मेडिकल डिवाइस पर अब मनमानी कीमत नहीं वसूल सकेगें निजी अस्पताल।

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post news.प्राइवेटअस्पताल अब सर्जरी में इस्तेमाल होने वाली मेडिकल डिवाइस की मनमानी कीमत नहीं वसूल सकेंगे। मेडिकल डिवाइस के लिए ‘मेडिकल डिवाइस रुल्स-2017’ के तहत लेबल पर एमआरपी के साथ डिवाइस का ब्यौरा भी लिखना होगा। लेबल पर निर्माता कंपनी का नाम पता, निर्माण तिथि, लाइसेन्स नंबर, एक्सपायरी डेट, बैच नंबर, वजन, वोल्यूम एवं मात्रा लिखना जरूरी होगा। गौरतलब है कि राजस्थान समेत देशभर में 250 निर्माण यूनिट हैं। हालांकि इसमें कार्डियक स्टेंट आर्थोपेडिक्स इंप्लांट की तरह कीमत का निर्धारण नहीं हो सकेगा।
नए कानून के तहत इन्हें अलग-अलग चार कैटेगरी ए, बी, सी डी में बांटा गया है।
ड्रगकंट्रोलर (सैकंड) अजय फाटक के अनुसार कानून के तहत डिवाइस को 4 कैटेगरी (लो रिस्क), बी (लो मोडरेट रिस्क), सी (मोडरेट हाई रिस्क) तथा डी (हाई रिस्क) में रखा है। पेशेंट केयर सुरक्षा के हिसाब से अंतरराष्ट्रीय स्तर के मापदंड तय किए हैं। बी कैटेगरी को लाइसेंस हर तरह से जांच के बाद स्टेट ऑथोरिटी तथा सी डी के लिए संेंट्रल लाइसेंसिंग ऑथोरिटी देगी।
फार्माएक्सपर्ट वीएन वर्मा का कहना है कि ‘मेडिकल डिवाइस रुल्स-2017’ एक जनवरी 2018 से प्रभावी हैं। राज्यों में पहले से कार्यरत ड्रग कंट्रोल ऑफिसरों सहायक औषधि नियंत्रक को मेडिकल डिवाइस ऑफिसर के लिए नोटिफाइड करना होगा जिससे आसानी से कार्यवाही की जा सकेगी। जांच करने वाले को मेडिकल डिवाइस टेस्टिंग ऑफिसर के नाम से जाना जाएगा। इसके अलावा किसी तरह की गड़बड़ी, साइड इफेक्ट होने पर डिवाइस के लिए अलर्ट जारी होगा।
ये है मेडिकल डिवाइस | इंट्रायूटेराइन डिवाइस, डिस्पोजेबल हाइपोडर्मिक सिरिंज नीडिल, डिस्पोजेबल परफ्यूजन सेट, इन विट्रो डायग्नोस्टिक किट फॉर एचआईवी तथा एचसीवी, कार्डियक स्टेंट, ड्रग इल्यूटिंग स्टंट, कैथेटर्स, इंट्रा ऑक्यूलर लैन्सेज, आईवी कैन्यूला, बोन सीमेन्ट, हार्ट वाल्व, इंटरनल प्रोस्थेटिक रिप्लेसमेंट, स्केल्प वेन सेट, आर्थोपेडिक इंप्लांट तथा एब्लेशन डिवाइस है।

लेकसिटी में आने लगा लेह लद्दाख की सर्दी का मजा – अभी और बढ़ेगी सर्दी

उदयपुर। नए साल के साथ ही लेकसिटी को सर्दी ने अपना पूरा अहसाह करा दिया। एक जनवरी से ही परा लगातार गिरते हुए 3.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुच गया। अगर जगहों जैसे गुलाब बाग़. समोर बाग़ या शहर के आसपास जैसी जगह का तापमान की बात करें तो 3 डिग्री तक पहुच गया है। गुरुवार की सुबह भी अपने सर्दी के तेवर और पुरे तामझाम के साथ ही आई। गिरते तापमान ने मोर्निंग वाक करने वालों की संख्या में भी कमी ला दी है।
अधिकतम तापमान गिरने से दिन में भी सर्दी और गलन का अहसास पूरा बना हुआ है। हालाँकि अभी भी दिन में धुप में राहत मिल ही जाती है। मोसम विशेषज्ञों की माने तो आने वाले दिनों में दिन का तापमान और अधिक गिर सकता है जिससे रात और सुबह में होने वाली ठिठुरन का अहसास दिन में भी बना रहेगा।
सर्दी बढ़ने के साथ साथ ही बाज़ारों में जहाँ एक तरफ ऊनि और गरम कपड़ों की खरीद बढ़ गयी है वहीँ घरों में अलाव और रूम हीटर जलने लगे है। काफी स्कूलों की छुट्टियां होने से बच्चों को अभी इस ठंडक से राहत है।
अचानक सर्दी बढ़ने से फतहसागर, रानी रोड, गुलाबबाग, सहेलियों की बाड़ी, सुखाड़िया सर्कल, सुखाड़िया समाधि सहित शहर के अन्य प्रमुख पार्कों, मार्गों पर मॉर्निंग और इवनिंग वॉक करने वाले लोगों की भी संख्या में कमी आई। इन स्थानों पर आम दिनों के मुकाबले सुबह-शाम चहल पहल कम रही।

हिन्दुस्तान जिंक द्वारा दरीबा में युवाओं को खनन क्षेत्र में प्रशिक्षण के छठे बैच का शुभारम्भ।

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उदयपुर। हिन्दुस्तान जिंक के दरीबा परिसर में जम्बों ड्रील आॅपरेटर के छठे बैच का उद्घाटन किया गया जिसमें पुरे राजस्थान से चयनित 120 प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे। यह कार्यक्रम हिन्दुस्तान जिंक के तीन लोकेशन में आईआईएसडी एवं एससीएमएस के संयुक्त तत्वावधान से चलाया जा रहा है जिसमें चयनित आटीआई व डिप्लोमा उत्तिर्ण युवाओं द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त किया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिन्दुस्तान जिंक दरीबा काॅम्पलेक्स के साईट प्रेसिडेंट के सी मीणा ने की।
शुभारंभ के अवसर पर के सी मीणा, साईट प्रसीडेन्ट दरीबा ने अपने उद्बोधन में कहा ‘‘सभी प्रशिक्षणार्थी आज से ही अपने भविष्य का आधार रखने जा रहें है। आपसे अनुरोध है कि प्रशिक्षण के दौरान आप अनुशासन एवं सुरक्षा के नियमों का पुरी तरह से पालन करें। आप जीवन में पुरी ईमानदारी, मेहनत एवं लगन से नियमों का पालन करगें तो सफलता आपके कदम चुमेगी ऐसा मेरा विश्वास है, और सफलता के दरवाजे आपके लिए हमेशा खुले रहेंगें।‘‘
अपने उद्बोधन में संजय शर्मा ने कहा कि कुल 2700 युवाओं ने परीक्षा में भाग लिया जिनमें से 120 का लिखित, साक्षात्कार एवं मेडिकल परिक्षण के बाद योग्यतानुसार चयन किया गया, चयन में कटआॅफ 80 प्रतिशत रहा। यह प्रसन्नता का विषय है कि पूर्व के बैच से 136 युवाओं का टेªनिंग के दौरान ही केम्पस प्लेसमेन्ट हो गया जिनका औसत वेतन 25 हजा़र प्रतिमाह रहा। जिन मशीनों का चलाने के लिए विदेश से कुशल व्यक्ति आते है उनकी ट्ेनिंग हम यहीं पर करवा कर राजस्थान के युवाओं को अवसर प्रदान कर रहें है ।
कार्यक्रम के दौरान जम्बो ड्रील आॅपरेटर के रूप में कार्यरत प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभव बांटते हुए हिन्दुस्तान जिं़क का आभार प्रकट करते हुए कहा कि हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा प्रशिक्षण के माध्यम से वह आज कुशल आॅपरेटर हंै। इस अवसर पर नव चयनित प्रशिक्षुओ ने हिन्दुस्तान जिं़क का आभार व्यक्त किया एवं प्रशिक्षण को निष्ठा एवं लगन से पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर युवाओं के प्रोस्ताहन के साथ साथ चैथे बेैच के टाॅपर्स थे उन्हें प्रमाण पत्र के साथ साथ नगद राशि से सम्मानित किया गया।
हिन्दुस्तान जिं़क के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेशन पवन कौशिक ने बताया कि हिन्दुस्तान जिं़क वर्तमान समय की मांग के अनुसार भारत की संभवतया पहली माइनिंग एकेडमी की स्थापना के साथ देश में खनन क्षमता वर्धन में योगदान दे रहा है। यह निश्चित रूप से खनन क्षेत्र में भारत की क्षमता को बढ़ाने और देश को विकास पथ पर अग्रसर करने की ओर कदम है।
हिन्दुस्तान जिं़क की ओर से सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्किल काउन्सिल फोर माईनिंग सेक्टर तथा इण्डियन इन्स्टीट्यूट आॅफ स्किल डवलपमेंट के सहयोग से राज्य के युवाओं को खनन क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सरकार से मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्र युवाओं को अच्छा रोजगार प्राप्त करने में सहायक एवं अति महत्वपूर्ण होगा।
कार्यक्रम में संजय खटोड़ युनिट हेड राजपुरा दरीबा मांईस, सुनिल दिक्षित काॅमर्शियल हेड, अभय गौतम, हेड सीएसआर, रवि गुप्ता टे्निंग एचआर हेड, दीपक गखरेजा लोकशन एचआर हेड, राजपुरा दरीबा काॅम्पलेक्स एवं एससीएम से दिपक मिश्रा, आईआईएसडी से अंशुक तलवार उपस्थित थे ।
ज्ञातव्य रहे कि प्रषिक्षण के लिए अभ्यार्थी की शैक्षणिक योग्यता हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषा में दक्षता के साथ किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से इलेक्ट्रीशियन, फीटर, मैकेनिक, डीजल, मोटरड्राईंग एवं मैकेनिक, मैकेनिक मोटर गाडी में आई.टी.आई. अथवा मैकेनिक, आॅटोमोबाईल, माईंनिंग , इलेक्ट्रीकल में डिप्लोमाधारी हो। भारी एवं हल्के वाहन चलाने के लाईसेन्सधारी अभ्यार्थियों को प्राथमिकता दी गई थी।

प्रशिक्षण की अवधि डेढ़ वर्ष होगी। इस अवधि के पूर्व सफलतापूर्वक प्रषिक्षण करने एवं जांच परीक्षा में उत्तीर्णपरांत अभ्यार्थियों का प्रमाण पत्र के साथ-साथ देश विदेश में किन्ही भी खनन इकाईयों में आवश्यकता होने पर नियोजन हेतु मार्गदर्शन दिया जाएगा।

Electro Galvanizing… a boon for automobiles, appliances and fasteners

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Electro galvanizing is the process in which a layer of Zinc is bonded to steel in order to protect against corrosion. This process involves electroplating i.e. running a current of electricity through a saline Zinc solution with a Zinc anode and a steel conductor. Similar to sheet galvanizing, the operation is continuous and the coating thickness is minimal. Applied in a steel mill, the steel sheets or strips are fed through entry equipment into a series of washes and then rinses them into the Zinc plating bath. The corrosion protection offered by the electrodeposited Zinc layer is primarily due to the anodic potential dissolution of Zinc versus iron (the substrate in most cases). Zinc acts as a sacrificial anode for protecting the iron/steel.

Zinc plating was developed and continues to evolve, to meet the most challenging corrosion protection, temperature and wear resistance requirements. The most common applications are for automobiles, appliance bodies and fasteners. The steel sheets can be coated by electro galvanizing one or both the sides. Due to their high corrosion resistance, electrogalvanized products are recommended for numerous applications especially in the automotive industry.

Unlike hot dip galvanizing, electroplated Zinc provides – Lower thickness deposits to achieve comparable performance; Broader conversion coating availability for increased performance & colour options; and brighter, more aesthetically appealing deposits.

Hindustan Zinc is India’s only and world’s leading Zinc-Lead-Silver Producer..

Pavan Kaushik

Article by- Pavan Kaushik, Head – Corporate Communication, Hindustan Zinc

अफराजुल के हत्यारे शम्भू की मानसिक हालत की जांच हुई, एमबी हॉस्पिटल बना छावनी .

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उदयपुर। राजसमन्द जिले में बंगाली श्रमिक अफराजुल की निर्मम हत्या करने वाले आरोपी शम्भूनाथ रेगर की मानसिक हालत जांचने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया। जिसमें उदयपुर के एमबी चिकित्सालय के मानसिक रोग विभाग के एचओडी सहित 3 डॉक्टरों को उसमे शामिल किया गया है। कोर्ट के आदेश के बाद बुधवार को राजसमन्द पुलिस आरोपी शम्भूनाथ रेगर का मेडिकल चेकअप कराने के लिए जोधपुर जेल से उदयपुर के एमबी चिकित्सालय में स्थित मानसिक रोग विभाग पंहुची। इस दौरान शम्भूनाथ रेगर को कड़ी पुलिस की सुरक्षा के बीच मानसिक रोग विभाग में लाया गया । इस मौके पर उदयपुर पुलिस के आलाधिकारी के साथ कई थानो का जाब्ता और एसएचओ अस्पताल परिसर में मौजूद रहे । पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर शम्भू की जांच के दरमियान पूरे अस्पताल परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया। वहीं 3 सदस्यीय चिकित्सकों की टीम ने करीब 45 मिनिट तक शम्भू का मानसिक परीक्षण किया। इसके पश्चात राजसमन्द पुलिस शम्भू को कड़ी सुरक्षा के बीच वापस जोधपुर लेकर रवाना हो गयी। शम्भू की सुरक्षा के लिए पुलिस वेन में राजसमन्द पुलिस की क्विक रेस्पोंस टीम के 10 कमांडो भी हथियार के साथ तैनात थे। एमबी चिकित्सालय के अधीक्षक डॉक्टर विनय जोशी ने कहा की शम्भू का मानसिक चेकअप किया गया है और जिसकी रिपोर्ट आते ही राजसमन्द जिला सेशन न्यायलय में पेश कर दिया जायेगा
। गौरतलब है कि शम्भू के वकील समीर व्यास द्वारा कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र पेश किया गया था जिसमे उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं होने का हवाला दिया गया था। इसी को देखते हुए राजसमन्द कोर्ट ने शम्भू की मानसिक हालत को जांचने के लिए एक कमेटी का गठन कर उसकी मेडिकल जांच के आदेश दिए थे।
क्या था मामला :
सौ फीट रोड राजसमंद में कलक्ट्री के पास 6 दिसंबर को बंगाल के चुनाई ठेकेदार अफराजुल की गेंती से हमला कर शंभूलाल रेगर ने नृशंस हत्या कर दी। आरोपित शंभू ने उसके भांजे से घटना का लाइव वीडियो बनवाया। इसके अलावा हर लवजिहादी का यही हश्र करने की धमकी भरे पांच अन्य वीडियो भी बनाए, जिसे घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। नृशंस हत्या के लाइव वीडियो से लोगों में सनसनी फैल गई। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने दो दिन राजसमंद में इंटरनेट भी बंद कर दिए। उसी सप्ताह राजस्थान ही नहीं, बल्कि देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए।

जो काम पुलिस 12 दिनों में नहीं कर पाई “महादेव की शपथ” ने कुछ ही देर में कर दिखाया।

शपथ लेने महादेव मंदिर के बाहर जमा हुए गाँव के लोग

पोस्ट न्यूज़। ‘‘ मैं गीता पर हाथ रखकर कसम खाता हूं कि जो कुछ कहूंगा सच कहुगां और सच के सिवा कुछ नहीं कहूंगा’’ यह स्पश्टीकरण आपने फिल्मों और न्यायपालिका में तो कई बार सुना होगा, लेकिन उदयपुर संभाग के डूंगरपुर जिले के एक गाँव में महादेव के मंदिर में सच बोलने और अपराध नहीं करने की कसम खाई और जो दो युवकों ने शपथ नहीं खाई और नदारत दिखे तो शक उन पर तेज हो गया कुछ हद तक पुलिस का रास्ता भी साफ़ हो गया पुलिस मामले की जांच कर रही है। महादेव की शपथ विवेकानंद की प्रतिमा को आग लगाए जाने को लेकर खाई गयी।
डूंगर पुर जिले के मंझोला गाँव में ऐसा मंदिर है जहां पर आज भी किसी भी अनसुलझे अपराध की तह तक जाने के लिए हर खासोआम को महादेव की सामने बैठकर खुद को पाक साफ साबित करना होता है और अगर नहीं कर पाया तो वह स्वतः ही अपराधी मान लिया जाता है। वैसे हर अपराध का निदान खाकी करती है और अगर खाकी भी फेल हो जाए तो न्यायपालिका से तो न्याय की आस रहती ही हैै, लेकिन डूंगरपुर जिले का एक ऐसा गांव जहां अपराधी तक पंहुचने में खाकी फेल हो गई तो लोगों ने अपने पुरखों की प्रणाली को अपनाते हुए न सिर्फ अपराधी की खोज की बल्कि उन अपराधियों को खाकी की शरण में पंहुचाने में भी महत्ती भुमिका निभाई। जी हां आस पर आस्था की ऐसी कहानी आपने आजाद भारत में आज तक नहीं देखी होगी। जहां न्यायमूर्ति आज भी देवा दी देव महादेव हैं और उनकी शरणों में जाने से न्याय न मिले ऐसा संभव ही नहीं है।

महादेव मन्दिन में शपथ लेते

यह घटना है डूंगरपुर जिले के मझोला गांव का गोपेष्वर महादेव मंदिर की जहां पर दो दिन पूर्व अंधविष्वास की एसी कहानी हकीकत बन गई जिसने खाकी को भी सोचने पर मजबूर कर दिया। महादेव के चमत्कार ने वह कर दिखाया जो यहां की खाकी पिछले 12 दिनों में न कर पाई। दरअसल जिले के मझोला गांव में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को आग लगाने की घटना और पुलिस की सारी तफ्तिशों के बावजुद कोई सुराख हाथ न लगा, तो ग्रामीणों ने पुरखों की न्याय प्रणाली ‘‘आस्था’’ का सहारा लिया। परम्पराओं की चैपाल जमी और शिव को साक्षी मानकर शपथ लेने की तैयारी हुई। आस्था की इस अदालत का प्रभाव ऐसा हुआ कि शपथ से पहले ही वारदात के समय मौके पर देखे गए दो संदिग्धों के नाम सामने आ गए। आपको बता दे कि विवेकानंद की प्रतिमा जलाने के बाद से पूरा गांव उद्वेलित था। वारदात के बाद से ही कई बार बैठकें हुई। खाकी ने भी एढ़ी चोटी का दम लगा दिया। बाद में बुजूर्गों की रायशूमारी के बाद तय किया गया कि कस्बे कें ‘‘गोपेश्वर महादेव’’ मन्दिर में गांव के हर घर का आदमी इस घटना को लेकर शपथ लेगा। फिर क्या था, सुबह से ही यहां पर मजमा जम गया था। मुखिया मोतबीर अपने – अपने वार्डों से उपस्थित- अनुपस्थितों की सूची बन रहे थे। जैसे ही शपथ लेने की तैयारी शुरू हुई। इसी दौरान दो युवक बोल उठे कि घटना के दिन देर शाम को तिराहे पर लगी प्रतिमा के समीप कुछ लोग बैठक कर शराब पी रहे थे। ग्रामीणों की पूछताछ में दो युवकों का नाम भी बताया। यह दोनों युवक चैपाल से नदारद थे। इस पर इनके मोबाइल पर सम्पर्क किया तो स्वीच ऑफ आया। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बीच महादेव के आगे बेठकर षपथ लेते हुए लोगों ने खुद को पाक साफ बताया पुलिस अब आगे की कारवाई कर रही है।

“मैं तड़ीपार हूं सबको मारना चाहता हूं” कह कर युवक ने जिला कलक्टरी में ही पुलिस पर हमला बोल दिया।

उदयपुर। “मैं तडिपार हूं, मैं सबको मारना चाहता हूं” जोर – जोर से चिल्लाते हुए एक शख्स खुद पर पेट्रोल डाल हाथों में मिर्ची पाउडर लिए बुधवार को जिला कलेक्टरी में जा घुसा। पुलिस के जवानों ने बीच – बचाव का प्रयास किया तो इस आरोपी ने उन पर भी पेट्रोल उढेलकर मिर्ची पाउडर डालते हुए उन्हें जख्मी कर दिया। माहौल इतना गर्मा गया कि काबू करने के लिए कलेक्टरी में तैनात पुलिस नाकाफी साबित हुई तो भोपालपुरा सीआई सहित डीप्टी भगवत सिंह हिंगड़ को भी कुर्सी छोड़ मौकाए वारदात पर आना पड़ा। हालाकि डेढ़ दर्जन से ज्यादा जवानों ने मिलकर बड़ी मुष्किल से आरोपी पर काबू तो पा लिया लेकिन अगर थोड़ी भी चुक होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। आरोपी राधेष्याम तेली ने इस तरह की वारदात को पहली बार अंजाम नहीं दिया है। पहले भी यह आरोपी दो बार पुलिसकर्मियों को जख्मी कर चुका हैं।
शहर के सेलिब्रेशन मॉल के पास एक रेस्टोरेंट पर एक मामले में कार्रवाई करने गए सुखेर पुलिस थाने के दो सिपाहियों पर आरोपित ने आवेश में आकर गरम सब्जी फेंक दी थी जिससे एक सिपाही का मुंह और दूसरे का हाथ झुलस गया। बाद में रेस्टोरेंट मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया। सुखेर पुलिस थाने के दो कांस्टेबल सीकर निवासी राकेशकुमार और राजेशकुमार सेामवार को सेलिब्रेशन मॉल के पास राधे-राधे रेस्टोरेंट मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने पर कार्रवाई के लिए वहां गए थे। इससे गुस्साए रेस्टोरेंट मालिक पुलां निवासी राधेश्याम पुत्र लक्ष्मण साहू ने गरम सब्जी दोनों पर फेंक दी। यहीं नहीं विरोध कर भट्टी जलाकर पेट्रोल की भरी बोतल से खुद को और कांस्टेबल को जलाने की धमकी तक दे दी। बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
आज भी पुलिस ने जिला कलेक्ट्री में हंगामे और पुलिस पर हमले के बाद आरोपी राधेश्याम को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसके जेब से दो चाकू मिले। भूपालपुरा पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

Is ZINC helpful in Depression ?

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Is ZINC helpful in Depression ? This question was asked by one of the respondents of ‘Ask for Zinc’. The answer is YES….. it turns out that Zinc plays a part in modulating the brain and body’s response to stress all along the way…

Zinc has been found to be low in the serum of those suffering from depression. In fact, the lower the Zinc level, the more depressed a person is. Zinc deficiency can lead to symptoms of depression, difficulties with learning and memory, seizures, aggression, and violence.

Low serotonin levels are also believed to be the cause of many cases of mild to severe depression which can lead to symptoms such as anxiety, apathy, fear, feelings of worthlessness, insomnia and fatigue. The enzymes containing Zinc are necessary for the synthesis of serotonin.

Since the 1920s Zinc has been known to play a credible role in mental health. Decades of research have found a link between taking Zinc supplements and improvement in the symptoms of schizophrenia, autism, ADHD (Attention Deficit Hyperactivity Disorder) and other mental health problems.

Around 300 enzymes in our bodies use Zinc to help make DNA, for protein synthesis, cell division, cell growth etc. Zinc is particularly found in a part of the brain called the hippocampus.

In the hippocampus, which is the part of the brain central to memory and mood, antidepressants work by increasing the production of the nerve fertilizer BDNF (Brain-Derived Neurotrophic Factor) in the hippocampus, which helps in nerve recovery, adaptation, and repair. Zinc deficiency leads to decreased Zinc in the nerve synapse. The same mechanism might be responsible for seizures, migraines, dementia, anxiety, depression, and bipolar disorder.

Under conditions of major stress, Zinc swiftly leaves the body in the form of urine, sweat, and saliva. A daily intake of Zinc is required to maintain a steady state of the body.

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Pavan Kaushik

Article by- Pavan Kaushik, Head – Corporate Communication, Hindustan Zinc

“आम जन में विश्वास” की बात सार्थक की पुलिस ने तो युवाओं ने भी किया पुलिस का सम्मान।

उदयपुर। “आमजन में विश्वास अपराधियों में डर” यह वाक्य हर पुलिसकर्मी कर्मी कांस्टेबल से लेकर एक आईपीएस तक की रग-रग में बसा हुआ है। पुलिस की इसी शपथ की वजह से एक आम नागरिक चैन की नींद सोता है। हालाँकि सबसे ज्यादा आरोप भी पुलिस पर ही लगते है, और यह वाक्य कभी कभी उल्टा भी दिखाई देता है, लेकिन इस बात को मानना होगा कि साल के 365 दिन बिना छुट्टी के कार्य करने वाले ये समाज के रक्षक की बदोलत ही शहर में शांति व्यवस्था कायम है।
पुलिस के अत्याचार और भ्रष्टाचार की कहानियाँ हर कोई कह देता है, लेकिन इन सबके बावजूद पुलिस ऐसे-ऐसे कार्य कर देती है जिसकी प्रसंशा खुले दिल से होनी चाहिए। लेकिन प्रसंशा छोड़िये एक सम्मान की नज़र उन पर नहीं उठती। अपराधियों में डर के तो कई उदाहरण है लेकिन आम जन में विश्वास की बात सार्थक हुई आज उदयपुर शहर के अम्बामाता थाने में जहाँ कुछ युवा पुलिस कांस्टेबल वाहिद हुसैन का जन्मदिन मनाने केक लेकर पहुच गए और पुरे सम्मान के साथ उन युवाओं ने कांस्टेबल वाहिद हुसैन का जन्म दिन मनाया उन्हें बधाई दी। युवाओं में सिद्धार्थ सोनी ने बताया कि जहाँ पुलिस और थाने के नाम से एक आम आदमी के पसीने छूट जाती है, वहीँ अम्बामाता थाने में कांस्टेबल वाहिद हुसैन का ऐसा व्यवहार देखने को मिला कि पुलिस को लेकर हमारा सारा डर और भ्रम दूर हो गया। सिद्धार्थ ने बताया कि एक केस के दौरान अम्बामाता थाने के कांस्टेबल वाहिद भाई ने हमारी सहायता कि बिना किसी लालच के कानून की बारीकियां समझाते हुए की, क़ानून के दायरे में हमे हर बात को समझाया और हमारी मदद की। सिद्धार्थ सोनी ने बताया मेरे साथ-साथ मेरे साथियों की भी यह भ्रम टूटा की कोई भी पुलिस कर्मी बिना लेन देन के कुछ करता है। वाहिद हुसैन को हमने सहायता के बदले कुछ कहना चाहा तो उन्होंने हाथ जोड़ कर बस एक वाक्य कहा कि आप लोगों का संतोष ही एक पुलिस कर्मी होने के नाते मेरा इनाम है। सिद्धार्थ सोनी ने बताया कि तब से मेरे और मेरे दोस्तों के दिल में एक पुलिस कर्मी के लिए इज्ज़त बढ़ गयी। एक जनवरी को वाहिद भाई का जन्म दिन जब हमने फेसबुक पर देखा तो उनसे पुछ कर हम थाने में केक लेकर गए और उनका जन्म दिन की बधाई दी। वाहिद हुसैन का मानना है कि राजस्थान पुलिस “सेवार्थ कटिबद्धता” के लिए जानी जाती है, और आमजन के सेवार्थ के लिए ही हम है और विनम्रता हमारा पहला सिद्धांत है।
इस दौरान थाने के अन्य पुलिस कर्मी और थाना अधिकारी ने भी वाहिद को बधाइयाँ दी।
सिद्धार्थ सोनी और उनके साथियों का मानना है कि जब एक महकमे की बुराई बढ़ा चड़ा कर बताते है तो उसकी अच्छाइयों का भी खुले दिल से सम्मान करना चाहिए। आम लोगों को एक एक पुलिस कर्मी चाहे सिपाही हो या अफसर उसका और उसके किये गए अच्छे कार्यों का सम्मान करना चाहिए।

उदयपुर में 15 पाकिस्तानी शरणार्थियों को दिलाई भारतीय नागरिकता की शपथ .

उदयपुर। अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) सुभाष चंद्र शर्मा ने सोमवार को 15 पाक विस्थापितों को भारतीय नागरिकता की शपथ दिलाई। यह सभी 2009 से पूर्व से भारत में निवासरत हैं जिनके आवेदन की पात्रता की जांच के बाद यह कार्यवाही की गई।
श्री शर्मा ने अपने कार्यालय में सभी 15 पाक विस्थापितों को राजनिष्ठा की शपथ दिलाई जिनमें एक दिव्यांग बालिका और एक गर्भवती महिला शामिल थी। अनिल कुमार, संगीता कुमारी, सुशील कुमार, सनजीत कुमार, सोनम राजपूत, खुशबू कुमारी, दीपक कुमार, संगीता बाई, शंकर लाल, सपना कुमारी, सनी कुमार, लखोमल, नानकी, विनोद कुमार एवं निकिता कुमारी ने राजनिष्ठा की शपथ ली।