The Galvanized Marvel – Bandra Worli Sea Link…

Bandra Worli Sea Link is the first and the longest sea link bridge in India. It is an 8-lane cable-stayed bridge, spanning about 5600 meters in length and towering to a height of 126 meters. Executed at a cost of Rs. 16.5 billion, the material used in the construction project had to meet quality regulations and standards considering an average daily traffic of 37,500 vehicles.

 Infrastructure like bridges are extremely vulnerable to corrosion due to their proximity to marine salts and moisture. The only corrosion prevention method for these structures is to provide a barrier coating by galvanization.

 The quality and reliability of steel wire ropes was a crucial factor in the construction of the bridge since the steel wires are required to support the cable stay bridge. The bridge stands strong with support of high-strength galvanized steel cables, rigorously tested before being put to use.

 Over Rs. 90 million is spent on illuminating the sea link. Construction of the sea link was not only worked on by aced groups from India, but groups from 11 other countries including Egypt, China, Canada, Switzerland, Britain, Hong Kong, Thailand, Singapore, Philippines, Indonesia and Serbia who deliberated and decided to make this bridge stand tall for many years to come.

 Hindustan Zinc is India’s only and world’s leading Zinc-Lead-Silver Producer..

Article by- Pavan Kaushik, Head – Corporate Communication, Hindustan Zinc

Pavan Kaushik

Zinc Deficiency… a reason behind Osteoporosis…

What is Osteoporosis : a medical condition in which the bones become brittle and fragile from loss of tissue, typically as a result of hormonal changes, or deficiency of calcium or vitamin D. More than 10 million cases per year (India). Though any age is vulnerable to Osteoporosis, but people above 40 are more prone to it.

 We all have forever patronized Calcium for strong bone health in our bodies. With increased advertising for the nutrient, everyone focuses on Calcium and forgets about another essential element which helps in increasing bone density and boosting immunity.

 Zinc (long ignored by mainstream medicine for bone health), is in fact a crucial element

for proper absorption of Calcium and Vitamin D to get into cells where it works to build bones. Although Calcium is the mineral most associated with bone formation, Zinc is also found in the bones. Forming a small percentage of the bone, Zinc is needed to form Hydroxylapatite which is a naturally occurring crystalline Calcium complex. Hydroxylapatite crystals make up about half of the bones’ weight. Thus, Zinc is essential for proper mineralization of bones by contributing to its bone mass.

 Calcium is not the only nutrient important for bone formation, many trace minerals such as Zinc, Copper, Manganese and Boron are also important. A deficiency in trace minerals predisposes osteoporosis. According to studies by National Centre for Biotechnology Information, Zinc helps in prevention of osteoporosis.

 You may not think of Zinc as a vital nutrient for bones, yet without adequate Zinc, the bones cannot maintain themselves.

 Hindustan Zinc is India’s only and world’s leading Zinc-Lead-Silver Producer..

Article by- Pavan Kaushik, Head – Corporate Communication, Hindustan Zinc

Pavan Kaushik

इटली में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने रचाई शादी,

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post news . देश के समस्याओं और गुजरात चुनाव से ज्यादा महत्त्व पूर्ण खबर थी क्रिकेट के धुरंधर विराट कोहली फिल्म अभिनेत्री अनुष्का की शादी की जिसके लिए देश भर की मीडिया ने अनुष्का के कपड़ों से लेकर नाम के लोंगमेहदी आँखों के काजल तक का बखान अपने प्रेम टाइम में कर डाला है तो इस कहबर की आखर पुष्ठी हो गयी और अनुष्का और विराट ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर शादी होने की पुष्ठी कर दी दोनों ने शादी की की फोटो श्जेयर करते हुए शादी हो जाने की आधिकारिक घोषणा करदी. शादी में कोण गया किसने कितना खाना अखया कोण नहीं गया और किसको क्यूँ नहीं बुलाया अब इस पर चुनावी विश्लेषण से बड़ा विश्लेषण कर रही है .

विराट और अनुष्‍का की शादी की खबर का सभी को इंतजार था। अब उन्‍होंने इसकी ऑफ‍िशल घोषणा भी कर दी है। क्र‍िकेट और बॉलीवुड ने जो एक और जोड़ी बनाई है, वह हर तरीके से परफेक्‍ट है। दोनों की शादी की पहली तस्‍वीरें भी सामने आ गई हैं। बताया जा रहा है क‍ि दुलहन बनी अनुष्‍का शर्मा की ड्रेस डिजाइनर साब्‍यसाची ने तैयार की है।

 

Today we have promised each other to be bound in love for ever. We are truly blessed to share the news with you.This beautiful day will be made more special with the love and support of our family of fans & well wishers. Thank you for being such an important part of our journey.

Today we have promised each other to be bound in love forever. We are truly blessed to share the news with you. This beautiful day will be made more special with the love and support of our family of fans & well wishers. Thank you for being such an important part of our journey.

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विराट और अनुष्का के बीच चार साल के अफेयर था. हालांकि इनके अफेयर के चर्ऐ 2014 के बाद से तेज हुए. जब टीम इंडिया न्यूजीलैंड के दौरे पर गई. इस दौरे पर अनुष्का शर्मा भी उनके पीछे-पीछे गईं. दोनों की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी. तब से ही दोनों के बीच प्यार की खबरें आम होती गईं.

दो दिन पहले ही मुंबई एयरपोर्ट पर अनुष्का शर्मा को स्पॉट किया गया था. जहां वह अपने पिता अजय शर्मा, मां आशिमा और बड़े भाई करनेश के साथ निकलीं. वहीं विराट कोहली के परिवार और करीबी दोस्तों ने भी इटली के शहर मिलान के लिए टिकट बुक कराई हुई थी. इसके साथ ही दोनों की शादी की अटकलें तेज हो गईं थी. गौरतलब है कि विराट और अनुष्का की शादी की चर्चाएं पिछले काफी समय से होती रही हैं. विराट जब भी क्रिकेट से छुट्टी लेते थे तो शादी की हवा गर्म हो जाती थी. इस बार भी विराट कोहली छुट्टी पर हैं और ऐसा ही हुआ था.

मेवाड़ की फिजां में ज़हर घोलने की तैयारी कर रहे है नफरत की दूकान चलाने वाले।

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उदयपुर पोस्ट। उदयपुर की फिजां में हर तरह से ज़हर घोलने की तैयारी हो रही है। कुछ अमन के दुश्मन अपनी राजनीति दुकानदारी के चलते उदयपुर से अपने ज़हर घोलने का कार्यक्रम शुरू करना चाहते है जिससे कि उनकी धर्म की ठेकेदारी कुछ और चल सके। नफरत फैलाने के लिए मुद्दा बनाया है हत्यारे शम्भू लाल के समर्थन में रैली निकालना । जिला प्रशासन और पुलिस को सचेत रहना होगा अगर पुलिस प्रशासन ने समय रहते कोई पुख्ता कदम नहीं उठाया तो मेवाड़ में किसी अनहोनी होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
राजस्थान के राजसमन्द जिले में श्रमिक का क़त्ल कर ह्त्या कर विडियो वायरल करने के बाद तो जैसे नफरत की राजनीति पर रोटियां सेंकने वालो की बल्ले बल्ले हो गयी है। विशेष संगठन से जुड़े कुछ टुच्चे लोगों ने एक हैवान हत्यारे के समर्थन में सोशल मिडिया पर मेसेजों की बाढ़ ला दीहै। इस तरह की राजनीति और अपनी संगठन की दूकान को चमकाने में कई छोटे मोटे लोग बढ़ चढ़ कर भड़काऊ बाते और मेसेज वायरल कर रहे है।
यही नहीं “उपदेश राणा” नाम का हिंदूवादी संगठन से जुड़ा युवक तो 14 दिसंबर को उदयपुर पहुच कर हत्यारे शम्भूलाल के समर्थन में रैली तक निकालने का आव्हान फेसबुक और व्हात्सप के जरिये कर रहा है। हालाँकि उसके समर्थकों की संख्या बीसियों में ही सिमित है लेकिन फेसबुक वाल पोस्ट पर मुस्लिम समाज के लिए जिस तरह की खुल कर भड़काऊ पोस्ट डाली जा रही है उससे उदयपुर की शांत फिजां में आग लगाने की तैयारी कही जा सकती है।
यही नहीं उसने अपनी पोस्ट पर चार दिन पहले मुस्लिम समाज द्वारा निकलने वाले जुलुस को भी यह कह कर प्रचारित किया की मेरे खिलाफ मुस्लिम समाज वहां जुलुस निकाल रहा है।
हालाँकि उसकी इस तरह की भड़काऊ पोस्ट और उदयपुर जैसे शांत शहर का माहोल खराब करने के इरादे को भांपते हुए कुछ जागरूक मुस्लिम युवाओं ने जिला कलक्टर और एसपी को ज्ञापन दे कर सचेत भी किया है कि कुछ नफरत की राजनीति कर अपने संगठनों की रोटियां सेंकने वाले लोगों के नापाक इरादे उदयपुर का माहोल खराब करने का है।
उदयपुर पोस्ट भी जिला कलक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक से निवेदन करता है कि इस तरह की भड़काऊ पोस्ट दाल कर शहर और मेवाड़ का माहोल खराब करने वालों के खिलाफ समय रहते कारवाई करें। जिस रैली को 14 दिसंबर को निकाले जाने की बात फेसबुक के जरिये की जा रही है उसका मकसद भी सिर्फ ज़हर घोलना और आग लगाना ही मात्र है इस बात के लिए भी पुलिस प्रशासन उचित संज्ञान लेकर कारवाई करे।

एक बात यह सच है और हकीकत है कि शम्भुनाथ जैसे हत्यारे का समर्थन महज कुछ स्वार्थी और अपनी राजनीति की दूकान चलाने वालों ने ही की है जो इसके बल पर अपने छोटे मोटे संगठन को बढ़ावा दे सकें जबकि एक आम नागरी वो चाहे हिन्दू हो या मुस्लिम हो या चाहे किसी धर्म का हो उस हत्यारे की भर्त्सना की है और उसके लिए फांसी की सजा की मांग ही की है। इसलिए शहर सहित मेवाड़ के सभी धर्म के लोगों को भी इस बात के लिए आगाह करना चाहता हूँ कि, हत्या के बाद हत्यारे को महिमामंडित करने वाले मेसेज कुछ चंद विकृत लोग ही कर रहे है जिनकी संख्या बहुत ज्यादा नहीं है। आम शहरी आम नागरिक इस तरह की ह्त्या के भर्त्सना करता है और हत्यारे को फांसी की मांग करता है। बस समझना आपको है कि इस तरह के मेसेज और पोस्ट से सिर्फ नफरत की आग फैला कर अपना स्वार्थ सिद्द कर रहे है और इन्हें कामयाब नहीं होने देना है क्यूँ कि अगर शांत फिजां बिगड़ गयी तो ये नफरत की दूकान चलाने वाले लोग कामयाब हो जायेगें।

हैवान हत्यारे “शम्भूलाल” को महिमा मंडित कर माहोल खराब करने वाले होंगे गिरफ्तार – राजस्थान पुलिस

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उदयपुर। राजस्थान के राजसमन्द जिले में श्रमिक का क़त्ल कर ह्त्या कर विडियो वायरल करने वाले हत्यारे का समर्थन कर माहोल खराब करने की कोशिश करने वालों पर अब पुलिस सख्त कारवाई करेगी। हैवान हत्यारे को व्हात्सप ग्रुप और फेसबुक पर कुछ लोग जय जय कार महिमा मंडित कर रहे है साथ ही भड़काऊ पोस्ट भी कर रहे है जिससे की सम्प्रद्यिक माहोल खराब होने की पूरी आशंका है।
हत्यारे का पक्ष लेकर भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर होने वाली कारवाई को लेकर बीबीसी हिंदी वेब साईट में भी खबर छापी जिसमे बताया गया है कि राजसमंद हत्याकांड के बाद राजसमंद और उदयपुर के कुछ व्हाट्सएप ग्रुपों में शंभुलाल की जय जयकार की गई है.
राजस्थान पुलिस का कहना है कि शंभूलाल का समर्थन करने वाले लोगों को चिन्हित किया जा रहा है और अगले एक-दो दिनों में उन्हें गिरफ़्तार कर लिया जाएगा.
उदयपुर के पुलिस महानिरीक्षक आनंद श्रीवास्तव ने बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा से कहा, “जघन्य अपराध करने वाले शंभूलाल का समर्थन कुछ व्हास्टएस ग्रुपों में किया गया है. हम धार्मिक उन्माद भड़काने वालों की पहचान कर रहे हैं. अगले एक-दो दिनों में गिरफ़्तारियां की जाएंगी.” आनंद श्रीवास्तव स्वीकार करते हैं कि सोशल मीडिया की वजह से तनाव बढ़ रहा है और ऐसे वीडियो को वायरल होने से पहले रोकना मुश्किल होता जा रहा है.
वो कहते हैं, “हमारे पास जो क़ानूनी शक्तियां हैं उनके तहत हम वीडियो वायरल होने के बाद इसके पीछे जो लोग हैं, उन्हें गिरफ़्तार तो कर सकते हैं, लेकिन वीडियो को वायरल होने से नहीं रोक सकते.”
श्रीवास्तव कहते हैं, “उन्मादी सामग्री सबसे ज़्यादा फ़ेसबुक और व्हाट्सएप से शेयर की जाती है. इन माध्यमों को रोकने की क़ानूनी शक्ति अभी हमारे पास नहीं है. हम सिर्फ़ इंटरनेट ही बंद कर सकते हैं, लेकिन ये रास्ता भी बहुत प्रभावशाली नहीं है.”

हत्यारे को महिमामंडित कर रहे है कुछ विकृत मानसिकता के लोग सोशल मिडिया पर

वो कहते हैं, “इंटरनेट बंद करने का आम जनजीवन पर व्यापक असर पड़ता है. आज चिकित्सा के क्षेत्र में लगभग 60 फ़ीसदी काम इंटरनेट पर ही हो रहा है. जांच रिपोर्टें इंटरनेट पर तैयार होती हैं और ये मरीज़ों से तुरंत साझा की जाती हैं. बैंकिंग के साथ-साथ अन्य व्यवसाय भी इससे जुड़े हैं. ऐसे में इंटरनेट बंद करना भले कई बार ज़रूरी हो, लेकिन इससे बहुत असुविधा होती है.”
क्या पुलिस व्हाट्सएप ग्रुपों पर नज़र रखने की तैयारी कर रही है? श्रीवास्तव कहते हैं, “हम हर ज़िले में सोशल मीडिया पर नज़र रखने के लिए सेल बना रहे हैं. जब कोई चीज़ वायरल हो जाती है हम तब कार्रवाई करते हैं. लेकिन हमारी कोशिश है कि चीज़ों को वायरल होने से पहले ही रोका जाए.”
श्रीवास्तव कहते हैं, “हमारी पहली प्राथमिकता अभियुक्त को गिरफ़्तार करने की थी और हमने चौबीस घंटों के भीतर उसे गिरफ़्तार कर लिया. इससे लोगों का ग़ुस्सा और ज़्यादा नहीं भड़का. हालात बेहद नाज़ुक थे इसलिए हमने दोनों समुदायों के लोगों को भरोसे में लिया.”
घटना के बाद कई बंगाली प्रवासी वापस भी लौट गए हैं. श्रीवास्तव कहते हैं कि पुलिस ने प्रवासियों को सुरक्षा का भरोसा दिया है और उनके क्षेत्र में नई पुलिस पिकेट स्थापित की है.
व्हाट्सएप ग्रुपों में शंभूलाल रैगर का समर्थन करने वाले कथित हिंदुत्तवादी कार्यकर्ता भी हो सकते हैं. क्या पुलिस उन पर कार्रवाई करने में हिचकेगी? श्रीवास्तव कहते हैं, “हम अभियुक्तों का धर्म या विचारधारा नहीं देखते. जो भी माहौल ख़राब करने की या धार्मिक उन्माद भड़काने की कोशिश करेगा हम उसे गिरफ़्तार करेंगे.”
अगर पुलिस कार्रवाई में राजनेताओं ने दख़ल दिया तो पुलिस क्या करेगी इस पर श्रीवास्तव कहते हैं, “हमारी कार्रवाई में नेता दख़ल नहीं देते हैं. शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जो भी ज़रूरी है वो हम करेंगे. हमारी पहली प्राथमिकता माहौल शांतिपूर्ण बनाए रखने की है. जो भी लोग माहौल ख़राब करने की कोशिश कर रहे हैं उन्हें गिरफ़्तार किया जाएगा.”
बीबीसी से बातचीत में राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने भी कहा था कि जो लोग क़ानून तोड़ेंगे उन पर पुलिस बिना भेदभाव के कार्रवाई करेगी.

नवजात का दर्द देख छात्रों ने जिला कलेक्ट्री पर किया प्रदर्शन – राहत हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द करने की मांग।

उदयपुर। उदयपुर के राहत हास्पीटल में नवजात के साथ हुए लापरवाही के मामलें में सोमवार को एक तरफ जहां सैंकडों युवाओं ने जिला कलेक्ट्री के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया वहीं दूसरी तरफ नौ दिन की बच्ची वेंटिलेटर पर अपनी अंतिम सांसों को गिनती रही। आक्रोषित युवा छात्रों ने राहत हॉस्पीटल का लाइसेंस रद्द कर नवजात के परिजनों को 50 लाख रूपयें का मुआवजा देने की मांग की है।
सोमवार को राहत अस्पताल की लापरवाही से मौत की साँसे गिन रही नवजात बच्ची के पक्ष में कई युवाओं के साथ – साथ सामाजिक संगठन भी आ गये और परिजनों को न्याय दिलाने की मांग कर जिला कलेक्ट्री पर जमकर प्रदर्शन किया। गुस्साए युवाओं ने जिला कलेक्ट्री के बाहर डाक्टरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। बाद में एक प्रतिनिधि मण्डल जिला कलेक्टर से मिला और साफ किया कि चिकित्सकों की घोर लापरवाही के बाद भी हजारों रूपये ऐंठ लिये गये थे वहीं नवजात कन्या के पैर में भी इन्फेक्शन होने से उसकी जिंदगी बर्बाद हो गई है। ऐसे में सभी ने मांग की है कि नवजात कन्या के परिजनों को पूर्ण रूप से उचित न्याय मिलना चाहिए।
गौरतलब है कि शनिवार को राहत हॉस्पीटल में नवजात कन्या के इलाज के दौरान चिकित्सकों की लापरवाही के चलते उसके पैर में इन्फेक्शन हो गया था और इसके बाद परिजनों ने जब हास्पीटल में हंगामा किया तो दोनो पक्षों की ओर से पुलिस में प्रकरण दर्ज करवाये गए। ऐसे में
इस पूरे मामले में सरकारी चिकित्सक लाखन पोसवाल की भुमिका भी संदिग्ध मानी जा रही हैं। हालाकि नामचीन पोसवाल ने राहत हास्पिटल में अपनी भागीदारी या किसी भी प्रकार का जुड़ाव होने से साफ मना कर दिया है, लेकिन उन तक पहुचने वाले हर बच्चे का परिजन यह जानता है कि वह दिन में ज्यादातर समय इसी हाॅस्पिटल में रहते है और सरकारी अस्पताल से भी कई पीड़ित बच्चों को यह पर ही रैफर किया जाता है। दूसरी ओर सबसे ज्यादा आष्चर्य की बात तो यह हैकि जब परिजनों ने लाखन पोसवाल की इसी अस्पताल में उपस्थिति का दावा किया तो अचानक ही हाॅस्पिटल में लगे हुए सीसीटीवी कैमरे खराब हो गए और पुलिस ने भी इस बात में संतुष्ठी जता दी। अभी जांच चल रही है राहत अस्पताल दोषी है या नहीं यह बात भी जांच के बाद ही पता चल पायी है।

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन से BCCI ने प्रतिबन्ध हटाया

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पोस्ट न्यूज़। राजस्थान में क्रिकेट के दीवानों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण हो सकती है की BCCI भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने सोमवार को हुई मीटिंग के बाद RCA ( राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन ) से तीन साल का प्रतिबन्ध हटा लिया गया है। राजस्थान में क्रिकेट में रूचि रखने वालों और खेलने वालों को फायदा हो सकता है। सोमवार को दिल्ली में आरसीए और बीसीसीआई की एक बैठक के बाद बैन हटाने का निर्णय लिया गया। सोमवार को दिल्ली में इस बैठक के बाद लिए गए फैसले की जानकारी बोर्ड के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना ने दी। जबकि अब आरसीए पर बैन को लेकर बीसीसीआई को हाईकोर्ट को जवाब देना है, और इसी के साथ राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन पर लगा बैन हट जाएगा। और इसी के साथ साल के जाते-जाते राजस्थान क्रिकेट को दो बड़े फायदे भी मिल गए। पहला तो अब एक बार फिर आपीएल में राजस्थान रॉयल्स की टीम नजर आएगी। क्योंकि इस पर लगा बैन हट गया है। तो दूसरी बड़ी खबर कि आरसीए से बैन हटने के बाद बीसीसीआई द्वारा आयोजित होने वाले इंटरनेशल मैचों को भी हरी झंडी मिल सकती है।
गौरतलब है कि साल 2014 में एक मामले को लेकर बीसीआई और आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी के बीच विवाद काफी बढ़ गया था। जिसके बाद ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अपनी शर्त रखते हुए कहा था कि या तो आरसीए से ललित मोदी को हटाया जाए नहीं तो राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन बैन का सामना करने के लिए तैयार रहे। जिसके बाद इसी साल जून के महीने में बीसीसीआई ने ललित मोदी को भारत की क्रिकेट से पूरी तरह बाहर कर दिया। और ललित मोदी की अगुवाई वाली नागौर जिला क्रिकेट को बी निलंबित कर दिया था। पता हो कि प्रदेश में आरसीए के चुनाव और इस पद को लेकर काफी विवाद हुआ था, जिसमें ललित मोदी के कारण काफी विवाद भी हुआ था। तो वहीं आरसीए के अध्यक्ष पद की दावेदारी के लिए ललिच मोदी ने अपने बेटे को मैदान पर उतारा था। और खुद देश के बाहर से सारे घटना क्रम पर नियंत्रण बनाए हुए थे। लेकिन चुनाव का नतीजा उनके उलट आया और इस पद की जिम्मेदारी सी पी जोशी को मिली।

भाजपा को बैठे बिठाय लगा झटका कांग्रेस प्रत्याशी निर्विरोध हुआ निर्वाचित

पोस्ट न्यूज़। चुनावी सरगर्मियों के बिच एक तरफ तो भाजपा अपने सारे हथकंडे अपना रही है वही २०१८ के चुनावों को देखते हुए वसुंधरा सरकार अपने चौथे वर्ष के जश्न की तैयारी कर रही है वही सोमवार को चित्तौड़गढ़ जिले के बड़ी सादड़ी में भाजपा को बड़ा झटका लग गया जहाँ नगर पालिका अध्यक्ष कांग्रेस का प्रत्याशी बिना किसी विरोध के निर्विरोध निर्वाचित हो गया जब की भाजपा के ११ पार्षद होने के बावदूद कांग्रेस के दिलीप चौधरी निर्विरोध निर्वाचित हो गए। भाजपा में आपसी कहल की वजह से यह समभाव हो पाया।
बीस सदस्यीय बोर्ड में 11 सदस्यों के साथ बहुमत होने के बावजूद भाजपा ने नामांकन पत्र ही दाखिल नहीं किया। नामांकन पत्र की जांच में चौधरी का आवेदन पत्र सही पाया गया। दोपहर 2 बजे नाम वापसी का समय पूूरा होते ही चौधरी निर्वाचित घोषित हो गए।
भाजपा के चुनाव से दूर रहने के पीछे मुख्य वजह अन्दरूनी कलह को माना जा रहा है। चौधरी की जीत पर शुरू में भाजपा विधायक गौतम दक समर्थकों ने सोशल मीडिया पर उनके भाजपा में शामिल हो जाने की अफवाहे फैला दी एवं चौधरी व दक के साथ वाले पुराने फोटो भी डाल दिए। >इससे एक बार असमंजस की स्थिति बन गई,लेकिन चौधरी ने तुरन्त साफ किया कि ये फोटो किसी पुराने सामाजिक कार्यक्रम के है एवं कांग्रेस नहीं छोड़ी है। चौधरी की जीत चित्तौडग़ढ़ जिले में कांग्रेस का मनोबल बढ़ाने वाली है। वर्तमान में जिले की छह नगरपालिका/परिषद में से किसी भी कांग्रेस का मुखिया नहीं था। गौरतलब है कि 10 अक्टूबर को भाजपा से निर्वाचित अध्यक्ष पुष्करराज माली के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होने से यहां उपचुनाव कराया गया। परिणाम घोषित होते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल बन गया तो भाजपा कार्यकर्ताओं में निराशा छा गई।

महिला इन्सान है इतना भर मान लिया जाय- महिलाएं

उदयपुर |  मानवाधिकार दिवस के अवसर पर विकल्प हेल्प लाइन और सपोर्ट सेंटर के तत्वावधान में हिंसा का सामना करने वाली महिलाओं के साथ संवाद का आयोजन किया गया | इसमें उदयपुर शहर, मावली और गोगुन्दा की 48 महिलाओं ने भाग लिया |

संवाद के दौरान महिलाओं ने बताया कि महिला इन्सान है इतना भर मान लिया जाय तो भी दुनिया में बहुत सारी परेशानियां, दुःख, मारपीट, प्रताड़नाएँ कम हो जाएगी | महिलाओं पर होने वाली हिंसा के कोई बहुत बड़े कारन नहीं होते | मामूली बातों पर मारपीट करना बहुत ही आम बात है | दुख कि बात तो यह है कि अपने समाज में इनको साधारण बात मानकर छोड़ दिया जाता है | यह हिंसाएँ ख़तम होने का नाम ही नहीं ले रही है |

खांजीपीर, मल्लातलाई और गोगुन्दा की महिलाओं ने तय किया अपने आसपास में महिलाओं पर होने वाले हिंसाओं पर मिलकर आवाज़ उठाएंगे | न मारपीट सहेंगे और न ही होने देंगे | और आपस में एक दूसरी महिला का सहारा बनेंगे |

सामाजिक कार्यकर्ता शशिप्रभा ने कहा कि विकल्प हेल्प लाइन और सपोर्ट सेंटर महिलाओं की मदद के लिए है | महिलाएं निसंकोच यहाँ आ सकती है फ़ोन कर सकती है | निशुल्क मदद ले सकती है | महिलाये किसी भी प्रकार के अत्याचार सहन नहीं करें |

संवाद में विकल्प संस्थान की कार्यक्रम निदेशक उषा चौधरी ने कहा कि महिलाओं और लड़कियों पर होने वाले अत्याचारों का असर पुरे समाज पर होता है | इसीलिए यह मामला केवल महिलाओं का ही नहीं है | इसको ख़तम करने और इसको रोकने की जिम्मेदारी सभी की है | हम सब मिलकर ही समाज में महिला-पुरुष के बीच की गैरबराबरी और लड़कियों- महिलाओं पर होने वाली हिंसा से मुक्त समाज बना सकेंगे | उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों का हनन मानवाधिकारों का हनन है |

हेल्पलाइन की काउंसलर अफरोज पठान ने महिलाओं से जुडी विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी | 

बूंदा बांदी के साथ सर्दी ने फिर से दिखाए अपने तेवर

उदयपुर। मौसम ने उस वक़्त पलटा खाया जब सभी गहरी नींद में सोये हुए थे। आसमान में बादल छाने के साथ ही करीब एक बजे शहर के अधिकतर हिस्सों में बूंदा बंदी शुरू हो गयी। सुबह होते होते तो एक बार फिर तापमान निचे आगया और तेज सर्दी का अहसास होने लग गया। गौरतलब है की कुछ दिन पूरब ओखी तूफ़ान के चलते मेवाड़ का मोसम खराब हुआ था और सर्दी ने अपना जोरदार असर दिखाया था। इसके बाद अचानक तापमान थोडा बढ़ गया और सर्दी का अहसास थोड़ा कम हो गया था। लेकिन बीती रात को अचानक हुए इस बदलाव से फिर एक बार सर्दी ने अपने तेवर दिखा दिए है। अचानक बदले इस मोसम से मोसमी बीमारियाँ होने का खतरा बढ़ गया है। सोमवार सुबह से सूरज के दर्श भर भी नहीं हुए है। बादलों की वजह से सर्दी और गलन का अहसास बढ़ गया है।