“हज” मुबारक

रिपोर्ट - मोहम्मद हुसैन,

दुनिया के कोने-कोने से हज के लिए पहुंचे लाखों मुसलमानों ने मक्का के बाहरी इलाके मीना के निकट शैतान को कंकरियां मारने की रवायत पूरी की. इस रवायत के साथ ही हज पूरा हो गया.

मक्का के बाहरी इलाके मीना में शैतान को कंकरियां मारने की रवायत पूरी की जाती है. इस दौरान हर हज यात्री सात कंकड़ियां शैतान को मारता है.इससे पहले शनिवार को अराफात की पहाड़ी पर नमाज अदा करने के बाद हज यात्री मैदानी इलाके मुज्दल्फा पहुंचे जहां से उन्होंने कंकरियां एकत्र कीं.

इस बार भारत से करीब सवा लाख लोग हज के लिए पहुंचे हैं.

अतीत की घटनाओं को देखते हुए सऊदी सरकार ने इसके पुख्ता इंतजाम किए हैं कि यहां भगदड़ की स्थिति नहीं पैदा हो.

जरूरी हे हज

हज का शाब्दिक अर्थ जियारत ( दर्शन ) का इरादा है  |और भावार्थ में हज एक ऐसी आराधना, इबादत है जिसमे इस्लाम धर्म अनुयायी , यानि की मुसलमान अरब देश के पवित्र शहर मक्का में वर्ष के निश्चित दिनों में निश्चित स्थान पर निर्धारित क्रियाओं को जिसे ( अरकान ) कहा जाता है  पूरा करते है |

हज एक प्रकार से खुदा की इबादत या आराधना का विशेष ढंग है  |

सामर्थ्य रखने वालों के लिए जीवन में एक बार हज करना आवश्यक है  ऐसा  न करने वाला सख्त गुनहागार माना जाता है  और इससे इन्कार करने वाला मुसलमान नहीं माना जाता है |

हज करने से व्यक्ति गुनाहों से ऐसा पाक हो जाता है  जेसे उसने आज ही जन्म लिया हो , हज जीवन में जाने अन्जाने की गई गल्तियों या गुनाहों के प्रायश्चित करने का अवसर है , हज के दौरान विभिन्न स्थानों व अवसरों पर व्यक्ति ,सर्व शक्तिमान अल्लाह के सामने नत मस्तक हो कर , रो रो कर अपने गुनाहों की तौबा करते है  , गुनाहों की माफ़ी मांगते है  , भविष्य में गुनाहों से बचाए रखने की अल्लाह से प्रार्थना करते है  , नेक राह पर चल कर मानवता की भलाई में लगे रहने के लिए दुआ करते है  , स्वयं अपने व् अपने परिवारजन , समाज , व् देश के लिए सुख सम्रद्धि व् शांति की अल्लाह से कामना करते है  , इसके अलावा मौत के समय की तकलीफों से मुक्ति , कब्र की यातनाओं से मुक्ति , ईमान के साथ , इस दुनिया से रवानगी , और क़यामत के दिन ईमान के साथ उठने व् नरक से मुक्ति व् स्वर्ग की प्राप्ति के लिए दुआ करते है |

 हज में व्यक्ति सर्व शक्तिमान , खालिके कायनात स्रष्टि के रचियता , के समक्ष सच्चे दिल से अपने बुरे कामों का पश्चाताप करता है  | और अल्लाह से उसके रसूल हज़रत मोहम्मद (स.अ.स. ) के बताये सच्चे रास्तों पर चलने की प्रार्थना करता है  |

हज वास्तव में आत्मिक शांति का एक साधन हे जहाँ व्यक्ति भौतिक सुख सम्रद्धि के बजाए आध्यात्मिक शांति के लिए प्रार्थना करता है  |

अल्लाह के मेहमान

मक्का में जिस जगह हज के लिए जाया जाता हे उसे बैतुल्लाह यानि अल्लाह का घर कहा जाता है  , हज पर जाने वाले एक तरह से अल्लाह के घर के मेहमान होते है  |

बैतुल्लाह वह स्थान हे जो भौगोलिक रूप से प्रथ्वी के ठीक केंद्र यानि मध्य में  स्थित है | इसके अतिरिक्त हर हाजी पवित्र मदीना शहर की भी यात्रा करते है  , यह वह स्थान हे जहाँ इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हज़रात मोहम्मद (स.अ.स.) ने अपने जीवन का अधिकांश समय गुज़ारा , आपने व् आपके अनुयाइयों ने सद व्यवहार  , दया  प्रेम , त्याग व् आदर्श मानवता , न्याय , सदाचार , के अनुकरणीय उदाहरण  प्रस्तुत कर इस्लाम को विश्व व्यापी धर्म बना दिया |

इसके अलावा हर एक हाजी मक्का व् मदीना शहर के अन्य दर्शनीय व् एतिहासिक धार्मिक स्थानों की भी जियारत ( दर्शन ) करते है |

 हज कमेटी

भारत सरकार द्वारा हज कमेटी ऑफ इंडिया का गठन किया गया है इसका प्रधान कार्यालय मुम्बई में स्थित है , इसके अतिरिक्त समस्त राज्य में स्टेट हज कमेटी बनायीं गयी है | हर राज्य में मुस्लिम जनसंख्या के अनुपात से हाजियों का कोटा निर्धारित किया जाता है  | भारत से हज करने वाले जाने वाले हाजियों के चयन की प्रक्रिया हज से ६ – ७ माह पूर्व ही प्रारम्भ हो जाती हे इच्छुक व्यक्तियों को राज्य हज कमेटी में अपना आवेदन निश्चित तारीख तक प्रस्तुत करना होता हे निर्धारित कोटे से अधिक आवेदन होने पर लोटरी निकाल कर हर राज्य से जाने वाले हज यात्रियों का चयन किया जाता हे \

हज यात्रियों के वीजा , विदेशी मुद्रा , एयर टिकिट , आने व जाने की हवाई यात्रा , मक्का व् मदीना में आवास की व्यवस्था हज कमेटी द्वारा की जाती है , हज यात्रियों को खाने की व्यवस्था स्वयं करनी होती हे | जहाँ हाजियों को ठहराया जाता है  , वहां  एसी , फ्रिज , हीटर , गेस व् चुल्हा  पलंग बिस्तर , बाथरूम व् अन्य सभी सुविधाएँ  उपलब्ध रहती है | समय समय पर हज से सम्बंधित जानकारी दी जाती है यह सारा काम एक अद्रश्य प्रक्रिया के तहत संपन्न होता रहता है  |

कुछ अन्य ट्रेवल एजेंसियों के द्वारा भी हज यात्रा के कार्यक्रम निर्धारित किये जाते है  जिसकी लागत काफी ज्यादा होती है  |

भारत के मुस्लिमों के लिए भारत सरकार द्वारा हज यात्रियों के लिए जो सुविधाएँ अल्प व्यय में उपलब्ध करायी जाती है  वह वास्तव में प्रशंसनीय व् सराहनीय है  , बड़े पैमाने पर की जारही व्यवस्थाओं के चलते कभी कहीं न कहीं थोड़ी बहुत असुविधा भी हो जाती हे जिसे नज़र अंदाज़ किया जाना चाहिए |

हज एक पवित्र व् नेक काम हे हज के पश्चात् एक नए जीवन की शुरुआत कर आखिरत ( परलोक ) सुधारने की दिशा में अग्रसर हुआ जा सकता है |

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