उदयपुर. सूरजपोल थाना क्षेत्र में गोसिया कॉलोनी (किशनपाल) में सोमवार शाम गाड़ी निकालने को लेकर हुए विवाद के चलते युवक ने पड़ोसी को गोली मार कर घायल कर दिया। घटना के बाद आरोपी युवक साथियों सहित मौके से फरार हो गया। हमले में गोसिया कॉलोनी इकबाल उर्फ कालू पुत्र मंजू राही घायल हुआ है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के साथी मोगली को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि सलाम और उसके भाई सईद व बाबू पुत्र लाला की तलाश की जा रही है।
घायल कालू ने पुलिस को बताया कि वह घर के नीचे खड़ा था। पास ही उसका भाई वसीम था।
घर के पीछे रहने वाले युवक सलाम की वसीम से गाड़ी निकालने को लेकर कहासुनी हो गई। इस पर सलाम अपने भाइयों और साथी के साथ वसीम को मारने के लिए घर के बाहर आया। वसीम पर उसने हमला करना चाहा तो इकबाल बीच में आ गया और सलाम के पीछे भागा। इस पर सलाम ने पिस्टल चला दी। गोली इकबाल के पीठ पर लगते हुए पास खड़ी कार में लगी। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। इकबाल को उसके परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे।
किशनपोल में कहासुनी के बाद चली गोली
सेट्रंल जेल में कैंसर से किन्नर बंदी की मौत
उदयपुर – सेंट्रल जेल में सोमवार को कैंसर से किन्नर बंदी की मौत हो गई। उसे आजीवन कारावास हुआ था। परिजनों द्वारा शव लेने से इनकार पर पोस्टमार्टम के बाद जेल अधिकारियों ने सामाजिक संस्था के सहयोग से अंतिम संस्कार कराया। जेलर पृथ्वी सिंह ने बताया कि वगतपुरा, कुंवारिया थाना, राजसमंद निवासी रोशनलाल पुत्र वरधा गाडरी 2006 से सेंट्रल जेल में था। कैंसर डिटेक्ट होने पर इसका इलाज चल रहा था। गत दिनों तबियत खराब होने पर 7 फरवरी को इसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गौरतलब है कि कुंवारिया थाना पुलिस को 29 अगस्त 2005 में गांव की गोटी बाई शव खेत में शव मिला था। पुलिस ने तफ्तीश कर गांव के ही रोशनलाल को हत्या और लूट के मामले में गिरफ्तार किया था। रोशनलाल किन्नर था। इसके अत्यधिक धूम्रपान करने के कारण इसे गले का कैंसर हो गया था। गत वर्ष इसको जेल में ही कैंसर डिटेक्ट हुआ था। तब से इसके इलाज में इसे कई थैरेपी दी गईं, लेकिन यह सही नहीं हुआ।
पांच करोड़ के 15 प्लॉट के कब्जों पर चला बुलडोजर
उदयपुर. यूआईटी के अतिक्रमण निरोधी दल ने सोमवार को श्याम नगर, भुवाणा में बड़ी कार्रवाई करते हुए यूआईटी स्कीम में आ रहे 15 प्लॉट कब्जा मुक्त करवा लिए। यूआईटी चेयरमैन आशुतोष पेडणेकर के निर्देश पर यूआईटी दल सोमवार सुबह श्याम नगर बी ब्लॉक पहुंचा। यहां यूआईटी की स्कीम में आ रही जमीन पर भू माफियाओं ने कब्जे कर पक्के निर्माण करवा लिए थे। कुछ लोगों ने तो पक्के कमरे व उसके चारों तरफ बांउड्रीवाल भी बना दी। तहसीलदार अर्जुन दान देथा के नेतृत्व में यूआईटी दल ने एक के बाद एक कार्रवाई करते हुए बुलडोजर से ऐसे निर्माण ध्वस्त कर 15 प्लॉट कब्जा मुक्त करवा लिए। यूआईटी के अधिकारियों का मानना है कि सोमवार को जो प्लॉट कब्जा मुक्त करवाए गए, उनकी बाजार दर करीब पांच करोड़ रुपए है।
गौरतलब है कि कलेक्टर व यूआईटी चेयरमैन के निर्देश पर हाल ही में चित्रकूट नगर व श्याम नगर क्षेत्र में ड्रोन उड़ाकर ऊंचाई से क्षेत्र की तस्वीर कैमरे में कैद की गई। इसके पीछे मकसद यह जानना था कि कहां-कहां लोगों ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर रखे हैं। प्रशासन अब इन तस्वीरों के आधार पर अतिक्रमण चिन्हित कर अगली कार्रवाई की तैयारी भी कर रहा है।
शोभागपुरा सर्कल की सीमा से भी हटाया निर्माण
यूआईटी दल ने शोभागपुरा सर्कल की सीमा में आ रहा एक निर्माण भी ध्वस्त कर दिया। तहसीलदार ने बताया कि एक व्यक्ति ने यहां सर्कल की गोलाई में आ रही जमीन पर पक्की बाउंड्रीवाल बनाकर फाटक लगा दी थी। इस निर्माण को रोकने यूआईटी ने निर्माणकर्ता को पहले नोटिस भी दिया। उसके बावजूद उसने काम जारी रखा। इसको बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। इस सर्कल को अब व्यवस्थित किया जा सकेगा।
मावली में पटरी से उतरा मारवाह ट्रेन का इंजन, पांच घंटे बाद ट्रैक पर लाया गया
udaipur मावली. रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह शंटिंग के दौरान मारवाड़ से आई ट्रेन का इंजन पटरी से उतर गया। पांच घंटे मशक्कत और छह हाइड्रोलिक जैक से इंजन पटरी पर चढ़ाया गया। मारवाड़ ट्रेन सुबह 11.55 पर शंटिंग लोको से एक डिब्बा छोड़कर चल रहा था। रूट रिलीज होने पर इंजन पटरी से उतर गया। सूचना पर सीपीडब्ल्यूआई, टीआई, आरपीएफ व कर्मचारी दौड़ पड़े। शंटिंग मारवाड़ इंजन के ड्राइवर भूपेंद्र, पाइस मैन जगन्नाथ कर रहे थे। इंजन को पटरी पर चढ़ाने के लिए छह हाइड्रोलिक जैक मंगवाए।
कर्मचारियों ने इंजन का आगे का हिस्सा खोलकर जैक लगाया और पांच घंटे की मशक्कत के बाद फिर से पटरी पर चढ़ाया गया। अधिकारियों ने बताया कि रेलवे को करीब डेढ़ लाख का नुकसान हुआ। इस दौरान रेलवे के क्षेत्रीय अधिकारी हरफूल सिंह चौधरी, यातायात निरीक्षक सुगनचंद वर्मा, सहायक सचेत निरीक्षक, सहायक मेडिकल इंजीनियर डामोर आदि अधिकारी मौके पर पहुंचे और जानकारी ली ।
कप्तान धोनी फिक्सिंग पर “पर्दा डालने” मे शामिल : मोदी
Udaipur . आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग और अवैध सट्टेबाजी के मामले की जांच करने वाले जस्टिस मुकुल मुद्गल की रिपोर्ट आने के बाद आईपीएल के पूर्व कमिशनर ने टीम इंडिया के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी पर निशाना साधते हुए कहा कि आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) की भी कप्तानी करने वाले धोनी ने फिक्सिंग पर पर्दा डालने का काम किया।
लंदन से एक समाचार चैनल को दिए साक्षातकार में मोदी ने कहा कि धोनी भी इस मामले पर पर्दा डालने में शामिल हैं। गौरतलब है कि धोनी ने पहले कहा था कि सीएसके के मामलो में मयप्पन की कोई दखल अंदाजी नहीं हैं।
धोनी पर मामले में पर्दा डालने का आरोप के साथ ही मोदी ने कहा कि बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (बीसीसीआई) अध्यक्ष एन श्रीनिवासन पर आजीवन प्रतिबंध लगना चाहिए। साथ ही, आईपीएल से सीएसके को बाहर कर देना चाहिए।
मोदी ने कहा कि श्रीनिवासन ने क्रिकेट को बदनाम कर दिया है इसलिए उनपर किसी भी खेल में प्रवेश पर बैन लगा दिया जाना चाहिए। अब वक्त आ गया है कि ऎसे व्यक्ति को बीसीसीआई से हटा देना चाहिए।
गौरतलब है कि जस्टिस मुकुल मुद्गल ने आईपीएल के छठे संस्करण में मैच फिक्सिंग को लेकर सोमवार को अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी। रिपोर्ट में बीसीसीआई के चीफ एन.श्रीनिवासन के दामाद गुरूनाथ मयप्पन को सट्टेबाजी का दोषी करार दिया गया है। पिछले साल आईपीएल में कथित सट्टेबाजी की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने समिति गठित की थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि राजस्थान रॉयल्स के सह मालिक राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी पर लगे सट्टेबाजी और स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों की जांच होनी चाहिए।
रिपोर्ट में कहा गया है कि श्रीनिवासन का बीसीसीआई प्रमुख के पद पर रहना और आईपीएल फ्रेंचाइजी का मालिकाना हक हितों के टकराव का गंभीर मामला है। इस पर कोर्ट को ध्यान देना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक बीसीसीआई और इंडिया सीमेंट्स को मामले पर जवाब देने को कहा गया है। समिति का कहना है कि मयप्पन चेन्नई सुपर किंग्स का चेहरा था। इसका मतलब है कि समिति श्रीनिवासन के इस दावे को खारिज कर दिया है कि मयप्पन उत्साहित क्रिकेट प्रेमी था।
जस्टिस मुद्गल ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा,हमें उम्मीद है कि हमारी कुछ सिफारिशें सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार की है। सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई से कहा है कि कुछ सिफारिशों को स्वीकार किया जाना चाहिए। मुद्गल समिति पिछले साल गठित की गई थी। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने दो सदस्यीय जांत समिति के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। बीसीसीआई ने मद्रास हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश टी.जयराम चौटा और आर बालसुब्रमण्यम को समिति में शामिल किया था।
मुद्गल समिति ने चार महीने में देश भर का दौरा किया। समिति ने खिलाडियों,पत्रकारों, टीम मालिकों,भ्रष्टाचार निरोधी यूनिट के सदस्यों और अन्य शेयर होल्डर से बात की। जस्टिस मुद्गल ने बताया कि हमने सचिन तेंदुलकर,राहुल द्रविड़,अनिल कुंबले,सौरव गांगुली और अन्य से भी बात की। हमें जो भी सूचना मिली थी उसे हमने रिकॉर्ड किया।
अब आप बना सकते हैं घर बैठे कार, मात्र 1 घंटे में
Udaipur. कम्प्यूटर, मोबाइल में असेम्बल सिस्टम तो आपने सुने ही होंगे, लेकिन अब कार को भी आप असेम्बल कर सकते हैं वो भी मात्र एक घंटे में।
एक चाइनीज व्यवसायी और ईटालियन कार डिजाइनर ने एक ऎसी कार तैयार की है जो मात्र 1 घंटे में बनाई जा सकती है और आप
इसे ड्राइव के लिए ले जा सकते हैं।
ओएस व्हीकल के कॉ-फाउंडर फ्रांसिस्को लियू और एमपेलियो माच्ची ने ऎसे कार पार्टस और दिशा-निर्देश तैयार किए हैं जिससे कार को बनाना बेहद आसान है। यहां तक की कार तकनीक से अनजान व्यक्ति भी इस कार को बना सकता है। इन दोनों को मानना है कि इस तरीके से कार कम्पनीज अपने नए मॉडल्स को बेहद जल्दी बाजार में उतार सकेंगें और कार की लागत भी कम होगी।
लियू का कहना है कि, “हमारे ग्राहकों को केवल कार के पुर्जे और पार्टस भेजे जाते हैं, इससे परिवहन का खर्चा बच जाता है। हमारे देश में हर आदमी अपने गैरेज में यह कार बना सकता है, वो भी 6000 यूरो (5 4 लाख रूपए) से भी कम में।
लियू के मुताबिक अर्बन टेबी नाम की इस कार का चैसिस भी ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार ले सकता है। इतना ही नहीं, ग्राहक अपनी पसंद के मुताबिक बैटरी, पहिए और सीट्स भी चुन सकता है।
बड़ा सवाल:कौन है फिक्सिंग में शामिल 6 प्लेयर
Udaipur. आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी के आरोपों की जांच करने वाली समिति की रिपोर्ट में भारतीय टीम में शामिल एक क्रिकेटर सहित 6 प्लेयर्स के नाम भी नाम सामने आए हैं।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश मुकुल मुद्गल की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष आईएस बिंंद्रा ने भी कहा है कि वह दो पूर्व प्रतिष्ठित भारतीय खिलाडियों के बारे में जानते थे, जो कथित रूप से मैच फिक्सिंग में शामिल थे।
जांच समिति ने इन प्लेयर्स के नाम सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि खेल पत्रिका से जुड़े पत्रकार के पास इस संबध में रिकॉर्डिग है और वह भारतीय खिलाड़ी की आवाज पहचान सकता है। उसने बताया है कि यह खिलाड़ी विश्व कप में खेलने वाली भारतीय टीम का सदस्य था और अभी भी टीम का सदस्य है। रिपोर्ट के मुताबिक पत्रकार ने इसमें संलिप्त खिलाडियों के नाम उजागर करने से इनकार कर दिया है।
इस खिलाड़ी का नाम सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को अवलोकन के लिए देने के बावजूद पत्रकार काफी डरा हुआ लग रहा था और खिलाड़ी का नाम उजागर करने के लिए राजी नहीं था। उसका कहना था कि ऎसा करना उसके लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक ऎसा लगता है कि सटोरियों के साथ सौदे में छह भारतीय क्रिकेटरों के नाम टेप में हैं। इनमें से दो के नामों का जिक्र किसी और ने नहीं बल्कि बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष ने किया है।
Entertainment
यूनिवरसिटी में छात्रों का अर्धनग्न प्रदर्शन
उदयपुर। सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के पेंशनरों के आंदोलन ने तूल पकड़ लिया है। आज से शैक्षणेत्तर और सहायक कर्मचारी संघ ने पेन डाउन हड़ताल शुरू दी है, वहीं पेंशनर्स के समर्थन में साइंस कॉलेज और कॉमर्स कॉलेज के छात्रों ने भी अर्धनग्न प्रदर्शन किया। इधर, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंकों की दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल शुरू हो गई है।
पेंशनर्स के समर्थन में आंदोलन कारियों ने विश्वविद्यालय के क्रकंट्रोलरञ्ज को हटाने की नई मांग सामने रख दी है। उनका कहना है कि पीआर अग्रवाल विघ्न संतोषी जीव है, जिन्होंने जान बूझकर सारा मामला उलझा दिया। इसलिए पेंशनरों को पेंशन का भुगतान पिछले पांच माह से नहीं किया जा सका है। पता चला है कि राज्य सरकार कांग्रेस समर्थित कुलपति डॉ. आईवी त्रिवेदी की मुश्किलें बढ़ाना चाहती है। यदि वजह है कि वह पेंशन भुगतान के स्पष्ट आदेश जारी नहीं कर रही है। छात्रों के समर्थन के बाद पेंशनरों के आंदोलन ने बड़ा रूप ले लिया है।
दूसरी तरफ, बैंक कर्मियों की दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल के तहत शहर के सभी बैंकों पर आज ताले लटके रहे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर नगर के सभी बैंकों के कर्मचारी व अधिकारी दसवां वेतन समझौता शीघ्र संपन्न करने की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं।
यह जानकारी देते हुए यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के संयोजक डीके जैन ने बताया कि भारतीय बैंक संघ व केंद्र सरकार बैंक, कर्मचारियों एवं अधिकारियों के दसवें वेतन समझौते में अनावश्यक विलंब कर रही है और बैंक कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। इसके विरोध में देशभर में दस लाख बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी आज से दो दिवसीय हड़ताल पर हैं।
इस हड़ताल के तहत आज सुबह सभी कर्मचारी दुर्गानर्सरी रोड स्थित एचडीएफसी बैंक के बाहर एकत्र हुए और जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए बैंक तिराहे पर पहुंचे, जहां सुबह ११ बजे प्रदर्शन किया गया। इस दौरान आयोजित सभा को वक्ताओं ने संबोधित करते हुए दसवां वेतन समझौता शीघ्र संपन्न कराने की मांग की।
बड़े अस्पताल में ट्रांसफार्मर जला
उदयपुर। एमबी अस्पताल में आज दोपहर ब्लड बैंक के सामने बिजली के ट्रांसफार्मर में अचानक तेज आवाज के साथ आग लग गई। सूचना पर फायर बिग्रेड के दो वाहन पहुंचे, जिन्होंने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यह घटना शॉर्ट सर्किट से होनी बताई जा रही है। ट्रांसफार्मर में आग लगने के बाद अस्पताल की लाइटें बंद हो गई हैं, जिन्हें शुरू कराने के लिए अस्पताल प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार आज दोपहर एक बजे ब्लड बैंक के सामने स्थित बिजली विभाग के ट्रांसफार्मर में तेज आवाज के साथ आग लग गई। इससे आसपास के वार्डों और अस्पताल परिसर में मौजूद लोग सहम गए। अस्पताल प्रशासन ने नगर परिषद के अग्नि शमन अधिकारी को फोन पर आग की सूचना दी। इस पर दो फायर बिग्रेड को तत्काल मौके पर भेजा गया। दमकल कॢमयों ने काफी मशक्कत के बाद ट्रांसफार्मर में लगी आग पर काबू पाया। ट्रांसफार्मर में आग लगने के कारण एमबी अस्पताल, जनाना अस्पताल, कार्डियोलॉजी वार्ड सहित कई ईकाइयों में लाइटें बंद हो गई। इस संबंध में अस्पताल अधीक्षक डॉ. डीपीसिंह ने बताया कि ट्रांसफार्मर में आग लगने की घटना के कारण कई वार्डों में बिजली चली गई है। इंजीनियर से चर्चा चल रही है। जल्द ही बिजली चालू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
आसाराम को हाई कोर्ट से नहीं मिली जमानत
udaipur जोधपुर। नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीडऩ के आरोपों से घिरे कथावाचक आसाराम की जमानत याचिका हाई कोर्ट की जोधपुर बेंच ने सोमवार को खारिज कर दी। आसाराम के साथ-साथ सेवादार शिवा, गुरुकुल के निदेशक शरतचंद्र, हॉस्टल वाडर्न शिल्पी और रसोइये प्रकाश के खिलाफ धारा 354 ए (छेड़छाड़ का आरोप), 376 (दुष्कर्म), 342 (बंधक बनाकर रखना), 370 (बंधक बनाकर शारीरिक संबंध बनाना) के तहत मामला दर्ज है। गौरतलब है कि गत 20 अगस्त को मूलरूप से शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी 16 वर्षीय एक छात्रा ने आसाराम पर जोधपुर आश्रम में यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाया था। इसके अलावा गुजरात की दो बहनों ने भी आसाराम और उनके पुत्र नारायण साई पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। ये मामला भी सूरत की कोर्ट में चल रहा है।

