हैं। परिचालनों के भीतर हमारे अभ्यास एसडीजी -12 से स्थायी उपभोग और उत्पादन के अुनरूप हैं। हम श्रेष्ठ सस्टेनेबल तरीके से व्यापार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह अद्भुत है कि हमारे प्रयासों को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिल रही है। ”
ईएसजी रिसर्च, एसएण्डपी के ग्लोबल हेड मंजीत जुस कहा कि “हम वेदांता लिमिटेड और हिंदुस्तान जिंक को द सस्टेनेबिलिटी ईयर 2021 में मुकाम के लिए बधाई देते हैं, जो उद्योग के निर्माताओं और वित्तीय सामग्री ईएसजी मेट्रिक्स के संदर्भ में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली कंपनियों को प्रदर्शित करता है। 7,000 से अधिक कंपनियों के आकलन के साथ, ईयरबुक में शामिल होना कॉर्पोरेट स्थिरता उत्कृष्टता का सही उदाहरण है। ”
धातुओं और खनन क्षेत्र में डॉव जोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स (डीजेएसआई) रैंकिंग के अनुसार, वेदांता को 2020 में विश्व स्तर पर शीर्ष 12 कंपनियों में रखा गया है। कंपनी की स्थिरता रैंकिंग में निरंतर सुधार तीन वर्षो की प्रगति को दर्शाती है। हिंदुस्तान जिंक और वेदांता ने एशिया पेसिफिक में डीजेएसआई रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया है।
वेदांता 2050 तक कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी पेरिस समझौते की समर्थक है और जीओआई के नेश्नली डिटरमाइंड कंट्रीब्यूटर्स (एनडीसी) के अनुरूप कार्बन कटौती लक्ष्यों को निर्धारित किया है। कंपनी ने कार्बन-न्यूट्रलिटी की ओर बढ़ने की स्वेच्छा से वचन देकर जलवायु परिवर्तन पर निजी क्षेत्र घोषणा पर हस्ताक्षर किए हैं।
वेदांता अपने प्रत्येक व्यवसाय के संचालन ढांचे में स्थिरता सिद्धांतों को एकीकृत करता है, जो बड़े पैमाने पर पर्यावरण, कर्मचारियों और समुदायों की रक्षा के लिए वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ संरेखित होते हैं। कंपनी का लक्ष्य बड़े, लंबे जीवन और कम लागत वाली परिसंपत्तियों के अपने विविध पोर्टफोलियो के माध्यम से सतत विकास को बनाए रखते हुए विकास और दीर्घकालिक मूल्य प्रदान करना है। सस्टेनेबल डेवलपमेंट एजेंडा को 4 स्तंभों, जिम्मेदार स्टीवर्डशिप, बिल्डिंग स्ट्रांग रिलेशनशिप, ऐडिंग और शेयरिंग वैल्यू, और स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशंस – जो यूएनजीसी के 10 सिद्धांतों, यूनाइटेड नेशन के एसडीजी और अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी), आईसीएमएम एवं ओईसीडी द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप विकसित किए गए हैं।

हिन्दुस्तान जिंक की समाधान परियोजना से जुडे़ किसानो ने किया गुजरात कृषक उत्पादक संगठनो का दौरा

किसान उत्पादक संगठनो से जुड कर सामुहिक और बेहतर कार्य से आय बढ़ा सकता है किसान

उदयपुर | हिन्दुस्तान जिंक द्वारा संचालित समाधान परियोजना के 4 जिलों के 35 किसानों ने नवसारी गुजरात के वांसदा में कृषक उत्पादक संगठन का अध्ययन और प्रशिक्षण के लिए दौरा कर जानकारी ली।
कृषक उत्पादक संगठन के बारे में अधिक जानकारी कर आय बढ़ाने के उद्धेश्य से आयोजित इस दो दिवसीय कृषक भ्रमण में चित्तौडगढ़, भीलवाड़ा, उदयपुर और राजसमंद के किसानों ने नवसारी जिले के अमलसाड ब्लाॅक में पिछले 75 वर्षों से अमलसाड विभाग विविध कार्यकारी सहकारी खेडूत मंडली लिमिटेड किसान उत्पादक संगठन द्वारा दैनिक जीवन की आवश्यकता पूर्ति एवं अन्य कार्यो की जानकारी ली। इस संगठन में होने वाले प्रति वर्ष आय का 84 प्रतिशत हिस्सा आज भी शेयर होल्डर किसान को जाता है। इसी तरह पिछले 20 वर्षो से कार्यरत दिक्सल कोपरेटिव किसान उत्पादक संगठन द्वारा काजू प्रोसेसिंग के साथ ही अपने संगठन द्वारा किसानो को समय पर खाद, बीज और दवाई भी उचित दर पर उपलब्ध कराने का कार्य कर रहा है।
भ्रमण के बाद चित्तौडगढ नगरी गांव, के कृषक राजेन्द्र कुमार कीर ने कहा कि 75 वर्षो से कार्यरत किसान उत्पादन संगठन के विशेष कार्यो आम की गुठली(बीज)से पौधा, छिलके से जैविक खाद, जुस, अचार,फर्श आम को बाजार मे बेचना व दैनिक जीवन मे काम आने वाली सामग्री, किराणा दुकान जैसे कार्य देखकर बहुत कुछ सीखने को मिला। अब हमारे क्षेत्र में भी इस प्रकार के कार्य प्रारंभ करने हेतु प्रेरित हुए है जिससे अधिक लाभ मिल सके।
रामपुरा आगूचां के पूसा राम जाट ने कहा कि गुजरात भ्रमण पर एफपीओ द्वारा और छोटे समूह के रूप किसानों द्वारा अलग अलग प्रकार की खेती व बागवानी कर उनका अच्छा जीवन यापन संभव करना बहुत अच्छा लगा इससे बहुत कुछ सीखने को मिला।
भ्रमण पर गये देबारी के जगदीश ने कहा कि एफपीओ एक्सपोजर विजिट के दौरान हमें कई बातों की जानकारी मिली, सबसे महत्वपूर्ण यह कि हम सामूहिक रूप से बेहतर कार्य कर कैसे आय बढ़ा सकते हैं । छोटा हो या बड़ा काम, हर काम सहकारिता के माध्यम से किया जा सकता है।
समाधान, संस्टेनेबल एग्रीकल्चर मेनेजमेन्ट एवं डव्हलपमेन्ट बाय हयूमन नेचर परियोजना, हिन्दुस्तान जिंक के सीएसआर विभाग एवं बायफ इंस्टीट्यूट फाॅर संस्टेनेबल लाईवलीहुडस एण्ड डेव्हलपमेन्ट के सयुक्त तत्वाधान में राजस्थान के 5 जिलों उदयपुर, राजसमन्द, चित्तौडगढ, भीलवाडा एवं अजमेर के 174 गांवों में संचालित की जा रही हैं। जिसमें कृषि एवं पशुपालन की नवीनतम प्रौधोगिकी का उपयोग किसानों की आय बढाने एवं आजीविकावर्धन हेतु किया जा रहा है। परियोजना के अन्तर्गत क्षेत्र के 30 हजार कृषक परिवारों को लाभान्वित हो रहे है। किसानों की आजीविका में बढ़ोतरी एवं सतत विकास हेतु एफपीओ यानि किसान उत्पादक संगठनों का गठन किया जा रहा है जिससे किसानों को तकनीक एवं बीज के साथ ही उत्पादन की कीमतों में भी फायदा मिलेगा।

हिंदुस्तान जिंक द्वारा आरओ प्लांट और वाटर एटीएम का उद्घाटन

बिछड़ी व जिंक स्मेल्टर पंचायत में 3 हजार से अधिक ग्रामीणों को उपलब्ध हो रहा शुद्ध पेयजल

उदयपुर | हिंदुस्तान जिंक सदैव अपने कार्यक्षेत्र के आस पास सामुदाय एवं ग्रामीण विकास हेतु आधारभूत एवं आवश्यकता आधारित सुविधाए उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में उदयपुर शहर के निकट बिछड़ी व जिं़क स्मेल्टर पंचायत के जिं़क स्मेल्टर, हेजलाई, गमेती बस्ती सिंहाडा, उदयसागर चैराहा, चंगेड़ी, नोहरा एवं गोवला में शनिवार को हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा टोयम कंपनी के साझे से समुदायिक शुद्ध पेयजल परियोजना के तहत लगाएं गए वाटर एटीएम पाॅइंटस का उद्घाटन विधायक धर्मनारायण जोशी ने किया। इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिं़क की सीएसआर प्रमुख अनुपमा निधि, देबारी निदेशक लीलाधर पाटीदार, देबारी के हेड-आॅपरेशन्स अमीत वाही, देेबारी के हेड-सिक्यूरिटी विजय पारीक ने भी एटीएम का अवलोकन किया।

इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य दूदाराम पटेल, जिं़क स्मेल्टर पंचायत के सरपंच विलुड़ी गमेती, उप सरपंच दुल्हे सिंह देवड़ा, बिछड़ी सरपंच धर्मी गमेती उप सरपंच लोकेश पालीवाल टोयम कंपनी के गौरव मेनारिया, सीएसआर टीम सहित गांव के कई ग्रामीण उपरिथत थे।

इस अवसर पर हिंदुस्तान जिंक के निदेशक लीलाधर पाटीदार ने आरो प्लांट का अवलोकन कर ग्रामीणों से बातचीत में अवगत कराया कि सेल्फ सस्टेनेबल मोड पर मामुली अंशदान से शु़द्ध पेयजल उपलब्ध होगा। हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा, पानी, आजीविका, महिला सशक्तीकरण, हेतु विभिन्न परियोजनाओं से जीवन स्तर एवं गुणवत्ता में सुधार किया जा रहा है। हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा गत वर्ष आस पास के गाँव में 5 आरओ प्लांट और 18 एटीएम स्थापित किये गये है जिनसे 3000 से अधिक ग्रामीण लाभान्वित हो रहे है। कार्यक्रम के दौरान देबारी स्मेल्टर की सीएसआर टीम उपस्थित थी।

हिन्दुस्तान जिंक की सखी परियोजना के तहत ऋण वितरण कार्यक्रम

ज्ञातव्य रहे कि हिंदुस्तान जिंक सदैव अपने कार्यक्षेत्र के आस-पास सामुदाय, महिलाओं एवं ग्रामीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
हिन्दुस्तान जिंक की सखी परियोजना के तहत ऋण वितरण कार्यक्रम

उदयपुर 26 फरवरी: जिंक स्मेल्टर देबारी के आडोटोरियम में आयोजित एक समारोह में हिन्दुस्तान जिंक मंजरी फाउण्डेशन ओर हनुमान वन विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में संचालित सखी परियोजना के अंतर्गत राजस्थान मरुधरा की ओर से 25 स्वयं सहायता समूहों को कुल 60 लाख रुपये के ऋण वितरित किये गये। इस कार्यक्रम में राजस्थान मरुधरा बैंक के क्षेत्रीय प्रबन्धक कमल सक्सेना, साकरोदा ब्रांच के मैनेजर अनिल जैन, देबारी ब्रांच के रोहित त्रिपाठी व कानपुर के ब्रांच मैनेजर केशव दाधीच, सवीना ब्रांच से सुरेंद्र बालोत व अशोक पुरोहित पूर्व ब्रांच मैनेजर आरएमजीबी, हिन्दुस्तान जिं़क के हेड-कामर्शियल अनिल राठी और सीएसआर टीम उपस्थित रही। इस कार्यक्रम में हनुमान वन विकास समिति से राजकरण यादव, हितेश शर्मा, भूरालाल, लक्ष्मीलाल, प्रेमशंकर, पुष्कर, जशोदा व समूह सखियों ने भाग लिया।

हिंदुस्तान जिंक इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेटल्स आईआईएम क्वालिटी अवार्ड-2020 से पुरस्कृत

उदयपुर 25 फरवरी। हिंदुस्तान जिंक को द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेटल्स आईआईएम नेे नाॅन-फेरस बेस्ट परफोर्मेंस अवार्ड-2020 (द्वितीय) से पुरस्कृत किया है। हिंदुस्तान जिंक को यह पुरस्कार गुणवत्ता के राष्ट्रीय मानकों के स्तर पर बड़े एकीकृत विनिर्माण संयंत्रों की श्रेणी में प्रदान किया गया है। इस सम्मान की खास बात यह है कि कंपनी हमेशा अपने व्यवसाय में नए बदलावों को लागू करने और अपनाने के मामले में सबसे आगे रही है। पर्यावरण संरक्षण के लिए कंपनी ने बेहतर कदम उठाए हैं तथा इसी के परिणास्वरूप कंपनी ने इन बदलावों के लिए कई अवार्ड प्राप्त किये हैं।

राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रतियोगिता 2002 से भारतीय नाॅन-फेरस धातु उद्योग के विकास और विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। संगठनों के विकास में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को प्रोत्साहन देती है। अगले पांच सालों में हिंदुस्तान जिंक के सतत विकास लक्ष्य के तहत 2025 तक ग्रीन माइनिंग की दिशा में परिचालन में सकारात्मक परिवर्तन को सक्षम बनाने के लिए महत्वपूर्ण अवसर बनाने के लिए केंद्रित है। सीओपी बिजनेस लीडर के रूप में हिंदुस्तान जिंक ने पानी की खपत को अनुकूल करने, ऊर्जा उत्पादकता बढ़ाने, जलवायु परिवर्तन से निपटने और सुरक्षा के लिए उन्नत तकनीकों के साथ कई पहल की हैं।

हिंदुस्तान जिं़क को वैश्विक पर्यावरणीय गैर लाभकारी सीडीपी द्वारा कार्पोरेट जगत में अपने नेतृत्व के लिए भी मान्यता प्राप्त है जो जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्रतिष्ठित सूची में बना हुआ है। कार्बन उत्सर्जन को रोक कर जलवायु जोखिम को कम करने के लिए कंपनी को द जोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स 2020 द्वारा एशिया पैसिफिक में प्रथम स्थान दिया गया है।

Vedanta NandGhar bags the “CSR Shining Star Award”

Mumbai, Maharashtra; 23Feb 2021:Vedanta Limited has been conferred with the “CSR Shining Star Award” under the category of Child Development for NandGhar, Vedanta Group’s flagship corporate social responsibility project. The recognition was given by Honorable Governor of Maharashtra, Shri Bhagat Singh Koshyari in an award ceremony held at the Raj Bhavan, Mumbai on 20th February 2021.

The award recognizes Vedanta’s efforts towards the holistic development and growth of childrencontributing towards building a stronger and healthier nation.

Speaking on receiving the award, Vedanta Director, Ms. Priya Agarwal said: “I am honored as well as humbled to receive the award for our NandGharsthat are transforming the lives of rural women and children across the country. We are committed to fulfilling Prime Minister Shri Narendra Modi’s vision of eradicating child malnutrition, providing education and healthcare, and empowering rural women through skill development, and NandGhar will be the change agent for the same. I have no doubt in my mind that NandGhar will continue to create a better tomorrow for the children and their mothers at the grassroots level.”

The NandGhar journey began in 2015 with a vision to transform the lives of 8.5 crore children and 2 crore women across 13.7 lakh anganwadis. A dream project of Vedanta Chairman, Shri Anil Agarwal, NandGhar is a network of model anganwadis where the thrust is on inclusive development of children, women and local communities. The NandGhars are set up in collaboration with the Union Ministry of Women & Child Development.

With more than 2000 centres, the NandGhar project is now spread across 10 states – Rajasthan, Uttar Pradesh, Odisha, Jharkhand, Chhattisgarh, Karnataka, Punjab, Assam, Himanchal Pradesh and Madhya Pradesh. The project aims to touch the lives of 4 million community members while directly impacting around 2 lakh children and 1.8 lakh women on an annual basis.

NandGhars are equipped with solar panels to ensure 24 x 7 electricity, water purifiers, clean toilets and smart television sets, and have become a model resource centre for the local communities. Pre-school education is provided to children in the age group of 3-6 years. Nutritious meals and take-home rations are being provided for children, pregnant and lactating women. Primary healthcare services are rendered through mobile health vans and women are empowered through skilling, credit linkage and enterprise development.

राजस्थान के कौस्तुभ ने हिन्दुस्तान जिंक और स्मृतियां टैलेंट हंट ‘प्रतिभा‘ का विजेता बनकर विश्वस्तर पर किया गौरवान्वित

  • राजस्थान के 5 जिलों में प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने के लिए आयोजित वर्चुअल प्रतिभा टैलेंट हंअ में 100 से अधिक कलाकार बने प्रतिभागी
    ‘प्रतिभा‘ के विजेता 15 वर्षीय कौस्तुभ मणिपुश्प कुंज पंडित चतुर लाल युवा पुरुस्कार से सम्मानित
  • देश के प्रख्यात कलाकारों की प्रस्तुती के साथ उदयपुर चैप्टर स्मृतियां ईकॉन्सर्ट के 20 वें संस्करण का समापन

उदयपुर 20 फरवरी 2021। शनिवार की शाम संगीत प्रेमियों के साथ साथ विश्वविख्यात संगीतज्ञों के लिए भी कुछ खास थी। दक्षिण और उत्तर भारतीय संगीत की जुगलबंदी के साथ 15 वर्षिय नवोदित प्रतिभा कौस्तुभ की तबले और शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुती से श्रोता मंत्रमुग्ध हो गये। स्मृतियां ईकाॅन्सर्ट उदयपुर चैप्टर के दर्शकों को कौस्तुभ मणिपुश्प कुंज ने रोमांचित कर दिया। ऑनलाइन टैलेंट हंट ‘प्रतिभा‘ के विजेता अजमेर की इस विलक्षण प्रतिभा ने अपनी प्रस्तुती से दर्शकों की खुब तालियां बटोरी।
राजस्थान के स्थानीय कलाकारों को विश्व स्तर पर प्रस्तुती का अवसर प्रदान करने के लिए टैलेंट हंट ‘प्रतिभा‘ की शुरूआत की गयी। राजस्थान के उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और अजमेर जिलों से इस हेतु प्रतिभाओं को आमंत्रित किया गया था। इन 100 से अधिक प्रतिभाओं ने भजन सम्राट अनुप जलोटा, पद्म श्री कत्थक गुरु शोवना नारायण, तबला वादक पंडित चरणजीत चतुरलाल और भारतीय प्रसिद्ध बांसुरी वादक पंडित रोनू मजूमदार के समक्ष अपनी प्रस्तुती दी। जिन्होंने 6 प्रतिभागियों अजमेर से कौस्तुभ मणिपुश्प कुंज और नवदीप सिंह झाला, उदयपुर से नीरज मिस्त्री, विनय कडेल, मो. तबरीज और आरीज़ एवं राजसमंद से द राजसमंद गु्रप के हर्षित पुरबिया, निमिषा पगारिया, रक्षा पगारिया और कोमल नागरची का अंतिम दौर में प्रस्तुती हेतु चयन किया जिसमें कौस्तुभ को विजेता घोषित किया गया। कौस्तुभ हिंदुस्तानी क्लासिकल वोकल और इंस्ट्रूमेंटल तबला कलाकार हैं जिन्होंने चार साल की उम्र में अपनी संगीत यात्रा शुरू की थी। उन्होंने पहले भी जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार जीते हैं।
समारोह में देश के प्रख्यात संगीत उस्तादों ने भी प्रस्तुती दी। डॉ। मैसूर मंजूनाथ, पं गौरव मजूमदार, विदवान बीसी मंजूनाथ और प्रांशु चतुर लाल ने दक्षिण और उत्तरभारतीय संगीत रागों की बहुप्रतीक्षित जुगलबंदी प्रस्तुत की। उत्तर और दक्षिण संगीत के भावपूर्ण संलयन को वायलिन, सितार, मृदगंम और तबले पर इन कलाकारों ने प्रस्तुत कर रोमांचित कर दिया।

हिंदुस्तान जिंक ’पीपल फस्र्ट एचआर एक्सीलेंस अवार्ड 2020 से सम्मानित

उदयपुर। भारत में जिंक, सीसा और चांदी उत्पादन करने वाली सबसे बड़ी कंपनी हिंदुस्तान जिंक ने पीपल फस्र्ट एचआर एक्सीलेंस अवार्ड 2020 हासिल किया है। हिंदुस्तान जिंक को यह अवार्ड एचआर के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने की कैटेगिरी में दिया गया है। कंपनी ने मानवीय हस्तक्षेपको कम करने के लिए नई तकनीक और आॅटोमेशन का इस्तेमाल कर मानव संसाधन के बदलाव व क्रियान्वयन में उत्कष्ट कार्य किया है। इसी के परिणामस्वरूप कंपनी को सर्वोच्च पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है।

हिंदुस्तान जिंक के कामकाज में नवाचार को और प्रौद्योगिकी को ही केंद्र में रखा जाता है। मानव संसाधन में डिजिटलीकरण की एप्रोच तीन स्तंभों पर आधारित है। ये स्तंभ हैं प्लेटफार्म, पीपल एण्ड वर्क। एचआर के कामकाज का तरीका यही है कि वे मानव संसाधन को व्यवस्थित कर कामकाज में नवाचार को साझा करने की संस्कृति को बढ़ावा दे और बदलाव के जरिये डिजिटल सोच को सक्रिय करे। इसका मकसद यह है कि हमारे काम करने के तरीकों में निरंतर प्रयोग व नवाचार में सहयोग के लिए डिजिटल टूल्स व ऐप का उपयोग किया जाए। जब भी नई तकनीक के इस्तेमाल और समाधान अपनाने की बात आती है तो हिंदुस्तान जिंक सबसे आगे होता है। कंपनी प्रतिभा का तालमेल स्थापित करना चाहती है जिसमें टेक्नोलाॅजी एवं कर्मचारी की अहम भूमिका है।

पीपल फस्र्ट एचआर एक्सीलेंस अवार्ड 2020 मानव संसाधन के क्षेत्र में की जा रही उत्कृष्ट पहलों को साबित करता है और पहचान बनाता है। इसके लिए विभिन्न समूहों को शामिल किया जाता है और पेशेवेर विशेषज्ञों को अवसर भी दिया जाता है। मानव संसाधन को आगे बढ़ाने में टैक्नोलाॅजी के इस्तेमाल की समीक्षा की जाती है। इनमें एचआर साॅफृटवेयर, आॅनलाइन भर्ती, ई-लर्निंग प्रोग्राम, प्रतिभा प्रबंधन एवं विकास या फिर लीडरशिप डवलपमेंट हो।

ज़मीन के 180 मीटर नीचे सुरक्षा हेतु प्रतिबद्धता – हिन्दुस्तान ज़िंक ने भारत का पहला अंडरग्राउंड फर्स्ट एड स्टेशन स्थापित किया

भीलवाड़ा, 12 फरवरी 2021: हिन्दुस्तान ज़िंक की कार्य संस्कृति में सुरक्षा एक अटूट पहलू है और इसी पहलू का विस्तार करते हुए कंपनी ने अपनी रामपुरा अगुचा खदान में भारत का पहला अंडरग्राउंड फर्स्ट एड एवं ऐम्बुलेंस सेंटर स्थापित किया है। यह अंडरग्राउंड फर्स्ट एड एवं ऐम्बुलेंस सेंटर फ्रैश एयर बेस से युक्त है जिसे विशेषतौर पर जमीन के भीतर स्थित खदान के लिए बनाया गया है। यहां एक बचाव दल तैनात किया गया है जिसकी अगुआई के लिए योग्य चिकित्सा पेशेवर एवं बचाव प्रमुख की नियुक्ति की गई है।

अपनी किस्म की यह पहली ज़मीन के भीतर स्थित बचाव एवं उपचार व्यवस्था 24 घंटे कार्यरत रहेगी और यहां पर समर्पित बचाव एवं पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती रहेगी। इस अंडरग्राउंड माइन स्टेशन में एक समर्पित आपातस्थिति वाहन भी है जो एईडी, ईसीजी और रिवाइविंग अपैरेटस से युक्त है। इस स्टेशन में आराम के लिए वातानुकूलित सुविधा भी है और साथ में पोर्टेबल आॅक्सीजन सिलिंडर व सैलाइन बोतलें, बीपी माॅनिटरिंग इंस्ट्रूमेंट, डिहाइड्रेशन मैज़रिंग इंस्ट्रूमेंट व पल्स आॅक्सीमीटर भी हैं जिन्हें आपातस्थिति में इस्तेमाल किया जा सकता है।

माइन रेस्क्यू रूल 1985 (रूल 27) के अनुसार आपातस्थिति में फ्रैश एयर बेस पर पैरामेडिकल स्टाफ के साथ एक रेस्क्यू टीम होनी चाहिए। हिन्दुस्तान ज़िंक ने अंडरग्राउंड फस्र्ट एड व ऐम्बुलेंस सेंटर स्थापित कर के इन नियमों के अनुपालन में एक अतिरिक्त कदम आगे की ओर बढ़ाया है। यह सेंटर और ऐम्बुलेंस रेस्क्यू टीम के रिस्पाँस टाईम को तीव्र करेंगे जिससे की आपातस्थिति में तत्परता से कार्यवाही की जा सके।