उदयपुर। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकिट के दावेदारों और मौजूदा विधायक से नाराजगी तथा पार्टी की गुट बाजी दावेदारों कि घोषणा होने के पहले और ज्यादा बढ़ती जा रही है। उदयपुर ग्रामीण के एक कांग्रेसी दावेदार ने बुधवार को जिस आनन् फानन में प्रेस वार्ता आयोजित की उसी तेजी से प्रेस वार्ता का विषय बदल कर सेवादल के पदाधिकारियों को वार्ता में बैठा दिया और खुद वार्ता से गायब और वार्ता के लिए आये पत्रकारों को खाना खिला कर रवाना करदिया ।
उदयपुर ग्रामीण के कांग्रेसी दावेदार देवेन्द्र मीणा ने बुधवार को होटल पारस महल में पत्रकारो कि प्रेस वार्ता आयोजित कि जिसका मकसद ग्रामीण में अपनी दावेदारी को और ज्यादा मजबूत करना था। लेकिन आखरी वक़्त में टिकिट मिलने के पहले प्रेस वार्ता आयोजित करने कि गलत सलाह पर उन्होंने विचार कर प्रेस वार्ता का विषय बदल दिया और सेवादल के पदाधिकारी अध्यक्ष दयालाल चौधरी, प्रवक्ता राजकुमार सुहालका आदि ने प्रेस को सम्बोधित किया और कांग्रेस पार्टी में सेवा दल के योगदान कि बात कही और आगामी चुनाव में सेवादल कांग्रेस कि विजय में अपने योगदान का ब्यौरा दिया। जिन बातों का कोई ओचित्य नहीं न ही इस वार्ता कि कही आवश्यकता नहीं दिखी । जब सेवा दल के पदाधिकारियों से पूछा गया कि प्रेस वार्ता को बुलाने का मकसद कुछ और था और यहाँ आकर बात कुछ और हो रही तो इस पर कोई भी पदाधिकारी सही जवाब नहीं दे पाया । अध्यक्ष दयालाल चौधरी ने बताया कि ग्रामीण से प्रमुख दावेदार देवेन्द्र मीणा प्रेस से रूबरू होना छटे थे लेकिन उनके रिश्तेदार में किसी कि मौत हो गयी इस वजह से वह नहीं आये ।
जबकि सूत्रों के अनुसार उन्हें वार्ता के ठीक एक घंटे पहले पार्टी के बड़े पदाधिकारियों ने इस तरह प्रेस वार्ता नहीं करने कि सलाह दी और कहा कि यदि तुम्हे टिकिट मिलता होगा तब भी नहीं मिलेगा और इससे आगे मेसेज अच्छा नहीं जाएगा । तब आखरी वक़्त में प्रेस वार्ता का विषय बदला गया। ग्रामीण में अभी मौजूदा कांग्रेसी विधायक सज्जन कटारा के खिलाफ एक तरह से यह खुली बगावत है। क्यों कि सूत्रों के अनुसार देवेन्द्र मीणा और उनके गुट का मानना है| कि सज्जन कटारा से लोग खुश नहीं है । और यदि उनको टिकिट दिया गया तो ग्रामीण सिट जा सकती है । दबी जबान में सज्जन कटारा पर परिवार वाद का भी आरोप लगाया जा रहा है।
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