राजस्थान में कौन होगा मुख्यमंत्री: आलाकमान के हाथों में फैसला, बैठक में लगे सचिन-सचिन के नारे

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राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद अब सवाल यह उठने लगा कि वहां मुख्यमंत्री किसे बनाया जाएगा. राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट और कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत दोनों ही मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे हैं. हालांकि, पायलट और गहलोत दोनों ने ही इस पर फैसला लेने के लिए पार्टी आलाकमान पर छोड़ दिया है. बुधवार को हुई विधायक दलों की बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि ‘मुख्यमंत्री कौन होगा?’ इस पर आलाकमान ही फैसला लेगा. बताया जा रहा है कि आलाकमान के हाथों में फैसला देने का प्रस्ताव अशोक गहलोत ने दिया और इसका अनुमोदन सचिन पायलट ने किया. सूत्रों की मानें तो दो तिहाई विधायक सचिन के साथ हैं और बैठक में सचिन-सचिन के नारे भी लगे हैं.

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बता दें, मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्रियों का चयन सुगमता से किया जाएगा. राहुल ने कहा, ‘हमने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा को हरा दिया है… मुख्यमंत्रियों (के चयन) को लेकर कोई मुद्दा नहीं होगा. यह सुगमता से किया जाएगा.” दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष से यह पूछा गया था कि हिन्दी पट्टी के इन तीन राज्यों में पार्टी के मुख्यमंत्री कौन-कौन होंगे, जिसके जवाब में राहुल ने यह बात कही.
बता दें, राजस्थान में पार्टी के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस प्रमुख सचिन पायलट मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं. वहीं, छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष के नेता टीएस सिंह देव, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री चरणदास महंत, प्रदेश पार्टी प्रमुख भूपेश बघेल और ओबीसी नेता ताम्रध्वज साहू इस शीर्ष पद के लिए संभावित उम्मीदवार बताए जा रहे हैं. मध्यप्रदेश में प्रदेश कांग्रेस प्रमुख कमलनाथ और पार्टी के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं.
राहुल ने यह भी कहा कि पार्टी ने चुनावों से पहले विभिन्न राज्यों में पार्टी के अंदर नेताओं के बीच तनाव को प्रभावी तरीके से दूर किया. उन्होंने कहा कि सभी नेताओं ने एकजुट होकर काम किया, जिसने पार्टी को हिन्दी पट्टी के तीन राज्यों में विजेता बनकर उभरने में मदद की. उन्होंने कहा, ‘‘यह जीत कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं, किसानों, युवाओं और छोटे कारोबारियों की जीत है. अब कांग्रेस पार्टी पर बड़ी जिम्मेदारी है.”
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिला है, वहीं राजस्थान में 99 और मध्य प्रदेश में 114 सीटें मिली हैं. बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने बुधवार को कहा कि वह मध्य प्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस को समर्थन देने के लिए तैयार हैं. राजस्थान में कौन बनेगा मुख्यमंत्री?

सलुम्बर और उदयपुर ग्रामीण की जनता ने ख़त्म किया वंशवाद – नहीं जिताया विवेक कटारा और रघुवीर मीणा को .

उदयपुर। उदयपुर जिले की जनता ने वंशवाद को नकार दिया और इसका सबुत दिया सलुम्बर से कांग्रेस के रघुवीर मीना को और उदयपुर ग्रामीण से विवेक कटारा को हार का मूंह दिखा कर।
कांग्रेस को वंशवाद में कैद रहने की नियति ने सलुम्बर और उदयपुर ग्रामीण जैसी सीटें गंवानी पड़ी। इन दोनों सीटों पर कांग्रेस की जीत टी मानी जा रही थी। एक्जिट पोल भी कांग्रेस के पक्ष में ही थे लेकिन जनता ने इसको नकार दिया। सलुम्बर से रघुवीर मीना के सामने भाजपा के अमृत मीना खड़े थे लेकिन उनके रास्ते का काँटा बनी हुई थी रेशमा मीना रेशमा मीना खुद कांग्रेस की दावेदार थी लेकिन कांग्रेस ने रेशमा को टिकिट ना देकर रघुवीर मीणा को टिकिट दिया इधर अपनी जीत सुनिश्चित मान चुके रघुवीर मीना ने रेशमा को कम आंका जब की रेशमा जनता में अपनी पकड़ मजबूत करती जा रही थी। इब तक रघुवीर मीना को अहसास होता तब तक काफी देर हो चुकी थी आखिरी दिनों में रघुवीर मीना के विशेष आग्रह पर राहुल गांधी की सभा भी करवाई गयी लेकिन फिर भी जीत नहीं दिलवा पाए। रघुवीर मीणा सलुम्बर से विधायक रह चुके है फिर सांसद भी रहे जब सांसद रहे तो उन्होंने टिकिट अपनी पत्नी बसंती देवी को दिलवा दिया। अब एक बार फिर वे ही टिकिट लेकर आगये और वंश वाद को जनता ने समाप्त किया।
इसी वंश वाद का उदाहरण है विवेक कटारा। विवेक कतरा खेमराज कटारा और सज्जन कतरा के पुत्र है। पहले खेमराज कटारा विधायक रहे उनकी म्रत्यु के बाद उनकी माँ सज्जन कटारा विधायक रही। उनकी पत्नी भी प्रधान है और अब ग्रामीण का टिकिट विवेक कटारा लेकर आगये। जनता में इतने लम्बे वंश वाद का मेसेज सही नहीं गया और विवेक कटारा को भाजपा के फूल सिंह मीना ने १८७०७ वोटों से हराया।

सत्ता की चाबी अब मेवाड़ के पास नहीं रही – 28 सीटों में से सत्ता पाने वाली कांग्रेस के पास 10 सीटें।

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उदयपुर. विधानसभा चुनाव में अब तक राजस्थान की सरकार में अहम भूमिका निभाने वाले मेवाड़ की चाबी उसके पास नहीं रही। उदयपुर संभाग की 28 सीटों में से कांग्रेस के पास सिर्फ 10 सीटें है जबकि भाजपा के खाते में 15 सीटें 2 सीटें बीटीपी और 1 सीट निर्दलीय के खाते में गयी है।
उदयपुर जिले की 8 साटों में से 6 भाजपा की झोली में गई। इनमें से उदयपुर शहर व ग्रामीण कांग्रेस की पक्की सीट मानी जा रही थी लेकिन दोनों ही सीटों पर कटारिया का दांव चला और वह भाजपा की झोली में चली गई। इसके अलावा अप्रत्याशित रूप से गोगुंदा सीट पर प्रताप भील दोबारा विधायक चुने गए। सलूंबर सीट पर बागी रेशमा मीणा का दांव कांग्रेस पर भारी पड़ा और ये सीट बीजेपी के खाते में आई। मावली से धर्मनारायण जोशी में बाहरी प्रत्याशी का दाग धोते हुए सर्वाधिक मतों से जीत हासिल कर यहां कमल खिलाया। झाड़ोल में पिछले चुनाव में हार का मुंह देखने वाले बाबूलाल खराड़ी ने कांग्रेस प्रत्याशी सुनील भजात को सीधी टक्कर देते हुए भारी मतों से हराया। उदयपुर से सिर्फ वल्लभनगर से गजेंद्रसिंह व खेरवाड़ा से पूर्व मंत्री दयाराम परमार सीट को बचाने में कामयाब रहे।

इसने इसको हराया
भाजपा को 6 सीटों पर मिली जीत
उदयपुर शहर- भाजपा गुलाबचंद कटारिया जीते, कांग्रेस डॉ. गिरिजा व्यास हारे
उदयपुर ग्रामीण- भाजपा फूलसिंह मीणा जीते, कांग्रेस विवेक कटारा हारे
गोगुंदा- भाजपा प्रताप भील जीते, कांग्रेस मांगीलाल गरासिया हारे
झाड़ोल- भाजपा बाबूलाल खराड़ी जीते, कांग्रेस सुनील भजात
मावली- भाजपा धर्मनारायण जोशी जीते, कांग्रेस पुष्करलाल डांगी हारे
सलूम्बर- भाजपा अमृतलाल मीणा जीते, कांग्रेस रघुवीरसिंह मीणा हारे
कांग्रेस को मिली 2
वल्लभनगर- कांग्रेस गजेंद्रसिंह शक्तावत जीते, जनता सेना रणधीरसिंह भींडर हारे
खेरवाड़ा- कांग्रेस दयाराम परमार जीते, भाजपा नानालाल अहारी हारे

गुलाबचंद कटारिया ने रचा इतिहास, छठीं बार जीता विधानसभा चुनाव . उदयपुर जिले की 8 सीटों में से 6 भाजपा के खाते में .

उदयपुर. उदयपुर शहर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी और प्रदेश में भाजपा के दूसरे नंबर के कद्दावर नेता गुलाबचंद कटारिया ने 9307 हज़ार वोटों से जीत कर ली हैं। प्रतिद्वंदी कांग्रेस नेता गिरिजा व्यास और कटारिया के बीच करीब 9307 हजार वोट का अंतराल बन गया । इसी तरह वल्लभनगर सीट पर एक बार की बढ़त के बाद जनता सेना के रणधीरसिंह भीण्डर प्रतिद्वंदी कांग्रेस प्रत्याशी गजेंद्रसिंह से लगभग 3 हजार वोट से पिछड़ गए हैं। उतार-चढ़ाव के दौर में दोनों ही राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ताओं में धडकऩे दिन भर बढ़ती रही हैं। यहां कांग्रेस के दिग्गज पूर्व सांसद व सीडब्ल्यूसी के सदस्य रघुवीर सिंह मीणा की नाव भी करीब करीब डूब गयी। बागी निर्दलीय रेशमा मीणा ने उनके वोटों में सेंध लगाकर उन्हें मुश्किल में डाल दिया है और जीत भाजपा के अमृतमीना के नाम दर्ज हो गयी। अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के अमृत मीणा से रघुवीर करीब 9 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं। उदयपुर की गोगुंदा सीट पर कांग्रेस का पलड़ा भारी होने के बार भाजपा के प्रताप गमेती आखरी राउंड में आगे निकल गए एयर मांगीलाल गरासिया को हार का मुँह देखना पड़ा। मावली की बात करें तो मावली से भाजपा के धर्म नारायण जोशी ने कांग्रेस के पुष्कर दांगी को मात देदी और 21 हज़ार मतों से हरा दिया। झाड़ोल में भी भाजपा के बाबूलाल खराड़ी ने कांग्रेस के सुनील भजात को मात देदी।

अम्बानी की बेटी की शादी के जशन में शरीक हुए ज़माने भर के नामी गिरामी – सितारे जमा हुए उदयपुर में।

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Udaipur. देश के सबसे बडे औद्योगिक घराने ’अम्बानी परिवार’ के मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अम्बानी की प्री-वेडिंग सेरेमनी में भाग लेने देश-विदेश के औद्योगिक घरानों सहित बॉलीवुड सितारों का शनिवार को लेकसिटी में जमावडा लग गया। शनिवार रात को पीछोला झील के किनारे होटल ओबेराय उदय विलास हुए  संगीत सेरेमनी श्रीनाथ जी की आरती के साथ शुरू हुई। इस शाही समारोह में भाग लेने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति की पत्नी हिलेरी क्लिंटन सहित बॉलीवुड सितारों में सलमान खान, आमिर खान, कैटरीना कैप, जैकलीन पर्नांडीज, वरूण धवन सहित क्रिकेट व उद्योग जगत की कई नामी हस्तियां यहां पहुंच चुकी है।

यहां पीछोला झील के किनारे होटल ओबेराय उदय विलास में सबसे पहले श्रीनाथजी की महाआरती की गई। इस दौरान श्रीनाथजी की प्रतिमा के आगे नीता अंबानी मधुराष्टक पर मुग्ध होकर खूब नाचीं। स्टेज पर आठ-आठ सितारवादक और तबला नवीस थे। शंख और झांझ भी बजे। महाआरती का शुभारंभ नाथद्वारा मंदिर प्रमुख विशाल बावा ने किया।

इसी बीच नीता ने कहा- लेट्स ज्वाइन टुगेदर फॉर महाआरती, आई वेलकम यू ऑल (आइए हम सब महाआरती के लिए शामिल हों, मैं आपका स्वागत करती हूं)। इसके साथ ही मेहमानों को दीपक वाली छोटी थालियां दी गईं। अंबानी परिवार और मेहमानों ने जय जगदीश हरे…के साथ श्रीनाथजी की आरती उतारी। इसी बीच अधरं मधुरम‌् वदनम‌् मधुरम‌्, मधुराधिपते अखिलम‌् मधुरम‌्…(मधुराष्टकम), कर्पूरगौरं करुणावतारम‌्…के स्वर भी गुंजायमान होते रहे।

प्रोजेक्टर से बदले ठाकुरजी के शृंगार

महाआरती और आयोजन को लेकर लगाई श्रीनाथजी की करीब 35 फीट ऊंची प्रतिमा सफेद थी, लेकिन इसका शृंगार वैसे ही बदलता रहा, जैसे नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर की नित्य झांकियों में होता है। इसके लिए बड़े-बड़े प्रोजेक्टर लगाए गए थे। इनके साथ लाइटिंग इफेक्ट्स भी थे, जिससे ठाकुरजी की प्रतिमा पर मंगला, शृंगार, भोग और शयन की झांकी में होने वाले शृंगार दिखते रहे।

 

प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन का पहला दिन खास रहा

पहले ईशा ने मां नीता के साथ होटल के सुइट में फोटो शूट कराया। इसमें ईशा ने लाल लहंगा पहना। उसके बाद गोल्डन लहंगा पहनकर पार्टी में शामिल हुईं। शनिवार शाम को गाला डिनर के साथ संगीत समारोह हुआ। इसमें अरिजीत सिंह ने परफॉर्मेंस दी। इसके बाद वैभवी मर्चेंट की कोरियोग्राफी में मेहमानों और मेजबानों की परफॉर्मेंस हुई। मेजबान अंबानी परिवार और मेहमान पीरामल परिवार सदस्य बाहर से आए खास मेहमानों का गर्मजोशी के साथ स्वागत कर रहे थे। इस दौरान ईशा पीले सूट में और आनंद ब्लैक शेड की शेरवानी में खूब जच रहे थे।

 

बियोंस नोल्स की परफॉर्म आज

रविवार को प्री वेडिंग सेरेमनी का सबसे खास कार्यक्रम द पैलेस सॉयर होगा। यह शाम 7.30 बजे से सिटी पैलेस के माणक चौक में बनाए गए भव्य सेट पर होगा। सिटी पैलेस में थ्रीडी सिटी पैलेस भी बनाया जा रहा है। इसके अलावा कई बड़े-बड़े एलईडी पैनल्स लगाए गए हैं, जिस पर कुछ वीडियो चलेंगे। यहां पर ड्रेस कोड काली टाई या इंडियन फॉर्मल्स है। सूत्रों के अनुसार इस इवेंट का जिम्मा इजरायल की कंपनी को दिया गया है। दुनियाभर से आए कई कलाकार यहां पर प्रस्तुति देंगे। इनमें हॉलीवुड सिंगर बियोंसे नोल्स भी हैं। उनकी टीम शुक्रवार को ही उदयपुर पहुंच चुकी है।

 

आज मेहमानों के लिए कॉर्निवल, चैरिटी में जाएगा पैसा

होटल ट्राइडेंट लॉन्स में देश-दुनिया से आए खास मेहमानों के लिए ज्वैलरी, हैंडीक्राफ्ट, पोटरी, डिजाइनर आर्टिफिशियल की 108 स्टाल्स लगाई गई हैं।  मेहमान इस मेले का आनंद रविवार को ले सकेंगे। यह दोपहर 12 से शाम चार बजे तक चलेगा। इसका ड्रेस कोर्ड फेस्टिव और स्मार्ट कैजुअल है। ये पूरा प्रोग्राम रिलायंस की एक एनजीओ ने ऑर्गेनाइज किया है। इस मेले के लिए जो राशि एकत्रित होगी उसे चैरिटी में लगाया जाएगा।

 

उदयपुर में उतरे 150 चार्टर

ईशा अंबानी और आनंद पीरामल परिवार के प्री-वेडिंग समारोह में शामिल होने के लिए शनिवार सुबह 6 से रविवार सुबह 6 बजे तक 150 के करीब चार्टर प्लेन आए। हिलेरी क्लिंटन, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडनवीस, उद्योगपति लक्ष्मीनिवास मित्तल, कुमार मंगलम बिड़ला, अनिल अग्रवाल, सुनील भारती मित्तल, उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, सचिन तेंडुलकर, आमिर खान, सलमान खान, शाहरुख खान, कटरीना कैफ, करण जौहर, बच्चन परिवार, प्रियंका और निक जोनस सहित देश-दुनिया के शीर्ष कारोबारी उदयपुर पहुंचे हैं।

लोकतंत्र का महा उत्सव संम्पन्न – जनता ने सीधी उंगली का खूब किया इस्तमाल .

उदयपुर। लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव मतदान दिवस आज संम्पन हुआ। उदयपुर शहर विधानसभा क्षेत्र में लोगों ने उत्साह के साथ मतदान किया। मतदान को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तेद नज़र आया सुरक्षा व्यवस्था चाक चोबंद की गयी थी। युवा और महिलाओं ने पुरे उत्साह के साथ ज्यादा वोटिंग की। ईवीएम मशीनों में वीवी पेड़ लगाए जाने के कारण मतदान में समय कुछ ज्यादा लगा जिसकी वजह से कई केन्द्रों पर शाम पांच बजे बाद भी वोट डाले गए।
लोकतंत्र का उत्सव मतदान का दिन जहाँ एक तरफ राजनैतिक पार्टियों की किस्मत के फेसले का दिन था वहीँ आम मतदाता के लिए अपने हक का दिन रहा। उदयपुर शहरी विधानसभा क्षेत्र में सुबह आठ बजे से वोटिंग शुरू हो गयी थी। सुबह सर्दी के कारण ८ से ९ बजे के बिच एक घंटा  मतदान धीमा रहा और वोटिंग 2 से 4 प्रतिशत ही रही लेकिन 9 बजे के बाद महिलाओं और युवाओं की भीड़ मतदान केंद्र पर बढ़ने लगी १२ बजे तक लगभग शहरी विधान सभा क्षेत्र के अधिकतर बूथों पर लाइने लगी रही १२ बजे तक कई मतदान केन्द्रों पर 30 से अधिक मतदान हो चुका था। शहर के अंदरूनी इलाके जगदीश चोक, मुखर्जी चौक, रावजी का हाटा घंटाघर , धोली बावड़ी आदि जगह मतदाताओं में खासी उत्साह देखा गया। कई लोग अपने बूढ़े माँ बाप दादा दादी को सहारा देकर व्हील चेयर पर बैठा कर मतदान केंद्र तक लेकर आये। सुबह जल्दी एक तरफ जहाँ महिलाओं के तादाद केन्द्रों पर अधिक देखि गयी वहीं दिन में तीन बजे के बाद पुरुषों की संख्या ज्यादा देखि गयी। सभी प्रत्याशी दिन भर मतदान केन्द्रों पर चक्कर काटते रहे।
बूथों पर कार्यकर्ता जमे रहे देर शाम तक :
भाजपा कांग्रेस के कार्यकर्ता अपने अपने बूथों पर पूरी तरह मुस्तेद रहे। इस बार कांग्रेसी कार्यकर्ता कुछ ज्यादा मुस्तेद नज़र आये  यहाँ तक कि खेमपुरा हिरणमगरी जैसी जगह जहाँ भाजपा मजबूत स्थिति में मानी जा रही है वहां पर कांग्रेसी कार्यकर्ता सुबह छह बजे उठ कर आगये और अपने अपना बूथ संभाल लिया जब की भाजपा के कार्यकर्ता आठ बजे बाद आये। मतदान केंद्र से पार्टी के बूथ दूर होने की वजह से कही भी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। जब तक की एवीएम मशीने सिल बंद हो कर रवाना नहीं हो गयी वहां तक कार्यकर्ताओं ने बूथ नहीं छोड़ा। कांग्रेस पार्टी को जहाँ से अपनी बढ़त की उम्मीद थी वहां गड़बड़ी ना हो इस आशंका पर उसने कार्यकर्ताओं की एक एसी टीम भी तय्यार रखी जो ईवीएम मशीनों को स्ट्रोंग रूम तक लेजाने तक पीछे पीछे चलती रही।
जनता सेना और निर्दलीय उम्मीदवार के बूथ भी शहर के 46 वार्डों में से अधिकतर जगह लगाए गए थे। हालाँकि उनके बूथों पर कार्यकर्ताओं की कमी नज़र आई।
धीमी वोटिंग के कारण रात आठ बजे तक चलता रहा मतदान :
इस बार एवीएम मशीनों के साथ वीवी पेड़ भी लगाए गए थे और इसी वजह से हर एक वोट डालने में 15 से 30 सेकण्ड का समय अधिक लगा इस वजह से अधिकतर मतदान केंद्र पर मतदान धीमा रहा। सेक्टर 4 में गुरुनानक स्कूल में मतदान प्रक्रिया इतनी धीमी थी कि एक केंद्र में तो २ बजे तक मात्र 28 प्रतिशत ही वोट डाले जा सके।  ऐसे ही हाल पुला में मुखर्जी चोक में भी रहे। शहर के कई मतदान केन्द्रों पर ८.३० ९ बजे तक एवीएम खराब होने की वजह से शुरू नहीं हो सकी बदले जाने के बाद ही शुरू की गयी। धीमे मतदान और एवीएम में खराबी के कारण कुछ जगह पर मतदान रात आठ बजे तक भी चलता रहा। पांच बजे तक जो मतदाता मतदान केंद्र के क्षेत्र में आगये थे वे मतदाता लाइन में खड़े रहे और उन्होंने पांच बजे के बाद भी अपने मत का प्रयोग किया।
सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता :
मतदान को लेकर पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मुस्तेद रही। चुनाव आयोग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव के लिए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये हैं। इसके लिए सिविल पुलिस के अलावा भारी संख्या में होमगार्ड और केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान भी तैनात किये गये थे। मुखार्जिचोक जगदीश चोक मगरी स्कूल आदि कई जहग सशश्त्र सुरक्षा बल मतदान केंद्र के बाहर ही मुस्तेद रहे। बिना वोटर स्लिप के किसी को आने नहीं दिया गया। विभिन्न स्कूलों के स्काउड छात्र भी मतदान केन्द्रों पर तैनात थे जिन्होंने मतदाताओं की हर सहायता की।  पुलिस और सुरक्षाबलों की मुस्तेदी के कारण शहर में कही से कोई अप्रिय समाचार नहीं मिले। इक्का दुक्का नारे बाजी की घटना को छोड़ कर कही भी कोई कार्यकर्ता आमने सामने नहीं हुए।
आचार संहिता की अनदेखी लक्ज़री वाहनों में आये मतदाता :
जहाँ प्रशासन और चुनाव आयोग सक्रीय है वही पार्टियों के कार्यकर्ता भी पूरी तरह जमे हुए रहे। सुबह १० बाद से ही लक्ज़री वाहनों में मतदाताओं को लाया जा रहा था। लाते और ले जाते समय कई मतदाताओं को उनकी इच्छा के अनुसार चाय नाश्ता भी करवाया गया। अंदुरनी शहर में अपना पुश्तेनी घर छोड़ कर शहर के बाहर की कोलोनियों में रहने वालों के लिए विशेष वाहनों की व्यवस्था पार्टी के कार्यकर्ताओं ने की थी।

उदयपुर में चुनावी रैली में शामिल कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर किया पथराव।

Udaipur Post. उदयपुर के खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र मेंं सोमवार को भारतीय ट्राइबल पार्टी के प्रत्याशी श्रवण परमार के समर्थन में निकाली जा रही वाहन रैली में शामिल कार्यकर्ताओं ने जमकर उत्पात मचाया। उपखण्ड निर्वाचन अधिकारी ने बिना अनुमति के वाहन रैली निकालने पर पहाडा थानाधिकारी को जाब्ते के साथ रैली रूकवाने के निर्देश दिए थे। पुलिस महुडी गांव के पास पहुंची जहां पर रैली निकल रही थी। पहाडा पुलिस ने रैली को रूकवाकर बातचीत शुरू की तभी रैली में शामिल बीटीपी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की जीप को कार से टक्कर मार दी और पथराव शुरू कर दिया। जाब्ते में शामिल पुलिस जवानों को भागकर दुुकानों में छि‍पकर जान बचानी पडी। सूचना पर दूसरे थानों का जाब्ता मौके पर पहुंचा तब तक रैली में शामिल कार्यकर्ता मौके से भाग निकले। पथराव में आधा दर्जन लोग घायल हुए हैंं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पथराव की सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।

कटारिया की समाज वाली राजनीति कितनी सही ? एक समाज को प्यार दुसरे को ललकार एक ।

उदयपुर। विधानसभा चुनाव के मतदान में आखरी 4 दिन बचे है। दोनों पार्टियां सहित निर्दलीय अपना प्रचार पुरे दम खम के साथ कर रहे है। जहाँ एक तरफ कांग्रेस की गिरजा व्यास अपना जनाधार मजबूत करती दिखाई दे रही है वही भाजपा के गुलाबचंद कटारिया अपने आखरी चार दिनों की चोकड़ी बैठाने में लगे हुए है और उनमे सबसे मुख्य है समाजों के साथ बैठक लेकिन इस बार जैन समाज को आज एक वाटिका में बुलाया गया जहाँ पर बोज भी रखा और खुल कर एक जैन समाज के व्यक्ति को जिताने की बात भी जन प्रतिनिधि करते हुए दिखाई दिए। लेकिन इस बार कटारिया को राजपूत समाज का खासा विरोध झेलना पड़ रहा है। ओरियंटल पैलेस में राखी गयी राजपूत समाज की बैठक में चंद लोग ही पहुचे मुख्य समाज जन अपनी नाराजगी ज़ाहिर करते हुए बैठक में नहीं आये। मेवाड़ क्षत्रिय महा सभा ने भी खुला विरोध कर दिया महामंत्री तनवीर सिंह क्रश्नावत से साफ़ टूर पर कह दिया कि इस बार हमारा वोट कमल के फूल को नहीं जाएगा।

देखियेइस सन्दर्भ में विडियो

बीजेपी वोट के लिए संपर्क नहीं करे – विश्व विद्यालय के 1200 पेंशनर्स ने घरों के बाहर लगाया बोर्ड

Udaipur Post करीब 30 माह से पेंशन नहीं मिलने से नाराज प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोला है। पहले चरण में सभी ने अपने घरों के बाहर सूचना चस्पा की है-‘मैं कृषि विवि का पेंशनर हूं। बीजेपी वाले वोट के लिए संपर्क नहीं करें। इसी के साथ आगामी विधानसभा चुनाव में परिवार सहित भाजपा के पक्ष में मतदान नहीं करने का निर्णय किया गया है। | महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि पेशनर्स कल्याण समिति के उपाध्यक्ष प्रो. पीसी कंठालिया ने कहा, इस विरोध अभियान में उदयपुर, जोधपुर, जोबनेर और बीकानेर कृषि विवि के पेंशनर्स भी शामिल हैं जबकि कोटा विवि के पेंशनरों का समूह सोमवार को फैसला करेगा।चारों विवि में करीब तीन हजार से अधिक पेंशनर्स हैं जिन्होंने भाजपा के पक्ष में मतदान नहीं करना तय किया गया है। उदयपुर में एमपीयूएटी के करीब 1200 पेंशनरों ने घरों के बाहर भाजपा विरोध की सूचना लगा दी है। प्रो. कंठालिया का कहना है कि उदयपुर में करीब सात माह से तो जोबनेर,जोधपुर और बीकानेर के पेंशनर्स को 30 माह से पेंशन नहीं मिल पाई है।
सरकार से हमें जवाब मिला कि । विश्वविद्यालय स्वायत्त संस्था हैं, इसलिए इस पेंशन का जुगाड़ खुद विवि ही करें। ऐसे में उदयपुर में विवि के सामने सिर्फ अपनी जमीन बेचने के अन्य कोई विकल्प नहीं रहा। लेकिन यूआईटी अब तक जमीन को लेकर बैठी है, न जमीन बिक रही और न हमारी पेंशन मिल रही है। जोबनेर, जोधपुर और बीकानेर में तो स्थितियां
भयंकर हो गई है। कई सेवानिवृत्त | प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर को पेंशन

की पहली किश्त भी हाथ नहीं लगी | और उनका स्वर्गवास हो गया।
परिवार भी देगा साथ । बताया गया कि इस चुनाव में भाजपा । के विरोध में इन 3000 पेंशनर्स के
परिवारजन भी शरीक हैं। इतना | ही नहीं वर्तमान में ऐसे सेवारत कर्मचारी जिनकी सेवानिवृत्ति भी करीब है, वे भी इस अभियान से जुड़ने की तैयारी में है। बता दें, पेंशन के इस अभियान में पूर्व में हुए आंदोलनों | में पेंशनर्स के परिजनों ने भी पूरा
सहयोग किया था।

राहुल गांधी ने ब‍िजनेसमैन और प्रोफेशनल्‍स के सवालों के जो जवाब द‍िए, उसे आप भी जरूर सुनना चाहेंगे

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Udaipur Post कांग्रेस के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राहुल गांधी का शनिवार को आरसीए काॅलेज सभागार में संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। राहुल गांधी ने शहर के चुनिंदा 400 लोगों में व्यापारी,डाॅक्टर,अधिवक्ता,स्टूडेंट और युवाआेें से संवाद क‍िया। लोगों के सवाल और राहुल के जवाब
उद्योगपति केएस मोगरा : छह करोड़ व्यापारियों की तरफ से बोल रहा हूं, उनको कोई धणीधोरी नहीं है, हमारे नीतिगत निर्णय मिनस्ट्री ऑफ इंटरनल ट्रेड देश के साथ राज्यों में भी हो
जवाब राहुल : हिन्दुस्तान के बैंकिंग सेक्टर में 12 लाख करोड़ एनपीएज है आज, पिछले तीन चार साल में मोदी सरकार ने 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए कर्जा माफ किया है, बारह और साड़े तीन लाख कितने लोगों का कर्जा है, राहुल बोले 15 से 20 लोगों का, अनिल अम्बानी 45000 करोड़, एक नरेगा को चलाने में 35000 करोड़ साल में लगते है, नीरव मोदी35000 करोड़, मेहुल चौकसी, विजय माल्या 10 हजार करोड़ रुपए है,  गब्बर सिंह टेक्स हिन्दुस्तान की रीढ़ की हड्डी को तोडऩे का तरीका था, इसलिए तोड़ रहे कि बड़े 15 उद्योगपतियों को अंदर घूसने का रास्ता मिले, यह सच्चाई है।
प्रो. तराना परवीन, एमजी कॉलेज: सवाल: आज हमारे देश की कई यूनिवसिर्टीज में आदर्श बहू के कोर्सेस चलाए जा रहे हैं लेकिन जरूरत ऐसे कोर्सेस की नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण के कोर्सेस कॉलेजेज व यूनिवर्सिटीज में चलाए जाने की आवश्यकता है, को-एजुकेशन और गल्र्स कॉलेजेज दोनों में। ऐसे कोर्सेस को कम्प्लसरी किए जाने की जरूरत है ताकि वे अपने बारे में सोच सकें। लड़कियों को सोचने की आजादी हो, वे अपने हिसाब से कदम उठा सकें, उनके घर में पिता या भाई उन्हें गाइड ना करें कि किस पार्टी को वोट करना है। अल्पसंख्यक स्कॉलरशिप बंद कर दिए गए हैं जो कि दु:खद है। लड़कियों ने फॉम्र्स भरने बंद कर दिए हैं। ऐसे कोर्सेस बंद कर के क्या आप महिला सशक्तिकर
जवाब- इस बारे में मैं बहुत स्पष्ट हूं। बिना महिला सशक्तिकरण के हम अपना समय बर्बाद कर रहे हैं। ये इसलिए नहीं कि महिलाएं 50 प्रतिशत हैं इसलिए उन्हें सशक्त करने की जरूरत है। बल्कि महिलाएं बहुत सेंसिटिव हैं, केयरिंग की भावना पुरुषों से ज्यादा होती है। उनमें कुछ अधिक ताकत हैं। महिलाएं नेतृत्व मेंं होने चाहिए, संसद में, कंपनी के उच्च पदों पर, यूनिवर्सिटीज, कॉलेजेज में सभी जगह होनी चाहिए। हम झांसी की रानी का सम्मान करते हैं, लेकिन हम अपनी महिलाओं को बोलते हैं कि उसकी तरह मत बनो। ये केंद्र में जो बीजेपी सरकार है उसका अंतर्विरोध है।
प्रो. संजय लोढ़ा- सवाल – आम्र्ड फोर्सेस के जो चीफ हैं , वो पॉलिटिकल में प्रवेश कर रहे हैं। वे सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में बोल रहे हैं, वे राफेल डील के बारे में बोल रहे हैं। आर्मी को हमेशा से अलग रखा जाता था, लेकिन आज वे राजनीति में प्रवेश कर रही है। आपकी पार्टी इस बारे में क्या करेगी कि आम्र्ड फोर्सेस पॉलिटिक ल एरीना में प्रवेश नहीं करे।
जवाब : नरेंद्र मोदी आम्र्ड फोर्सेस से मिलते हैं, उनके पास जाते हैं और उन्हें वैसा करने को कहते हैं जैसा वे चाहते हैं। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक को रूप दिया। ये आर्मी का डिसीजन नहीं था। वे उन्हें करने के लिए जैसा बोलते हैं, आर्मी वैसा करती है। जबकि राजनीति का आर्मी में कोई दखल नहीं होना चाहिए, इससे उन्हें दूर रहना चाहिए। अगर आर्मी बोलती है कि हमें ऐसा करना है तो हमें उनके निर्णय का सम्मान करना चाहिए। वो हमसे ज्यादा जानते हैं कि क्या करना है। ये प्रधानमंत्री के दिमाग में है कि वे आर्मी से ज्यादा जानते हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए। उन्हें लगता है कि पूरा का पूरा ज्ञान उनके दिमाग से निकलता है। रात को 12 बजे नोटबंदी करते हैं और कैबिनेट को कुछ पता नहीं था, क्योंकि उन्हें लगता है कि सारा ज्ञान उनके पास है। जबकि मैं यहां समझने आया हूं। मुझे लगता है कि ये लोग मुझसे ज्यादा जानते हैं।
डॉ. आनंद गुप्ता: भारत की सवा सौ करोड़ की जनता में हम डॉक्टर्स 15 लाख हैं, वोट बैंक ना होने के कारण भी क्या हम आपके लिए महत्व रखते हैं?
जवाब: मैं आपको बताता हूं कि आप महत्व इसलिए रखते हैं कि हैल्थ केयर आज सबसे बड़ी जरूरत है देश की। अगर मेरा देश दर्द में है तो कौन उसकी मदद करेगा। डॉक्टर्स और टीचर्स बहुत महत्व रखते हैं। राजनीतिक तौर पर आप अपनी बात को भले ही नहीं रख पाते हैं लेकिन आपके पास राजनीतिक ताकत है और मुझे ये समझने की जरूरत है। वोट बैंक को ओवर एस्टीमेट ना करें। सभी दलित समान तौर पर वोट नहीं देते, अल्पसंख्यक नहीं करते और ना ही अपर क्लास करता है। वोट बैंक पावरफुल नहीं है जबकि मेरे लिए पावरफुल है कि आप लोगों का सम्मान करें, आप उनकी सुनें और उनकी मदद करें।

छवि जैसी गढ़ी है भाजपा ने राहुल की उससे अलग और परिपक्व लगे

सुविवि में राजनीति विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. संजय लोढ़ा ने बताया बीजेपी राहुल की एक छवि प्रस्तुत करती रही है जिससे लगे कि वे अपरिपक्व हैं। चीजों को समझते नहीं हैं। पर जिस विश्वास, ज्ञान, आत्मीयता से राहुल ने सभी लोगों के प्रश्नों के जवाब दिए, वे राजनैतिक रूप से काफी परिपक्व हैं।

लोकसंवेदना की काफी समझ है राहुल में

सुविवि में संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. नीरज शर्मा ने बताया कि लोकतंत्र में राजनेताओं के लिए लोक संवेदना की पकड़ और समझ होना बहुत जरूरी है। राहुल के संवाद में यह देखने को मिला।

संवाद में उनकी सोच और विजन काफी व्यापक

सुविवि के लोक प्रशासन विभाग के असि. प्रोफेसर डॉ. गिरिराज सिंह चौहान ने बताया संवाद में उनकी सोच और विजन गहरा और व्यापक लगी। वे देश का नेतृत्व करने को तैयार लगते हैं। काफी भिन्न और विजनरी लगे।