उदयपुर। विधानसभा चुनाव में उदयपुर शहर से एक और भाजपा के दमदार नेता की उम्मीदवारी सामने आई है। डूंगरपुर नगर परिषद् के सभापति के के गुप्ता, हालाँकि के के गुप्ता की दावेदारी अग्रवाल समाज द्वारा रखी गयी है। लेकिन अगर सूत्रों की मानें तो खुद के के गुप्ता भी उदयपुर शहर से भाजपा के प्रत्याशी की दावेदारी मुख्यमंत्री वसुंधराराजे के समक्ष पेश कर चुके है। के के गुप्ता का नाम उदयपुर शहर के दावेदारों की सूचि में आने से भाजपा की अंदरूनी राजनीति में भूचाल सा अगया है। क्यूँ कि डूंगरपुर शहर के विकास कार्यों के चलते के के गुप्ता मेवाड़ ही नहीं बल्कि राजस्थान और भारत में एक बड़ा नाम हो गया है . के के गुप्ता ने डूंगरपुर शहर में नगर परिषद् सभापति रहते विकास के जो कार्य किये है उसकी बदोलत गुप्ता राजस्थान में ही नहीं देश भर में जाने पहचाने जाने लगे है। के. के. गुप्ता ने अपनी कार्यशैली से न सिर्फ डूंगरपुर को चमन किया है, बल्कि पूरे राजस्थान की निकायों के ब्राण्ड एम्बेसेडर भी बने है। इतना ही नहीं उनके कामों को अनुसरण के लिए विदेशों से भी निगम और निकाय वाले डूंगरपुर आ रहे हैं, ऐसे में अग्रवाल समाज चाहता है कि भारतीय जनता पार्टी हर बार एक ही आदमी को टिकिट देती है, इस बार पार्टी को बदलाव करना चाहिए और के.के. गुप्ता को उम्मीदवार बनाना चाहिए है। ताकी शहर की दिशा और दशा में सुधार आसके।
गुरुवार को उदयपुर शहर से अग्रवाल समाज ने अपने प्रत्याशी को मैदान में उतारने की ताल ठोकते हुए अग्रसेन भवन में पत्रकार वार्ता आयोजित जिसमें समाज के पदाधिकारियों ने पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में अगर अग्रवाल समाज के प्रतिनिधि को विधायक की दावेदारी के लिए टिकिट नहीं मिला तो समाज सभी राजनीतिक दलों का बहिष्कार करेगा। इस मौके उन्होंने कहा कि अग्रवाल समाज वर्षों से राजनीति उपेक्षा का शिकार रहा है, ऐसे में अब समाज डूंगरपुर के सभापति के. के. गुप्ता को अपने प्रत्याशी के रूप में देखना चाह रहा है। इस अवसर पर समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि हम पूरजोर तरीके से पार्टी से टिकिट देने की मांग कर रहे है और अगर उदयपुर से गुप्ता को टिकिट नही मिलता है तो समाज मेवाड़ में अलग से अपना प्रत्याशी उतार सकता है। इस मौके पर कैलाशचंद्र अग्रवाल, मदन लाल अग्रवाल, रामचन्द्र अग्रवाल, बृजमोहन अग्रवाल ,ओमप्रकाश अग्रवाल सहित कई पदाधिकारी और समाजजन मौजूद रहे।

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