जर्मनी में ‘भयंकर’ मूंछों की विश्व चैंपियनशिप

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जर्मनी में सैंकड़ों की तादाद में प्रतियोगी विश्व दाढ़ी एवं मूंछ चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए जुटे. इस अनोखी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए क़रीब 20 देशों से लोग आए.

चेहरे के सबसे अच्छे बाल की इस विश्व प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आए लोगों की अजीबो-गरीब दाढ़ी-मूंछ दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी रही.
इस प्रतियोगिता के आयोजक ने कहा कि उन्हें उम्मीद से बेहतर प्रतिक्रिया मिली है. वह कहते हैं, “दुनिया के कई देशों से हिस्सा लेने के लिए लोग यहां आए हैं. ”

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एक प्रतियोगी ब्रैंडन बिगिंस का कहना है, “मैंने एक बार अमरीका में इस तरह की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था और अब मैं अपनी दाढ़ी को दुनिया से रूबरू कराना चाहता हूं. मैं यहां देखूंगा कि मेरी दाढ़ी के लिए दर्शकों की कैसी प्रतिक्रिया मिलती है.”
इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए 300 लोग आ चुके हैं जो उम्मीद से कहीं ज्यादा है.
इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आए निक थॉमस कहते हैं कि उन्हें इस प्रतियोगिता की जानकारी ऑनलाइन और फेसबुक के जरिए मिली.
वह कहते हैं, “मैंने सोचा कि मैं इस प्रतियोगिता में शामिल होकर देखूं कि क्या होता है और शायद मैं अपनी दाढ़ी और बढ़ा सकता हूं.”

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हमेशा के लिए जुदा हुईं ‘लंबी जुदाई’ वाली रेशमा

[ad type=”300×250″ src=”https://www.udaipurpost.com/wp-content/uploads/2013/11/shahi-green-copy.jpg” link=”” align=”” adsense=””]Pakistani-Singer-Reshmaउनकी मखमली आवाज जब फ़िज़ा में गूंजती थी तो थार मरुस्थल का ज़र्रा-ज़र्रा कुंदन सा चमकने लगता… वे राजस्थान के शेखावाटी अंचल के एक गांव में पैदा हुईं थीं लेकिन उनका गायन कभी सरहद की हदों में नहीं बंधा.

अपने ज़माने की मशहूर पाकिस्तानी गायिका क्लिक करें रेशमा ‘लम्बी जुदाई’ का गाना सुनाकर हमेशा के लिए जुदा हो गई. रेशमा के निधन की ख़बर उनके जन्म स्थान राजस्थान में बहुत दुःख और अवसाद के साथ सुनी गई.
संगीत के कद्रदानों के लिए पिछले कुछ समय में ये दूसरा दुःख भरा समाचार है. पहले शहंशाह–ग़ज़ल क्लिक करें मेहंदी हसन विदा हुए और अब रेशमा ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया.

रेशमा राजस्थान में रेगिस्तानी क्षेत्र के चुरू जिले के लोहा में पैदा हुई और फिर पास के मालसी गाव में जा बसी. भारत बंटा तो रेशमा अपने परिवार के साथ पाकिस्तान चली गई. लेकिन इससे ना तो उनका अपने गांव से रिश्ता टूटा न ही लोगों से.

मिट्टी से रिश्ता
रेशमा को जब भी मौका मिला वो राजस्थान आती रहीं और सुरों को अपनी सर-ज़मी पर न्योछावर करती रहीं. लोगों को याद है जब रेशमा को वर्ष 2000 में सरकार ने दावत दी और वो खिंची चली आईं तब उन्होंने ने जयपुर में खुले मंच से अपनी प्रस्तुति दी और फ़िज़ा में अपने गायन का जादू बिखेरा.

रेशमा ने न केवल अपना पसंदीदा ‘केसरिया बालम पधारो म्हारे देश’ सुनाया बल्कि ‘लम्बी जुदाई’ सुनाकर सुनने वालो को सम्मोहित कर दिया था.

इस कार्यक्रम के आयोजन से जुड़े अजय चोपड़ा उन लम्हों को याद कर बताते हैं जब रेशमा को दावत दी गई तो वो कनाडा जाने वाली थीं और कहने लगी उनको वीसा मिल गया है.

मगर जब उनको अपनी माटी का वास्ता दिया गया तो रेशमा भावुक हो गईं. अजय चोपड़ा बताते हैं कि रेशमा को उनकी माटी के बुलावे का वास्ता दिया वो ठेठ देशी मारवाड़ी लहजे में बोलीं, “अगर माटी बुलाव तो बताओ फेर मैं किया रुक सकू हूं?”

ये ऐसा मौका था जब क्लिक करें राजस्थान की माटी में पैदा पंडित जसराज, क्लिक करें जगजीत सिंह, मेहंदी हसन और रेशमा जयपुर में जमा हुए और प्रस्तुति दी.

इस वाकये के बारे में अजय चोपड़ा बताते हैं होटल में रेशमा ने राजस्थानी ठंडई की ख्वाहिश ज़ाहिर की तो ठंडई का सामान मंगाया गया और रेशमा ने खुद अपने हाथ से ठंडई बनाई.

अजय ने बताया, ”वो अपने गांव, माटी और लोगों को याद कर बार-बार जज़्बाती हो जाती थीं. रेशमा ने मंच पर कई बार अपने गांव- देहात और बीते हुए दौर को याद किया और उन रिश्तों को अमिट बताया.”

विनम्र स्वभाव
राजस्थानी गीत संगीत को अपनी रिकॉर्डिंग के काम से ऊंचाई देने वाले केसी मालू का गांव रेशमा के पुश्तैनी गांव से दूर नहीं है.

केसी मालू को मलाल है रेशमा की चाहत के बावजूद भी वो उनके गीत गायन को रिकॉर्ड नहीं कर सके. खुद रेशमा ने उनसे ‘पधारो म्हारे देश’ गीत रिकॉर्ड करने को कहा था.

केसी मालू कहते हैं, “हमने राजस्थान की लोक गायकी और पारम्परिक गीतों की कोई चार हज़ार रिकॉर्डिंग की हैं मगर हमें आज अफ़सोस है हम रेशमा के सुर रिकॉर्ड नहीं कर सके. उनकी रेकॉर्डिग के बिना हमारा संकलन अधूरा सा लगता है.”

अरसे पहले ये नामवर गायिका अपने परिजनों के साथ जोधपुर आईं तो उनके साथ रेशमा के जेठ भी थे. वे रेशमा की भूरि-भूरि प्रंशसा कर रहे थे.

उन्होंने बताया, ” रेशमा बहुत बड़ी गुलकार हैं मगर घर-परिवार में छोटे-बड़े का अदब करना कभी नहीं भूलतीं.”

उनके जेठ ने बताया कि उनके घर में जीवन, रस्मों-रिवाज़ और व्यवहार वैसा है जैसा राजस्थान में रहते था.

संगीत से जुड़े श्री मालू कहते हैं रेशमा अपने गांव से बहुत लगाव रखती थीं. वे बताते हैं, “उस वक्त उनका गांव सड़क से नहीं जुड़ा था. रेशमा को इसका बहुत दर्द था. उनकी इस बात को सरकार तक पहुंचाया और सड़क बन गई तो रेशमा बहुत खुश हुईं.”

रेशमा अब नहीं रहीं. दमादम मस्त कलंदर सुनाकर वो चली गईं. आखिरी बार जब रेशमा ने जयपुर में ‘लम्बी जुदाई’ सुनाया तो कौन जानता था कि ये जुदाई बहुत लम्बी होने वाली है, इतनी लंबी कि फिर न मिले.

रेशमा न सही मगर फिज़ा में बिखरे उनके बोल उनकी मौजूदगी की गवाही देते रहेंगे.
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कांग्रेसी नेता ने बुलाया दावेदारी जताने के लिए, योजनाये बता कर खाना खिला दिया

election congressउदयपुर। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकिट के दावेदारों और मौजूदा विधायक से नाराजगी तथा पार्टी की गुट बाजी दावेदारों कि घोषणा होने के पहले और ज्यादा बढ़ती जा रही है। उदयपुर ग्रामीण के एक कांग्रेसी दावेदार ने बुधवार को जिस आनन् फानन में प्रेस वार्ता आयोजित की उसी तेजी से प्रेस वार्ता का विषय बदल कर सेवादल के पदाधिकारियों को वार्ता में बैठा दिया और खुद वार्ता से गायब और वार्ता के लिए आये पत्रकारों को खाना खिला कर रवाना करदिया ।
उदयपुर ग्रामीण के कांग्रेसी दावेदार देवेन्द्र मीणा ने बुधवार को होटल पारस महल में पत्रकारो कि प्रेस वार्ता आयोजित कि जिसका मकसद ग्रामीण में अपनी दावेदारी को और ज्यादा मजबूत करना था। लेकिन आखरी वक़्त में टिकिट मिलने के पहले प्रेस वार्ता आयोजित करने कि गलत सलाह पर उन्होंने विचार कर प्रेस वार्ता का विषय बदल दिया और सेवादल के पदाधिकारी अध्यक्ष दयालाल चौधरी, प्रवक्ता राजकुमार सुहालका आदि ने प्रेस को सम्बोधित किया और कांग्रेस पार्टी में सेवा दल के योगदान कि बात कही और आगामी चुनाव में सेवादल कांग्रेस कि विजय में अपने योगदान का ब्यौरा दिया। जिन बातों का कोई ओचित्य नहीं न ही इस वार्ता कि कही आवश्यकता नहीं दिखी । जब सेवा दल के पदाधिकारियों से पूछा गया कि प्रेस वार्ता को बुलाने का मकसद कुछ और था और यहाँ आकर बात कुछ और हो रही तो इस पर कोई भी पदाधिकारी सही जवाब नहीं दे पाया । अध्यक्ष दयालाल चौधरी ने बताया कि ग्रामीण से प्रमुख दावेदार देवेन्द्र मीणा प्रेस से रूबरू होना छटे थे लेकिन उनके रिश्तेदार में किसी कि मौत हो गयी इस वजह से वह नहीं आये ।
जबकि सूत्रों के अनुसार उन्हें वार्ता के ठीक एक घंटे पहले पार्टी के बड़े पदाधिकारियों ने इस तरह प्रेस वार्ता नहीं करने कि सलाह दी और कहा कि यदि तुम्हे टिकिट मिलता होगा तब भी नहीं मिलेगा और इससे आगे मेसेज अच्छा नहीं जाएगा । तब आखरी वक़्त में प्रेस वार्ता का विषय बदला गया। ग्रामीण में अभी मौजूदा कांग्रेसी विधायक सज्जन कटारा के खिलाफ एक तरह से यह खुली बगावत है। क्यों कि सूत्रों के अनुसार देवेन्द्र मीणा और उनके गुट का मानना है| कि सज्जन कटारा से लोग खुश नहीं है । और यदि उनको टिकिट दिया गया तो ग्रामीण सिट जा सकती है । दबी जबान में सज्जन कटारा पर परिवार वाद का भी आरोप लगाया जा रहा है।

मेले के रंग में सर चढ़ कर बोला राजस्थानी नृत्यों का जादू

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उदयपुर। समूची कायनात में अपनी खुशबू बिखेर रही है राजस्थान की धरती। उसी रत्नगर्भा वसुंधरा के वरद पुत्र है ‘भवई नृत्य’ के अनुपम कलाकार हरिहर बाबा। उम्र 65 वर्ष, सिर पर घडे 71, प्रस्तुति – 30 मिनट, हर एक अचंभित था। इस उम्र में लोग अपना वजन नहीं संभाल पाते और भवई नृत्य की शानदार प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया। मौका था नगर निगम में आयोजित दीपावली मेला 2013 की 5वें दिन आयोजित सांस्कृतिक संध्या में राजस्थानी कार्यक्रम का। राजस्थानी संस्कृति का जादू मंगलवार को लोगों के सर चढ कर बोला। बालीवुड के गानों से दूर राजस्थानी संस्कृति को जिंदा रखने वाली रेखा राव ने निगम के इस मंच पर एक से एक प्रस्तुतियों को लोगों ने काफी सराहा। राजस्थानी गानों की लता मंगकेश्कर कही जाने वाली रेखा राव ने मंगलवार को अपने अनूठे अंदाज में लोगों को ठुमके लगाने पर मजबूर कर दिया। एक से एक शानदार प्रस्तुति देते हुए उन्होंने ना केवल युवाओं को थिरकाया बल्कि हर एक राजस्थानी गीतों पर फिदा हो गया। राजस्थानी कलाकारों की इन प्रस्तुतियों ने देर रात तक लोगों को बांधे रखा और घुमर, मटकी और भवई नृत्यों की प्रस्तुति पर खुले मन से तालियों के द्वारा उनका हौंसला बढाया।

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बदलते मौसम में रखें होठों का स्पेशल ध्यान – nicc beauty tips

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sweeti-chhabaraNICC की डायरेक्टर स्वीटी छाबड़ा सर्दियों के मोसम में होठों की खास देखभाल के लिए बताती है कि , सर्दियों के मौसम में होंठ अक्सर फटे जाते हैं, क्योंकि होंठों से नेचुरल ऑइल खत्म हो जाता है। जिसके कारण होंठ फटे और रूखे सूख हो जाते है। सर्दी में तेज हवाएं और सूर्य की तेज किरणों से हारमोंस में असंतुलन पैदा हो जाता है जिसकी वजह से होंठ फट जाते हैं। सूखे होंठों से बार-बार पपडी निकालते रहने से भी होंठ मुलायम नहीं रह पाते है। ऎसे में लिप बाम नहीं लगाना चाहिए। आप कुछ समय के लिए होंठों को बिना कुछ लगाएं खुला छोड दें। अगर होंठों पर बार-बार पपडी जमती हो, तो डॉक्टर से सलाह लें। डॉक्टर द्वारा बताए गए उपचार से आप इस बीमारी से मुक्त हो सकती हैं। वैसे होंठ फटने का सबसे बडा कारण विटामिन की कमी होती है। अगर आप इससे छुटकारा पाना चाहती हैं तो विटामिन बी युक्त खाद्य पदार्थ को अपने खाने में शामिल करें। उदाहरण के तौर पर ब्राउन राइस, अंडा आदि और साथ ही कुछ घरेलू उपाय ट्राइ करें जिससे इस मौसम में आप अपने होठों की नमीं और मुस्कान बरकरार रख सकें।

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डाइट रखें खास ध्यान सर्दियों में अक्सर लोग पानी का सेवन कम कर देते हैं। इससे भी कई बार वे डीहाइड्रेशन का शिकार हो जाते हैं जिससे उनके होठ फटने लगते हैं। ऎसा न हो, इसके लिए प्रतिदिन दो से तीन लीटर पानी का सेवन जरूर करें। साथ ही हरी और पत्तेदार सब्जियां खूब खाएं। गाजर, टमाटर आदि के सेवन से भी होठ नहीं फटते।

एलोवेरा से करें मसाज एलोवेरा के पौधे से निकलने वाले सेमीलि�`ड जेल की मसाज न सिर्फ त्वचा के लिए बल्कि होठों के लिए भी बहुत फायदेमंद है। अगर आपको एलोवेरा नहीं मिल पा रहा तो आप बाजार में मिलने वाले एलोवेरा जेल से भी रोज सोने के पहले होठों पर मसाज करें। इससे होठों की नमी बरकरार रहेगी।

वैसलीन से बनाएं जेल वैसे तो वैसलीन की मसाज भी होठों की नमी को बरकरार रखने में फायदेमंद है लेकिन अगर इससे भी आपको लंबे समय तक आराम नहीं मिलता तो शहद या ऑलिव ऑयल डालकर आप इसे और अधिक प्रभावी बना सकते हैं। शहद के साथ वैसलीन का यूज करने का सबसे अच्छा तरीका है कि पहले आप वैसलीन से होठों की मसाज करें और फिर 15 मिनट बाद होठों पर शहद से मसाज करके सिर्फ पानी से मुंह धो लें। दिन में दो बार इस मसाज से बेहतर परिणाम मिलेगा। इसी तरह वैसलीन में जैतून का तेल दिन में दो से तीन बार होठों पर लगाने से भी फटे होठों को आराम मिलता है। इस प्रक्रिया को चार से पांच दिन लगातार करने से होठों की खोयी नमी लौट आती है।

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सोने से पहले करें देखभाल सर्दियों में आपके होठ बिल्कुल न फटें इसके लिए जरूरी है कि आप रोज सोने से पहले होठों पर मिल्क क्रीम की मसाज करें। इसके अलावा सोने के पहले नाभि में रोज सरसो का तेल या देशी घी लगाने से भी होठ नहीं फटते। चाहें तो सोने से पहले मलाई में चुटकी भर हल्दी डालकर रोज होठों की मालिश करें। इसके अलावा, सोने से पहले होठों पर खीरे का जूस लगाकर 20 मिनट तक छोड दें और फिर पानी से धो लें। इससे भी होठ नहीं फटेंगे।

लगाएं गुलाब का पेस्ट गुलाब की पंखुडियों को धो लें और दूध में दो घंटे तक भिगोकर रखें। इसके बाद इन्हें मैश करके पेस्ट बना लें और होठों पर लगाएं। 15 से 20 मिनट के बाद होठ धो लें। सर्दियों में अगर आपके होठ बहुत रूखे हो जाते हैं तो प्रतिदिन एक बार गुलाब का यह पेस्ट होठों पर जरूर लगाएं।

पत्नी और बच्चों को जहर खिलाया, कार में बैठाकर दे दिया खाई में धक्का

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उदयपुर। सुखेर थाना क्षेत्र के चीरवा घाटे में युवक ने पत्नी और तीन बच्चों सहित कार खाई में गिरा दी। इसमें वह भी सवार था। मृतकों और घायल युवक को निकाला गया तो मामला हादसे का नहीं, बल्कि हत्या और आत्महत्या के प्रयास का मिला। ब्यावर के युवक ने कर्ज से परेशान होकर पहले तीन बच्चों और पत्नी को जहर दिया।

फिर खुद जहर खाया और कार लेकर खाई में जा गिरा। जहर से प्रियंका (26) पत्नी महेंद्र चौधरी, तीन बच्चे विशाल (साढ़े पांच साल), सागर (साढ़े चार साल) और अपूर्वा (ढाई साल) की मौत हो गई है। महेंद्र (30) अस्पताल में भर्ती है। पुलिस ने प्रियंका के पीहर पक्ष को सूचना की। पीहर पक्ष की रिपोर्ट और बयान के आधार पर ही मामले की आगे की तफ्तीश होगी। एसएचओ गजेंद्र सिंह ने बताया कि सरमागिया (ब्यावर) निवासी महेंद्र चौधरी के बयान लिए गए हैं।

पुलिस महेंद्र के इलाज के साथ ही उससे पूछताछ भी कर रही है। पुलिस को संदेह है कि वह कोई कहानी तो नहीं गढ़ रहा है। उसने गाड़ी 25 फीट गहरी खाई में गिराई, लेकिन उसे चोटें तक नहीं आईं। जहर का असर भी उतना नहीं दिखा, जितना महिला और बच्चों पर था।

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मुंह से झाग निकलता देख हुआ शक
हादसे की सूचना पर सुखेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कार 25 फीट नीचे खाई में थी। उन्होंने शवों को खाई से निकाला। बच्चों और महिला के नाखून नीले पड़ चुके थे और मुंह से झाग निकल रहा था। घायल महेंद्र भी उल्टियां कर रहा था। इस पर पुलिस को इनके जहर खाने का शक हुआ।
40 लाख का कर्ज था
एसएचओ गजेंद्र सिंह ने बताया कि महेंद्र चौधरी के बयान लिए गए हैं। वह ड्राइविंग और खेती का काम करता है। कुछ समय पहले उसने टायर का व्यवसाय शुरू किया था।
इसमें उसको नुकसान होने पर 40 लाख रुपए का कर्ज हो गया था। अब पीहर पक्ष की रिपोर्ट और बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मोदी प्रदेश सरकार पर बरसे, कहा ‘चोरी की मोटरसाइकिल से घूमते हैं शहजादे ‘

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उदयपुर। भाजपा प्रधानमंत्री पद के उम्‍मीदवार नरेंद्र मोदी यहां के गांधी ग्राउंड में आयोजित जनजाति मोर्चा सम्मेलन में प्रदेश सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने राजस्थान की गहलोत सरकार के साथ ही केंद्र में सत्ता पर बैठी कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। इस दौरान मंच पर मोदी के साथ पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और बीजेपी जनजाति मोर्चा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष फग्‍गन सिंह कुलस्‍ते भी मौजूद थे।

मोदी के भाषण के मुख्य अंश :

1. ‘यह नजारा कहता है, हवा का रुख क्‍या है ?ऐसा पहली बार हुआ है कि यह स्‍टेडियम किसी नेता की रैली के लिए भर गया हो।

2. ‘आपके राजस्‍थान में शहजादे आए थे। और वे क्‍या बोल कर गए, अभी तक कांग्रेस के लोग समझ नहीं पाए हैं। औरों की बात तो छोड़ें।

3. शहजादे को अपने सीएम पर भरोसा नहीं है। भरोसा रहता तो वे राज्‍य सरकार को अंधेरे में रखकर उनके नेता चोरी-छुपे अचानक गोपालगढ़ नहीं पहुंचते।

4. जिस सरकार पर उनके शहजादे को भरोसा नहीं है, वैसी सरकार को बने रहने का हक नहीं है।

5. कांग्रेस सीबीआई का इस्तेमाल राजनीति के लिए करती है। इसलिए उन्हें जैसे ही मालूम हुआ प्रदेश में भाजपा की वापसी हो रही है तो उन्होंने गुलाबचंद कटारिया को सीबीआई के जाल में फंसा दिया।

6. राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने प्रदेश को अंधेरे में धकेल दिया। जबकि वसुंधरा राजे नर्मदा का पानी यहां की धरती पर लाईं।

7. कांग्रेस इन दिनों देश में फैमिली सीरियल चला रही है।

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इससे पहले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया जनसभा को संबोधित कर रहे हैं। वहीं प्रदेशाध्यक्ष वसुंधरा राजे भी मंच पर मौजूद रहीं। इससे पूर्व भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी तय समय पर डबोक स्थित महाराणा प्रताप एयरपोर्ट पहुंचे। वहां मेयर रजनी डांगी सहित सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता ने मोदी का स्वागत किया। इसके तुरंत बाद वे उदयपुर के गांधी ग्राउंड के लिए रवाना हो गए।

इससे पहले शहर में भाजपा की रैली निकाली गई। रैली दोपहर डेढ़ बजे गांधी ग्राउंड से रवाना हुई और विभिन्न मार्गों से होते हुए दोपहर साढ़े तीन बजे गांधी ग्राउंड पहुंची। रैली में प्रदेश अध्यक्ष वसुंधरा राजे, नेता प्रतिपक्ष कटारिया व मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष फग्गन सिंह कुलस्ते बग्घी में सवार थे। जबकि कार्यकर्ता पैदल चल रहे थे।

भाजपा ने इस रैली की तैयारी सलूंबर में राहुल गांधी की सभा को ध्यान में रखकर की है। उधर, कांग्रेस भी मेवाड़ में मोदी की रैली और उसके राजनीतिक असर पर नजर रखे हुए हैं। मेवाड़ में बड़ा कद होने के कारण पूर्व गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने रैली की तैयारी में पूरी ताकत झोंक रखी है।

रैली के लिए गांधी ग्राउंड को विशेष तौर पर सजाया गया है। मैदान के मुख्य दरवाजे से बिल्कुल सीधे मंच तैयार किया गया है जहां भाजपा के सभी प्रमुख नेताओं के बैठने का इंतजाम है। वहीं मंच पर लगभग 7-8 कुर्सियां लगाई गई हैं। बांस के सहारे ग्राउंड में अलग-अलग बैरक बनाए गए हैं ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।

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भाजपा की रैली में जितने गुट उतनी रैलियों की टुकडियां

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उदयपुर। भाजपा के पीएम इन वेटिंग नरेंद्र मोदी की सभा से पहले शहर में निकली भाजपा (जनजाति मोर्चा सम्मेलन) की रैली जितने गुट थे, उतने टुकड़ों में बिखर गई। नेतृत्व करने वाला कोई नेता नहीं होने से रैली की शुरुआत ही अव्यवस्थित रही।

मेवाड़ के विभिन्न जिलों के प्रमुख नेता रैली में दिखाई नहीं दिए और सभा में मंच से दूर रहे। इसमें प्रतापगढ़ के नंदलाल मीणा, चित्तौडग़ढ़ के श्रीचंद कृपलानी, पूर्व विधायक रणधीरसिंह भींडर का नाम प्रमुख था। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत, झाड़ोल विधायक बाबूलाल खराड़ी, पूर्व विधायक नानालाल अहारी, भवानी जोशी, ग्रामीणों के साथ भीड़ में ही दिखाई दिए। रैली में किरण माहेश्वरी बग्गी में सवार तो हुई, लेकिन उन्हें कटारिया व वसुंधरा राजे के सामने नीचे वाली सीट पर बैठना पड़ा।
ऐसे बिखरी रैली
रैली को टाउनहॉल से डेढ़ बजे रवाना होना था, तब तक वहां भीड़ एकत्र नहीं हुई। दो बजे ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के एक ग्रुप ने नारेबाजी की। कुछ देर बाद वे रैली वाले मार्ग पर रवाना हो गए। टाउनहॉल के बाहर सभी विधानसभा क्षेत्र के बैनर रखे गए थे, माइक में विधानसभा क्षेत्रवार नाम पुकारा जा रहा था, लेकिन इन क्षेत्रों के लोग वहां नहीं पहुंचे थे न ही उन क्षेत्रों के दावेदार या कोई स्थापित नेता दिखाई दिया। बैनर, झंडे वहीं रखे रह गए। लोग पार्किंग स्थल से सीधे सभा स्थल पहुंचने लगे। इस दौरान पता ही नहीं चला कि रैली निकलेगी या नहीं।

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कौन कहां दिखाई दिया
जनसंघ के नेता व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मित्र भानू कुमार शास्त्री को मंच पर पीछे की कुर्सी पर बिठाया गया।
मोदी के करीबी माने जाने वाले धर्म नारायण जोशी व उदयपुर शहर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी मांगी लाल जोशी की उपस्थिति दिखाई नहीं दी।
नाथद्वारा विधायक कल्याण सिंह व भीम विधायक हरि सिंह रावत वसुंधरा के करीबी माने जाने के बावजूद रैली, सभा से दूर रहे।

भाजपा के पूर्व शहर जिलाध्यक्ष ताराचंद जैन, डिप्टी मेयर महेंद्र सिंह शेखावत, पूर्व मंडल अध्यक्ष अनिल सिंघल व ललित मेनारिया सूरजपोल स्थित मिठाई की दुकान पर खड़े थे। पूर्व सभापति रवींद्र श्रीमाली वीर मित्र मंडल के साथ रैली में शामिल हुए।

हिन्दुस्तान जिंक ने किया खनिज धातु का रिकॉर्ड उत्पादन

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Agnivesh Agarwal
Agnivesh Agarwal

उदयपुर । वेदान्ता रिसोर्सेज पी.एल.सी. की कंपनी हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड ने आज मुम्बई में आयोजित अपनी निदेशक मण्डल की बैठक में 30 सितम्बर 2013 को समाप्त छःमाही व दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा की।
हिन्दुस्तान जिंक ने दूसरी तिमाही में खनिज धातु उत्पादन, बिक्री योग्य, सीसा-जस्ता तथा चांदी उत्पादन में सकारात्मक वृद्धि की है। कंपनी की उत्पादन में वृद्धि के साथ ही 80 प्रतिषत अंतरिम लाभांष की भी घोषणा कर दी गई है।
‘हिन्दुस्तान जिंक के चेयरमैन अग्निवेष अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में वैष्विक अर्थव्यवस्था के दौर में मार्केट एन्वायरमेंट चुनौतीपूर्ण, जोखिक एवं अनिष्चितताओं से पूरिपूर्ण है। आज हमारा सम्पूर्ण ध्यान कंपनी की परियोजनाओं की स्थिरता पर है तथा कंपनी की खनन उत्पादन क्षमता में वृद्धि और उत्पादन लागत में कमी को बनाए रखने के लिए हम प्रतिबद्ध है।’’
दूसरी तिमाही में खनित धातु का उत्पादन 221,646 एम.टी. हुआ जो गतवर्ष की समान अवधि की तुलना में 16ः अधिक है, गतवर्ष कंपनी ने 190,491 एम.टी. खनित धातु उत्पादन किया था।
छःमाही में खनित धातु का उत्पादन 459,471 एम.टी. हुआ है जो इसी अवधि में गतवर्ष 377,133 था।
कंपनी के खनित धातु उत्पादन में वृद्धि रामपुरा आगुचा खान का विस्तार एवं जावर खदान में खनन उत्पादन प्रारंभ होने के परणिास्वरूप हुआ है।
जस्ता धातु के क्षेत्र में, दूसरी तिमाही में कंपनी ने 194,814 एम.टी. तथा छःमाही में 367,814 एम.टी. रिफाईन्ड धातु का उत्पादन किया जो गतवर्ष की इसी अवधि की तुलना में क्रमषः 28ः एवं 19ः अधिक है। सीसा धातु के धातु के क्षेत्र में, दूसरी तिमाही में कम्पनी ने 28,978 एम.टी. तथा छःमाही में 56,445 एम.टी. रिफाइन्ड धातु का उत्पादन किया जो गतवर्ष की इसी समान अवधि के दौरान हुए उत्पादन की तुलना में क्रमाषः 29ः एवं 13ः की बढ़ोतरी दर्शाता है। तिमाही के दौरान उत्पादन में सकारात्मक वृद्धि कंपनी के स्मेल्टर्स ऑपरेषन्स की प्रचालन क्षमता में वृद्धि के फलस्वरूप हुई।
दूसरी तिमाही में कंपनी ने 81 एम.टी तथा छःमाही में 160 एम.टी. चांदी धातु का उत्पादन किया जो गतवर्ष की इसी समान अवधि की तुलना में क्रमषः 14ः तथा 12ः अधिक है। चांदी उत्पादन में बढ़ोतरी का प्रमुख कारण ‘खनित अयस्क’ ;डपदमक वतम द्ध में चांदी की प्रतिप्राप्ति अच्छी होना है ।
दूसरी तिमाही के दौरान कंपनी ने क्रमशः 3,521 करोड़ रु. का राजस्व तथा 1,640 करोड़ रु. का शुद्ध लाभ अर्जित किया जो गतवर्ष की इसी समान अवधि की तुलना में क्रमशः 25ः तथा 7ः अधिक दर्शाता है।
कम्पनी के निदेशक मण्डल ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 80 अंतरिम प्रतिशत लाभांश घोषित किया है जो 2 रूपये के प्रति इक्विटी शेयर पर 1.60 रु. है । लाभांष भुगतान की तिथि 29 अक्टूबर, 2013 निर्धारित की गई है ।

एमएमपीएस का प्रताप सदन फुटबॉल में विजयी

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उदयपुर, यहां सिटी पैलेस स्थित विद्यादान ट्रस्ट के अधीन संचालित महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल में 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक फुटबॉल टूर्नामेंट कोठारपोल स्थित स्टेडियम में आयोजित किया गया। टूर्नामेंट का फाईनल मैच प्रताप एवं रमन टीम के बीच खेला गया। जिसमें प्रताप सदन की टीम विजेता रही। इस अवसर पर विद्यादान ट्रस्ट के ट्रस्टी लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ मुख्य अतिथि थे। विजेता टीम के सदस्यों को मुख्य अतिथि ने स्वर्ण पदक प्रदान कर पुरस्कृत किया। उपविजेता टीम के सदस्यों को रजत पदक प्रदान किए गए।