उदयपुर, बैकरियों थाना पुलिस ने अध्यापक के खिलाफ श्रमिक महिला के साथ दुष्कर्म करने का मामला दर्ज किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार बैकरिया थानान्र्तगत देवला गांव निवासी विवाहिता ने परिवाद जरिये देवला स्थित निजी विद्यालय में अध्यापक पद पर कार्यरत कांङ्गल सिरोही निवासी देवीसिंह पुत्र उम्मेदसिंह के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। कि ८ जनवरी को देवला में स्थित निर्माणाधीन मकान की तराई कर रही थी। इस दौरान आये आरोपी ने दुष्कर्म किया। इस संबंध में परिजनों को बताने पर उनके बताये अनुसार आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया।
उदयपुर, फर्जी अंकतालिका पेश कर कास्टेबल बनने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
खैरवाडा थाना पुलिस ने वर्ष राजस्थान बोर्ड से बाहरवी उत्तीर्ण होने के बावजूद यु पी बोर्ड की अंकतालिका पेश कर एम बी सी में कास्टेबल बनने वाले आरोपी मेवाडा भरतपुरनिवासी जितेन्द्र पुत्र बालमुकेन्द को गिरप*तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे जतेल भेजा। आरोपी ने राजस्थान बोर्ड से बाहरवी उत्तीर्ण होने के पश्चात एम बी सी कास्टेबल भर्ती के लिए आवेदन किया। जिसमें आरोपी ओवर एज होने पर उसने यु पी बोर्ड की अंकतालिका पेश कर कास्टेल बना था। इसकी शिकायत मिलने पर वर्ष २०१२ में आरोपी को निलंबित किया था। इस मामले में जांच में प*र्जी अंकतालिका से नोकरी हथियाने की पुष्टि होने पर एम बी सी खैरवाडा कमाण्डेट वी के गोड ने आरोपी के लिखाप* जनवरी १३ में मामला दर्ज करवाया था। इस मामले में पुलिस ने अनुसंधान कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे जेल भेजा।
चित्तौडगढ, बडीसादडी के सत्तासीन कांग्रेसी विधायक को अपनी ही मांग मनवाने के लिए मोबाईल टावर पर चढना पडा। एक बारगी प्रशासन ने इसे अप्रैल फूल समझा, लेकिन हकीकत जानने के बाद प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। विधायक पिछले कई समय से अपने निवास स्थान के नजदीक लगे मोबाईल टावर को हटाने की मांग करते आ रहे है।
जिले की बडीसादडी विधानसभा के विधायक प्रकाश चौधरी अपनी मांगो को मनवाने के लिए सोमवार सुबह सवेरे ही मोबाईल टावर पर चढ गए। जिनके साथ अन्य ११ लोग भी शामिल थे। विधायक की मांग थी कि कस्बे में लगे मोबाईल टावर से लोगो को परेशानियां उठानी पड रही है। जिसकी शिकायत विधायक ने मुख्यमंत्री से लेकर स्थानीय प्रशासन तक कई बार की, लेकिन इसकी कोई सुनवाई नही हो पाई। रविवार रात्री को विधायक चौधरी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा था कि जल्द ही यह टावर नही हटे तो मैं इन्ही टावर पर चढ कर अपनी जान दे दूंगा, लेकिन प्रशासन ने इसे अप्रैलफूल मान कर काफी हल्के में लिया। सोमवार सवेरे विधायक प्रकाश चौधरी और मोहल्ले के अन्य ११ जने मोबाईल टावर पर चढ गए। जिसकी सूचना मिलते ही प्रशासन के हाथ पांच फूल गए। पुलिस जाप्ता एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिन्होने काफी मिन्नते की, लेकिन विधायक टस से मस नही हुए। आखिरकार विधायक द्वारा लिखित आश्वासन मांगे जाने पर प्रशासन ने उन्हे जल्द से जल्द मोबाईल टावर हटाने की लिखित में आश्वास दिया तब जाकर विधायक टावर से नीचे उतरे।
विधायक प्रकाश चौधरी ने टावर पर चढ दो युवको की मौत के लिए प्रशासन से एक करोड रूपसे के मुआवजे की मांग तथा अतिशीघ्र टावर हटाने की मांग करते रहे। बताया जाता है कि कोलोनी में पंच मोबाईल टावर लगे है। इनके आसपास पांच स्कूल पडते है। इन टावर के करीब रहने वाले लोगो को रेडिएशन के चलते खासी परेशानियां उठानी पड रही है। हाल ही में एक व्यवसायी की मौत हो चुकी है। इससे पहले भी कुछ लोग रेडिएशन से पीडित होकर जान गंवा चुके है। खद विधायक को गले का ऑपरेशन कराना पडा। उनकी पत्नि भी बीमारी हालत में है।
उल्लेखनीय है उक्त टावरो में से दो मोबाईल टावर विधायक प्रकाश चौधरी के भुआ के लडके बिहारीलाल चौधरी के भूखण्ड में है। बिहारीलाल चौधरी पूर्व में विधायक के प्रमुख दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन किन्ही कारणो से इनकी टिकट नही मिल पाया। बिहारीलाल चौधरी पूर्व में नगर पालिका चैयरमेन रह चुके है और छ: बार पार्षद का चुनाव जीत चुके है।
उदयपुर,हिरणमगरी थाना पुलिस ने सरपंच ग्रामपंचायत कानपुर एवं पटवारी हलका उमरडा सहित अन्य के खिलाफ फर्जी तरीके से जीवीत व्यक्ति का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर जमीन विक्रय करवाने का मामला दर्ज किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार हिरणमगरी थानान्र्तगत उमरडा निवासी भैरा पुत्र खेमा मीणा ने उमरडा निवासी गांगा पुत्र भैरा, गोटू पुत्र भैरास, सोहनी, गुलाबी पुत्री भैरा, उदी बाई पत्नी स्वभैरा, भैरूलाल पुत्र देवा मीणा, सरपंच ग्राम पंचायत कानुर वरदी देवी, उपरडा पटवार हलका पटवारी मोहनसिंह पटवारी, कातरवास खैरवाडा निवासी सतीश कुमार पुत्र रमेश कुमार मीणा के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। कि आरोपियों ने षडयंत्रपूर्वक १५ मई ०२ को पटवारी एवं सरपंच की मिली भगत से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करवा आरोपी गांगा, गोटू, सोहनी, गुलाबी, उदीबाई ने वारिस नहीं होने के बावजूद फर्जी शपथ पत्र जरिये मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करवा अपने नाम का नामांतरण खुलवा दिया। आरोपियों ने पटवारी व सरपंच के साथ मिलकर उक्त भूमि का विक्रय भी करवा दिया। जबकि आज दिनांक तक मैं जीवित हु तथा आरोपी न तो मेरी जमीन के वारिस है और नहीं वे हकदार है। आरोपियों ने जीवित होने के बावजूद षडयंत्रपूर्वक दस्तावेज तैयार कर धोखाधडी की।
उदयपुर, चरित्र पर संदेह के चलते पति कुल्हाडी से हमला कर पत्नी की हत्या कर फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर पिहर पक्ष ने चढोतरा कर दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार कोटडा थानान्र्तगत कोल्या गांव निवासी वसू पुत्र होमा खेर चरित्र पर संदेह के चलते कुल्हाडी से हमला कर पत्नी मजी (२४) की हत्या कर फरार हो गया। चार माह पहले सगाई होने के बाद से मजी पति वसू के पास ही रह रही थी। रविवार को पति पत्नी गांव में गये थे। जहां पत्नी के चरित्र पर संदेह होने पर होने के बीच कहासूनी हो गई। बीच रास्ते कोल्या नदी किनारे वसू मजी के सिर पर कूल्हाडी से हमला कर फरार हो गया। रविवार को घटना की सूचना मिलने पर कोटडा थानाधिकारी योगेश चौहान मय जाप्ता ने मोके पर पहुच मृतक का शव कोटडा चिकित्सालय मोर्चरी में रखवा मृतका के पीहर पक्ष को सूचना दी। इस पर हादसे की सूचना मिलने पर मृतका के पिता मियटा थाना माण्डवा रविया बूमडिया व परिजनों ने चढोतरा कर दिया। जहां दोनों पक्ष के बीच वार्ता जारी है। समाचार लिखे जाने तक कोई सुहल नहीं हो पाई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की।
उदयपुर, । भाजपा देहात जिलाध्यक्ष सुंदरलाल भाणावत ने पिछले पंचायत चुनावों के समय पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण भाजपा से निष्कासित सात कार्यकर्ताओं को पुन: भाजपा में शामिल करने का निर्णय लेकर प्रदेशाध्यक्ष को इस बाबत अनुशंसा प्रेषित कर दी है।
भाजपा देहात प्रवक्ता वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि २०१० में पंचायत चुनावों के समय निश्कासित सात कार्यकर्ताओं हुंसाराम गरासिया गोगुन्दा विधानसभा प्रत्याशी २००८ (निवासी मेवाडों का मठ), श्रीमती गवरीदेवी वर्तमान प्रधान पंचायत समिति कोटडा (निवासी जोगीवड), बाबुलाल गमेती पंचायत समिति सदस्य (निवासी जेड), जमनालाल भील (निवासी कोटडा ), निर्मलकुमार गरासिया(निवासी जोगीवड), मुरारीलाल गरासिया (निवासी झाडोल), वेणीराम गमेती पुर्व पंचायत समिति सदस्य (निवासी गोगुन्दा) द्वारा पिछले कुछ समय से भाजपा के प्रति पुर्ण निष्ठा व समर्पण दर्षाने व उनकी कार्यक्षमता के कारण पुन: भाजपा की मुख्य धारा में सम्मिलित करने का निर्णय लेते हुए प्रदेशाध्यक्ष श्रीमती वसुंधरा राजे सिंधिया को इस बाबत अनुशंसा प्रेषित कर दी है।
उदयपुर, गर्मी के मोसम ने जेसे ही दस्तक वेसे ही शहर की मुख्य झीले फतहसागर और पिछोला पर शाम होते शहर वासियों की भीड़ लग्न शुरू हो गयी है और वही दूसरी और शहर की इस खुबसूरत झीलों का जल स्तर पांच फिट तक उतर चुका है ।
गर्मी के मोसम के शुरू होते ही शाम होते ही फतह सागर और पिछोला के किनारे शहर वासी परिवार सहित सुकून के दो पल गुजारने के लिए आजाते हे । गर्मी में सुकून देने वाली इन झीलों के प्रति झील प्रेमियों की चिंता भी बढ जाती है कि गर्मी बढऩे के साथ ही झीलों के जल स्तर में तेजी से गिरावट की संभावना है।
पिछले सालों की तरह इस वर्ष भी अच्छी बारिश के बाद आसपास के तालाबों व झीलों के साथ ही शहर के बीच स्थित प्रमुख झील फतह सागर व पीछाला भी लबालब भर गई थी। बारिश के बाद सर्दी के मौसम में भी झीलें लबालब ही भरी रही लेकिन अब गर्मी की दस्तक के साथ ही झीलों का जल स्तर तेजी से घट रहा है। फतह सागर व पीछोला का जल स्तर सवा पांच फीट तक घट चुका है।किनारे खुलने लगे बारिश के दिनों फतह सागर का पानी सड़क को छू रहा था। झीलों को जल स्तर पांच फीट तक नीचे जाने से झील खाली खाली लगने लगी है। झील पेटे के किनारे की जमीन भी उघडऩे लगी है। बहरहाल अभी फतह सागर व पीछोला दोनों ही झीलों में पर्याप्त मात्रा में पानी भरा है। जल संसाधन विभाग के अनुसार झीलों में इतना पानी है कि अगली बारिश तक शहर की पेजयल आपूर्ति भी निर्बाध रूप से होती रहेगी तथा झीलों रीती भी नहीं होगी, हालांकि जल स्तर में कमी जरूर आएगी।वैसे झीलों का जल स्तर भले ही घटा हो लेकिन इनकी खूबसूरती में कोई कमी नहीं आई है। झीलों का दृष्य हमेशा मनोहारी बना रहता है। इन दिनों यूआईटी ने फतह सागर में फ्लोटिंग फव्वारें व आउटलेट के समीप मोती मगरी की पहाड़ी पर बनाए गए झरने को भी चालू कर रखा है। इससे झील की खूबसूरती में चार चांद लग रहे हैं।
बढ़ रही है पर्यटकों की तादाद : गर्मी के दिन शुरू होते ही शहर में देशी विदेशी पर्यटकों की तादाद में भी बढौतरी हुई है। रोजाना बड़ी तादाद में सड़क, रेल व वायु मार्ग से पर्यटक झीलों की नगरी में पहुंच रहे हैं। झीलों के आसपास दिनभर व खासकर सुबह शाम देशी विदेशी पर्यटकों की खासी तादाद देखी जा सकती है।झीलों की सफाई पर ध्यान नहीं जल स्तर घटने और गर्मी बढऩे के साथ ही झीलों में प्रदूषण व गंदगी का स्तर भी बढ़ता जा रहा है। फतह सागर व पीछाला झील के किनारों पर फैली जलीय घास, गंदगी व कचरे का साम्राज्य फैला हुआ है। नगर परिषद ने हालांकि कहने को झीलों की सफाई के लिए ४० कर्मचारी ठेका पद्दति पर लगा रखे हैं बावजूद इसके झीलें पूरी तरह से साफ सुथरी नहीं दिख रही है।
उदयपुर , ७ अप्रेल से शुरू होने वाली सरकारी अस्पताल में निशुल्क जांच की सुविधा की तय्यरियाँ महाराणा भूपाल चिकित्सालय में जोरों पर चल रही है तथा आज से इस योजना की रिहर्सल की जायेगी ।
राज्य सरकार सरकारी अस्पतालों में विभिन्न जांचे निःशुल्क करने जा रही है और यहाँ योजना अप्रेल के पहले सप्ताह में विधिवत शुरू हो जाएगी ७ अप्रैल से प्रदेश के साथ ही उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज, शहर के सैटेलाइट अस्पताल के आलावा संभाग के सभी सरकारी अस्पताल में शुरू हो जाएगी । आरएनटी मेडिकल कॉलेज प्रशासन, एमबी अस्पताल प्रशासन के साथ ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग योजना की तैयारियों में जुटा हुआ है। अधिकारियों के एम् बी अस्पताल व् सेटेलाईट की प्रयोगशालाओं में लगातार दौरे जारी है तथा आवश्यक जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। पहले चरण में शहर व जिले के जिन अस्पतालों में योजना शुरू होना है, वहां पर १ अप्रैल को रिहर्सल की जाएगी।
इन्ही तय्यारियों का जायजा लेने के लिए चिकित्सा विभाग के प्रभारी सचिव राजेन्द्र वर्मा भी उदयपुर पहुच गए है तथा एक अप्रेल से होने वाली निशुल्क जांच की रिहर्सल का वे जगह जगह जा कर जायजा लेंगे तथा दिशा निर्देश देगे व् आने वाली समस्याओं का समाधान निकालेगे । अभी हालाँकि जनरल अस्पताल में सबसे बड़ी समस्या तकनिकी स्टाफ की आरही है वेसे सरकार ने ठेका पद्धति से सटाफ रखने की अनुमति दी है तथा अस्पताल प्रशासनों ने स्टॉफ रखा भी है लेकिन अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों की तादाद को देखते हुए स्टॉफ कम पड़ सकता है। अधिकारियों के अनुसार निशुल्क योजना शुरू होने पर सरकारी अस्पतालों में मरीजों की तादाद और अधिक बढ़ेगी। ऐसे में तकनीकी स्टॉफ की ज्यादा संख्या में आवश्यकता होगी।
बताया जाता है कि ३ अप्रैल को राज्य के मुख्य सचिव व योजना के प्रभारी आला अफसर स्थानीय प्रशासनिक व चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से विडिया कांफ्रेंसिंग के जरिए चर्चा करेंगे।
अभी कितनी तरह की जांच की जाएगी इसका खुलासा ७ अप्रेल तक ही होगा सूत्रों के अनुसार खून पेशाब की सभी तरह की जांच से रिहर्सल शुरू की जाएगी ।
उदयपुर , सेहत मंद और सुन्दर दिखना हर महिला का सपना होता है कि उम्र चाहे कोई भी हो लेकिन वो हर वक्त सुन्दर और सेहतमंद दिखे । आप को खुबसूरत और सेहत मंद बनाये रखने के लिए उदयपुर पोस्ट के साप्ताहिक NICC TIPS कॉलम के जरिये NICC कि डायरेक्टर स्वीटी छाबरा बतायेगीं कि आपकी स्किन , बालों आदि की केसे देख भाल की जाए , आपके व्यक्तित्व में किसतरह से निखर आये । हर हफ्ते आपके लिए अपने अनुभव के बेहतरीन टिप्स बताएगी ।
स्किन को खूबसूरत और स्वस्थ बनाए रखने केलिए गरम मौसम में कुछेक नियमों को पालन बेहद जरूरी है। त्वचा चाहे कैसी भी हो, उसकी साफ-सफाई नियमित रूप से अनिवार्य है। स्किन अगर तैलयुक्त हो तो तेल मुक्त क्लींजिंग मिल्क से साफ करना चाहिए। खीरे का रस और नहीं का रस मिलाकर बनाएं लिक्विड से भी स्किन साफ की जा सकती है। जिनकी स्किन ड्राई हो, वे लोग कच्चो दूध में बेसन मिलाकर उस मिश्रण से चेहरे की सफाई करें। लेकिन त्वचा अगर सामान्य हो, तो किसी भी तरह के क्लींजिंग मिल्क से चेहरा की सफाई करें। लेकिन स्किन अगर सामनन्य हो, तो किसी भी तरह के क्लींजिंग मिल्क से चेहरा साफ कर सकती हैं। साथ ही आठ गिलास पानी प्रतिदिन पियें, ठंडे पेय पदाथोंü और नींबू पानी आदि का सेवन खूब करें। धूप में निकलनेसे बहुत से लोगों को सनबर्न हो जाता है, चेहरे पर काले, चिकतबरे धब्बे पड जाते हैं। अगर बाहर निकले बिना काम ना चले तो निकलने से पहले त्वचा साफ करके सनस्क्रीन क्रीम या मौइश्चराजर जरूर लगा लें।.
सूरज की हानिकारक किरणों से स्किन को किस प्रकार के नुकसान होते हैं
हमारी स्किन सूरज के सीधे प्रभाव में आने पर कई परेशानियों से ग्रस्त हो जाती है। इसके कारण त्वचा टैन हो जाती है और दाग-धब्बे भी पड जाते हैं जो आगे चलकर आपकी स्किन पर समय से पहले बढती एज के निशान छोड जाते हैं। यूएवी औरयूएबी किरणें हमारी स्किन की ऊपरी परत को जला देती है। लगातार सूरज के प्रभाव में रहने के परिणामस्वरूप त्वचा पर लालचकत्ते, दर्द युक्त सनबर्न हो जाते हैं साथ ही स्किन छिल जाती है।.
आंखों की देखभाल
इस गर्मी के मौसम आंखों की खास देखभाल आवश्यक है। कडी धूप आंखों को काफी थका देती है। आंखों की देखभाल के लिए, कुनकुने पानी में थोडी-सी गुलाब की पंखुडियां डालकररात भर फ्रिज में रख दें। अगले दिन उस पानी में रूई भिगोकर आंखों पर रखें, काफी आराम मिलेगा। कई बार धूप से लौटने के बाद आंखों में जलन होने लगता है। ऎसे में अगर एक टुकडा बर्फ, किसी कपडे में लपेटकर, आंख और चेहरे पर रगडें तो तकलीफ कम हो जाएगी।.
स्किन की देखभाल
जिनकी स्किन औयली है, ते मुल्तानी मिट्टी, अण्डे की सफेदी और नींबू के रस में गुलाबजल मिलाकर मिश्रण बनाएं। यह मिश्रण चेहरे पर लगाकर 15 मिनट सूखने दें। जब बिल्कुल सूख जाए तो धो डालें।
जिनकी स्किन नौरमल है वे एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी में अण्डे की सफेदी और पीला हिस्सा फेंटकर फेस पर लगा सकती हैं।
गुलाबजल में चंदन पाउडरी मिलाकर पेस्ट बना लें, पेस्ट लगाकर रात भर छोड दें, जरूर लाभ होगा।.
पैरों की देखभाल
गर्मी में पांवों की देखभाल भी बेहद जरूरी हैै, क्योंकि समूचे बदन का वजन ढोतेढोते पांव कुछ ज्यादा ही थक जाते हैं। बहार सेवापस आनेके बाद कुनकुने पानी में थोडा-सा नमक डालकर उसमें पांव डुबोकर कुछ देर बैठी रहें। दस मिनट बाद प्यूमिक स्टोन और ब्रश से पासं साफ करें। उसके बाद थोडा-सा मौइश्चराइजर हल्के हाथों से मलें, थकान हवा हो जाएगी।
उदयपुर, जहाँ एक और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी आँखों में भावी प्रधान मंत्री का सपना संजोय है वहीँ उनके विकास के प्रतिक गुजरात में मुसलमान आज भी सुरक्षित नहीं है और उन्हें इज्ज़त से अपने कारोबार भी नहीं करने दिया जा रहा है । नरेन्द्र मोदी के गुजरात में राज की एक हकीकत यह भी है कि कुछ अरबपतियों के तेजी से ‘गरीब’ होने की ओर बढ़ने की खबरों के बीच गुजरात के मुसलमान कारोबारियों के लिए बुरी खबर है। एक तरफ अमेरिका के सांसद नरेंद्र मोदी से मिलने और गुजरात में बिजनेस की संभावनाओं को जांचने आ रहे हैं तो दूसरी तरफ गुजरात में पिछले एक महीने में दस मुस्लिम व्यापारी अपना बिजनेस बंद करने पर मजबूर हो गए हैं। ताजा मामला इसी हफ्ते के गुरुवार का है। अहमदाबाद से 90 मिनट की दूरी पर वीरमगम हाइवे पर होटल चलाने वाले मुस्तफा पटेल ने अपना होटल बंद कर दिया है। उनका कहना है कि वह रोजाना मिलने वाली धमकियों के चलते होटल बंद करने पर मजबूर हुए हैं।
मुस्तफा पटेल ने बताया कि स्थानीय नेताओं ने 9 फरवरी को जबरदस्ती उनका व्यवसाय बंद करा दिया। उनकी पेटीशन के मुताबिक अदालती आदेश होने के बावजूद पुलिस ने उन्हें सुरक्षा नहीं मुहैया कराई। माइनॉरिटी कमीशन के चेयरमैन वजाहत हबीबुल्लाह ने बताया कि कमीशन को ऐसी शिकायतें मिली हैं कि मुसलमानों को व्यवसाय नहीं करने दिया जा रहा है। इस बारे में गुजरात सरकार से रिपोर्ट मांगी गई है।
इससे पहले कमीशन को छोटा उदेपुर के नौ मुस्लिम व्यापारियों का बिजनेस चौपट किए जाने की शिकायतें मिल चुकी हैं। शिकायत करने वाले व्यापारियों का कहना है कि बरोज गांव के सरपंच जयंती रथवा ने बिजनेस में अपने कंपटीटर अब्दुल घानी का लग्जरी ट्रांसपोर्ट का धंधा हथियाने के लिए दंगा कराया। 12 फरवरी को इलाके में मुस्लिम व आदिवासियों के बीच झड़पें हुईं। एक शिकायतकर्ता का कहना है कि 12 फरवरी को अल्पसंख्यकों के कई प्रतिष्ठानों पर हमला हुआ और उन्हें आग के हवाले कर दिया गया। एसपी-डीआईजी सब लोग वहां गए, लेकिन अभी तक कोई भी नहीं पकड़ा गया है।
हाल ही मे एक एनजीओ ‘अनहद’ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दंगाइयों ने प्लास्टिक के गोदाम जला डाले। एफआईआर में उनके नाम भी दर्ज हैं, लेकिन एक लोकल डॉन टाइप के आदमी के सपोर्ट की वजह से अभी तक पकड़े नहीं गए हैं। उक्त डॉन के राजनीतिक रिश्ते काफी मजबूत बताए जाते हैं। जिन लोगों के गोदाम और दुकानें जलाई गईं, जब उन्होंने दोबारा अपना बिजनेस शुरू करने की कोशिश की तो 8 मार्च को दोबारा उनकी दुकानों और गोदामों को आग के हवाले कर दिया गया। इस घटना के तीन दिन बाद एक आरोपी रंगे हाथों पकड़ा गया।
नेशनल माइनॉरिटी कमीशन में शिकायत करने वाले एक व्यापारी का कहना है कि वो (पकड़ा गया आरोपी) 3-4 लोगों के साथ आया था। पुलिस ने जब उसके बयान की वीडियो बनाई तो उससे कहा कि बयान यही देना कि गलती से मौके पर बीड़ी गिर गई थी जिससे आग लगी। बताते चलें कि उस इलाके में मुसलमान और आदिवासी सैकड़ों वर्षों से साथ-साथ रहते आए हैं। व्यापार से बाहर निकालकर इन लोगों के बीच वैमनस्य फैलाने की यह साजिश की जा रही है।
जिन नौ लोगों को अपना व्यापार बंद करना पड़ा है, उनके नाम और व्यापार की प्रकृति इस तरह है- अहमद आरिफ (खनन), फारुख भाई (बिजली उत्पादन संयंत्र), याकूब मोहम्मद (खनन), सैफुदीन अली (बिजली उत्पादन), अहमद खोका (बिजली), शबीर भाई (खनन), माजिद खान (बिजली) और हारुन अब्दुल मलाझेर (खनन), कासिम अहमद (स्क्रैप डीलर)।
नेशनल माइनॉरिटी कमीशन से हुई इस शिकायत पर गुजरात सरकार के प्रवक्त और राज्य के वित्त मंत्री नितिन पटेल ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। ऐसे किसी भी आरोप से साफ इन्कार करते हुए नितिन पटेल ने कहा कि गुजरात में हजारों मुसलमान व्यापारी हैं जो गुजरात की तरक्की का हिस्सा हैं। सैकड़ों मुसलमान व्यापारी अहमदाबाद के अगल-बगल ही व्यापार कर रहे हैं।
नितिन पटेल का कहना है कि राज्य में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है जहां व्यापारी किसी व्यक्ति के द्वारा सिर्फ इसलिए बिजनेस बंद करने को प्रताड़ित किए गए हों, क्योंकि वह अल्पसंख्यक हैं। यह गुजरात है और यहां सभी समुदायों और धर्मों के लोगों को बगैर किसी भेदभाव के आगे बढ़ने का मौका मिलता है। नेशनल माइनॉरिटी कमीशन को की गई शिकायतें गुजरात की तस्वीर पर धब्बा लगाने के लिए की गई हैं।