jagriti635in208-11-2013-04-11-13Nघरेलू नौकरानी की हत्या और अन्य नौकरों पर अत्याचार के आरोप में जेल की हवा खा रहे बसपा सांसद धनंजय सिंह और उनकी पत्नी डॉ. जागृति के लिए दिक्कतें कम नहीं हो रही हैं। एक अन्य नौकर रामपाल ने आरोप लगाया है कि जागृति उसे और अन्य नौकरों को अक्सर मारा-पीटा करती थी। उसने पुलिस को अपनी शिकायत में कहा है कि अगर नौकरों से छोटी सी भी गलती हो जाती है तब भी उन्हें मारा पीटा जाता था।

रामपाल की शिकायत में एक और खुलासा हुआ है कि जागृति नौकरों का गला दबा देती थीं और इसके साथ ही उनके गुप्तांगों पर भी चोट करती थी। नौकरों के मुंह में दरवाजों की कुंडी डाल देती थी। ना केवल जागृति नौकरों के साथ मारपीट करती थी बल्कि धनंजय भी उनके साथ मारपीट करते था ।

साथ ही रामपाल ने कहा कि सांसद की बीवी ने नौकरों के कमरों में सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे थे। इन कैमरे के माध्यम से ही उन पर निगरानी रखती थी। अगर कोई छोटी सी गलती रखती थी तो उनकी पिटाई करती थी।

तीन डॉक्टरों की टीम शुक्रवार को जागृति की घरेलू नौकरानी राखी के शव का पोस्टमार्टम करेगी। पुलिस उस देव कुमार को ढूंढ रही है जो कि रामपाल, राखी और मीना को पश्चिम बंगाल से नई दिल्ली लेकर आई थी।

पुलिस कस्टडी में विशेष ट्रीटमेंट

पुलिस कस्टडी में बंद गिरफ्तार बसपा के सांसद धनंजय सिंह और उसकी पत्नी जागृति को पुलिस स्टेशन में विशेष ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक दोनों को चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन में एक अलग से कमरे में रखा जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें घर का बना हुआ खाना दिया जा रहा है। सांसद को एक सब इंस्पेक्टर का कमरा दिया गया है तो जागृति को एसीपी का कमरा दिया गया है। यह सब कानून के खिलाफ है, अगर कोई भी पुलिस कस्टडी में होता है तो उन्हें लोकअप में रखा जाता और उन्हें बाहर का खाना खाने की अनुमति नहीं होती। दोनों के लिए लन्च घर से बना हुआ दिया जा रहा है, जबकि नाश्ता और डीनर पुलिस कैंटिन में बना हुआ दिया जाता है।

क्या है पूरा मामला

यूपी के जौनपुर से बसपा के सांसद धनंजय सिंह और उनकी डॉक्टर पत्नी जागृति को एक नौकरानी की हत्या और अन्यों पर अत्याचार करने के आरोप में मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था। धनंजय पर सबूत मिटाने और किशोर न्याय अधिनियम का उल्लंघन करने जबकि उसकी पत्नी पर मर्डर, मर्डर की कोशिश और किशोर न्याय अधियिनम के उल्लंघन का आरोप है। जागृति सांसद की दूसरी बीबी है। धनंजय की पहली बीबी ने 2007 में आत्महत्या कर ली थी। जागृति अभी राम मनोहर लोहिया अस्पताल में सीनियर डॉक्टर है।

 

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