बैण्ड की धून से हुए पुलिसकर्मी के कान खामोश

उदयपुर, 15 दिसम्बर । ध्वनि प्रदूषण के चलते एक पुलिसकर्मी को बहरेपन का शिकार होना पडा है, तथा अभी भी अस्पताल में उपचाररत है।

प्रकरण के अनुसार गत 11 दिसम्बर को टाउनहाल से एक धार्मिक यात्रा ऋषभदेव के लिए रवाना हुई। इस यात्रा में लगे पुलिस जाप्ते में सूरजपोल थाने का सिपाही रोहीताश चौधरी भी शामिल था। इस धर्मसभा में बैण्ड भी शामिल था। इस बैण्ड की धूनों को सुनते सुनते साथ चल रहे रोहीताश के कान कब खामोश हो गए उसे पता ही नहीं चला।

यात्रा के पारस से गुजर जाने के बाद जब रोहीताश के साथ पुलिसकर्मियों ने उसे आवाज लगाई तो उसके ध्यान नहीं देने पर उसके साथियों को शंका हुई। इधर रोहीताश को भी अपने साथियों के होठ हिलते नजर आए सुनाई नहीं दिया। साथी पुलिसकर्मी रोहीताश को महाराणा भूपाल चिकित्सालय के नाक कान गला विभाग में ले गए वह अभी भी उपचाररत है। चिकित्सकों का कहना है कि बैण्ड की कर्कश धूनो से उसके कानों की श्रवण शत्ति€ अस्थायी तौर पर निष्क्रिय हो गई है, लेकिन उपचार के बाद रोहीताश के कानों में पुनःश्रवण शक्ति लौट आएगी।

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