Udaipur अब तक आपने कई लोगों के अनोखे और अजीबोगरीब शौक के बारे में सुना होगा, लेकिन पश्चिम बंगाल के इस आदमी के शौक के
बारे में सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो सकते हैं।
इस आदमी को किसी और चीज का नहीं बल्कि लड़कियों के सिर काटकर उनका खून पीने का शौक है, जिसके बारे में पता चलने पर सुनने वाला हर शख्स सहम गया।
लड़कियों के सिर काटकर उनका खून पीने वाला लक्ष्मीकांत सरकार नाम का यह शख्स पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा गांव का रहने वाला है जिसें अब पुलिस ने गिरफतार कर लिया है तथा कोर्ट ने इसें मृत्युदंड दिया गया है।
अपने इस खतरनाक शौक के बारे में खुद लक्ष्मीकांत ने पुलिस और कोर्ट के सामने अपनी करतूत को कबूला है। उसके मुताबिक वो एक तांत्रिक है तथा छोटी उम्र की लड़कियों का सिर काटकर एक पेड़ पर टांग देता था। उसके बाद वो सिर कटी हुई लड़की का खून पीता था।
लड़कियों का खून पीने वाले इस तांत्रिक की करतूत का पता एकदिन किसी को चल गया तथा उसने मौके पर भीड़ इकट्ठी ली जहां इसें पीट पीट कर अधमरा कर दिया। जिसके बाद इसें पुलिस के हवाले कर दिया गया और क ोर्ट में इसें मृत्यु दंड मिला।
गजब शौक! लड़कियों के सिर काटकर पीता है खून
मजदूरी कर रही युवती बिजली के नंगे तार पर जा गिरी, मौके पर ही मौत
चित्तौडग़ढ़. शहर के गांधीनगर क्षेत्र में मजिस्ट्रेट कॉलोनी के पास पटवारी भूपेंद्र मीणा के निर्माणाधीन मकान में मजदूरी कर रही युवती संतुलन बिगडऩे से बिजली लाइन के तारों पर गिर गई। बुरी तरह झुलसी युवती ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतक युवती की पहचान प्रतापगढ़ जिले के पीपलखूंट थानांतर्गत गांव राणा की हरवर निवासी संगीता उर्फ संगूकुमारी (18) पुत्री प्यारचंद मीणा के रूप में हुई है। वह छत पर बन रही दीवार के लिए ईंटें देने में जुटी थी। इस दौरान संतुलन बिगडऩे से वह पीठ के बल छत के किनारे पर से गुजर रही बिजली लाइन के तारों पर जा गिरी।
रोडवेज बस में प्रसव, बस में सहयात्रियों और नर्स ने कराई डिलीवरी
उदयपुर. उदयपुर से सेमारी जा रही रोडवेज बस में गुरुवार को महिला ने बच्चे को जन्म दिया। संयोग से बस में निजी काम से यात्रा कर रही नर्स भी थी। जैसे ही महिला को प्रसव पीड़ा हुई। महिला सहयात्रियों और नर्स ने उसे संभाल लिया। एहतियात बरतते हुए नॉर्मल डिलीवरी करवाई। प्रसूता और नवजात स्वस्थ हैं।
जानकारी के अनुसार सेमारी निवासी कुरी बाई (28) पत्नी डाया लाल पटेल मेडिकल चेकअप के बाद शाम को उदयपुर से गांव लौट रही थी। पति भी साथ था। पलोदड़ा टोल नाके के पास उसे प्रसव पीड़ा हुई। पिछली सीट पर बैठी पलोदड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की नर्स बांसवाड़ा हाल पलोदड़ा निवासी प्रियंका कटीजा ने हालात भांप लिए। प्रियंका ने तुरंत बस रुकवाई और ड्राइवर कैलाश सालवी से कह कर पुरुष यात्रियों को उतरवाया। इसके बाद कुरी बाई की डिलीवरी करवाई।
इस दौरान बस की महिला यात्रियों की शॉल और साडिय़ों से पर्दा किया गया। शॉल में नवजात को सुरक्षित रखा। इसी बीच किसी ने 104 एंबुलेंस को फोन कर दिया। पंद्रह-बीस मिनट बाद एंबुलेंस पहुंची, जिसमें प्रसूता को एमबी अस्पताल में रवाना करने के बाद बस गंतव्य के लिए बढ़ी। सभी यात्रियों ने नर्स व सहयोग करने वालों की सराहना की।
ख्वाजा के दर पर बसंत पेश, एकता का प्रतीक बना पर्व
Udaipur. ख्वाजा साहब की दरगाह में गुरुवार को कौमी एकता का प्रतीक बसंत पर्व धूमधाम से मनाया गया। शाही कव्वाल चौकी ने गुलदस्ता पेश कर मुल्क में खुशहाली के लिए दुआ की। जुलूस में दरगाह दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन समेत विभिन्न गणमान्य लोग शरीक हुए।
निजामगेट से सुबह 11 बजे बसंत के जुलूस की शुरूआत हुई। शाही कव्वाल असरार हुसैन और साथियों ने सरसों व अन्य फूलों से खूबसूरत गुलदस्ता तैयार किया था। असरार हुसैन और साथी हजरत अमीर खुसरो के ब्रज व हिंदी भाषा के कलाम पढ़ते हुए चल रहे थे। कव्वाल ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के दर आज आती है ‘बसंत, फूलों के गढ़वे हाथ ले, गाना बजाना साथ ले, क्या खुशी और ऐश का सामान लाती है बसंत…..’ आदि कलाम पेश कर रहे थे। अहाता ए नूर में बसंत का गुलदस्ता रख कर महफिल हुई।
इस मौके पर गरीब नवाज सूफी मिशन सोसायटी के अध्यक्ष शेखजादा जुल्फिकार चिश्ती, गद्दीनशीन एसएफ हसन चिश्ती, सैयद जहूर बाबा चिश्ती समेत कई लोग उपस्थित थे। बाद में बसंत का गुलदस्ता पेश किया गया। दरगाह कमेटी की ओर से दारोगा मोबीन अहमद खान, अब्दुल अजीज आदि ने भी शिरकत की। इस मौके पर गरीब नवाज सेवा समिति के अध्यक्ष सैयद अताउर्रहमान चिश्ती और सचिव सैयद कुतुबुद्दीन सखी व सैयद यामीन हाशमी ने दुआ कराई।
दीवान की शिरकत चर्चा का विषय रही
दरगाह में बसंत के जुलूस में लंबे समय बाद दरगाह दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन स्वयं शरीक हुए। इससे पूर्व उनके स्थान पर परिवार के अन्य सदस्य आते रहे हैं। खादिमों में इस बात को लेकर चर्चा रही। इधर दो दिन पूर्व ही खादिमों ने दरगाह कमेटी को पद का दुरुपयोग की शिकायत भी की थी।
युआईटी सचिव के खिलाफ बढ़ता जा रहा है पत्रकारो का आक्रोश

उदयपुर। पात्र पत्रकारों को भूखंड नहीं देने और अड़चनें खड़ी करने वाले यूआईटी सचिव डॉ. आर पी शर्मा के खिलाफ पत्रकारों का आक्रोश अब धीरे धीरे अपने चरम पर पहुचने लगा है । प्रशाशन ना ही यु आई टी में बैठे ये आधुनिक तानाशाह इस बात को समझ रहे है कि अपने हक़ के लिए दिन रात सामजिक हितों के लिए ईमानदारी से दौड़ने वाले पत्रकार अब अपने जीवन भर की पूंजी में खयानत होने पर किसी भी हद तक जा सकते है ।
पत्रकारों का धरना गुरूवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। कलेक्ट्रेट के सामने यूआईटी सचिव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। बाद में युआईटी में भी प्रदर्शन किया गया। सचिव ने गुरूवार को भी इस सन्दर्भ में कोई निर्णय नहीं लिया | इधर, पत्रकारों के एक प्रतिनिधि मंडल ने कैबिनेट मंत्री और शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया से भी चर्चा की, जिन्होंने इस मामले को दिखवाने का आश्वासन दिया।
पत्रकार संघर्ष समिति के बैनर तले कलेक्ट्रेट के समक्ष दिए जा रहे धरने में सभी समाचार पत्रों के पत्रकार शामिल हुए। इस दौरान लेकसिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनु राव, पूर्व अध्यक्ष अख्तर खान, संजय खाब्या, संजय गौतम, भी धरने पर बैठे । पत्रकार कपिल श्रीमाली, ललित सोनी, राजेंद्र हिलोरिया, भूपेंद्रसिंह चूंडावत, सुनील गोठवाल, घनश्यामसिंह, रमेश भटनागर, विनोद माली, प्रकाश मेघवाल, चंचल सनाढ्य, संजय खाब्या, भगवान, अशोक सोनी आदि पत्रकार भी धरने पर बैठे। लेकसिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनु राव ने बताया कि इस संबंध में पत्रकारों से वार्ता के लिए प्रशासन ने अब तक कोई पहल नहीं की है। दिन में दो बजे बाद सभी पत्रकार यु आई टी सचिव आर पी शर्मा से मिलने पहुचे लेकिन वह यु आई टी में मौजूद नहीं थे । पत्रकारों के धरने के मद्देनज़र उन्होंने गुरूवार को होने वाली जनसुनवाई को भी स्थगित रखा । शाम को पत्रकारों का प्रतिनिधि मंडल सचिव से मिला लेकिन सचिव ने अभी तक इस मामले में कोई रूचि नहीं दिखाते हुए अपनी हट धर्मिता पर अड़े हुए है और नए नए नियम लगा कर किसी भी तरह से पत्रकारों के प्लाट आवंटन को टालना चाहते है। सचिव के इस रवैये और कलेक्टर की उदासीनता को दख कर अब पत्रकारों का धेर्य जवाब दे रहा है । पत्रकारों का धरना आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, तो सोमवार से कुछ पत्रकार द्वारा आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। पत्रकारों भूखंडों की जायज मांग के समर्थन में कई सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी पत्रकारों के साथ धरने पर बैठे। इनमें शिवदल मेवाड़, मुस्लिम महासभा, अनुसूचित जाति मोर्चा सहित कई संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल थे।
हनुमान जी नुमा कचरा पात्र को लेकर आक्रोश
उदयपुर । नगर निगम में साधारण सभा की बैठक के दौरान कांग्रेसी पार्षद प्रतिभा राजोरा ने उद्यान समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण मोची पर पार्कों में लगाये जाने वाले कचरा डालने वाले पत्रों की बनावट पर विरोध जताया कि पार्कों में लगने वाले कचरा पात्र बन्दर नुमा है जिनके माथे पर तिलक लगा कर हनुमान होने का भ्रम पैदा किया गया यह हिंदुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है । बाद में प्रतिभा राजोरा , पार्षद शिप्रा उपाध्याय और भाजपा पार्षद अर्चना शर्मा हनुमान नुमा प्रतीत हो रहा कचरा पात्र सदन में लेकर आये और महापौर के सामने विरोध जताने लगे महापौर रजनी डांगी सभा ख़त्म कर बिना कोई जवाब दिए चली गयी तीनों पार्षद कचरा पात्र सहित कमिश्नर हिम्मत सिंह बारहठ के कक्ष में चली गयी और जमकर विरोध जताया और ठेकेदार के खिलाफ भावनाओं को आहात करने का मामला दर्ज करने की मांग की । बाद में तीनो पार्षद व् अन्य कई लोग जिला कलेक्ट्र से मिलने के लिए गए और उनसे इस मामले में शिकायत कर जिम्मेदार के खिलाफ कारवाई करने की मांग की ।
नगर निगम ने पेश किया 213 करोड़ का बजट।
उदयपुर। नगर निगम में मंगलवार को साधारण सभा की बोर्ड की बैठक संम्पन हुई जिसमे नगर निगम द्वारा वर्ष 2014 – १५ का बजट पेश किया व् अन्य प्रस्तावों पर चर्चा कर पारित किये गए । बोर्ड बैठक में विवाह आयोजन की वाटिकाओं पर ५० पैसे प्रति वर्ग फीट के हिसाब से सफाई शुल्क का निर्णय भी लिया गया।
वर्ष २०१४ की पहली बैठक बिना किसी विवाद के संम्पन्न हुई । नगर निगम ने इस वर्ष का कुल २१३ करोड़ का बजट रखा। बैठक में कुछ देर के लिए शहर विधायक गुलाबचद कटारिया भी शामिल हुए। जिन्होंने शहर के विकास और सोंदर्य करण पर अपने कुछ सुझाव दिए जिसमे शहर के प्रवेश द्वार को खूबसूरत और आकर्षक बनाने पर विचार करने को कहा। कटारिया ने मुख्यतः गुलाबबाग़ को लेकर चिंता जताई की कि जनता से जुड़ा हुआ बाग़ है, इसकी रख रखाव की चिंता नगर निगम को करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गुलाब बाग़ के विकास के लिए नगर निगम को आवश्यक कदम उठाते हुए बच्चों के खेलने के लिए वहाँ अप्पू घर का भी प्रस्ताव लाना चाहिए। साथ ही गुलाब बाग़ में स्थित कमल तलाई के विकास के बारे में भी सोचना चाहिए। कटारिया ने शहर के सोंदर्य करण पर भी नगर निगम को विचार करने को कहा कि शहर में चोराहे और अन्य बगीचों में लगे फव्वारों का ठीक तरह से रख रखाव हो तथा जो भी इसकी देख भाल कर रहा है, उसको पाबंद किया जाए कि सुबह तिन घंटे और शाम को तिन घंटे फव्वारे चालु रहने चाहिए जिससे कि बाहर से आने वाले परयकों के बिच अच्छा मेसेज जाए । कटारिया ने गोवर्धन विलास तालाब पर तैयार हुए गार्डन पर शुल्क लगाने के लिए भी कहा जिससे कि उसका रखरखाव और सौन्दय बना रहे तथा वाहन पर कोई असामाजिक तत्व आकर नहीं बैठे ।

विज्ञापन एजेंसी पर रोष :
शहर में विज्ञापन और होर्डिंग लगाने वाली कंपनी एनएसएस पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के पार्षदों ने रोष जताया। पार्षद अजय पोरवाल ने कहा कि इस कंपनी से नगर निगम करोड़ों रूपये का बकाया निकलेगा फिर भी इसी कंपनी को निगम द्वारा होर्डिंग और विगापनों का ठेका दिया जाता है। सत्ता पक्ष के पार्षद पारस सिंघवी ने भी एन एस एस पर सवाल उठाते हुए कहा की इस कंपनी को जितने भी शौचालय पर विज्ञापन और रख रखाव का ठेका दे रहा है यह सिर्फ उन पर विज्ञापन लिखवा कर भूल जाती है और शौचालयों की स्थिति बाद से बदतर हो रही है । बैंक तिराहा । सूरजपोल के शौचालयों की स्थिति तो बेहाल है कई बार नगर निगम द्वारा सफाई करवाई जाती है ।
वाटिकाओं पर सवाल :
विवाह के लिए वाटिकाओं की स्वीकृति पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षदों ने सवाल उठाये कि कई वाटिकाएं अवैध चल रही है जिन पर कोई कारवाई नहीं हो रही कई वाटिकाओं में पार्किंग कि जगह नहीं है रोड पर गाड़ियां खड़ी रहती है, और सड़क पर आने जाने वालों को परेशानी होती है । ऐसी वाटिकाओं की परमिशन रद्द कि जाए और आगे से ऐसी किसी वाटिकाओं को स्वीकृति नहीं दी जाए । वाटिकाओं के बाहर विवाह आयोजन के बाद गन्दगी की वजह से अब से सालाना शुल्क लगा दिया जो ५० पैसे प्रति वर्ग फिट के हिसाब से रहेगा ।
वाना के पास पेट्रो केमिकल टैंकर धधका
उदयपुर. मंगलवाड़-उदयपुर फोरलेन संख्या 76 पर वाना के समीप पेट्रो केमिकल से भरे टैंकर ने शनिवार चार 4 बजे अचानक आग पकड़ ली। पांच दमकल ने साढ़े चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। टैंकर में 20 हजार लीटर पेट्रो केमिकल भरा हुआ था। घटना के वक्त ड्राइवर टैंकर सड़क किनारे खड़ाकर ढाबे पर चाय पीने रुका।आग भड़कने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। घटना के बाद ड्राइवर फरार हो गया। टैंकर महाराष्ट्र पासिंग का है और महाराष्ट्र से कांदला पोर्ट जा रहा था। टैंकर में पाट्र्स साफ करने का केमिकल भरा हुआ था।
उदयपुर के नगर निगम से दमकल पहुंची और आग बुझाने का प्रयास किया। विस्फोट की आशंका के चलते टैंकर के पास तक नहीं पहुंच पाने से ज्यादा परेशानी आई। खेरोदा पुलिस ने विस्फोट की आशंका के चलते दोनों ओर के वाहनों की आवाजाही रुकवा दी। इससे दोनों तरफ करीब 3-3 किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। उदयपुर से तीन और एक हिंदुस्तान जिंक की एक दमकल ने साढ़े चार घंटे बाद आग पर काबू पाया। ढाबे के आगे का हिस्सा खाली करवा दिया। बिजली निगम के सहायक अभियंता बी.एल. मेघवाल ने वाना फीडर से बिजली बंद करवा दी।
1 करोड़ की चोरी

उदयपुर। शहर के अशोकनगर क्षेत्र में शनिवार तड़के चोरी की एक बड़ी वारदात का पता चला, जिसमें यहां सूने मकान से ७० लाख के जेवरात और तीस लाख नकद चोरी चले गए हैं। पता चला है कि उक्त चोरी में घर के ही दो अपचारियों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। पूर्व में भी एक अपचारी के खिलाफ भूपालपुरा थाने में धोखाधड़ी से अपने दादा के अकाउंट से एक लाख ४० हजार रुपए निकालने का मामला दर्ज है। सूत्रों के अनुसार अशोक नगर निवासी धर्मचंद जैन के सूने मकान से एक किलो सोना, पांच किलो चांदी और तीस लाख नकद चोरी चले गए हैं। धर्मचंद जैन उनकी पत्नी के साथ पांच जनवरी को रिश्तेदार के यहां सूरत गए थे, जहां से आज सुबह लौटने पर चोरी का पता चला। धर्मचंद जैन के तीन बेटे हैं, जिनमें सबसे बड़ा बेटा हिम्मत जैन अशोक विहार, उससे छोटा बेटा दिनेश आदर्शनगर और सबसे छोटा बेटा राजकुमार धर्मचंद के मकान में ही नीचे के फ्लोर में रहता है।
सीढिय़ों का नहीं टूटा ताला : धर्मचंद के फ्लोर पर जाने के लिए सीढिय़ों में दरवाजा है, जिसका ताला धर्मचंद ने आज सुबह आकर खोला और ऊपर जाकर देखा, तो तीनों कमरों के ताले टूटे मिले। इनमें सबसे छोटे कमरें में अलमारी रखी है, जिसका लॉक टूटा था और अंदर रखे सोने-चांदी के जेवरात और तीस लाख की नकदी चोरी हुई। इसलिए धर्मचंद व उसके बेटों को शंका हुई कि चोरी में घर के अपचारियों का हाथ है। ये दोनों अपचारी धर्मचंद के सबसे छोटे बेटे राजकुमार के लड़के हैं। इनमें से एक लड़के के खिलाफ धर्मचंद छह माह पूर्व भूपालपुरा थाने में एटीएम और चेक से धोखाधड़ी करके एक लाख ४० हजार रुपए निकालने का मामला दर्ज करा चुके है। धर्मचंद का कहना है कि सीढिय़ों का ताला डुप्लीकेट चाबी से खोला गया है। पुलिस ने दोनों अपचारियों का हिरासत में ले लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है।
एनडीपीएस के मामले में फंसा एक अपचारी : राजकुमार का एक बेटा १५ दिन पूर्व मुंबई में एनडीपीएस के मामले में फंस गया था, जिसे राजकुमार व उसकी पत्नी छुड़ाकर लाए थे। पता चला है कि राजकुमार ने रुपए देकर एनडीपीएस का मामला रफा-दफा किया था। इस कारण भी परिजनों को इन दोनों अपचारियों पर चोरी करने की पूरी आशंका है।
नहीं खुला जज के घर हुई चोरी का राज
चोरी की इस बड़ी वारदात से पूर्व करीब तीस लाख की चोरी सेक्टर तीन स्थित एकलिंगनाथ कॉलोनी में कोटा के जिला जज प्रकाश चंद्र के घर हुई थी, जिसका अब तक पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। यह वारदात भी पिछले माह में उस समय हुई थी, जब जज परिवार के साथ कोटा में थे। उनके लौटने पर चोरी का पता चला।
रेजीडेण्ट्स के अहंकार से रोगी हुए परेशान
हडताल जारी, रोगी की गिरफ्तारी पर अडे
उदयपुर। धरती के तथाकथित भगवान एक बार फिर अहंकार के चलते हडताल पर चले गए है। उनके इस संगठित कृत्य के कारण महाराणा भूपाल सार्वजनिक चिकित्सालय की व्यवस्थाएं गडबडा गई है।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार रात्रि को आपातकालीन इकाई में कार्यरत एक रेजीडेन्ट को कथित रूप से थप्पड मारने की घटना से क्षुब्ध रेजीडेंट बुधवार से ही हडताल पर चले गऐ है। गौरतलब है कि राजकीय चिकित्सालय उदयपुर संभाग का सबसे बडा चिकित्सालय है जहां राज्य के अतिरिक्त निकटवर्ती गुजरात एवं मध्यप्रदेश के रोगियों को भी चिकित्सा सुविध मुहैय्या होती है। ऐसे में यहां की व्यवस्था गडबडा जाना स्वाभाविक है।
हडताल को लेकर चल रही वार्ता के दौरान रेजीडेन्ट डॉक्टर्स एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. कप्तान सिंह ने कहा था कि अन्य मांगों के साथ आरोपी के परिजन यदि सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांग लेते है तो हडताल समाप्त कर दी जायेगी और इसी के अनुरूप हुआ भी पुलिस ने घटना के संबंध में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, मरीज के परिजनों ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांग ली किन्तु अपने अध्यक्ष को भी दरकिनार करते हुए रेजीडेंट मुख्य आरोपी जो कि वर्तमान में गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती है कि गिरफ्तारी पर ही अड गए। मामला यहां तक पहुंच गया कि एसोसिएशन अध्यक्ष कप्तान सिंह को पद से हटाते हुए दूसरी कार्यकारिणी गठित कर ली।
प्रशासन ने रेजीडेन्टस द्वारा की जा रही लगभग सभी मांगों को मान लिया है लेकिन उनके अड़ियल रवैये से रोगी परेशान हो रहे है तथा ऑपरेशन स्थगित किए जा रहे है।

