हिंदुस्तान जिंक भारत की एकमात्र खनन कम्पनी ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक-2018 में शामिल

0

हिंदुस्तान जिंक, भारत की एकमात्र एवं विश्व की अग्रणीय एकीकृत जस्ता-सीसा एवं चांदी उत्पादक कंपनी जो लगातार सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, जल और ऊर्जा संरक्षण तथा आधारभूत ढांचे के निर्माण के लिए उत्कृष्ट कार्य कर रही है।

इन प्रयासों की मान्यता से, हिंदुस्तान जिंक भारत की एकमात्र खनन एवं धातु कंपनी है जो डाॅउ जोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स (डीजेएसआई) 2018 में सूचीबद्ध की गई है। कुल 9 भारतीय कंपनियों को डाॅउ जोन्स ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी इयरबुक में शामिल किया गया है।

2004 के बाद से हर वर्ष, सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक में प्रत्येक उद्योग से दुनिया की सबसे अधिक सस्टेनेबल कंपनियों को सूचीबद्ध किया जाता है जो डाॅउ जोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स मूल्यांकन में उनके स्कोर के अनुसार निर्धारित होती है। रोबेको एसएएम, डॉउ जोन्स के लिए मूल्यांकन करता है। इस साल 43 देशों के 60 उद्योग क्षेत्र की 2479 कंपनियों का मूल्यांकन किया गया था जिसमें से 478 कंपनियां रॉबेको एसएएम के सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक-2018 में शामिल करने के लिए योग्य पायी थी।

हिंदुस्तान जिंक विश्व स्तर पर 82 प्रतिशतक स्कोर के साथ 11 वें स्थान पर तथा खनन एवं धातु उद्योग समूह में पर्यावरण आयाम के लिए वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर है।

रोबेको एसएएम के सीईओ अरिस प्रप्यूडिस ने कहा कि ’मैं सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक-2018 में शामिल होने के लिए दिल से हिंदुस्तान जिंक को बधाई देता हूं। ईयरबुक में शामिल कंपनियां अपने उद्योग में दुनिया की सबसे अधिक सस्टेनेबल कंपनियां हैं और ईएसजी नीडल के तरीकों से आगे बढ़ रही हैं जो हमें 2030 तक यूएन के सस्टेनेबल डेवेलपमेंट लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करेंगे।

हिंदुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सुनील दुग्गल ने कहा कि ’’सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक में शामिल होना हमारे लिए गर्व की बात है और यह हिन्दुस्तान ज़ि़क के लिए एक और मील का पत्थर है तथा पर्यावरण, स्वास्थ्य, सुरक्षा और प्रशासन के प्रति दृढ़ संकल्प एवं प्रयासों की मान्यता है। कुल 9 भारतीय कंपनियों केे इण्डेक्स में प्रदर्शित करने वाली एकमात्र धातु और खनन कंपनी है। सस्टेनेबिलिटी हमेशा हमारी प्राथमिकता रही है और हम सुरक्षा, व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं संसाधन संरक्षण में नेतृत्व के प्रदर्शन को बनाये रखने तथा ज़ीरो हार्म सस्टेनेबिलिटी विज़न को प्राप्त करने के लिए इसे जारी रखेंगे।’’

हिन्दुस्तान जिंक के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेशन पवन कौशिक ने बताया कि जीरो हार्म एण्ड जीरो डिस्चार्ज एवं जैव विविधता के संरक्षण के प्रयासों में, हिंदुस्तान जिंक ने अपने कार्यस्थलों के आस-पास लगभग 15 लाख से अधिक पौधे लगाए हैं। हिंदुस्तान जिं़क ने रामपुरा आगुचा खदान में एक लुप्तप्राय पौधों की नर्सरी बनायी है। पंतनगर में एक तितली गार्डन तथा कायड में एक मोर पार्क भी बनाया है। उदयपुर में स्थित हिंदुस्तान जिंक के प्रधान कार्यालय, यशद भवन को बेंचमार्क के रूप में सीआईआई-इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (आईजीबीसी) द्वारा राजस्थान की पहली प्लेटिनम-रेटेड ग्रीन बिल्डिंग के रूप में मान्यता प्रदान की गई है और यह भारत में 14 सीआईआई-आईजीबीसी इमारतों में से एक है जिनके पास प्लेटिनम रेटिंग है।

बांसवाडा – पार्षद इमरान खान अपने वार्ड की स्वच्छता के लिए देते है निशुल्क डस्टबीन

0

पोस्ट न्यूज़ . एक तरफ कई नगर निगम और नगर परिषदों में स्वच्छता को लेकर चाहे कोई कडा कदम उठाये नहीं उठाये लेकिन कई पार्षद ऐसे है जो अपने वार्ड को साफ़ सुथरा बनाए रखने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे है. ऐसे ही बांसवाडा नगर परिषद् के एक कांग्रेसी पार्षद इमरान खान एडवोकेट अपने वार्ड 26 को स्वच्छ और साफ़ सुथरा बनाए रखने के लिए मानो प्रतिज्ञा बद्ध है. वार्ड की साफ़ सफाई के लिए हर संभव प्रयास उनके लगातार जारी रहते है . इमरान खान ने अपने वार्ड की साफ़ सफाई के लिए कई प्रयोग कर रखे है. लोगों को हमेशा जागरूक भी रखते है इसी कड़ी में इमरान खान ने 7 फरवरी को वार्ड के सभी घरों में निशुल्क डस्ट बीन बांटे. इमरान खान ने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत हमने निशुल्क डस्ट बीन का वितरण वार्ड 26 में किया है.
इस मौके पर वार्ड पार्षद एडवोकेट इमरान खान ने कहा कि स्वच्छता के लिए यह सबसे जरूरी है कि हम अपने आस पास सफाई रखे क्योंकि सारी बीमारियों की जड़ गंदगी है अपने बच्चों को परिवार को सफाई के लिए प्रेरित करें । उन्होंने कहा कि स्वच्छ रहने से ही हम कई बीमारियों से मुक्त रह सकते हैं। उन्होंने बताया कि सड़क या गली में यत्र-तत्र कचरा नहीं फेंके, इसके लिए सभी घरों को डस्टबीन दिया जा रहा है। घरों का कचरा उसी में जमा कर कचरा गाड़ी के जाने पर फेंक दें। शहर की गली मोहल्लों को स्वच्छ बनाने के लिए नगर परिषद ने यह पहल की है।इस अवसर पर परिषद द्वारा नियुक्त प्रभारी अशोक जोशी व देवू भाई के साथ वार्ड के निवासी जहीर अहमद सिंधी, इरफान बेलिम,साबिर अंसारी,मोइन अफगानी,तहसीन अफगानी, साजिद खान,अबरार अहमद, उजेर खान व सनाउल्ला खान आदि मौजूद रहे व वितरण में सहयोग दिया ।

ऑपरेशन के बाद मासूम का पेट फटा बाहर आगयी आंते – उदयपुर के एमबी अस्पताल में डॉक्टरों की घोर लापरवाही।

पोस्ट न्यूज़। उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय के डॉक्टर कितने लापरवाह है इस बात का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जासकता है कि एक मासूम बच्चे का ऑपरेशन के बाद पेट में जहाँ टाँके लगाए थे उसकी पट्टी जैसे ही हटाई मासूम की आते बाहर आगयी। लापरवाह डॉक्टरों के पीछे परिजन घंटों तक घूमते रहे तब कही जा कर उसकी सुध ली। ऐसे डॉक्टरों पर ना कोई अंकुश है ना ही कोई कार्रवाई इसीलिए सरकारी अस्पतालों में इन डॉक्टरों की थानेदारी जम कर चली है।
राजकीय महाराणा भूपाल चिकित्सालय के बाल चिकित्सालय में चिकित्सकों की घोर लापरवाही के चलते एक मासूम की ऑपरेशन के बाद पेट पर लगाए टांके टूटने से आंते बाहर निकल आई। इससे पूर्व पाचन क्रिया में दिक्कत होने पर सोमवार शाम को इस मासूम का आपात ऑपरेशन किया गया था। मंगलवार शाम को परिजनों ने उसकी पट्टी हटाई तो वे बाहर निकली आंते देख चौंक गए।
वे उसे बचाने के लिए घंटों चिकित्सकों के आगे-पीछे दौड़ते रहे। देर रात सर्जन के आने पर बच्चे का पुन: ऑपरेशन किया गया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मासूम के परिजनों की हालत खराब हो गई, वहीं बरसों के बाद भरी कोख के पुन: सूनी होने के भय मां की हालत बिगड़ गई। भीलवाड़ा निवासी पूजा पत्नी हिमांशु दाधीच के दो माह के मासूम दक्ष को तीन दिन पूर्व ही चिकित्सालय में भर्ती किया गया।
राजस्थान पत्रिका में छपी खबर के अनुसार अजमेर में आईवीएफ के बाद उसकी पत्नी ने २८ नवम्बर को उदयपुर के निजी चिकित्सालय में जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। दोनों ही बच्चे सतमासी होकर काफी कमजोर थे। तीन दिन में ही निजी चिकित्सालय में डेढ़ लाख का बिल होने पर वे बच्चों को एमबी हॉस्पिटल के बाल चिकित्सालय ले आए। चिकित्सकों से पूरी बातचीत की थी, उनकी स्वीकृति के बाद ही एम्बुलेंस से लेकर जब वहां पहुंचे तो चिकित्सकों ने हाथ खड़े कर दिए। आधे घंटे तक वे एम्बुलेंस में लेकर बैठे रहे। बाद में उन्होंने दोनों को भर्ती किया। डॉ. विवेक अरोड़ा की देखरेख में इलाज चला। एक बच्चे की वजन काफी कम होने से १६ जनवरी को मौत हो गई। दूसरे बच्चे को चिकित्सकों ने वार्ड में शिफ्ट कर लिया। कुछ दिन उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे छुट्टी दे दी।
परिजनों ने बताया कि बच्चा दूध पीने के बाद उल्टियां कर रहा था। उसे लेकर उदयपुर पहुंचे तो चिकित्सक ने दवाई देकर रवाना कर दिया। भीलवाड़ा में हालत खराब होते ही वहां चिकित्सक को दिखाया। सोनोग्राफी में बच्चे के पाचन क्रिया में दिक्कत आने पर वे वापस उदयपुर लाए। यहां पर डॉ. अरोड़ा के कहने पर डॉ. डी.डी. शर्मा ने सोमवार को उसका ऑपरेशन किया लेकिन बच्चे की हालत में किसी तरह को कोई सुधार नहीं हुआ। मंगलवार शाम को बच्चे की पट्टी निकाली तो उसकी आंतें बाहर निकली हुई मिली।
ऑपरेशन शिशु शल्य चिकित्सक डॉ.डी.डी शर्मा ने किया था। बच्चे का अमाशय से आगे का रास्ता बंद था। ऑपरेशन के बाद उसके टांके खुल गए थे। अभी इमरजेंसी ऑपरेशन किया गया है। इसमें चिकित्सक की लापरवाही तो नहीं कह सकते हैं। बच्चे की मांसपेशियां व चमड़ी नाजुक होती है। कई बार टांके झेल नहीं पाती है। धागा पतला होने से वे कई बार चमड़ी चीर देता है।

उदयपुर – गोगुन्दा प्रधान की गिरफ्तारी माहि होने पर गुस्साए विकास अधिकारियों, ग्राम सचिवों, का बहिष्कार जारी .

गोगुंदा प्रधान पुष्कर तेली की गिरफ्तारी नहीं होने पर जिले के सभी 17 विकास अधिकारी और 400 से ज्यादा ग्राम सचिव, लिपिक, रोजगार सहायक आदि मंगलवार से तीन दिन के सामूहिक अवकाश पर चले गए। इससे सभी 17 पंचायत समितियों और 544 ग्राम पंचायतों में कोई काम नहीं हुआ। आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, नरेगा आदि योजनाओं की ऑनलाइन फीडिंग नहीं हो पाई। ना ही विभिन्न योजनाओं में लाभार्थियों का पैसा ऑनलाइन खाते में ट्रांसफर हो पाया। लोग पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों में अपने काम को लेकर पहुंचे, लेकिन काेई अधिकारी-कर्मचारी नहीं होने पर उन्हें निराश लौटना पड़ा। कई ग्राम पंचायतों में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन कल्याण अभियान के शिविर और अन्य कार्यक्रमों को भी स्थगित करना पड़ा। पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों में अधिकारी-कर्मचारी बुधवार और गुरुवार को भी अवकाश पर रहेंगे। इसके बाद शुक्रवार को कलेक्ट्री पर धरना दिया जाएगा। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही विकास अधिकारियों ने संभागीय आयुक्त और कलेक्टर को ज्ञापन देकर प्रधान की गिरफ्तारी नहीं होने पर सामूहिक अवकाश की चेतावनी दी थी।

ये है मामला : बीते माह 9 जनवरी को गोगुंदा बीडीओ मनहर विश्नाेई के साथ प्रधान पुष्कर तेली के हाथापाई और बीडीओ की गिरेबान पकड़कर गाली-गलौच का मामला सामने आया था। दो दिन बाद बीडीओ ने गोगुंदा पुलिस थाना में राजकार्य में बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। गौरतलब है कि इससे पहले भी बीडीओ पेन डाउन हड़ताल कर चुके हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी की पत्नी जसोदा बेन चित्तौडग़ढ़ के पास हाइवे पर सड़क हादसे में घायल – कार में सवार एक की मौत।

0

पोस्ट न्यूज़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी जसोदा बेन चित्तौड़गढ़ के पास हाइवे पर एक सड़क हादसे में घायल हो गयी। सूत्रों के अनुसार कार में सवार एक गार्ड की मौत हो गयी है। वही दो अन्य महिलाएं भी घायल हो गयी है। जसोदा बेन की हालत ठीक है।
जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी जसोदा बेन बारां के अटरू में एक विवाह समारोह में शामिल होने गईं हुईं थी। समारोह में शिरकत करने के बाद वे अहमदाबाद की ओर लौट रही थी। इसी दौरान हाइवे पर ये हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार बेंगु के पास काटूंदा मोड़ पर आगे चल रहे एक ट्रोले ने अचानक ब्रेक लगा दिया जिसकी वजह से पीछे चल रही जसोदा बेन की इनोवा ट्रोले में घुस गयी। कार में जसोदा बेन के साथ अन्य लोग भी शामिल थे। जानकारी मिली है कि कार में सवार एक गार्ड की मौत हो गयी है। जसोदा बेन स्थानीय अस्पताल में उपचार चल रहा है जहाँ उनकी हालत ठीक बताई जा रही है।

पति कमरे में घुसते ही करता है नागिन डांस – परेशान पत्नी ने की महिला आयोग से शिकायत।

0

पोस्ट न्यूज़। पति पत्नी के बिच लड़ाई झगड़े अंतरंग सम्बन्ध जैसे विवाद तो काफी सुने होंगे लेकिन महिला आयोग के पास एक नव विवाहिता युवती ऐसी शिकायत लेकर आयी की महिला आयोग के होश उड़ गए।
मध्यप्रदेश महिला आयोग के पास भोपाल की एक युवती शिकायत लेकर आयी कि वह अपने पति के नागिन डांस से परेशां है और वह अब उसके साथ रहना मुश्किल हो गया है।
युवती ने महिला आयोग को जो बताया वह काफी चौकाने वाला है की उसका पति रात को रूम में आता है उसके बाद एयर फ्रेशनर सूंघता है और फिर जम कर नागिन डांस करता है। पति की इस नागिन दास हरकत से युवती परेशान है। युवती ने बताया कि 22 जनवरी 2017 को उसकी शादी रेलवे कॉलोनी के रहने वाले अमित गौतम के साथ हुई थी. शादी के पहले उसने बताया था कि वे रेलवे में अधिकारी हैं, जबकि वे कोच फैक्टरी में लेबर हैं. सास-ससुर ने झूठ बोलकर बेटे की शादी की. मुझे बताया गया कि पति फिल्मी दुनिया से जुड़ा है पर ऐसा कुछ भी नहीं है.
मेरे परिवार वालों ने शादी पर 20 लाख से ज्यादा राशि खर्च किये हैं.
इधर अपने नागिन डांस के बारे में पति अमित का कहना है कि पत्नी मेरी कला की कद्र नहीं करती. मैं फिल्मी दुनिया से जुड़ा हूं इसलिए कई तरह से मनाने की कोशिश करता हूं.
पत्नी ने आयोग को बताया कि पति के नशा करने की हालत का फायदा उठाते हुए ससुर उसे छेड़छाड़ और छूने का प्रयास करने लगे. वे कभी बालों और कभी आंखों पर गजल लिखते हैं. फिलहाल महिला आयोग ने पुलिस से इस मामले में जांच रिपोर्ट मांगी है.

कांग्रेसी नेता को भोपे ने लगाईं फटकार, नहीं दिया धोक इसलिए हुई हार – अंधविष्वास का वीडियो हुआ वायरल।

0

उदयपुर। राजनीति और मंदिर मस्जिद का चोली दामन का साथ है लेकिन कई बार यह भोपो और देवरे पर झाड फूँक के चलते अंधविश्वास का भी रूप भी लेलेती है। ऐसा ही उदाहरण देखने को मिला मेवाड़ में वल्लभनगर के पूर्व विधायक के वायरल वीडियो में जिसमे वे भोपा से झाड़ फूंक लगवा रहे है और भोपा कह रहा है पिछली बार हार की वजह है उसके देवरे पर धोक नहीं दिया इस बार धोक दे देना झीत निश्चित रूप से होगी।
कांग्रेस शासन काल में राजस्थान के पूर्व गृहमंत्री गुलाब सिंह शक्तावत के पुत्र व् वल्लभनगर के पूर्व विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत पिछला चुनाव अपने विधानसभा क्षेत्र वल्लभनगर से हार गए थे। इस बार गजेंद्र सिंह शक्तावत अभी से अपना चुनावी अभियान शुरू कर दिया है। इस चुनावी अभियान के लिए गजेंद्र शक्तावत हर संभव कोशिश कर रहे है। लेकिन इस कोशिश में शक्तावत का एक अंधविश्वास का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमे वे आने वाले विधान सभा चुनाव की जीत के लिए एक भोपे से झाड़ फूँक करवा रहे है। शक्तावत के इस वीडियों में अंधविश्वास की झलक साफ़ नज़र आती है कि किस तरह एक भोपा झाड फूंक कर के शक्तावत को बता रहा है कि पिछले चुनाव में हार का का कारण सिर्फ यह है कि वह उसके देवरे पर मत्था टेकने नहीं आये। करीब चव्वांलिस सैंकण्ड के इस वीड़ियो में भोपाजी काफी गुस्से में दिखाई दे रहे है और नेता जी गजेन्द्र सिंह शक्तावत उन्हें मनाते हुए नजर आ रहे है। इतना ही नहीं भोपाजी ने तो यह भी कह दिया कि पचास सालों से वह साथ थे इसीलिए विजयश्री मिल रही थी, पिछले चुनाव में उन्हें भुला दिया गया इसलिए ऐसा हुआ। इस पर गजेन्द्रसिंह शक्तावत ने खुद को अपराधी भी मान लिया और आगे से इस तरह की गलती नहीं दौहराने की बात कही। फिर किया था तुरन्त भाव खाते भोपा जी ने गढ़ फतह का आषीर्वाद दे दिया। इस वीडियों को लेकर सिर्फ विपक्षी ही नहीं खुद कांग्रेसी भी गजेन्द्र शक्तावत की खिल्ली उड़ा रहे है।

जानकारी के अनुसार वल्लभनगर विधानसभा क्षेेत्र के खरसाण गांव का एक देवस्थल जहां पर रोजाना दर्जनों भक्त अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए प्रभु की शरण में आते हैं। और यह प्रभु खुद इस देवस्थल के पुजारी, जिनके शरीर में सप्ताह में एक दिन स्वयं इस देवस्थल में विराजित प्रभु आते है जैसा कि वहां के अंधभक्त और इस हालात में न्यायधीष बने खुद पुजारी जी बताते है। जब भी इन भोपाजी के शरीर में प्रभु प्रवेश होता है मंदिर परिसर में जयकारे गुंज उठते है और वहां मौजुद जरूरत मंदों को लगता है कि हमारी समस्या का निदान तो सिर्फ यहीं हो सकता है। जाहिर सी बात है भाव खाते भोपा जी से न्याय की आस किस को नहीं होगी। भोपा जी के भाव और प्रभु के सामने मानो दरबार सज जाता है और लम्बी – लम्बी कतारों में बैठे अंधभक्त अपनी बारी का इंतजार करने में लगे रहते हैं। इसी अंधभक्ति में नेता जी गजेन्द्र सिंह शक्तावत भी आगये और भोपा जी के दरबार में अपनी जीत की मनोकामना के साथ आगये।
वैसे गौर तलब है कि वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक सियासत में कभी भी कुछ भी हो सकता है। क्योंकि इस बार गजेन्द्र सिंह शक्तावत के सामने खुद उनके भाणेज कुबेर सिंह चावड़ा पार्टी में ही ताल ठोककर बैठे हुए है। वहीं जनता सेना के रणधीर सिंह भीण्डर की जीत भी सुनिष्चित मानी जा रही है औरभारतीय जनता पार्टी भी चुनाव तो लड़ेगी ही। षायद यही वजह है कि षक्तावत जी को हार का डर उस जगह भी ले गया जिस जगह को आज के युग में सिर्फ ढोंग और अंधविष्वास ही माना जाता है।

गौरवी ने उदयपुर को किया देशभर में गौरवान्वित – मुंबई के दरिया में रच दिया इतिहास।

0

उदयपुर। लेकसिटी उदयपुर की होनहार जलपरी गौरवी सिंघवी ने मंगलवार को मुंबई के जुहू बीच से गेट वे ऑफ इंडिया तक समुद्र में 9 घंटे २२ मिनट तैरकर 47 किलोमीटर की दूरी तय की है । गौरवी की इस उपलब्धि ने एक बार फिर उदयपुर शहर का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है । गौरवी ने मंगलवार अल सुबह करीब 3 बजकर 30 मिनिट पर अपनी इस तैराकी यात्रा को शुरू किया जो दिन में करीब 12 बजकर 30 मिनट तक चली। इसके साथ ही गौरवी ने इतिहास रचते हुए अपना नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज भी करवा दिया है । गौरतलब है कि पूर्व में भी इस प्रतिभावान तैराक ने अरब सागर में 36 किमी तैराकी का रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करवाया है। गौरवी द्वारा मात्र 14 वर्ष की नन्हीं सी उम्र में इस तरह का कीर्तिमान स्थापित करना कहीं-न-कहीं लेकसिटी के वाशिंदों के लिए भी गौरव की बात है। गौरवी जब मुम्बई के समुंद्र की तुफानी लहरों के साथ दो-दो हाथ कर रही थी, वहीं दूसरी और उसके उदयपुर स्थित स्कूल में भी जश्न का माहौल था । स्कूल के स्टूडेंट्स और टीचर्स ने भी गौरवी की इस उपलब्धि को वीडियो कॉलिंग के माध्यम से लाइव देखते हुए उसकी हौसला अफजाई की और जैसे ही गौरवी ने इस कीर्तिमान को छुआ तो सभी लोग खुशी से झूम उठे । इस दौरान पूरे स्कूल परिसर में उत्साह का माहौल रहा और स्टूडेंट्स एवं टीचर्स ने गौरवी की इस उपलब्धि पर एक दूसरे को मिठाई खिलाते हुए बधाई दी। गौरवी के साथ पढ़ने वाले बच्चों और पढ़ाने वाले टीचर्स ने गौरवी सिंघवी की ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि गौरवी द्वारा इस तरह का मुकाम हासिल करना अपने आप में अनूठा है । इस वजह से कहीं न कहीं उन्हें भी अपने आप पर गर्व महसूस हो रहा है ।

“Hindustan Zinc Football Academy will nurture Football Talent for National & International Exposure” – Annanya Agarwal

0

Hindustan Zinc’s below 12 years, international level residential Football Academy organized the closing ceremony of its 24-days Residential Team Zinc Football Camp at Chittorgarh on 3rd February 2018. The event was attended by the Chief Guest, Mr. Annanya Agarwal  – President, Vedanta Football Project and son of Mr. Navin Agarwal – Chairman, Vedanta Limited. He is spearheading the Football Sports in all Group Companies of Vedanta. Mr. Annanya has a vision to create world class Football players out of India and wants to aid in India’s qualification in World Cup Football.

The Academy is going at the grass-root level to select 40 talented & aspiring footballers, to nurture & train them as professional players. In order to penetrate in rural and tribal areas, the Academy is also organizing 64 Community Football Clusters in 5 identified districts of Rajasthan that will nurture 2500 football enthusiasts through camps to form a 20 players team each of girls and boys at each Cluster. So far, the Academy has shortlisted 56 children through 23 Talent Scouting Camps that saw the participation of over 3000 children from 5 districts of Rajasthan – Udaipur, Bhilwara, Chittorgarh, Rajsamand and Ajmer. These identified 56 children joined the 24-days Residential Team Zinc Football Camp at Chittorgarh that started form 10th January, 2018.

During the event, Annanya Agarwal said – “There is a huge talent that is hidden in rural and tribal areas, unexplored, and they just need guidance, support and opportunities. I am happy to see that through Hindustan Zinc Football Academy, we are opening the prospects for these aspiring footballers. It is also heartening to receive such a good response from their families and the enthusiasm of both participants & coaches is stimulating. I am confident that some of these players will have the potential to be selected for the national football team & clubs and would also be eligible to participate in international football tournaments in future.”

Vinod Wagh – Site President, CSC welcomed the guests, participants and their families during the program and briefed about the objective of Hindustan Zinc Football Academy.

One of the participants, Raghva Janghid from Ajmer was thankful for this wonderful opportunity where he got to learn both discipline and technical aspects of the game. Mr. Shakeel, father of one the participants from Chittorgarh said – “with such kind of encouragement and support, we can see our children participating in Under-14 matches in next 2 years.”

Post this camp, based on the performance, merit, physical, mental & psychological attributes, the Academy has selected atleast 20-40 children who will join Residential course of Hindustan Zinc Football Academy in Zawar, Udaipur. At Academy, these children will undergo rigorous training to become professional football players and play in various Local, National and International Football Tournaments. Their training and grooming would be monitored by experts that would include health & fitness experts and nutrition & diet experts. Their skills, body weight, energy, strength and stamina would be tested and monitored on regular basis.

Pavan Kaushik – Head Corporate Communication informed “The Company’s vision is to set-up a world-class technology based fully residential Football Academy to provide a 360 degree holistic platform for talented footballers from Rajasthan, both boys and girls, who will get an opportunity to get trained and play for the Indian National Team. Hindustan Zinc has tied-up with ‘The Football Link Sport’ for setting-up this state-of-the-art Football Academy.”

The ultimate objective is to reach out to more than 60,000 children in 100 villages and tribal areas of Rajasthan in next five years.

Also present were the Coaches, families of participants, Hindustan Zinc and The Football Link representatives during the event.

‘पकौड़ा रोजगार योजना’ से ही देश करेगा तरक्की ?

0

पोस्ट न्यूज़ . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी टीवी को दिए इंटरव्यू के दौरान देश में बढती बे रोजगारी पर चाय और पकोड़े तलने को भी रोज़गार से जोड़ते हुए बड़े आराम से कह दिया था कि पकोड़ा बेचना भी रोज़गार है और युवाओं को इसके लिए भी तय्यार रहना चाहिए . मोदी के इस बयान के बाद जहाँ युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे है विपक्ष “पकोड़ा राजनीति पर उतर आई है वहीँ अब भाजपा के नेता और राज्य सभा सदस्य और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी पकोड़ा रोजगार की पैरवी करते नज़र आ रहे है . राज्य सभा में अमित शाह ने अपने भाषण के दौरान कहा कि बेरोजगार होने से अच्छा है पकोड़े बेचना . इस बयान के बाद मानो पकोड़ा राजनीति में भूचाल आगया है . कांग्रेस इस पकोड़ा राजनीति पर सरकार को घेर रही है वहीँ अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पकोड़ा रोजगार को लेकर सोशल मीडिया पर खूब मजाक बन रहा है . हर कोई अपने पोस्ट पर पकोड़ा रोजगार को लेकर व्यंग दाल रहा है . मोदी सरकार अब अपने विरोधियों से बचने का रास्ता तलाश रही है. इसके लिए बीजेपी नेता और सांसद अजीब-अजीब तरह की तर्क दे रहे हैं. आलम ये है कि अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सरकार के लोग पकौड़ा बेचने को भी रोजगार मानने लगे हैं. बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद अमित शाह ने राज्यसभा में अपने पहले भाषण में कहा कि बेरोजगारी से अच्छा है कि युवा मेहनत कर पकौड़े बेचें. बता दें कि इससे पहले एक चैनल के इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी भी कह चुके हैं कि पकौड़े बेचना भी रोजगार है.  कांग्रेस बीजेपी को लगातार रोजगार के मुद्दे पर घेर रही है. हालांकि बीजेपी भी अपने विरोधियों को जवाब देने की कोशिश कर रही है. अमित शाह ने राज्यसभा में कहा, “मैं मानता हूं बेरोजगारी की समस्या है मगर 55 साल से कांग्रेस शासन के बाद ये हाल है तो कौन जिम्मेदार है.” बता दें कि नरेन्द्र मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव के वक्त हर साल 1 करोड़ रोजगार देने का वादा किया था. लेकिन सत्ता में आने के बाद वास्तविकता कुछ और ही है. अगर सिर्फ 2017 की बात करें तो सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी की रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में सिर्फ 20 लाख नौकरियां मिलीं.

हालांकि सरकार एक रिपोर्ट के हवाले से यह दावा कर रही है कि 2017 में 70 लाख नौकरियां मिली. बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर देशभर में कई जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.