उदयपुर। राजस्थान संस्कृत अकादमी, जयपुर की ओर से आज साहित्यकार श्रीकृष्ण जुगनू को पंडित जगन्नाथ सम्राट राज्य स्तरीय सम्मान दिया जाएगा। संस्कृत में लिखित प्राचीन ज्योतिष और वास्तु विषयक ग्रंथों के संपादन और अनुवाद के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। संस्कृत अकादमी की अध्यक्ष डॉ. सुषमा सिंघवी के अनुसार यह राज्य स्तरीय सम्मान समारोह जयपुर के जवाहर कला केंद्र के रंगायन सभागार में होगा। इसमें मुख्य अतिथि गुजरात की राज्यपाल श्रीमती कमला, विशिष्ट अतिथि संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रामानुज देवनाथन और वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक होंगे, जबकि अध्यक्षता शिक्षामंत्री बृजकिशोर शर्मा होंगे। डॉ. जुगनू के संपादन और अनुवाद में अब तक अस्सी ग्रंथों का प्रकाशन हुआ है।
श्रीकृष्ण जुगनू को राज्य स्तरीय संस्कृत सम्मान
इस तरह करते थे राघवजी यौन शोषण…
उदयपुर मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री राघवजी को जिस नौकर राजकुमार दांगी (29) के कथित यौन शोषण के आरोप में गत शुक्रवार अपना मंत्री पद गंवाना पड़ा, वही राजकुमार रविवार को मीडिया के सामने आया और उसने खुलासा किया सरकारी नौकरी का लालच देकर राघवजी उसका पिछले साढ़े तीन साल से दैहिक शोषण कर रहे थे।
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता अजय सिंह ‘राहुल’ के सरकारी निवास पर अपने चाचा एवं भाई के साथ मीडिया के सामने आए राजकुमार ने विस्तार से अपनी कहानी सुनाते हुए कहा कि राघवजी के अलावा पिछले 22 साल से उनके सरकारी बंगले पर काम कर रहे शेरसिंह चौहान एवं उसके साले सुरेश चौहान भी उसे डरा-धमका कर यौन शोषण करते थे। उसने आरोप लगाया कि शेरसिंह चौहान की पत्नी रेखा चौहान से भी राघवजी के अनैतिक संबंध थे।
उसने कहा कि वह गरीब किसान परिवार का लड़का है और उसकी दो बहनें एवं तीन भाई हैं। दसवीं के बाद वह विदिशा जिले के अपने गांव तुमईयां से मण्डीदीप में काम की तलाश में आया और छोटा-मोटा काम करते हुए उसने स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण की।
राजकुमार ने कहा कि चूंकि तत्कालीन वित्त मंत्री राघवजी उसके क्षेत्र के हैं, इसलिए वह वर्ष 2010 में उनके सरकारी आवास पर पहुंचा, जहां शेरसिंह से उसकी मुलाकात हुई। उसने राघवजी से उसकी मुलाकात कराई और उन्होंने सितंबर 2010 में सोम डिस्टलरी में सहायक लेखापाल की नौकरी उसे दिला दी।
उसने बताया कि इसी दौरान शेरसिंह ने उसे यह कहकर बंगले पर बुलवा लिया कि यहां रहकर राघवजी की सेवा करना और उनके हाथ-पांव दबाना…धीरे से उसे सरकारी नौकरी भी दिला दी जाएगी। उसने उसका कहना मान लिया और राघवजी के सरकारी बंगले के एक कमरे में रहने लगा, इस दौरान वह तेल मालिश कराने के साथ ही उससे हाथ-पांव दबवाते रहे।
राघवजी के नौकर ने कहा कि लगभग छह माह बाद उन्होंने (राघवजी) तेल मालिश के दौरान अपने निजी अंगों पर भी मालिश करने को कहा, उसे अटपटा लगा, लेकिन नौकरी के प्रलोभन में वह चुपचाप यह अन्याय सहता रहा। इस बीच शेरसिंह एवं सुरेश ने भी उसका यौन शोषण किया।
उसने देखा कि शेरसिंह की पत्नी रेखा के भी राघवजी से अनैतिक संबंध थे। एक सवाल के जवाब में उसने कहा कि मंत्री और उसके अन्य नौकरों द्वारा जान से मारने की धमकी तथा नौकरी के प्रलोभन में वह इतने समय चुप रहा, लेकिन जब उसका अंतरमन कचोटने लगा, तो उसने मामले का भण्डाफोड़ करने का निश्चय किया।
इसी बीच भाजपा नेता शिवशंकर पटेरिया ने, जो अक्सर मंत्री बंगले पर आते रहते थे, उसे विश्वास में लेकर समूचा घटनाक्रम जाना और उन्होंने ही उसे दुष्कृत्य रिकार्ड करने के लिए पेन नुमा कैमरा दिया।
राजकुमार ने कहा कि उसने जब पटेरिया से सीडी मांगी, तो वह मुकर गए, जिसके बाद उसने एक अन्य नौकर घनश्याम कुशवाह की मदद से अपने मोबाइल कैमरे से मंत्री राघवजी के आप्राकृतिक कृत्य की सीडी तैयार कर ली।
यह पूछने पर कि उसके पिता भुजबल सिंह ने कल पुलिस में उसके खिलाफ बयान दिया और उसे नशे का आदी, मानसिक विक्षिप्त एवं ब्लैकमेलर क्यों बताया, राजकुमार ने कहा कि चूंकि उसका परिवार अत्यंत गरीब है, इसलिए भाजपा विधायक हरिसिंह सप्रे संभवत: उन्हें डरा-धमका कर अथवा लालच देकर ऐसा बयान देने के लिए वहां ले आए होंगे। उसके बारे में पिता द्वारा पुलिस को दिया गया बयान ‘बकवास एवं झूठ’ है।
एक अन्य सवाल के जवाब में उसने कहा कि वह अपनी जान के खतरे की वजह से पुलिस से बचता फिर रहा है, लेकिन वह चाहता है कि राघवजी के खिलाफ पुलिस एफआईआर दर्ज करे तथा किसी मजिस्ट्रेट के सामने उसके बयान दर्ज किए जाएं। (भाषा)
विवाहिता के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज
उदयपुर। खेरोदा थाना क्षेत्र के धामणिया गांव में एक विवाहिता ने गांव के ही एक अन्य रिश्तेदार के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया। पुलिस के अनुसार धामणिया निवासी एक विवाहिता ने रिपोर्ट दी की गत एक जुलाई को वह उसके घर पर सो रही थी और उसका पति मजदूरी के लिए गया था। उसी दौरान कानूड़ी (वल्लभनगर) निवासी लोगर मीणा व उसका साथी भैरा मीणा वहां पर आए। दोनों ने उसके पिता की तबीयत खराब होने की बात कहकर उसे साथ चलने को कहा। विवाहिता ने उसकी बात मानते हुए दोनों के साथ चल दी। गांव से निकलते ही दोनों ने उसे पीयर न ले जाते हुए सांवरिया जी के पास एक होटल में ले गए। वहां विवाहिता के साथ तीन दिन तक दोनों ने दुष्कर्म किया। बाद में उसके जेवर खोलकर उसे पुन: धामणिया के लिए बस में बिठाकर वहां से फरार हो गए। विवाहिता ने गांव पहुंचकर आपबीती उसके पति को बताई। इस पर पति व विवाहिता ने खेरोदा थाने में दोनों आरोपियों के खिफाल दुष्कर्म का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
हमे झीलों में गन्दगी फ़ैलाने दो कलेक्टर साहब
उदयपुर, शहर की झीलों में अपना सीवरेज डालकर उन्हें प्रदूषित करने वाले होटलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने पर पुनर्विचार किया जा रहा है। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने गत सात जून, २४ जून और २८ जून को नोटिस भेजकर करीब ८०० ऐसी इकाइयों को चेतावनी दी थी, जो अपना सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) नहीं लगाकर सारी गदंगी झीलों और आयड़ नदी में डाल रही है। इनमें सर्किट हाउस, टूरिस्ट बेंग्लो, धर्मशालाएं, होटलों, माइंस, मार्बल प्रोसेसर, सोप स्टोन इकाइयां आदि शामिल है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने अपने नोटिस में हाईकोर्ट के २७ सितंबर, २०१२ के फैसले का हवाला दिया है, जिसमें व्यक्तिश: एसटीपी लगाने के आदेश पारित किए गए हैं। नोटिस में इन्वायरनमेंट प्रोटेक्शन एक्ट १९८६ के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है, जिसमें इस प्रकार का प्रदूषण फैलाने पर पांच साल की कैद अथवा एक लाख रूपए का जुर्माना अथवा दोनों सजाएं एक साथ देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा १० हजार रूपए की बैंक गारंटी जब्त करने और लाइसेंस निलंबित करने की धमकी भी दी गई है।
प्रदूषण नियंत्रण मंडल के नोटिस की पालना के लिए सप्ताहभर की अवधि बीत जाने के बाद कार्रवाई की आशंका से ग्रस्त उद्यमियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर सेंट्रल सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाने तक राहत देने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि राजस्थान सरकार प्रदूषण नियंत्रण मंडल और हिंदुस्तान जिंक के बीच त्रिपक्षीय करार के तहत कार्य प्रारंभ हो चुका है। इसकी बैंक गारंटी ढाई करोड़ रूपए भी जमा करा दी गई। ऐसे में व्यक्तिश: एसटीपी लगाने के लिए पाबंद करना चिंता का विषय है। होटल एसोसिएशन के बैनर तले दिए गए इस ज्ञापन में यह तर्क भी दिया गया है कि अभी अपचारित जल की निकासी की व्यवस्था भी नहीं है।
पता चला है कि होटल एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल को जिला कलेक्टर ने उनकी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधि मंडली का नेतृत्व एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष गलूण्डिया कर रहे थे। बताया गया है कि मनवाखेड़ा में केंद्रीय सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट २-३ साल में बनकर तैयार होगा। तब तक होटलों का सीवरेज झीलों में डालते रहने देने की छूट देने पर विचार चल रहा है।
:सभी होटल प्रबंधकों को नोटिस दे रखे है। बिना एसटीपी के कोई भी होटल या इंटस्ट्री नहीं चल सकती है। अगर प्लांट नहीं बनाया तो कार्रवाई की जाएगी।
-एच.आर. कसाना, क्षेत्रीय अधिकारी, राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मण्डल
शादियों की रहेगी धूम
उदयपुर, घर में बजेगी शहनाई और राजा की आएगी बारात। जी हां, महीनेभर के ब्रेक के बाद 11 जुलाई से शादी-विवाह का सिलसिला फिर से शुरू होने जा रहा है, जो 16 जुलाई तक रहेगा। पंडितों और ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक 11, 13 और 14 जुलाई का दिन सावों के लिए सबसे शुभ मुहूर्त है।
19 से लग जाएगा ब्रेक : ज्योतिष बताते हैं कि शादी के ये सभी शुभ लग्न ऋषिकेश पंचांग के अनुसार हैं। इसके बाद 19 जुलाई से हरिसेन एकादशी शुरू हो रही है। ऐसे में शादी-विवाह के सिलसिले पर अगले तीन महीने के लिए ब्रेक लग जाएगा, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस दिन से सभी देवता सोने के लिए चले जाते हैं। इस कारण देवठान एकादशी तक शादी-विवाह के शुभ मुहूर्त नहीं होते हैं। हालांकि, 14 नवंबर को देवठान एकादशी से शादी-विवाह का सीजन शुरू होगा, जो 16 दिसंबर तक चलेगा। इसके बाद खरमास शुरू हो जाएगा, जो 17 जनवरी तक रहेगा। इसके बाद 18 जनवरी से 14 फरवरी तक शादी के कई शुभ मुहूर्त हैं।
शादी-विवाह के 89 शुभ मुहूर्त : 2013 में शादी-विवाह के लिए कुल 89 शुभ मुहूर्त हैं। जुलाई में जहां सात लग्न हैं, वहीं अगस्त से अक्टूबर तक शादी के लिए कोई मुहूर्त नहीं है। इसके बाद नवंबर और दिसंबर में ही शहनाइयां बज सकेंगी।
इन्द्रदेव को प्रसन्न करने हेतु किया परसादी का आयोजन
बरसात की कामना करते हुए भगवान इन्द्रदेव को प्रसन्न करने हेतु गॉव के समस्त देवालयों में पूजा अर्चना की गई एवं सायं समाज के नोहरे में सामूहिक रुप से परसादी कर आयोजन किया गया जिसमें समाज के सदस्यों ने सपरिवार भाग लिया। परसादी में समाज की समस्त बहन-बेटियों को आमंत्रित किया गया।
समाज के अध्यक्ष केशव लाल व्यास ने बताया कि मुख्य पूजा गॉव के खे$डा माता मन्दिर में की गई जिसमें समस्त ग्रामवासियों की सुख समृद्वि एवं खुशहाली हेतु मंगलकामना की गई।
गुलाबचंद कटारिया को मिली स्थाई जमानत
उदयपुर. सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में आरोपी बनाए गए राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया को कोर्ट से स्थायी जमानत मिल गई है।
एडवोकेट रोशन लाल जैन ने बताया कि कटारिया की अर्जी पर बहस पूरी होने के बाद शुक्रवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कटारिया को इस मामले में स्थाई जमानत दे दी।
जैन ने बताया कि कटारिया शनिवार को मुंबई पहुचेंगे और वे मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष उपस्थिति होंगे। कटारिया को 50 हजार की जमानत और 50 हजार के मुचलके पर जमानत दी गई है।
इधर, कटारिया को स्थाई जमानत मिलने की खबर मिलते ही कटारिया समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने राहत की सांस ली। कटारिया समर्थक सुबह से कोर्ट की ओर से सुनाए जाने वाले फैसले का इंतजार कर रहे थे।
गौरतलब है कि सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में सीबीआई की ओर से पेश सप्लीमेंट्री चार्जशीट में कटारिया को आरोपी बनाया गया है। इसको लेकर सात जुलाई को सुनवाई होगी।
जरा संभलक र, मौसम मिजाज है ‘गर्म
उदयपुरा। पिछले पांच दिनों में टेम्परेचर में लगभग पांच से छह डिग्री सेल्सियस की उछाल आई है। जून में जहां मैक्सिमम टेम्परेचर ३० डिग्री सेल्सियस था, वहीं जुलाई में टेम्परेचर ३४ डिग्री सेल्सियस के आस-पास पहुंच गया। चौंकाने वाली बात तो ये है कि लगातार मौसम क ा गर्म होता हुआ मिजाज शहरवासियों क ो रास नहीं आ रहा है।
मौसम के इस तरह से करवट बदलने से शहरवासिंयो में मौसमी बीमारियां से अस्पतालों में मरीजों की संख्या पांच गुना बढ़ गई है। इसमें टाइरिया, बुखार, गेस्ट्रो इनट्राइटिस और फुड प्वाइजनिंग जैसी बीमारियों के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं, वहीं मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों में शहरवासियों को कई मुश्किलों को सामना करना पड़ सकता हैं।
बच्चों क ो बचाइए
डॉक्टर के अनुसार इस बदलते हुए मौसम में पनपने वाले बैक्ट्रीरिया क ा सबसे सॉफ्ट टारगेट छोटे बच्चे होते हैं। इसलिए जरूरी है कि बच्चों को बहुत ही साफ -सुथरे माहौल में रखा जाए। बच्चों में डायरिया, ज्वाइंडिस, टायफ ाइड की प्रॉब्लम सबसे ज्यादा सामने आ रही है। कोशिश क रें कि बच्चों क ो किसी भी क ीमत पर बाहर कि कोई भी चीज न खिलाए।
टायफाइड
ये सालमोनेला टाइफी नाम के बैक्टीरिया के कारण होता हैं।
> इसमें बुखार से शुरू होता है, धीरे-धीरे बुखार बढ़ता है।
> बॉडी में कमजोरी और पसीने में अजीब सी स्मेल आना शुरू हो जाती है।
> तीसरे हफ्ते में आंतों में टायफाइट अल्सर बन जाता है, जिसकी वजह से मुंह का टेस्ट खराब होने लगता है और वॉमेटिंग होने लगती हैं।
> यदि कोई बुखार 8-9 दिन से ज्यादा रहे तो तत्काल ही टेस्ट करा लेना चाहिए।
क्या है लक्षण
> शाम होने पर बुखार का आ जाना।
> थोड़ी-थोड़ी देर में वॉमेटिंग का होना।
> मुंह से खून निकलना।
> कमजोरी के कारण चक्कर आना।
> भूख नहीं लगना, वजन कम होना।
> शरीर में तनाव को होना।
क्या क रें
> साफ-सफाई का ध्यान रखना।
> बुखार को कम करने के लिए ठंडे पानी की पट्टी करना चाहिए।
> पट्टी न करके पर मेनइनजाइटिस होने का खतरा बढ़ जाता है।
> ऑयली फूड बिलकुल न खाएं।
> आराम करें और ग्लूकोज का सेवन करें।
> सोडियम और पोटेशियम बैलेंस बनाने के लिए इलेक्ट्रॉल का सेवन करें।
सावधान, ये मौसम डेंगू क ा है फे वरेट
ये बदलता हुआ मौसम डेंगू के वाहक मच्छर एडीज एजिपटाइका का सबसे फेवरेट होता है। एक तरफ प्री मानसून के कारण शहर में कई जगह खड्डों में गंदा पानी भर गया है। इसके अलावा शहर में फैली हुई गंदगी और सीवरेज का ओवर फ्लो इन के लिए सबसे ज्यादा मददगार साबित हो रहा है। ऐसे मौसम में मच्छरों की प्रजनन क्रिया काफी तेज हो जाती हैं। जिससे बड़ी संख्या में कूलर, एसी, गमले, फ्रीज व बाथरूम में रू के हुए पानी से ये मच्छर अपने लार्वा छोड़ते हैं।
क्या है डेंगू
डेंगू एडीज एजिपटाई नाम के मच्छर के काटने से होता है। इसके वायरस को अर्बो कहते हैं। डॉक्टर के अनुसार बीमारी बड़ों की अपेक्षा बच्चों में तीन गुना ज्यादा असर करती हैं। डेंगू तीन तरह के होते हैं। क्लासिक डेंगू गले में खराश, सिर में दर्द, क मर में दर्द, वामेटिंग आना, बदन टूटना, भूख न लगाना।
क्या हैं लक्षण
> कपकपी के साथ बुखार आना।
> पूरे शरीर पर धारियां उभर जाना।
> सिर में दर्द और बदन टूटना।
> हर वक्त क मजोरी महसूस होना।
> भूख नहीं लगना।
ध्यान दीजिए
> डेंगू का मच्छर दिन में काटता हैं।
> ये मच्छर रू के हुए पानी में अपने लार्वा छोड़ता है।
> जब मौसम में बदलाव होता है, उस वक्त मच्छरों की प्रजनन क्षमता बढ़ जाती हैं।
> ज्यादा मात्रा में लेकि न साफ और स्वच्छ पानी पीने से इस बीमारी से बचा जा सकता है।
भाजपा जिलाध्यक्ष सहित दो मकानों के ताले टूटें
उदयपुर। भाजपा शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट के मकान सहित दो मकानों के ताले तोड़कर चोर हजारों की नकदी और जेवरात चुरा ले गए। दोनों ही मामले दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। दिनेश भट्ट के घर से सात हजार की नकदी चोरी हुई है।
पुलिस के अनुसार भट्ट कॉलोनी (सवीना) निवासी भाजपा शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट बीती रात खाना खाने के बाद सोने के लिए चले गए। आज सुबह उठकर देखा, तो रसोई की खिड़की तोड़कर चोर मकान में घुसे और सात हजार रूपए की नकदी चुरा ले गए। चोरों ने कमरों में सामान भी बिखेर दिया, लेकिन उनके हाथ कुछ नहीं लगा। चोरों ने लौटते समय घर के बाहर खड़े वाहन में पड़ा सामान भी चुरा लिया। भट्ट की रिपोर्ट पर हिरणमगरी पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसी प्रकार गायरियावास निवासी संपतलाल तेली पुत्र धनराज तेली ने रिपोर्ट दी कि वह एक जुलाई को मेनार गांव गया था। कल रात को संपतलाल के किरायेदार ने उसके कमरों के ताले टूटे होने की सूचना दी, जिस पर आज सुबह वह आया और पुलिस को सूचना दी। संपतलाल ने रिपोर्ट में बताया कि उसके मकान से ३२ हजार नकद, एक तोला सोने का हार और पांच सौ ग्राम चांदी के जेवरात चोरी हो गए हैं।
सोनी टीवी ने मेवाड़ के इतिहास को किया कलंकित
उदयपुर। महाराणा प्रताप के जीवन पर आधारित टीवी सीरियल में मेवाड़ के इस महान् सपूत के साथ तत्कालीन सभ्यता और संस्कृति को भी गलत ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है, जो निश्चित रूप से असहनीय और निंदनीय है। यह सीरियल सोमवार से गुरुवार रात 10 बजे सोनी टीवी पर दिखाया जा रहा है।
सीरियल की अब तक दिखाई गई कडिय़ों में महाराणा प्रताप के जन्म, बचपन और किशोरवय को प्रदर्शित किया गया है। इतिहास में महाराणा प्रताप के बाल्यकाल के बारे में ज्यादा कुछ नहीं मिलता। यही कारण हैं कि सीरियल के निर्माता निर्देशक को कल्पना करके फिल्मांकन की छूट मिलती है, लेकिन यह छूट इतनी नहीं मिलती कि मुगल बादशाह के मरजीवड़े रनिवास में घुस जाए और महाराणा उदयसिंह की रानियों से छेड़छाड़ करें। ऐसा ही दृश्य सोमवार को दिखाया गया, जो न केवल आपत्तिजनक बल्कि समस्त मेवाड़वासियों के लिए अपमान जनक भी है। विगत सोमवार को प्रसारित एपीसोड में ऐसा ही दिखाया गया है।
महाराणा प्रताप सीरियल के निर्माता निर्देशक ने उदयसिंह के शासनकाल के दौरान एक ऐसे जौहर की कल्पना की है, जो इतिहास में कहीं मौजूद नहीं है। मेवाड़ में जो तीन जौहर हुए हैं, उनकी काफी जानकारी मौजूद है, लेकिन सीरियल निर्माता यह चौथा जौहर कहां से उठा लाया, पता नहीं। यह इतिहास से खिलवाड़ है।जब से महाराणा प्रताप पर इस नये सीरियल का प्रसारण शुरू हुआ है, तभी से इस पर आपत्तियां आना शुरू हो गई। प्रतापसिंह का जन्म कुंभलगढ़ में हुआ और लालन-पालन भी वहीं हुआ, जो पहाड़ी इलाका है। सीरियल में इसे रेगिस्तानी क्षेत्र बताया गया तथा सभी पात्रों को वेशभूषा भी मराठी पहनाई गई। इस प्रथम कड़ी से ही यह पता चल गया था कि निर्माता को इतिहास की कोई जानकारी नहीं है। बाद के दो-तीन एसपीसोड्स में भी तत्कालीन समय के प्रतिकूल फिल्मांकन पर आपत्ति की गई और प्रदर्शन कर विरोध जताया तो निर्माता की ओर राजपूत समाज ने से जवाब मिला कि १५ कडिय़ां तो बन चुकी है, इसलिए कुछ नहीं किया जा सकता। इसके आगे की कडिय़ों में ऐसा कुछ नहीं होगा, जो मेवाड़ के आमजन की भावना को ठेस पहुंचाएं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया। सोमवार को तो हद ही हो गई, जिसमें मुगल सैनिक महाराणा की रानियों से अभद्रता करता दिखाया गया। इन दृश्यों को देखने के बाद मेवाड़ के लोगों में, खासकर राजपूतों में गुस्सा है, लेकिन प्रात: स्मरणीय महराणा प्रताप के वंशज अपने महान पूर्वज महाराणा उदयसिंह के अपमान पर चुप्पी साधे बैठे हुए है।
कुछ भी गलत नहीं राणावत: महाराणा प्रताप सीरियल के सलाहकार पुष्पेंद्रसिंह राणावत ने कहा कि सीरियल बिलकुल ठीक है। इतिहासकारों ने उदयसिंह की जितनी मट्टीपलीद की है, वह तो दिखाया ही नहीं गया है। कहां थी महाराणा प्रताप के पास एक म्यान में दो तलवारें, फालतू का प्रचार है। मुगल सैनिक का रनिवास में घुसना एक ड्रामेटिक इफेक्ट है। यह बताने के लिए कि ऐसे हालात पैदा हो गए थे, जिनकी वजह से जौहर करना पड़ता था। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
आंदोलन किया जाएगा कानावत : मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष बालूसिंह कानावत ने कहा कि महाराणा प्रताप पर बने सीरियल में इतिहास से
छेड़छाड़ की गई है। ऐतिहासिक घटनाओं को विकृत तरीके से पेश किया गया है। मेवाड़ की संस्कृति और महाराणा प्रताप का अपमान किया गया है। इस सीरियल को बंद कराने के लिए प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।
हिंदुस्तान का अपमान है बान्सी : बीएन संस्थान के पूर्व एमडी तेजसिंह बान्सी ने कहा कि महाराणा प्रताप सीरियल में इतिहास को विकृत रूप देकर पेश किया जा रहा है, जो मेवाड़ का ही नहीं, बल्कि पूरे हिंदुस्तान का अपमान है। यह सीरियल बंद होना चाहिए। अगर बंद नहीं होगा तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा।
हाईकोर्ट में जाएंगे कृष्णावत : राजपूत महासभा अध्यक्ष तनवीरसिंह कृष्णावत ने कहा कि महाराणा प्रताप सीरियल में महाराणा प्रताप की छवि को धूमिल किया जा रहा है। सभी घटनाएं तोड़मरोड़ कर पेश की जा रही है। महाराणा प्रताप पहले स्वतंत्रता सैनानी थे। उनके साथ कई मुस्लिम मेवाड़ी यौद्धा भी थे। उन्होंने मुगलों से स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ी थी, वो मुस्लिम विरोधी नहीं थे। जबकि सीरियल में महाराणा प्रताप को मुस्लिम विरोधी बताकर गुमराह किया जा रहा है। इस संबंध में हाईकोर्ट में जाकर सीरियल पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है।
मेवाड़ का अपमान: इस संबंध में एक गृहणी कनक कुंवर ने कहा कि राजपूत कल्चर तो सीरियल में दिखाया ही नहीं गया है। सीरियल पूरी तरह वास्तविकता से परे है। इस सीरियल में इतिहास के साथ छेड़छाड़ करके कई बार मेवाड़ का अपमान किया गया है।

