पोस्ट न्यूज़ . पद्मावत फिल्म की रिलीज की तारीख नजदीक आते-आते इस पर विवाद भी बढ़ता जा रहा है. 25 जनवरी को यह फिल्म रिलीज होनी है और इससे पहले ही करणी सेना के साथ-साथ राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. मामले की सुनवाई मंगलवार को होगी. सोमवार को कई शहरों में तोड़फोड़ हुई। इसबीच, राजपूत करणी सेना के प्रमुख लोकेंद्र सिंह कालवी और उनके साथियों ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इसके बाद कालवी ने कहा कि बाकी राज्यों की तरह यूपी सरकार भी चिंतित है। योगी ने गंभीरता से हमारी बात सुनी। उन्हें इस मुद्दे की संवेदनशीलता की जानकारी है। अगर भंसाली फिल्म दिखाना चाहते हैं तो इसके लिए तैयार हैं। 25 जनवरी को जनता ने कर्फ्यू लगाया है, हम भारत बंद नहीं चाहते। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट और सेंसर बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद पद्मावत 25 तारीख को रिलीज होगी।

लोकेन्द्र सिंह कालवी ने कहा- “योगीजी ने करीब 20 मिनट तक हमारी बातों को गंभीरता से सुना। राज्य में लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखना उनका काम है। मेरा काम पद्मावत को बंद कराना है। हमें फिल्म के 40 प्वाइंट पर आपत्ति है। अगर भंसाली फिल्म दिखाना चाहते है, तो हम इसके लिए तैयार हैं।”

“200 करोड़ की फ़िल्म है तो हम चंदा करके उन्हें दे देंगे। इस बात पर कि फिल्म में पैसा लगा है। हम इसे थियेटर्स में नहीं लगने दे सकते। 25 जनवरी को जनता ने कर्फ्यू लगाया है, हम गणतंत्र दिवस के आसपास भारत बंद नहीं करना चाहते हैं।”

कालवी ने आगे कहा, “सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद कोई भी सरकार पर फिल्म पर रोक नहीं लगा सकती है। सभी राज्यों के सीएम से अनुरोध कर रहा हूं। सिनेमाहॉल मालिकों से निवेदन कर रहा हूं। ये भी पूछ रहा हूं- आपको पद्मावती के साथ रहना है या खिलजी के साथ जाना है।”

– ”राजस्थान और मध्य प्रदेश की सरकारों ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन लगाई है। हम इसमें पार्टी बनने के लिए तैयार नहीं हैं। गुजरात के थियेटर मालिक इसे नहीं दिखाना चाहते हैं। तमिलनाडु और कर्नाटक की सरकार मंगलवार को SC में पिटीशन फाइल करेंगी। पीएम मोदी से आशा करते हैं, कि वो फिल्म बैन कराएंगे।”

 

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