
उदयपुर । शैक्षणिक भ्रमण-बदलाव के कारण जानेंगे-समस्याए पहचानेंगे-सुझाव देंगे तिलक महाविद्यालय के विद्यार्थी
लोकमान्य तिलक षिक्षक प्रषिक्षण महाविद्यालय, डबोक के 526 विद्यार्थी नजदीकी तीन गॉंवों में सामाजिक आर्थिक सर्वे करेंगे। छात्र समूल वीरवाड़ा, झाड़ौली और उंदरा गॉंव में पंहुच दिनांक तक क्षेत्रवासियों के सामाजिक एवं आर्थिक बदलाव और कारणों, सफाई, स्वास्थ्य एवं षिक्षा आदि का स्तर जानेंगे। साथ ही ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी भी देंगे। इससे पूर्व सोमवार सुबह 7.30 बजे कुलपति प्रो. एसएस सारंगदेवोत ने हरी झंडी दिखाकर छात्रों को रवाना किया। डीन डॉ. आर.पी.सनाढ्य ने बताया कि इन बच्चों के साथ 60 सदस्यीय षिक्षक दल भी गया है।
यह होगा सर्वे में-
प्रो.सारंगदेवोत ने बताया कि सभी छात्र-छात्राओं को अलग-अलग गु्रप में विभक्त कर दिया जाएगा तथा उन्हें क्षेत्र के विभिन्न मुद्दों पर सर्वे करवाया जाएगा। जैसे गांव के अधिकांष व्यक्ति क्या कार्य करते हैं। उनका सामाजिक और आर्थिक स्तर क्या है? षिक्षा एवं स्वास्थ्य पर वे कितना खच्र करते है। लड़कियों का विवाह कब होता है। कितने बच्चे अब तक स्कूल नहीं गए आदि विभिन्न जानकारियॉं ली जाएगी।
यह जानकारी दी जाएगी-
वनषाला षिविर संयोजक डॉ. सरोज गर्ग ने बताया कि इन पॉंच दिनों में सरकारी योजना जैसे सुनवार्इ्र का अधिकार, सूचना का अधिकार निःषुल्क दवा योजना, षिक्षा का अधिकार की बारिकियॉं बताई जाएगी, नुक्कड़, नाटक तथा संगोष्ठि आदि का आयोजन किया जाएगा। साथ ही षिक्षा का अधिकार, पर्यावरण संरक्षण पर रैली निकाल कर ग्रामीणजनों को इसके बारे में जानकारी दी जाएगी। तैयार रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी तथा विद्यार्थियों द्वारा तैयार रिपोर्ट को विषेषज्ञों द्वारा मूल्यांकन करवाया जाएगा। गॉंव में जिसकी कमी है उसके लिए स्थानीय प्रषासन और राज्य सरकार से मांग की जाएगी।
गॉंवों में सामाजिक बदलाव देखेंगे विद्यार्थी
ऐष्वर्या कॉलेज में “सिक्योरिटी ऑफ क्लाइड-कम्प्यूटिंग” पर व्याख्यान
उदयपुर। ऐष्वर्या कॉलेज में कम्प्यूटर सुरक्षा दिवस के उपलक्ष्य में “सिक्योरिटी ऑफ क्लाइड-कम्प्यूटिंग” पर व्याख्यान हुआ। कार्यक्रम के वक्ता श्री चंद्रेष कुमार चटलानी थे। जो जनार्दन राय नगर विद्यापीठ के सहायक प्रोसेसर हैं। मुख्य अतिथि का स्वागत बी.बी.एम. प्रथम सेमेस्टर की छात्रा सुश्री अभिलाषा छाजेड़ ने किया।
उन्होंने कार्यक्रम के प्रारंभ में कम्प्यूटर के बारे में बताया तथा बाद में क्लाउड कम्प्यूटिंग के बारे में बताया। उन्होंने इंटरनेट व क्लाउड कम्प्यूटिंग में अंतर बताया तथा कम्प्यूटर में आभासीता (वर्चुअलाइजेषन) के बारे में भी बताया। उन्होंने क्लाउड के प्रकार, उदाहरण आदि भी बताए। उन्होंने क्लाउड कम्प्यूटिंग के फायदे व नुकसान के बारे में बताया।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने शेयर्ड तकनीक के बारे में बताया। व्याख्यान के अन्त में कुछ प्रष्न डॉ. अर्चना गोलवलकर द्वारा पूछे गए व विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन बी.सी.ए. तृतीय वर्ष की छात्रा सुश्री स्वाति डोडेजा तथा प्रतीक चिन्ह बीसीए तृतीय वर्ष की छात्रा सुश्री मनीषा जीनगर ने किया।
मोतीमगरी में महाराणा प्रताप की विरासतश् विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी
उदयपुर। यहां फतहसागर स्थित महाराणा प्रताप स्मारक समिति द्वारा मोती मगरी के ऐतिहासिक प्रागंण में ष्दिवेर विजय अभियानष् की स्मृति में रविवार को राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया । समिति सचिव युद्धवीर सिंह शक्तावत ने बताया कि कक्षा 8 तक बच्चों के लिए उद्घोष एवं कविता पाठ विधा, कक्षा 8 से 11 तक प्रताप की रीति एवं नीति की वर्तमान परिपेक्ष्य में उपादेयता विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता एवं शोध संगोष्ठी के अन्तर्गत शोध पत्रों का वाचन किया गया। समारोह में कुल तीन सत्र हुये । कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डा. परमेन्द्र दशोरा एवं मुख्य अतिथि प्रो. कल्याण सिंह शेखावत थें। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्मारक समिति, मोती मगरी के अध्यक्ष लक्ष्यराज सिंह मेवाड ने की । स्लोगन एवं कविता विधा में 8 बच्चों ने वादविवाद में 16 बच्चों ने एवं शोधपत्र प्रस्तुति में 5 पत्रों का वाचन हुआ।
मुख्य वक्ता परमेन्द्र दशोरा ने कहा कि वेश्चिक परिदृश्य पर प्रताप की विरासत बहुआयामी हैं संचार क्रान्ति में भी इसकी उपयोगिता है। लक्ष्यराज सिंह मेंवाड ने कहा की प्रताप की विरासत के अन्तर्गत हमें सबसे पहले एक अच्छा इंसान बनना होगा । ये ही प्रताप की विरासत की प्रथम अनिवार्य आवश्यकता हैं ।
कार्यक्रम का संचालन डा. चन्दशेखर शर्मा ने किया और कहा कि प्रताप की भौतिक एवं अभौतिक, मूर्त और अमूर्त दानों ही तरह की विरासत को संभालना आज की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में समिति उपाध्यक्ष एस.एस. राणावत, समिति सदस्य प्रो. के.एस. गुप्ता, इकबाल सागर, प्रो. विजया लक्ष्मी चौहान, प्रो. एच.आर. त्यागी, कोषाध्यक्ष शिव प्रसाद राठौड , विद्वानों में जोधपुर के प्रो. एस.वी. व्यास ने शोध सत्र की अध्यक्षता की । वादविवाद में पूर्वी अग्रवाल -महाराणा मेवाड पब्लिक स्कूल ने प्रथम स्थान, सौम्या कपिल – रोकवुडस स्कूल ने द्वितीय स्थान एवं सौरभ चावला, द स्टडी स्कूल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया । कार्यक्रम के सफल होने पर सचिव ने सभी को धन्यवाद ज्ञापन किया।
देहात जिला कांग्रेस ने मनायी पटेल कि पुण्य तिथी

उदयपुर । प्रथम उपप्रधानमंत्री लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर उदयपुर देहात जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता हेमन्त श्रीमाली ने बताया कि जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला,जिला प्रमुख मधु मेहता, उपजिला प्रमुख श्यामलाल चौधरी, इंटक कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष जगदीशराज श्रीमाली, महामंत्री मथुरेश नागदा, दिलीप प्रभाकर, भीण्डर नगर पालिका अध्यक्ष देवेन्द्रसिंह शक्तावत, सचिव कमलसिंह चौधरी, किशन वाधवानी, कार्यकारिणी सदस्य लक्ष्मीनारायण मेघवाल, महिला कांग्रेस नेता पूर्णिमा मेनारिया, फल सब्जी मण्डी अध्यक्ष मोडसिह सिसोदिया, कृषि मण्डी अनाज अध्यक्ष मगनीबाई पटेल, अजीज खान पठान, ओमप्रकाश गमेती, व्यापार प्रकोष्ठ के धर्मसिंह सुहालका, युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव शंकर चंदेल, राकेश जैन, वरिष्ठ कांग्रेस नेता जगन्नाथ शर्मा, मोहम्मद युसुफ छीपा, महेन्द्र डामोर आदि ने सरदार पटेल को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए देश के एकीकरण के लिए किये गये उनके कार्यो को याद किया।
श्रीमाली ने बताया कि पुष्पांजलि कार्यक्रम के पश्चात केन्द्रीय श्रम मंत्री शीशराम ओला के निधन पर कार्यकारिणी ने शोक प्रस्ताव पारित करते हुए दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की।
जिलाध्यक्ष झाला ने बयान जारी कर कहा कि शीशराम ओला के निधन से कांग्रेस में एक युग का अन्त हो गया। ओला ने अपने राजनैतिक जीवन में सदैव किसानों एवं श्रमिकों के हित में कार्य करते हुए युवा शक्ति को प्रेरणा देकर संगठन की मजबूती के लिए कार्य किया।
राजस्थान साहित्य अकादमी के पुरस्कारों की घोषणा
उदयपुर । राजस्थान साहित्य अकादमी द्वारा वर्ष 2013-14 के लिए वार्षिक पुरस्कारों की घोषणा आज कर दी गई है। यह जानकारी देते हुए अकादमी अध्यक्ष वेदव्यास ने बताया कि इस वर्ष का सर्वोच्च मीरा पुरस्कार कांकरोली के कमर मेवाड़ी को उनके कहानी संग्रह ‘जिजीविषा’ और अन्य कहानियों पर दिया जाएगा।
इसी प्रकार इस वर्ष का सुधीन्द्र पुरस्कार अजमेर के डॉ. अनुराग शर्मा को उनके कविता संग्रह ‘तेरे जाने के बाद तेरे आने से पहले’ पर दिया जा रहा है जबकि रांगेय राघव पुरस्कार जयपुर के रामकुमार सिंह को उनके कहानी संग्रह ‘भोभर तथा अन्य कहानियां’ पर मिलेगा।
अकादमी अध्यक्ष ने आगे बताया कि वर्ष 2013-14 की पुरस्कार योजना के अन्तर्गत देवीलाल सांभर पुरस्कार जयपुर के सुनील खन्ना को उनकी नाट्य पुस्तक ‘नव्य लघु नाटक’ पर दिया जाएगा वहां आलोचना का देवराज उपाध्याय पुरस्कार कोटा के डॉ. नरेन्द्र चतुर्वेदी को उनकी पुस्तक ‘हाड़ौती अंचल की हिन्दी काव्य परम्परा और विकास पर’ मिलेगा।
वेदव्यास ने बताया कि इस बार कन्हैयालाल सहल पुरस्कार सवाई माधोपुर के प्रभाशंकर उपाध्याय को उनके व्यंग्य संग्रह ‘काग के भाग बड़े’ पर मिलेगा वहीं डॉ. आलमशाह खान अनुवाद पुरस्कार बीकानेर के जेठमल मारू को उनकी पुस्तक ‘ईप्सितायन’ दिया जा रहा है। इसी प्रकार मरूधर मृदुल युवा लेखन पुरस्कार उदयपुर की रीना मेनारिया को उनकी पुस्तक ‘उधार के कौर’ (कहानी) पर दिया गया है वहीं प्रभाखेतान प्रवासी रचनाकार पुरस्कार हरियाणा से कमल कपूर को उनकी पुस्तक ‘कदम्ब की छांव’ पर दिया गया है। अकादमी पुरस्कार योजना में इस बार शंभूदयाल सक्सेना बाल साहित्य पुरस्कार भीलवाड़ा के सत्यनारायण को उनकी पुस्तक ‘अनोखा फैसला’ के लिए दिया जाएगा वहीं सुमनेश जोशी प्रथम प्रकाशित कृति पुरस्कार कोटा के रामनारायण हलधर को उनकी कविता पुस्तक ‘शिखरों के हकदार’ पर मिलेगा।
अकादमी अध्यक्ष ने जानकारी दी कि मीरा पुरस्कार में विजेता को जहां 75,000 रु. की राशि दी जाती है वहां अन्य सभी पुरस्कारों में 31,000 रुपए की राशि दी जाती है तथा प्रथम प्रकाशित कृति के सुमनेश जोशी पुरस्कार में विजेता को 15,000 रुपए की राशि सम्मान-पत्र आदि भेंट किए जाते हैं।
हिन्दुस्तान जिंक के अखिलेष जोषी बिजनीस टूडे बेस्ट सीईओ अवार्ड से सम्मानित

कोर सेक्टर में उत्कृष्ट एवं अंतर्राष्टीय स्तर पर बेहतरीन कार्य करने के लिए बिजनीस टूडे ने किया सम्मानित
हिन्दुस्तान जिंक के सीईओ श्री अखिलेष जोषी को कोर सेक्टर में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए तथा हिन्दुस्तान जिंक को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाने के लिए भारत में बहुचर्चित बिजनीस मैगज़ीन ‘बिजनीस टूडे’ ने दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में 13 दिसम्बर, 2013 को सम्मनित किया। यह प्रतिष्ठत पुरस्कार आईसीआईसीआई बैंक के चेयरमैन, श्री केवी कामथ की अध्यक्षता में गठित कमिटि ने प्रस्तावित किया। श्री जोषी को ‘बी.टी बेस्ट सीइओ’ (कोर सेक्टर अवार्ड) भारत के माननीय केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री आनन्द शर्मा ने प्रदान किया। साथ ही उपस्थित रहे बिजनीस टूडे के एडीटर-इन-चीफ श्री अरूण पुरी। भारत के विभिन्न कंपनियों के उच्च अधिकारी भी इस समारोह में शामिल हुए ।
हाल ही में, अखिलेष जोषी को अलौह धातु उद्योग क्षे़त्र में उल्लेखनीय योगदान के लिये 6 दिसम्बर, 2013 को नई दिल्ली में भारतीय धातु संस्थान, कोलकत्ता ने स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जा चुका है।
गत 35 वर्षों से अखिलेष जोषी खनन उद्योग क्षेत्र से जुड़े हुए है तथा इनके नेतृत्व में हिन्दुस्तान जिंक की सभी खदानों ने जैसे रामपुरा-आगुचा, जावर खदान, राजपुरा दरीबा खान तथा सिन्देसर खुर्द खदानों ने उल्लेखनीय विस्तार किया है। आज इन सभी खदानों की वार्षिक उत्पादन क्षमता 10 मिलियन टन से अधिक पहुंच चुकी है।
हिन्दुस्तान जिं़क की खदानों द्वारा सुरक्षा, पर्यावरण तथा स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए, श्री अखिलेष जोषी ने ना सिर्फ खदानों का विस्तार किया अपितु कंपनी की बढ़ती उत्पादन क्षमता के मध्य नजर नये स्मेल्टरों के भी अयस्क की आवष्यकता को पूरा किया। सन् 1976 में सहायक अभियन्ता के पद पर नियुक्त हुए तथा विभिन्न पदों पर कार्य करते हुए श्री अखिलेष जोषी 1997 में विष्व की सबसे बड़ी जस्ता-सीसा खदान, रामपुरा आगुचा खदान, के मुख्य खनन प्रचालन अधिकारी के पदभार को सम्भाला।
विनिवेष के पश्चात्् 2003 में श्री अखिलेष जोषी रामपुरा आगुचा खदान के इकाई प्रधान के रूप में पदासीन हुए। शीघ्र ही उन्हें हिन्दुस्तान ज़िंक की सभी खदानों के विस्तार की जिम्मेदारी भी सौंफ दी गई ।
इनके द्वारा लिखित पुस्तक ‘ब्लास्ट, डिजाईन, थ्योरी एण्ड प्रेक्टिस’ आज भी नव आगन्तुक अभियन्ताओं को पढ़ाई जाती है जो कि खनन अभियन्ताओं को खनन क्षेत्र में विस्तृत जानकारी प्रदान करती है।
श्री अखिलेष जोषी अक्टूबर 2008 में मुख्य प्रचालन अधिकारी का कार्यभार संभाला तथा जनवरी 2012 में श्री जोषी हिन्दुस्तान जिं़क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर आसीन हुए ।
खनन क्षेत्र में अपनी प्रतिभा तथा उल्लेखनीय कार्य के लिए श्री अखिलेष जोषी को सन् 2006 में भी प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय खनिज पुरस्कार’ से सम्मानित किया जा चुका है। सन् 2012 में भारत सरकार के तत्कालीन वित्तमंत्री श्री प्रणव मुखर्जी ने भी श्री अखिलेष जोषी को उनके खनन क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित हो चुके है तथा सन् 2013 में इण्डियन माईनिंग इंजीनियरिंग जर्नल (आई.एम.ई.जे.) ने ‘‘स्वच्छ खनन तकनीक’’ के क्षेत्र में उल्लेखनीय तथा अति विषिष्ट कार्य एवं योगदान के लिए श्री जोषी को प्रतिष्ठित ‘लाइफ टाइम् एचीवमेन्ट अवार्ड’ से सम्मानित किया है।
हिन्दुस्तान जिंक आज विष्व का सबसे बड़ा एकीकृत जस्ता-सीसा उत्पादक है तथा देष की 90 प्रतिषत जस्ता की आपूर्ति कर रहा है ।
बिजनीस टूडे द्वारा श्री अखिलेष जोषी को बेहतरीन कार्य के ‘बी.टी. बेस्ट सीईओ अवार्ड’ श्री अखिलेष जोषी की दूरदर्षिता, रणनीति तथा कार्यकुषलता को दर्षाता है।
परीक्षा फॉर्म जमा कराने का इम्तिहान, जानें कौन से दस्तावेज ले जाना है जरूरी
उदयपुर. एमजी कॉलेज में मंगलवार को छात्राओं के लिए परीक्षा के आवेदन जमा कराना किसी इम्तिहान जैसा ही था। कॉलेज प्रशासन ने यह काम बुधवार से शुरू होना बताया था। फिर भी बड़ी संख्या में छात्राएं एक दिन पहले पहुंच गईं।
कई छात्राओं को दो-ढाई घंटे कतार में लगने के बावजूद अधूरे आवेदन पर मायूसी हाथ लगी। प्रिंसिपल डॉ. सविता जोशी ने बताया कि यूनिवर्सिटी ने आवेदन लेने की तिथि 11 से 14 दिसम्बर तय की है। छात्राओं की सुविधा देखते हुए तीन काउंटर पर आवेदन ले रहे थे, बुधवार से चार और काउंटर शुरू करेंगे।
ये दस्तावेज लाएं
प्रथम वर्ष छात्राओं को प्राइवेट परीक्षा आवेदन के साथ एनरोलमेंट आवेदन भी जमा कराना है। इसके साथ 10वीं, 12वीं उत्तीर्ण की और चालान की फोटो कॉपी लगेगी। टीसी और माइग्रेशन प्रमाण पत्र की मूल प्रति लगानी होगी। प्राइवेट और नियमित द्वितीय वर्ष की छात्रा को प्रथम वर्ष और तृतीय वर्ष की छात्रा को द्वितीय वर्ष की फोटो कॉपी लगानी है। प्रथम वर्ष नियमित छात्रा को 12वीं की फोटो कॉपी व चालान की कॉपी जमा करानी है।
Vedanta “Khushi” Now Has Child Care Centres in Tamil Nadu
Vedanta’s “Khushi” project moves to deep rural villages to provide health, nutrition and education to deprived children
Now, Vedanta Khushi has 12 Child Care Centres in the state of Tamil Nadu at Athimarapatti, Jahirhussain Nagar, Jamirviyas, Bharathi Nagar, Kumaran Nagar, Mattakadai, Puthukumaran Nagar, Rajiv Nagar, Savariarpuram, SBI Colony, Thalamuthu Nagar and Sami Nagar. Keeping the focus alive to strengthen the girl child presence in each centre, the Vedanta Khushi campaign has been able to get more than 50% girl child in the these centres. The total strength of children in these centres is 405, and out of these, 207 are girls, which is more than 50%.
India is a country with largest child population, largest child deaths, largest street children and largest malnourished children in the world. Seeing this state of the country, for once we felt apprehensive about building India for the future. It is sure, government, NGOs, corporates alone cannot bring this problem to a solution alone and common masses need to align and join on such mammoth national missions.
This is where Vedanta decided to spread the message of “Khushi” – Care for the Underprivileged Children. Awareness is the key for bringing change, as only due to awareness the knowledge gets shared.
The campaign Vedanta “Khushi” has ultimate objective to see no child in India remains malnourished and is deprived of primary health, education and nutrition.
आम आदमी की जेब पर बढ़ेगा बोझ, एलपीजी सिलेंडर हुआ महंगा
Udaipur सरकार ने मंगलवार को रसोई गैस सिलिंडर (14.2 किग्रा.) की कीमत में 3.46 रूपये की वृद्धि की घोषणा की। गैस सिलिंडर के डीलरों पर इतने ही रूपयों का कमीशन बढ़ाने के बाद यह घोषणा की गई।
पेट्रोलियम मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, “”डीलरों को भुगतान किए जाने वाले प्रति सिलिंडर (14.2 किग्रा.) कमीशन राशि में 3.46 रूपयों की वृद्धि कर उसे 40.71 रूपये कर दिया गया। परिणाम स्वरूप रसोई गैस सिलिंडर के खुदरा मूल्य में भी इतनी ही वृद्धि कर दी गई।””
रसोई गैस की कीमत में यह वृद्धि तत्काल प्रभाव से लागू होगी। अब 14.2 किग्रा. भार वाला घरेलू गैस सिलिंडर 410.50 रूपये की बजाय 413.96 रूपये में उपलब्ध होगा।
घरेलू गैस की कीमतों में पिछली बार अक्टूबर, 2012 में वृद्धि की गई थी। तब भी डीलरों के कमीशन में वृद्धि के कारण ही कीमतें बढ़ी थीं।
अधिकारी ने बताया कि बिना रियायत वाले एलपीजी सिलिंडर की बिक्री पर 40.71 रूपये के कमीशन पर लगने वाले 75 पैसे के अतिरिक्त कमीशन में कोई संशोधन नहीं किया गया है।
बिना रियायत वाले एलपीजी सिलिंडर की बाजार में कीमत 1,017.50 रूपये है।
बाल झड़ रहे हैं तो अपनाइये ये घरेलू नुस्खे – NICC BEAUTY TIPS

अगर आपके बाल तेजी से झड़ रहे हैं तो बाजार में ऐसी बहुत सी चीजे़ उपलब्ध हैं जो आपके बालों को झड़ने से रोकेगीं। लेकिन आपको आंख बंद कर के इन्हें नहीं खरीदना है। आपको अपनाने चाहिये कुछ घरेलू नुस्खे जो बालों को झड़ने से रोकें और साथ साथ कोई बुरा असर भी ना छोड़े। बाल झड़ने के ढेरों कारण हो सकते हैं जैसे, सही आहार ना लेना या फिर हार्ड वॉटर का इस्तमाल करना। मौसम में बदलाव भी बालों के टूटने का कारण बनता है। आज NICC ब्यूटी क्लिनिक की डय़रेक्टर डॉ स्वीटी छाबड़ा आपको कुछ आसान से घरेलू नुस्खे बताएंगी जिसे आप बालों को झड़ने से रोकने के लिये लगा सकती हैं। यह सामग्रियां आपको बाजार में नहीं बल्कि आपके किचन में ही मिल जाएंगी। तो देर किस बात की आइये जानते हैं कि कौन सी हैं वे सामग्रियां जिनसे रूक जाता है बालों का झड़ना।
आमला :आमला बालों को झड़ने से रोकता है। आमला के पाउडर में पानी मिला कर सिर में लगाइये और जब यह सूख जाए तब सिर धो लीजिये।
हिना : हिना की पत्तियों में जो तत्व मिले रहते हैं वह बालों की जड़ों तक जाते हैं। महीने में एक बार हिना पाउडर सिर में लगाना ही चाहिये।
प्याज : अगर बाल झड़ रहे हैं तो प्याज को घिसिये और उसके रस को सिर में लगाइये। फिर 10 मिनट के बाद सिर को साफ पानी से धो लीजिये।
नारियल : नारियल का दूध बालों की जड़ों को मजबूत करता है। दूध को सिर पर 1 घंटे के लिये लगाए रखने के बाद धो लीजिये।
दूध : अपने सिर को 1 गिलास दूध से मसाज करें और फिर 15 मिनट के बाद सिर को पानी से धो लीजिये। महीने में एक बार ऐसा जरुर करें।
सरसों का तेल : अगर सिर से बाल झड़ रहे हैं तो सरसों का तेल ही लगाना चाहिये।
कॉफी सिर पर ब्लैक कॉफी से मसाज करें और 10 मिनट के बाद सिर पानी से धो लें। ऐसा दुबारा दो हफ्तों के बाद फिर से करें।
अंडा : अंडे का पीला भाग बालों को मजबूत करता है।
बादाम : बादाम को कूंच कर दूध के साथ मिक्स करें और बालों में हेयर पैक बना कर लगा लें। इसके अलावा आप बादाम तेल भी लगा सकती हैं।


