GBH अमेरिकन हॉस्पिटल व सर्राफा व्यवसाइयों के यहाँ आयकर के छापे – लेक सिटी में आयकर विभाग की कार्यवाही से मचा हडकम्प।

उदयपुर। उदयपुर में बुधवार से शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग की कार्यवाही जारी है बूधवार को शहर के जीबीएच चिकित्सालय पर आयकर द्वारा कारवाई की गई जब कि उसी चिकत्सालय की बेडवास स्थित इकाई पर भी गुरुवार को कार्यवाही के साथ ही शहर के आधा दर्जन सर्राफा व्यवसाईयों सहित उनके नौ ठीकानो पर कार्यवाही के समाचार मिले है।
गुरुवार को शहर में आधे दर्जन से ज्यादा ज्वैलरी शॉप पर एक साथ आयकर विभाग की टीमें पंहुची तो वंहा पर हडकंप मच गया और अधिकांश सर्राफा व्यवसायियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिये कार्यवाही के दौरान पुलिस जाप्ता भी तैनात रहा । हालाकि सर्वे पूरा होने से पहले इनकम टैक्स के अधिकारी कुछ भी कहने को तैयार नही है, लेकिन जिस तरह से एक साथ आधे दर्जन से ज्यादा जगहों पर एक साथ इस कार्रवाई को अंजाम दिया हो सकता है कि सर्वे पूरा होने के बाद बडा खुलासा हो। जंहा जंहा छापे के कार्य शुरू हुए उन शॉप के बाहर पुलिस के जवानों को तैनात कर दिया ताकि कोई अंदर बाहर नही हो सकें। इसके अलावा सर्वे के दौरान सभी से पूछताछ करने की बात भी सामने आ रही है। अपुष्ट जानकारी के अनुसार व्यवसायियों के कार्यलयों एवं आवासों पर भी देर शाम तक विभाग की कार्यवाही जारी था, सूत्रों ने बताया की कार्यवाही आगामी २ -3 दिन और चलने की सम्भावना है उसके बाद ही पता चलेगा की कहाँ कितना अघोषित धन मिला है, जिन प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्यवाही की गई उनमे बड़ा बाज़ार स्थित मुर्डिया ज्वेलर्सएअमृत ज्वेलर्स तथा भट्टजी की बाड़ी स्थित राजावत ज्वेलर्स मुख्य हैध्
दूसरी और जीबीएच चिकित्सालय प्रशासन ने इसे विभाग की एक सामान्य कार्यवाही बताते हुए अपनी सफाई में कहा की विभाग द्वारा की गई कार्यवाही में किसी भी प्रकार की अनियमितता नही मिली है।
लेकिन इसके विपरीत अगर सूत्रों की माने तो जीबीएच अमेरिकन हॉस्पिटल से आयकर टीम ने 1.1 करोड़ रूपए जब्त किए है।
आयकर विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जीबीएच अमेरिकन हॉस्पिटल में आयकर टीम ने बुधवार को छापा मारा था। कार्यवाही के दौरान टीम 1.1 करोड़ की नगदी बरामद की और दस्तावेज खंगाले।
यह कार्यवाही आयकर विभाग की इनवेस्टिगेशन विंग के संयुक्त निदेशक एम. रघुवीर के निर्देशन में चल रही है।

MLSU में हंगामा, वीसी और रजिस्ट्रार आपने सामने – दिवंगत विजय श्रीमाली को एलडीसी भर्ती का जिम्मेदार ठहराने पर हुआ हंगामा।

उदयपुर। मोहनलाल सुखाडिया यूनिवर्सिटी में गुरुवार को जम कर हंगामा हुआ। पहले छात्रों का प्रदर्शन फिर वीसी और रजिस्ट्रार में तू तू मै – मैं। वजह थी एलडीसी भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी का ठीकरा सुखाडिया विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा एमडीएस विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति दिवंगत विजय श्रीमाली के सर फोड़ना। हंगामा तब समाप्त हुआ जब सुखाडिया के कुलपति जेपी शर्मा ने फ़ाइल में विजय श्रीमाली पर लगाए आरोप को लेकर नोटिंग की।
आज सुबह से सुखाडिया विश्वविद्यालय का प्रशासनिक भवन हंगामों का अखाड़ा बना रहा। कुलपति जेपी शर्मा द्वारा दिवंगत विजय श्रीमाली पर आरोप लगाने के बाद गुरुवार को सुबह बड़ी तादाद में श्रीमाली समाज के लोग और छात्र युनिवर्सिटी कैम्पस में इकट्ठा हो गए और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान सभी लोगों ने जमकर हंगामा करते हुए विश्वविद्यालय को बंद करवा दिया। प्रदर्षनकारियों ने वीसी जेपी शर्मा के पहुचने पर खासी फजीहत की और अपशब्द तक कह दिए। सभी का कहना था कि प्रोफेसर श्रीमाली अब इस दुनिया मे नही हैं और इन आरोपों का जवाब नही दे सकते। उनकी निष्ठाए ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता से समूचा मेवाड़ क्षेत्र परिचित है।
बाद जब प्रदर्शनकारी कुलपति के ऑफिस के अन्दर जवाब मांगने पहुचे तब उन्ही के सामने फ़ाइल में स्व. विजय श्रीमाली को जिम्मेदार ठहराने वाले नोट को लेकर वीसी जेपी शर्मा और रजिस्ट्रार हिम्मतसिंह भाटी एक दुसरे के आमने सामने हो गए। भाटी ने वीसी पर आरोप लगाते हुए कहा कि सब उन्ही का किया धरा है। यही नहीं सबके सामने भाटी ने वीसी को नॉनसेन्स तक कह दिया। वैसे रजिस्ट्रार भाटी ने अपनी पीड़ा बताते हुए यह भी कहा कि जिम्मेदारी तो मेरी रह जाती है कोर्ट में और उच्च स्तर पर जवाब मुझे देना पड़ता है। ऐसे में बिना अपराध के ही कटघरे में उन्हें खड़ा रहना पड़ता है।
गौरतलब है कि सुखाडिया विश्वविद्यालय की एलडीसी में भर्ती को लेकर काफी गड़बड़ियाँ सामने आई थी। जिसके बाद राज्यपाल कल्याण सिंह ने भर्ती पर रोक लगा रखी थी और प्रतापनगर थाने में एफ़ाइआर भी दर्ज करवाई गयी थी, जिसकी जांच चल रही थी। जब पुलिस ने विश्वविद्यालय से भर्ती प्रक्रिया के जिम्मेदारों की जानकारी मांगी तो कुलपति ने पेपर छापने वाली प्रिंटिंग प्रेस और दिवंगत विजय श्रीमाली के नाम बता दिए और इस प्रक्रिया का जिम्मेदार बता दिया। इसी बात को लेकर आज हंगामा हुआ।
करीब चार घण्टों तक चली इस गहमागहमी और हंगामे के बाद आखिरकार वाईस चांसलर जेपी षर्मा को झुकना ही पड़ा और एलडीसी भर्ती की उस फाईल में जहां प्रोफेसर विजय श्रीमाली को कान्फिडेंषल कोर्डिनेटर बता कर गड़बड़ी का आरोपी ठहराया गया था उसी फाईल में नोटिंग करते हुए श्री शर्मा ने स्वर्गीय श्रीमाली को पेपर सेटिंग और प्रिन्टिंग सेटिंग से कोई रसूखात नहीं होने की बात दर्ज की तब कही जा कर मामला शांत हुआ।

उदयपुर के महत्वपूर्ण पद संभालेगें आईएएस पति-पत्नी अंजलि व अंकित।

उदयपुर। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के दो अधिकारी उदयपुर पोस्टिंग हुई है, ये पति-पत्नी है। कार्मिक विभाग ने बुधवार देर रात को जारी की सूची में इन दोनों को उदयपुर में नियुक्त किया है। राज्य सरकार ने उदयपुर नगर निगम में आयुक्त के पद अंजलि राजोरिया को लगाया है, उसी सूची में जिला परिषद चित्तौडग़ढ़ के सीईओ अंकित कुमार सिंह को भी उदयपुर भेजा गया है, सिंह को उदयपुर में राजस्थान राज्य खान एवं खनिज निगम लि. (आरएसएमएमएस) का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। बड़ी बात यह है कि यहां नगर निगम के पहले जो आयुक्त थे आईएएस सिद्धार्थ सिहाग भी झालावाड़ में कलक्टर बनकर गए, उनकी पत्नी रूकमणि सिहाग भी बूंदी कलक्टर बनी।
तब अजमेर में पति से ही चार्ज लिया अंजलि ने :
अंजलि जब गोगुंदा उपखंड अधिकारी से स्थानांतरित होकर अजमेर गई तो वहां पर उपखंंड अधिकारी का चार्ज भी अपने पति अंकित कुमार सिंह से लिया था, तब अंकित कुमार सिंह का तबादला जिला परिषद सीईओ चित्तौडग़ढ़ के पद पर हुआ था।

जानिए अंजलि राजोरिया को

आईएएस अंजलि मूल राजस्थान से ही है। 2015 में मसूरी से ट्रेनिंग की अवधि रही। इसके बाद जुलाई 2017 में वे केन्द्र सरकार में औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग नई दिल्ली में असिसटेंट सेक्रेटी के पद की जि मेदारी संभाली। अक्टूबर 2017 में अंजलि उदयपुर के गोगुंदा में उपखंड अधिकारी बनकर आई और मई 2017 में वे अजमेर में उपखंड अधिकारी व उपखंड मजिस्ट्रेट के पद काम संभाला। 2 जनवरी 2019 को उनका तबादला उदयपुर में नगर निगम आयुक्त के पद पर कर दिया गया।

जानिए अंकित कुमार सिंह को :

उत्तरप्रदेश मूल के अंकित कुमार सिंह ने बीटेक (इलेक्ट्रोनिक्स एवं क युनिकेशन) में किया। आईएएस अंकित जुलाई 2017 में उपखंड अधिकारी अजमेर रहे, इसके बाद उनका वहां से सीईओ जिला परिषद चित्तौडग़ढ़ के पद तबादला हो गया था। अब सरकार ने उनको 2 जनवरी 2019 को खान एवं खनिज निगम उदयपुर में एमडी बना दिया है।

एक मृत्यु प्रमाण पत्र की कीमत 30 हज़ार रूपये – ये उदयपुर का एमबी अस्पताल है , यहाँ टल्ला देने के लिए दिन भर दौडाते है।

उदयपुर. साहब, आपके अस्पताल में ही आदमी मरा है, सिर्फ कागज पर लिखकर दे दो कि उसकी मौत हो गई। परिजने के इस अनुनय – विनय को सुनकर हर कोई द्रवित हो गया लेकिन अस्पताल के कार्मिक जरा भी नहीं पसीजे। कोसों दूर से किराए की गाड़ी लेकर आए परिजनों को कार्मिकों ने सुबह से शाम तक अलग-अलग दफ्तरों में चक्कर कटवाए। शाम को छुट्टी का समय पूरा होते ही कार्मिक घर चले गए लेकिन उन्होंने मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं | दिया और बोले ‘अब कल आना।’ | यह वेदना भरतपुर जिले के जीराहेड़ा पाड़ निवासी मजलिस खां व उनके परिजनों की है। इनके परिवार के वारिश (20) पुत्र इस्माइल मेव का गत 5 दिसम्बर को गंगरार के निकट एक दुर्घटना में निधन हो गया था। पेशे से ट्रक चालक वारिश दुर्घटना के दौरान खलासी मोहसम के साथ मुंबई से दिल्ली जा रहा था। हादसे में चालक व खलासी दोनों घायल हो गए। गंगरार में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनें को यहां एमबी चिकित्सालय रेफर किया लेकिन रास्ते में वारिश ने दम तोड़ दिया। 6 दिसम्बर को चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजने के सुपर्द किया। उसी दिन घायल खलासी को छुट्टी दे दी लेकिन उसे भी डिस्चार्ज टिकट नहीं दिया। अब म्रत्युप्रमण पत्र के लिए उन्हें करीब 30 हज़ार रूपये खर्च करने पढ़ रहे है जिसमे गाडी भाडा और होटल किराया शामिल है।

किराए की गाड़ी लेकर आए, निकाल दिया दिन
दुर्घटना क्लेम के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र की आवश्यकता होने पर परिजन किराए की गाड़ी से पहले गंगरार थाने पहुंचे, जहां आईओ ने उन्हें पंचनामा रिपोर्ट देकर मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए एमवी चिकित्सालय भेज दिया। परिजन सुबह 8 बजे अस्पताल पहुंच गए। परिजन जैसे-तैसे रिकॉर्ड रूम में पहुंच गए, जहां तैनात मैडम ने पहले उन्हें अधीक्षक कार्यालय से लिखवा कर लाने के लिए भेज दिया। प्राचार्य कार्यालय, रिकॉर्ड रूम, मुर्दाघर, मेडिकल कॉलेज सहित अन्य विभागों के चक्कर काटते हुए परिजने का पूरा दिन गुजर गया लेकिन किसी ने उन्हें कौनसे कागज़ कहां मिलेगें, कोई जानकारी नहीं दी।

अस्पताल में चक्कर काटते हुए पीड़ित परिवार अपराह्न साढ़े तीन बजे मुर्दाघर में पहुंचा। वहां पर दैनिक अखबार राजस्थान पत्रिका संवाददाता मोहम्मद इलियास ने थके-हारे परिजनों से बातचीत की तो पूरा माजरा सामने आया। संवाददाता इलियास ने मोबाइल पर गंगरार थाने के आईओ से बातचीत कर ऑनलाइन पोस्टमार्टम रिपोर्ट मंगवाई। बाद में सभी दस्तावेज तैयार कर रिकॉर्ड रुम भेजा तो वहां ड्यूटी टाइम पूरा होने की बात कर कल आने का कहकर टाल दिया।

हिंसक पब्जी गेम की वजह से छात्र हुआ उग्र – घर में की तोड़ फोड़ , खुद को किया बाथरूम में बंद।

मोहम्मद इलियास ( वरिष्ठ पत्रकार राजस्थान पत्रिका )

उदयपुर . क्या आपके बच्चे मोबाइल पर हिंसक वीडियो गेम खोलते हैं। अगर हां तो आप उन पर नजर रखिये। ये गेम न केवल उन्हें तनाव में ला सकते हैं बल्कि बर्बाद कर सकते हैं। हिंसक pubg वीडियो गेम से शहर के सुखेर क्षेत्र में एक 14 वर्षीय छात्र की जान संकट में आ गई। गेम का लेवल पूरा नहीं होने पर वह इतना तनाव में आ गया कि उसने स्कुल जाना छोड़ दिया। रोका-टोकी से झुंझलाकर उसने घर में तोड़फोड़ की। हद तो तब हो गई जब उसने स्वयं को कमरे में बंद कर लिया। परिजन जब दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे तो वह बाथरूम में बंद हो गया। जैसे-तैसे उसे बाहर निकाला, उसकी हालत देख परिजनों व अन्य की रूलाई फूट पड़ी पुलिस ने चाइल्ड लाइन के सहयोग से छात्र से बातचीत की तो वह पहले कुछ नहीं बोल पाया। बाद में उसने pubg गेम व उसका लेवल पूरा नहीं होने के बारे में बताया तब सब चोंक पड़े बाद में पुलिस व अन्य सभी ने मिल कर उसकी काउंसलिंग की तब जा कर बच्चा सामान्य हो पाया। निजी स्कूल में पढ़ने वाला सांतवी क्लास का यह बालक पढ़े लिखे सभी परिवार का है।

एक माह से खेल रहा था रात में गेम
परिजनों ने बताया कि दो बच्चों में वह छोटा है। वह क्रिकेट का अच्छा खिलाड़ी हैं। डेढ़ माह पहले किसी रिश्तेदार ने उसे हिंसक pubg वीडियो गेम के बारे में बताया तो वह उसे लगातार खेलने लगा। एक माह से वह मोबाइल पर पूरी-पूरी त । यह गेम को खेल रहा था। विक्की का अलग कमरा होने से परिजनों को पहले इसका पता नहीं चला लेकिन जब वह स्कूल के लिए बहानेबाजी करने लगा तो परिजनों को शक हुआ।उन्होंने उसे गेम खेलते हुए पकड़ लिया। घर से बाहर निकलना बंद कर दिया। बातचीत करने पर वह झगड़े के साथ ही तोड़फोड़ करने लगा। उसने घर पर वाशिंग मशीन गिरा दी, कूलर तोड़ दिया। कई सामान को क्षतिग्रस्त कर भारी नुकसान पहुंचाया।

एक्सपर्ट व्यू

1 इंटरनेट एक नशा है। परिवार की ओर से बच्चों पर ध्यान नहीं देने ५ से धीरे-धीरे आदत पड़ जाती हैं। इंटरनेट सुविधा नहीं मिलने पर बराहट व बेचैनी होती है। नुकसान के बारे में जानकार भी इसे छोड़ नहीं पता। कई बार तो वह मानसिक रोगी हो जाता है। उसे काउंसलिंग की सख्त जरूरत होती है। इस केस में भी सही काउसलिंग से छात्र स्वस्थ हो सकता है। डॉ.सुशील खेराड़ा, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष मनोरोग विभाग

हिंसक पबजी “PUBG” (Player Unknown’s Battle Ground) :

पबजी (प्लयेर अननोज बैटल ग्राउंड) एक ऑनलाइन मल्टीप्लेयर बैटल रॉयल गेम है। दक्षिण कोरिया से आए इस वीडियो गेम में एक द्वीप पर सौ से अधिक खिलाड़ी पैराट से उतरते हैं। इस गेम में बचने के लिए दूसरों को मारने के लिए हथियारों व उपकरणों उपयोग किया जाता है। खेल एक सर्कल में होता है जो गेम खेलने के साथ बचे
जीवित खिलाड़ियों के साथ छोटा होता जाता है,ताकि मुठभेड़ों के लिए मजबूर किया जा सके। इसमें अंतिम खिलाड़ी या टीम राउंड जीतती है। यह गेम मार्च 2017 में पहली बार रिलीज किया गया था। गेम में मनोरंजन के लिए इस पर कई फनी वीडियो भी बने। इस गेम में टीम प्लेयर आपस में बात करते रहते हैं।

कमरे में बंद कर लिया

शुक्रवार को तो छात्र ने स्वयं को कमरे में बंद कर लिया। बाहर से आवाज लगाने पर भी उसने कोई जवाब नहीं दिया तो घर में रुलाई फूट पड़ी। पास-पड़ोसी इकट्ठा हो गए। परिजनों ने बाद में कमरे का दरवाजा तोड़ा तो उसने स्वयं को बाथरूम में बंद कर लिया। बाद में परिजनों ने बाथरूम का दरवाजा तड़कर उसे बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी।

मन मस्तिष्क पर असर

चिकित्सकों के अनुसार हिंसक वीडियो गेम्स खेलने वालों के मन मस्तिष्क पर असर पड़त है। वर्ष 2013 में गेमिंग लत को एक मानसिक स्वास्थ्य विकार के रूप में भी घोषित किया गया है। इस खेल से इमोशनल डिसऑर्डर, व्यवहार में परिवर्तन, मौखिक मेमोरी का कमजोर होना, एकाग्रता में कमी, पारिवारिक बातचीत में समस्याएं उग्न व्यवहार एवं झगड़ालू प्रवृत्ति आदि बढ़ती है।

उदयपुर में पहली महिला कलेक्टर ने पदभार सम्भाला और कहा ,. ” महिला कलेक्टर हूँ इसका मतलब यह नहीं कि ,……. |

उदयपुर। प्रदेश में नई सरकार बनने के साथ ही प्रशासनिक हल्कों में फेरबदल के चलते उदयपुर में भी पहले अधिकारी के रूप में पहली महिला कलेक्टर आनंदी ने गुरूवार को पदभार संभाला। चार दशकों में यह पहला मौका होगा जब किसी महिला कलेक्टर को उदयपुर में लगाया गया है। आनंदी के उदयपुर पहुंचने पर महकमे के अधिकारियों द्वारा उनका स्वागत किया गया। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर शहर सहित मीडियाकर्मी मौजूद थे। आनंदी ने पदभार संभालने के बाद प्रेस से बातचीत करते हुए उनकी प्राथमिकताओं को सबके सामने रखा। उनका कहना था कि झीलों की नगरी उदयपुर की दुनिया भर में अलग ही पहचान है। इस पहचान को बनाए रखने के साथ . साथ यहां की समस्याओं से कैसे निपटा जाए और इस खूबसूरत शहर को और कैसे खूबसूरत बनाए जाए इस संदर्भ में आगे कार्य किया जाएगा। लोगों की समस्याओं को समझने के बाद उनके निस्तारण के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। उदयपुर में पहली बार महिला कलेक्टर लगाए जाने के सवाल पर आनंदी ने कहा कि महिलाओं के लिए विशेषतौर पर अलग से कार्य किए जाएंगे। उन्होंने इस बात को भी स्वीकारा कि कहीं ना कहीं महिलाओं में पिछड़ापन रहा है। इस मौके पर आनंदी ने यह जरूर कहा कि जहां- जहां उनकी पोस्टिंग रही है वहां पर अधिक से अधिक महिलाओं के लिए काम करने का प्रयास किया गया है लेकिन ऐसा नहीं है कि पुरुषों के लिए काम नहीं हुआ है। उदयपुर के आदिवासी अंचल को लेकर आनंदी ने यह जरूर कहा कि पहली बार उनकी पोस्टिंग इतने बड़े आदिवासी अंचल क्षेत्र में हुई है। इसलिए पहले वहां की समस्याओं को समझना पड़ेगा और उनके निस्तारण के लिए जिस तरह से जो प्रयास होंगे वह किए जाएंगे। श्रीमती आनंदी ने यह भी कहा कि वह अपने समय में से अधिक से अधिक समय आदिवासी अंचल क्षेत्र के लिए देकर उनको समझने की कोशिश करेगी उसके बाद वहां के विकास के लिए कार्य किए जाएंगे।

प्रतिभावान छात्र मुफ्त में कर सकेगें देश का भ्रमण – आवेदन कैसे करना है समझें।

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देश केप्रतिभावान विद्यार्थियों को शैक्षिक ज्ञान के साथ-साथ राज्य एवं देश के परिवेश भौगोलिक एवं प्राकृतिक स्थिति, ऐतिहासिक स्थल एवं सांस्कृतिक स्थलों की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से राज्य सरकार प्रतिभावान विद्यार्थियों को दस दिन की यात्रा करवाएगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर के निर्देशानुसार 28 दिसम्बर से 6 जनवरी तक यह दस दिवसीय अन्तर राज्य शैक्षिक एवं सांस्कृतिक यात्रा आयोजित होगी। संयुक्त निदेशक भरत मेहता ने बताया कि ऐतिहासिक-सांस्कृतिक- प्राकृतिक धरोहरों से विद्यार्थियों को परिचित कराने के अलावा स्थापत्य कला की जानकारी,विद्यार्थियों को सामुदायिक जीवन से जोडऩे का मकसद है।

संयुक्त निदेशक ने बताया कि यात्रा करने वाले विद्यार्थियों को आवेदन करने के लिए गत कक्षा में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य रखा गया है। मनोनीत प्रमुख यात्रा प्रभारी, उप जिला शिक्षा अधिकारी विजय सारस्वत के नेतृत्व में 66 विद्यार्थियों, 9 मंडल दल प्रभारियों व बीकानेर से 2 निदेशक प्रतिनिधि के सानिध्य में यात्रा दल उदयपुर से अम्बाजी. अहमदाबाद. सूरत . सापुतारा . नासिक . शिरडी. औरंगाबाद . अजंता एलोरा. त्रयम्बकेश्वर . वापी समुद्र तट होते हुए रास्ते के अन्य दर्शनीय स्थलों की यात्रा करते हुए उदयपुर वापसी करेंगें। यात्रा का खर्च सरकार वहन करेगी।

“डॉ सीपी जोशी ने एक लाख कार्यकर्ताओं सहित कांग्रेस छोड़ी” मेसेज वायरल – कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा यह महज़ अफवाह।

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उदयपुर। राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बन गयी। मुख्यमंत्री के बाद मंत्रियों की घोषणा भी हो गयी लेकिन कांग्रेस की मुश्किलें कम होती नज़र नहीं आरही है। जब से मंत्रीमंडल की घोषणा हुई और मेवाड़ से बड़े बड़े नामों की अनदेखी के चलते बड़े कांग्रेस नेताओं के समर्थक आक्रोश में है। मंगलवार से तो एक मेसेज सोशल मिडिया पर वायरल हो रहा है जिसमे लिखा है कि कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री डाॅक्टर सीपी जोशी अपने एक लाख कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस से इस्तीफा दे रहे है। वह कांग्रेस के तीस विधायकों के साथ भारतीय जनता पार्टी को समर्थन देकर सरकार गिरा सकते है। इसका खंडन करने के लिए हालाँकि खुद डॉ सीपी जोशी तो नहीं आये लेकिन राजसमन्द के कांग्रेस जिलाध्यक्ष देवकीनंदन का बयान जरूर आया की यह सिर्फ अफवाह है और यह विरोधियों की साजिश है। भाजपा की यह एक मात्र चाल है।
यह मेसेज अफवाह ही है लेकिन बड़े नेताओं जैसे सीपी जोशी महेंद्रजित सिंह मालविया जैसों को मंत्री मंडल में नहीं लेने के कारण उनके समर्थक और कार्यकर्ताओं में रोष साफ़ देखा जा सकता है। माना जा रहा है कि इसी रोष के कारण नाथद्वारा के विधायक डॉ सीपी जोशी शपथ ग्रहण समारोह में भी नहीं पहुचे थे।

आईएएस के तबादले – उदयपुर की नयी कलेक्टर “आनंदी” , नगरनिगम आयुक्त सिद्धार्थ सिहाग का भी तबादला।

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उदयपुर। कार्मिक विभाग ने मंगलवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 68 अधिकारियों को तबादले किए। इसमें उदयपुर व राजसमंद को भी नए जिला कलक्टर दिए है। उदयपुर संभाग में तैनात सिहाग दम्पती को भी जिला कलक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। उदयपुर जिला कलक्टर बिष्णुचरण मल्लिक को जयपुर में शासन सचिव वित्त (कर) के पद पर लगाया तो वहां पर तैनात श्रीमती आनंदी को उदयपुर कलक्टर की जिम्मेदारी दी। राजसमंद कलक्टर श्यामलाल गुर्जर को जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लि. का प्रबंध निदेशक बनाया तो कार्मिक विभाग में लगे अरविंद कुमार पोसवाल को राजसमंद कलक्टर लगाया। इसी प्रकार उदयपुर नगर निगम आयुक्त व स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ सिद्धार्थ सिहाग को झालावाड़ तो उनकी पत्नी रूक्मणि रियार को बूंदी कलक्टर लगाया गया है।
उदयपुर संभाग में कौन कहा लगा
रीपा के अति. निदेशक सोमनाथ मिश्रा को आबकारी आयुक्त लगाया।
डूंगरपुर जिला कलक्टर राजेन्द्र भट्ट को भीलवाड़ा कलक्टर लगाया।
चेतनराम देवड़ा को जयपुर प्रशासनिक सुधार विभाग से डूंगरपुर कलक्टर बनाया
शिवांगी स्वर्णकार को जयपुर प्रारंभिक शिक्षा से चित्तौडग़ढ़ कलक्टर बनाया
आशीष गुप्ता जयपुर जिला परिषद सीईओ को बांसवाड़ा कलक्टर बनाया।

रफाल हवाई जहाज़ से जुड़ा हर राज़ जानिये – वह राज़ जो सरकार आपको नहीं बता रही।

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रफाल डील से जुड़े हर राज़ जानिये। वो कितना खतरनाक है उसमे कितने वेपन लगते है। दुश्मन पर रफाल कितना भारी पड़ सकता है। रफाल कितनी दूरी तक मार कर सकता है। रफाल से जुडी हर जानकारी हर रहस्य। रफाल की सही कीमत जिसका सरकार और विपक्ष के बिच झगड़ा चल रहा है। आप निचे दिख रहे वीडियो में रफाल से जुड़े हर एक राज़ को जानिये।  साथ ही यह भी जानिये कि हमको यह राज़ कहाँ से पता चला। वीडियो देखने के लिए निचे क्लिक करिये चैनल को सब्स्क्राइब करिये और लाइक जरूर करिये।

रफाल फाइटर प्लेन के राज़